The Old Testament of the Holy Bible

Genesis 1

1 सुरु मँ परमेस्सर अकास अउ भुइँया क रचेस। 2 भुइँया सुनसान रही: अउ भुइयाँ प कछू भी नाहीं रहा। समुद्दर प अँधियारा छावा रहा, अउ परमेस्सर क आतिमा पानी प मँड़रात रहा। 3 तब परमेस्सर कहेस, “उजियारा होइ” अउ उजियारा होइ गवा। 4 परमेस्सर उजियारा क लखेस अउ उ जानि गवा कि इ नीक बाटइ। तबहि उ उजियारा का अँधयारा से अलग कई दिहेस। 5 परमेस्सर उजियारा क नाउँ “दिन” अउ अँधियारा क नाउँ “रात” दिहेस।साँझ भइ अउ भिन्सार भवा। इ पहिला दिन रहा। 6 तब्बइ परमेस्सर कहेस, “पानी क एक ढेर क दूसर ढेर स अलगावइ बरे वायुमणलहोइ जाइ।” 7 ऍह बरे परमेस्सर वायुमण्डल क बनएस अउ पानी क अलग किहेस। कछू पानी वायुमण्डल क ऊपर रहा अउ कछू वायुमण्डल क नीचे। 8 परमेस्सर वायुमण्डल क “अकास” कहेस। तब साँझ भइ अउ भिन्सार भवा। इ दूसर दिन रहा। 9 अउर तब परमेस्सर कहेस, “भुइँया क पानी एक ठउरे प बटुर जाइ जेहसे झुरान भुइँया देखाइ देइ” अउ अइसा ही भवा। 10 परमेस्सर झुरान भुइँया क नाउँ “धरती” धरेस अउ जउन पानी बटुरा रहा, ओका “समुद्दर” क नाउँ दिहेस। परमेस्सर लखेस कि इ नीक अहइ। 11 तब परमेस्सर कहेस, “भुइँया, घास अउ पौधा जउन अन्न पइदा करत ही अउर फलन क बिरवा उगावइ। फलन क बिरवा जेकरे फलन क भीतर बिया होइ अइसा फल पइदा करइँ अउ हर एक ठु पौधा आपन जाति क बिया बनावइ। इ पौधन क भुइयाँ प निकरइ द्या।” अउ अइसा ही भवा। 12 भुइयाँ घास अउ पौधा पइदा किहस जउन अनाज पइदा करत ही अउ अइसा बिरवा अउ पौधा उगाएस जेनके फलन क भीतर बिया होत हीं। हर एक ठु पौधा आपन आपन जाति क मुताबिक बिया पइदा किहस अउ परमेस्सर लखेस कि इ नीक अहइ। 13 तब साँझ भइ अउ भिन्सार भवा। इ तीसर दिन रहा। 14 तब परमेस्सर कहेस, “अकास मँ जोतियन होइ द्या। इ जोतियन दिन क रात स अलगाइ देइ। इ जोतियन खास त्यौहार क दिनन क अवइ अउर दिन अउ रात होइ ऍकरे बरे मँ एक चीन्हा होब्या। 15 इ जोतियन भुइयाँ प प्रकास देइ बरे अकासे मँ ठहारि जाइँ।” अउर अइसा ही भवा। 16 तब परमेस्सर दुइ बड़की जोतियन बनएस। परमेस्सर ओहमाँ स बड़की जोति क दिन प राज करइ बरे बनएस अउ छोटकी जोति क राति प राज करइ खातिर बनएस। परमेस्सर तारा भी बनएस। 17 परमेस्सर इ जोतियन क अकासे मँ ऍह बरे धरेस कि पृथ्वी पइ चमकइ। 18 परमेस्सर इ जोतियन क अकासे मँ ऍह बरे धरेस कि उ दिन अउ राति प राज करइ। इ सबइ जोतियन उजियारा क अँधियारा स अलगाइ दिहन अउ परमेस्सर इ लखेस कि इ नीक बा। 19 तब साँझ भइ अउ भिन्सार भवा। इ चउथा दिन रहा। 20 तबही परमेस्सर कहेस, “पानी बहोत सारी जीब जन्तूअन स भरि जाइ अउ पंछी भुइयाँ क ऊपर वायु मँ बिचरइँ।” 21 ऍह बरे परमेस्सर समुद्दर मँ बडवार बड़वार जलजन्तु बनएस। परमेस्सर ओन सबहि परानियन क बनएस जउन समुद्दर मँ बिचरत ही। सागर मँ किसिम किसिम क जलजन्तु बाटेन। परमेस्सर इ सबन क रचना किहेस। परमेस्सर हर तरह क पंछी भी बनएस जउन अकासे मँ उड़त ही। परमेस्सर लखेस कि इ नीक अहइ। 22 परमेस्सर इ जनावरन क आसीर्बाद दिहेस, अउ कहेस, “जा अउ बहोत स बच्चन क पइदा करा अउ सागरे क आपन सन्तानन स भरि द्या।” उ पंछी क भी कहेस कि आपन सन्तानन क कइ गुना बढ़ावा। 23 तब साँझ भइ अउ भोर भवा। इ पँचवा दिन रहा। 24 तब परमेस्सर कहेस, “भुइँया हर जाति क जीव जन्तु पइदा करइ। बहोत स अलग जाति क जनावर होइ। हर जाति क बड़का जनावर अउ नान्ह नान्ह रेंगइवाला जनावर होइँ अउ इ जनावर आपन जाति क मुताबिक अउर जनावर बनावइँ” अउ इहइ सब भवा। 25 तउ, परमेस्सर हर जाति क जनावर बनएस। उ जंगली जनावर, पालतू जनावर, अउ सबहि नान्ह नान्ह रेंगइवाला जीउ बनाएस अउर परमेस्सर लखेस कि इ नीक अहइ। 26 तब परमेस्सर कहेस, “अब मनई क आपन सरुप अउर आपन जइसा बनाएँ मनई हमरी तरह होइ। उ सागर क सब मछरियन प अकासे क पंछियन प राज करी। उ भुइँया क सब बड़वार जनावरन अउ सब नान्ह रेगंइवालन जीउ प राज करी।” 27 ऍह बरे परमेस्सर मनई क आपन सरुप मँ बनएस। परमेस्सर मनई क आपन ही सरुप मँ सिरजेस। परमेस्सर ओनकइ नर अउ नारी बनाएस। 28 परमेस्सर ओनका असीसेस। परमेस्सर ओनसे कहेस. “बहोत सारे संतानन पइदा करा, नसलन क बढ़ावा अउर भुइँया क भरि द्या। भुइँया पइ कब्जा कर ल्या। अउ ओह प राज करा। सागर क मछरियन प अउ अकासे क पंछिन प राज करा। भुइँया क हर जीउ-जन्तु प राज करा।” 29 परमेस्सर कहेस, “लखा, मइँ तू पचन क सब किसिम क बिआदार बृच्छ पौधा अउ सारा फलदार बृच्छ दिहेउँ ह। इ सबइ अन्न अउ फल तोहार भोजन होइ। 30 मइँ हर एक ठु हरिअर पेड़ पौधा गोरु बरे देत अहउँ। इ सबइ हरिअर बृच्छ पौधा ओनकइ चारा होइ। भुइँया क हर एक ठु जनावर, अकासे क हर एक पंछी अउ भुइँया प रेंगइवाला सब जीउ जन्तु इ चारा क खइही।” इ सबइ बातन भइँन। 31 परमेस्सर अपने जरिये हर एक ठु चीज लखेस जेका उ बनाएस रहा। अउ उ निहारेस कि हर चीज बहोतइ नीक बाटइ। साँझ भइ अउ भोर भवा। इ छठवाँ दिन रहा।

Genesis 2

1 इ तरह धरती, अकास अउ ओकर हर एक चीज क रचब पूर होइ गवा। 2 परमेस्सर आपन कीन्ह जात काम क पूरा कइ लिहेस। ऍह बरे सतएँ दिन परमेस्सर अपने काम मँ अराम किहेस। 3 परमेस्सर सतएँ दिन क असीसेस अउ ओका पवित्र दिन बनइ दिहेस। परमेस्सर उ दिना क पवित्र दिन ऍह बरे बनएस कि संसार क बनवत समइ जउन उ काम करत रहा उ सबहि कामे स उ दिन उ अराम किहेस। 4 इ धरती अउ अकास क इतिहास अहइ। इ कथा उ चिजियन क अहइ, जउन परमेस्सर क जरिये धरती अउ अकास बनवत टेम प भइन, 5 तब धरती प कउनो बृच्छ पौधा नाही रहा। अउ खेतन मँ कछू भी नाही उगत रहा। काहेकि यहोवा तब तलक धरती प बरखा नाही पठए रहा अउ बृच्छ पौधन क देखइ भालइ वाला कउनो मनइ भी नाही रहा। 6 मुला कुहिरा भुइँया स उठत रहा अउ पानी समूचइ धरती क सींचत रहा। 7 तब यहोवा परमेस्सर भुइँया स धूरि उठाएस अउ मनई क बनएस। यहोवा मनई क नाके मँ जिन्नगी क साँस फूँकेस अउ मनई एक ठु जिअत परानी बन गवा। 8 फुन यहोवा परमेस्सर पूरब मँ अदन नाउँ क ठउरे मँ एक बाग लगाएस। यहोवा परमेस्सर आपन बनावा भवा मनई क इहइ बगिया मँ राखेस। 9 यहोवा परमेस्सर हर एक सुन्नर बृच्छ अउ खइया बरे सबहि किसिम क नीक बृच्छ क उ बगिया मँ उगाएस। बगिया क बिचउ बीच यहोवा परमेस्सर जिन्नगी क बृच्छ क धरेस अउ उ बृच्छ क भी राखेस जउन अच्छाई अउ बुराई क जानकारी देत रहा। 10 अदन स होइके एक ठु नदी बहत रही अउ उ बाग क सींचत रही। उ हुवाँ स अगवा जाइके चार ठु नान्ह नान्ह धारा मँ बदल गइ रही। 11 पहिली नदी क नाउँ पीसोन रहा। इ नदी हवीला पहटा क चारिहु कइँती बहत रही। 12 (उ पहटा मँ सोना अहइ अउ उ सोना नीक बाटइ। मोती अउर गोमेदक रतन उ पहटा मँ अहइँ।) 13 दूसरी नदी क नाउँ गीहोन अहइ जउन इथोपिया देस क चारो तरफ बहत ह। 14 तीसरी नदी क नाउँ दजला बा। इ नदी अस्सूर क पूरब मँ बहत ह। चउथी नदी फरात अहइ। 15 यहोवा परमेस्सर मनई क अदन क बाग मँ रखेस। मनई क काम पेड़-पौधा लगाउब अउ बगिया क रखवारी करब रहा। 16 यहोवा परमेस्सर मनई क हुकुम दिहेस। यहोवा परमेस्सर कहेस, “तू बगिया क कउनो भी बृच्छ स फल खाइ सकत ह। 17 मुला तू नीक अउ खोट क गियान देइवाला बृच्छ क फल नाही चख सकत ह। अगर तू उ बृच्छ क फल लेब्या तउ तू मरि जाब्या।” 18 तब यहोवा परमेस्सर कहेस, “मनई क अकेले रहब नीक नाही। मइँ ओकरे तरह एक मनई ओका मदद बरे बनउब।” 19 यहोवा परमेस्सर धरती क हर एक जनावर अउ अकासे क हर पंछी क भुइँया क माटी स बनएस। यहोवा परमेस्सर इ सबहि जीउन क मनई क समन्वा लइ आवा अउ मनई हर एक क नाउँ राखेस। 20 मनई पालतू गोरु, अकासे क सब पंछिन अउ जंगल क सबहि जनावर क नाउँ रखेस। मनई ढेर क जनावर अउ पंछिन क लखेस। मुला मनई कउनो अइसा मदद करइया नाही पाइ सका जउन ओकरे जोग्ग होइ। 21 ऍह बरे यहोवा परमेस्सर मनई क गहरी नींदे मँ सुवाइ दिहेस अउ जब उ सोवत रहा: यहोवा परमेस्सर मनई क तन स एक पसुली निकारी लिहस। तब यहोवा मनई क चाम क बन्द कइ दिहस जहा स उ पसुली निकारे रहा। 22 यहोवा परमेस्सर मनई क पसुली स मेहरारू क बनएस। तब यहोवा परमेस्सर मेहरारू क मनई क लगे लिआवा। 23 अउर मनई कहेस,“आखिर मँ! हमरे तरह एक मनई। ऍकर हाड़ मोरे हाड़ मँ स आवा ऍकर तन मोरे तन स आवा। कोहेकि इ मनई स निकारी गइ, बरे मइँ ऍका मेहरारू कह्?ब।” 24 इहइ कारण स मनई आपन महतारी-बाप क तजिके आपन मेहरारू क संग रही अउ उ दुइनउँ एक तन होइ जइहीं। 25 मनई अउ ओकर मेहरारू बगिया मँ नंगा रहेन: मुला उ पचे लजात नाहीं रहेन।

Genesis 3

1 यहोवा परमेस्सर जउन जंगली जनावरन क बनएस ओहमाँ स सरप सबन सबन त जिआद होसियार अउर धोखेबाज रहा। उ मेहरारू क धोखा देइ चाहत रहा। सरप मेहरारु स कहेस, “हे मेसरारु! का फुरइ परमेस्सर तोहसे कहेस ह कि तू बगिया क कउनो फल जिन चख्या?” 2 मेहरारु सरप स कहेस, “नाही परमेस्सर इ नाहीं कहेस। हम बगिया क पेड़े स फल खाइ सकित ह। 3 मुला एक ठु बृच्छ बाटइ जेकर फल हम पचे नाहीं खाइ सकित। परमेस्सर हम पचन स कहेस ह, “तोहका उ बृच्छ क फल नाही खइ चाही जउन बगिया क बीच मँ बाटइ। तोहका उ बृच्छ क छुअइ तलक नाही चाहीं नाही तउ मरि जाब्या।” 4 मुला सरप मेहरारु स कहेस, “तू मरिब्या नाही। 5 परमेस्सर जानत ह कि तू पचे उ बृच्छ स फल खाब्या तउ नीक अउ बुरा क बारे मँ जानि लेब्या। अउर तह तू उहइ होब्या जइसे परमेस्सर अहइ।” 6 फुन मेहरारु निहारेस कि बृच्छ सुन्नर बाटइ। उ लखेस कि फल खाइ बरे नीक बाटइ अउ उ बृच्छ ओका बुद्धिमती बनाइ। तउ बृच्छ स कछू फल तोड़ेस अउ खाएस भी। तब उ अपने भतार क कछू फल खाइ बरे दिहस जउन ओकरे संग रहा। 7 तब ओनकइ अखियाँ खुलि गएन। दुइनउँ जानेन कि उ पचे नंगा बाटेन। उ दुइनउँ क लज्जा अनुभव भवा। तउ उ पचे अंजीरे क पत्ता लिहेन ओका सिएन अउ आपन नंगापन क ढाँपि लिहेन। 8 तब मनसेधू अउ मेहरारु साँझ क ठंडी बयार मँ यहोवा परमेस्सर क आवइ क अवाज बगिया मँ अनकेन। उ पचे बगिया मँ बृच्छन क बीच लुकाइ गएना, 9 यहोवा परमेस्सर गोहराइके मनई स पूछेस, “तू कहा बाट्या?” 10 मनई जवाब दिहेस, “मइँ तोहरे टहरइ क अवाज बगिया मँ सुनेउँ अउ मइँ डेराइ गएउँ काहेकि मइ नंगा रहेउँ। ऍह बरे मइँ लुकाइ गएउँ।” 11 यहोवा परमेस्सर मनई स पूछेस, “तोहका कउन बताएस ह कि तू नंग धड़ंग अहा? तू कउने वजह स सरमाइ गया ह? का तू उ बिसेख बृच्छ क फल चख्या ह जेका मइँ तोहका न खाइ बरे हुकुम दिहेउँ ह” 12 तब मनई कहेस, “तू जउन मेहरारु मोरे बरे बनया ह उ उहइ बृच्छ स मोका फला दिहस ह, अउर मइँ ओका खाएउँ ह।” 13 फुन यहोवा परमेस्सर मेहरारु स कहेस, “इ तू का किह्या ह?” मेहरारु कहेस, “सरप मोका बगदाइ दिहस। उ मोका मूरख बनाएस अउर मइँ फल चखि लिहेउँ।” 14 तब यहोवा परमेस्सर कीरा स कहेस,“तू इ बहोतइ बुरा किहा। ऍह बरे तोहार बुरा ही होइ। दूसर जनावर क बनिस्बत तोहार बहोतइ बुरा होइ। तू आपन पेट क सहारा रेगंइ बरे बेबस होब्या। अउर तू धूरि फाँकइ क बेबस होब्या जिनगी क सब दिन मँ। 15 मइँ तोहका अउ मेहरारु क एक दूसरे क दुस्मन बनाउब। तोहार गदेलन अउ ऍकर बच्चा आपस मँ दुस्मन होइहीं। तू ऍनकइ गदेलन क गोड़े मँ डसब्या अउ उ तोहार मूँड़ कुचल देइही।” 16 तब यहोवा परमेस्सर मेहरारु स कहेस,“मइँ तोहका गाभिन होइ क हालत मँ बहोतइ दुखी करब। अउर जब तू लरिका पइदा करिबिउ, तोहका बहोत जियादा पीरा होइ। तू आपन भतार क बहोतइ चहिबिउ, मुला उ तोह प प्रभुताई करी।” 17 तब यहोवा परमेस्सर मनई स कहेस,“मइँ हुकुम दिहेउँ रहे कि तू विसेख बृच्छ क फल जिन खाया। मुला तू आपन मेहरारु क बात सुन्या अउर उ बृच्छ क फल खाया ह। ऍह बरे मइँ तोहरे कारण इ भुइँया क सराप देत हउँ आपन जिन्नगी क पूरे टेमँ तलक उ भोजन बरे जउन धरती तोहका कठिन मेहनत करइ क पड़ी। 18 मुला धरती तोहरे बरे काँटन अउर खर-पतवार पइदा करी। अउर तू ओन पौधन क खाब्या जउन खेत मँ उगत ह। 19 तू आपन खइया बरे कठोर मेहनत करब्या। तू तब तलक मेहनत करब्या जब तलक माथा प पसिना न आवइ। तू तब तलक कठोर मेहनत करब्या जब तलक तोहार मउत न आइ जाइ। उ टेमँ तू दूसरी दाईं माटी बन जाब्या। जब मइँ तोहका बनए रह्यों, तबहि तोहका माटी स बनए रह्यों अउर जब तू मरिब्या तब तू उहइ माटी मँ फुन मिलि जाब्या।” 20 आदम आपन मेहरारु क नाउँ हव्वा राखेस, काहेकि सब मनइयन क उ आदि महतारी रही। 21 यहोवा परमेस्सर मनई अउ ओकरे मेहरारु बरे जनावर क चाम स पोसाक बनाएस। तब यहोवा इ सबइ पोसाक ओनका दिहस। 22 यहोवा परमेस्सर कहेस, “लखा, मनई हमरे जइसा होइ गवा अहइ। मनई अच्छाई अउ बुराईर् जानत ह अउर अब मनई जिन्नगी क बृच्छ स भी फल लइ सकत ह। अगर मनई उ फले क खाई तउ सदा ही जिअत रही।” 23 तब यहोवा परमेस्सर मनई क अदन क बगिया तजइ बरे बेबस किहस। जउने माटी स आदम बना रहा उ भुइँया प आदम क कठोर मेहनत करइ क पड़ी। 24 परमेस्सर आदम क बाग स बाहेर खदेर दिहस। तब परमेस्सर करूब सरगदूतन क बगिया क फाटक क रखवारी बरे राखेस। उ एक आगी क तरवार भी राखेस। इ तरवार जिन्नगी क बृच्छ क राह क रखवारी करत भइ चारिहुँ कइँती चमकत रही।

Genesis 4

1 आदम अउ ओकर मेहरारु हव्वा क बीच मँ तने क रिस्ता भवा अउ हव्वा एक ठु बच्चा जन्मेस। बच्चा क नाउँ काबील रखा गवा। हव्वा कहेस, “यहोवा क मदद स मइँ एक मनई पाएउँ ह।” 2 ऍकरे पाछे हव्वा एक ठु दूसर बच्चा क जन्मेस। इ लरिका काबील क भाई हाबिल रहा। हाबिल गड़रिया बना। काबिल किसान बना। 3 फसिल क टेमँ काबील एक ठु भेंट यहोवा क लगे लइ आवा। जउन अनाज काबील आपन जमीन मँ उपजावत रहा, ओहमाँ स तनिक अन्न उ लइ आवा। मुला हाबिल आपन जनावरन क झुण्ड मँ स कछू जनावर लावा। हाबिल आपन सबन त नीक भेड़ी क सबन त बढ़िया हीसा लइ आवा। यहोवा हाबिल अउ ओकरी भेंट क अंगीकार किहस। 4 5 मुला यहोवा काबील अउ ओकरे जरिये लाइ गइ भेंट क अंगीकार नाही किहस। ओकर चेहरा उदास होइ गवा। 6 यहोवा काबील स पूछेस, “तू काहे कोहान अहा? तोहार चेहरा काहे बहोत उदास भवा देखात बाटइ? 7 अगर तू नीक काम करिब्या तउ तू मोरी निगाह मँ ठीक रहब्या। तब मइँ तोहका अपनाउब। मुला अगर तू उ काम नाही करिब्या जउन कि नीक अहइ तउ पाप तोहार दरवाजे पइ घात मँ रहब्या। इ तोहका तबाह करइ चाहत ह। मुला तोहका ऍका आपन बस मँ रखइ चाही।” 8 काबील आपन भाई हाबिल स कहेस, “आवा हम मैदान मँ चली।” ऍह बरे काबील अउ हाबिल मैदान मँ गएन। तब काबील आपन भाई प हमला कइ दिहस अउ ओका मारि डाएस। 9 पाछे यहोवा काबील स पूछेस, “तोहार भाई हाबिल कहा बा?”काबील जवाब दिहेस, “मोका नाही मालुम। का इ मोर काम अहइ कि मइँ आपन भाई क चउकसी अउ देखभाल करउँ?” 10 तब्बइ यहोवा कहेस, “तू इ का किहा? तोहरे भाई क रकत जमीन स बोलत अहइ कि का होइ ग अहइ? 11 तू आपन भाई क कतल किहा ह, भुइँया तोहरे हाथे स ओकर रकत लेइ बरे खुल गइ अहइ। ऍह बरे तोहका अगिया नाही अहइ कि तू धरती स कउनो लाभ उठावा। 12 बीता जमाना मँ तू फसल लगाया अउ उ अच्छी जामी। मुला अब तू बढ़िया फसल बोउब्या अउ जमीन तोहार अच्छी फसल होइ मँ मदद न करी। तोहका भुइँया प घर न मिली। तू जगह-जगह भटकत रहब्या।” 13 तब काबील कहेस, “इ सजा ऍतनी जियादा अहइ कि मइँ सह नाहीं सकत हउँ। 14 लखा, तू आज मोका धरती स तजि दिहस मइँ न तउ तोका देख पाउब अउर न ही तोर निकट रह पाउब। मोर घर नाहीं बा। मोका जगह-जगह भटकइ प बेबस कीन्ह जाई। अउर जदि कउनो मनई मोका पाइ तउ उ मोका मारि डाइ।” 15 तब यहोवा काबील स कहेस, “मइँ इ नाही होइ देब। जदि कउनो तोहका मारी तब मइँ उ मनई क बहोत कठोर सजा देब।” तब यहोवा काबील प एक चीन्हा बनाएस। इ चीन्हा उ बतावत रहा कि काबील क कउनो न मारइ। 16 तब कबील यहोवा क तजि क चला गवा। काबील नोद देस मँ रहइ लाग। 17 काबील आपन मेहरारु क संग तने क रिस्ता किहस। उ गाभिन होइ गइ। उ हनोक नाउँ क बच्चा जन्म दिहस। काबील एक सहर बसाएस, अउर ओकर नाउँ आपन पूत क नाउं प हनोक ही राखेस। 18 हनोक स ईराद पइदा भवा, ईराद स महूयाएल पइदा भवा, महूयाएल स मतूसाएल पइदा भवा अउर मतूसाएल स लेमेक पइदा भवा। 19 लेमेक दुइ मेहरारु स बियाह किहस। एक मेहरारु क नाउँ आदा अउ दूसर क नाउँ सिल्ला रहा। 20 आदा याबल क जन्मेस। याबाल ओन मनइयन क बाप रहा जउन तम्बू मँ रहत रहेन अउ गोरु क पाल पोस क आपन गुजर बसर करत रहेन। 21 आदा क दूसर पूत यूबाल भी रहा। यूबाल, याबाल क भाई रहा। यूबाल ओन मनइयन क बाप रहा जउन बीणा अउ बाँसुरी बजावत रहेन। 22 सिल्ला तूबलकैन क जन्म दिहस। तूबलकैन ओन मनइयन क बाप रहा जउन काँसा अउ लोहा क पेसा करत रहेन। तूबलकैन क बहिन क नाउँ नामा रहा। 23 लेमेक आपन मेहरारुअन स कहेस:“ऐ आदा अउ सिल्ला मोरउ बात सुना, लेमेक क मेहररुओ! जउन बतियन मइँ कहत हउँ, सुना। एक मनई मोका चोट पहुँचाएस, मइँ ओका मारि डालेउँ। एक जवान मोका चोट पहुचाएस ऍह बरे मइँ ओका मारि डाएउँ। 24 जदि काबील क कतल करइ क सजा सात गुना अहइ तउ लेमक क कतल क सजा सतहत्तर गुना होब्या!” 25 आदम अउ हव्वा क संग पुन तने क रिस्ता भवा अउ हव्वा एक ठु अउर बच्चा क जन्म दिहेस। उ पचे इ लरिका क नाउँ सेत राखेन। हव्वा कहेस, “परमेस्सर मोका एक अउर पूत दिहेस ह। काबील हाबिल क मारि डाएस मुला सेत अब मोरे लगे अहइ।” 26 सेत क भी एक पूत रहा। एकर नाउँ एनोस रहा। उ टेमँ लोगन यहोवा क आराधना करई लागेन।

Genesis 5

1 इ अध्याय मँ आदम क परिवार क बंसज क बारे मँ अहइ। परमेस्सर मनई क आपन सरुप मँ बनाएस।। 2 परमेस्सर ओनका नर अउर मादा बनाएस। जउन दिन ओनका बनाएस उहइ दिन उ ओनका असीसेस अउर ओनका नाउँ “आदम” राखेस। 3 जब आदम एक सौ तीस बरिस क होइ गवा तब उ एक अउर बचवा क बाप भवा। इ पूत ठीक आदम क तरह देखाइ देत रहा। अदम आपन पूत क नाउँ सेत राखेस। 4 सेत क जन्म क पाछे आदम आठ सौ बरिस जिअत रहा। इ दिनन मँ आदम क दूसर बेटवन अउ बिटियन भइन। 5 इ तरह आदम पूरा नौ सौ तीस बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 6 जब सेत एक सौ पाँच बरिस क होइ गवा तब ओका एनोस नाउँ क पूत पइदा भवा। 7 एनोस क जन्म क पाछे सेत आठ सौ सात बरिस जिअत रहा। इहइ सेत क दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 8 इ तरह सेत पूरा नौ सौ बारह बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 9 एनोस जब नब्बे बरिस क भवा, ओका केनान नाउँ क पूत पइदा भवा। 10 केनान क जन्म क पाछे एनोस आठ सौ पन्द्रह बरिस जिअत रहा। इ दिनन एकर दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 11 इ तरह एनोस पूरा नौ सौ पाँच बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 12 जब केनान सत्तर बरिस क भवा, ओका महललेल नाउँ क पूत पइदा भवा। 13 महललेल क जन्म क पाछे केनान आठ सौ चालीस बरिस जिअत रहा। इ दिनन केनान क दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 14 इ तरह केनान पूरा नौ सौ दस बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 15 जब महललेल पैसंठ बरिस क भवा, ओका येरेद नाउँ क पूत पइदा भवा। 16 येरेद क जन्म क पाछे महललेल आठ सौ तीस बरिस जिअत रहा। इ दिनन मँ ओका दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 17 इ तरह महललेल पूरा आठ सौ पंचान्नबे बरिस जिअत रहा। तब उ मरा। 18 जब येरेद एक सौ बासठ बरिस क भवा तउ ओका हनोक नाउँ क पूत पइदा भवा। 19 हनोक क जनम क पाछे येरेद आठ सौ बरिस जिअत रहा। इ दिनन मँ ओका दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 20 इ तरह येरेद पूरा नौ सौ बासठ बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 21 जब हनोक पैंसठ बरिस क भवा, ओका मतूसेलह नाउँ क पूत पइदा भवा। 22 मतूसेलह क जन्म क पाछे हनोक परमेस्सर क संग तीन सौ बरिस रहा। इ दिनन ओकर दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 23 इ तरह हनोक पूरा तीन सौ पैंसठ बरिस जिअत रहा। 24 एक दिना हनोक परमेस्सर क संग चलतरहा अउ अछन्न होइ गवा काहेकि परमेस्सर उठाइ लिहस। 25 जब मतूसेलह एक सौ सत्तासी बरिस क भवा, ओका लेमेक नाउँ क पूत पइदा भवा। 26 लेमेक क जन्म क पाछे मतूसेलह सात सौ बयासी बरिस जिअत रहा। इ दिना ओकरे दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 27 इ तरह मतूसेलह पूरा नौ सौ ओनहत्तर बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 28 जब लेमेक एक सौ ब्यासी बरिस क भवा, उ एक ठु पूत क बाप बना। 29 लेमेक आपन पूत क नाउँ नूह धरेस। लेमेक कहेस, “हम किसान लोग कठोर मेहनत करित ह काहेकि परमेस्सर भुइँया क सरापे अहइ। मुला नूह हम पचन क अराम देब।” 30 नूह क जन्म क पाछे, लेमेक पाँच सौ पंचान्नबे बरिस जिअत रहा। इ दिनन ओकरे दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भइन। 31 इ तरह लेमेक पूरा सात सौ सतहत्तर बरिस जिअत रहा, तब उ मरा। 32 जब नूह पाँच सौ बरिस क भवा, ओकरे सेम, हाम अउर येपत नाउँ क पूत पइदा भएन।

Genesis 6

1 भुइँया प मनइयन क गनती बाढ़इ लाग। इ मनइयन क बिटियन पइदा भइन। 2 अब परमेस्सर क पूतन लखेन कि मनई क बिटियन सुन्नर अहइँ। ऍह बरे परमेस्सर क पूतन आपन आपन इच्छा क मुताबिक जेसे चाहेन ओसे बियाह किहेन। 3 तब यहोवा कहेस, “लोग सिरिफ मानव अहइ। मइँ हमेसा आपन आतिमा क इ सबन स दुःखी न होइ देब। मइँ ओनका एक सौ बीस बरिस क जिन्नगी देब।” 4 ओन दिनन अउर ओकर पाछे भी हुआँ नेफिलिम लोगउ धरती मँ रहत रहेन। जब परमेस्सर क पूतन मनइयन क बिटियन सादी किहेन तउ ओन स बच्चे पैदा भएन। उ पचे मसहूर लोग रहेन। उ पचे पुराने जमाने स बहादुर रहेन। 5 यहोवा लखेस कि भुइँया प मनई बहोत जिआदा पापी अहइँ। यहोवा लखेस कि मनई लगातार बुरी बात ही सोचत ह। 6 यहोवा क इ बात क दुःख भवा कि मइँ भुइँया प मनई क काहे बनाएउँ? यहोवा इ बात स बहोत दुःखी भवा। 7 ऍह बरे यहोवा कहेस, “मइँ आपन बनई भइ भुइँया क सब मनइयन क खतम कइ देब। मइँ हर एक मनई, जनावर अउ भुइँया प रेगंइवाला हर एक जिउ जन्तु क नास करब। मइँ अकासे क चिरइयन क भी खतम कइ देब। काहे काहेकि मइँ इ बात स दुःखी अहउँ कि मइँ इ सबहि चीजन क बनएउँ।” 8 मुला भुइँया प यहोवा क खुस करइ वाला एक मनई रहा-नूह। 9 इ नूह क जिन्नगी क कहानी बाटइ। उ आपन समइ मँ एक बहोत ही अच्छा मनइ रहा। अउर उ हमेसा परमेस्सर क अनुसरण किहेस। 10 नूह क तीन पूत रहेन, सेम, हाम अउ येपेत। 11 परमेस्सर धरती प निगाह दउड़ाएस अउ उ निहारेस कि भुइँया क मनइयन बर्बाद कइ दिहे अहइँ। हर एक ठउरे प मारकाट फइला रहा। मनई पपियाइ ग रहेन अउ क्रूर होइ ग रहेन, अउर उ पचे धरती प आपन जिन्नगी बर्बाद कइ दिहे रहेन। 12 13 ऍह बरे परमेस्सर नूह स कहेस, “सब मनइयन धरती क किरोध अउ हिसा स पाट दिहे अहइँ। इ खातिर मइँ सबहि जिअत प्राणियन क नास कइ देब। मइँ ओनका भुइँया स हटाइ देब। 14 गोपेर क काठ बइपरा अउ आपन खातिर एक ठु जहाज बनावा। जहाज मँ कमरन बनावा अउ जहाज क राल स भीतरे अउ बाहेर लीपि द्या। 15 “जउन जहाज मइँ बनावइ चाहत हउँ ओकर नाप जोख तीन सौ हाथ लम्बा, पचास हाथ चौड़ा, तीस हाथ ऊँच अहइ। 16 जहाज बरे छत स करीब एक हाथ खाले खिरकी बनावा। जहाज क बगल मँ फातक बनावा। जहाजे मँ तीन मंजिल बनावा। ऊपर क मंजिल, बिचकउ मंजिल अउ तरखाले क मंजिल। 17 “तू पचन क जउन बतावइ चाहत हउँ ओका धियान स सुना। मइँ धरती प बड़वार भारी पानी क बाढ़ लिआउब। अकासे क नीचे सबहि जीउन क नास करब। धरती क सब जीउ मरि जइही। 18 मुला मइँ तू सबन क बचाउब। तब मइँ तोहसे एक खास करार करब। तू, तोहार पूतन, तोहार मेहरारु अउ तोहार पतोहुअन सबहि जहाज मँ सवार होइही। 19 संग मँ तोहका जिअत प्राणी क जोड़ा भी लइ आवइ क होइ। हर एक प्राणी क नर अउ मादा जोड़ा जहाजे मँ लिआवा। आपन संग ओनका जिअत राखा। 20 धरती क हर किसिम क चिरइयन क जोड़ा भी हेरा। धरती क हर किसिम क जनावरन क जोड़ा हेरा। धरती प रेंगइवाला हर एक जीउ क जोड़ा क भी हेरा। धरती प हर किसिम क जनावरन क नर अउ मादा तोहरे संग होइहीं। जहाजे प ओनका जिअत राखा। 21 धरती प सब किसिम क भोजन भी लइ जहाजे प लइ आवा। इ भोजन तोहरे बरे अउ जनावरन बरे होइ।” 22 नूह इ सब कछू किहस। नूह परमेस्सर क सब हुकुम क मान लिहस।

Genesis 7

1 तब यहोवा नूह स कहेस, “मइँ लखेउँ ह कि इ समइ क बुरे मनइयन मँ तू ही एक नीक मनई अहा। ऍह बरे तू आपन परिवार क बटोरा अउ तू पचे सबहि जहाजे मँ चला जा। 2 हर एक सुद्ध जनावर क सात जोड़ा, (सात ठु नर अउ सात ठु मादा) संग मँ लइ ल्या अउ धरती क ऊपर दूसर असुद्ध जनावरन मँ स एक एक जोड़ा नर अउ मादा लिआवा। इ सबहि जनावरन क आपन संग जहाजे मँ लइ आवा। 3 हवा मँ उड़इवाला सब पंछिन क सात ठु जोड़ा (सात ठु नर अउ सात ठु मादा) लिआवा। एहसे इ सबइ जनावरन भुइँया प जिअत रइही, जब कि दूसर जनावरन मिटि जइही। 4 अब स सतएँ दिन मइँ भुइँया प बहोतइ भारी बर्खा पठउब। इ बर्खा चालीस दिन अउ चालीस रात रही। पृथ्वी क सबहि जिअइवाले प्राणी मर बिलाइ जइही। मोर बनई सब चिजियन नस्ट होइ जइही।” 5 नूह ओन सबहि बतियन क मानेस जउन यहोवा हुकुम दिहे रहा। 6 बर्खा आवइ क टेँम नूह छ: सौ बरिस क रहा। 7 नूह अउ ओकर परिवार बाढ़ क पानी स बचइ बरे जहाजे मँ चला गवा। नूह क मेहरारु, ओकर पूतन अउ ओनकइ मेहररुअन ओकरे संग रहिन। 8 पृथ्वी क सब सुध्द जनावरन अउ असुध्द जनावरन, पंछियन अउ भुइँया प रेगंइवाला सब जीउ। नूह क संग जहाजे मँ चढ़ेन। 9 इ सबइ जनावरन क नर अउ मादा जोड़ा परमेस्सर क हुकुम स जहाजे मँ चढ़ेन। 10 सात दिना पाछे बाढ़ सुरु भइ। धरती प बर्खा होइ लाग। 11 दूसर महीना क सतरहें दिन, जब नूह छ:सौ बरिस क रहा, धरती क नीचे क सब सोता फूट पड़ेन अउ धरती स पानी बहब सुरु होइ गवा। उहइ दिन धरती प भारी बर्खा होइ लाग। अइसा लाग माना कि अकासे क खिड़की खुल गइ होइ। चालीस दिन अउ चालीस रात तलक बर्खा धरती प होत रही।” ठीक उहइ दिन नूह, ओकर मेहरारु, ओकर पूत, सेम, हाम, अउ येपेत अउर ओकर मेहररुअन जहाजे प चढ़ेन। 12 13 14 उ पचे अउ धरती प हर किसिम किसिम क जनावर जहाजे मँ रहेन। हर तरह क गोरु, धरती प रेगंइवाले हर किसिम क जीउ अउ हर तरह क पंछी जहाजे मँ रहेन। 15 इ सबइ जनावरन नूह क संग जहाजे मँ रहेन हर जाति क जिअत जनावरन क इ सबइ जोड़ा रहेन। 16 परमेस्सर क हुकुम क मुताबिक सबहि जनावरन जहाजे मँ चढ़ेन। ओकरे भीतर जाए क पाछे यहोवा दरवाजा बन्द कइ दिहस। 17 चालीस दिना तलक भुइँया प पानी क प्रलय होत रहा। पानी बाढ़ब सुरु भवा अउ उ जहाजे क धरती स ऊपर उठाइ दिहस। 18 पानी बाढ़त रहा अउ जहाज धरती स बहोतई ऊपर तैरत रहा। 19 पानी ऍतना ऊँच उठा कि ऊँचा त ऊँचा पहाड़ भी पानी मँ बूड़ गएन। 20 पानी पहाड़े क ऊपर बहत रहा। पानी सब स ऊँच पहाड़े स पन्द्रह हाथ ऊँच रहा। 21 धरती क सब जीउ मारा गएन। हर एक मेहरारु अउर मनई मरि गएन। सबहि पंछी अउ सबहि तरह क जनावर मर गएन। सबहि तरह क जनावरन अउर रेंगइवालन जनावरन मरि गएन। धरती क हर एक जीउ, सांस लेइवालन परानी मरि गएन। 22 23 इ तरह परमेस्सर धरती क सब जिअत हर एक मनई. हर एक जनावर, हर एक रेगंइवाला जीउ अउ हर एक पंछी क नास कइ दिहस। इ सबइ धरती स खतम होइ गएन। सिरिफ नूह, ओकरे संग जहाजे मँ चढ़े मनइयन अउ जनावरन क जिन्नगी बची रही। 24 अउर पानी एक सौ पचास दिना तलक भुइँया क बोरे रहा।

Genesis 8

1 मुला परमेस्सर नूह क नाही बिसरा। परमेस्सर नूह अउ जहाजे मँ ओकरे संग रहइवालन सब पसुअन अउ जनावरन क सुमिरे रहा। परमेस्सर धरती प हावा चलाएस अउ सारा पानी घटइ होइ लाग। 2 अकासे स बर्खा थमि गइ अउ धरती क नीचे स पानी बहब रुकि गवा। 3 धरती क बोरइवाला पानी लगातार घटत चला गवा। एक सौ पचास दिन पाछे पानी ऍतना उतरि गवा कि जहाज फुनि स धरती प उतरा। 4 जहाज अरारात क पहाड़न मँ स एक प आइके टिक गवा। इ सतएँ महीना क सत्रहवाँ दिन रहा। 5 पानी उतरत गवा अउ दसवें महीना क पहिला दिन पहाड़न क चोटी पानी क ऊपर देखॅाए देइ लाग। 6 जहाजे मँ बनी खिड़की क नूह चालीस दिन पाछे खोलेस। 7 नूह एक कौआ क बाहेर उड़ाएस। कौआ उड़िके तब तलक फिरतइ रहा जब तलक धरती पूरी तरह झुराइ न गइ। 8 नूह एक ठु फ़ाक्ता भी बाहेर पठएस। उ इ जानइ चाहत रहा कि पानी धरती प घटि गवा या नाही. 9 फ़ाकता क कहूँ बइठइ क ठउर नाही मिला काहेकि अबहु तलक पानी धरती प फइला रहा। ऍह बरे उ नूह क निअरे जहाजे प पुनि लौटि आवा। नूह आपन हाथ फइलाइके फ़ाकता क जहाजे प वापस भितरे लइ लिहेस। 10 सात दिन पाछे नूह फुनि फ़ाकता क पठएस। 11 उ दिन दुपहर क पाछे फ़ाकता नूह क लगे आवा। फ़ाकता क मुँह मँ एक ठु ताजी जइतून क पाती रही। इ चीन्हा नूह क इ बतावइ बरे रहा कि अब धरती प झुरान भुइँया अहइ। 12 नूह सात दिन पाछे फुन फ़ाकता क पठएस। मुला इ टेम फ़ाकता लौटा ही नाहीं। 13 ओकरे पाछे नूह जहाजे क दरवाजा खोलेस। नूह लखेस अउ पाएस कि भुइँया झुरान बा। इ नूह क छ: सौ एक बरिस क पहिले महीना क पहिला दिन रहा। 14 दूसर महीना क सत्ताइसवाँ दिन तलक भुइँया पूरी तरह झुराइ गइ। 15 तब परमेस्सर नूह स कहेस, 16 ‘जहाज क तजा। तू तोहार पत्नी तोहार पूत लोग अउ ओनकइ मेहररुअन सब अब बाहेर आवा। 17 हर एक जिअत प्राणी, सब पंछी जनावरन अउ भुइँया प रेगंवालन सबहि क जहाज स बाहेर लिआवा। इ सबइ जनावरन बहोत स जनावरन पइदा करिही अउ भुइँया क भरि देइही।” 18 ऍह बरे नूह आपन पूतन, आपन मेहरारु, आपन पूतन क मेहरारुअन क संग जहाज स बाहेर आवा। 19 सबहि जनावरन, सब रेगंइवाला जीउ अउ सब पंछी जहाज क तजि दिहेन। सब जनावर जहाज स नर अउ मादा क जोड़ा क संग बाहेर आएन। 20 तब नूह यहोवा बरे एक वेदी बनाएस। उ कछू सुध्द पंछियन अउ कछू सुध्द जनावरन क लिहेस अउ ओनका वेदी प परमेस्सर क भेंट क रुप मँ बारेस। 21 यहोवा इ सब बलिदानन क सुगन्धि पाइके खुस भवा। यहोवा मन-ही-मन कहेस, “मइँ फिन कबहु मनई क कारण भुइँया क न सरापब। मनई छोटी उम्र स ही बुरी बात सोचइ लागत ह। ऍह बरे जइसा मइँ अबहि किहेउँ ह। इ तरह अब मइँ कबहुँ सब प्राणियन क सजा न देब। 22 जब तळक इ भुइँया रही तब तलक यह पइ फसल पइदा करइ अउ फसल काटइ क समइ हमेसा रही। भुइँया प गरमी अउ जाड़ा अउ दिन अउ रात हमेसा होत रइही।”

Genesis 9

1 परमेस्सर नूह अउ ओकर पूतन क असीसेस अउ ओनसे कहेस, “बहोत स बच्चा पइदा करा अउ आपन लोगन स भुइँया भरि द्या। 2 भुइँया क सब जनावरन तोहरे डरे स थरथरइही अउ अकासे क हर एक पंछी तोहसे डरिही। भुइँया प रेंगइवाला हर एक जीउ अउ समुद्दर क हर एक मछरी तू मनइयन क अदब करी अउ तू पचन स डेराइ। तू इ सबहि क ऊपर हुकुम चलउब्या। 3 बीते भए समइ मँ तू पचन क मइँ हर एक ठु पेड़-पौधा खाइ बरे दिहेउँ रहेउँ। अब हर एक जनावर भी तोहार भोजन होइ। मँइ भुइँया क हर चीज तू पचन क देत हउँ-अब इ सबइ तोहार अहइँ। 4 किन्तु मँइ तू पचन क एक हुकुम देत अहउँ कि तू कउनो जनावरन क तब तलक न खाया जब तलक ओहमा ओनका रकत बाटइ। 5 मँइ तोहरी जिन्नगी क बदले तोहार रकत माँगब कहइ क अरथ अहइ मँइ उ जानवरे क जिन्नगी माँगब जउन कउनो मनई क मारी। अउर मँइ उ मनई क जिन्ननी माँगब जउन दूसरे मनई क मारी। 6 “परमेस्सर मनई क आपन सरुप मँ बनाएस ह। ऍह बरे जउन कउनो मनई क खून बहाइ, ओकर खून मनई क जरिये बहावा जाइ। 7 “नूह तोहका अउ तोहरे पूतन क ढेर लरिका होइ अउ धरती क मनइयन स भाँठि द्या।” 8 तब परमेस्सर नूह अउ ओकरे पूतन स कहेस, 9 “अब मइँ तोहका अउ तोहरे सन्ताने क बचन देत हउँ। 10 मइँ इ बचन तोहरे संग जहाजे स बाहेर आवइवालन सबहि पंछिन, सब गोरुअन सब जनावरन क देत हउँ। मइँ धरती पइ रहइवालन सबहि वस्तुअन क बचन देत हउँ। 11 मइँ तोहका बचन देत हउँ, “पानी क बाढ़ स धरती क सब जिन्नगी बर्बाद होइ गइ मुला अब इ कबहु न होइ। अब बाढ़ फिन कबहु धरती क जिन्नगी क बर्बाद न करी।” 12 अउर परमेस्सर कहेस, “इ सिद्ध करइ बरे मइँ तोहका इ बचन दिहेउँ ह कि मइँ तोहका कछू देब। इ सबूत बताइ कि मइँ तोहसे अउ भुइँया क सबहि जिअत प्राणियन स एक ठु करार किहेउँ ह। इ करार भविस्स मँ सदा बनी रही जेकर सबूत इ अहइ। 13 कि मइँ बदरन मँ इन्द्र धनुख बनाएउँ ह। इन्द्र धनुख मोरे अउ भुइँया क बीच करार क सबूत अहइ। 14 जब मइँ भुइँया क ऊपर बदरे क लिआउब तउ तू बादरन मँ इन्द्र धनुख देखब्या। 15 जब मइँ इ इन्द्र धनुख क निहारब तबहिं मइँ तोहरे, भुइँया क सबहि जिअत प्राणियन अउ आपन बीच भई करार क सुमिरब। इ करार इ बात क बाटइ कि बाढ़ फुन कबहु भुइँया क प्राणियन क नास न करी। 16 जब मइँ धियान स बादरन मँ इन्द्र धनुख क निहारब तब मइँ सदा बनी रहइवाली करार क सुमिरब। मइँ आपन अउ भुइँया क सब जिअत प्राणियन क बीच भइ करार क सुमिरब।” 17 इ तरह यहोवा नूह स कहेस, “उ इन्द्र धनुख मोरे अउ भुइँया क सब जिअत प्राणियन क बीच भइ करार क सबूत बाटइ।” 18 नूह क पूत लोग ओकरे संग जहाज स बाहेर आएन। ओनकइ नाउं सेम, हाम अउ येपेत रहेन। (हाम तउ कनान क बाप रहा।) 19 इ तीनउ नूह क पूतन रहेन अउ संसारे क सबहि मनई इ तीनउ स पइदा रहेन। 20 नूह किसान बना। अंगूर क बगिया लगाएस। 21 नूह अंगूर क दाखरस बनाएस अउ पिएस। उ दाखरस पीके मस्त होइ गवा अउ तम्बू मँ लोटि गवा। उ कउनो ओढ़ना नाही पहिरे रहा। 22 कनान क बाप हाम अपने बाप क नंगा देखेस। उ तम्बू स बाहेर आपन भइयन क बताएस। 23 तबहि सेम अउ येपेत एक ठु ओढ़ना लिहस। उ दुइनउँ ओढ़ना क पीठ प डाइके उलटे मुइँ तम्बू मँ गएन। उ पचे आपना बाप उ नंगापन क ढ़ाँक दिहस जबकि उ समइ ओकर मुहँ क रुख तम्बू क समन्वा रहा। इ तरह उ पचे आपन बाप क नंगापन नाहीं लखेन। 24 पाछे नूह सोइके उठा। (उ दाखरस क नसा क कारण सोअत रहा।) तब ओका पता लाग कि ओकर सब त नान्ह पूत हाम ओकरे संग का किहे रहा। 25 ऍह बरे नूह सराप दिहेस,“इ सराप कनान बरे होइ कि उ आपन भइयन क दास होइ।” 26 नूह इ भी कहेस,“सेम क परमेस्सर यहोवा धन्न होइ! कनान सेम क दास होइ। 27 परमेस्सर येपेत क जिआदा भुइँया देइ। परमेस्सर सेम क तम्बू मँ रहइ अउर कनान ओकर दास बनइ।” 28 बाढ़ क पाछे नूह साढ़े तीन सौ बरिस जिअत रहा। 29 नूह पूरा साढ़े नौ सौ बरिस जिअत रहा, तब उ मरा।

Genesis 10

1 नूह क पूत सेम। हाम अउ येपेत रहेन। बाढ़ क पाछे इ तीनउँ बहोत स पूतन क बाप भएन। हिआँ सेम, हाम अउ येपेत स पइदा होइवालन पूतन क सूची दीन्ह जात अहइ: 2 येपेत क पूत रहेन: गोमेर, मागोग, मादै, यावान, तूबल, मेसेक अउ तीरास। 3 गोमेर क पूत रहेन: असकनज, रीपत अउ तोगर्मा 4 यावान क पूत रहेन: एलीसा, तर्सीस, कित्ती अउ दोदानी। 5 भूमध्य सागर क चारिहु कइँती तटे प जउन मनई रहइ लागेन उ पचे येपेत क संतान ही रहेन। हर एक पूत क आपन अलग प्रदेस रहा। सब परिवार बाढ़ेन अउ अलग अलग रास्ट्र बन गएन। हर एक रास्ट्र क आपन आपन भाखा रही। 6 हाम क पूत रहेन: कूस, मिस्र, फूत अउ कनान, 7 कूस क पूत रहेन: सबा, हवीला. सबता, रामा, सबूतका। रामा क पूत रहेन: सबा अउ ददान। 8 कूस क एक पूत निम्रोद नाउं क भी रहा। निम्रोद भुइँया प बहोत बरिआर मनई भवा रहा। 9 यहोवा क समन्वा निम्रोद, एक बड़का सिकरी रहा। ऍह बरे लोग दूसर मनइयन क बराबरी निम्रोद स करत ही अउर कहत हीं, “इ मनई, यहोवा क समन्वा बड़का सिकारी निम्रोद क तरह अहइ।” 10 निम्रोद क राज्ज सिनार देस मँ बाबुल, एरेख, कलना अउ अक्कद प्रदेस स सुरु भवा। 11 निम्रोद अस्सूर मँ भी गवा। हुवाँ उ नीनवे, रहोबोतीर, कालह अउ 12 रेसेन नाउँ क नगरन क बसाएस। (रेसेन, नीनवे अउ बड़का सहर कालह, क बीच क सहर बाटइ।) 13 मिस्रप (मिस्र) -लूद, अनाम, लहाब, नप्तूह, 14 पत्रूस, कसलूह अउ कप्तोर देसन क लोगन क बाप रहा। (पलिस्ती लोग कसलूह लोगन स आए रहेन।) 15 कनान सीदोन क बाप रहा। सिदोन कनान क पहिला पूत रहा। कनान, हित क भी बाप रहा। हित, हित्ती लोगन क बाप रहा। 16 अउर कनान, यबूसी, एमोरी, गिर्गासी, 17 हिव्वी, अर्की, सीनी, 18 अर्वदी, समारी, हमाती लोगन क भी बाप रहा। कनान क परिवार संसार क अलग अलग हीसा मँ फइला रहेन, 19 कनान लोगन क भुइँया उत्तर मँ सीदोन स दक्खिन मँ गरार तलक, पच्छिम मँ अज्जा स पूरब मँ सदोम अउ अमोरा तलक, अदमा अउ सबोयीम स लासा तलक रहा। 20 इ सबइ लोग हाम क संतानन रहेन। उ पचे परिवारन, भाखान, देसन अउर रास्ट्रन क अनुसार व्यवस्थित रहेन। 21 सेम येपेत क बड़का भाई रहा। सेम क एक संतानन एबेर हिब्रू लोगन क बाप रहा। 22 सेम त पूत एलाम, अस्सूर, अर्पखद, लूद अउ अराम रहेन। 23 अराम क पूत ऊस, हूल, गेतेर अउ मस रहेन। 24 अर्पखद सेलह क बाप रहा। सेलह एबेर क बाप रहा। 25 एबेर क दुइ पूत रहेन। एक पूत क नाउँ पेलेग रहा। ओका इ नाउँ ऍह बरे दीन्ह गवा काहेकि जिन्नगी क टेम मँ धरती क बटवारा भवा। दूसर भाई क नाउँ योकतान रहा। 26 योकतान अल्मोदाद, सेलेप, हसर्मावेत, येरह, 27 यदोरवाम, ऊजाल, दिकला, 28 ओबाल, अबीमाएल, सबा, 29 ओपीर हवीला अउ योबाब क बाप रहा। इ सबहि लोग योकतान क संतान भएन। 30 इ सबइ लोग मेसा अउ पुर्बिहा पहाड़ी प्रदेस क बीच क भुइँया मँ रहत रहेन। मेसा सपारा प्रदेस कइँती रहा। 31 उ लोग सेम क परिवारे स रहेन। उ सबइ परिवार, परिवार क आधार पइ, भाखा क आधार पइ, देस क आधार पइ अउर रास्ट्र क आधार पइ बँटा भवा रहा। 32 नूह क पूतन स चलइ वाला परिवारन क इ सूची अहइ। उ पचे आपन आपन रास्ट्र मँ बँटा भवा रहत रहेन। बाढ़ क पाछे सारी भुइँया प फइलइवाला लोग भी एनही परिवारे स निकरि आएन।

Genesis 11

1 बाढ़ क पाछे संसार एक ही भाखा बोलत रहा। सब लोग एक ही सब्द-भण्डार बइपरत रहेन। 2 लोग पूरब कइँती स बढ़ेन। ओनका सिनार देस मँ एक मइदान मिला। लोग हुवाँ बसइ गएन। 3 लोग कहेन, “हम पचन क ईंटा बनउब अउ ओका पजावा मँ तपावइ चाही, ताकि उ सबइ पककी होइ जाइँ।” ऍह बरे मनइयन आपन घर बनावइ बरे पाथरन क जगह ईंटा क बइपरेन। अउ मनइयन चूना क गारा क जगह राल क प्रयोग किहेन। 4 लोग कहेन, “हम पचे आपन खातिर एक ठु सहर बनाई अउ हम सबइ एक बहोत ऊँच इमारत बनाउब जउन अकासे क छुइ। हम पचे नामी होइ जाब। अगर हम पचे अइसा करब तउ पूरी धरती प बिखरेब नाही। हम पचे एक ही ठउर प एक संग रहब।” 5 यहोवा सहर अउ बहोत ऊँच इमारत क लखइ बरे तरखाले आवा। यहोवा मनइयन क इ सब बनावत लखेस। 6 यहोवा कहेस, “इ सबइ लोग एक भाखा बोलत ही अउर मइँ निहारत हउँ कि उ पचे इ काम खतम करइ बरे एकउटा अहइँ, इ तउ, इ सबइ जउन कछू सकत ही ओकर, सिरिफ सुरुआत अंहइ। हाली ही उ पचे सब कछू करइ जोग्ग होइ जइहीं जउन इ पचे करइ चइही। 7 ऍह बरे आवा हम तरखाले चली अउ एनकइ भाखा क गड्डमड्ड कइ देइ। तब उ पचे एक दूसर क बात न बूझि पइही।” 8 यहोवा मनइयन क समूचइ धरती प फइलाइ दिहस। ऍहसे मनइयन सहर क बनाउब पूरा नाही किहन। 9 इहइ उ ठउर रहा जहाँ यहोवा समूचइ संसार क भाखा क गड्डमड्ड कइ दिहस। ऍह बरे इ ठउर क नाउँ बाबुल धरा गवा। इ तरह यहोवा उ जगहिया स मनइयन क पृथ्वी क सब देसन मँ फइलाएस। 10 इ सेम क परिवारे क कहानी बाटइ। बाढ़ क दुइ बरिस पाछे जब सेम सौ बरिस क रहा ओकर पूत अर्पखद क जनम भवा। 11 ओकरे पाछे सेम पाँच सौ बरिस जिअत रहा। ओकरे दूसर पूत अउ बिटियन रही। 12 जब अर्पखद पैंतीस बरिस क रहा ओकर पूत सेलह क जनम भवा। 13 सेलह क पइदा होइ क पाछे अर्पखद चार सौ तीन बरिस जिअत रहा। इ दिन ओकर दूसर पूतन अउ बिटियन पइदा भइन। 14 सेलह क तीस बरिस होइ क पाछे ओकर पूत एबरे क जन्म भवा। 15 एबेर क जन्म क पाछे सेलह चार सौ तीन बरिस जिअत रहा। इ दिनन मँ ओकरे पूतन अउ बिटियन पइदा भएन। 16 एबेर क चौंतीस बरिस क होइ क पाछे ओकरे पूत पेलेग क जन्म भवा। 17 पेलेग क जन्म क पाछे एबेर चार सौ तीस बरिस अउर जिअत रहा। इ दिनन मँ ओकरे दूसर पूतन अउ बिटियन पइदा भइन। 18 जब पेलेग तीस बरिस क भवा, ओकर पूत ‘रु’ क जन्म भवा। 19 ‘रु’ क जन्म क पाछे पेलेग दुइ सौ नौ बरिस अउर जिअत रहा। उ दिनन मँ ओकरे दूसर बिटियन अउ बेटवन क जन्म भवा। 20 जब रु बत्तीस बरिस क भवा, ओकरे पूत सरुग क जन्म भवा। 21 सरुग क जन्मे क पाछे रु दुइ सौ सात बरिस अउर जिअत रहा। इ दिनन ओकरे दूसर बेटवन अउ बिटियन पइदा भएन। 22 जब सरुग तीस बरिस क भवा, ओकरे पूत नाहोर क जन्म भवा। 23 नाहोर क जन्म क पाछे सरुग दुइ सौ बरिस अउर जिअत रहा। इ दिनन मँ ओकरे दूसर पूतन अउ बिटियन क जन्म भवा। 24 जब नाहोर उनतीस बरिस क भवा, ओकर पूत तेरह क जन्म भवा। 25 तेरह क जन्म क पाछे नाहोर एक सौ उन्नीस बरिस अउर जिअत रहा। इ दिनन मँ ओकरे दूसर बिटियन अउ बेटवन क जन्म भवा। 26 तेरह जब सत्तर बरिस क भवा, ओकरे पूत अब्राम, नाहोर अउ हारान क जन्म भवा। 27 इ तेरह क परिवार क कहानी अहइ। तेरह अब्राम, नाहोर अउ हारान क बाप रहा। हारान लूत क बाप रहा। 28 हारान आपन जन्मभूमि कसदियन क उर सहर मँ मरा। जब हारान मरा तब ओकर पिता तेरह जिअत रहा। 29 अब्राम अउ नाहोर दुइनउँ आपन आपन बियाह किहन। अब्राम क मेहरारु सारै रही। नाहोर क मेहरारु मिल्का रही। मिल्का हारान क बिटिया रही। हारान मिल्का अउ यिस्का क बाप रहा। 30 सारै क कउनो बच्चा नाही रहा काहेकि उ कउनो बच्चा क जन्म देइ जोग्ग नाही रही। 31 तेरह आपन परिवार क संग लिहेस अउ कसदियन क उर सहर क तजि दिहस। उ पचे कनान क जात्रा करइ क मन मँ ठान लिहन। तेरह आपन पूत अब्राम, आपन पोता लूत (हारान क पूत), आपन पतोहू (अब्राम क मेहरारु) सारै क संग लिहस। उ पचे हारान तलक जात्रा किहन अउ हुआँ ठहराउब तय किहन। 32 तेरह दुइ सौ पाँच बरिस जिअत रहा। तब उ हारान मँ मरि गवा।

Genesis 12

1 यहोवा अब्राम स कहेस, “आपन देस अउ आपन लोगन क तजि द्या। आपन बाप क परिवारे क तजि द्या अउर उस देस जा जेका मइँ तोहका देखाउब। 2 मइँ तोहका आसीर्बाद देब। मइँ तू पचन स एक महान रास्ट्र बनाउब। मइँ तू सबन क नाउँ मसहूर करब। लोग तोहरे नाउँ क प्रयोग दूसर लोगन क आसीर्बाद देइ बरे करइही। 3 मइँ उ पचन क असीसब, जउन तोहका असीसिही। मुला मइँ ओनका सराप देब जउन तोहका सराप दिहेस। मइँ धरती प सब मनइयन क असीसइ क बरे तोहका बइपरब।” 4 तउ अब्राम यहोवा क हुकुम मानेस। उ हारान क तजि दिहस अउ लूत ओकरे संग गवा। इ समइ अब्राम पचहत्तर बरिस क रहा। 5 अब्राम जब हारान तजेस तउ उ अकेल्ला नाही रहा। अब्राम आपन मेहरारु सारै, भतीजा लूत अउ हारान मँ ओनकइ संग जउन कछू रहा, सबक संग लइ आवा। अब्राम क जउन सब दास लोग मिला रहेन, उ सबइ भी ओकरे संग गएन। अब्राम अउ ओकर दल छारान क तजि दिहेस अउ कनान देस तलक जात्रा किहेस। 6 अब्राम कनान देस मँ सकेम क सहर अउ मोरे क बड़का बृच्छ तलक जात्रा किहस। उ समइ कनानी लोग हुआँ रहत रहेन। 7 यहोवा अब्राम क समन्वा परगट भवा। यहोवा कहेस, “मइँ इ देस तोहरे संतानन क देब।”यहोवा अब्राम क समन्वा जउने जगह प परगट भवा उ जगह प अब्राम एक वेदी यहोवा क आराधना बरे बनाएस। 8 तब अब्राम उ जगह क तजि दिहेस अउ बेतेल क पूरब पहाड़े प जात्रा किहस। अब्राम हुवाँ आपन तम्बू गाड़ेस। बेतेल सहर पच्छिम मँ रहा। आइ सहर पूरब मँ रहा। उ जगह अब्राम यहोवा बरे दूसर वेदी बनाएस अउ अब्राम हुवाँ यहोवा क उपासना किहेस। 9 एकरे पाछे अब्राम फुन जात्रा किहस। उ नेगव कइँती जात्रा किहस। 10 इ दिनन भुइँया बहोतइ झुरान रही अउ कउनो खाइ क चीज नाही जमत रही। ऍह बरे अब्राम जिअत रहइ बरे मिस्र चला गवा। 11 अब्राम लखेस कि ओकर मेहरारु सारै बहोत सुन्नर रही। ऍह बरे मिस्र मँ आवइ क पहिले अब्राम सारै स कहेस, “मइँ जानत हउँ कि तू बहोतइ सुन्नर अहा। 12 जब मिस्र क लोग तोहका निहरिहीं तउ उ पचे कहिहीं, ‘इ मेहरारु एकर पत्नी अहइ।’ तब उ सबइ मोका मारि डइही काहेकि तोहका बइठाइ लेइही. 13 इ खातिर तू मनइयन स कह्?या कि तू मोर बहिन अहा। तब उ पचे मोका नाही मरिहीं। उ पचे मोहे प दया करिहीं काहेकि उ पचे बूझि लेइही कि मइँ तोहार भाई अहउँ। इ तरह तू मोर जिन्नगी बचउबिउ।” 14 इ तरह अब्राम मिस्र मँ पहोंचा। मिस्र क लोग लखेन, सारै बहोत सुन्नर मेहरारु अहइ। 15 कछू मिस्र क अफसर लोग ओका लखेन। उ पचे फिरौन स कहेन कि उ बहोतइ सुन्नर मेहरारु अहइ। उ सबइ अफसर सारै क फिरौन क घर लइ गएन। 16 फिरौन अब्राम क ऊपर दया किहेस काहेकि उ पचे बूझ गएन कि उ सारै क भइया बाटइ। फ़िरौन अब्राम क भेड़ी, गोरु अउ गदहन क दिहस। अब्राम ऊँटन क संग मनसेधु अउ मेहरारु नउकरन पाएस। 17 फिरौन अब्राम क मेहरारु क रखि लिहस। एहसे यहोवा फिरौन अउ ओकरे घरे क मनइयन मँ खराब बेरामी सँचराइ दिहस। 18 तउ फिरौन अब्राम क बोलाएस। फिरौन कहेस, “तू मोरे संग बड़ा खोट किहा ह। तू इ नाहीं बताया कि सारै तोहार पत्नी अहइ। काहे 19 तू कह्?या, “इ मोर बहिन अहइ’ तू अइसा काहे कह्?या? मइँ ऍका ऍह बरे राखा कि इ मोर मेहरारु होइ। मुला अब मइँ तोहार मेहरारु क तोहका लउटावत अहउँ। ऍका ल्या अउ जा।” 20 तब किरौन आपन मनइयन क हुकुम दिहस कि उ पचे अब्राम क मिस्र क बाहेर पहोंचाइ देंइ। इ तरह अब्राम अउ ओकर मेहरारु उ जगह तजेन अउर उ पचे सब चिजियन क संग लइ गएन जउन ओनकइ रही।

Genesis 13

1 अब्राम मिस्र तजि दिहस। अब्राम आपन मेहरारु अउ आपन सबहि सामान क संग नेगव स होइ के जात्रा किहस। लूत भी ओकरे संग रहा। 2 इ टेम अब्राम बहोतइ धनी रहा। ओकरे संग ढेरिके जनावर, बहोत सी चाँदी अउ ढेर क सोना रहा। 3 अब्राम चारिहु कइँती जात्रा करत रहा। उ नेगेव क तजेस अउ बेतेल वापस गवा। उ बेतेल अउर आइ क बीच क जगह मँ पहोंचेस। इ उहइ ठउर रहा जहाँ अब्राम अउ ओकर परिवार पहिले तम्बू लगाइके ठहरा रहा। 4 इ उहइ ठउर रहा जहाँ अब्राम एक वेदी बनाए रहा। ऍह बरे अब्राम इहा यहोवा क आराधना किहस। 5 इ टेम लूत भी अब्राम क संग जात्रा करत रहा। लूत क लगे ढेरिके जनावर अउ तम्बू रहेन। 6 अब्राम अउ लूत क लगे ऍतना जिआदा जनावर रहेन कि भुइँया एक लागे ओनका चारा नाही दइ सकत रही। 7 अब्राम अउ लूत क गड़ेरिया या आपुस मँ तखड़ावइ-बखड़ावइ लागेन। (उ दिनन मँ कनानी लोग अउ परिज्जी लोग भी इहइ पहटा मँ रहत रहेन।) 8 अब्राम लूत स कहेस, “हमरे अउ तोहरे बीच कउनो तखड़ा बखड़ा न होइ चाही। हमार अउर तोहार गड़ेरियन क बीच मँ झगड़ा नही होइ चाही। हम पचे सबहि भाई अही। 9 हम पचन क अलग होइ जाइ चाही, तू जउन चाहा ठउर चुन ल्या। अगर तू बाईं कइँती जाब्या तउ मइँ दाहिन कइँती जाब। अगर तू दाहिन कइँती जाब्या तउ मइँ बाईं कइँती जाब।” 10 लूत द्रिस्टी दउड़ाएस अउ यरदन क घाटी क निहारेस। लूत निहारेस कि हुवाँ बहोत पानी अहइ। (इ बात उ टेम क बाटइ जब यहोवा सदोम अउ अमोरा क नास नाहीं किहे रहा। उ टेम यरदन क घाटी सोअर तलक यहोवा क बगिया क नाईं पूरे राह क संग संग फइली रही। इ भुइँया मिस्र देस क भुइँया क नाईं नीक रही।) 11 ऍह बरे लूत यरदन क घाटी मँ रहब अंगीकार किहस। इ तरह दुइनउँ मनई अलग अलग होइ गएन अउ लूत पूरब कइँती जात्रा सुरु किहेस। 12 अब्राम कनान प्रदेस मँ रहा अउ लूत घाटी क सहरन मँ रहा। लूत सदोम क दक्खिन मँ बढ़ा अउ रुकि गवा। 13 सदोम क मनई बहोत पापी रहेन। उ पचे सदा यहोवा बरे खिलाफ पाप करत रहेन। 14 जब लूत चला गवा तब यहोवा अब्राम स कहेस, “आपन चारिहु कइँती निहारा, उत्तर, दक्खिन, पूरब अउ पच्छिम कइँती लखा। 15 इ सारी भुइँया, जेका तू लखत अहा, मइँ तोहका अउ तोहरे पाछे जउन तोहार लोग रइहीं ओनका देत अहउँ। इ प्रदेस सदा तोहार अहइ। 16 मइँ तोहरे लोगन क धरती क धूल क कण क नाईं अनगिनत बनउब। अगर कउनो धरती क कण क गन सकइ तउ उ तोहरे मनइयन क भी गन सकी। 17 ऍह बरे आवा। आपन धरती प चला। मइँ एका अब तोहका देत अहउँ,” 18 इ तरह अब्राम आपन तम्बू हटाएस। उ मम्रे क बड़का बृच्छ क लगे रहइ लाग। इ हेब्रोन सहर क निचके रहा। उ ठउरे प अब्राम एक वेदी यहोवा क आराधना बरे बनाएस।

Genesis 14

1 अम्रापेल सिनार क राजा रहा। अर्योक एल्लासार क राजा रहा। कदोर्लाओमेर एलाम क राजा रहा। तिदाल गोयीम क राजा रहा, 2 इ सबहि राजा लोगन मँ सदोम क राजा बेरा, अमोरा क राजा बिर्सा, अद्मा क राजा सिनाब, सबोयीम क राजा सेमेबेर अउ बाला। (बेला सोअर भी कहा जात रहा।) क राजा क संग एक जुद्ध भवा। 3 सिद्दीम क घाटी मँ इ सबहि राजा आपन आपन फउज स मिलेन। (सिद्दीम क घाटी आजुकल नून क समुद्दर अहइ।) 4 इ सबइ राजा लोग कदोर्लाओमेर क सेवा बारह बरिस तलक किहन। मुला तेरहवाँ बरिस उ सबइ ओकरे खिलाफ होइ गएन। 5 ऍह बरे चौदहवें बरिस मँ राजा कदोर्लाओमेर दूसर राजा लोगन क संग ओनसे लड़इ आवा। कदोर्लाओमेर अउ ओकरे संग क राजा लोग रपाई लोगन क असतरोत्कनम मँ हराएन। उ पचे हाम मँ जूजि लोगन क भी हराएन। उ पचे एमि लोगन क। उ सबइ एमि लोगन क साबेकिर्यातैम मँ हराएन। 6 अउर उ पचे होरीत लोगन क सेईर क पहाड़ी पहटा स हराइके एल्पारान कइँती खदेरेन। (एल्पारान मरुभूमि क निचके बाटइ।) 7 तब राजा कदोर्लाओमेर पाछे कइँती घूमा अउ एन्मिसपात क गवा। इ कादेस कहा जात ह। अउर सबहि अमालेकी लोगन क हराएस। उ एमोरी लोगन क भी हराएस। इ पचे हससोन्तामार मँ रहत हीं। 8 उ समइ सदोम क राजा, अमोरा क राजा, अदमा क राजा, सबोयीम क राजा. अउ बेला क राजा, (बेला सोअर ही अहइ।) सबहि एक संग मिलिके आपन दुस्मनन स लड़इ बरे गएन। 9 उ पचे एलाम क राजा कदोर्लाओमेर, गोयीम क राजा तिदाल, सिनार क राजा अम्रापेल, अउर एल्लासार क राजा अर्योक स लड़ेन। इ तरह चार राजा पाँच राजा लोगन स लड़त रहेन। 10 सिद्दीम क घाटी मँ राल स भरा भवा ढेरिके गड्डा रहेन। सदोम अउ अमोरा क राजा अउ ओकर फउजियन पराइ गएन। ओकरे बहुत सारे फउजियन ओन गड्डन मँ गिर गएन। मुला दूसर लोग पहाड़ी मँ पराइ गएन। 11 सदोम अउ अमोरा क लगे जउन कछू रहा ओका ओनकइ दुस्मनन लइ लिहन। उ पचे ओनकइ सब भोजन-ओढ़ना क लइ लिहन अउ उ पचे चला गएन। 12 अब्राम क भाई क पूत लूत सदोम मँ रहत रहा, ओका दुस्मन कैद कइ लिहन। उ पचे ओका अउर ओकरे लगे जउन कछू भी रहा लइ लिहेन। 13 एक ठु मनई जउन धरा नाही जाइ सका उ हिब्रू मनई अब्राम क इ सबइ सारी बातन क बताएस। एमोरी मम्रे क बृच्छन क लगे अब्राम आपन डेरा डाएस। मम्रे एस्कोल अउ आनेर एक समझौता एक दूसरे क मदद करइ बरे किहे रहेन अउर उ पचे अब्राम क मदद खातिर एक समझौता किहे रहेन। 14 तब अब्राम क पता लाग कि लूत धरा ग अहइ। तउ उ आपन पूरा परिवार क बटोरेस अउ ओनमाँ स तीन सौ अठारह प्रसिच्छित फउजियन क अब्राम दान नगर तलक दुस्मनन क पाछा किहस। 15 उहइ रात उ अउर ओकर मनइयन ओनका खिलाफ धावा बोलि दिहन। उ पचे दुस्मनन क हराएन अउ दमिस्क क उत्तर मँ होवा तलक ओनकइ पाछा किहन। 16 तब अब्राम दुस्मनन क जरिये चोरॅाइ गइ सब चिजियन लइ आएन। अब्राम लूत, ओकर मेहरारुअन अउर ओकरे नउकरन अउर ओकरे सबहि चिजियन क लइ आवा। 17 कदोर्लाओमेर अउ ओकरे संग क सब राजा लोगन क हराए क पाछे अब्राम घरे लौटि आवा। जब उ घर आवा तउ सदोम क राजा ओसे भेटंइ सावे क घाटी मँ पहोंचा। (ऍका अब राजा क घाटी कहत हीं।) 18 सालेम क राजा मेल्कीसेदेक भी अब्राम स भेटंइ गवा। मेल्कीसेदेक, सर्वोच्य परमेस्सर क याजक रहा। मेल्कीसेदेक रोटी अउ अंगूरे क दाखरस लइ आवा। 19 मेल्कीसेदेक अब्राम क आसीर्बाद दिहस अउ कहेस:“अब्राम, सर्वोच्य परमेस्सर तोहका आसीर्बाद देइ। परमेस्सर भुइँया अउ अकास बनाएस। 20 अउर हम सर्वोच्य परमेस्सर क उपासना करित ह। परमेस्सर दुस्मनन क हरावइ मँ तोहार मदद किहेस।”तबहि अब्राम लड़ाई मँ मिली हर चीज क दसवाँ हीसां मेल्कीसेदेक क दिहस। 21 तब सदोम क राजा कहेस, “तू इ सब चीजन क अपने लगे रखि सकत ह, मोका सिरिफ ओन मनइयन क दइ द्या जेनका दुस्मन धइ ल गए रहेन।” 22 मुला अब्राम सदोम क राजा स कहेस, “मइँ सर्वोच्य परमेस्सर यहोवा जउन भुइँया अउ आकास क बनएस ह:ओकरे समन्वा इ किरिया खावा ह 23 कि जउन आप क चीज बाटइ ओहमाँ स कछू भी न लेब। हियाँ तलक कि एक ठु धागा व पनही क फीता भी न लेब। मइँ इ नाही चाहित कि आप कहइँ, ‘मइँ अब्राम क धनी बनाएउँ।’ 24 मइँ सिरिफ उ भोजन क अपनाउब्या जेका हमार जवान लोग खाएस ह। मुला तू दूसर मनइयन क भी ओकर हीसा देइँ। हमरी लड़ाई मँ जीती भइ चीजन्क आप लइ लेइँ अउ एहमाँ स कछू आनेर, एस्कोल अउ मम्रे क दइ देइँ। इ मनइयन लड़ाई मँ हमार मदद किहेन रहेन।”

Genesis 15

1 इ बातन क होइ जाए क पाछे यहोवा क हुकुम अब्राम क एक ठु दरसन मँ आवा। परमेस्सर कहेस, “अब्राम डेराअ, नाही। मइँ तोहार रच्छा करब अउ मइँ तोहका बड़का पुरस्कार देब।” 2 मुला अब्राम कहेस, “हे यहोवा अइसा कछू भी नाही अहइ जेका तू मोका देब्या अउर उ मोका खुस करी। काहेकि मोरे पूत नाही अहइँ। ऍह बरे मोर दास दमिस्क क बसइया एलीएजेर मोरे मरइ क पाछे मोर सब कछू पाइ।” 3 अब्राम कहेस, “तू ही लखा, तू मोका कउनो पूत नाही दिहा ह। ऍह बरे मोरे घरे मँ पइदा भवा एक ठु दास मोर सबहि चिजियन क पाइ।” 4 तब यहोवा अब्राम स बात किहस। परमेस्सर कहेस, “तोहरी चीजन क तोहार इ दास न पाइ। तोहरे एक ठु बेटवा होइ अउर तोहार पूत ही तोहार चिजियन क पाइ।” 5 तब परमेस्सर अब्राम क बाहेर लइ गवा। परमेस्सर कहेस. “आकास क लखा। अनगिनत तारन क निहारा। इ सबइ ऍतना अहइँ कि तू गन नाही सक्त्या। भविस्स मँ तोहार परिवार अइसा ही होइ।” 6 अब्राम यहोवा पइ बिस्सास किहेस अउऱ उ ओका नीक समझेस। 7 परमेस्सर अब्राम स कहेस, “मइँ ही उ यहोवा अहउँ जउन तोहका कसदियन क ऊर स बाहेर लइ आएउँ। इ मइँ ऍह बरे किहउँ कि इ पहटा मइँ तोहका दइ सकउँ, तू इ पहटा क आपन कब्जा मँ कइ सका।” 8 मुला अब्राम कहेस, “हे यहोवा, मोर सुआमी, मइँ कहसे पतियाउँ कि इ पहटा मोका मिली?” 9 परमेस्सर अब्राम स कहेस, “हम पचे एक करार करब। तू मोका तीन बरिस क एक ठु गइया, तीन बरिस क एक बोकरी, अउ तीन बरिस क एक भेड़ा लिआवा। एक ठु फ़ाकता अउ एक कबूतर क बच्चा भी लिआवा।” 10 अब्राम इ सबहि चिजियन क परमेस्सर क लगे लइ आवा। अब्राम इ जनावरन क मारि डाएस अउ हर एक क दुइ दुकड़ा कइ डाएस। अब्राम एक आधा टूक एक कइँती अउ दूसर आधा टूक दूसर कइँती ओकरे ठीक आमने-सामने धरेस, अब्राम पंछिन क दुइ टूका नाही किहेस। 11 तनिक देर पाछे मांसाहारी पंछी मरे भए जनावरन क खाइ क बरे खाले आइ गएन मुला अब्राम ओनका खदेरेस। 12 पाछे सूरज बूड़इ लाग। अब्राम क गहरी नींद आइ गइ। खौफनाक अँधियारा ओका चारिहु कइँती स घेरि लिहस। 13 तब यहोवा अब्राम स कहेस, “तोहका इ सबइ बातन क जानइ चाही। तोहार संतानन बिदेसी बनिही अउर उ पचे देस मँ जइहीं जउन ओनका न होइ। उ पचे हुआँ दास होइही। चार सौ बरिस तलक ओनके संग बुरा बिउहार होइ। 14 मइँ उ रास्ट्र क निआव करब अउ ओका सजा देब जउन ओन लोगन क गुलाम बनाएस अउर जब तोहरे सन्तानन उ देसे क तजि देइही तउ आपन संग ढेर नीक चीज लइ जइही। 15 “तू बहोत लम्बी उमर तलक जिअत रहब्या। तू सान्ति स मरब्या अउ तू आपन पुरखन क लगे दफनावा जाब्या। 16 चार पीढ़ीयन क पाछे तोहार लोग इहइ पहटा मँ फुन अइही। इ टेम तोहार लोग एमेरियो क हरइहीं। हिआँ क बसइयन एमोरियन क, सजा देइ बरे मइँ तोहरे लोगन क बइपरब। इ बात भविस्स मँ होइ काहेकि एमोरियन सजा पावइ लायक बुरा अबहि नाहीं भवा अहइँ।‘ 17 जब सूरज बूड़ि गवा, तउ बहोत आँधियारा छाइ गवा। मरा भवा जनावर अबहि तलक जमीन प ओलरा भए रहेन। हर एक जनावर दुइ हीसा मँ कटा भवा बहावा रहेन। उहइ समइ धुआँ अउ आगी क एख खम्भा जनावरन क टूक क बीच स गवा। 18 इहइ तरह उ दिन यहोवा अब्राम क बचन दिहस अउ ओनके संग करार किहस। यहोवा कहेस, “मइँ इ पहटा तोहरे संतानन क देब। मइँ मिस्र क नदी अउ बड़की नदी परात क बीच क पहटा ओनका देब। 19 इ देस केनी, कनिज्जी, कदमोनी, 20 हित्ती, परीज्जी, रपाई, 21 एमोरी, कनानी, गिर्गासी अउ यबूसी लोगन क अहइ।”

Genesis 16

1 सारै अब्राम क मेहरारु रही। अब्राम अउ ओकरे कउनो लरिका नाही रहा। सारै क लगे एक ठु मिस्र क दासी रही। ओकर नाउँ हाजिरा रहा। 2 सारै अब्राम स कहेस, “लखा, यहोवा मोका कउनो बच्चा नाही दिहे अहइ। ऍह बरे मोरी दासी क संग सारीरिक संबन्ध करा होइ सकत ह कि ओकर बच्चा मोर अपना बच्चा होइ जाब।”अब्राम आपन मेहरारु क कहब मान लिहस। 3 कनान मँ अब्राम क दास बरिस रहइ क पाछे इ बात भइ अउ सारै आपन भतार अब्राम बरे हाजिरा क दइ दिहस। हाजिरा मिस्र क दासी रही। 4 हाजिरा, अब्राम स गाभिन भइ। जब हाजिरा इ देखेस तउ ओका बहोत गरब भवा अउ इ महसूस करइ लाग कि मइँ आपन मालकिन सारै स बढ़िया अहउँ। 5 मुला सारै अब्राम स कहेस, “मोर दासी अब मोसे घिना करत ह अउ एकरे बर मइँ तोहका दोखी मानन हउँ। मइँ ओका तोहरे बरे दिहेउँ। उ गाभिन भइ अउर तब उ महसूस करइ लाग कि उ मोसे बढ़िया बा। मइँ चाहत हउँ कि यहोवा सही निआव करी।” 6 मुला आब्राम सारै स कहेस, “तू हाजिरा क मालकिन अहा। तू ओकरे संग जउन चाहा कइ सकत ह।” ऍह बरे सारै आपन दासी पइ अत्याचार किहस अउर ओकर दासी पराइ गइन। 7 यहोवा क सरगदूत रेगिस्तान मँ पानी क सोता क लगे हाजिरा क पाएस। इ सोता सूर जाइवाला राहे प रहा। 8 सरगदूत कहेस, “हाजिरा, तू सारै क दासी अहा। तू हिआँ काहे अहा? तू कहाँ जात अहा?”हाजिरा कहेस, “मइँ आपन मालकिन सारै क हिआँ स पराइ जात अहउँ।” 9 यहोवा क सरगदूत ओसे कहेस, “तू आपन मालकिन क घर जा अउर ओका सोंप द्या।” 10 यहोवा क सरगदूत ओसे फुन कहेस, “तोहसे बहोत स लोग पइदा होइहीं। इ सबइ लोग ऍतना होइ जइहीं कि गना नाही जाइ सकिही।” 11 यहोवा क सरगदूत अउर भी कहेस,“अबहि तू गर्भ धरे अहा अउर तोहका एक पूत होइ। तू ओकर नाउँ इस्माएल राख्या। काहेकि यहोवा तोहका देइ भए कस्ट क सुनेस ह। 12 इस्माएल एक ठु जंगली गदहा क तरह जंगली अउ अजाद होइ उ सब क खिलाफ होइ अउर सबहीं ओकर खिलाफ होइ जाइ। उ आपन भाइयन क लगे आपन डेरा डाइ मुला उ ओनके खिलाफ होइ।” 13 तब हाजिरा परमेस्सर क जउन ओसे बात करत रहा, एक नवा नाउँ स यहोवा क पुकारेस। उ कहेस, “तू परमेस्सर ह जउन मोका लखत ह।” उ ओसे उ नाउँ ऍह बरे दिहस काहेकि उ आपन आप स कहेस, “मइँ महसूस करत हउँ कि उ मोरे ऊपर निगाह राखत ह।” 14 ऍह बरे उ कुआँ क नाउँ लहैरोइ पड़ा। उ कुआँ कादेस अउ बेरेद क बीच मँ बाटइ। 15 हाजिरा अब्राम क पूत क जन्म दिहस। अब्राम पूत क नाउँ इस्माएल धरेस। 16 अब्राम उ टेम छियासी बरिस क रहा जब हाजिरा इस्माएल क जन्म दिहस।

Genesis 17

1 जब अब्राम निन्यानबे बरिस क भवा, यहोवा ओह पइ परगट भवा। यहोवा कहेस, “मइँ सर्वोच्च परमेस्सर अहउँ। मोरे आगे चला अउर इमानदार रहा। 2 जदि तू इ करा, तउ मइँ आपन अउ तोहरे बीच एक करार करब। मइँ तोहका बचन देत हउँ कि मइँ तोहका बहोत सारा संतान देबउ।” 3 अब्राम परमेस्सर क समन्वा आपन मुँह जमीन कइँती निहुराएस। तब परमेस्सर ओहसे बात किहस अउ कहेस, 4 “हमरे करार क इ हीसा मोर अहइ। मइँ तोहका कइउ रास्ट्र क बाप बनाउब। 5 मइँ तोहरे नाउँ क बदल देब। तोहार नाउँ अब्राम नाही होइ। तोहार नाउँ इब्राहीम होइ। मइँ तोहका इ नाउँ ऍह बरे देत अहउँ कि तू बहोत स रास्ट्रन क बाप बनब्या। 6 “मइँ तोहका बहोत संतानन देब। तोहसे नवा रास्ट्र अउर राजा लोग पइदा होइहीं। 7 अउर मइँ आपन अउ तोहरे बीच एक करार करब। इ करार तोहरे सबहिं संतानन बरे होइ। मइँ तोहार अउ तोहरे सबहि संतानन क परमेस्सर रहब। इ करार सदा बनी रही। 8 अउर मइँ इ प्रदेस तोहका अउ तोहरे संतानन क देब। मइँ उ प्रदेस तोहका देब जेहसे होइके तू जात्रा करत रहब्या। मइँ तोहका कनान प्रदेस देब। मइँ तोहका इ प्रदेस सदा बरे देब अउर मइँ तोहार परमेस्सर रहब।” 9 परमेस्सर इब्राहीम स कहेस, “अब करार क इ हींसा तोहार हींसा अहइ। मोर इ करार क मानब तू अउ तोहार संतानन करिही। 10 इ उ करार अहइ कि जेका तू मनब्या। इ करार मोरे अउ तोहरे बीच अहइ। इ तोहरे सबहि संतानन बरे अहइ। हर एक लरिका जउन पइदा होइ ओकर खतना जरूर होइ। 11 तू बाहरी चाम क एक निसान बरे कटब्या कि तू आपन अउ मोरे बीच क करार क मानन रहब्या। 12 जब लरिका आठ दिन क होइ जाइ तब तू ओकर खतना कर्‌या। हर एक लरिका जउन तोहरे मनइबन क बीच पइदा होइ या कउनो लरिका जउन विदेसी स खरीदइ भवा तोहार दास स पइदा होइ, ओकर खतना जरूर होइ। 13 इ तरह तोहरे रास्ट्र क हर एक लरिका क खतना होइ। जउन लरिका तोहरे परिवारे मँ पइदा होइ या दास क रुप मँ बसेहा जाइ ओकर खतना होइ। 14 इहइ मोर नेम अहइ अउर मोरे अउ तोहरे बीच करार अहइ। जउन कउनो मनई क खतना नाही होइ उ आपन मनइयन स अलगाइ दीन्ह जाइ। काहेकि उ मनई मोरे करार क तोड़ दिहस।” 15 परमेस्सर इब्राहीम स कहेस, “मइँ सारै क जउन तोहार मेहरारु अहइ, नवा नाम देब। ओकर नाउँ सारा होइ। 16 मइँ ओका असीस देब। मइँ ओका पूत देब अउ तू बाप होइ। उ बहोत स नए रास्ट्रन क महतारी होब्या। ओहसे रास्ट्रन क राजा लोग पइदा होइहीं।” 17 इब्राहीम आपन मूँड़ी परमेस्सर क भगति देखावइ बरे जमीन कइँती निहुराएस। मुला उ हसा अउ आपन स बोला, “मइँ सौ बरिस क होइ ग अहउँ। मइँ पूत नाही पइदा कइ सकत हउँ अउ सारा नब्बे बरिस क बुढ़िया बाटइ। उ लरिकन क जन्म नाही दइ सकत।” 18 तउ इब्राहीम परमेस्सर स कहेस, “मोका उमीद अहइ कि इस्माएल जिइही अउ तोहार सेवा करइहीं?” 19 परमेस्सर कहेस, “नाही, मइँ कहेउँ कि तोहार मेहरारु सारा पूत क जन्म देइ। तू ओकर नाउँ इसहाक रखब्या। मइँ ओकरे संग करार करब। इ करार अइसा होइ जउन ओकरे सबहि संतानन क संग सदा बनी रही। 20 “तू इस्माएल क नाउँ लिहस अउर मइँ तोहार बात सुनेउँ। मइँ ओका असीसब। ओकरे बहोत स सन्तानन होइहीं। उ बारह बड़का राजा क बाप होइ। ओकर परिवार एक बहोत बड़ा रास्ट्र बनी। 21 मुला मइँ आपन करार इसहाक क संग करब। इसहाक ही उ पूत होइ जेका सारा पइदा करी। इ पूत अगला बरिस मँ इहइ टेम मँ, पइदा होइ।” 22 परमेस्सर जब इब्राहीम स बात करब बन्द किहस, इब्राहीम अकेल्ला रहि गवा। परमेस्सर इब्राहीम क लगे स आकास कइँती उठि गवा। 23 परमेस्सर कहे रहा कि तू अपने परिवार क सबहि लरिकन अउ मनइयन क खतना कराया। ऍह बरे इब्राहीम इस्माएल अउ आपन घरे मँ पइदा भए सबइ नउकर लोगन क एक संग बोलाएस। इब्राहीम ओन नउकर लोगन क एक संग बोलाएस जउन धने स बेसहा ग रहेन।इब्राहीम क घर क सबहि मनसेधू अउ लरिकन बटुरेन अउ ओन सबहि क खतना उहइ दिन ओनकइ बाहरी चाम काटिके कइ दीन्ह गवा। इब्राहीम ओन लोगन क खतना ठीक उहइ तरह स किहेस जे तरह परमेस्सर कहे रहेन। 24 जब इब्राहीम क खतना भवा उ निन्यानबे बरिस क रहा। 25 अउर ओकर पूत इस्माएल आपन खतना होइके टेम तेरह बरिस क रहा। 26 इब्राहीम अउ ओकरे पूत क खतना उहइ दिन भवा। 27 उहइ दिन इब्राहीम क सबहिं मनइयन क खतना भवा। इब्राहीम क घरे मँ पइदा भए सबहि मनइयन क अउ बेसहा गए सबहि दासन क खतना उहइ दिन भवा।

Genesis 18

1 पाछे यहोवा फुन इब्राहीम क समन्वा परगट भवा। इब्राहीम मम्रे क बलूत क बृच्छन क लगे रहत रहा। एक दिन, इब्राहीम दिन क सब स गर्म पहर मँ तम्बू क दुआरे बइठा रहा। 2 इब्राहीम आँखि उठाइके लखेस अउ आपन समन्वा तीन मनइयन क खड़ा निहारेस। जबहि इब्राहीम मनइयन क लखेस, उ ओनके लगे गवा अउ ओनका पैलगी किहेस। 3 इब्राहीम कहेस, “साहेब लोगो! आप आपन इ सेवक क संग तनिक देर रुकि जाइँ। 4 मइँ आप लोगन बरे गोड़वा पखारइ खातिर पानी लइ आवत अहउँ। आप बृच्छन क खाले सुहताइ लेइँ। 5 मइँ आप पचन क कछू खइया के लिआवत अहउँ अउ आप लोग जेतना चाहइँ खाइ लेइँ। ऍकरे पाछे आप सबइ आपन जात्रा प जाब सुरु कइ सकत ही।”?तीनउँ कहेन, “इ बहोतइ बढ़िया बा। तू जइसा कहत बाट्या, करा।” 6 इब्राहीम हाली स तम्बू मँ घुसा। इब्राहीम सारा स कहेस, “हाली हाली तीन ठु रोटी बरे आटा साना।” 7 तब इब्राहीम आपन गोरुअन कइँती भागा। इब्राहीम सबन त नीक एक ठु जवान बछवा लिहस। इब्राहीम बछवा नउकर क दिहस। इब्राहीम नउकर स कहेस कि तू हाली हाली करा, इ बछवा क मारा अउ खइया खातिर तइयार करा। 8 इब्राहीम तीनहुँ क खाइ बरे गोस दिहस। उ दूध अउ माखन भी दिहस। जब तलक तीनहु मनई खात रहेन तब तलक इब्राहीम बृच्छ क खाले ठाड़ रहा। 9 उ मनइन इब्राहीम स कहेस, “तोहार मेहरारु सारा कहा बा?”इब्राहीम कहेस, “उ तम्बू मँ बा।” 10 तब यहोवा कहेस, “मइँ बसन्त मँ फुन आउब। उ टेम तोहार मेहरिया सारा एक ठु पूत क जन्मी।”सारा तम्बू मँ अनकत रही अउर उ इ बातन क सुनेस। 11 इब्राहीम अउ सारा बहोत बुढ़ाइ ग रहेन। सारा लड़कोर होइ क उमिर क पार कइ चुकी रही। 12 सारा आपन आप प हसी। उ आपन स कहेस, “मइँ अउ मोर भतार दुइनउँ बुढ़ान बाटेन। मइँ लरिका जन्मइ बरे ढेर बुढ़ाइ गइ अहउँ।” 13 तब यहोवा इब्राहीम स कहेस, “इ सोचत भवा सारा काहे हसेन कि, ‘मइँ ऍतना बूढ़ी हउँ कि लरिका नाही पइदा कइ सकत हउँ?’ 14 का यहोवा बरे कछू भी असंभव बाटइ? नाही, मइँ फुन बसन्त मँ आपन बताए भए टेम प आउब अउ तोहार मेहरारु सारा पूत क जन्म देइ।” 15 मुला सारा कहेस, “मइँ हसेउँ नाहीं।” उ अइसा कहेस, काहेकि उ डेरान रही।मुला यहोवा कहेस, “नाही, मइँ जानत हउँ कि तोहार कहब सही नाही अहइ। तू जरुर हसिउ ह।” 16 तब उ मनईयन जाइ बरे उठेन। उ पचे सदोम कइँती लखेन अउ उहइ कइँती चल पड़ेन। इब्राहीम ओनका बिदा करइ बरे कछू दूर तलक ओनके संग गवा। 17 यहोवा मन मँ कहेस, “का मइँ इब्राहीम स कहि देउँ जउन मइँ अबहु करब? 18 इब्राहीम एक बड़का सकतीवाला रास्ट्र बन जाइ। इ कारण स धरती क सारे मनइयन आसीर्बाद पइही। 19 मइँ इब्राहीम क संग खास करार किहेउँ ह। मइँ इ ऍह बरे किहेउँ ह कि उ आपन लरिकन अउ आपन संतानन क तरह जिन्नगी बितावइ बरे हुकुम देइ जउने तरह जिन्नगी बिताउब यहोवा चाहत ह। मइँ इ ऍह बरे किहेउँ ह कि उ पचे सच्चाई स रइही अउर इन्साफ पसन्द बनिही। तब मइँ यहोवा प्रण कीन्ह गइ चीजन क देब।” 20 तब यहोवा कहेस, “सदोम अउर गमोरा का चीख-पुकार बहोत जबरदस्त अहइ। ओनका पाप बहोत गम्भीर अहइ। 21 एह बरे मइँ हुवा जाब अउर देखब कि जउन कूछ मइँ सुन्या ह, यदि उ सही बा तब मइँ जानब कि उ सही बाटइ या गलत।” 22 तब उ मनइयन घूमेन अउ सदोम कइँती चल पड़ेन। मुला इब्राहीम यहोवा क समन्वा खड़ा रहा। 23 तब इब्राहीम यहोवा स बोला, “हे यहोवा, का तू खोट मनइयन क नास करइ क संग भले मनइयन क नास करइ क बात सोचत अहा? 24 जदि उ सहर मँ पचास भला मनई होइ तउ का होइ? का तब भी तू सहर क नास कइ देब्या? फुरइ ही तू हुआ क बसइया पचास भले मनइयन बरे उ सहर क बचाइ लेब्या। 25 फुरइ ही तू उ सहर क नास न करब्या। खोट मनइयन क मारइ बरे तू पचास भले मनइयन क नास न करब्या। अगर अइसा भवा तउ भला अउ खोटा लोग एक ही होइ जइहीं। दुइनउँ क ही सजा मिली। तू समूचइ भुइँया क निआव देइवाला अहा। मइँ जानत अहउँ कि तू निआव करब्या।” 26 फुन यहोवा कहेस, “जदि मोका सदोम सहर मँ पचास भला लोग मिलइँ तउ मइँ समूचइ सहर क बचाइ लेब।” 27 तब इब्राहीम कहेस, “हे यहोवा, तोहरे अगवा, मइँ सिरिफ धूर अउ राख अहउँ। मुला तू मोका फुन तनिक कस्ट देइ क मौका द्या अउ मोका इ प्रस्न पूछइ द्या कि: 28 जदि पाँच नीक लोग कमती होइ तउ का होइ? जदि सहर मँ पैंतालीस ही नीक लोग होइँ तउ का होइ? का तू सिरिफ पाँच लोगन बरे समूचइ सहर क नास करिब्या?” तब यहोवा कहेस, “जदि मोका हुआँ पैंतालीस नीक लोग मिलइँ तउ मइँ सहर क नास न करब।” 29 इब्राहीम फुन यहोवा स कहेस, “जदि तोहका हुआँ स्रििफ चालीस नीक लोग मिलइँ तउ का तू सहर क नास कइ देब्या?” यहोवा कहेस, “अगर मोका चालीस बढ़िया लोग हुआँ मिलइँ तउ मइँ सहर क बर्बाद न करब।” 30 तब इब्राहीम कहेस, “हे यहोवा कृपा कइके मोहे प किरोध जिन करा। मोका इ पूछेइ द्या कि अगर सहर मँ सिरिफ तीस नीक लोग होइ तउ का तू सहर क नास कइ देब्या?”यहोवा कहेस, “जदि मोका तीस नीक लोग मिलइँ तउ मइँ सहर क बर्बाद न करब।” 31 तब इब्राहीम कहेस, “हे यहोवा, का मइँ तोहका फुन कष्ट देउँ अउ पूछ लेउँ कि जदि बीस ही सहर मँ नीक लोग हुआँ होइँ तउ?”यहोवा जवाब दिहस, “अगर मोका बीस बढ़िया लोग मिलइँ तउ भी मइँ सहर क नास न करब।” 32 तब इब्राहीम कहेस, “हे यहोवा तू मोहे प गुस्सा जिन करा। मोका आखिरी दाईं कस्ट देइ क मौका द्या। जदि तोहका हुआँ दस बढ़िया लोग मिलइँ तउ तू का करिब्या?”यहोवा कहेस, “जदि मोका सहर मँ दस नीक लोग मिलइँ तउ भी मइँ सहर क नास न करब।” 33 यहोवा इब्राहीम स बोलब बंद कइ दिहस, ऍह बरे यहोवा चला गवा अउ इब्राहीम आपन घर लउटि आवा।

Genesis 19

1 ओनमाँ स दुइ सरगदूत संझा क सदोम सहर मँ आएन। लूत सहर क दुआर प बइठा रहा अउ उ सरगदूतन क लखेस। लूत विचारेस कि उ पचे सहर क बीचउ बीच स जात्रा करत अहइँ। लूत उठा अउ सरगदूतन क लगे गवा अउ भुइँया तलक निहुरा। 2 लूत कहेस, “महोदय, कृपा कइके मोरे घर चलइँ अउर मइँ आप लोगन क सेवा करब। हुआँ आप लोग आपन गोड़ धोइ सकत ही अउर रात मँ रुकि सकत ही। तब भियान आप लोग आपन जात्रा सुरु कइ सकत ही।”सरगदूतन जवाब दिहन, “नाहीं, हम पचे सहर क चौराहे मँ रुकब।” 3 मुला लूत आपन घर चलइ बरे बार बार कहत रहा। इ तरह सरगदूत लूत क घर जाइ बरे तइयार होइ गएन। जब उ पचे घरे पहोंचेन तउ लूत ओनका कछू पिअइ बरे लइ आवा। लूत ओनके बरे रोटी बनाएस। लूत क बनावा भवा भोजन सरगदूत खाएन। 4 उ संझा क सोवइ क टेम स पहिले ही उ सबइ मँ स सदोम क जवान अउर बूढ़े दुइनउँ मनइयन लूत क घरे आएन। सदोम क मनइयन लूत क घर घेरि लिहन अउ पूछेन। 5 उ पचे कहेन, “आज राति क जउन लोग तोहरे लगे आएन, उ सब दुइनउँ मनई कहा बाटेन? उ मनइयन क बाहेर हमका दइ द्या। हम ओनके संग संभोग करइ चाहत ह।” 6 लूत बाहेर निकरा अउ आपन पाछे स दरवाजा बंद कइ दिहस। 7 लूत मनइयन स कहेस, “नाही मोर भाई लोगो, मइँ बिनती करत हउँ कि आप इ बुरा कर्म न करइँ। 8 लखा, मोरे दुइ बिटिया अहइँ, उ सबइ ऍकरे पहिले कउनो मनई क संग नाही सोई अहइँ। मइँ आपन बिटियन क तू मनइयन क दइ देत अहउँ। तू लोग ओनके संग जउन चाहा कइ सकत ह। मुला इ मनइयन क संग कछू न करा। इ सब लोग हमरे घरे आवा अहइँ अउर मइँ ऍनकइ रच्छा जरुर करब।” 9 घरे क चारिहु कइँती क मनइयन जवाब दिहन, “राहे स हटि जा।” तब मनइयन आपन मने मँ बिचार किहन, “इ मनई लूत हमरे सहर मँ मेहमान क रुप मँ आवा अहइ। अब इ सिखावइ चाहत ह कि हम पचे कैसे जिन्नगी गुजारइ चाही।” तब उ पचे लूत स कहेन, “हम पचे ओनसे भी जियादा बुरा तोरे संग करब।” ऍह बरे उ मनइयन लूत क घेरि क ओकरे निअरे आउब सुरु किहन। उ सबइ दरवाजा क तोड़िके खोलइ चाहत रहेन। 10 मुला लूत क संग क ठहरे भए मनइयन दरवाजा खोलेन अउ लूत क घरे क भीतर हीच लिहेन। तब उ पचे दरवाजा बंद कइ दिहन। 11 दुइनउँ मनइयन दरवाजे क बाहरे क मनइयन क आँधर कइ दिहन। इ तरह घरे मँ घुसरइ क जतन करइ वालन जवान अउ बुढ़या सबइ आँधर होइ गएन अउर दरवाजा न पाइ सकेन। 12 दुइनउँ मनइयन लूत स कहेन, “का इ सहर मँ अइसा कउनो मनई अहइउ जउन तोहरे परिवारे क बाटइ? का तोहार दामाद, तोहार बिटिया या दूसर कउनो तोहरे परिवारे क मनई अहइ? जदि कउनो दूसर इ सहर मँ तोहरे परिवार क बाटइ तउ तू अबहि सहर तजि देइ बरे कहि द्या। 13 हम पचे इ सहर क बर्बाद करब। यहोवा ओन सबहि बुराइयन क सुनि लिहे अहइ जउन इ सहर मँ अहइ। ऍह बरे यहोवा हम मनइयन क ऍका नास करइ बरे पठए अहइ।” 14 ऍह बरे लूत बाहेर गवा अउ आपन दूसर बिटियन स बियाह करइ वालन दामादन स बात किहेस। लूत कहेस, “हाली करा अउ इ सहर क तजि द्या।” यहोवा ऍका फउरन बर्बाद कइ देइ। मुला उ मनइयन समझोन कि लूत मजाक करत बाटइ। 15 दूसर दिन भिन्सारे भोर क टेम ही सरगदूत लूत स हाली करइ क कोसिस किहस। उ पचे कहेन, “लखा इ सहर क सजा मिली। ऍह बरे तू आपन मेहरारु अउ तोहरे संग जउन दुइ बिटियन जउन अबहि तलक अहइँ, ओनका लइके इ जगह तजि द्या। तबहि तू सहर क संग बर्बाद न होब्या।” 16 मुला लूत देर करइ लगा अउ सहर तजि देइ क उ हाली नाही किहेस। ऍह बरे सरगदूतन लूत, ओकर मेहरारु अउ ओकर दुइनउँ बिटियन क हाथ धइ लिहन, काहेकि ओन पइ यहोवा क द्या रहा। उ दुइनउँ लूत अउ ओकरे परिवार क सहर क बाहेर पहोंचाएन। लूत अउ ओकरे परिवार प यहोवा क कृपा रही। 17 ऍह बरे दुइनउँ लूत अउ ओकरे परिवार क सहर क बाहेर पहोंचाएइ दिहन। जब उ पचे बाहेर होइ गएन तउ ओनमाँ स एक कहेस, “आपन जिन्नगी बचावइ बरे पराइ जा। सहर कइँती घूमिके जिन लखा। इ घाटी मँ कउनो जगह जिन रूका। तब तलक परात रहा जब तलक पहाड़े मँ न जाइके पहोंचा। अगर तू अइसा नाही करत्या, तउ तू सहर क संग नस्ट होइ जाब्या।” 18 तब लूत दुइनउँ स कहेस, “श्रीमान लोगो, कृपा कइके ऍतना दूर दौड़इ बरे बेबस जिन करा। 19 आप लोग मो सेवक प ऍतनी कृपा किहा ह। आप लोग मोका बचावइ क कृपा किहा ह। मुला मइँ पहाड़ी ताईं नाही दौड़ि सकत हउँ। अगर मइँ जरुरत स जियादा धीमे धीमे दौड़उँ तउ कछू बुरा होइ अउ मइँ मारा जाब। 20 मुला लखइँ हिआँ निअरे एक बहोत छोटा सहर बाटइ। हम पचन क उ सहर तलक दौड़इ द्या। तब हमार जिन्नगी बचि जाइ।” 21 सरगदूत लूत स कहेस, “ठीक बाटइ, मइँ तोहका अइसा ही करइ देब। मइँ उ सहर क नास नाहीं करब जेहमाँ तू जात अहा। 22 मुला हुआँ तलक तेज दउड़ा। मइँ तब तलक सदोम क बर्बाद नाही करब जब तलक तू उ सहर मँ सुरच्छित नाही पहोंच जात्या।” (इ सहर क नाउँ सोअर अहइ काहेकी इ छोट अहइ।) 23 जब लूत सोअर मँ घुसत रहा, भिन्सारे क सूरज चमकइ लाग 24 अउऱ यहोवा सदोम अउ अमोरा क बर्बाद करब सुरु कइ दिहस। यहोवा आगी अउ बरत भवा गन्धक क अकासे स खाले बरसाएस। 25 इ तरह यहोवा उ सहरन क अउर समूची घाटी क बर्बाद कइ दिहस अउ सबहि जिअत मनइयन अउ सबहि पेड़-पौधन क बर्बाद कइ दिहस। 26 जब उ पचे परात रहेन, तउ लूत क मेहरारु घूमिके सहर क निहारेस। जब उ घूमिके लखेस तब उ एक नोन क भीटा होइ गइ। 27 उहइ दिना बहोत तड़के इब्राहीम उठा अउ उ ठउरे प गवा जहा उ यहोवा क समन्वा ठाड़ होत रहा। 28 इब्राहीम सदोम अउ अमोर सहरन कइँती निगाह दौड़ाएस। इब्राहीम उ घाटी क समूची भुइँया कइँती लखेस। इब्राहीम उ पहटा स उठत भए घना धुआँ क लखेस। बड़ी खौफनाक आगी स उठत धुआँ क तरह उ देखाइ पड़ा। 29 परमेस्सर घाटी क सहरन क नास कइ दिहस। परमेस्सर इब्राहीम क याद किहस अउर लूत क नास नाहीं किहेस। जब उ ओन सहरन क नास किहेस जेहमा लूत रहत रहेन। 30 लूत सोअर मँ लगातार रहइ स डोरान। ऍह बरे उ अउ ओकर दुइनउँ बिटियन पहाड़न मँ गएन अउर उ हुवँइ रहइ लगेन। उ पचे हुवाँ एक गुफा मँ रहत रहेन। 31 एक दिना बड़की बिटिया छोटकी बिटिया स कहेस, “भुइँया प चारिहु कइँती मनसेधू अउ मेहरारु बियाह करत हीं। मुला हिआँ आसपास कउनो मनसेधू नाहीं जेहसे हम बियाह करी। हम पचन क पिता बुढ़ाइ ग बाटेन। 32 ऍह बरे हम पचे आपन पिता का प्रयोग लरिकन क जन्म देइ बरे करी जेसे हम लोगन क बंस चलि सकइ। हम लोग आपन पिता क लगे चलब अउ अंगूरे क दाखरस पिआउब अउ ओका नसा मँ बुत्त कइ देब। तब हम ओकरे संग सोइ सकित ह।” 33 उहइ राति दुइँनउँ बिटियन आपन पित क लगे गइन अउ ओका उ पचे दाखरस पिआइके नसा मँ बुत्त कइ दिहन। तब बड़की बिटिया पिता क बिछउना मँ गइ अउ ओकरे संग सोइ गइ। लूत जियादा नसा मँ बुत्त रहा। ऍह बरे इ न जानि सका कि ओकरे संग कउन सोएस। 34 दूसर दिन बड़की बिटिया छोटकी बिटिया स कहेस, “पिछली राति मइँ आपन पिता क संग सोएउँ। आवा इ रात फुन हम ओका दाखरस पिआइके नसा मँ बुत्त कइ देइ। तब तू ओकरे बिछउना मँ जाइ सकत ह अउर ओकरे संग सोइ सकत ह। इ तरह हम पचन क आपन पिता क प्रयोग लरिकन क जन्म दइके आपन बंस चलावइ बरे करइ चाही” 35 ऍह बरे उ दुइनउँ बिटियन आपन पिता क दाखरस पिआइके नसा मँ बुत्त कइ दिहन। तब छोटकी बिटिया ओकरे बिछउना मँ ओलरी अउ ओकरे संग सोएस। लूत इ दाईं भी न जानि सका कि ओकर बिटिया ओकरे संग सोएस। 36 इ तरह लूत क दुइनउँ बिटिया गर्भ धारण किहेन। ओनका पिता ही ओनके लरिकन क पिता रहा। 37 बड़की बिटिया एक पूत क जन्म दिहस। इ बेटवा क नाउँ मोआब धरेस। मोआब ओन सबहि मोआबी लोगन क पिता रहा, जउन अब तलक रहत अहइँ। 38 छोटकी बिटिया भी एक पूत जन्मेस। इ आपन पूत क नाउँ बेनम्मी धरेस। बेनम्मी ओन सबहि अम्मोनी लोगन क पिता अहइ जउन अब तलक रहत बाटेन।

Genesis 20

1 इब्राहीम उ ठउरे क तजि दिहस और नेगेव क जात्रा किहेस। इब्राहीम कादेस अउ सूर क बीच गरार मँ बस गवा। 2 गरार मँ इब्राहीम मनइयन स कहेस कि सारा मोर बहिन अहइ। गरार क राजा अबीमेलक इ बात सुनेस। अबीमेलेक क सारा चाहत रहा ऍह बरे उ कछू नउकर ओका लावइ बरे पठएस। 3 मुला एक रात परमेस्सर अबीमेलेक स सपन मँ बात किहस। परमेस्सर कहेस, “देखा, तू मरि जाब्या जउने मेहरारु क तू लिहा ह उ सोहागिन अहइ।” 4 मुला अबीमेलेक अबहि सारा क संग नाही सोवा रहा। ऍह बरे अबीमेलेक कहेस, “हे यहोवा, मइँ दोखी नाही अहउँ। का तू बेदोखी मनई क मरब्या? 5 इब्राहीम मोसे खुद कहेस, ‘इ मेहरारु मोर बहिन अहइ’ अउ मेहरारु भी कहेस, ‘इ मनई मोर भाई अहइ’ मइँ बेदोखी अहउँ। मइँ नाही जानत रहेउँ कि मइँ का करत हउँ?” 6 तब परमेस्सर अबीमेलेक स सपन मँ कहेस, “हा, मइँ जानत हउँ कि तू निर्दोख अहा अउर मइँ इ भी जानत हउँ कि तू इ नाही जानत रह्या कि तू का करत रह्या? मइँ तोहका बचाएँउ। मइँ तोहका आपन खिलाफ पाप नाही करइ दिहेउँ। इ मइँ ही रहेउँ जउन तोहका ओकरे संग सोवइ नाही दिहेउँ। 7 ऍह बरे इब्राहीम क ओकर मेहरारु लौटाइ द्या। इब्राहीम एक ठु नबी बाटइ। उ तोहरे बरे पराथना करी अउर तू जिअत रहब्या मुला जदि तू सारा क नाही लौटउब्या तउ मइँ सरापत हउँ कि तू मरि जाब्या। तोहार सारा परिवार तोहरे संग मरि जाइ।” 8 ऍह बरे दूसर दिन बहोत भिंसारे अबीमेलेक आपन सबइ नउकरन क बोलाएस। अबीमेलेक सपने मँ भइ सारी बातन क ओनका बताएस। नउकर बहोतइ डेराइ गवा। 9 तब अबीमेलेक इब्राहीम क बोलाएस अउ ओसे कहेस, “तू हम पचन क संग अइसा काहे किहा? मइँ तोहार का बिगाड़ेउँ ह? तू इ झूठ काहे बोल्या कि उ तोहार बहिन अहइ। तू हमरे राज्ज प बहोत बड़ी बिपत्ति लइ आवा ह। इ बात तोहका मोरे संग नाही करइ चाही। 10 तू कउने बात स डेरात अहा? तू इ सबइ बातन मोरे संग काहे किहा ह” 11 तब इब्राहीम कहेस, “मइँ ससान रहेउँ। काहेकि मइँ सोचेउँ कि हिआँ कउनो भी परमेस्सर क आदर नाही करत। मइँ बिचारेउँ कि सारा क पावइ बरे कउनो मोका मारि डाइ। 12 उ मोर मेहरारु अहइ, मुला उ मोर बहिन भी अहइ। उ मोरे पिता क बिटिया तउ अहइ मुला मोरी महतारी क बिटिया नाहीं अहइ, 13 परमेस्सर मोका मोरे पिता क घरे स दूर पहोंचाए अहइ। परमेस्सर कइयऊ अलग अलग पहटा मँ मोका भटकाएस। जब अइसा भवा तउ मइँ सारा स कहेउँ. ‘मोरे बरे कछू करा। जहा कहु भी हम जाइ तू मनइयन स कहा कि तू मोर बहिन अहा।” 14 अब अबीमेलेक जान लिहेस कि का होइ चुका बाटइ। ऍह बरे अबीमेलेक इब्राहीम क सारा लौटाइ दिहस। अबीमेलेक इब्राहीम क कछू भेड़िन, जनावर अउ दास भी दिहस। 15 अबीमेलेक कहेस, “तू चारिहु कइँती लखि ल्या। इ मोर देस अहइ। तू जउने ठउर चाहा, रहि सकत ह।” 16 अबीमेलेक सारा स कहेस, “लखा, मइँ तोहरे भाई क एख हजार चाँदी क टूक दिहेउँ ह। मइँ इ ऍह बरे किहेउँ ह कि जउन कछू भवा ओहसे मइँ दुःखी अहउँ। मइँ चाहत हउँ कि हर एक मनई इ लखड़ कि मइँ नीक काम किहेउँ ह।” 17 परमेस्सर अबीमेलेक क ओकर पत्नी क अउर ओकर मेहरारु नउकरन क लरिका जन्मइ क अयोग्ग बनाएस। परमेस्सर उ ऍह बरे किहस कि उ इब्राहीम क मेहरारु सारा क बइठाइ लिहे रहा। मुला इब्राहीम परमेस्सर स पराथना किहस अउ परमेस्सर अबीमेलेक, ओकर मेहररुअन अउ दास-कन्या क चंगा कइ दिहस। 18

Genesis 21

1 अब यहोवा सारा लगे आएन काहेकि उ कहेस रहा, अउर उ सारा बरे उहइ किहेस जउन उ करइ क वादा किहे रहा। 2 सारा गरभ धरेस अउर इब्राहीम बरे ओकर बुढ़ापे मँ एक लरिका क जन्मेस। सही टेम प जइसा परमेस्सर वचन दिहे रहा वइसा ही भवा। 3 सारा पूत जन्मेस अउ इब्राहीम ओकर नाउँ इसहाक राखेस। 4 परमेस्सर क हुकुम क मुताबिक इब्राहीम आठ दिन होए प इसहाक क खतना किहस। 5 इब्राहीम सौ बरिस क रहा जब ओकर पूत इसहाक पइदा भवा 6 अउ सारा कहेस, “परमेस्सर मोका सुखी बनाइ दिहस ह। हर एक मनई जउन बारे मँ सुनी उ मोहसे खुस होइ। 7 कउनो भी इ नाही सोचत कि मइँ सारा इब्राहीम बरे पूत देबउँ। मुला मइँ इब्राहीम क ओकरे बुढ़ापे क उमर मँ एक ठु पूत दिहेउँ ह।” 8 अब बचवा ऍतना बाढ़ गवा कि महतारी क दूध तजिके ठोस भोजन सुरु करइ। जउने दिन ओकर दूध छोड़वावा गवा उ दिन इब्राहीम एक बहोत बड़का भोज दिहस। 9 बीते भए टेम मँ मिस्र क दासी एक ठु पूत क जन्मेस। इब्राहीम उ पूत क बाप रहा। सारा लखेस कि हाजिरा क पूत इसहाक क तंग करत ह। 10 ऍह बरे सारा इब्राहीम स कहेस, “उ दासी मेहरारु अउ ओकरे पूत क हिआँ पठइ द्या। जब हम पचे मरब हम पचन क सबहिं चिजियन इसहाक क मिलिही। मइँ नाहीं चाहत कि ओकर पूत इसहाक क संग ओन चिजियन मँ हीसा लेइ।” 11 इस्माएल क बरे इ कीन्ह जाना एका सोच इब्राहीम क बहोत ज्यादा दुःखी कइ दिहन। 12 मुला परमेस्सर इब्राहीम स कहेस, “उ लड़का क बारे मँ दुःखी जिन ह्?वा। उ दासी क बारे मँ दुःखी जिन ह्?वा। जउन सारा चाहत ह तू उहइ करा। तोहार बंस इसहाक क बंस स चली। 13 मुला मइँ तोहरे दासन क पूतन क असीसब। उ तोहार पूत अहइ ऍह बरे मइँ ओकरे परिवार क भी एक बड़ा रास्ट्र बनाउब।” 14 दूसर दिन बहोत भिन्सारे इब्राहीम कछू भोजन अउ पानी लिहस। इब्राहीम इ चीजन हाजिरा क दइ दिहस। हाजिरा उ सबहि चीजन क लिहस अउ बच्चा क संग दूर चली गइ। हाजिरा उ ठउर तजि दिहस अउर उ बेर्सोबा क रेगिस्तान मँ भटकइ लाग। 15 कछू टेम पाछे हाजिरा क सारा पानी खतम होइ गवा। पिअइ बरे कछू पानी भी नाहीं बचा। ऍह बरे हाजिरा आपन लरिका क एक झाड़ी तरे राखेस। 16 हाजिरा हुआँ स कछू दूर गइ। तब उ रुकी अउ बइठि गइ। हाजिरा सोचेस कि ओकर पूत मरि जाइ काहेकि हुआँ पानी नाहीं रहा। उ ओका मरता भवा नाहीं देखइ चाहत रही। उ हुआँ बइठि गइ अउ रोवइ लग। 17 यहोवा लरिका क रोउब सुनेस। सरग स एक दूत हाजिरा क लगे आवा। उ पूछेस, “हाजिरा, तोहका का तकलीफ अहइ। डेराउ नाही काहेकि परमेस्सर हुवाँ लरिका क रोउब सुन लिहेस। 18 जा, अउर आपन पूत क सँभारा। ओकर हाथ धइ ल्या अउ ओका संग लइ चला। मइँ ओका बहोत बड़का रास्ट्र क पिता बनाउब।” 19 परमेस्सर हाजिरा क आँखी इ तरह खोलेस कि उ एक पानी क कुआँ निहारि सकी। ऍह बरे हाजिरा कुआँ प गइ अउ उ थैला क पानी स भरि लिहस, तब उ बच्चा क पानी पिअइ बरे दिहस। 20 बच्चा जब तक बाढ़ा नाही तब तलक परमेस्सर ओकरे संग रहा। इस्माएल रेगिस्तान मँ रहा अउ एक सिकारी बन गवा। उ बहोत बढ़िया तीर चलाउब सीख लिहस। 21 ओकर महतारी मिस्र स ओकरे बरे दुल्हन लइ आइ। उ पचे सबइ पारान रेगिस्तान मँ रहइ लागेन। 22 तब अबीमेलेक अउ पीकोल इब्राहीम स बात किहन। पीकोल अबीमेलेक क फउज क सेनापति रहा। उ पचे इब्राहीम स कहेन, “तू जउन कछू करत अहा, परमेस्सर तोहार साथ देत ह। 23 ऍह बरे तू परमेस्सर क समन्वा इ बचन द्या कि तू मोरे अउ मोरे बच्चन बरे भला रहब्या। तू इ बचन द्या कि तू मोरे बरे अउ जहा तू रह्या ह उ देस बरे दयालु रहब्या। तू इ भी बचन द्या कि मइँ तोहरे बरे जेतॅना दयालु रहा ओतॅना तू मोहे प दयालु रहब्या।” 24 इब्राहीम कहेस, “मइँ बचन देत हउँ कि तोहसे मइँ बइसा ही बिउहार करब जइसा तू मोरे संग बिउहार किया ह।” 25 तब इब्राहीम अबीमेलेक क ओराहना दिहस। इब्राहीम ऍह बरे ओराहना दिहस कि अबीमेलेक क नउकरन पानी क कुआँ प कब्जा कइ लिहन। 26 अबीमेलेक कहेस, “ऍकरे बारे मँ मइँ इ बहिली बार सुनेउँ ह। मोका पता नाहीं बाटइ, कि इ के किहेस ह अउर तू भी ऍकर चर्चा मोहसे ऍहसे पहिले कबहु नाहीं किह्या।” 27 ऍह बरे इब्राहीम अउ अबीमेलेक एक समझौता किहन। इब्राहीम समझौता क सबूत क रुप मँ अबीमेलेक क कछू भेड़िन अउ गोरु दिहस। 28 इब्राहीम सात ठु मादा भेड़ी क बच्चा भी अबीमेलेक क समन्वा लावा। 29 अबीमेलेक इब्राहीम स पूछेस, “तू इ सबइ सात ठु भेड़ी क मादा बच्चन क काहे अलगाइ कइ दिह्?या?” 30 इब्राहीम कहेस, “जब तू इ सातहुभेड़ी क बच्चन स मोहसे लेब्या तउ इ सबूत रही कि इनारा मइ खनेउँ ह।” 31 ऍह बरे ऍकरे पाछे उ इनारा बेर्सैबा कहवावा गवा। उ पचे इनारा क इ नाउँ दिहन काहेकि इ उ ठउर रहा जहाँ उ पचे एक दूसर क बचन दिहे रहेन। 32 इ तरह इब्राहीम अउ अबीमेलेक बेर्सेबा मँ एक समझौता किहन। तब अबीमेलेक अउ सेनापति दुइनउँ पलिस्तियन क पहँटा मँ लौटि गएन। 33 इब्राहीम बेर्सेबा मँ झाऊ क एक बृच्छ लगाएस। उ ठउरे प इब्राहीम परमेस्सर, जउन हमेसा रहत ह स पराथना किहस। 34अउर इब्राहीम पलिस्तियन क देस मँ बहोत समइ तलक रहा। 34

Genesis 22

1 इ बातन क पाछे परमेस्सर इब्राहीम क पतियाइ क परीच्छा लेब तय किहस। परमेस्सर ओसे कहेस, “इब्राहीम!” अउ इब्राहीम कहेस, “हाँ!” 2 परमेस्सर कहेस, “आपन पूत ल्या, आप इकलौता पूत, इसहाक जेका तू पिरेम करत ह मोरिय्याह प जा। तू उ पहाड़े प जा जेका मइँ तोहका देखॅाउब। तू हुआँ आपन पूत क बलिदान देब्या अउ ओका होम बलि क सरुप मँ मोका अर्पण करिब्या।” 3 भिन्सारे इब्राहीम उठा अउ उ गदहा क तइयार किहस। इब्राहीम इसहाक अउ दुइ नउकरन क संग लिहस। इब्राहीम बलि बरे काठ काटिके तइयार किहस। तब उ पचे उ ठउरे प गएन जहा जाइ बरे परमेस्सर कहेस। 4 उ पचे तीन दिना तलक जात्रा किहेन। ओकरे पाछे इब्राहीम ऊपर लखेस अउ दूरी प उ ठउरे क निहारेस जहा उ पचे जात रहेन। 5 तब इब्राहीम आपन नउकरन स कहेस, “हिआँ गदहा क संग ठहरि जा। मइँ आपन पूत क उ ठउरे लइ जाब अउ आराधना करब। तब हम पाछे लौटि आउब।” 6 इब्राहीम बलि बरे लकड़ी क आपन पूत क काँधे प धरेस। इब्राहीम एक खास छुरी अउ आगी लिहस। तब इब्राहीम अउ ओकर पूत दुइनउँ आराधना बरे उ ठउरे प एक संग गएन। 7 इसहाक आपन बाप इब्राहीम स कहेस, “पिताजी!”इब्राहीम जवाब दिहस, “हाँ, बेटवा।” इसहाक कहेस, “मइँ ईंधन अउ आगी तउ लखत हउँ, मुला उ भेड़ा कहा बाटइ जेका हम बलि क रुप मँ बारब?” 8 इब्राहीम जवाब दिहस, “बेटवा, परमेस्सर बलि बरे भेड़ा आपने आप जुटावत बाटइ।”इ तरह इब्राहीम अउ ओकर पूत उ ठउर संग संग गएन। 9 उ पचे उ ठउरे प पहोंचेन जहाँ परमेस्सर पहोंचइ क कहे रहा। हुआँ इब्राहीम बलि क एक वेदी बनाएस। इब्राहीम वेदी प काठ धरेस। तब इब्राहीम आपन पूत क बाँधेस। इब्राहीम इसहाक क वेदी क काठे प धरेस। 10 तब इब्राहीम आपन छुरी निकारेस अउ आपन पूत क मारइ क तइयारी किहस। 11 तब यहोवा क सरगदूत इब्राहीम क रोक दिहस। दूत सरग स गोहराएस अउ कहेस, “इब्राहीम, इब्राहीम।” इब्राहीम जवाब दिहेस, “हाँ।” 12 सरगदूत कहेस, “तू आपन पूत क जिन मारा या ओका कउनो तरह क चोट जिन पहोंचावा। मइँ अब लखि लिहउँ कि तू परमेस्सर क सम्मान करत ह अउ ओकर हुकुम मानत ह। मइँ लखत हउँ कि तू आपन इकलौता पूत क मोरे बरे मारइ क तइयार बाट्या।” 13 इब्राहीम ऊपर निगह किहेस अउ एक भेड़ा क लखेस। भेड़ा क सींगन झाड़ी मँ अरझ गइ रहिन। ऍह बरे इब्राहीम हुआँ गवा अउर भेड़ा क धइ लिहस अउ ओका मारि डाएस। इब्राहीम भेड़ा क आपन पूत क जगह प बलि दिहस। 14 ऍह बरे इब्राहीम उ जगह क नाउँ “यहोवा यिरे” राखेस। आज भी लोग कहत हीं, “इ पहाड़े क चोटी प यहोवा क लखा जाइ सकत ह।” 15 यहोवा क सरगदूत सरग स इब्राहीम क दूसरी दाईं गोहराएस। 16 सरगदूत कहेस, “तू मोरे बरे आपन पूत क मारइ बरे तइयार रह्या। इ तोहार इकलौता पूत रहा। तू मोरे बरे अइसा किहा ह ऍह बरे मइँ, यहोवा तोहका वचन देत अहउँ कि 17 मइँ तोहका सचमुच ही असीसब। मइँ तोहका ओतना ही संतानन देब जेतना अकासे मँ तारा बाटइँ। इ सबइ ऍतना जियादा लोग होइहीं जेतना समुद्दर क किनारे बालू क कण अउ तोहार लोग आपन सबहि दुस्मनन क हरइहीं। 18 संसार क सबहि रास्ट्र तोहरे परिवार क जरिये आसीर्बाद पइही। मइँ इ ऍह बरे करब काहेकि तू मोर हुकुम क मान्या ह।” 19 तब इब्राहीम आपन नउकरन क लगे लउटा। उ पचे बेर्सेबा तलक वापसी जात्रा किहन अउ इब्राहीम हुअँइ रहइ लाग। 20 एकरे पाछे, इब्राहीम क इ समाचार मिला। समाचार इ रहा, “तोहार भाई नाहोर अउ ओकर मेहरारु मिल्का क अब गदेलन अहइँ। 21 पहिला पूत ऊस अहइ। दूसर पूत क नाउँ बूज अहइ। तीसर पूत अराम क बाप कमूएल अहइ। 22 एकरे अलावा, केसेद, हजो, पिल्दास, यिदलाप अउ बतूएल बाटइ।” 23 बतूएल रिबका क बाप रहा। मिल्का इ सबइ आठहु पूतन क महतारी रही अउ नाहोर पिता रहा। नाहोर इब्राहीम क भाई रहा। 24 नाहोर क दूसर चारि लरिकन ओकरी मेहरारु नउकर स रहेन। इ सबइ पूत तेबह, गहम, तहस अउर माका रहेन।

Genesis 23

1 सारा एक सौ सत्ताईस बरिस जिअत रही। 2 कनान पहटा क किर्यतर्बा (हेब्रोन) सहर मँ मरी। इब्राहीम बहोत दुःखी भवा अउ ओकरे बरे हुआँ रोएस। 3 तब इब्राहीम मरी भइ मेहरारु क तजेस अउ हित्ती लोगन स बात करइ गवा। उ कहेस, 4 “मइँ इ पहटा मँ नाहीं रहत। मइँ हिआँ सिरिफ एक राही अहउँ। ऍह बरे मोरे लगे आपन मेहरारु क गाड़इ क कउनो जगह नाहीं बाटइ। मइँ कछू भुइँया चाहत हउँ जेहमाँ आपन मेहरारु क दफनाइ सकूँ।” 5 हित्ती लोगन इब्राहीम क जवाब दिहेन, 6 “साहेब, आप हम पचन क बीच परमेस्सर क सकतीसाली राजकुमार अहइँ। आप आपन मरे भए क दफनावइ बरे सबन त नीक ठउरे प, जउन हम पचन क पास अहइ, लइ सकत हीं। आप हम पचन क कब्रिसतानन मँ स कउनो भी जगह, जउन आप चाहत हीं, लइ सकत हीं। हम लोगन मँ स कउनो भी आपक आपन मेहरारु दफनावइ स नाही रोकी।” 7 इब्राहीम उठा अउ मनइयन कइँती मूँड़ि निहुराएस। 8 इब्राहीम ओनसे कहेस, “जदि आप लोग सचमुच मोर मरी भइ मेहरारु क दफनावइ मँ मोर मदद करइ चाहत हीं तउ सोहर क पूत एप्रोन स मोरे बरे बात करइँ। 9 मइँ मकपेला क गुफा क बसेहब पसन्द करब। एप्रोन एकर मालिक अहइ। इ ओकरे खेत क सिरहने प बाटइ। मइँ एकरे दाम क मुताबिक ओका पूरी कीमत देब। मइँ चाहत अहउँ कि आप लोग इ बात क साच्छी रहइँ कि मइँ इ भुइँया क कब्रिस्तान क रुप मँ खरीदत अहउँ।” 10 एप्रोन हुअँइ मनइयन बीच बइठा रहा। एप्रोन इब्राहीम क जवाब दिहस, 11 “नाही, साहेब। मइँ आपन सबइ लोगन क समन्वा इ भुइँया तोहका देब। मइँ आपक उ गुफा देब। मइँ इ आप क एँह बरे देब कि आप एहमाँ आपन मेहरारु क दफनाइ सकइँ।” 12 तब इब्राहीम हित्ती मनइयन क समन्वा आपन मूँड़ि निहुराएस। 13 इब्राहीम सबहिं लोगन क समन्वा एप्रोन स कहेस, “मुला मइँ तो खेते क पूरा दाम देइ चाहत अहउँ। मोर धन अंगीकार करइँ। मइँ आपन मरे भए क एहमाँ गाड़ब।” 14 एप्रोन इब्राहीम क जवाब दिहेस, 15 “साहेब, मोरहु सुनइँ। चार सौ चाँदी क सेकेल। हमरे अउ आप क बीच मँ इ धन कछू भी नाही। भुइँया ल्या अउ आपन मरी भइ मेहरारु क गाड़ द्या।” 16 इब्राहीम समझोस कि एप्रोन ओका भुइँया क दाम बतावत अहइ। ऍह बरे हित्ती लोगन क गवाह मानिके, इब्राहीम चाँदी क चार सौ सेकेल एप्रोन बरे तौलेस। इब्राहीम पइसा उ बइपारी क दइ दिहेस जउन इ भुइँया क बेचइ क धन्धा करत रहा। 17 इ तरह एप्रोन क खेत क मालिक बदल गएन। इ खेत मम्रे क पूरब मकपेला मँ रहा। इब्राहीम उ खेत क, गुफा क अउर खेत क बृच्छन क मालिक होइ गवा। सहर क सबहि लोग एप्रोन अउ इब्राहीम क बीच भए समझौता क लखेन। 18 19 ऍकरे पाछे उ आपन मेहरारु सारा क कनान देस क मम्रे क निअरे जउन कि हेब्रोन मँ अहइ मकफेला क निअरे उ खेते क गुफा मँ गाड़ेस। 20 इब्राहीम खेत अउ ओकरे गुफा क हित्ती लोगन स खरीदेस। इ ओकर संपत्ति होइ गइ, अउ उ ऍकर बइपरब कब्रिस्तान क रुप मँ किहस।

Genesis 24

1 इब्राहीम बहोत बूढ़ा होइके भी जिअत रहा। यहोवा इब्राहीम क आसीर्बाद दिहेस अउ ओकरे हर एक काम क सफल होइ दिहेस। 2 इब्राहीम क एक सबन त पुरान नउकर रहा जउन इब्राहीम क जउन कछू रहा ओकर प्रबंधक रहा। इब्राहीम उ नउकर क बोलाएस अउ कहेस, “आपन हाथ मोरे जाँघे क नीचे धरा। 3 अब मइँ चाहत हउँ कि तू मोका एक बचन द्या। धरती अउ आकास क परमेस्सर यहोवा क समन्वा तू बचन द्या कि तू कनान क कउनो बिटिया स मोरे पूत क बियाह नाही होइ देब्या। हम पचे उ कनानियन क मध्य मँ रहित ह, मुला कनानी लड़की स ओकर बियाह न करइ द्या। 4 तू मोरे देस अउ मोरे आपन मनइयन मँ लउटिके जा। हुआँ मोर पूत इसहाक बरे एक दुलहिन हेरा।” 5 नउकर ओसे कहेस, “इ तउ होइ सकत ह कि उ दुलहिन मोरे संग इ देस मँ लौटब न चाहइ। तब, का मइँ तोहरे पूत क तोहरी जन्म भुमि मँ लइ जाऊँ?” 6 इब्राहीम ओसे कहेस, “नाही! तू हमरे पूत क उ देस मँ न लइ जा। 7 यहोवा, सरग क परमेस्सर मोका मोरी जन्म भूमि स हिआँ लिआवा। उ देस मोर बाप अउ परिवार क घर रहा। मुला यहोवा इ बचन दिहस कि इ नवा प्रदेस मोरे परिवार वालन क होइ। यहोवा आपन एक सरगदूत तोहरे समन्वा पठएस जेहसे तू मोरे पूत बरे दुलहिन चुनि सका। 8 मुला अगर बिटिया तोहरे संग आउब मना करइ तउ तू आपन बचन स छुटकारा पाइ जाब्या। मुला तू मोरे पूत क उ देस मँ वापिस जिन लइ जा।” 9 इ तरह नउकर आपन मालिक क जाँघे तरे आपन हाथ धइके बचन दिहेस। 10 नउकर इब्राहीम क दस ठु ऊँट लिहेस अउ उ जगह स उ चला गवा। नउकर कइउ तरह क सुन्नर भेंट आपन संग लइ गवा। उ नाहोर क सहर मेसोपोटामिया गवा। 11 उ सहर क बाहर क कुआँ प गवा। इ बात साँझ क भइ जब मेहररुअन पानी भरइ बाहेर आवति ही। नउकर हुवँइ ऊँटन क गोड़े क घुटना क बल बइठाएस। 12 नउकर कहेस, “हे यहोवा, तू मोर सुआमी इब्राहीम क परमेस्सर अहा। आज तू ओकरे पूत बरे मोका एक दुलहिन दिआवा। कृपा कइके मोर मालिक इब्राहीम प दाया करा। 13 मइँ हिआँ इ पानी क कुआँ क लगे ठाड़ अहउँ अउर पानी भरइ बरे सहर स बिटियन आवति अहइँ। 14 मइँ एक ठु खास चीन्हा क बाट जोहत अहउँ जेहसे मइँ जान सकउँ कि इसहाक बरे कउन सी बिटिया नीक होइ। इ विसेख चीन्हा अहइ। मइँ बिटिया स कहब कि ‘मेहरबानी कइके आपन गगरी क खाले धरइँ जेहसे मइँ पानी पी सकउँ। मइँ तब समझब कि इ नीक लड़की अहइ जब उ कही, ‘पिआ, अउर मइँ तोहरे ऊँटन बरे भी पानी देब।’ जदि अइसा होइ तउ तू साबित कइ देब्या कि इसहाक बरे इ बिटियन नीक बाटइ। मइँ बूझब कि तू मोरे सुआमी प कृपा किह्?या ह।” 15 तब नउकर क पराथना पूरी होइ स पहिले ही रिबका नाउँ क एक लड़की इनारा प आइ। रिबका बतूएल क बिटिया रही। बतूएल इब्राहीम क भाई नाहोर अउ मिल्का क पूत रहा। रिबका आपन काँधे प पानी क गगरी लइके इनारा प आइ रही। 16 लड़की बहोत सुन्नर रही। उ कुआँरी रही। उ कउनो मनई क संग कबहु नाहीं सोइ रही। उ आपन कूँड़ा भरइ बरे इनारा प आइ। 17 तब नउकर ओकरे नगिचे तलक दौड़िके आवा अउ बोला, “मेहरबानी कइके आपन कूँड़ा स पिअइ बरे तनिक पानी द्या।” 18 रिबका हाली हाली काँधे स कूँड़ा क खाले उतारेस अउ ओका पानी पिआएस। रिबका कहेस, “महासय, इ पिअइँ।” 19 जइसेन ही उ पिअइ बरे कछु पानी देब खतम किहेस। रिबका कहेस, “मइँ आप क ऊँटयन क भी पानी पिअइ बरे दइ सकत हउँ।” 20 ऍह बरे रिबका फउरन कूँड़ा क सब पानी ऊँटयन बरे बना भवा हउदा मँ उड़ेरेस। तब उ अउर पानी लइ आवइ बरे इनारा क दौड़ गइ अउ उ सब ऊँटियन क पानी पिआएस। 21 नउकर ओका चुपचाप धियान स लखेस। उ इ तय करइ चाहत रहा कि यहोवा साइद इ बात क मान लिहेस ह अउ ओकरी जात्रा क सुफल बनाइ दिहस ह। 22 जब ऊँटियन पानी पी लिहन तब उ रिबका क आधा सेकेल जोखिके एक ठु सोना क मुनरी दिहेस। उ ओका दुइ बाजूबंद भी दिहेस जउन जोखे मँ हर एक दस सेकेल रहेन। 23 नउकर पूछेस, “तोहार बाप कउन अहइ? का तोहरे बाप क घरे मँ ऍतनी जगह बाटइ कि हम पचन क रहइ अउ सोवइ क सरंजाम होइ सकइ?” 24 रिबका जवाब दिहेस, “मोर बाप बतूएल अहइँ जउन मिल्का अउ नाहोर क पूत अहइँ।” 25 तब उ कहेस, “अउर हा हम पचन क लगे तोहरे ऊँट बरे चारा बाटइ अउ तोहरे सोवइ बरे जगह अहइ।” 26 नउकर मूँड़ि निहुराएस अउ यहोवा क आराधना किहेस। 27 नउकर कहेस, “मोरे सुआमी इब्राहीम क परमेस्सर यहोवा क धन्न हो। यहोवा हमरे सुआमी प दयालु अहइ। यहोवा मोका आपन सुआमी क पूत बरे सही लड़की दिहे अहइ।” 28 तब रिबका दौड़ी अउ जउन कछू भवा रहा आपन परिवार क बताएस। 29 रिबका क एक भाई रहा। ओकर नाउँ लाबान रहा। रिबका ओका उ बातन क बताएस जउन ओसे उ मनई किहे रहा। लाबान ओकर बातन अनकत रहा। जब लाबान मुनरी अउ बहिनी क बाँहे प बाजूबन्द निहारेस तउ उ धाइके इनारा प पहोंचा अउर हुआँ उ मनई इनारा क लगे, ऊँटियन क बगल मँ ठाड़ रहा। 30 31 लाबान कहेस, “साहेब, आप पधारइँ आप क सुआगत अहइ। आप क हिआँ बाहेर खड़ा नाही रहब बाटइ। मइँ आपक ऊँटियन बरे एक जगह बनइ दीन्ह ह अउ आप सोवइ बरे एक ठु कमरा ठीक कइ दीन्ह ह।” 32 ऍह बरे इब्राहीम क नउकर लाबन क घर गवा। लाबान ऊँटन पइ स बोझ उतारइ मँ ओकर मदद किहस अउ ऊँटन क खाइ बरे चारा दिहस। तब लाबान पानी दिहस जेहसे उ मनई अउ ओकरे संग आए भएन दूसर नउकरन आपन गोड़ पखारि सकइँ। 33 तब लाबान ओका खाइ बरे दिहस। मुला नउकर खइया क खइ स मना कइ दिहस। उ कहेस, “मइँ तब तलक भोजन न करब जब तलक मइँ इ नाही बताइ देउँ कि मइँ हिआँ काहे बरे आवा अहउँ।”ऍह बरे लाबान कहेस, “तब हम पचन क बतावा।” 34 नउकर कहेस, “मइँ इब्राहीम क नउकर अहउँ। 35 यहोवा हमरे सुआमी प हर एक जगह कृपा किहेस ह। मोर मालिक महान मनई होइ ग अहइँ। यहोवा इब्राहीम क कइउ भेड़िन क झुण्ड अउ गोरुअन क झुण्ड दिहे अहइ। इब्राहीम क लगे ढेरि क सोना, चाँदी अउ नउकर अहइँ। इब्राहीम क लगे बहोत स ऊँट अउ गदहा अहइँ। 36 सारा, मोर सुआमी क पत्नी अहइ। जब उ बहोतइ बुढ़ाइ गइ उ एक पूत क जन्म दिहेस अउ हमार सुआमी आपन सब कछू उ पूत क दइ दिहस ह। 37 मोर सुआमी मोका एक बचन देइ बरे बेबस किहस। मोर सुआमी मोसे कहेस, ‘तू मोरे पूत क कनान क लरिकी स कउनो भी तरह बियाह नाहीं करइ देब्या। हम पचे ओनके बीच रहित ह मुला मइँ नाहीं चाहित कि उ कउनो कनानी लरिकी स बियाह करइ। 38 ऍह बरे तोहका बचन देइ क होइ कि तू मोरे बाप क देस जाब्या। मोरे परिवार मँ जा अउ मोरे पूत बरे एक ठु दुलहिन चुना।’ 39 मइँ आपन सुआमी स कहेउँ, ‘इ होइ सकत ह कि उ दुलहिन मोरे संग इ देस मँ आवइ स इन्कार करेस।’ 40 मुला मोर मालिक कहेस, ‘मइँ यहोवा क सेवा करत हउँ अउ यहोवा तोहरे संग आपन सरगदूत पठई अउ तोहर मदद करी। तोहका हुआँ मोरे आपन लोगन मँ स मोरे पूत बरे एक दुलहिन मिली। 41 मुला जदि तू मोरे पिता क देस जात ह अउर उ पचे मोरे पूत बरे एक ठु दुलहिन देब मना करत हीं तउ तोहका इ बचन स छुटकारा मिलि जाइ।’ 42 “आजु मइँ इ इनारा प आवा हउँ अउर मइँ कहेउँ ह, ‘हे यहोवा मोर सुआमी क परमेस्सर कृपा कइके मोर जात्रा सुफल बनावा। 43 मइँ हिआँ इनारा क लगे रुकब अउ पानी भरइ बरे आवइ वाली नवखिल मेहरारु क जोहब। तब मइँ कहब, “कृपा कइके आप आपन कूँड़ा स पिअइ बरे पानी द्या।” 44 नीक बिटिया ही खास तरह स जवाब देइ। उ कही, “इ पानी पिआ अउ मइँ तोहरे ऊँटियन बरे पानी लावत अहउँ।” इ तरह मइँ जानब कि इ उहइ मेहरारु अहइ जेका यहोवा मोर सुआमी पूत बरे चुने अहइ।’ 45 “मोर पराथना पूरी होइ क पहिले ही रिबका इनारा प पानी भरइ आइ। पानी क कूँड़ा उ आपन काँधे प लइके धरे रही। उ इनारा तलक गइ अउ उ पानी भरेस। मइँ एहसे कहेउँ, “कृपा कइके मोका तनिक पानी द्या। 46 उ फउरन काँधे स कूँड़ा क निहुराएस अउ मोरे बरे पानी उड़ेरेस अउ कहेस, “इ पिअइँ अउ मइँ आप क ऊँटियन बरे पानी लिआउब।’ ऍह बरे मइँ पानी पिएउँ अउ आपन ऊँटन क भी पानी पियाएउँ। 47 तब मइँ एहसे पूछेउँ, ‘तोहार पिता कउन अहइँ?’ इ जवाब दिहस, ‘मोर पिता बतूएल अहइ। मोरे पिता क महतारी-बाप मिल्का अउ नाहोर अहइँ।’ तब्बइ मइँ ऍका मुनरी अउ बाँहे बरे बाजूबन्द दिहेउँ ह। 48 उ टेम मइँ आपन मूँड़ी निहुराएउँ अउ यहोवा क धन्न कहेउँ। मइँ आपन सुआमी इब्राहीम क परमेस्सर यहोवा क प्रसंसा किहा। मइँ ओका धन्न कहेउँ काहेकि उ सोझेइ मोरे सुआमी क भाई क नतिनी तलक मोका पहोंचाएस। 49 अब बतावा कि तू का करब्या? का तू मोरे सुआमी प दयालु अउ स्वामिभकत होब्या अउ आपन बिटिया ओका देब्या? या तू आपन बिटिया देब मना करब्या? मोका बतावा, जेहसे, मइँ इ समुझ सकउँ कि मोका का करइ क बाटइ।” 50 तब लाबान अउ बतूएल जवाब दिहन, “हम पचे इ लखत अही कि इ यहोवा कइँती स बाटइ। ऍका हम सबइ टारि नाही सकित। 51 रिबका तोहार अहइ। ओका ल्या अउ जा। आपन सुआमी क पूत स एका बियाह करइ द्या। इहइ अहइ जेका यहोवा चाहत ह।” 52 इब्राहीम क नउकर सुनेस अउ उ यहोवा क समन्वा भुइँया प निहुरा। 53 तब उ रिबका क उ सबइ भेंट दिहस जउन उ संग लिआवा रहा। उ रिबका क सोना अउ चाँदी क गहना अउ बहोत स सुन्नर ओढ़ना दिहस। उ, ओकरे भाई अउ महतारी क कीमती भेंट दिहस। 54 नउकर अउ ओकरे संग क मनई हुआँ ठहरेन अउ खाएन अउर पिएन। उ पचे हुआँ राति भइ ठहरेन। उ पचे दूसर दिन भिन्सारे उठेन अउ बोलेन “अब हम आपन मालिक क लगे जाब।” 55 रिबका क महतारी अउ भाई कहेन, “रिबका क हम लोगन क लगे कछू दिन अउ ठहरइ द्या। ओका दस दिन तलक हमरे संग ठहरइ द्या। ऍकरे पाछे उ जाइ सकत ह।” 56 मुला नउकर ओनसे कहेस, “यहोवा मोर जात्रा सफल किहेस ह। अब मोसे जिन जोहावा। मोका आपन मालिक क लगे लौटि जाइ द्या।” 57 रिबका क भाई अउ महतारी कहेन, “हम पचे रिबका क बोलाउब अ ओसे पूछब कि उ का चाहत ह” 58 उ पचे रिबका क बोलाएन अउ ओसे कहेन, “का तू इ मनई क संग अबहि जाइ चाहत अहा?” रिबका कहेस, “हा, मइँ जाब!” 59 ऍह बरे उ पचे रिबका क इब्राहीम क नउकर अउ ओकरे संगी लोगन क साथे जाइ दिहन। रिबका क धाई भी ओनके संग गइ। 60 जब उ जाइ लाग अउ उ पचे रिबका स बोलेन,हमार बहिनी, तू लाखन मनइयन क महतारी बना अउ तोहार संतान आपन दुस्मनन क हरावइँ अउ ओनके सहरन क हड़प लेइँ।” 61 तब रिबका अउ धाई ऊँट प सवार भइन अउ नउकर अउ ओकरे संगी लोगन क पाछे चलइ लागिन। इ तरह नउकर रिबका क संग लिहस अउ घरे लउटइ बरे जात्रा सुरु किहस। 62 इ टेम इसहाक बेर लहैरोई क तजि दिहे रहा अउ नेगेव मँ रहइ लगा। 63 एक संझा क इसहाक मइदान मँ टहरत रहा। इसहाक नजर दउड़ाएस अउ बहोत दूर स ऊँटन क आवत लखेस। 64 रिबका लखेस अउ इसहाक क निहारेस। तब उ ऊँट स कूदि पड़ी। 65 उ नउकर स पूछेस, “हम मनइयन स मिलइ बरे खेतन मँ टहरत उ मनई कौन अहइ?”नउकर कहेस, “इ मोरे सुआमी क पूत अहइ।” ऍह बरे रिबका आपन मुँह क पर्दा मँ छिपाइ लिहस। 66 नउकर इसहाक क उ सबइ बातन क बताएस जउन घटि गइ रहिन। 67 तब इसहाक बिटिया क आपन महतारी क तम्बू मँ लिआवा। उहइ दिन रिबका इसहाक क मेहरारु होइ गइ। इसहाक ओसे बहोत पिआर करत रहा। ऍह बरे इसहाक क आपन महतारी क मउन क पाछे भी धीरज अउ दिलासा मिली।

Genesis 25

1 इब्राहीम फुन बियाह किहस। ओकर नई मेहरारु क नाउँ कतूरा रहा। 2 कतूरा जिम्रान, योच्छान, मिधान, मिदान यिसबाक अउ सूह क जन्म दिहेस। 3 योच्छान, सबा अउ ददान क बाप रहा। ददान क संतानन अस्सूर, लुम्मी अउ लतूसी लोग रहेन। 4 मिद्यान क पूत एपा, एपेर, हनोक, अबीदा अउ एल्दा रहेन। इ सबहि पूत इब्राहीम अउ कतूरा स पइदा भएन। 5 इब्राहीम मरइ स पहिले आपन मेहरारु नउकरन क पूतन क कछू भेंट दिहस। इब्राहीम पूतन क पूरब पठएस। उ ऍनका इसहाक स दूर पठएस। ऍकरे पाछे इब्राहीम आपन सबहि चीजन इसहाक क दइ दिहस। 6 7 इब्राहीम एक सौ पचहत्तर बरिस क उमर तलक जिअत रहा। 8 इब्राहीम धीमे धीमे दुबराइ गवा अउ संतुट्ठ जीवन बिताइ क पाछे चल बसा। उ ल्म्बी भरपूर जिन्नगी बिताएस अउर ओका दफना दीन्ह गवा रहा। 9 ओकर पूत इसहाक अउ इस्माएल ओका मकपेला क गुफा मँ दफनाएन। इ गुफा सोहर क पूतन एप्रोन क खेते मँ अहइ। इ मम्रे क पूरब मँ रही। 10 इ उहइ गुफा अहइ जेका इब्राहीम हित्ती लोगन स बेसहे रहा। इब्राहीम क ओकर मेहरारु सारा क संग गाड़ा गवा। 11 इब्राहीम क मरइ क पाछे परमेस्सर इसहाक प कृपा किहेस अउ इसहाक बेर लहैरोई मँ रहत रहा। 12 इस्माएल क परिवार क इ सूची अहइ। इस्माएल इब्राहीम अउ हाजिरा क पूत रहा। (हाजिरा सारा क मिस्र देस क दासी रही।) 13 इस्माएल क पूतन क इ सबइ नाउँ अहइँ पहिला पूत नबायोत रहा, तब केदार पइदा भवा, तब अदबेल, मिबसाम. 14 मिस्मा, दूमा, मस्सा, 15 हदद, तेमा, यतूर, नापीस अउ केदमा भएन। 16 इ सबइ इस्माएल क पूतन क नाउँ रहेन। हर एक पूत क आपन गाँव या सिबिर रहेन। आपन कबील क उपचे बारह राजकुमार रहेन। 17 इस्माएल एक सौ सैंतीस बरिस जिअत रहा। तबहीं उ मर गवा अउ दफना दीन्ह गवा रहा। 18 इस्माएल क सन्तानन हवीला स लइके सूर क लगे मिस्र क चौहद्दी अउ ओसे भी आगे अस्सूर क किनारे तलक, बसे रहेन अउ आपन रस्तेदारन पइ हमला करत रहेन। 19 इ इसहाक क कहानी बाटइ। इब्राहीम क एक पूत इसहाक रहा। 20 जब इसहाक चालीस बरिस क रहा तब उ रिबका स बियाइ किहस। रिबका पद्दनराम क रहइवाली रही। उ अरामी बतूएल क बिटिया रही अउ लाबान क बहिन रही। 21 इसहाक क बसही बच्चा नाही पइदा कइ सकी। ऍह बरे इसहाक यहोवा स आपन मेहरारु बरे पराथना किहस। यहोवा इसहाक क बिनती सुनेस अउ यहोवा रिबका क गरभ धारण करइ दिहस। 22 जब रिबका गरभ धारण किहे रही तब ओकरे गर्भ मँ बच्चे एक दूसर क संग धवका धक्‌की करत रहेन। रिबका यहोवा स पराथना किहेस, अउ बोली, “मोरे संग अइसा काहे होत अहइ।” 23 यहोवा कहेस “तोहरे गर्भ मँ दुइ रास्ट्र अहइँ।दुइ परिवारन क राजा तोहसे पइदा होइहीं अउ उ पचे अलगाइ जइही। एक पूत दूसर स बलवान होइ। बड़का पूत छोटके पूत क सेवा करी” 24 अउर जब टेम पूरा भवा तउ रिबका जुड़ौधा लरिकन क जन्मेस। 25 पहिला लरिका लाल भवा। ओकर खाल रोवाँदार ओढ़ना क नाईं रही। ऍह बरे ओकर नाउँ एसाव पड़ा। 26 जब दूसर लरिका पइदा भवा, उ एसाव क एँड़ी क मजबूती स धरे रहा। ऍह बरे उ लरिका क नाउँ याकूब पड़ा। इसहाक क उमिर उ टेम साठ बरिस क रही। जब याकूब अउ एसाव पइदा भएन। 27 लरिकन बड़ा भएन। एसाव एक होसियार सिकारी भवा। उ मइदानन मँ रहब पसन्द करइ लाग। मुला याकूब सान्त रहा। उ आपन तम्बू मँ रहत रहा। 28 इसहाक एसाव क पिआर करत रहा। उ ओन जनावरन क खाब पसन्द करत रहा जेका एसाव मारि क लइ आवत रहा। मुला रिबका याकूब क पिआर करत रही। 29 एक दाईं एसाव सिकार स लउटा। उ भूख स थका अउ कमजोर होइ गवा रहा। याकूब कछू दाल पकावत रहा। 30 इ कारण एसाव याकूब स कहेस, “मइँ भूख स कमजोर होत अहउँ। तू उ लाल दाल मँ स कछू मोका द्या।” (इहइ कारण अहइ कि लोग ओका एदोम कहत हीं।) 31 मुला याकूब कहेस, “तोहका पहिलौठी होइ क आधिकार मोका आज बेचइ करइ क होइ।” 32 एसाव कहेस, “मइँ भूख स मरा जात अहउँ। अगर मइँ मरि जात अहउँ तउ मोरे बाप क सब धन मोर मदद नाही कर पाइ। ऍह बरे तोहका मइँ आपन हींसा देब।” 33 मुला याकूब कहेस, “पहिले बचन द्या कि तू इ मोका देब्या।” ऍह बरे एसाव याकूब क बचन दिहस। एसाव आपन पिता क धन क आपन हीसां याकूब क बेच दिहस। 34 तब याकूब एसाव क रोटी अउ भोजन दिहस। एसाव खाएस, पिएस अउ तब चला गवा। इ तरह एसाव इ देखॅाएस कि उ पहिलौटा होइ क आपन आधिकार क परवाह नाही किहेस।

Genesis 26

1 एक दाँई अकाल पड़ा। इ अकाल वइसा ही रहा जइसा इब्राहीम क टेम मँ पड़ा। ऍह बरे इसहाक गरार सहर मँ पलिस्तियन क राजा अबीमेलेक क लगे गवा। 2 यहोवा इसहाक स बात किहस। यहोवा इसहाक स इ कहेस, “मिस्र क जिन जा। उहइ देस मँ रहा जेहमाँ रहइ क हुकुम मइँ तोहका दिहेउँ ह। 3 उहइ देस मँ रहा अउर मइँ तोहरे संग रहब। मइँ तोहका आसीर्बाद देब। मइँ तोहका अउ तोहरे परिवार क उ सब पहटा देब। मइँ उहइ करब जउन मइँ तोहरे बाप इब्राहीम क बचन दिहेउँ ह। 4 मइँ तोहरे परिवार क आकास क तारा समूह क तरह बहोत स बनाउब अउर मइँ सारा पहटा तोहरे परिवारे क देब। धरती क सब रास्ट्र तोहरे सन्तानन क कारण मोर आसीर्बाद पाइ जइही। 5 मइँ इ ऍह बरे करब कि तोहार बाप मोर हुकुम क मानेस अउ मइँ जउन कछू कहेउँ, उ किहस। इब्राहीम मोरे हुकुमन, मोर कानूनन अउ मोरे नेमन क पालन किहस।” 6 इसहाक रुका अउ गरार मँ रहा। 7 इसहाक क मेहरारु रिबका बहोत सुन्नर रही। उ जगह क मनइयन इसहाक स रिबका क बारे मँ पूछेन। इसहाक कहेस, “इ मोर बहिन अहइ।” इसहाक इ कहइ स डेरान कि रिबका मोर मेहरारु अहइ। इसहाक डेरात रहा कि मनई ओकर मेहरारु क पावइ क ओका मारि डइही। 8 जब इसहाक हुआँ बहोत टेम तलक रहि चुका, तउ एक दिन अबीमेलेक आपन खिड़की स बाहेर झाँकेस अउ लखेस कि इसहाक, रिबका क संग हसी अउर खेल करत अहइ। 9 अबीमेलेक इसहाक क बोलाएस अउ कहेस, “इ मेहरारु तोहार पत्नी अहइ। तू हम पचन स इ काहे कह्?या कि इ मोर बहिन अहइ।”इसहाक ओसे कहेस, “मइँ डेरात रहेउँ कि तू ओका पावइ बरे मोका मारि डउब्या।” 10 अबीमेलेक कहेस, “तू हम पचन क बुरा किह्या ह। हम पचन क कउनो भी मनई तोहरे पत्नी क संग सोइ सकत रहा। तब उ बड़के पाप क दोखी होत।” 11 ऍह बरे अबीमेलेक सबहि मनइयन क चिताउनी दिहस। उ कहेस, “इ मनसेधू अउ इ मेहरारु क कउनो चोट नाही पहोंचाई। अगर कउनो ऍनका चोटपहोंचाइ तउ उ मनई जान स मारि दीन्ह जाइ।” 12 इसहाक उ भुइँया प खेती किहस अउ उ बरिस ओकरे बहोतइ फसिल भइ। यहोवा ओह प बहोतइ कृपा किहेस। 13 इसहाक धनी होइ गवा। उ जियादा स जियादा धन तब तलक बटोरत रहा जब तलक बहोत धनी नाही होइ गवा। 14 ओकरे लगे बहोत स झुण्ड अउ गोरुअन क झुण्ड रहेन। ओकरे लगे ढेर दास भी रहेन। सबहि पलिस्ती ओसे डाह राखत रहेन। 15 ऍह बरे पलिस्तियन ओन सबहि इनारन क बर्बाद कइ दिहन जेनका इसहाक क बाप इब्राहीम अउ ओकर साथी लोगन कइउ साल पहिले खने रहेन। पलिस्तियन ओनका माटी स पाट दिहन 16 अउर अबीमेलेक इसहाक स कहेस, “हमार देस तजि द्या। तू हम पचन स बहोत जियादा सकतीवाला होइ गवा अहा।” 17 ऍह बरे इसहाक उ जगह तजि दिहस अउ गरार क छोटी नदी क लगे पड़ाव डालेस। इसहाक हुवइ ठहरा अउ हुवँइ रहा। 18 एकरे बहोत पहिले इब्राहीम कइउ इनारा खने रहा। जब इब्राहीम मरा तउ पलिस्तियन माटी से इनारा पाटि दिहन। ऍह बरे हुवइ इसहाक लौटा अउ ओन इनारान क फुन खनेस। उ इनारा क उहइ नाउँ दिहेस जउन नाउँ ओकर पिता दिहे रहा। 19 इसहाक क नउकरन छोटी नदी क लगे एक इनारा खनेन। उ कुआँ स पानी क एक सोता फूट पड़ा। 20 तब गरार क गड़रिया लोग उ इनारा क कारण इसहाक क नउकरन स झगड़इ लागेन। उ पचे कहेन, “इ पानी हमार अहइ।” ऍह बरे इसहाक ओकर नाउँ एसेक राखेस। उ इ नाउँ ऍह बरे दिहस कि उहइ जगह प उ मनइयन ओसे झगड़ा किहे रहेन। 21 तब इसहाक क नउकरन दूसर इनारा खनेन। हुआँ क मनइयन उ इनारा बरे भी झगड़ेन। ऍह बरे इसहाक उ इनारा क नाउँ सित्ना राखेस। 22 इसहाक हुआँ स हटा अउ दूसर इनारा खनेस। उ इनारा बरे झगड़ा करइ कउनो नाही आवा। ऍह बरे इसहाक उ इनारा क नाउँ रहोबोत राखेस। इसहाक कहेस, “यहोवा हिआँ हमरे बरे जगह दियाएस ह। हम पचे प्रगति करब अउर बढ़ब अउ इहइ भुइँया पइ पूरी तरह सफल होइ जाब।” 23 उ जगह स इसहाक बेर्सेबा क गवा। 24 यहोवा उ रात इसहाक स बोला, “मइँ तोहरे पिता इब्राहीम क परमेस्सर अहउँ। जिन डेराअ। मइँ तोहरे संग अहउँ अउ मइँ तोहका आसीर्बाद देब। मइँ तोहरे परिवार क महान बनाउब। मइँ आपन सेवक इब्राहीम क कारण इ करब।” 25 ऍह बरे इसहाक उ जगह यहोवा क आराधना बरे एक वेदी बनाएस। इसहाक हुआँ पड़ाव डालेस अउ ओकर नउकर लोग एक इनारा खनेन। 26 अबीमेलेक गरार स इसहाक क लखइ आवा। अबीमेलेक आपन संग सलाहकार अहुज्जत अउ सेनापति पीकोल क लइ आवा। 27 इसहाक पूछेस, “तू मोका लखइ काहे आया ह तू एकरे पहिले मोरे संग दोस्ती नाहीं राखत रह्या। तू मोका आपन देस तजि देइ क बेबस किहा।” 28 उ पचे जवाब दिहन, “अब हम पचे जानित ह कि यहोवा तोहार संग अहइ। इ बरे हम चाहित ह कि हम पचे तोहरे संग एक समझौता करी। हम चाहित ह कि तू हमका एक बचन द्या। 29 हम पचे तोहका चोट नाहीं पहोंचावा, अब तू पचन क इ बचन देइ चाही कि तू हम लोगन क चोट नाही पहोंचउब्या। हम पचे तोहका पठवा ह। मुला हम पचे तोहका सान्ति स पठवा ह। अब इ बात साफ अहइ कि यहोवा तोहका आसीर्बाद दिहेस ह।” 30 ऍह बरे इसहाक ओनका दावत दिहस। सबहि खाएन अउ पिएन। 31 दूसर दिन भिन्सारे हर एक मनई बचन दिहस अउ किरिया खाएस। तब इसहाक ओनका सान्ति स बिदा किहस अउ उ पचे कुसल स ओकरे निचके स चला आएन। 32 उ दिना इसहाक क नउकर आएन अउ उ पचे आपन खना इनारा क बारे मँ बताएन। नउकरन कहेन, “हम पचे उ इनारा स पानी पिआ ह।” 33 ऍह बरे इसहाक ओकर नाउँ सिबा रखेस अउ उ सहर अबहि भी बेर्सेबा कहवावत ह। 34 जब एसाव चालीस बरिस क भवा उ हित्ती मेहररुअन स बियाह किहस। एक बेरी क बिटिया यहूदीत रही। दूसर एलोन क बिटिया बासमत रही। 35 इ सबइ बियाहे स इसहाक अउ रिबका क मन दुःखी भवा।

Genesis 27

1 जब इसहाक बुढ़ाइ वा तउ ओकर अँखियन नीक नाही रहिन। इसहाक साफ-साफ नाही लखि सकत रहा। एक दिन उ आपन बड़का पूत एसाव क बोलाएस। इसहाक कहेस, “बेटवा!”एसाव जवाब दिहस, “हाँ, पिताजी!” 2 इसहाक कहेस, “लखा, मइँ बुढाइ गवा अहउँ। होइ सकत ह कि मइँ हाली ही मरि जाउँ। 3 अब तू आपन तीरन अउ धनुख लइके, मोरे खातिर सिकार प जा। मोरे खाइ बरे एक ठु जनावर मारि लिआवा। 4 मोर मनचाहा खइया क बनावा। ओका मोरे लगे लिआवा, अउर मइँ एका खाब। तब मइँ मरइ स पहिले असीसब।” 5 ऍह बरे एसाव सिकार करइ गवा।रिबका उ सबइ बात सुनि लिहे रही, जउन इसहाक आपन पूत एसाव स कहेस। 6 रिबका आपन पूत याकूब स कहेस, “सुना, मइँ तोहरे बाप क, तोहरे भाई स बतियात सुनेउँ ह। 7 तोहार पिता कहेस, ‘मोरे खाइ बरे एक जनावर मारा। मोरे बरे भोजन बनावा, अउ मइँ ओका खाब। तब मइँ मरइ क पहिले तोहका आसीर्बाद देबा’ 8 ऍह बरे पूत सुना। मइँ जउन कहति अहउँ, करा। 9 आपन बोकरियान क बीच जा अउ दुइ नई बोकरी लिआवा। मइँ ओनका वइसा बनाउब जइसा तोहरे पिता क सोहाइ। 10 तबइ तू उ भोजन आपन पिता क लगे लइ जाब्या अउ उ मरइ क पहिले तोहका ही आसीर्बाद देइ।” 11 मुला याकूब आपन महतारी रिबका स कहेस, “मुला मोर भाई रोंवादार अहइ अउ मइँ ओकरी जगह रोवांदार नाहीं अहउँ। 12 जदि मोर बाप मोका छुअत ही, तउ जान लेइहीं कि मइँ एसाव नाही अहउँ। तब उ पचे मोका आसीर्बाद नाही देइहीं। उ पचे मोका सरापिही काहेकि मइँ ओनके संग छल-कपट करइ क जतन किहेउँ ह।” 13 यह पइ रिबका ओसे कहेस, “जदि कउनो परेसानी होइ तउ मइँ आपन दोख मान लेब। जउन मइँ कहति हउँ करा। जा, मोरे बरे बोकरियन लिआवा।” 14 याहूब ऍह बरे बाहेर गवा अउ उ दुइ बोकरियन क धरेस अउ आपन महतारी क लगे लइ आवा। ओकर महतारी इसहाक क पसंद क अनुसार विसेख तरीका स पकाएस। 15 तब रिबका उ पोसाक क उठाएस जउन ओकर बड़का पूत एसाव पहिरब पसंद करत रहा। रिबका आपन छोटका पूत याकूब क ओढ़ना पहिराइ दिहस। 16 रिबका बोकरियन क चाम क लिहस अउ याकूब क हाथे अउर गला प बाँध दिहस। 17 तब रिबका आपन पकावा भोजन उठाएस अउ ओका याकूब क दिहस। 18 याकूब पिता क लगे गवा अउ बोला, “पिता जी।”अउर ओकर पिता पूछेस, “हा पूत, तू कउन अहा?” 19 याकूब आपन पिता स कहेस, “मइँ आप क बड़का बेटवा एसाव अहउँ। आप जउन कहेन ह, मइँ कर दिहेउँ ह। अब आप बइठइँ अउ ओन जनावरन क खाइँ जेनकइ सिकार मइँ आप क बरे किहेउँ ह। तब आप मोका आसीर्बाद दइ सकत ही।” 20 मुला इसहाक आपन पूत स कहेस, “तू ऍतनी हाली सिकार कइके जनावरन क कइसे मार्‌या ह?”याकूब जवाब दिहस, “काहेकि आप क परमेस्सर यहोवा मोका हाली ही जनावरन क दियाइ दिहस।” 21 तब इसहाक याकूब स कहेस, “मोर पूत मोरे लगे आवा जेहसे मइँ तोहका छुइ सकउँ। जदि मइँ तोहका छुइ सकउँ तउ मइँ इ जान जाब कि तू असलियत मँ मोर पूत एसाव अहा।” 22 याकूब आपन बाप इसहाक क लगे गवा। इसहाक ओका छुएस अउ कहेस, “तोहार आवाज याकूब जइसी अहइ। मुला तोहार बाँहन एसाव क रोंवादार बाहन क नाईं अहइँ।” 23 इसहाक इ नाहीं जान पावा कि इ याकूब अहइ काहेकि ओकर बाँह एसाव क बाँह क नाईं रोंवादार रहिन। ऍह बरे इसहाक याकूब क असीसेस। 24 इसहाक कहेस, “का सचमुच तू मोर पूत एसाव अहा?” याकूब जवाब दिहस, “हाँ, मइँ अहउँ।” 25 तब इसहाक कहेस, “भोजन लिआवा। मइँ एका खाब अउ तोहका असीर्बाद देब।” ऍह बरे याकूब ओका भोजन दिहस अउ उ खाएस। याकूब ओका दाखरस दिहस, अउर उ ओका पिएस। 26 तब इसहाक ओसे कहेस, “पूत मोरे निचके आवा अउ मोका चूमा।” 27 ऍह बरे याकूब आपन बाप क लगे गवा अउ ओका चूमेस। इसहाक एसाव क ओढ़ना क गन्ध पाएस अउ ओका असीसेस।इसहाक कहेस, “अहा, मोर पूत क सुगन्ध यहोवा स बरदान पाइ गए खेतन क सुगन्धि क नाईं बाटइ। 28 यहोवा तोहका बहोत बर्ख देइ। जेसे तोहका बहोत फसिल अउ दाखरस मिलइ। 29 सब लोग तोहार सेवा करइँ। रास्ट्र तोहरे समन्वा निहुरइ। तू आपन भाई लोगन क ऊपर राज्ज करब्या। तोहरी महतारी क पूत तोहरे समन्वा निहुरिही अउ तोहार हुकुम मनिही।हर एक मनई जउन तोहका सरापी, सराप पाइ अउ हर एक मनई जउन तोहका आसीर्बाद देइ, आसीर्बाद पाइ।” 30 इसहाक याकूब क आसीर्बाद देब पूरा किहेस। तब जइसेन ही याकूब आपन बाप इसहाक क निचके स गवा, बइसेन ही एसाव सिकार कइके भीतर आवा। 31 एसाव आपन पिता क मनचाहा भोजन बनाएस। एसाव ऍका आपन पिता क निचके लिआवा। उ आपन पिता स कहेस, “पिता जी, उठइँ अउ उ भोजने क खाइँ जउन आपका पूत आप क बरे मारेस ह। तब आप मोका आसीर्बाद दइ सकत ही।” 32 मुला इसहाक ओसे कहेस, “तू कउन अहा?”उ जवाब दिहस, “मइँ आप क पहिलौठी पूत एसाव अहउँ।” 33 तब इसहाक बहोतइ परेसान होइ गवा अउ बोला, “तब तोहरे आवइ स पहिले उ कउन रहा? जउन भोजन बनाएस अउ मोरे संग लावा। मइँ उ सब खाएउँ अउ ओका आसीर्बाद दिहेउँ। अब आपन आसीर्बाद क लउटावइ क टेम निकरि गवा अहइ।” 34 एसाव आपन पिता क बात सुनेस। उ बहोतइ गुस्साइ गवा अउ करुआइ गवा। उ चिचियान। उ आपन बाप स कहेस, “पिताजी, तब मोका भी आसीर्बाद देइँ।” 35 इसहाक कहेस, “तोहार भाई मोका धोखा दिहेस। उ आवा अउ तोहार आसिर्बाद लइके गवा।” 36 एसाव कहेस, “ओकर नाउँ ही याकूब अहइ। इ नाउँ ओकरे बरे ठिक ही अहइ। ओकर इ नाउँ बिल्कुल ठीक ही रखा गवा अहइ। उ फुरइ चालबाज अहइ। उ मोका दुइ दाईं धोखा दिहेस। उ पहिलउठी होइ क मोरे आधिकार क लइ ही चुका बाटइ अउर अब उ मोरे हीसा क आसीर्बाद क भी लइ लिहस।” तब एसाव कहेस, “का आप मोरे बरे कउनो आसीर्बाद बचाइके रख्या ह?” 37 इसहाक जवाब दिहस, “नाही, अब बहोत देर होइ गइ। मइँ याकूब क तोहरे ऊपर राज्ज करइ क आधिकार दइ दिहेउँ ह। मइँ इ भी कहि दिहेउँ ह कि सब भाई ओकर सेवक होइही। मइँ ओका बहोत जियादा अन्न अउ दाखरस क आसीर्बाद दिहेउँ ह। पूत तोहका देइ क कछू नाही बचा अहइ।” 38 मुला एसाव आपन पिता स माँगत रहा। “पिता जी, का आप क लगे एक भी आसीर्बाद नाही बाटइ? पिताजी, मोका भी असीसा।” अइसेन एसाव रोवइ लाग। 39 तब इसहाक ओसे कहेस, “तू अच्छी भुइँया प नाही रहब्या। तोहरे लगे बहोत जियादा अन्न नाही होइ। 40 तोहका जिअइ बरे संघर्स करइ क होइ अउर तू आपन भाई क दास होब्या। मुला तू अजादी बरे लड़ब्या, अउ ओकरे राज्ज स अजाद होइ जाब्या।” 41 एकरे पाछे इ आसीर्बाद क कारण जउन ओकर पिता दिए रहे एसाव याकूब स घिना करत रहा। एसाव मन ही मन सोचेस, “मोर बाप हाली ही मरि जाइ अउ मइँ ओकर दुःख मनाउब। मुला ओकरे पाछे मइँ याकूब क मारि डाउब।” 42 जब रिबका याकूब क मारइ बरे एसाव क जोजना क सुनेस। तउ उ याकूब क बोलाएस अउर कहेस, “सुना, तोहार भाई एसाव तोहका मारि डावइ बरे जोजना बनावत ह। 43 ऍह बरे पुत जउन मइँ कहति हउँ, करा। मोर भाई लाबान हारान मँ रहत ह। ओकरे पास जा अउ लुकान रहा। 44 ओकरे लगे तनिक टेम तलक रहा जब तलक तोहरे भाई क किरोध नाही उतरत। 45 तनिक समइ पाछे तोहार भाई भूलि जाइ कि तू ओनके संग का किहा? तब मइँ तोहका लउटावइ बरे एक ठु नउकर क पठउब। एक ही दिन दुइनउँ पूतन क मइँ खोइ देइ नाही चाहित।” 46 तब रिबका इसहाक स कहेस, “तोहरा पूत एसाव हित्ती मेहरारुअन स बियाह कइ लिहस ह। मइँ इ मेहररुअन स तंग भए गवा अहउँ काहेकि इ सबइ हमरे परिवार क लोगन मँ स नाही अहइँ। अगर याकूब भी इ मेहररुअन मँ स कउनो क संग बियाह करत ह तउ मइँ मरि जाइ चाहबिउँ।”

Genesis 28

1 इसहाक याकूब क बोलाएस अउ ओका आसीर्बाद दिहस। तब इसहाक ओका हुकुम दिहस। इसहाक कहेस, “तू कनानी मेहरारु स बियाह नाही कइ सकत्या। 2 ऍह बरे इ ठउर क तजा अउ पद्दन-अराम क जा। आपन नाना बतूएल क घराना मँ जा। हुआँ तोहार मामा लाबान रहत ह। ओकरी कउनो एक बिटिया स बियाह करा। 3 मइँ पराथना करत हउँ कि सब स सर्वसक्तीमान परमेस्सर तोहका आसीर्बाद देइ अउ तोहका बहोत स पूत देइ। मइ पराथना करत हउँ कि तू एक बड़का रास्ट्र क पिता बना। 4 मइँ पराथना करत हउँ कि जउने तरह परमेस्सर इब्राहीम क बरदान दिहे रहा उहइ तरह उ तोहका भी आसीर्बाद देइ। मइँ पराथना करत हउँ कि परमेस्सर तोहका इब्राहीम क आसीर्बाद देइ, मइँ पराथना करत हउँ कि तू जहा भी रहा उ धरती तोहार कब्जा मँ होइ। इ उहइ धरती अहइ जउन परमेस्सर इब्राहीम क दिहे रहा।” 5 इ तरह इसहाक याकूब क पद्दन-अराम क पहटा क पठएस। याकूब आपन मामा लाबान क लगे गवा। अरामी बतूएल लाबान अउ रिबका क पिता रहा अउ रिबका याकूब अउ एसाव क महतारी रही। 6 एसाव क पता चला कि ओकर बाप इसहाक याकूब क आसीर्बाद दिहेस ह अउ याकूब क पद्दन-अराम मँ एक ठु मेहरारु क खोज बरे पठएस ह। एसाव क इ भी पता लाग कि इसहाक याकूब क आदेस दिहेस ह कि उ कनानी मेहरारु स बियाह न करइ। 7 एसाव इ समझेस कि याकूब आपन महतारी बाप क हुकुम मानेस अउ उ पद्दन-अराम क चला गवा। 8 एसावा एहसे इ समझेस कि ओकर बाप इ नाही चाहत कि ओकर पूत लोग कनानी मेहररुअन स बियाह करइँ। 9 एसाव क दुइ मेहररुअन पहिले स ही रहिन। मुला उ इस्माएल क बिटिया महलत स बियाह किहस। इस्माएल इब्राहीम क पूत रहा। महलत नबायोत क बहिन रही। 10 याकूब बेर्सेबा क तजि दिहस अउ उ हारान क चला गवा। 11 याकूब क जात्रा करत समइँ मँ सूरज बूड़ गवा रहा। ऍह बरे याकूब रात बितावइ बरे एक जगह ठहर जाइ बरे गवा। याकूब उ जगह एक ठु चट्टान लखेस सोवइ बरे आपन मूँड़ धरेस। 12 याकूब सपन देखेस। उ लखेस कि एक सिड्ढी भुइँया स सरगे तलक पहोंची अहइ। 13 याकूब सरगदूत क सिड्ढी प चढ़त उतरत लखेस अउ यहोवा क सिड्ढी क लगे खड़ा निहारेस। यहोवा कहेस, “मइँ तोहरे पितामह इब्राहीम क परमेस्सर यहोवा अहउँ। मइँ इसहाक क परमेस्सर अहउँ। मइँ तोहका उ भुइँया देब जेह प तू अब सोवत अहा। मइँ इ भुइँया तोहका अउ तोहरे संतानन क देब। 14 तोहार संतानन ओतना ही होइही जेतना भुइँया प माटी क कण बाटेन। उ पचे पूरब, पच्छिम, उत्तर अउ दक्खिन चारिहू कइँती फइलिही। धरती क सबहि परिवार तोहरे संतानन क कारण बरदान पइही। 15 “मइँ तोहरे संग अहउँ अउर मइँ तोहार रच्छा करब। जहा भी जाब्या अउ मइँ इ भुइँया प तोहका लउटाइ लिआउब। मइँ तोहका तब तलक नाही तजि देब जब तलक मइँ उ नाही कइ लेब जउन मइँ करइ क बचन दिहेउँ ह।” 16 तब याकूब आपन नीदं स उठा अउ बोला, “मइँ जानत हउँ कि यहोवा इ जगह प अहइ। मुला हिआँ जब तलक मइँ सोएउँ नाही रहे उ मइँ नाही जानत रहेउँ कि उ हिआँ अहइँ।” 17 याकूब डेरान। उ कहेस, “इ बहोत महिमा क जगह अहइ। इ तउ परमेस्सर क भवन अहइ। इ तउ सरग क दुआर अहइ।” 18 याकूब दूसर दिन बहोत भिन्सारे उठा। याकूब उ सिला क उठाएस अउ ओका किनारे स ठाड़ कइ दिहस। तब उ यह पइ तेल चढ़ाएस। इ तरह उ ऍका परमेस्सर बरे एक स्मृति पाथर बनाएस। 19 उ जगह क नाउँ लूज रहा मुला याकूब ओका बेतेल नाम दिहस। 20 तब याकूब एक बचन दिहस। उ कहेस, “जदि परमेस्सर मोरे संग रही अउ अगर परमेस्सर, जहा भी मइँ जात अहउँ, हुआँ मोर रच्छा करी। अगर परमेस्सर मोका खाइ क भोजन अउ पहिरइ क ओढ़ना देइ। 21 अगर मइँ आपन पिता क लगे सान्ति स लउटब. जदि परमेस्सर इ सबहि चिजियन करी, तउ यहोवा मोर परमेस्सर होइ। 22 इ जगह, जहा मइँ इ पाथर स्मृति पाथर क रुप मँ खड़ा किहेउँ ह, परमेस्सर क पवित्र ठउर होइ, अउ परमेस्सर जउन कछू मोका देइ ओकर दसवाँ हीसां मइँ तोहका देब।”

Genesis 29

1 तब याकूब आपन जात्रा जारी रखेस। उ पूरब क देस मँ गवा। 2 याकूब निगाह किहेस, उ मइदान मँ एक इनारा लखेस। हुआँ इनारा क नगिचे भेड़ी क तीन झुण्ड पड़ी रहिन। इहइ एक इनारा रहा जहा इ सबइ भेड़िन पानी पिअत रहिन। हुआँ एक बड़ी सिला स इनारा क मुँइ मूँदा रहा। 3 जब सबहि भेड़िन हुआँ बदुर जात रहिन तउ गड़रिया चट्टान क इनारा क मुँहे प स हटावत रहेन। तब सबहि भेड़िन ओकर चल पी सकत रहिन। जब भेड़िन पी चुकत रहिन तब गड़रिया सिला क फुन अपनी जगह प रख देत रहेन। 4 याकूब हुआँ गड़रिया स कहेन, “भाईयन, आप लोग कहा क अहइँ?”उ पचे जवाब दिहन, “हम पचे हारान क अही।” 5 तब याकूब कहेस, “का आप लोग नाहोर क पूत लाबान क जानत ही?” गड़रियन जवाब दिहेन, “हम पचे ओका जानित ह।” 6 तब याकूब पूछेस, “उ कुसल स तउ अहइ?”उ पचे कहेन, “उ सबइ ठीक अहइँ। सब कछू बहोत नीक अहइ। लखा, उ ओकर बिटिया राहेल आपन भेड़िन क संग आवति अहइ।” 7 याकूब कहेस, “लखा, अबहि दिन अहइ अउ सूरज बूड़इ मँ अबहि, काफी देर बाटइ। रात बरे जनावरन क बटोरइ क अबहि टेम नाही बा। ऍह बरे ओनका पानी द्या अउ ओनका मइदान मँ लौटि जाइ द्या।” 8 मुला उ गड़ेरियन कहेन, “हम पचे इ सबइ तब तलक नाही कइ सकित जब तलक सबहि झुण्ड नाही बटुरि जातिन। तब हम पचे सिला क इनारा स हटाइब अउ सब भेड़िन पानी पीइही।” 9 याकूब जब गड़ेरियन लोगन स बात करत रहा तब राहेल आपन बाप क भेड़िन क संग आइ। (राहेल क काम भेड़िन क देख रेख करब रहा।) 10 राहेल लाबान क बिटिया रही। लाबान, रिबका क भाई रहा, जउन याकूब क महतारी रही। जब याकूब राहेल क लखेस तउ जाइके सिला क हटाएस अउ भेड़िन क पानी पियाएस। 11 तब याकूब राहेल क चूमेस अउ भोंकारा मारिके रोएस। 12 याकूब बताएस कि मइँ तोहरे बाप क खानदान स अहउँ। उ राहेल क बताएस कि मइँ रिबका क पूत अहउँ। ऍह बरे राहेल घर क पराइ गइ अउ आपन बाप स कहेस। 13 लाबान आपन बहिन क पूत याकूब क बारे मँ खबरिया सुनेस। ऍह बरे लाबान ओसे भेटंइ परान। लाबान ओसे गले मिला, ओका चूमेस अउ ओका आपन घरे लइ आवा। याकूब जउन कछू भवा रहा, ओका लाबान क बताएस। 14 तब लाबान कहेस, “बहोत अच्छी बात अहइ तू हमरे खानदाने स अहा।” ऍह बरे याकूब लाबान क संग एक महीना तलक रहा। 15 एक दिन लाबान याकूब स कहेस, “इ ठीक नाही अहइ कि तू हमरे हिआँ बे पगारे क काम करतइ रहा। तू नातेदार अहा, नउकर नाही। मइँ तोहका का पगार देउँ?” 16 लाबान क दुइ बिटिया रहिन। बड़की लिआ रही अउ लहुरी राहेल। 17 राहेल सुन्नर रही अउ लिआ क आँखियन कमज़ोर अउ धुँधरी रहिन। 18 याकूब राहेल स पिरेस करत रहा। याकूब लाबान स कहेस, “जदि तू मोका आपन बिटिया राहेल क संग बियाह करइ द्या तउ मइँ तोहरे हिआँ सात बरिस तलक काम कइ सकत हउँ।” 19 लाबान कहेस, “इ ओकरे बरे नीक होइ कि कउनो दूसर क बजाय उ तोहसे बियाह करइ। ऍह बरे मोरे संग ठहरा।” 20 ऍह बरे याकूब ठहरा अउ सात बरिस तलक लाबान बरे काम करत रहा। लेकिन इ समइ ओका बहोत कम लगा काहेकि उ राहेल स पिरेम करत रहा। 21 सात बरिस क पाछे उ लाबान स कहेस, “मोका राखेल क द्या जेहसे मइँ बियाह करउँ। तोहरे हिआँ मोरे काम करइ क टेम पूर होइ गवा।” 22 ऍह बरे लाबान उ जगह क सब लोगन क एक भोज दिहस। 23 उहइ राति लाबान आपन बिटिया लिआ क याकूब क लगे लावा। याकूब अउ लिआ अपुस मँ तन क संबंध जोड़ेन। 24 (लाबान आपन बिटिया बरे, दासी क रुप मँ आपन नउकरानी जिल्पा क दिहस।) 25 भिन्सारे याकूब जानेस कि उ लिआ क संग सोवा रहा। याकूब लाबान स कहेस, “तू मोका धोखा दिहा ह। मइँ तोहरे बरे कठिन मेहनत ऍह बरे किहेउँ कि मइँ राहेल स बियाह कइ सकउँ। तू मोका धोखा काहे दिहा ह” 26 लाबान कहेस, “हम पचे आपन देस मँ लहुरी बिटिया क जेठ बिटिया स पहिले बियाह नाहीं करइ देइत। 27 मुला बियाह क रस्म क पूरा हफता तलक मनावत रहा अउ मइँ राहेल क भी तोहका बियाह बरे देब। मुला तोहका सात बरिस तलक मोर सेवा करइ क पड़ी।” 28 ऍह बरे याकूब इहइ किहस अउ हप्ता क बिताएस। तब लाबान आपन बिटिया राहेल क भी ओका आपन मेहरारु क रुप मँ दिहस। 29 (लाबान आपन बिटिया राहेल क दासिनी क रुप मँ आपन नउकरानी बिल्हा क दिहस।) 30 ऍह बरे याकूब राहेल क संग भी तने क सम्बंध किहस अउ याकूब राहेल क लिआ स जियादा पियार किहस। याकूब लाबान बरे अउर सात बरिस तलक काम किहस। 31 यहोवा लखेस कि याकूब लिआ स जियादा राहेल क पिआर करत ह। ऍह बरे यहोवा लिआ क इ जोग्ग बनाएस कि उ बच्चन क जन्म दइ सकइ। मुला राहेल क कउनो लरिका नाही भवा। 32 लिआ एक पूत क जन्म दिहस। उ ओकर नाउँ रुबेन राखेस। लिआ ओकर नाउँ ऍह बरे राखेस काहेकि उ कहेस, “यहोवा मोरे कष्टन क लखत ह। मोर पति मोका पिआर नाही करत, ऍह बरे होइ सकत ह कि मोर भतार अब मोसे पिआर करइ।” 33 लिआ फिन गरभधारण किहस अउ उ दूसर पूत क जन्म दिहस। उ इ पूत क नाउँ सिमोन रखेस। लिआ कहेस, “यहोवा सुनेस कि मोका पिआर नाही मिलत, ऍह बरे उ मोका इ पूत दिहस।” 34 लिआ फुन गरभधारण किहस अउ एक ठु अउर पूत क जन्मेस। उ पूत क नाउँ लेवी धरेस। लिआ कहेस, “अब फुरइ मोर भतार मोका पिआर करी। मइँ ओका तीन पूत दिएउँ ह।” 35 तब लिआ एक अउर पूत क जन्मेस। उ इ लरिका क नाउँ यहूदा धरेस। लिआ ओका इ नाउँ दिहस काहेकि उ कहेस, “अब मइँ यहोवा क स्तुति करब”। तब लिआ क बच्चा होब बन्द होइ गवा।

Genesis 30

1 राहेल लखेस कि उ याकूब बरे कउनो बच्चा क जन्म नाही देति अहइ। राहेल आपन बहिनी लिआ स जलन करइ लाग। ऍह बरे राहेल याकूब स कहेस, “मोका बच्चा द्या, वरना मइँ मरि जाब।” 2 याकूब राहेल प किरोध किहस। उ कहेस, “मइँ परमेस्सर नाही अहउँ। उ परमेस्सर ही बाटइ जउन तोहका बच्चन क जन्मइ स रोक दिहस ह।” 3 तब राहेल कहेस, “तू मोर दासी बिल्हा क लइ सकत ह। ओकरे संग सोआ अउ उ मोरे बरे बच्चा क जन्मी। तब मइँ ओकरे जरिये महतारी बनब।” 4 इ तरह राहेल आपन भतार याकूब बरे बिल्हा क दिहस। याकूब बिल्हा क संग तने क संबंध किहस। 5 बिल्हा गरभ धारण किहस अउ याकूब बरे एक पूत क जन्मेस। 6 राहेल कहेस, “परमेस्सर मोर पराथना सुनि लिहेस ह। उ मोका एक पूत देइ क ठान लिहस ह।” ऍह बरे राहेल इ पूत क नाउँ दान राखेस। 7 बिल्हा दुसरी दाईं गरभ धारण किहस अउ उ याकूब क दूसर पूत किहस। 8 राहेल कहेस, “मइँ आपन बहिनी क संग कठोर संधर्स किहेउँ अउर मइँ जीत गएउँ ह।” ऍह बरे उ इ पूत क नाउँ नप्ताली धरेउँ ह। 9 लिआ सोचेस कि उ अउर जियादा बच्चन क जन्म नाही दइ सकित। ऍह बरे उ आपन दासी जिल्पा क याकूब बरे दिहस। 10 तब जिल्पा एक पूत क जन्म दिहस। 11 लिआ कहेस, “मोर भाग्य बाटइ। अब मेहररुअन मोका भाग्यवती कइही।” ऍह बरे उ पूत क नाउँ गाद राखेस। 12 जिल्पा दूसर पूत क जन्मेस। 13 लिआ कहेस, “मइँ बहोतइ खुस अहउँ। मेहरारु मोका “खुस” नाउँ स पुकारब्या।” ऍह बरे उ लरिका क नाउँ आसेर धरेस। 14 गोहु कटनी क समइ रूबेन खेतन मँ गवा अउ कछू दूदाफलन क लखेस। रूबेन इ दूदाफलन क आपन महतारी लिआ क लगे लिआवा। मुला राहेल लिआ स कहेस, “कृपा कइके आपन पूत क दूदाफलन मँ स कछू मोका दइ द्या।” 15 लिआ जवाब दिहस, “तू तउ मोरे भतार क पहिले ही लइ लिहे ह। अब तू मोरे पूत क दूदाफलन क भी लइ लेइ चाहत अहा।”मुला राहेल जवाब दिहस, “अगर तू आपन पूत क दूदाफल मोका देब्या तू आज रात याकूब क संग सोइ सकित ह।” 16 उ रात याकूब खेते स लउटा। लिआ ओका लखेस अउ उ ओसे मिलइ गइ। उ कहेस, “आज राति तू मोरे संग सोउब्या। मइँ आपन पूत क दूदाफलन क तोहरे दाम क रुप मँ दिहेउँ ह।” ऍह बरे याकूब उ रात लिआ क संग सोवा। 17 तब परमेस्सर लिआ क फुन गरभधारण करइ दिहस। उ पाँचवें पूत क जन्म दिहस। 18 लिआ कहेस, “परमेस्सर मोका इ बात क ईनाम दिहस ह कि मइँ आपन दासी क आपन भतार क दिहेउँ ह।” ऍह बरे लिआ आपन पूत क नाउँ इस्साकार धरेस। 19 लिआ फुन गरभधारण किहस अउ उ छठवें पूत क जन्म दिहस। 20 लिआ कहेस, “परमेस्सर मोका एक ठु सुन्नर भेंट दिहस ह। अब सचमुच ही याकूब मोका अपनाई, काहेकि मइँ ओका छ: लरिका दिहेउँ ह।” ऍह बरे लिआ पूत क नाउँ जबूलून धरेस। 21 एकरे पाछे लिआ एक बिटिया क जन्म दिहस। उ बिटिया क नाउँ दीना राखेस। 22 तब परमेस्सर राहेल क पराथना सुनेस। परमेस्सर राहेल बरे बच्चा पइदा करब संभव बनाएस। 23 राहेल गरभ धारण किहेस अउ एक पूत क जन्म दिहस। 24 राहेल कहेस, “परमेस्सर मोर लाज खतम कइ दिहस ह अउ मोका एक पूत दिहस ह।” ऍह बरे राहेल आपन पूत क नाउ यूसूफ राखेस। अउर उ कहेस, “परमेस्सर मोका एक अउर पूत देइ।” 25 यूसुफ याकूब क जन्म क पाछे याकूब लाबान स कहेस, “अब मोका आपन घर लौटइ द्या। 26 मोका मोर मेहररुअन अउ बच्चा द्या?। मइँ चौदह बरिस तलक तोहरे बरे काम कइके ओनका कमावा ह। तू जानत ह कि मइँ तोहार नीक सेवा किहेउँ ह।” 27 लाबान ओसे कहेस, “मोका कछू कहइ द्या। मइँ महसूस करत हउँ कि यहोवा तोहरे कारण मोहे प कृपा किहेस ह। 28 बतावा कि तोहका मइँ का देउँ अउर मइँ उहइ तोहका देब।” 29 याकूब जवाब दिहस, “तू जानत अहा कि मइँ तोहरे बरे कठिन मेहनत किहेउँ ह। तोहर भेड़िन क झुण्ड बाढ़िन ह अउर जब तलक मइँ ओनकइ देख भाल किहेउँ ह, ठीक रहिन ह। 30 जब मइँ आवा रहेउँ, तोहरे लगे तनिक रहिन। अब तोहरे लगे बहोत जियादा अहइँ। हर दाईं जब मइँ तोहरे बरे कछू किहेउँ ह यहोवा तोहे प कृपा किहस ह। अब मोरे बरे समइ आइ ग अहइ कि मइँ आपन बरे काम करउँ, इ मोरे बरे आपन घर बनावइ क टेम अहइ।” 31 लाबान पूछेस, “तब मइँ तोहका का देउँ?”याकूब जवाब दिहस, “मइँ नाही चाहत कि तू मोका कछू द्या। मइँ सिरिफ चाहत हउँ कि तू जउन मइँ काम किहेउँ ह ओकर दाम चुकाइ द्या। सिरिफ इहइ एक काम करा। मइ लउटाइब अउर तोहरी भेड़िन क देखरेख करब। 32 मोका आपन सबहिं भेड़िन क झुण्ड क बीच स जाइ द्या अउ दागवाली या धारीदार हर एक भेड़ी क बच्चा अउ करिया बोकरी क बच्चा क मोका लइ लेइ द्या। मोका हर एक दागवाली या धारीवाली मादा बोकरी क लइ लेइ द्या। इहइ मोर पगार होइ। 33 भविस्स मँ तू असानी स लखि लेब्या कि मइँ ईमानदार अहउँ। तू मोर भेड़ी क झुण्ड लखइ आइ सकत ह। जदि कउनो बोकरी दागदार नाही होइ या कउनो भेड़ी करिया नाही होइ तउ तू जान लेब्या कि मइँ ओका चोराएउँ ह।” 34 लाबान जवाब दिहस, “मइँ ऍका अंगीकार करत अहउँ। हम तोहका जउन कछू तू मँगब्या देब।” 35 मुला उ दिन लाबान दागीदार बोकरन क छुपाइ दिहस अउ लाबान सबहि दागीदार या धारीदार बोकरियन क छुपाइ दिहस। लाबान सब करिया भेड़िन क छुपाइ दिहस। लाबान आपन बेटहनन क इ सबइ भेड़िन क देखरेख करइ कहेस। 36 ऍह बरे पूत लोग सबहि दागीदार जनावरन क लिहन अउ उ पचे दुसरे ठउर प चला गएन। उ पचे तीन दिना तलक जात्रा किहन। याकूब रुक गवा अउ बचे भए जनावरन क देखरेख करइ लगेन। मुला ओहमाँ कउनो जनावर दागदार या करिया नाही रहा। 37 ऍह बरे याकूब चिनार, बादाम अउ अर्मोन बिरवन क हरियर डारिन क काटेस। उ ओकर छाल इ तरह उतारेस कि सबइ डार उज्जर धारीदार बनि गइन। 38 याकूब पानी पिआवइ क जगह प डारिन क भेड़िन क झुण्ड क समन्वा धइ दिहस। जब गोरु पानी पिअइ आएन तउ उ जगह प गाभिन होइ बरे मिलेन। 39 तब बोकरियन जब डारिन क समन्वा गाभिन होइ बरे मिलिन तउ जउन बच्चन पइदा भएन उ सबइ दागीदार, धारीदार या करिया भएन। 40 याकूब दागीदार अउ करिया गोरुअन क भेड़ी क झुण्ड क गोरुअन स अलगाइ दिहस। तउ इ तरह, याकूब आपन गोरुअन क लाबान क जनावरन स अलग किहस। उ आपन भेड़िन क लाबान क भेड़िन क लगे नाही भटकइ दिहस। 41 जब कबहु गोरूअन क खरका मँ हिट्ठ पुट्ठ जनावर गाभिन होइ बरे मिलत रहेन तब याकूब ओकरी अँखिन क समन्वा डारिन क रख देर रहा, ओन डारिन क निचके ही इ सबइ जनावरन धनाइ बरे मिलत रहेन। 42 मुला जब कमजोर जनावर धनाइ बरे मिलत रहेन, तउ याकूब हुआ डार नाही धरत रहा। इ तरह मरटुट जनावरन स पइदा भएन बच्चन लाबान क रहेन। हिट्ट पुट्ठ गोरुअन स पइदा भए बच्चन याकूब क रहेन। 43 इ तरह याकूब बहोत धनी होइ गवा। ओकरे लगे बहोत रेवड़, बहोत स नउकर लोग, ऊँट अउ गदहन रहेन।

Genesis 31

1 एक दिन याकूब लाबान क पूतन क बतियात सुनेस। उ पचे कहेन, “हम पचन क बाप क सब कछू याकूब लइ लिहे अहइ। याकूब धनी होइ गवा अहइ, अउर इ सारा धन उ हमरे पिता स लिहेस ह।” 2 याकूब इ देखेस कि लाबान पहिले क तरह पिरेम भाव नाही रखत ह। 3 यहोवा याकूब स कहेस, “तू आपन पुरखन क देस क लउटि जा जहा तू पइदा भए रह्?या। मइँ तोहरे संग रहब।” 4 ऍह बरे याकूब राहेल अउ लिआ स उ मइदान मँ मिलइ बरे कहेस जहाँ उ बोकरियन अउ भेड़िन क खरका रखत रहा। 5 उ ओन स कहेस, “मइँ लखेउँ ह कि तोहार बाप मोसे गुस्सान अहइँ। ओन क मोरे बरे उ पहिले जइसा पिरेम-भाव अब नाही रहा। मुला मोर बाप क परमेस्सर मोर संग रहब। 6 तू दुइनउँ जानत ह कि मइँ तू लोगन क पिता बरे ओतनी करीं मेहनत किहेउँ, जेतना कइ सकत रहेउँ। 7 मुला तू लोगन क बाप मोका धोखा दिहस। तोहार बाप मोर पगार दस दाईं बदलि दिहस। मुला इ पूरे टेम मँ परमेस्सर लाबान क सब धोखा स मोका बचाएस ह। 8 “एक दाईं लाबान कहेस, “तू दागवाली सबहि बोकरियन क रख सकत ह। इ तोहार पगार होइ।’ जब स उ इ कहे रहा तब स सबहि जनावरन दागवाली बच्चन क जन्मेन। इ तरह उ सबइ मोर रहेन। मुला लाबान तब कहेस, ‘मइँ दागवाली बोकरियन क राखब। तू सारी दागवाली बोकरियन क लइ सकत ह। इहइ तोहार पगार होइ।’ ओकरे इ तरह कहइ क पाछे सबहि गोरुअन धारीदार जनावरन क जन्म दिहेन। 9 इ तरह परमेस्सर जनावरन क तू पचन क पिता स लइ लिहस ह अउ मोका दइ दिहस ह। 10 “जउन समइ जनावर गभिन होइ क बरे मिलत रहेन मइँ एक सपन देखेउँ। मइँ देखेउँ कि सिरिफ नर जनावरन जउन गाभिन करइ बरे मिलत रहेन धारीदार अउ चितकबरा रहेन। 11 सपन मँ परमेस्सर क सरगदूत मोसे बातन किहस। सरगदूत कहेस, “याकूब।’ “मइँ जवाब दिहेउँ ‘हा?’ 12 “सरगदूत कहेस, “लखा, सिरिफ दागदार अउ धरिदार बोकरियन भी गाभिन होइ बरे मिलत रहिन। मइँ अइसा करत अहउँ। मइँ उ सब बुरा लखेउँ ह जउन लाबान तोहरे बरे करत ह। मइँ इ ऍह बरे करत हउँ कि बोकरियन क सबहि नई बच्चन तोहार होइ जइहीं। 13 मइँ उहइ परमेस्सर अहउँ जउन तोहार लगे बेतेल मँ आइ रहा। उ जगह तू एक वेदी बनाए रह्?या अउर जइतून क तेल स ओका नहवाए रह्?या अउ उ जगह तू मोसे एक प्रण किहे रहा। अब, उठा अउ उ जगहिया तजि द्या अउ वापिस आपन जन्म भूमि क लौटि जा।” 14 राहेल अउ लिआ याकूब क जवाब दिहेन, “हम पचन क पिता क लगे मरइ प हम सबन क देइ क कछू नाही अहइ। उ हम पचन क संग अजनबी जइसा बेउहार किहस ह। उ हम पचन क तोहार लगे बेच दिहस अउ उ सारा धन खरच कइ दिहस जउन हम पचन क होतेन। 15 16 परमेस्सर इ सब धन हमरे पिता स लइ लिहस ह अउ इ हमार अउ हमार सनतानन क अहइ। ऍह बरे तू उहइ करा जउन परमेस्सर करइ बरे कहेस ह!” 17 ऍह बरे याकूब जात्रा क तइयारी किहस। उ आपन मेहररुअन अउ पूतन क ऊँटे प बइठाएस। 18 तब उ पचे कनान कइँती लउटइ लागेन जहा ओकर बाप रहत रहा। जनावरन क भी सब झुण्ड, जउन याकूब क रहेन, ओनके अगवा चलत रहेन। उ उ सबइ चिजियन क संग लइ जात रहा जउन उ पद्दन अराम मँ रहत भए पाए रहा। 19 इ टेम लाबान आपन क भेड़िन क ऊन काटइ गवा रहा। जब उ बाहेर गवा तब राहेल ओकरे घरे मँ घुसी अउ आपन बाप क घरे क देवतन क चोराइ लइ गइ। 20 याकूब अरामी लाबान क धोखा दिहस। उ लाबान क इ नाही बताएस कि उ हुआँ स जात अहइ। 21 याकूब आपन परिवार अउ आपन सबहि चीजन क लिहस अउ हाली स चला गवा। उ पचे फरात नदी क पार किहन अउ गिलाद क पहाड़ी देस क ओर जात्रा किहन। 22 तीन दिना पाछे लाबान क पता लाग कि याकूब पराइ गवा। 23 ऍह बरे लाबान आपन मनइयन क बटोरेस अउ याकूब क पाछा सुरु किहस। सात दिन पाछे याकूब क गिलाद पहाड़े क लगे पाएस। 24 उ रात परमेस्सर लाबान क समन्वा सपन मँ परगट भवा। परमेस्सर कहेस, “होसियार रहा कि तू याकूब क कछू भी अच्छा या बुरा जिन कहा।” े 25 दूसर दिन भिन्सारे लाबान याकूब क जाइ धरेस। याकूब आपन तम्बू पहाड़े प लगाए रहा। ऍह बरे लाबान अउ ओकर मनइयन आपन तम्बू गिलाद पहाड़े प लगाएन। 26 लाबान याकूब स कहेस, “तू मोका धोखा काहे दिहा? तू मोर बिटियन क अइसे काहे लइ जात अहा माना कि उ सबइ जुद्ध मँ धरी गइ होइ? 27 मोसे बगैर कहे तू काहे परान्या? जदि तू कहे होत्या तउ मइँ तोहका भोज देतेउँ। ओहमाँ बाजा क संग नाचब अउ गाउब होत। 28 तू मोका आपन नातियन क चूमइ तलक नाही दिहा अउ न ही बिटियन क बिदा कहइ दिहा। तू इ कइके भारी बेवकूफी किहा। 29 तोहका फुरइ चोट पहोंचावइ क सक्ती मोहमाँ बाटइ। मुला पाछे क राति मँ तोहरे बाप क परमेस्सर मोरे सपन मँ आवा। उ मोका चिताउनी दिहस कि मइँ कउनो तरह तोहका चोट न पहोंचावउँ। 30 मइ जानत अहउँ कि तू आपन घरे लउटइ चाहत बाट्या। इहइ कारण अहइ कि तू हुआँ स चल पड्या ह। मुला तू मोरे घरे स देवतन क काहे चोरॅाया ह?” 31 याकूब जवाब दिहस, “मइँ तोहसे बिना कहे भए चल पड़या, काहेकि मइँ ससान रहेउँ। मइँ सोचेउँ कि तू आपन बिटियन क मोसे लइ लेब्या। 32 मुला मइँ तोहरे देवतन क नाही चोराएउँ। जदि तू हिआँ मोरे लगे कउनो मनई क, जउन तोहरे देवतन क चोरॅाए अहइ, पावा, तउ उ मारि दीन्ह जाइ। तोहरे लोग ही मोर गवाह होइहीं। तू आपन कउनो भी चीज क हेर सकत ह। जउन कछू भी तोहार होइ, लइ ल्या।” (याकूब क इ पता नाही रहा कि राहेल लाबान क घरे क देवतन क चोराएस ह।) 33 ऍह बरे लाबान याकूब क सिबिर मँ गवा अउ ओहमाँ हेरेस। उ याकूब क तम्बू मँ हेरेस अउ लिआ क तम्बू मँ भी हेरेस। तब उ तम्बू मँ हेरेस जेहमाँ दुइनउँ दासिन ठहरी रहिन। मुला उ ओकरे घरे मँ देवतन क नाही पाएस। तब लाबान राहेल क तम्बू मँ गवा। 34 राहेल ऊँट क काठी मँ देवतन क छुपाइ राखे रही अउ उ ओनही प बइठी रही। लाबान पूरा तम्बू मँ हेरेस उ देवतन क न हेरि सका। 35 अउ राहेल आपन पिता स कहेस, “पिता जी, मोह पइ जिन कोहाआ। मइँ आपक समन्वा ठाड़ होइ मँ समर्थ नाही अहउँ। इ टेम मोर मासिक धरम चलत बाटइ।” ऍह बरे लाबान पूरा सिबिर मँ हेरेस, मुला ओका हुआँ स देवतन क नाही पाइ सका। 36 तब याकूब बहोतइ कोहान। याकूब कहेस, “मइँ का बुरा किहेउँ ह मइँ कउन सा नेम तोड़ेउँ ह? मोर पाछा करइ अउ मोका रोक देइ क अधिकार तोहका कइसे अहइ? 37 मोर जउन कछू अहइ ओहमाँ तू हेरि लिहा ह। तू अइसी कउनो चीज पाया जउन तोहार अहइ। जदि तू कउनो चीज पाया ह तउ मोका देखॅावा। ओका हिअँइ धरा जेसे हमार संगी लखि सकइँ। हमरे संगियन क तय करइ द्या कि हम दुइनउँ मँ कउन ठीक अहइ। 38 मइँ तोहरे बरे बीस बरिस तलक काम किहेउँ ह। इ पूरा समइ मँ बच्चा जनमत समइ कउनो भी नान्ह भेड़ी अउ बोकरी क नाही मरी अउर न ही मइँ कउनो तोहरे झुण्ड मँ स खाएउँ। 39 जदि कबहु जंगली जनावरन कउनो भेड़ी क मारेन मइँ फउरन ओकर दाम खुद दइ दिहेउँ। मइँ कबहु मुर्दा जनावर क तोहरे लगे लइके इ नाही कहेउँ कि एहमाँ मोर दोख नाहीं। मुला रात-दिन मोका लूटा गवा। 40 दिन मँ सूरज मोर सकती छोरत रहा अउ रात क जाड़ा मोरी अँखियन क नीद चोराइ लेत रहा। 41 मइँ बीस बरिस तलक तोहरे बरे एक दास क तरह काम किहेउँ। पहिले क चौदह बरिस मइँ तोहरी दुइ बिटियन क बियाहइ बरे काम किहेउँ। तउ पाछे क छ: बरिस मइँ तोहरे जनावरन क पावइ बरे काम किहेउँ अउ इ बीच तू मोर पगार दस दाईं बदल्या। 42 मुला मोरे पुरखन क परमेस्सर इब्राहीम क परमेस्सर अउ इसहाक क भय मोरे संग रहा। जदि परमेस्सर मोरे संग नाही होत तउ तू मोका खाली हाथ पठइ देत्या। मुला परमेस्सर मोर दुःखे क लखेस। परमेस्सर मोरे किए काम क लखेस अउ पिछली रात परमेस्सर प्रमाण दइ दिहस कि मइँ नीक अहउँ।” 43 लाबान याकूब स कहेस, “इ सबइ लरिकियन मोर बिटिहनियन अहइँ। ओनकइ बच्चन मोर बाटेन। इ सबइ जनावरन मोर अहइँ। जउन कछू भी तू हिआँ लखत अहा, मोर अहइ। मुला मइँ आपन बिटियन अउ ओनके बच्चन क रखइ बरे कछू नाही कइ सकत। 44 ऍह बरे मइँ तोहसे एक करार करइ चाहत अहउँ। हम पचे पाथर क ढेर लगाउब जउन इ बताइ कि हम पचे सन्धि कइ चुका अहइ।” 45 ऍह बरे याकूब एक बड़की चट्टान हेरेस अउ ओका इ पता देइ बरे हुआँ राखेस कि उ सन्धि किहेस ह। 46 उ आपन मनइयन क अउर जियादा चट्टानन क हेरइ अउ चट्टानें क ढेर लगावइ क कहेस। तब उ पचे चट्टानन क लगे भोजन किहन। 47 लाबान उ जगह क नाउँ यज्र सहादूथ राखेस। मुला याकूब उ जगह क नाउँ जिलियाद धरेस। 48 लाबान याकूब स कहेस, “इ चट्टानन क ढेर हम दुइनउँ क हमार करार क सुमिरावइ मँ मदद करी।” इ कारण अहइ कि याकूब उ जगह क नाउँ गिलयाद कहेस। 49 तब लाबान कहेस, “यहोवा हम पचन क एक दूसर स अलग होइ क गवाह रहइ।” एह बरे उ जगह क नाउँ मिजपा भी होगा। 50 तब लाबान कहेस, “अगर तू मोर बिटियन क चोट पहोंचउब्या तउ याद राखा, परमेस्सर तोहका दण्ड देइ। अगर तू दूसर मेहरारु स बियाह करब्या तउ याद राखा, परमेस्सर तोहका लखत बाटइ। 51 हिआँ इ सबइ चट्टानन अहइँ, जउन हमरे बीच मँ धरी अहइँ अउ इ खास चट्टानन अहइँ, जउन बतइही कि हम सन्धि कीन्ह ह। 52 चट्टानन क ढेर अउ इ खास चट्टान हमका सन्धि क सुमिरन करावइँ मँ मदद करी तू मोहसे लड़इ बरे इ चट्टानन स आगे मोर कइँती कबहु न अउब्या। 53 जदि हम पचे इ सन्धि क तोड़ देइ तउ इब्राहीम क परमेस्सर, नाहोर क परमेस्सर अउ ओनके पुरखन क परमेस्सर हम पचन क निआव करी।”याकूब क पिता इसहाक परमेस्सर क “भय” नाउँ स गोहराएस। ऍह बरे याकूब वाचा बरे उ नाउँ क प्रयोग किहस। 54 तब याकूब एक जनावर क मारेस अउ पहाड़े पइ बलि क रुप मँ ऍका भेंट चढ़ाएस अउ उ आपन मनइयन क भोज मँ सामिल होइ बरे बोलाएस। भोजन करे क पाछे उ पचे पहाड़े प राति काटेन। 55 दूसर दिन भिन्सारे लाबान आपन नातियन क चूमेस अउ बिटियन क बिदा किहस। उ ओनका असीसेस अउ घर लउटि गवा।

Genesis 32

1 याकूब भी उ जगह तजेस। जब उ जात्रा करत रहा। उ परमेस्सर क सरगदूत क लखेस। 2 जब याकूब ओनका लखेस तउ कहेस, “इ परमेस्सर क पड़ाव अहइ।” ऍह बरे याकूब उ जगह क नाउँ महनैम धरेस। 3 याकूब क भाई एसाव सेईर नाउँ क पहटा मँ रहत रहा। इ एदोम क पहाड़ी पहटा रहा। याकूब एसाव क लगे दूत पठएस। 4 याकूब दूत स कहेस, “मोर सुआमी एसाव क इ खबर द्या, तोहार नउकर याकूब कहत ह, मइँ इ सबइ बरिस मँ लाबान क संग रहेउँ ह। 5 मोरे लगे गोरु, गदहन, झुण्ड अउ बहोत स नउकरन अउ मेहरारु नउकरन अहइँ। मइँ एनका तोहरे लगे पठवत अहउँ अउ चाहत अहउँ कि तू हमका अंगीकार करा।” 6 दूत याकूब क लगे लउटा अउ बोला, “हम तोहरे भाई एसाव क लगे गए। उ तोहसे भेंटइ आवत अहइ। ओकरे संग चार सौ अउजार धारी वीर अहइँ।” 7 उ संदेसा याकूब क डेराइ दिहस। उ आपन सबहि संगियन क दुइ दले मँ अलगाइ दिहस। उ आपन सबहि भेड़िन क खरका, गोरुअन क झुण्ड अउ ऊँटन क दुइ हीसा मँ बाँटेस। 8 याकूब सोचेस, “अगर एसाव आइके एक हीसा क नास करत ह तउ दूसर हीसा पराइ सकत ह अउ बचि सकत ह।” 9 याकूब कहेस, “हे मोरे पुरखा इब्राहीम क परमेस्सर। हे मोरे पिता इसहाक क परमेस्सर। यहोवा, तू मोका आपन देस मँ लउटइ अउ आपन परिवारे मँ आवइ बरे कह्या। तू कह्या कि तू मोर भलाई करिब्या। 10 तू मोहे प बहोत दयालु रह्या ह। तू मोरे बरे बहोत नीक चीज किह्या ह। पहिली दाईं मइँ जरिदन नदी क लगे जात्रा कीन्ह, मोरे लगे टहरइ क कुबरी क अलावा कछू भी नाही रहा। मुला मोरे लगे अब ऍतनी चीजन बाटिन कि मइँ ओनका पूरा दुइ दलन मँ बाँटि सकउँ। 11 तोहसे पराथना करत अहउँ कि कृपा कइके मोका मोरे भाई एसाव स बचावा। मइँ ओसे ससान अहउँ। ऍह बरे कि उ आइ अउ सबहि क, हिआँ तलक कि बच्चन क संग महतरियन क भी जान स मारि डाइ। 12 हे यहोवा, तू मोसे कह्या, ‘मइँ तोहार भलाई करब। मइँ तोहरे परिवार क बढ़ाउब अउ तोहरे संताने क समुद्र क बालू क कणन क तरह बाढ़इ देब। उ सबइ ऍतना बेसी होइही कि गना नाहीं जाइ सकिही।” 13 याकूब रात क उ जगह ठहरा। याकूब कछू चीजन एसाव क भेंट देइ बरे तइयार किहस। 14 याकूब दुइ सौ बोकरियन, बीस ठु बोकरन, दुइ सौ भेड़िन अउ बीस भेड़ा लिहस। 15 याकूब तीस ठु ऊँट अउ ओनकइ बच्चन, चालीस ठु गइयन अउ दस ठु बर्धन, बीस ठु मादा गदहन अउ दस नर गदहन क लिहस। 16 याकूब जनावरन क हर झुण्ड नउकरन क दिहस। तब याकूब नउकरन स कहेस, “सब जनावरन क हर झुण्ड क अलग कइ ल्या। मोरे अगवा-अगवा चला अउ हर झुण्ड क बीच कछू दूरी राखा।” 17 याकूब ओनका हुकुम दिहस। जनावरन क पहिले झुण्ड वाला नउकर स याकूब कहेस, “मोर भाई एसाव जब तोहरे लगे आवइ अउ तोहसे पूछइ, ‘इ जनावर अहइँ? तू कहाँ जात अहा? तू केकर नउकर अहा?’ 18 तब तू जवाब दिहा, ‘इ सबइ जनावरन आप क सेवक याकूब क अहइँ। याकूब एनका आपन सुआमी एसाव क भेंट क रुप मँ पठएस ह, अउ याकूब भी हम लोगन क पाछे आवत अहइ।” 19 याकूब क दूसर नउकर, तीसरा नउकर, अउर सबहि दूसर नउकरन क इहइ बात क हुकुम दिहस। उ कहेस, “जब तू पचे एसाव स भेटं्या तउ इहइ एक बात कहब्या। 20 तू पचे कहब्या, ‘इ आप क भेंट अहइ, अउर आप क सेवक याकूब भी लोगन क पाछे आवत अहइ।”याकूब सोचेस, “जदि मइँ भेंट क संग इ मनइयन क आगे पठवत हउँ तउ इ होइ सकत ह कि एसाव मोका छिमा कइ देइ अउ मोका अंगीकार कइ लेइ।” 21 ऍह बरे याकूब एसाव क भेंट पठएस। मुला याकूब उ रात आपन पड़ाव मँ ही ठहरा। 22 पाछे उहइ रात याकूब उठा अउ उ जगह क तजि दिहस। याकूब आपन दुइनउँ मेहररुअन, आपन दुइनउँ दासिन अउ आपन ग्यारहु पूतन क साथ लिहस। घाटे प जाइक याकूब यब्बोक नदी क पार किहस। 23 याकूब आपन परिवार क नदी क उ पार पठएस। तब याकूब आपन सबहि चिजियन क नदी क ओह पार पठइ दिहस। 24 याकूब नदी क पार करइवाला आखिर मनई रहा। मुला पार करइ स पहिले जब तक उ अकेला ही रहा, एक ठु मनई आवा अउ ओसे कुस्ती लड़इ लाग। उ मनई ओसे तब तलक कुस्ती लड़ेस जब तलक सूरज न निकरा। 25 मनई लखेस कि उ याकूब क हराइ नाहीं सकत। ऍह बरे उ याकूब क गोड़ क ओकरे कूल्हा क जोड़ प छुएस। उ टेम याकूब क कूल्हा क जोड़ आपन जगह स हट गवा। 26 तब उ मनई याकूब स कहेस, “मोका छोड़ द्या। सूरज ऊपर चढ़त बाटइ।”मुला याकूब कहेस, “मइँ तोहका न छोड़ब। मोका तोहका असीर्बाद देइ क होइ।” 27 अउर उ मनई ओसे कहेस, “तोहार का नाउँ अहइ?”अउर याकूब कहेस, “मोर नाउँ याकूब बाटइ।” 28 तब मनई कहेस, “तोहार नाउँ याकूब नाही रही। अब तोहार नाउँ इस्राएल होइ। मइँ तोहका इ नाउँ ऍह बरे देत हउँ कि तू परमेस्सर क संग अउ मनइयन क संग जुद्ध किहा ह अउ तू हरावा नाहीं जाइ सक्या।” 29 तब याकूब ओसे पूछेस, “कृपा कइके मोका आपन नाउँ बतावइँ।”मुला उ मनई कहेस, “तू मोर नाउँ काहे पूछत अहा?” उ टेम उ मनई याकूब क असीसेस। 30 ऍह बरे याकूब उ जगह क नाउँ पनीएल राखेस। याकूब कहेस, “इ जगह मइँ परमेस्सर क साच्छात दरसन किहेउँ ह। किन्तु मोर जिन्नगी बच गइ।” 31 जइसे ही उ पनीएल स गुजरा, सूरज निकरि आवा। याकूब आपन गोड़े क कारण लँगड़ाइ के चलत रहा। 32 ऍह बरे आजु भी इस्राएल क लोग पुट्ठा क मंास पेसी क नाही खातेन काहेकि इहइ मांस पेसी प याकूब क चोट लागि रही।

Genesis 33

1 याकूब निगाह उठाएस अउ एसाव क आवत लखेस। एसाव आवत रहा अउ ओकरे संग चार सौ मनई रहेन। याकूब आपन परिवार क चार टोली मँ बाटेस। लिआ अउ ओकर बच्चन एक दल मँ रहेन, राहेल अउ यूसुफ एक दले मँ रहेन, दासी अउ ओकर लरिकन दुइ दले मँ रहेन। 2 याकूब दासियन अउ ओनके बच्चन क अगवा राखेस। ओकरे पाछे ओनके पाछे लिआ अउ ओकरे बच्चन क राखेस अउ याकूब राहेल अउ यूसुफ क सब क आखिर मँ राखेस। 3 याकूब एसाव की ओर बढ़ा। ऍह बरे उ पहिला मनई रहा जेकरे संग एसाव मिलेस। अपने भाई कइँती बढ़न टेम प याकूब सात दाईं भुइँया प निहुरिके पैलगी किहेस। 4 जब एसाव याकूब क लखेस, उ ओसे भेटंइ दौड़ गवा। एसाव याकूब क आपन बाँही मँ भरि लिहस अउ छाती स चिपकाएस तब एसाव ओकर गरदन स चिपकाएस अउ ओकर चुम्बन लिहस। अउ दुइनउँ आनन्द स रोइ पड़ेन। 5 एसाव निगाह उठाएस अउ मेहररुअन अउ बच्चन क लखेस। उ कहेस, “तोहरे संग इ सबइ कउन लोग अहइँ?” याकूब जवाब दिहस, “इ सबइ उ बच्चन अहइँ जेका परमेस्सर मोका दिहे अहइ। परमेस्सर मोहे प दयालु रहा ह। 6 तब दुइनउँ दासियन आपन बच्चन क संग एसाव क लगे गएन। उ पचे ओका निहुरिके पैलगी किहन। 7 तब लेआ आपन बच्चन क संग एसाव क समन्वा गइन अउ उ पैलगी किहस अउर तब राहेल अउ यूसुफ एसाव क समन्वा गएन अउ उ पचे भी पैलगी किहन। 8 एसाव कहेस, “मइँ जउन सब मनइयन क हिआँ आवत समइ देखेउँ उ सबइ कउन रहेन? अउ उ सबइ गोरुअन काहे बरे रहेन?”याकूब जवाब दिहस, “उ सबइ तोहका मोर भेंट अहइँ जेहसे तू मोका अंगीकार कइ सका।” 9 मुला एसाव कहेस, “भाई, तोहका मोहे बरे कउनो भेंट नाही देइ चाही काहेकि मोरे लगे सब कछू इफरात बाटइ।” 10 याकूब कहेस, “नाही! मइँ तोहसे बिनती करत अहउँ। जदि तू फुरे मोका अपनावत ह तउ कृपा कइके जउन भेंट देत अहउँ तू अपनावा। मइँ तोहका दूसरी दाईं लखि के बहोत खुस अहउँ। इ तउ परमेस्सर क लखइ जइसा बाटइ। मइँ इ लखिके बहोत खुस अहउँ कि तू मोका अपनावत ह। 11 ऍह बरे मइँ बिनती करत हउँ कि जउन भेंट मइँ देत अहउँ ओका भी अंगीकार करा। परमेस्सर मोरे ऊपर बहोतइ कृपालु रहा ह। मोरे लगे आपन जरुरत स बेसी अहइ।” इ तरह याकूब एसाव स भेंट अंगीकार करइ के बिनती किहेस। ऍह बरे एसाव भेंट अपनाइ लिहस। 12 तब एसाव कहेस, “अब तू आपन जात्रा जारी किहे रहि सकत ह। मइँ तोहरे संग चलब।” 13 मुला याकूब ओसे कहेस, “तू इ जानत ह कि मोरे बच्चन अबहि दुर्बल बाटेन अउर मोका आपन झुण्ड अउ ओनके बच्चन क खास देख-रेख करइ चाही। अगर मइँ ओनका बहोत दूर एक दिन मँ चलइ बरे मजबूर करत हउँ तउ सबहि गोरु मरि जइही। 14 ऍह बरे तू आगे चला अउ मइँ रसे रसे तोहरे पाछे आउब। मइँ गोरुअन अउ दूसर जनावरन क रच्छा बरे धीमे बढ़ब अउ मइँ बहोतइ रसे-रसे ऍह बरे चलब कि मोर गदेलन बहोत जियादा थक न जाइँ। मइँ सेइर मँ तोहसे मिलब।” 15 ऍह बरे एसाव कहेस, “तब मइँ आपन कछू संगियन क तोहरी मदद बरे छोड़ देब।”मुला याकूब कहेस, “इ तोहार बिसेस दाया बाटइ।” मुला अइसा करइ क कउनो जरुरत नाही बा।” 16 ऍह बरे उ दिन एसाव सेईर क वापसी जात्रा प चल पड़ा। 17 मुला याकूब सुक्कोत क गवा। हुआँ उ आपन बरे एक ठु घऱ बनाएस अउर आपन गोरुअन बरे एक नान्ह नान्ह गोसालन क बनाएस। इहइ कारण इ जगह क नाउँ सुक्कोत राखेस। 18 याकूब सुरच्छा क साथ आपना जात्रा पद्दन-अराम स सुरू कई क कनान पहटा मँ सकेम सहर तलक समाप्त किहेस। याकूब सहर क निचके मइदान मँ डेरा डाएस। 19 याकूब उ भुइँया क सकेम क बाप हमोर क परिवारे स बेसहेस। याकूब चाँदी क एक सौ सिक्का दिहस। 20 याकूब परिवार क आराधना बरे हुआँ एक ठु वेदी बनाएस। याकूब जगह क नाउँ “एले, इस्राएल क परमेस्सर” राखेस।

Genesis 34

1 दीना लिआ अउ याकूब क बिटिया रही। एक दिन दीना उ पहटा क मेहररुअन क लखइ बाहेर गइ। 2 उ पहटा क राजा हमोर क पूत सकेम दीना क निहारेस। उ ओका धइ लिहस अउ आपन संग तने क सम्बंध राखइ बरेओका बेबस किहस। 3 तउ सकेम याकूब क बेटी दीना स पिरेम करइ लाग। ऍह बरे उ ओकर दिल जीतइ क कोसिस किहेस। 4 सकेम आपन बाप स कहेस, “कृपा कइके इ लउँडिया क मोका दिआवा जेहसे मइँ एकरे संग बियाह कइ सकउँ।” 5 याकूब इ जान लिहेस कि सकेम ओकरी बिटिया दीना क संग बहोत बुरा कर्म किहस ह। मुला याकूब क सबहि पूत आपन गोरुअन क संग मइदान मँ गएन। ऍह बरे उ सबइ जब तलक नाही आएन, याकूब कछू नाही किहस। 6 उ टेम सकेम क बाप हमोर याकूब क संग बात करइ गवा। 7 खेतन मँ याकूब क पूतन जउन कछू भवा ?रहा, ओकर खबर सुनेन। जब उ पचे इ सुनेन तउ उ पचे बहोत कोहाइ गएन। उ पचे पगलाइ स गएन काहेकि सकेम याकूब क बिटिया क बलात्कार कइ के इस्राएल क बदनाम किहस।सकेम बहोतइ घिनौनी बात किहे रहा। ऍह बरे सबहि भाई लोग खेतन स घर लउटेन। 8 मुला हमोर भाइयन स बात किहेस। उ कहेस, “मोर पूत सकेम दीना स बहोत पिरेम करत ह। मेहरबानी कइके ओका एकरे संग बियाह करइ द्या। 9 इ बियाह इ बात क प्रमाण होइ कि हम पचे खास सन्धि कीन्ह ह। तब हमार लोग तू पचन क मेहररुअन स अउ तोहर लोग हम पचन क मेहररुअन क संग बियाह कइ सकत हीं। 10 तू लोग हमरे संग एक पहटा मँ रहि सकित ह। तू भुइँया क सुआमी बन्ब्या अउर हिआँ बइपार करइ बरे अजाद होब्या।” 11 सकेम याकूब अउ दीना क भाइयन स भी बात किहस। सकेम कहेस, “कृपा कइके मोका अंगीकार करा अउ मइँ जउन किहेउँ ओकरे बरे छिमा करा। 12 मइँ तोहका जउन कछू उपहार तू चाहत ह देब, अगर तू मोका सिरिफ दीना क संग बियाह करइ द्या।” मोका जउन कछू आप लोग करइ क कइही करब, मुला दीना क बियाह मोर संग होइ द्या।” 13 याकूब क बेटहनन सकेम अउ ओकरे बाप स झूठ बोलइ क ठान लिहन। भाइया अबहु भी पागल होत रहेन काहेकि सकेम ओनकइ बहिन दीना क संग अइसा घिनौना बेउहार किहे रहेन। 14 ऍह बरे भाइयन ओसे कहेन, “हम लोग तोहका आपन बहिन क संग बियाह नाहीं करइ देब काहेकि तोहार खतना अबहि नाहीं भवा अहइ। हमरी बहिनी क तोहसे बियाह करब ठीक न होइ। 15 मुला हम पचे तोहका ओकरे संग बियाह करइ देब अगर तू इहइ एक काम करा कि तोहरे सहर क हर मनई क खतना हम पचन क तरह होइ जाइ। 16 तब तोहरे मनई हमरी अउरतन स बियाह कइ सकत हीं अउर हमार मनई तोहरी अउरतन स बियाह कइ सकत हीं। तब हम पचे एक ही लोग बन जाब। 17 जदि तू खतना कराउब नाही कबूल करब्या तउ हम लोग दीना क लइ जाब।” 18 इ सन्धि हमोर अउ सकेम क बहोत खुस किहस। 19 दीना क भाइयन जउन कछू कहेन ओका करइ मँ सकेम बहोत खुस भवा।सकेम परिवार क सबसे जियादा मर्जादी मनई रहा। 20 हमोर अउ सकेम अपने सहर क सभाघर क गएन। उ पचे सहर क लोगन स बातन किहन अउ कहेन 21 “इस्राएल क इ सबइ लोग हमार मीत होवा चाहत हीं। हम लोगन क पास हम सबहिं लोगन बरे संतुटूठ भुइँया अहइ। एह बरे उ लोगन क हम लोगन क भुइँया रहइ द्या अउर एहमाँ बइपार करइ क द्या। हम पचे ऍनकी मेहररुअन क संग बियाह करइ क अजाद अही अउ हम लोग आपन मेहरारुअन ओनका बियाहे बरे देइ मँ खुस अही। 22 मुला एक बात अहइ जेका करइ बरे सबहि क सन्धि करइ क होइ। ताकि उ पचे हम लोगन क बीच रही सका अउर हम पचे एक ही लोगन होइ सकब। हमार सबइ लोग भी उपचन्क क नाईं खतना करावइ बरे राजी हो जाब। 23 जदि हम अइसा करब तउ ओनके गोरुअन अउ जनावरन स हम धनी होइ जाब। ऍह बरे हम लोग ओनके संग इ सन्धि करी अउर उ पचे हिआँ हम लोगन क संग रइही।” 24 सभाघरे प जउन लोगन इ बात सुनेन उ पचे हमोर अउ सकेम क संग राजी होइ गएन अउ उ टेम हर एक मनई क खतना कइ दीन्ह गवा। 25 तीन दिना पाछे, खतना कइ दीन्ह गए मनइयन क अबहि जख्म रहेन। याकूब क दुइ पूत सिमोन अउ लेवी जानत रहेन कि टेम लोग कमजोर होइहीं, ऍह बरे उ नगर क गएन अउर उ पचे सबहि मनइयन क मारि डाएन। 26 दीना क भाई सिमोन अउ लेवी हमोर अउ ओकरे पूत सकेम क मारि डाएस। उ पचे दीना क सकेम क घरे स बहियाइ दिहेन अउ उ पचे चला गएन। 27 याकूब क दूसर पूतन सहर मँ गएन अउ उ पचे हुआँ जउन कछू रहा, लूटि लिहन। सकेम जउन कछू ओनकइ बहिनी क संग किहे रहा, ओसे उ सबइ तब तलक कोहान रहेन। 28 ऍह बरे भाइयन ओनकइ सबहि जनावरन लइ लिहेन। उ पचे ओनकइ गदहन अउ सहर अउ खेतन मँ दूसर जउन कछू रहा, सब स लइ लिहन। 29 भाइयन ओन सबन क सब कछू लइ लिहन। भाइयन ओनकइ मेहररुअन अउ बच्चन तलक क लइ लिहन। 30 मुला याकूब सिमोन अउ लेवी स कहेस, “तू पच मोर बरे मुसीबत खड़ी कइ दिहा ह। अउ इ प्रदेस क बसइयन क मन मँ घिना पइदा कराया ह। सबहि कनानी अउ परिज्जी लोग हमरे खिलाफ होइ जइहीं। हिआँ हम बहोत तनिक अही। अगर इ पहटा क लोग हम पचन क खिलाफ लड़इ खातिर बटुरि जइही तउ हम पचन बर्बाद होइ जाब। अउ हमरे संग हमार सबहिं लोग नस्ट होइ जाइहीं। अउर मइँ अउ मोरे घरे क सबहि लोगन बर्बाद होइ जाइहीं।” 31 मुला भाइयन जवाब दिहन, “कम हम पचे ऒन मनइयन क आपन बहिनी क संग पतुरिया जइसा बेउहार करइ देइ? नाही हमरी बहिनी क संग वइसा बेउहार करइ वाला लोग बुरा रहेन।”

Genesis 35

1 परमेस्सर याकूब स कहेस, “बेतेल सहर क जा, हुआँ बस जा अउ हुवँइ “एल” परमेस्सर बरे जउन तोहरे समन्वा परगट भवा रहा जब तू आपन भाई एसाव स बचि के परात रह्?या एक वेदी बनावा।” 2 ऍह बरे याकूब आपन परिवार अउ आपन सबहि नउकरन स कहेस, “काठ अउ घाटु क बना जउन बिदेसी देवतन तू पचन क लगे अहइँ ओनका नस्ट कइ द्या। अपने क पवित्र करा। ओढ़ना साफ पहिरा। 3 हम पचे इ जगह क तजि देब अउ बेतेल क जाब। उ जगह मँ आपन परमेस्सर बरे एक वेदी बनाउब। इ उहइ परमेस्सर अहइ जउन मोरे कस्ट क समइ मोर मदद किहस अउ जहाँ कहु मइँ गवा उ मोरे संग रहा।” 4 ऍह बरे मनइयन क लगे जउन बिदेसी देवता रहेन, ओन सबहि क उ पचे याकूब क दइ दिहन। उ पचे आपन काने मँ पहिरी भइ सब बालियन क भी याकूब क दइ दिहन।याकूब सकेम नाउँ क सहर क नगिचे एक बलूत क बृच्छ क तरे इ सबहि चिजियन क गाड़ दिहस। 5 तउ उ पचे तजि गऐन अउर परमेस्सर ओनका चरीहू कइँती क सभी सहरन पइ भयंकर डर डाल दिएन। ऍह ठू बरे उ पचे याकूब क पूतन पाछा नाही किहस। 6 ऍह बरे याकूब अउ ओकर लोग लूज पहोंचेन। अब लूज क बेतेल कहत हीं। इ कनान प्रदेस मँ बाटइ। 7 याकूब हुआँ एक ठु वेदी बनाएस। याकूब उ जगह क नाउँ “एल बेतेल” राखेस। याकूब इ नाउँ क ऍह बरे चुनेस कि जब उ आपन भाई क हिआँ स परात रहत रहा, तब पहिली दाईं परमेस्सर हिअँई परगट भवा। 8 रिबका क धाई दबोरा हिअँई मरी रही, उ पचे बेतेल मँ सिन्दूर क बृच्छ क खाले ओका गाड़ दिहन। उ पचे उ ठउर क नाउँ अल्लोनबक्कूत रखेन। 9 जब याकूब फद्दान आराम स लउटा तब परमेस्सर फुन ओकरे समन्वा परगट भवा। परमेस्सर याकूब क असीसेस। 10 परमेस्सर याकूब स कहेस, “तोहार नाउँ याकूब अहइ। मुला मइँ उ नाउँ क बदलब। अब तू याकूब नाही कहवउब्या। तोहार नवा नाउँ इस्राएल होइ।” ऍह बरे एकरे पाछे याकूब क नाउँ इस्राएल भवा। 11 परमेस्सर ओसे कहेस, “मइँ सर्वोच्च परमेस्सर अहउँ अउ तोहका मइँ इ आसीर्बाद देत हउँ तोहरे बहोत संतान होइ अउर तु एक महान रास्ट्र बनी जाब्या। बहोत सारे रास्ट् तोहसे अइहीं अउर राजा लोग तोहसे आइहीं। 12 मइँ इब्राहीम अउ इसहाक क इ भुइँया दिहे रहेउँ। अब मइँ इ भुइँया तोहका अउऱ तोहार सन्तानन क देत अहउँ।” 13 तब परमेस्सर उ जगह तजि दिहस। 14 याकूब इ ठउरे प एक स्मृति चट्टान खड़ी किहस, याकूब ओह चट्टान पइ दाखरस अउर तेल क भेंट उड़ेरेस। इ एक खास ठउर रहा काहेकि परमेस्सर हुआँ याकूब स बात किहस अउर याकूब उ ठउर क नाउँ बेतेल राखेस। 15 16 याकूब अउ ओकर दल बेतेल क तजि दिहन। एप्राता आवइ स ठीक पहिले राहेल आपन बच्चन क जन्म देइ लाग। 17 मुला राहेल क इ जन्म स बहोत तकलीफ होइ लाग। ओका बहोत दर्द होत रहा। राहेल क धाई ओका लखेस अउ कहेस, “राहेल, डेराअ जिन। तू एक अउर पूत क जन्म देति अहा।” 18 पूत क जन्म देत समइ राहेल मरि गइ। मरइ क पहिले राहेल बच्चा क नाउँ बेनेानी राखेस। मुला याकूब ओकर नाउँ बिन्यामीन राखेस। 19 एप्राता क आवइवाली सड़क प राहेल क दफनावा गवा। (एप्राता बेतलेहेम अहइ।) 20 अउर याकूब राहेल क सम्मान मँ ओकरी कब्रे प एक ठु चट्टान धरेस। उ खास चट्टान हुआँ आजु तलक बाटइ। 21 तब इस्राएल आपन जात्रा जारी राखेस। उ एदेर बुर्ज खम्बा क ठीक दक्खिन मँ आपन सिबिर डाएस। 22 इस्राएल हुआँ तनिक समइ ठहरा। जब उ हुआँ रहा तब रूबेन इस्राएल क मेहरारु नउकरन बिल्हा क संग सोएस। इस्राएल इ बारे मँ सुनेस अउ बहोत कोहाइ गवा।याकूब क बारह पूत रहेन। 23 ओकरी मेहरारु लिआ स ओकरे छ: पूत रहेन: रूबेन, सिमोन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, जबूलून। 24 ओकरी मेहरारु राहेल स ओकरे दुइ पूत रहेन: यूसुफ अउ बिन्यामीन। 25 राहेल क दासी बिल्हा स ओकरे दुइ पूत रहेन: दान अउ नप्ताली। 26 अउर लिआ क दासी जिल्पा स ओकरे दुइ पूत रहेन: गाद अउ आसेर। इ सबइ क पूत अहइँ जउन पद्दनराम मँ पइदा भए रहेन। 27 मम्रे क किर्यत-अर्बा अर्थात् हेब्रोन मँ याकूब आपन पिता इसहाक क लगे गवा। इ उहइ जगह अहइ जहाँ इब्राहीम अउ इसहाक रहि चुका रहेन। 28 इसहाक एक सौ अस्सी बरिस क रहा। 29 इसहाक बहोत बरिस तलक जिअत रहा। जब उ मरा, बहोत बुढ़वा रहा। ओकरे पूत एसाव अउ याकूब ओका हुअँइ दफनाएन जहा ओकरे पिता क दफनावा गवा रहा।

Genesis 36

1 एसाव अर्थात् एदोम क इतिहास अहइ। 2 एसाव कनान देस क मेहररुअन स बियाह किहस। एसाव क मेहररुअन रहिन: आदा, हित्ती एलोन क बिटिया। ओहोलीबामा हिव्वी सिबोन क नतिनी अउ अना क बिटिया। 3 बासमत इस्माएल क बिटिया अउ नबायोत क बहिन। 4 आदा एसाव क एक पूत एलीपज दिहस। बासमत क रूएल नाउँ क पूत भवा। 5 ओहोलीबामा एसाव क तीन पूत दिएस यूस, यालाम अउ कोरह इ सबइ एसाव क पूत रहेन। इ सबइ कनान पहटा मँ पइदा भए रहेन। 6 याकूब अउ एसाव क परिवार अब बहोत बाढ़ि गएन अउ अउ कनान मँ इ बड़ा परिवार क खाइ-पिअइ क जुटाइ पाउब कठिन होइ गवा। ऍह बरे एसाव कनान तजि दिहस अउ आपन भाइ याकूब स दूर दूसर पहटा मँ चला गवा। एसाव आपन सबहि चीजन क आपन संग लिआवा। कनान मँ रहत भवा उ सबहि इ चीजन क पाए रहा। ऍह बरे एसाव आपन संग आपन मेहररुअन, पूतन बिटियन सबहि नउकरन, गोरु अउ दूसर सबहि जनावरन क लिहस। एसाव अउ याकूब क परिवार ऍतना बाढ़त रहेन कि ओनका एक जगह प रहब कठिन रहा। उ भुइँया दुइनउँ परिवारे क पेट पालइ बरे जियादा नाही रही। ओनके लगे बहोत जियादा गोरु रहेन। एसाव पहाड़ी पहटा सेइर कइँती बढ़ा। (एसाव क नाउँ एदोम भी अहइ।) 7 8 9 एसाव एदोम क मनइयन क आदि बाप रहा। सेईर क पहाड़ी पहटा मँ बसइयन एसाव क घराने क इ नाउँ अहइँ। 10 एसाव क पूत रहेन: एलीपज, आदा अउ एसाव क पूत। रूएल बासमत अउ एसाव क पूत। 11 एसाव क पाँच पूत रहेन: तेमान, ओमार, सपो, गाताम अउ कनज। 12 एलीपज क एक तिम्ना नाउँ क उपपत्नी भी रही। तिम्ना अउ एलीपज अमालेक क जन्म दिहन। 13 रूएल क चार पूत रहेन: नहत, जेरह, सम्मा, मिज्जा। इ सबइ एसाव क मेहरारु बासपत स ओकरे पोता रहेन। 14 एसाव क तीसर मेहरारु अना क बिटिया ओहोलीबामा रही। (अना सिबोन क पूत रहा) एसाव अउ ओहोलीबामा क पूत रहेन: यूस, यालाम, कोरह। 15 एसाव स चलइ वाला बंस इ सबइ ही बाटेन।एसाव क पहिला पूत एलीपज रहा। एलीपज स तेमान, ओमार, सपो, कनज, 16 कोरह, गाताम, अमालेक भएन।इ सबहि परिवार एसाव क मेहरारु आदा स भएन। 17 एसाव क पूत रूएल इ परिवारन क आदि पिता रहा: नहत, जेरह, सम्मा, मिज्जा।इ सबहि परिवार एसाव क मेहरारु बासमात स भएन। 18 अना क बिटिया एसाव क मेहरारु ओहोलीबामा यूस, यालाम अउ कोरह क जन्म दिहन। इ सबइ तीनउँ आपन-आपन घराने क बाप रहेन। 19 इ सबहि परिवार एसाव स चलेन। 20 एसाव क पहिले एदोम मँ सईर नाउँ क एक ठु होरी मनई रहत रहा। सेईर क पूत इ सबइ अहइँ: लोतान, सोबाल, सिबोन, अना 21 दीसोन, एसेर, दिसान। इ सबइ पूतन आपन परिवार क मुखिया रहेन। 22 लोतान, होरी, हेमाम क बाप रहा। (तिम्ना लोतान क बहिन रही।) 23 सोबल, अल्वान, मानहत एबल सपो, ओनाम क पिता रहा। 24 सिबोन क दुइ पूत रहेन: अय्या अउर अना। (अना उ मनई अहइ जउन आपन पिता क गदहन क देखरेख करत समइ रेगिस्तान मँ गरम पानी क झरना हेरेस।) 25 अना, दीसोन अउ ओहोलीबामा क पिता रहा। 26 दीसोन क चार पूत रहेन: हेमदान, एस्बान, यित्रान, करान। 27 एसेर क तीन पूत रहेन: बिल्हान, जावान, अकान। 28 दीसान क दुइ पूत रहेन: ऊस अउ अरान। 29 इ होरी परिवारन क मुखियन क नाउँ अहइँ। लोतान, सोबाल, सिबोन, अना, 30 दिसोन, एसेर, दीसान। इ सबइ मनइयन ओन परिवारन क मुखिया रहेन जउन सेईर पहटा मँ रहत रहेन। 31 उ टेम एदोम मँ कइउ राजा रहेन। इस्राएल मँ राजा होइ के बहोत पहिले एदोम मँ राजा रहेन। 32 बोर क पूत बेला एदोम मँ राज्ज करइ वाला राजा रहा। उ दिन्हाबा सहर प राज्ज करत रहा। 33 जब बेला मरा तउ योबाब राजा भवा। योबाब बोस्रा क जेरह क पूत रहा। 34 जब योबाब, मरा, हूसाम राज्ज किहस। हूसाम तेमानी लोगन क देस क रहा। 35 जब हूसाम मरा, हदद उ पहटा प राज्ज किहस। हदद बदद क पूत रहा। (हदद उ मनई रहा जउन मिद्यानी लोगन क मोआब देस मँ हराए रहा।) हदद अबीत सहर क रहा। 36 जब हदद मरा, सम्ला उ प्रदेस प राज्ज किहस। सम्ला मस्रेक क रहा। 37 जब सम्ला मरा, साऊल उ पहटा प राज्ज किहस। साऊल फरात नदी क किनारे रहोबोत क रहा। 38 जब साऊल मरि गवा, बाल्हानान उ देस प हूकूमत किहस। बाल्हानान अकबोर क पूत रहा। 39 जब बाल्हनान मरा, हदर उ प्रदेस प राज्ज किहस। हदर पाऊ सहर क रहा। मत्रेद क बिटिया हदर क मेहरारु क नाउँ महेतबेल रहा। मत्रेद क बाप मेजाहब रहा। 40 एदोमी परिवारन, तिम्ना, अल्बा, यतेत, ओहोलीबामा, एला, पीपोन, कनज, तेमान, मिबसार, मग्दीएल अउ ईराम आदि क बाप एसाव रहा। हर एक परिवार एक ठु अइसे प्रदेस मँ रहत रहा जेकर नाउँ उहइ रहा जउन ओनकइ परिवारे क नाउँ रहा। 41 42 43

Genesis 37

1 याकूब ठहरि गवा अउ कनान पहटा मँ रहइ लाग। इ उहइ प्रदेस अहइ जहाँ ओकर बाप आइके बसा रहा। 2 याकूब क परिवार क इहइ कथा अहइ। यूसुफ एक सत्रह बरिस क जवान रहा। ओकर पेसा भेड़ी बोकरियन क देखरेख करब रहा। यूसुफ इ काम अरथ अहइ कि बिल्हा अउ जिल्पा क पूतन क संग करत रहा। (बिल्हा अउ जिल्पा ओकरे बाप क मेहररुअन रहिन।) यूसुफ आपन बाप क आपन भाइयन क बुरी बातन बतावत रहा। 3 यूसुफ उ टेम पइदा भवा जब ओकर पिता इस्राएल बहोत बुढ़वा रहा। ऍह बरे इस्राएल, यूसुफ क आपन दूसर पूतन स बेसी पिआर करत रहा। याकूब आपन पूत क एक खास कोट बनवाएस। इ कोट लम्बा अउ बहोत सुन्नर रहा। 4 यूसुफ क भाइयन लखेन कि ओनकइ बाप ओनसे बेसी यूसुफ क जियादा पिआर करत ह। उ पचे इहइ कारण आपन भाई स घिना करत रहेन। उ पचे यूसुफ स अच्छी तरह बात नाहीं करत रहेन। 5 एक दाईं यूसुफ एक खास सपन लखेस। पाछे यूसुफ आपन इ सपना क बारे मँ आपन भाइयन क बताएस। एकरे पाछे ओकरे भाई पहिले स भी जियादा ओसे घिना करइ लागेन। 6 यूसुफ कहेस, “मइँ एक सपना देखेउँ ह। 7 हम पचे सबहि खेते मँ काम करत रहे। हम पचे गोहू क एक साथ बोझ बाँधत रहेन। मोर बोझा खड़ा होइ गवा अउ तू पचन क बोझ मोरे बोझे क चारिहु कइँती घेरि लिहस। तब तोहार सबहिं बोझ मोरे बोझे क निहुरिके प्रणाम किहस।” 8 ओकर भाइयन कहेन, “का, तू सोचत ह कि ऍकर अरथ अहइ कि तू राजा बनब्या अउर हम पचन प राज्ज करब्या?” ओकर भाइयन यूसुफ स अब अउर बेसी घिना करब सुरु किहेस काहेकि उ ओकरे बारे मँ सपना देखत रहा। 9 तब यूसुफ दूसर सपना देखेस। यूसुफ आपन भाइयन स इ सपना क बारे मँ बताएस। यूसुफ कहेस, “मइँ दूसर सपना लखेउँ ह। मँइ सूरज, चन्द्रमा अउ गियारह नछत्रन क आपन क प्रणाम करत लखेउँ।” 10 यूसुफ आपन बाप क भी इ सपना क बारे मँ बताएस। मुला ओकर पिता ओका डाँटेस। ओकर पिता कहेस, “इ कउने तरह क सपना अहइ? का तोहका बिस्सास अहइ कि तोहार महतारी, तोहार भाई अउ हम पचे तोहका प्रणाम करिबइ?” 11 यूसुफ क भाई ओहसे बराबर जलन करत रहा। मुला यूसुफ क पिता इ सबहि बातन क बारे मँ बहोत गहराई स बिचार किहस अउ सोचेस कि ओनकइ अरथ का होई? 12 एक दिन यूसुफ क भाई आपन बाप क भेड़िन क देखरेख बरे सकेम गएन। 13 याकूब यूसुफ स कहेस, “सकेम जा। तोहार भाई मोर भेड़िन क साथ हुआँ अहइ।”यूसुफ जवाब दिहस, “मइँ जाब।” 14 यूसुफ क बाप कहेस, “जा अउ लखा कि तोहार भाई सुरच्छित बाटइ। लौटिके आवा अउ बतावा कि का मोर भेड़िन ठीक अहइँ?” इ तरह यूसुफ क पिता ओका हेब्रोन क घाटी स सकेम क पठएस। 15 सकेम मँ यूसुफ हेराइ गवा। एक मनई ओका खेतन मँ भटकत भवा पाएस। उ मनई कहेस, “तू का हेरत अहा?” 16 यूसुफ उत्तर दिहस, “मइँ आपन भाइयन क हेरत अहउँ। का तू बताइ सकत ह कि उ सबइ आपन भेड़िन क संग कहा अहइँ?” 17 मनई जवाब दिहस, “उ पचे पहिले ही चला गवा अहइँ। मइँ ओनका कहत भवा सुनेउँ कि उ पचे दोतान क जात अहइँ।” ऍह बरे यूसुफ आपन भाइयन क पाछे गवा अउ उ ओनका दोतान मँ पाएस। 18 यूसुफ क भाइयन बहोत दूर स ओका आवत लखेन। उ पचे ओका मारि डावइ क कुचाल बनावइ क ठान लिहन। 19 भाइयन एक दूसर स कहेन, “इ सपना लखइवाला यूसुफ आवत अहइ। 20 मौका मिलत ही हम पचे ओका मारि डाइ। हम ओकरे तने क झुरान भए इरनन मँ स कउनो एक मँ लोकाइ सकित ह। हम आपन पिता स कहि सकित ह कि एक ठु जंगली जनावर ओका मारि डाएस। तब हम पचे ओका देखाउब कि ओकर सपना बेकार अहइँ।” 21 मुला रूबेन यूसुफ क बचावइ चाहत रहा। रूबेन कहेस, “हम पचे ओका मारि नाही। 22 हम लोग ओका बिना चोट किहे एक ठु इनारा मँ नाइ सकित ह।” रूबेन यूसुफ क बचावइ अउर ओकरे बाप क लगे पठवइ क जोजना बनाएस। 23 यूसुफ आपन भाइयन क लगे आवा। उ पचे ओह प धावा बोल दिहन अउ ओकरे लम्बे अउ सुन्नर कोट क फाड़ डाएन। 24 तब उ पचे ओका खाली झुरान इनारा मँ बहाइ दिहन। 25 यूसुफ इनारा मँ ओकर भाइयन क भोजन करइ बरे बइठइ तलक रहा। तब उ पचे नजर उठाएन अउ बइपारियन क एक दल क लखेन। जउन गिलाद स मिस्र क जात्रा प रहेन। ओनकइ ऊँटन कइउ तरह क मसाला अउ धन लइ जात रहेन। 26 ऍह बरे यहूदा आपन भाइयन स कहेस, “अगर हम लोग आपन भाई क मारि देब अउ ओकरी मउत क छुपाउब तउ ओसे हमला का लाभ मिली? 27 हम सबन क बेसी फायदा तब होइ जब हम ओका बइपारियन क हाथ बेचि देइ।” दूसर भाई लोग मान गएन। 28 जब मिद्रयानी बइपारी लोग लगे आएन, भाई लोग यूसुफ क इनारा स बाहेर निकारेन। उ पचे बीस ठु चाँदी क टूका मँ ओका बेचि दिहन। बइपारियन ओका मिस्र लइ गएन। 29 इ पूरा टेम रूबेन भाइयन क संग हुआँ नाहीं रहा। उ नाहीं जानत रहा कि उ पचे यूसुफ क बेचि दिहे रहेन। जब रूबेन इनारा प लौटिके आवा तउ उ लखेस कि यूसुफ हुआँ नाहीं अहइ। रूबेन बहोत जियादा दुःखी भवा। उ आपन ओढ़ना क फाड़ेस। 30 रूबेन भाइयन क लगे गवा अउ उ ओनसे कहेस, “लरिका कुआँ प नाही अहइ। मइँ का करउँ?” 31 भाइयन एक बोकरी क मारेन अउ ओकरे खून क युसुफ क सुन्नर कोट प डाएस। 32 तब भाईयन उ कोट क आपन पिता क देखाएन अउ कहेन, “हमका इ कोट मिला बाटइ, का इ यूसुफ क कोट अहइ?” 33 बाप कोट क लखेस अउ पहिचानेस कि इ यूसुफ क अहइ। पिता कहेस, “हा, इ उहइ क बाटइ। होइ सकत ह कि ओका कउनो जंगली जनावर मारि डाए होइ। मोरे पूत यूसुफ क कउनो जंगली जनावर खइ गवा।” 34 याकूब आपन ओढ़ना फाडि डाऐस अउ सोक क ओढ़ना पहिर लिहेस। याकूब लम्बे समइ तलक आपन बेटवा क दुःख अउ सोक मँ पड़ा रहा। 35 याकूब क सबइ बेटवन, बिटियन ओका धीरे बँधावइ क जतन किहन। मुला याकूब कबहु धीरे न धरि सका। याकूब कहेस, “मइँ मरइ क दिन तलक आपन पूत यूसुफ क दु;ख मँ डूबा रहब।” अउर याकूब आपन पूत क दुःख परगट करना जारी रखा। 36 ओनॅ मिद्यानी बइपारियन जउन यूसुफ क बेसहे रहेन, पाछे ओका मिस्र मँ बेचि दिहन। उ पचे फिरौन क अंकरच्छकन क सेनापति पोतीपर क हाथ ओका बेचेन।

Genesis 38

1 ओनही दिनन मँ यहूदा आपन भाइयन क तजि दिहस अउ हीरा नाउँ क मनई क संग रहइ चला गवा। हीरा अदुल्लाम सहर क रहा। 2 यहूदा एक कनानी मेहरारु स हुआँ मिला अउ ओसे बियाह कइ लिहस। मेहरारु क बाप क नाउँ सूआ रहा। 3 कनानी मेहरारु एक पूत क जन्म दिहस। उ पचे ओकर नाउँ एर धरेन। 4 पाछे दूसर पूत क जन्म दिहस। उ पचे लरिका का नाउँ ओनान धरेन। 5 पाछे ओका दूसर पूत सेला नाउँ क भवा। यहूदा तीसर बच्चा क जन्म क टेम कजीब मँ रहत रहा। 6 यहूदा आपन पहिले पूत एर बरे बहू क रुप मँ एक ठु मेहरारु क चुनेस। मेहरारु क नाउँ तामार रहा। 7 मुला एर बहोत सी बुरी बातन क किहेस। यहोवा ओसे खुस नाही रहा। ऍह बरे यहोवा ओका मारि डाएस। 8 तब यहूदा एर क भाई ओनान स कहेस, “जा अउर मरे भाई क मेहरारु क संग सोआ।तू ओकरे भतार क नाईं बना। अगर लरिका होइहीं तउ उ पचे तोहरे भाई एर क होइहीं।” 9 ओनान जानत रहा कि जोड़ा स पइदा भए लरिकन ओकर नाही होइहीं। ओनान तामार क संग तने क सम्बंध किहस। मुला उ ओका आपन गरभ धारण करइ नाही दिहस। 10 एहसे यहोवा कोहाइ गवा। ऍह बरे यहोवा ओनान क भी मारि डाएस। 11 तब यहूदा आपन पतोहू तामार स कहेस, “आपन बाप क घरे लौटि जा। हुअँइ रहा अउर तब तलक बियाह जिन करा जब तलक मोर लहुरा पूत सेला बाढ़ न जाइ।” यहूदा क डर रहा कि सेला भी आपन भाइयन क तरह मारि डावा जाइ। तामार आपन बाप क घर लौटि गइ। 12 पाछे सुआ क बिटिया यहूदा क मेहरारु मरि गइ। यहूदा आपन दुःख क टेम क पाछे अदुल्लाम क आपन मीत हीरा क संग तिम्ना गवा। यहूदा आपन भेड़ी क ऊन कतरइ तिम्ना गवा। 13 तामार क इ मालूम भवा कि ओकर ससुर यहूदा आपन भेडिन क ऊन कतरइ तिम्ना क जात अहइ। 14 तामार हमेसा अइसे ओढ़ना पहिरत रही जेहसे मालुम होइ कि इ राँड़ अहइ। ऍह बरे उ कछू दूसर ओढ़ना पहिरेस अउ मुँह क पर्दा मँ ढाँकि लिहस। तब उ तिम्ना सहर क लगे एनैम क जाइवाली सड़क क किनारे बइठि गइ। तामार जानत रही कि यहूदा क लहुरा बेटवा अब बाढ़ि ग अहइ। मुला यहूदा ओसे ओकरे बियाहे क कउनो योजना नाहीं बनावत अहइ। 15 यहूदा उहइ सड़क स जात्रा किहस। उ ओका लखेस, मुला बिचारेस कि उ पतुरिया अहइ। (ओकरे मुँह पतुरिया क तरह ढका भवा रहा।) 16 ऍह बरे यहूदा ओकरे लगे गवा अउ बोला, “मोका आपन संग तने क सम्बंध करइ द्या।” (यहूदा नाहीं जानत रहा कि उ ओकर पतोहू तामार अहइ।) तामार बोली, “तू मोका केतना देब्या?” 17 यहूदा जवाब दिहस, “मइँ आपन भेड़ि क झुण्ड स तोहका एक नई बोकरी पठउब।”उ जवाब दिहस, “मइँ एका अंगीकार करत अहइँ मुला पहिले तू मोका कछू रखइ क द्या जब तलक तू बोकरी नाही पठउत्या।” 18 यहूदा पूछेस, “मइँ बोकरी पठइब एकरे सबूत बरे मोसे का लेइ चहुबिउ?”तामार जवाब दिहस, “मोका तोहार मोहर अउर धगा द्या अउ मोका आपन टहरइ क कुबरी द्या।” यहूदा इ सबइ चीजन ओका दिहस। तब यहूदा अउ तामार तने क सम्बंध, किहन अउ तामार गोड़े स भारी होइ गइ। 19 तामार घरे गइ अउ मुँह क ढाँपइ वाला पर्दा क हटाएस। तब उ फुन आपन क राँड़ बतावइ वाला खास ओढ़ना क पहिरेस। 20 पाछे यहूदा आपन मीत हीरा क पतुरिया क बोकरी देइ एनैम पठएस जेका उ जबान दिहे रहा। यहूदा हीरा स खास मोहर अउ टहरइ क कुबरी भी ओसे लेइ बरे कहेस। मुला हीरा ओका न पाइ सका। 21 हीरा एनैम सहर क कछू लोगन स पूछेस, “सड़क क किनारे जउन पतुरिया रही, उ कहाँ बाटइ?” मनइयन जवाब दिहन, “हिआँ कबहु कउनो पतुरिया नाही रही।” 22 तउ यहूदा क मीत यहूदा क लगे लौटि गवा अउ ओसे कहेस, “मइँ उ मेहरारु क पता नाही लगाइ सकेउँ। जउन मनइयन उ जगह बसत अहइँ उ पचे मोका बताएन कि हुआँ कबहु कउनो पतुरिया नाही रही।” 23 ऍह बरे यहूदा कहेस, “ओका उ सबइ चीजन राखइ द्या। मइँ नाही चाहत कि लोग हम पचन प हसउआ करइँ। मइँ ओका बोकरी देइ चाहेउँ, मुला हम ओकर पता नाहीं लगाइ सके। इहइ बहोत अहइ।” 24 लगभग तीन महीना पाछे कउनो यहूदा स कहेस, “तोहार पतोहू तामार एक पतुरिया क नाईं पाप किहे अहइ अउ अब उ गरभ धारण किहे अहइ।”तब यहूदा कहेस, “ओका बाहेर निकारा अउ ओका जराइ के मार डावा।” 25 ओकर आदमी तामार क मारइ गएन। मुला तामार आपन ससुर क लगे सँदेसा पठएस। तामार कहेस, “जउन मनई मोका गरभधारण कराएस ह उहइ क इ सबइ चीजन अहइँ। इ सबइ चीजन क लखा। उ सबइ केकर अहइँ? केकर इ खास मोहर अउ इ धागा अउर इ टहरइ क कुबरी अहइ?” 26 यहूदा ओन सबहि चीजन क पहिचानेस अउ कहेस, “इ ठीक कहत बाटइ। मइँ गल्ती किहेउँ। मइँ आप क बचन क अनुसार आपन बेटवा सेला क ऍका नाही दिहेउँ” अउ यहूदा ओकरे संग फुन नाही सोवा। 27 तामार क लरिका जन्मइ क टेम आवा अउ उ पचे लखेन कि उ जुड़ौधा बच्चन क जन्मी। 28 जउन टेम उ जन्मत रही एक लरिका बाहेर हाथ निकारेस। धाई हाथे प लाल धागा बाँधेस अउ कहेस, “इ बच्चा पहिले पइदा भवा।” 29 मुला उ बच्चा आपन हाथ वापिस भितरे हीच लिहस। तब दूसर बच्चा पहिले पइदा भवा। तब दाई कहेस, “लखा तू कैसे निकरइ आएस।” ऍह बरे उ पचे ओकर नाउँ पेरेस राखेन। 30 ऍकरे पाछे दूसर बच्चा पइदा भवा। इ उहइ बच्चा रहा जेकरे हाथे प लाला धागा रहा। उ पचे ओकर नाउँ जेरह राखेन।

Genesis 39

1 बइपारी लोग जउन यूसुफ क बेसहे रहेन उ ओका मिस्र लइ गएन। उ पचे फिरौन क अंगरच्छक क नायक पोतीपर क हाथ ओका बेच दिहन। 2 मुला यहोवा यूसुफ क मदद किहस। यूसुफ एक सफल मनई बन गवा। यूसुफ आपन मिस्र क मालिक पोतीपर क घरे मँ रहा। 3 पोतीपर लखेस कि यहोवा यूसुफ क संग अहइ। पोतीपर इ भी लखेस कि यहोवा जउन कछू करत ह, ओहमा ओका सफल बनवइ मँ सहायक बाटइ। 4 ऍह बरे पोतीपर यूसुफ क पाइके बहोत खुस रहा। पोतीपर ओका आपन बरे काम करइ अउ घर क सासन मँ मदद करइ बरे राखेस। पोतीपर क आपन हर एक चीज क यूसुफ अफसर रहा। 5 जब यूसुफ घरे क अफसर बनइ दीन्ह गवा तब यहोवा उ घर अउ पोतीपर क हर एक चीज क असीसेस। यहोवा इ यूसुफ क कारण किहेस अउ यहोवा पोतीपर क खेतन मँ उगइवाली हर चीज क असीसेस। 6 ऍह बरे पोतीपर घर क हर चीज क जिम्मेदरी यूसुफ क दिहस। पोतीपर कउनो चीज क चिन्ता नाही करत रहा। उ जउन खइया क खात रहा सिरिफ ओकर ओका फिकिर रही।यूसुफ बहोत सुन्नर अउ रुपवान रहा। 7 कुछ टेम पाछे यूसुफ क मालिक क मेहरारु यूसुफ स पिरेम करइ लाग। एक दिन उ ओसे कहेस, “मोरे संग सोआ।” 8 मुला यूसुफ मना कइ दिहस। उ कहेस, “मोर मालिक घर क हर चीज बरे मोहे प बिस्सास करत ह। उ हिआँ क हर चीज क जिम्मेदारी मोका दिहेस ह। 9 मोर मालिक आपन घर मँ मोका लगभग आपन क बराबर सम्मान दिहेस ह। मुला मोका ओकरी मेहरारु क संग नाही सोवइ चाही। इ गलत अहइ। इ परमेस्सर क खिलाफ पाप अहइ।” 10 उ मेहरारु हर दिन यूसुफ स बात करत रही मुला यूसुफ ओकरे संग सोवइ स मना कइ दिहस। 11 एक दिन यूसुफ आपन काम करइ घरे मँ गवा। उ टेम उ घरे मँ अकेल्ला मनई रहा। 12 ओकरे मालिक क मेहरारु ओकर कोट धइ लिहस अउ ओसे कहेस, “आवा अउ मोरे संग सोवा।” मुला यूसुफ घरे स पराइ गवा अउ उ आपन कोट ओकरे हाथे मँ छोड़ दिहस। 13 मेहरारु लखेस कि यूसुफ आपन कोट ओकरे हाथे मँ छोड़ दिहे अहइ अउ उ जउन कछू भवा ओकरे बारे मँ झूठ बोलइ क ठान लिहस। उ बाहेर दौड़ी। 14 अउर उ घरे क उ मनइयन क गोहराएस। उ कहेस, “लखा, इ हिब्रू दास हम पचन क मजाक करइ हिआँ आवा रहा। उ भितरे आवा अउ मोरे संग सोवइ क कोसिस किहस। मुला मइँ जोर स नरियाइ पड़ी। 15 मोर नरियाब ओका ससाइ दिहस अउ उ पराइ गवा। मुला उ आपन कोट मोरे लगे छोड़ गवा।” 16 ऍह बरे उ यूसुफ क मालिक आपन भतारे क घर लौटइ क समइ तलक ओकरे कोट क आपन लगे राखेस। 17 अउर उ आपन भतार क कहानी सुनाएस। उ कहेस, “जउन हिब्रू दास क तू हिआँ लिआया उ मोह प हमला करइ क कोसिस किहस। 18 मुला जब उ मोरे लगे आवा तउ मइँ चिचियाई। उ पराइ गवा, मुला आपन कोट छोड़ गवा।” 19 यूसुफ क मालिक जउन ओकरी मेहरारु स कहेस, ओक सुनेस अउ उ बहोत रिसियाइ गवा। 20 हुआँ एक जेल रही जेहमाँ राजा क दुस्मन रखा जात रहेन। ऍह बरे पोतीपर यूसुफ क उहइ जेल मँ धाँध दिहस अउ यूसुफ हुआँ पड़ा रहा। 21 मुला यहोवा यूसुफ क संग रहा। यहोवा ओह पइ कृपा करत रहा। 22 कछू टेम पाछे जेल क रच्छक क मुखिया यूसुफ स सोनह करइ लाग। रच्छकन क मुखिया सबहि कैदियन क अफसर यूसुफ क बनाएस। यूसुफ ओनकइ मुखिया रहा, मुला काम उहइ करत रहा जउन उ पचे करत रहेन। 23 रच्छकन क मुखिया जेल क सबहि चीजन क बरे यूसुफ प पतियात रहा। इ ऍह बरे भवा कि यहोवा यूसुफ क संग रहा। यहोवा यूसुफ क, उ जउन कछू करत रहा, सुफल होइ मँ मदद करत रहा।

Genesis 40

1 पाछे फिरौन क दुइ नउकरन ओकर संग कछू गलत किहेन। इ नउकरन मँ स एक ठु रोटी पोवइया अउ दूसर दाखरस देइ क सेवा करत रहा। 2 फिरौन आपन रोटी पोवइया अउ सरब देइवाला नउकर पर रिसियाइ गवा। 3 ऍह बरे फिरौन उहइ जेल मँ ओनका पठएस जेहमाँ यूसुफ रहा। फिरौन क अंगरच्छक लोगन क नायक पोतीपर उ जेल क अफसर रहा। 4 नायक दुइनउँ कैदियन क यूसुफ क देखरेख मँ राखेस। दुइनउँ कछू टेम तलक जेल मँ रहेन। 5 एक रात दुइनउँ कैदियन सपना देखेन। दुइनउँ कैदी मिस्र क राजा क रोटी पोवइया अउ दाखरस देइवाला नउकर रहेन। हर एक कैदी क आपन-आपन सपना रहेन अउ हर एक सपना क अलग अलग अऱथ रहा। 6 यूसुफ दूसर भिन्सारे ओनकइ लगे गवा। यूसुफ लखेस कि दुइनउँ मनई परेसान रहेन। 7 यूसुफ पूछेस, “आजु तू पचे ऍतना परेसान काहे देखाइ पड़त ह?” 8 दुइनउँ मनई जवाब दिहन, “पिछली रात हम पचे सपना देखा, मुला हम लोग नाहीं बूझित कि सपना क का अऱथ अहइ? कउनो मनई अइसा नाही अहइ कि जउन सपना क अऱथ बतावइ या हम पचन क साफ साफ बतावइ।”यूसुफ ओनसे कहेस, “सिरिफ परमेस्सर ही अइसा अहइ जउन सपना क बूझत अउ अऱथ बतावत ह। ऍह बरे मइँ निवेदन करत हउँ कि आपन सपना मोका बतावा।” 9 ऍह बरे दाखरस देइवाला नउकर यूसुफ क आपन सपना बताएस। नउकर कहेस, “मइँ सपना मँ अंगूरे क लता देखेउँ। 10 उ अंगूरे क लता क तीन ठु डारियन रहिन। मइँ डारियन मँ फूल आवत अउ ओनकइ अंगूर बनत लखेउँ। 11 मइँ फिरौन क पिआला लिए रहेउँ। ऍह बरे मइँ अगूंरन क लिहेउँ अउ पिआला मँ रस निचोड़ेउँ। तब मइँ पिआला फिरौन क दिहेउँ।” 12 तब यूसुफ कहेस, “मइँ तोहका सपन क अऱथ बताउब। तीन ठु डारियन क अऱथ तीन दिन अहइ। 13 तीन दिन बीतइ क पहिले फिरौन तोहका छिमा करी अउ तोहका तोहरे कामे प लौटे प देइ। तू फिरौन क बरे उहइ काम करब्या अउर जउन पहिले करत रह्या। 14 मुला जब तू अजाद होइ जाब्या तउ मोका सुमिर्‌या। मोर मदद किह्या। फिरौन स मोरे बारे मँ कह्?या जेहसे मइँ इ जेल स बाहेर होइ सकउँ। 15 मोका हिब्रू लोगन क देस स लावा गवा रहा। मइँ हियाँ कउनो अपराध भी नाही किहेउँ ह। ऍह बरे मोका जेल मँ न होइ चाही।” 16 रोटी बनावइ वाला लखेस कि दूसर नउकर क सपना अच्छा रहा। ऍह बरे रोटी पोवइया यूसुफ स कहेस, “मइँ भी सपना देखेउँ। मइँ देखेउँ कि मोरे मूँड़े प तीन ठु रोटी क टोकरी बाटइ। 17 सब त ऊपर क टोकरी मँ हर किसिम क पका भवा भोजन रहेन। इ भोजन राजा बरे रहा। मुला खइया क चिरइयन चुगत रहिन।” 18 यूसुफ जवाब दिहस, “मइँ तोहका बताउब कि सपना क का अऱथ अहइ? तीन टोकरी क अऱथ तीन दिन बाटइ। 19 तीन दिन बीतइ स पहिले राजा तोहका इ जेलि स बाहेर निकारी। तब राजा तोहार मूँड़ काटि डाइ। उ तोहरे तने क एक ठु खम्भा स लटकाइ अउ चिरइयन तोहरे तने क खइही।” 20 तीन दिना पाछे फिरौन क जन्म दिन रहा। फिरौन आपन सबहि नउकरन क दावत दिहस। दावत क टेम फिरौन दाखरस देइवाला अउ रोट पोवइया नउकरन क जेल स निकसइ दिहस। 21 फिरौन दाखरस देइवाला नउकर क अजाद कइ दिहस। फिरौन ओका नउकरी प लौटाइ दिहस अउ दाखरस देइवाला नउकर फिरौन क हाथे मँ एक ठु पिआला दिहस। 22 मुला फिरौन रोटी पोवइया क मार डाएस। सब बातन जइसे यूसुफ होइ बरे बताए रहा वइसेन ही भइन। 23 मुला दाखरस देइवाला नउकर क यूसुफ क मदद करब याद नाही रहा। उ यूसुफ क बारे मँ फिरौन स कछू नाही कहेस। दाखरस देइवाला नउकर यूसुफ क बारे मँ बिसरि गवा।

Genesis 41

1 दुइ बरिस बाद फिरौन सपना लखेस। फिरौन सपने मँ लखेस कि उ नील नदी क किनारे खड़ा अहइ। 2 तब फिरौन सपने मँ नदी स सात गइयन क बाहेर आवत लखेस। गइयन मोटी अउ सुन्नर रहिन। गइयन हुआँ खड़ी रहिन अउ घासे प चरत रहिन। 3 तब सात दूसर गइयन नदी स बाहेर आइन, अउर नदी क किनारे मोटी गइयन क निचके ठाड़ होइ गइन। मुला इ गइयन दूबर अउ देखन मँ बीमार लगत रहिन। 4 इ सातउ दूबर अउर बीमार गइयन, सुन्नर मोटी सात गइयन क खइ गइन। तब फिरौन जाग उठा। 5 फिरौन फुन सोवा अउ दूसर दाईं मपना लखेस। उ सपने मँ अनाज क सात बाल एक ही पउधा प लखेस। अनाजे क बालन मोटी अउ अच्छी रहिन। 6 तब उ उहइ अनाज क पाछे सात अनाजे क बालन क जमी लखेस। अनाजे क इ बालन पातर अउ गरम हवा स नस्ट होइ गइ रहिन। 7 तब्बइ सात पातर बालन सात ठु मोटवार अउ बढ़िया बालन क खइ लिहन। फिरौन पुन जागि उठा अउ उ समझेस कि इ सिरिफ सपना ही बाटइ। 8 दूसर भिन्सारे फिरौन इ सपनन क बारे मँ परेसान रहा। ऍह बरे उ मिस्र क सबहि जादूगर लोग अउ सबहि गुनी लोगन क बोलाएस। फिरौन ओनका सपना बताएस। मुला ओन लोगन मँ स कउनो भी सपना क साफ या ओकर अरथ न बताइ सका। 9 तब दाखरस देइवाला नउकर क यूसुफ याद आवा। नउकर फिरौन स कहेस, “मोरे संग जउन कछू भवा रहा उ मोका याद आवत अहइ। 10 आप मोह प अउ रोटी पोवइया प कोहान रहेन अउ आप हम दुइनउँ क जेलि मँ धाँध दिहे रहेन। 11 जेल मँ एक ही रात हम दुइनउँ सपना देखेन। हर एक सपना अलग अऱथ रखत रहा। 12 एक ठु हिब्रू नउजवान हम पचन क संग जेल मँ रहा। उ अंगरच्छकन क नायक क नउकर रहा। हम पचन आपन आपन सपना ओका बतावा, अउ उ सपना क अऱथ हम लोगन क बुझाएस। उ हर सपना क अऱथ हम पचन क समझाएस। 13 जउन अऱथ उ बताएस उ सबइ ठीक निकरेन। उ बताएस कि मइँ अजाद होब अउ आपन काम मँ वापस लउट आउब। अउर इहइ भवा उ कहेस कि रोटी पोवइया क मार कइ टाँग दीन्हा जाइही। अउ उहइ भवा।” 14 ऍह बरे फिरौन यूसुफ क जेल स बोलाएस। रच्छक हाली स यूसुफ क जेल स बाहेर लिआएन। यूसुफ हजामत बनावइके अउर कपड़े बदल के फिरौन क समन्वा खड़ा भवा। 15 तब फिरौन यूसुफ स कहेस, “मइँ एक सपना लखेउँ ह। मुला कउनो अइसा नाहीं अहइ जउन सपना क अऱथ मोका समझाइ सकइ। मइँ सुनेउँ ह कि जब कउनो सपना क बारे मँ तोहसे कहत ह कि तब तू सपन क अरथ अउ ओनका फरियाइ सकत ह।” 16 यूसुफ जवाब दिहस, “मोर आपन बुद्धि नाही अहइ कि मइँ सपनन क बूझ सकउँ। सिरिफ परमेस्सर ही अहइ जउन अइसी सकती राखत ह अउर फिरौन बरे परमेस्सर ही इ करी।” 17 तब फिरौन कहेस, “अपने आप क, मइँ नील नदी क किनारे ठाड़ लखेउँ। 18 मइँ सात गइयन क नदी स बाहर आवत लखेउँ अउ घास चरत देखेउँ। इ गइयन मोटी अउ सुन्नर रहिन। 19 तब मइँ दूसर सात गइयन क नदी स बाहेर आवत देखेउँ। इ सबइ गइयन पातर अउ भद्दी रहिन। मइँ मिस्र देस मँ जेतनी गइयन देखेउँ ह ओनमाँ स उ सबइ सब स जियादा बुरी रहिन। 20 अउ ऍन भद्दी अउर पातर गइयन पहिली सुन्नर सात गइयन क खाइ डाएन। 21 मुला सातउ गइयन क खाए क पाछे भी उ पचे पातर अउ भद्दी रहिन। तू ओनका लखा तउ नाहीं जान सक्‌त्या कि उ पचे दूसर सात गइयन क खाया ह। उ पचे ओतनी ही भद्दी अउ पातर देखाइ पड़त रहिन जेतना सुरु मँ रहिन। तब मइँ जाग गवा। 22 “तब मइँ आपन दूसर सपना मँ अनाज क सात बालन एक ही पउधा प उगी भइ देखेउँ। इ सबइ अनाज क बालन अच्छी अउ दानन स भरी भइ रहिन। 23 तब ओनके पाछे सात दूसर बालन उगिन। मुला इ सबइ सात बालन पातर, भद्दी अउ गरम हवा स नस्ट भइ रहिन। 24 तब सात पातर बालन सात अच्छी बालन क खाइ डाएन।“मइँ इ सपना क आपन जादूगर लोगन क बताएउँ मुला कउनो सपने क अऱथ मोका नाही समझाएस। एकर अऱथ का अहइ?” 25 तब यूसुफ फिरौन स कहेस, “इ दुइनउँ सपना एक ही अऱथ रखत हीं। परमेस्सर बतावत ह कि उ हाली का करइ क जात अहइ। 26 सात अच्छी गइयन अउ सात अच्छी अनाजे क बालन सात बरिस अहइँ-दुइनउँ सपना एक ही अहइँ। 27 सात दूबर अउ भद्दी गइयन अउ सात बुरी अनाजे क बालन देस मँ भुखमरी क सात बरिस अहइँ। इ सबइ सात बरिस, बढ़िया ,सात बरिस क पाछे अइही। 28 पमरेस्सर आप क इ देखाइ दिहस ह कि हाली ही का होइवाला अहइ। इ वइसा ही होइ जइसा मइँ कहेउँ ह। 29 आप क सात बरिस मिस्र मँ अच्छी पइदावार अउ भोजन इफरात होइही। 30 मुला इ सात बरिस क पाछे पूरे देस मँ भुखमरी क सात बरिस अइही। जउन समूचइ मिस्र मँ पइदा भ अहइ ओका लोग बिसरि जइही। इ अकाल देस क बर्बाद कइ देइ। 31 काहेकि अकाल ऍतना भयानक होइ कि लोग प्रयाप्त खइया खाइ का होत ह इ बिसरि जाइही। 32 “हे फिरौन, आपन एक ही बारे मँ दुइ सपना लखे रहेन। इ इ बात क देखावइ बरे भवा कि परमेस्सर फुरइ ही अइसा होइ देइ अउऱ इ बताएस ह कि परमेस्सर ऍका हाली ही होइ देइ। 33 ऍह बरे हे फिरौन आप एक अइसा मनई चुनइँ जउन बहोत चुस्त अउ बुध्दिमान होइ। आप ओका मिस्र देस क निगराँकार बनावइँ। 34 तब आपन दूसर मनई क जनता स भोजन बटोरइ बरे चुनइँ। लोगन क सात अच्छे बरिस मँ जेतॅना अनाज पइदा करइँ, ओकर पाँचवाँ हीसा ओनका देइ चाही। 35 ओनका हुकुम देइँ कि जउन अच्छे बरिस आवइँ ओहमाँ भोजन बटोरइँ। उ सहरन मँ भोजन क जमा करइँ। तब उ पचे भोजन क रच्छा उ टेम तलक करिही जब ओनकइ जरुरत होइ। 36 उ भोजन मिस्र देस मँ आवइवाली भुखमरी क सात बरिस मँ मदद करी। तब मिस्त्र मँ सात बरिस मँ लोग भोजन क कमी स मरिही नाहीं।” 37 फिरौन क इ नीक बिचार मालुम भवा। एहसे सबहि अफसर राजी रहेन। 38 फिरौन आपन अफसरन स पूछेस, “का तू लोगन मँ स कउनो इ काम क करइ बरे यूसुफ स अच्छा मनई हेरि सकत ह परमेस्सर क आतिमा इ मनई क फुरइ बुध्दिमान बनाइ दिहस ह।” 39 फिरौन यूसुफ स कहेस, “परमेस्सर इ सबहि चीजन क तोहका देखॅाएस ह। ऍह बरे तू ही सबन त जियादा बुध्दिमान अहा। 40 ऍह बरे मइँ तोहका आपन महल क निगराँ आधिकारी बनउब। जनता तोहरे हुकुम क मानी। सिरिफ मइँ राजा ही तोहसे बड़वार रहब।” 41 एक खास जलसा अउ नुमाइस रही जेहमाँ फिरौन यूसुफ क नवाब बनाएस। तब फिरौन यूसुफ स कहेस, “मइँ अब तोहका पूरे देस क राजा बनावत अहउँ।” 42 तब फिरौन आपन सरकारी मोहरवाली अंगूठी यूसुफ क दिहस अउ यूसुफ क एक सुन्नर रेसमी ओढ़ना पहिरइ क दिहस। फिरौन यूसुफ क गले मँ एक ठु सोना क हार डाएस। 43 फिरौन दूसर रथे प यूसुफ क सवार होइ क कहेस। ओकरे रथे क अगवा खास रच्छक चलत रहेन। उ पचे लोगन स कहत रहेन, ‘हे मनइयो, यूसुफ क निहुरिके पैलगी करा।”इ तरह यूसुफ पूरे मिस्र क राज्जपाल बना। 44 फिरौन ओसे कहेस, “मइँ सम्राट फिरौन अहउँ। ऍह बरे मइँ जउन करइ चाहब, करब। मुला मिस्र मँ कउनो दूसर मनई हाथ गोड़ नाही हिलाइ सकत ह जब तलक तू ओसे न कहा।” 45 फिरौन ओका दूसर नाउँ सपन तपानेह दिहस। फिरौन आसनत नाउँ क मेहरारु जउन ओन क पुजारी पोती पर क बिटिया रही, यूसुफ क मेहरारु क रुप मँ दिहस। इ तरह यूसुफ समूचइ मिस्र देस क राज्जपल होइ गवा। 46 यूसुफ उ टेम तीस बरिस क रहा जब उ मिस्र क सम्राट क सेवा करइ लाग। यूसुफ पूरा मिस्र देस मँ जात्रा किह। 47 अच्छे सात बरिसन मँ देसे मँ पइदावार बहोतइ ढेर क भइ 48 अउर यूसुफ मिस्र मँ सात बरिस खइया क चीजन क बचाएस। यूसुफ खइया क सहरन मँ बटोरेस। यूसुफ सहर क चारिहु कइँती क खेतन मँ पइदा भवा अनाजे क हर सहर मँ बटोरेस। 49 यूसुफ बहोत अनाज बटोरेस। इ समुद्दर क बालू क नाईं रहा। उ ऍतना अनाज बटोरेस कि ओकर वजन क भी न कूत कीन्ह जाइ सकइ। 50 यूसुफ क मेहरारु आसनत ओन क याजक पोतीपरा क बिटिया रही। भुखमरी क पहिले बरिस क आवइ पहिले युसूफ अउ आसनत क दुइ पूत भएन। 51 पहिले पूत क नाउँ मनस्से धरा गवा। यूसुफ ओकर इ नाउँ राखेस काहेकि उ बताएस, “मोका जेतना सारे कस्ट भएन अउ घरे क हर बात परमेस्सर मोसे बिसराइ दिहस।” 52 यूसुफ दूसर पूत क नाउँ एप्रैम रखेस। यूसुफ ओकर नाउँ इ राखेस काहेकि उ बताएस, “मोका बहोतइ दुःख मिला, मुला परमेस्सर मोका हर एक चीज मँ सफलता दिहस।” 53 सात बरिस तलक लोगन क लगे खाइ बरे उ सब कछू भोजन रहा जेनकइ ओनका जरुरत रही अउर जउन चिजियन ओनका जरुरी रहिन उ सबइ सबहि जमत रहिन। 54 मुला सात बरिस बाद भुखमरी क दिन सुरु भएन। इ ठीक वइसा ही भवा जइसा यूसुफ कहे रहा। उ पहाँटा क कउनो भी देस मँ अन्न पइदा न भवा। मनइयन क लगे खाइ क कछू न रहा। मुला मिस्र मँ खाइ बरे इफरात रहा, काहेकि यूसुफ अनाज बटोरे रहा। 55 भुखमरी क टेम सुरु भवा अउ मनइयन भोजन बरे फिरौन क समन्वा रोवइ लागेन। फिरौन मिस्र क मनइयन स कहेस, “यूसुफ स पूछा। उहइ करा जउन उ कहइ क कहत ह।” 56 ऍह बरे जब देस मँ सब ठउरे प भुखमरी रही, यूसुफ अनाजे क गोदाम स मनइयन क अन्न बाँटेस। यूसुफ बटोरा भवा अन्न क मिस्र क लोगन क बेचेस। मिस्र मँ बहोत भयंकर अकाल रहा। 57 मिस्र क चारिहु कइँती क देसन क लोग अनाज बेसहइ मिस्र आएन। उ पचे यूसुफ क लगे आएन काहेकि हुआँ संसार क उ हींसा मँ सब ठउरे प भुखमरी रही।

Genesis 42

1 इ समइ याकूब क प्रदेस मँ भुखमरी रही। मुला याकूब क इ पता लाग कि मिस्र मँ अनाज अहइ। ऍह बरे याकूब आपन बेटवन स कहेस, “हम लोग हिआँ हाथ प हाथ धरे काहे बइठा अहइ? 2 मइँ सुनेउँ ह कि मिस्र मँ खरीदइ क अनाज बाटइ। ऍह बरे हम पचे हुआँ चली अउ हुआँ स आपन खाइ क बरे अनाज बेसही, तब हम लोग जिअत रहब, मरब नाहीं।” 3 ऍह बरे यूसुफ क भाइयन मँ स दस अन्न खरीदइ बरे मिस्र गएन। 4 याकूब बिन्यामीन क नाही पठएस। (बिन्यामीन यूसुफ क एक ही सगा भाई रहा।) याकूब एह बरे डरा भवा रहा कि बिन्यामीन पइ कउनो तरह क खतरा आवइ सकत ह। 5 कनान मँ भुखमरी क समइ बहोत खौफनाक रहा। ऍह बरे कनान क बहोत स लोग अन्न बेसहइ मिस्र गएन। ओनही लोगन क संग मँ इस्राएल क पूतन भी रहेन। 6 इ टेम यूसुफ मिस्र क राज्जपाल रहा। सिरिफ यूसुफ ही रहा जउन मिस्र आवइ वालन लोगन क अन्न बेचइ क हुकुम देत रहा। यूसुफ क भाई ओकरे लगे आएन अउ उ पचे ओकर निहुरिके पैलगी किहेन। 7 यूसुफ आपन भाइयन क लखेस अउ उ ओनका पहिचान लिहेस कि उ पचे कौन अहइँ। मुला यूसुफ ओनसे इ तरह बात करत रहा जइसे उ ओनका पहिचानत नाही उ ओनके संग कड़ाई स बात किहस। उ कहेस, “तू लोग कहा स आया ह”भाइयन जवाब दिहन, “हम कनान देस स आए अहइँ। हम पचे अनाज बेसहइ आवा अही।” 8 यूसुफ ने पहिचान लिहेस कि उ पचे ओकर भाई अहइँ। मुलाा उ पचे नाहीं जानत रहेन कि उ कउन अहइ? 9 यूसुफ ऑन सपनन क याद किहेस जेनका उ आपन भाइयन क बारे मँ लखे रहा।यूसुफ आपन भाइयन क जासूस कहत हयूसुफ आपन भाइयन स कहेस, “तू पचे अनाज बेसहइ नाहीं आया ह। तू लोग जासूस अहा। तू लोग इ पता लगावइ आया ह कि हम कहा कमजोर अही?” 10 मुला भाइयन ओसे कहेन, “नाही। महोदय! हम तउ आपक सेवक क रुप मँ आइ अही। हम पचे सिरिफ अनाज बेसहइ आइ अही। 11 हम सबहि लोग भाई अही, हम पचन क एक ही पिता अहइ। हम लोग ईमानदार अही। हम लोग सिरिफ अनाज बेसहइ आइ अही।” 12 तब यूसुफ ओनसे कहेस, “नाही! तू लोग इ पता लगावइ आया ह कि हम पचे कहाँ कमजोर अही?” 13 भाइयन कहेन, “नाही! हम सबहिं भाई भाई अही। हमरे परिवारे मँ बारह भाई अहइँ। हम सब क एक ही पिता अहइ। हम लोगन क सब स लहुरा भाई अबहु भी हमरे पिता क संग घरे प बाटइ अउ दूसर भाई बहोत समइ पहिले मरि गवा। हम लोग आप क समन्वा सेवक क नाईं अही। हम लोग कनान देस क अही।” 14 मुला यूसुफ कहेस, “नाही! मोका पता अहइ कि मइँ ठीक अहउँ। तू भेदिया अहा। 15 मुला मइँ तू लोगन क इ साबित करइ क मौका देब कि तू लोग फुरइ कहत बाट्या। तू लोग इ जगह तब तलक नाहीं तजि सकत्या जब तलक तू पचन क लहुरा भाई हिआँ नाही आवत। 16 ऍह बरे तू लोगन मँ स एक ठु लउटइ अउ आपन लहुरे भाई क हिआँ लइ आवइ। उ समइ तलक दूसर हिआँ कैद मँ रइही। हम देखब कि का तू लोग फुरइ बोलत अहा। मुला मोका बिस्सास अहइ कि तू पचे जासूस अहा।” 17 तब यूसुफ ओन सब क तीन दिना बरे जेल मँ नाईं दिहस। 18 तीन दिन बाद यूसुफ ओनसे कहेस,”मइँ परमेस्सर क भय मानत हउँ। ऍह बरे मइँ तू लोगन क इ सिद्ध करइ क एक मौका देब कि तू लोग फुरइ बोलत अहा। तू लोग इ काम करा अउर मइँ तू लोगन क जिअइ देब। 19 अगर तू लोग ईमानदार मनई अहा तउ आपन भाइयन मँ स एक क जेल मँ रहइ द्या। दूसर भाइयन जाइ सकत ही अउ आपन लोगन बरे अनाज लइ जाइ सकत ही। 20 तब यदि तू आपन सब स लहुरा भाई क लइके हिआँ मोरे लगे आवा। इ तरह मइँ पतियाब कि तू लोग फुरइ बोलत अहा।”भाइयन इ बात क मान लिहन। 21 उ पचे आपुस मँ बतियानेन “हम पचन क सजा दीन्ह गइ ह। काहेकि हम पचे आपन सब स लहुरा भाई क संग बुरा किहे अही। हम पचे ओकरे मुसीबत क निहारा जेहमाँ उ रहा। उ आपन रच्छा बरे हम पचन स बिनती किहस। मुला हम सबइ ओकर एकहु न सुना। ऍह बरे हम पचे दुःखन मँ अही।” 22 तब रूबेन ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे कहेउँ रहा कि उ लरिका क कछू भी बुरा जिन करा। मुला तू पचे मोरउ एक न सुन्या। ऍह बरे अब हम ओकरी मउत बरे सजा पावत अही।” 23 यूसुफ आपन भाइयन स बात करइ एक ठु दु भासिया काम लेत रहा। ऍह बरे भाइयन नही जान पाया कि यूसुफ ओनकइ भाखा जानत बाटइ। मुला उ पचे जउन कछू कहत रहेन ओका यूसुफ सुनत अउ समझात रहा। 24 ओनकइ बातन स यूसुफ बहोत दुःखी भवा। ऍह बरे यूसुफ ओनसे अलग हटि गवा अउ रोइ पड़ा। तनिक देर मँ यूसुफ ओनके लगे लउटा। यूसुफ उ भाइयन मँ स सिमौन क धरेस अउ ओका बाँधेस जब कि दूसर भाई लखत रहेन। 25 यूसुफ कछू सेवकन क ओनकइ बोरा मँ अनाज भरइ क कहेस। भाइयन इ अनाजे क दाम यूसुफ क दिहन। मुला यूसुफ उ धने क नाही लेइ क फइसला किहस। उ उ धने क ओनकई अनाज क बोरन मँ धरइ बरे सेवकन क हुकम दिहस। तब यूसुफ ओनका उ सबइ चीजन क दिहस, जेनकइ जरुरन ओनकइ घरे तलक लउटइ वाली जात्रा मँ होइ सकत रही। 26 ऍह बरे भाइयन अनाजे क आपन गदहन प लादेन अउ हुआँ स निकरि पड़ेन। 27 उ सबइ सबहि भाइयन राति क ठहरेन अउ भाइयन मँ स एक कछू अनाजे बरे आपन बोरा खोलेस अउ उ आपन धन बोरा मँ पाएस। 28 उ दूसर भाइयन स कहेस, “लखा, जउन दाम मइँ अनाजे बरे चुकाएउँ ह, उ हिआँ अहइ। कउनो मोरे बोरा मँ इ धन लौटाइ दिहे अहइ!” उ सबइ सबहि भाई बहोत जियादा डेराइ गएन। उ पचे आपुस मँ बतियानेन, “परमेस्सर हम पचन क संग का करत अहइ?” 29 उ सबइ भाई कनान देस मँ आपन पिता याकूब क लगे गएन। उ पचे जउन कछू भवा आपन पिता क बताएन। 30 उ पचे कहेन, “उ देस क राज्जपाल हम लोगन स बहोत रुखा होइके बोला। उ सोचेस कि हम पचे जासूस अही। 31 मुला हम लोग कहेन कि हम पचे ईमानदार अही। अउर हम पचे जासूस नाहीं अही। 32 हम पचे ओका बतावा कि हम लोग बारह भाई अही। अउर हम लोगन क सब स लहुरा भाई अब भी कनान देस मँ हमार बाप क संग बाटइ। अउर हमार दूसर भाई मरि गवा ह।” 33 “तब देस क राज्जपाल हम लोगन स इ कहेस, ‘इहइ सिद्ध करइ बरे कि तू ईमानदार अहा इ रस्ता अहइ: आपन भाइयन मँ स एक क हमरे लगे हिआँ छोड़ि द्या। आपन अनाज लइके आपन आपन परिवारन क लगे लउटि जा। 34 आपन सब स लहुरा भाइ क हमरे लगे लिआवा। तब मइँ समझब कि तू लोग ईमानदार अहा या तू लोग जासूस अहा। जदि तू पचे फुरइ बोलत अहा तउ मइँ तोहरे भाई क तोहका दइ देब। अउर तू लोग हमार देस स अनाज खरीदइ बरे आजाद होइ जाब्या।” 35 तब सब भाई आपन बोरन स अनाज लेइ गएन अउ हर एक भाई आपन धने क थइली आपन अनाजे क बोरा मँ पाएस। भाइयन अउर ओनकइ पिता धन क लखेन, अउर उ सबइ बहोत डरि गएन। 36 याकूब ओनसे कहेस, “का तू लोग चाहत ह कि मइँ आपन सबहि पूतन स हथवा धोइ बइठउँ। यूसुफ मरि गवा, सिमोन भी चलि गवा अउ तू लोग बिन्यामीन क भी मोसे दूरि लइ जावा चाहत ह!” 37 तब रूबेन आपन पिता स कहेस, “पिता जी आप मोरे दुइनउँ पूतन क मारि डाया जदि मइँ बिन्यामीन क आप क लगे न लउटावउँ। मोहे प बिस्सास करा। मइँ आप क लगे बिन्यामीन क लउटाइ लिआउब।” 38 मुला याकूब कहेस, “मइँ बिन्यामीन क तू लोगन क संग नाही जाइ देब। ओकर भाई अउर महतारी मरि गवा अहइँ अउर मोर मेहरारु राहेल क उहइ अकेल्ला पूत बचा बाटइ। मिस्र तक क जात्रा मँ जदि ओकरे संग कछू भवा तउ उ होनी मोका मारि डाइ। तू लोग मोका एक दुःख स भवा अउ बूढ़ा मनई क कब्र मँ पठउब्या।”

Genesis 43

1 उ देस मँ अकाल बहोत भयंकर रहा। 2 मनइयन उ सारा अन्न खाइ गएन जउन उ पचे उ सबइ मिस्र स लिआइ रहेन। जब अनाज खतम होइ गवा, याकूब आपन बेटवन स कहेस, “फुन मिस्र जा। हम लोगन क खाइ बरे कछू अउर अनाज बेसहा।” 3 मुला यहूदा याकूब स कहेस, “उ देस क राजा हम लोगन क चिताउनी दिहस ह। उ कहेस ह, ‘जदि तू लोग आपन भाई क मोरे लगे वापिस नाही लउब्या तउ मइँ तू लोगन स बात करइ स मना भी कइ देब’ 4 जदि तू हम लोगन क संग बिन्यामीन क पठउब्या तउ हम पचे जाब अउ अनाज खरीदब। 5 अन्यथा, हम लोग नाहीं जाब। उ मनई चिताउनी दिहस कि हम लोग बिन्यामीन के बिना वापस न आइ।” 6 इस्राएल कहेस, “तू लोग उ मनई स काहे कह्या, कि तोहार दूसर भाई भी अहइ। तू पचे मोरे संग अइसी बुरी बात काहे किह्या?” 7 भाइयन जवाब दिहन, “उ राज्जपाल हुसियारी स हम पचन स प्रस्न पूछेस। उ हम लोगन अउ हम लोगन क परिवार क बारे मँ जानइ चाहत रहा। उ हम लोगन स पूछेस, ‘का तू पचन क पिता अबहि जिउत अहइ? का तू लोगन क दूसर भाई घरे प बाटइ?’ हम लोग सिरिफ ओकरे प्रस्न क जवाब दीन्ह। हम लोग नाही जानत रहे कि उ हमरे दूसर भाई क आपन लगे लइ आवइ क कही।” 8 तब यहूदा आपन पिता इस्राएल स कहेस, “बिन्यामीन क मोरे संग पठवा। मइँ ओकर देखभाल करब। हम पचे मिस्र जरुर जाब अउ भोजन लिआउब। अगर हम पचे नाहीं जाई तउ हम सबहिं लोग आपन गदेलन क संग मरि जाबइ। 9 मइँ बिस्सास दियावत अहउँ कि उ सुरच्छित रही। मइँ एकर जिम्मेदार रहब। जदि मइँ ओका तोहरे लगे लउटाइके न लिआवउँ तउ तू सदा बरे मोका दोखी ठहराइ सकत ह। 10 जदि तू हमका पहिले जाइ दिहे होत्या तउ भोजन बरे हम लोग दुइ जात्रा अबहि तलक कर चुके होतेन।” 11 तब ओनके पिता इस्राएल कहेस, “अगर इ फुरइ सही अहइ तउ बिन्यामीन क आपन संग लइ जा। मुला राज्जपाल बरे कछू भेंट लइ जा। ओन चीजन मँ स कछू लइ जा जउन हम पचे आपन देस मँ बटोरि सका अही। ओकरे बरे कछू सहद, पिस्ता, बादाम, गोदं अउ लोहबान लइ जा। 12 इ टेम, पहिले स दुई गुना धन भी लइ ल्या उ धन क भी लइ ल्या जउन पिछली दाईं दिहे क पाछे लउटाइ दीन्ह गवा रहा। होइ सकत ह कि राज्जपाल स गलती भइ ह। 13 बिन्यामीन क संग ल्या अउ उ मनई क लगे लइ जा। 14 मइँ पराथना करत हउँ कि सर्वसक्तिमान परमेस्सर तू पचन क उ टेम मदद करी जब तू उ राज्जपाल क समन्वा ठाड़ होब्या। मइँ इ पराथना भी करत हउँ क उ बिन्यामीन अउ सिमोन क भी सुरच्छित आवइ देइ। अगर नाही तउ मइँ आपन पूतन स वंचित होइ जाब।” 15 ऍह बरे भाइयन राजा क देइ बरे भेंट लिहन अउ उ पचे जेतॅना धन पहिले लिहे रहेन ओकर दुइ गुना आपन साथ लिहन। बिन्यामीन भाइयन क संग मिस्र गवा। 16 मिस्र मँ यूसुफ ओनके संग बिन्यामीन क लखेस। यूसुफ आपन सेवक स कहेस: “ओन मनइयन क मोरे घरे लिआवा। एक ठु जनावर मारा अउ पकावा। उ सबइ मनई क आजु दुपहरिया मोरे संग भोजन करइ द्या।” 17 नउकर क जइसा कहा गवा रहा वइसा किहस। उ ओन मनइयन क यूसुफ क घर लइ गवा। 18 भाई लोग ससान रहेन जब उ सबइ यूसुफ क घर गएन। उ पचे कहेन, “हम पचे हिआँ उ धन बरे लिआवा ग अही जउन पिछली दाईं हम लोगन क बोरन मँ रखि दीन्ह ग रहा। उ पचे ऍका हम लोगन क बिरुद्ध प्रयोग करिही। तब उ पचे हम पचन क गदहन क लइ लेइहीं अउ हम लोगन क गुलाम बनइहीं।” 19 ऍह बरे यूसुफ क घरे क देख रेख करइवाला नउकर क लगे सबहि भाई गएन। 20 उ पचे कहेन, “महोदय हम सपथ लइके कहत हउँ कि पिछली दाईं हम लोग हिआँ भोजन खरीदइ बरे आए रहेन। 21 घर लउटत समइ हम पचे आपन बोरन क खाली कीन्ह अउ हर एक बोरा मँ आपन धन पावा। हम पचे नाहीं जानत रहेन कि ओनमाँ धन कइसे पहोंचा। मुला हम उ धन आप क लउटावइ बरे साथ लाए अहइँ अउ इ समइ हम लोग जउन अनाज बेसहइ चाहित ह ओकरे बरे धन लाए अही” 22 23 नउकर जवाब दिहस, “डेराअ जिन, मोहे प पतिआ। तोहरे पिता क परमेस्सर तू लोगन क धन क तोहरे बोरवन मँ भेंट क रुप मँ धरे हो। मोका सुमिरन अहइ कि तू लोगन पिछली दाईं अनाज क दाम मोका दइ दिहे रह्या।”तब नउकर सिमौन क जेल स बाहेर लिआवा। 24 नउकर ओन लोगन क यूसुफ क घरे लइ गवा। उ ओनका पानी दिहस अउ उ पचे आपन गोड़ पखारेन। उ ओनके गदहन क खाइ बरे चारा दिहस। 25 भाइयन सुनेन कि यूसुफ क संग खइया क खइही। ऍह बरे ओकर भाई आपन भेंट तइयार करइ मँ उ पचे दुपहर तलक लगा रहेन। 26 यूसुफ आपन घर गवा अउ भाइयन ओका भेंट दिहन जउन उ पचे आपन संग लइ आए र?हेन। तब उ पचे धरती प निहुरिके पैलगी किहन। 27 यूसुफ ओनकइ कुसल पूछेस। यूसुफ कहेस, “तू पचन क बुढ़वा पिता जेकरे बारे मँ तू लोगन क बताया, ठीक तउ अहइ? का उ अब तलक जिउत अहइ?” 28 भाइयन जवाब दिहेन, “हम पचन क बाप नीक अहइँ। उ सबइ अब तलक जिउत अहइँ अउर उ पचे फुन यूसुफ क समन्वा निहुरेन। 29 तब यूसुफ आपन बिन्यामीन क लखेस। (बिन्यामीन अउ यूसुफ क एक ही महतारी रहिन।) यूसुफ केहस, “का इ तू लोगन क सब स लहुरा भाई अहइ जेकरे बारे मँ तू बताए रह्?या?” तब यूसुफ बिन्यामीन स कहेस, “परमेस्सर तोह प कृपालु होइ।” 30 तब यूसुफ कमरा स बाहेर दौड़ि गवा। आपन भाइ बिन्यामीन क सहानुभूति मँ बेकाबू होइ गवा रहेन। ऍह बरे उ रोवइ वास्ते गुप्त ठउर खोजेस। उ आपन कमरा मँ गवा अउर हुवाँ रोवा। 31 तब यूसुफ आपन मुँह धोएस अउ बाहेर आवा। उ आपन आपन पइ काबू रखेस अउर कहेस, “अब खइया क खाइके टेम बाटइ।” 32 यूसुफ अकेले एक ठु मेज प खइया खाएस। ओकर भाइयन दूसर मेज प एक साथ भोजन किहन। मिस्र क लोगन दूसर मेज प एक संग खाएन। ओनकइ बिस्सास रहा कि ओनके बरे इ ठीक नाही कि उ पचे हिब्रू लोगन क संग खाइँ। 33 अब उ पचन्क यूसुफ क समन्वा मेज पइ पहलोठा स लइ क सबन त छोटा क तरतीब मँ बइठा गवा रहेन। ऍह बरे सबइ भाइयन अचरज करत भए रहेन। 34 नउकर लोग यूसुफ क मेज प ओनका भोजन लइ जात रहेन। मुला अउरन स अपेच्छा नउकर लोग बिन्यामीन क पाँच गुना बेसी दिहन। यूसुफ क संग उ सबहि भाई तब तलक खात रहेन अउ दाखरस पिअत रहेन जब तलक उ पचे नसा मँ मस्त नाही होइ गएन।

Genesis 44

1 तब यूसुफ आपन नउकरन क जउन कि घर क निगराँकार रहेन। हुकुम दिहेस। यूसुफ कहेस, “ओन मनइयन क बोरियन मँ ऍतना अनाज भरि द्या जेतॅना उ पचे लइ जाइ सकइँ। तउ हर एक मनइयन क पैसा ओकरे बोरा मँ उपर रख द्या। 2 मुला सब स लहुरा भाई क बोरा मँ उपर ओकरे आनाज क पैसा क संग मोर चाँदी क पियाला भी रख द्या।” नउकर यूसुफ क हुकुम पूरा किहस। 3 दूसर दिन भिन्सारे सब भाई लोग आपन गदहन क संग अपने देस क वापिस पठइ दीन्ह गएन। 4 जब उ पचे सहर बाहर कछू ही दूर गए रहेन तउ यूसुफ आपन नउकर क हुकुम दिहेस, “जा अउर ओन लोगन क पाछा करा। ओनका रोका अउ ओनसे कहा, ‘हम लोग आपन लोगन बरे नीक रह्या! मुला आप सबन हम लोगन बरे बुरा काहे रहे? 5 हमार मालिक यूसुफ इहइ पियाला स पिअत ही। उ पचे राज क बात जानइ बरे इहइ पियाला क प्रयोग करत ह। इ पियाला क चोराइके आप लोगन काहे अपराध किहेन?” 6 ऍह बरे नउकर हुकुम क मानेस। उ सवार होइ के भाइयन तलक गवा अउ ओनका रोकेस। नउकर ओनसे उ ही बातन किहेस जउन यूसुफ ओनसे कहइ बरे कहे रहा। 7 मुला भाइयन नउकर स कहेन, “राज्जपाल अइसी बातन काहे कहत हीं? हम पचे अइसा अपराध कबँहू नाहीं करब! 8 लखा हम पचे उ पैसा कनान देस लउटाइके लाए रहेन जउन पहिले हम लोगन क आपन बोरन मँ मिला रहा। एह बरे हम लोगन तोहार मालिक क घरे स चाँदी या सोना नाही चोरावइ चाही? 9 जदि आपन कउनो बोरा मँ चाँदी क उ पियाला पाइ जाइँ तउ उ मनई क मारि दीन्ह जाइ। तू ओका मार सकत ह अउर हम लोग तोहार नउकर होब।” 10 नउकर कहेस, “जइसा तू कहत ह हम वइसा ही करब, मुला मइँ उ मनई क मारब नाही। जदि मोका चाँदी क पियाला मिली तउ उ मनई मोर नउकर होइ। दूसर भाई लोग जाइ बरे अजाद होइहीं।” 11 तब सब भाई आपन आपन बोरा क हाली हाली भुइयाँ प खोलेन। 12 नउकर बोरन मँ लखब सुरु किहेस। उ सब स जेठ भाई स सुरु किहस अउ सब स लहुरा भाई प खतम किहस। उ बिन्यामीन क बोरा मँ पियाला पाएस। 13 सबइ भाई लोग बहोत दुःखी भएन। ऍह बरे उ पचे आपन ओढ़ना फारि डाएन। तउ आपन आपन गदहन पइ बोरन क लादेन अउर सहर क लउट पड़ेन। 14 यहूदा अउ ओकर भाई यूसुफ क घर लौटि गएन। यूसुफ तब तलक हुआँ रहा। भाइयन भुइँया तलक निहुरिके प्रणाम किहेन। 15 यूसुफ ओनसे कहेस, “तू पचे इ काहे किहा? का तू लोगन क पता नाही अहइ कि छिपी बातन क फरियावइ क मोर खास ढंग बाटइ। मोहसे बढ़िके अच्छी तरह कउनो दूसर इ नाही कइ सकत।” 16 यहूदा कहेस, “महोदय, हम पचन क कहइ बरे कछू नाही अहइ। ऍका फरियावइ क कउनो दूसर तरीका नाही बा। इ देखावइ क कउनो तरीका नाही बा कि हम पचे अपराधी नाहीं अही। हम पचे अउर कछू किहे होइ जेकरे बरे परमेस्सर हमका अपराधी ठहराएस ह। एह बरे, हम सबहिं बिन्यामीन क साथ, आपका दास होब।” 17 मुला यूसुफ कहेस, “मइँ तू पचन्क सबहि क आपन दास न बनाउब। सिरिफ उहइ मनई जेकर बोरा मँ पियाला पावा गवा रहा, मोर दास होइ। तू दूसर लोग आपन पिता क लगे जाइ बरे अजाद अहइँ।” 18 तब यहूदा क लगे गवा अउ उ कहेस, “महोदय, मेहरबानी कइके मोका खुद आपसे साफ कहि लेइ द्या। कृपा कइके मोसे नाखुस न ह्?वा। मइँ जानत अहउँ कि आप खुद फिरौन जइसे अहइँ। 19 जब हम लोग पहिले हिआँ आए रहे, आप पूछे रहेन कि ‘का तोहार पिता या भाई अहइँ?’ 20 अउर हम आप क जवाब दीन्ह, ‘हमरे एक ठु पिता अहइँ, उ बुढ़ान अहइँ अउ हम लोगन क एक लहुरा भाई अहइ। हमार पिता ओसे बहोत ज्यादा पियार करत हीं काहेकि ओकर जन्म ओकरे बुढ़ापे मँ भवा रहा, अउर लहुरा बेटवा क भाई मरि गवा एह बरे इ सिरिफ अकेला बचा अहइ जउन उ मेहरारु स जनमे रहा। हम पचन क पिता ओका बहोत पियार करत हीं।’ 21 तब आप हमसे कहे रहेन, ‘उ भाई क मोरे लगे लिआवा। मइँ ओका लखइ चाहत हउँ।’ 22 अउ हम लोग कहे रहे, ‘इ नान्ह लरिका नाही आइ सकत। उ आपन बाप क नाही तजि सकत। अगर ओकरे पिता क ओसे हाथ धोवइ पड़इ तउ ओकर पिता ऍतना दुःखी होइ कि उ मरि जाइ।’ 23 मुला आप हमसे कहेन, ‘तू लोग आपन छोटका भइया क जरुर लिआवा, नाही तउ मइँ फुन तू लोगन क हाथे अनाज न बेचब।’ 24 ऍह बरे हम लोग आपन पिता क लगे लउटे अउ आप जउन कछू कहेन, ओनका बतावा। 25 “पाछे हम पचन क पिता कहेन, ‘फुन जा अउ हम लोगन बरे कछू अउर अन्न खरीदा।’ 26 हम लोग ओसे कहा, ‘हम लोग आपन सब स लहुरा भाई क बिना नाही जाइ सकित। राज्जपाल कहेस ह कि उ तब तलक हम लोगन क अनाज नाहीं बेची जब तलक उ हमरे सबन त लहुरे भइया क नाही लखि लेत।’ 27 तब मोर पिता हम लोगन स कहेस, ‘तू लोग जानत ह कि मोर मेहरारु राहेल मोका दुइ पूत दिहस। 28 मइँ एक पूत क दूरी जाइ दिहेउँ अउ ओका जंगली जनावर मारि डाएन अउ तब स मइँ ओका नाही लखेउँ ह। 29 अगर तू पचे मोर पूत क मोसे दूर लइ जाइ चाहत बाट्या अउ ओका कछू होइ जात ह तउ मोका ऍतना दुःख होइ कि मइँ मरि जाब।’ 30 ऍह बरे अब हम लोग आपन छोटका भाई क बिना घरे जाब तब हम पचन क पिता क इ निहारइ क पड़ी। उ छोटका बेटवा हमरे पिता क जिन्नगी मँ सबसे बेसी मानता रखत ह। 31 जब उ पचे लखिही छोटका बेटवा हम लोगन क संग नाहीं अहइ उ पचे मरि जइही अउर इ हम लोगन क दोख होइ। हम पचे आपन पिता क घोर दुःख अउ मउत क कारण होइ जाब। 32 “मइँ छोटके बेटवा क जिम्मेदारी लीन्ह ह। मइँ आपन पिता स कहेउँ, ‘जदि मइँ ओका आप क लगे लउटाअइके न लावउँ तउ आप सारी जिन्नगी भइ मोका दोखी ठहराइ सकत हीं।’ 33 ऍह बरे मइँ आप स माँगत अहउँ, अउर आप पराथना करत हउँ कि कृपा कइके छोटके लरिका क आपन भाइयन क संग लौटि जाइ देइँ अउ मइँ हिआँ रुकब अउ आप क दास होब। 34 मइँ आपन पिता क लगे लौट नाही सकत जदि हमरे संग छोटका भाई नाही रही। मइँ इ बात स बहोत ससान अहउँ कि मोरे बाप क संग का घटी।”

Genesis 45

1 यूसुफ आपन क अउर जियादा न संभारि सका। उ हुआँ हाजिर सबहि लोगन क समन्वा रोइ पड़ा। यूसुफ कहेस, “हर एक स कहा कि हिआँ स हट जाह।”ऍह बरे सबहिं लोग चला गएन। सिरिफ ओकर भाई ही यूसुफ क संग रहि गएन। तब यूसुफ ओनका बताएस कि उ कउन अहइ। 2 यूसुफ रोवत रहा, अउर फिरौन क महल क सब मिस्र क मनइयन सुनेन। 3 यूसुफ आपन भाइयन स कहेस, “मइँ आप लोगन क भाई यूसुफ अहउँ। का मोर पिता अब भी जीवित अहइँ?” मुला भाइयन ओका जवाब नाही दिहेन। उ पचे डेरान अउ उलझन मँ रहेन। 4 ऍह बरे यूसुफ आपन भाइयन स फुन कहेस, “मोरे लगे आवा।” ऍह बरे यूसुफ भाई क निअरे गएन अउ यूसुफ ओनसे कहेस, “मइँ आप लोगन क भाई यूसुफ अहउँ। मइँ उहइ अहउँ जेका मिस्री लोगन क हाथे आप लोग गुलाम क रुप मँ बेचे रहेन। 5 अब परेसान न होइ। आप लोग आपन किहे भए पइ गुस्सा न करइँ। उ तउ मोरे बरे परमेस्सर क योजना रही कि मइँ हिआँ आवउँ। मइँ हिआँ तू लोगन क जिन्नगी बचावइ बरे आवा हउँ। 6 इ खौफनाक भुखमरी क समइ दुइ बरिस ही अबहि बीता अहइ अउऱ अबहि पाँच बरिस बे पौध लगावइ या उपज क अइही। 7 ऍह बरे परमेस्सर तू लोगन स पहिले मोका हिआँ पठएस जेहसे मइँ इ देस मँ तू लोगन क बचाइ सकउँ। 8 इ आप लोगन क दोख नाही रहा कि मइँ हिआँ पठवा गवा। इ परमेस्सर क जोजना रही। परमेस्सर मोका फिरौन बरे पिता क समान बनाएस। ताकि मइँ ओकर सारा घर अउ समूचइ मिस्र क राज्जपाल बनि सकउँ।” 9 यूसुफ कहेस, “ऍह बरे हाली मोरे पिता क लगे जा। मोरे पिता स कहा कि ओकर पूत यूसुफ इ सँदेसा पठएस ह।”परमेस्सर मोका समूचइ मिस्र क राज्जपाल बनाएस ह। मोरे लगे आवइँ। इन्तजार न करइँ। अबहि आवइँ। 10 आप मोरे निचके गोसेन प्रदेस मँ रइही। आप क, आप क बेटवन क, आप क सबहि जनावरन अउ झुण्ड क सुआगत अहइ। 11 भुखमरी क अगले पाँच बरिस मँ मइँ आप क देखरेख करब। इ तरह आप क अउ आप क परिवारे क जउन चीजन अहइँ ओनसे आप क हाथ धोवइ क न होइ। 12 यूसुफ आपन भाइयन स बात करत रहा। उ कहेस, “अब आप लोग निस्चित रुप स लख सकत अहइँ कि इ फुरइ मइँ ही यूसुफ अहइँ’ अउर आप लोगन क भाई बिन्यामीन जानत ह कि इ मइँ ही आप लोगन क भाई अहउँ जउन आप लोगन स बात करत हउँ। 13 ऍह बरे मोरे पिता स मोका मिस्र क जउन सम्मान प्राप्त अहइ क बारे मँ कहइँ। आप लोगन जउन हिआँ लखेन ह उ हर एक चीज क बारे मँ मोरे पिता क बतावइँ। अब हाली करा अउ मोरे पिता क लइके मोरे लगे लौटा।” 14 तब यूसुफ आपन भाई बिन्यामीन क गले लगाएस अउ रोइ पड़ा अउ बिन्यामीन भी रोइ पड़ा। 15 तब यूसुफ सबहि भाइयन क चूमेस अउ ओन कइ बरे रोइ पड़ा। ऍकरे पाछे भाई ओकरे संग बतियाइ लागेन। 16 फिरौन क पता लाग कि यूसुफ क भाई ओकरे पास आवा अहइँ। इ खबर फिरौन क पूरे महल मँ सँचर गइ। फिरौन अउ ओकर नउकर इ बारे मँ बहोत खुस भएन। 17 ऍह बरे फिरौन यूसुफ स कहेस, “आपन भाइयन स कहा कि ओनका जेतना खइया क चाही, लइ लेइँ अउ कनान देस क लौटि जाइँ। 18 आपन भाइयन स कहा कि उ पचे आपन पिता अउ आपन परिवार क लइके हिआँ मोरे लगे आवइँ। मइँ तोहका रोजी बरे मिस्र मँ बढ़िया धरती देब अउ तोहार परिवार सब स अच्छा खइया क खाइ जउन हमरे लगे हिआँ अहइ।” 19 तब फिरौन कहेस, “हमरी सबन त बढ़िया गाडियन मँ स कछू आपन भाइयन क द्या। ओनका कनान जाइ अउ गाड़ियन मँ म आपन पिता, मेहररुअन अउ गदेलन क हिआँ आवइ द्या। 20 ओनकी सबइ चिजियन क हिआँ लावइ बारे मँ चिन्ता जिन करा। हम ओनका मिस्र मँ जउन सबन त बढ़िया अहइ, देब।” 21 ऍह बरे इस्राएल क पूतन इहइ किहेन। यूसुफ फिरौन क बचन क मुताबिक नीक गाडड़िन क दिहस अउ यूसुफ जात्रा बरे ओनका भरपूर भोजन दिहस। 22 यूसुफ हर एक भाई क एक एक जोड़ा सुन्नर ओढ़ना दिहस। मुला अउ यूसुफ बिन्यामीन क पाँच जोड़ा सुन्नर ओढ़ना दिहस अउ यूसुफ बिन्यामीन क तीन सौ चाँदी क सिवका भी दिहस। 23 यूसुफ आपन पिता क भेंट पठएस। उ मिस्र स बहोत स बढ़िया चीजन स भरा बोरन स लदा दस ठु गदहन क पठएस अउ उ आपन पिता बरे अनाज, रोटी अउ दूसर भोजन स लदी भइ दस ठु गदहियन क ओनकी वापसी जात्रा बरे पठएस। 24 तब यूसुफ आपन भाइयन क जाइ बरे कहेस। जब उ पचे जाइ क रहेन यूसुफ ओनसे कहेस, ‘सोझइ घरेजा अउ रस्ता मँ जिन लड्या।” 25 इ तरह भाइयन मिस्र क तजेन अउ कनान देस मँ आपन पिता क लगे गएन, 26 भाइयन ओनसे कहेन,”पिता जी यूसुफ अबहि जिअत अहइ अउ उ पूरा मिस्र देस क राजा अहइ।”ओनकइ पिता असमंजस मँ पड़ि गवा। उ ओन पइ नाही पतियान। 27 मुला यूसुफ जउन बातन क कहे रहा, भाइयन हर एक बात आपन पिता स कहेन। तब याकूब ओन गाड़ियन क लखेस जेनका यूसुफ मिस्र क वापसी जात्रा बरे पठए रहा। तब याकूब भाव बिभोर होइ गवा अउ बहो बहोतइ खुस भवा। 28 इस्राएल कहेस, “अब मोका बिस्सास अहइ कि मोर पूत यूसुफ अबहि जिअत अहइ। मइँ मरइ स पहिले ओका देखइ जात अहउँ।”

Genesis 46

1 ऍह बरे इस्राएल मिस्र क आपन जात्रा सुरु किहस। पहिले इस्राएल बेर्सेबा पहोंचा। हुआँ इस्राएल आपन पिता इसहाक क परमेस्सर क आरा़धना अउर बलि भेंट किहस। उ बलि दिहेस। 2 राति मँ परमेस्सर इस्राएल स सपना मँ बोला। परमेस्सर कहेस, “याकूब, याकूब”अउ इस्राएल जवाब दिहेस, “मइँ हिआँ अहउँ।” 3 तब परमेस्सर कहेस, “मइँ यहोवा तोहरे बाप क परमेस्सर अहउँ। मिस्र जाइ स डेराअ जिन। मिस्र मँ मइँ तोहका महान रास्ट्र बनाउब। 4 मइँ तोहरे संग मिस्र चलब अउ मइँ तोहका फुन मिस्र मँ स बाहेर निकारि लाउब। तू मिस्र मँ मरिब्या। मुला यूसुफ तोहरे संग रही। जब तू मरब्या तउ उ खुद आपन हाथन स तोहार आँखी बन्द करी।” 5 तब याकूब बेर्सेबा तजेस अउ मिस्र तलक जात्रा किहस। ओकर बेटवन, अर्थात इस्राएल क बेटवन अउ बाप, आपन मेहररुअन अउ आपन सबहि बच्चन क मिस्र लइ गएन। उ पचे फिरौन क जरिये पठई गइन गाड़ियन मँ जात्रा किहेन। 6 ओनके लगे, ओनकइ गोरु अउ कनान देस मँ ओनका आपन जउन कछू रहा, उ भी संग रहा। इ तरह इस्राएल आपन सबहि लरिकन अउ आपन परिवारे क संग मिस्र गवा। 7 ओकरे संग ओकर बेटवन अउ बिटियन अउ पोतन अउर पोतिन रहिन। ओकर सारा परिवार ओकरे संग मिस्र गवा। 8 इ इस्राएल क ओन पूतन अउ परिवारन क नाउँ अहइँ जउन ओकरे संग मिस्र गएन।रूबेन याकूब क पहिला पूत रहा। 9 रूबेन क पूत रहेन: हनोक, पललू, हेस्रोन अउ कर्म्मी। 10 सिमोन क पूत: यमूएल, यामीन, ओहद, याकीन अउ सोहर। हुआँ साऊल भी रहा। (साऊल कनानी मेहरारु स पइदा भवा रहा।) 11 लेवी क बेटवन: गोर्सोन, कहात अउ मरारी 12 यहूदा क पूतन: एर, ओनान, सेला, पेरेस अउ जेरह। (एर अउ ओनान कनान मँ रहत समइ मर ग रहेन।) पेरेस क पूतन: हेस्रोन अउ हामूल। 13 इस्साकार क पूतन: तोला, पुब्बा, योब अउ सिम्रोन। 14 जबूलून क पूतन: सेरेद, एलोन, अउ यहलेल। 15 रूबेन, सिमोन लेवी, यहूदा, इस्साकार अउ जबूलून जउन याकूब क मेहरारु लिआ क पूतन रहेन। लिआ क उ पूतन पद्दन-अराम मँ रहेन अउर ओकर संग दीना नाउँ क एक ठु बिटिया भी रही। इ परिवारे मँ तैंतीस मनई रहेन। 16 गाद क पूतन: सिय्योन, हाग्गी, सूनी, एसबोन, एरी, अरोदी, अउर अरेली। 17 आसेर क पूतन: यिम्ना, यिस्वा, यिस्वी, बरीआ अउ ओनकइ बहिन सेरह अउ बरीआ क पूतन: हेबेर अउ मल्कीएल रहेन। 18 इ सबइ याकूब क मेहरारु क दासी जिल्पा स ओकरे पूत रहेन। (जिल्पा लाबान क दुआरा ओकरे बिटिया लिआ क दीन्ह गवा रहेन।) इ परिवारे मँ सोलह मनई रहेन। 19 याकूब क संग ओकर मेहरारु राहेल स पइदा भवा पूत बिन्यामीन भी रहा। (यूसुफ भी राहेल स पइदा रहा, मुला उ पहिले स ही मिस्र मँ रहा।) 20 मिस्र मँ यूसुफ क दुइ पूतन रहेन, मनस्से अउ एप्रैम। (यूसुफ क मेहरारु ओन क याजक पोतीपेरा क बिटिया आसनत रही।) 21 बिन्यामीन क पूत: बेला, बेकेर, अस्बेल, गेरा, नामान, एही, रोस, मुप्पीम, हुप्पीम अउ आर्द। 22 उ पचे याकूब क मेहरारु राहेल स पइदा भए ओकर दुइ पूत रहेन। इ परिवार मँ चौदह मनई रहेन। 23 दान क पूत: हूसीम। 24 नप्ताली क पूतन: यहसेल, गूनी, सेसेर, अउर सिल्लेम। 25 उ पचे याकूब अउ बिल्हा क पूत रहेन। (बिल्हा राहेल क नउकरानी रही। जेका लाबन ओका दिहे रहेन) इ परिवारे मँ सात मनई रहेन। 26 इ तरह याकूब क सन्तानन मिस्र मँ पहोंचिन। ओनमाँ छाछठ ओकर सोझ संतान रहिन। (इ गनती मँ याकूब क बेटवन क मेहरारुअन सामिल नाही रहिन।) 27 यूसुफ क भी दुइ पूत रहेन। उ पचे मिस्र मँ पइदा भ रहेन। इ तरह मिस्र मँ याकूब क परिवार मँ सत्तर मनई रहेन। 28 इस्राएल पहिले यहूदा क यूसुफ क लगे पठएस। यहूदा गोसेन प्रदेस मँ यूसुफ क लगे गवा। जब इस्राएल अउ ओकर लोग उ प्रदेस मँ गएन। 29 यूसुफ क पता लाग कि ओकर पिता नगिचे आवत अहइ। ऍह बरे यूसुफ आपन ऱथ तइयार कराएस अउ आपन पिता इस्राएल स गोसेन मँ भेटंइ चला। जब यूसुफ आपन पिता क लखेस तब उ ओकरे गटइया स लपटि गवा अउ देर तलक रोवत रहा। 30 तब इस्राएल यूसुफ स कहेस, “अब मइँ सान्ति स मरि सकत हउँ। मइँ तोहार मुँह देखि लिहेउँ ह अउर मइँ जानत हउँ कि तू अबहि जिअत अहा।” 31 यूसुफ आपन भाइयन अउ आपन पिता क परिवार स कहेस, “मइँ जाब अउ फिरौन स कहब कि मोरे पिता हिआँ आइ ग अहइँ। मइँ फिरौन स कहब, ‘मोेर भाइयन अउ मोर पिता क परिवार कनान देस तजि दिहे अहइ अउर हिआँ मोरे लगे आइ ग अहइँ। 32 इ गड़रिया क परिवार अहइ। उ पचे हमेसा गोरु अउ खरका राखे अहइँ। उ पचे आपन सबहि जनावर अउ ओनकइ जउन कछू आपन अहइ ओका आपन संग लइ आए अहइँ।’ 33 जब फिरौन आप लोगन क बोलइही अउ आप लोगन स पूछिही, ‘आप लोग का काम करत ही?’ 34 आप लोग ओनसे कह्या, ‘हम पचे गड़रिया अही। हम सबइ पूरी जिन्नगी जनावरन क देखरेख मँ बितावा ह। हम लोगन स पहिले हमार पुरखन भी अइसे रहेन।’ तब फिरौन तू लोगन क गोसेन प्रदेस मँ रहइ क आग्या दइ देइ। मिस्र क लोग गड़रिया क पसन्द नाही करतेन, ऍह बरे बढ़िया उहइ होइ कि आप लोग गोसेन मँ ही ठहरइँ।”

Genesis 47

1 यूसुफ फिरौन क लगे गवा अउ उ कहेस, “मोर पिता, मोर भाई अउ ओनके सबहि परिवार हिआँ आइ ग अहइँ। उ सबइ आपन सबइ जनावर तथा कनान मँ ओनकइ आपन जउन कछू रहा, ओकरे संग अहइ। इ टेम उ सबइ गोसेन प्रदेस मँ अहइँ।” 2 यूसुफ आपन भाइयन मँ स पाँच क फिरौन क समन्वा हाजिर होइ बरे चुनेस। 3 फिरौन भाइयन स पूछेस, “तू लोग का काम करत अहा?”भाइयन फिरौन स कहेन, “महोदय, हम पचे गड़रिया अही। हम लोगन स पहिले हमार पुरखन भी गड़रिया रहेन।” 4 उ पचे फिरौन स कहेन, “कनान मँ भुखमरी क इ टेम बहोत बुरा बाटइ। हम लोगन क गोरुअन क घास वाला कउनो खेत बचा नाही रहि गवा बाटइ। ऍह बरे हम लोग इस देस मँ बसइ आवा अही। आप से हम पचे बिनती करत अही कि आप कृपा कइके हम लोगन क गोसेन प्रदेस मँ रहइ देइँ।” 5 तब फिरौन यूसुफ स कहेस, “तोहरे पिता अउ तोहार भाई तोहरे लगे आवा अहइँ। 6 तू मिस्र मँ कउनो भी जगह ओनके रहइ बरे चुन सकत ह। आपन पिता अउ आपन भाइयन क सबसे अच्छी भुइँया द्या। ओनका गोसेन पहटा मँ रहइ द्या अउ अगर उ सबइ कुसल गड़रिया अहउँ, तउ उ पचे मोरे जनावरन क भी देख भाल कइ सकत ही।” 7 तब यूसुफ आपन पिता याकूब क भितरे फ़िरौन क समन्वा बोलाएस। याकूब फिरौन क आसीर्बाद दिहस। 8 तब फिरौन याकूब स पूछेस, “आप क उमिर का अहइ?” 9 याकूब फिरौन स कहेस, “बहोत स कस्टन क संग मोर छोटी जिन्नगी रही। मइँ सिरिफ एक सौ तीस बरिस जिन्नगी बिताएउँ ह। मोर पिता अउ ओनके पुरखन मोसे बेसी उमिर तक जिअत रहेन।” 10 याकूब फिरौन क आसीर्बाद दिहस। तब फिरौन स बिदा लेइके चल दिहस। 11 यूसुफ फिरौन क हुकुम मानेस। उ आपन पिता अउ भाइयन क मिस्र मँ भुइँया दिहस। इ रामसेस सहर क निअरे मिस्र मँ सबसे बढ़िया भुइँया रही। 12 यूसुफ आपन पिता भाइयन अउ ओनके आपन लोगन क, जउन भोजन ओनका जरुरी रहा, दिहस। 13 भुखमरी क समइ अउर भी जियादा बुरा होइ गवा। देस मँ कही भी भोजन न रहा। इ बुरा समइ क कारण मिस्र अउ कनान बहोत गरीब होइ गएन। 14 देस मँ लोग जियादा स जियादा अनाज बेसहइ लागेन। यूसुफ धन बचाएस अउ ओका फिरौन क महल मँ लिआएस। 15 कछू समइ पाछे मिस्र अउ कनान मँ लोगन क लगे पइसा नाही रहा। उ पचे आपन सारा धन अनाज बेसहइ मँ खर्च कइ दिहन। ऍह बरे लोग यूसुफ क लगे गएन अउ बोलेन, “कृपा कइके हम पचन क खइया क द्या। हम पचन क धन खतम होइ ग अहइ। अगर हम लोग नाहीं खाब तउ आप क लखत लखत मरि जाब।” 16 मुला यूसुफ जवाब दिहस, “आपन गोरु मोका द्या अउर मइँ तू लोगन क भोजन देब।” 17 ऍह बरे लोग आपन गोरु, घोड़ा अउ दूसर सबहि जनावरन क भोजन बेसहइ बरे प्रयोग मँ लावइ लागेन अउ उ बरिस यूसुफ ओनके गोरुअन क लिहस अउ भोजन दिहस। 18 मुला दूसर बरिस लोगन क लगे जनावर नाही रहि गएन अउ भोजन बेसहइ बरे कछू न रहा। ऍह बरे मनई यूसुफ क लगे गएन अउ बोलेन, “आप जानत ही कि हम लोगन क लगे धन नाही बचा बाटइ अउ हमार सबहिं गोरु आप क होइ गए अहइँ। ऍह बरे हम लोगन क लगे कछू नाही बचा अहइ। उ बचा अहइ सिरिफ, जउन आप लखत ही, हमार तन अउ हमार भुइँया। 19 आप क लखत भए ही हम फुरइ मरि जाब। मुला जदि आप मोका भोजन देत ही तउ हम फिरौन क आपन भुइँया देब अउ ओकर गुलाम होइ जाब। हमका बिआ द्या जेनका हम बोइ सकी। तब हम लोग जिअत रहब अउ मरब नाहीं अउ भुइँया हम लोगन बरे फुन अनाज उगाई।” 20 ऍह बरे यूसुफ मिस्र क सारी भुइँया फिरौन बरे बेसहेस। मिस्र क सबहि लोगन आपन खेतन क यूसुफ क हाथ बेंचि दिहन। उ पचे इ ऍह बरे किहन काहे कि उ पचे बहोत भुखान रहेन। 21 अउर सबइ लोग फिरौन क दास होइ गएन। मिस्र मँ सब जगह लोग फिरौन क दास रेहन। 22 एक सिरिफ उहइ भुइँया यूसुफ नाही बेसहेस जउनयाजकन क कब्जा मँ रही। याजकन क भुइँया बेंचइ क जरुरत नाही रही। काहेकि फिरौन ओनके काम बरे ओनका पगार देत रहा। ऍह बरे उ पचे इ धन क खाइ बरे भोजन बेसहइ मँ खरच किहन। 23 यूसुफ लोगन स केहस, “अब मइँ तू पचन क अउ तोहरी भुइँया क फिरौन बरे बेसहेउँ ह। ऍह बरे मइँ तू पचन क बिआ देब अउ तू लोग आपन खेतन मँ पौध लगाइ सकत ह। 24 फसल काटइ क समइ तू लोग फसल क पाँचवाँ हीसा फिरौन क जरुर दिह। तू पचे आपन खातिर पाँच मँ स चार हीसा रखि सकत ह। तू लोग उ बिआ क जेका भोजन अउ बोवइ बरे रखब्या ओका दुसरे बरिस प्रयोग कइ सकब्या। अब तू आपन परिवारन अउ गदेलन क खिआइ सकत ह।” 25 मनइयन कहेन, “आप हम लोगन क जिन्नगी बचाइ लिहन ह।” हम लोग आप क अउ फिरौन क दास होइ मँ खुस अही।” 26 ऍह बरे यूसुफ उ समइ देस मँ एक नेम बनाएस अउ उ नेम अब तलक चला आवत अहइ। नेम क मुताबिक भुइँया स हर एक उपज क पाँचवाँ हीसा फिरौन क बाटइ। फिरौन सारी भुइँया क सुआमी अहइ। सिरिफ उहइ भुइँया ओकर नाही जउन याजकन क बाटइ। 27 इस्राएल मिस्र मँ रहेउँ। उ गोसेन पहटा मँ रहा। ओकर परिवार बाढ़ा अउ बहोत बड़वार होइ गवा। उ पचे मिस्र मँ उ भुइँया क पाएन अउ अच्छी जिन्नगी बिताएन। 28 याकूब मिस्र मँ सत्रह बरिस रहा। इ तरह याकूब एक सौ सैंतालीस बरिस क होइ गवा। 29 उ समइ आइ गवा जब इस्राएल समझ गवा कि उ हाली ही मरी, ऍह बरे उ आपन पूत यूसुफ क आपन लगे बोलाएस। उ कहेस, “अगर तू मोसे पिरेम करत ह तउ तू आपन हाथ मोरी जाँधे क तरे धइके मोका बचन द्या कि तू जउन मइँ कहब करब्या अउ तू मोरे बरे सच्चा रहब्या। जब मइँ मरब तउ मोका मिस्र मँ जिन दफनाया। 30 उहइ जगह मोका दफनाया जउने जगह मोरे पुरखन दफनावा गए अहइँ। मोका मिस्र स बाहेर लइ जा अउ मोरे पुरखन जहा दफनाए गवा अहइँ उहइ जगह मोका दफनावा।”यूसुफ जवाब दिहस, “मइँ बचन देत हउँ कि उहइ करब जउन आप कहत हीं।” 31 तब याकूब कहेस, “मोसे एक प्रण करा” अउर यूसुफ ओसे प्रण किहेस कि उ ऍका पूरा करी। तब इस्राएल आपन मूँड़ी खटिया प पाछे धरेस।

Genesis 48

1 कछू टेम पाछे यूसुफ क पता लाग कि ओकर पिता बेराम अहइ। ऍह बरे यूसुफ आपन दुइनउँ बेटहनन मनस्से अउ एप्रैम क संग लिहस अउ आपन पिता क लगे गवा। 2 जब यूसुफ पहोंचा तउ कउनो इस्राएल स कहेस, “तोहार पूत यूसुफ तोहका लखइ आवा ह।” इस्राएल बहोत दुर्बल रहा, मुला उ बहोत जतन किहेस अउ खटिया प बइठि गवा। 3 तब इस्राएल यूसुफ स कहेस, “कनान देस मँ लूज क जगह प सर्वसक्तीमान परमेस्सर मोका खुद दर्सन दिहस। परमेस्सर हुआँ मोका आसीर्बाद दिहस। 4 परमेस्सर मोसे कहेस, “मइँ तोहार एक बड़वार परिवार बनाउब। मइँ तोहका बहोत स बच्चन क देब अउर तू एक महान रास्ट्र बनब्या। तोहरे लोगन इ भुइँया प सदा बना रही। 5 अउर अब तोहार दुइ पूत बाटेन। मोरे आवइ स पहिले मिस्र देस मँ हिआँ इ सबइ पइदा भए रहेन। तोहार दुइनउँ पूत एप्रैम अउ मनस्से मोरे आपन बेटवन क तरह होइहीं। उ पचे वइसेन होइहीं जइसे मोका रूबेन अउ सिमोन अहइँ। 6 इ तरह इ दुइनउँ मोर पूत होइहीं। उ पचे मोर सबहि चीजन मँ हिस्सेदार होइही। मुला अगर तोहार दूसर पूत होइहीं तउ उ सबइ तोहार बच्चन होइहीं। मुला उ पचे भी एप्रैम अउ मनस्से क बेटवन क नाईं होइहीं। अऱथ अहइ भविस्स मँ एप्रैम अउ मनस्से क जउन कछू होइ, ओहमाँ हिस्सेदार होइहीं। 7 पद्दनअराम स जात्रा करत समइ मँ राहेल मरि गइ। इ बात मोका बहोतइ दुःखी किहस। उ कनान क भुइँया मँ मरी। हम पचे अबहि एप्राता कइँती जात्रा करत रहे। मइँ ओका एप्राता कइँती जाइवाली सड़क प दफनावा।” (एप्राता बेतलेहेम अहइ।) 8 तब इस्राएल यूसुफ क पूतन क लखेस। इस्राएल पूछेस, “इ सबइ लरिकन कउन अहइँ?” 9 यूसुफ आपन पिता स कहेस, “इ सबइ मोर बेटवन अहइँ। इ सबइ उ पचे लरिकन अही जेनका परमेस्सर मोका दिहस ह।”इस्राएल कहेस, “आपन बेटवन क मोरे लगे लइ आवा। मइँ ओनका असीसब।” 10 इस्राएल बुढ़वा रहा, अउर ओकर आँखिन ठीक नाही रहिन। ऍह बरे यूसुफ आपन बेटहनन क अपने बाप क निचके लइ गवा। इस्राएल बच्चन क चूमेस अउ गले स चिपकाएस। 11 तब इस्राएल यूसुफ स कहेस, “मइँ कबहु नाहीं सोचेउँ कि मइँ तोहार मुँह फुन लखब मुला देखा। परमेस्सर तोहका अउर तोहरे गदेलन क मोका निहारइ दिहस।” 12 तब यूसुफ बच्चन क गोदी स लिहस अउ उ पचे ओकरे पिता क समन्वा पैलगी करइ क निहुरेन। 13 यूसुफ एप्रैम क आपन दाहिन कइँती किहस अउ मनस्से क आपन बाईं कइँती इ तरह एप्रैम इस्राएल क बाईं कइँती रहा अउ मनस्से दाईं कइँती रहा। 14 मुला इस्राएल आपन हाथ क पहला बदलिके आपन दाहिन हाथ क लहुरा लरिका एप्रैम क मूँड़े प धरेस अउ तब बाएँ हाथ क इस्राएल जेठ लरिका मनस्से क मूँड़े प राखेस। उ आपन बाएँ हाथ क मनस्से प धरेस, तउ भी मनस्से क जन्म पहिले भवा रहा। 15 अउर इस्राएल यूसुफ क आसीर्बाद दिहस अउ कहेस,“मोरे पुरखा इब्राहीम अउ इसहाक हमरे परमेस्सर क आराधना किहस अउ उहइ परमेस्सर मोर पूरी जिन्नगी क रास्ता क देखॅवइया रहा बाटइ। 16 उहइ सरगदूत रहा जउन मोका सबहि कस्टन स बचाएस अउर मोर पराथना अहइ कि इ सबइ लरिकन क उ असीसइ। अब इ सबइ बच्चन मोर नाम पइही। उ पचे हमरे पुरखा इब्राहीम अउ इसहाक क नाउँ पइहीं। मइँ पराथना करत हउँ कि उ पचे धरती प महान परिवार अउ रास्ट्र बनिही।” 17 यूसुफ लखेस कि ओकर पिता एप्रैम क मूँड़े प दाहिना हाथ रखेस ह। इ यूसुफ क खुस न कइ सका। यूसुफ आपन पिता क हाथे क धरेस। उ ओका एप्रैम क मूँड़े स हटाइके मनस्से क मूँड़ प रखइ चाहत रहा। 18 यूसुफ आपन पिता स कहेस, “आप आपन दाहिन हाथ गलत लरिका प धरे अहा। मनस्से क जन्म पहिले अहइ।” 19 मुला ओकर पिता नकारेस, अउ कहेस, “पूत, मइँ जानत हउँ। मनस्से क जन्म पहिले अहइ अउर उ महान होइ। उ बहोत स लोगन क पिता भी होइ। मुला लहुरा भाई जेठ भाई स बड़ा होइ अउ लहुरे भाई क परिवार ओसे बहोत बड़ा होइ।” 20 इ तरह इस्राएल उ दिन ओनका आसीर्बाद दिहस। उ कहेस,“इस्राएल क लोग तोहरे नाउँ क प्रयोग आसीर्बाद देइ बरे करिही, उ लोगन कहब्या: परमेस्सर तोहका एप्रैम अउ मनस्से क तरह बनावइ।”इ तरह इस्राएल एप्रैम क मनस्से स बड़वार बनाएस। 21 तब इस्राएल यूसुफ स कहेस, “लखा मोरी मउत क टेम निचकाइ ग अहइ। मुला परमेस्सर तोहरे साथ अब भी रही। उ तोहका तोहरे पुरखन क देस तलक लउटाइ लइ जाइ। 22 मइँ तोहका अइसा कछू दिहेउँ ह जउन तोहरे भाइयन क नाही दिहेउँ ह। मइँ तोहका उ पहाड़े क देत अहउँ जेका मइँ एमोरी लोगन स जीतेउँ ह। उ पहाड़ बरे मइँ आपन तरवार अउ आपन धनुख स जुद्ध किहेउँ रहे अउर मोर जीत भइ रही।”

Genesis 49

1 ?तब याकूब आपन सबहि बेटवन क आपन लगे बोलाएस। उ कहेस, “मोर सबइ बेटउनो, हिआँ मोरे लगे आवा। मइँ तोहका बताउब कि भविस्स मँ का होइ। 2 “याकूब क पूते, एक साथे आवा अउ सुना, आपन पिता इस्राएल क सुना।” 3 “रूबेन, तू मोर पहिलउटी क बेटवा अहा। तू मोर पहिलउटी क बेटवा अउ मोरी सकती क पहिला सबूत अहा। तू मोर सबहि बेटवन स जियादा इज्जतदार अउ बरिआर अहा। 4 मुला तोहार उमंग बाढ़े का लहर क नाईं बेकाबू रहा। इसलिए तू मोर सबहि पूतन स जियादा सम्मानित पूत अउर नाही रहिसकब्या। तू आपन बाप क बिछाउना पइ चढया अउ ओकर पत्नियन मँ स एक क संग सोया। तू आपन पिता क बिछाउना क लज्जित किहेस ह।” 5 “सिमोन अउ लेवी भाई अहइँ। ओनका आपन तरवारे स लड़ब पियारा अहइ। 6 उ पचे छुपे रूप बुरी योजना बनाएन, मइँ ओनकइ योजना क कउनो हीसा नाहीं चाहत हउँ मइँ ओनकइ छुपी बइठकन क अनुमोदन नाही करब। उ पचे मनइयन क कतल किहन जब उ सबइ किरोध मँ रहेन। अउ उ पचे सिरिफ मजाक बरे जनावरन क चोट पहोंचाएन। 7 ओनकइ किरोध एक सराप अहइ। इ सबइ बहोत जियादा कठोर अहइ जब उ सबइ पगलात ही। याकूब क देस मँ ओनके परिवारन क आपन भुइँया न होइ। उ पचे पूरा इस्राएल मँ फइलि जइही।” 8 “यहूदा, तोहार भाईयन तोहार प्रसंसा करिहीं। तू आपन दुस्मनन क हरउब्या। तोहरे भाई तोहरे समन्वा निहुरिही। 9 यहूदा उ सेर क नाईं अहइ जउन कउनो जनावर क मारे होइ। हे मोर पूत, तू उ सेर क तरह अहा जउन आपना सिकार क बाद अराम करई बरे सोइ जात ह। अउर कउनो ऍतना बहादुर नाही कि ओका छेड़ि देइ। 10 यहूदा क परिवार क मनई राजा होइहीं। ओकरे परिवार क राज-चीन्हा सीलो।क अवाई स पहिले खतम न होइ। तब अनेक लोग ओकर हुकुम मनिहीं। 11 उ आपन गदहा क अंगूरे क लता स बाँधत ह। उ आपन गदहा क बच्चन क सबसे बढ़िया अंगूरे क लता मँ बाँधत ह। उ आपन ओढ़ना क धोवइ बरे सबसे बढ़िया दाखरस क बइपरत ह। 12 ओकर आँखिन दाखरस पिए स ललछउँड़ रहत हीं। ओकर दँतवन दूध पिए स उज्जर अहइँ।” 13 “जबूलब समुद्दर क निअरे रही। ऍकर समुद्दर क किनारा जहाजन बरे सुरच्छित रही। ऍकर पहटा सीदोन तलक फइला होइ।” 14 “इस्साकर उ गदहा क तरह अहइ जउन बहोत जियादा कठोर काम किहे अहइ। उ भारी बोझ ढोवइ क कारण पस्त पड़ा अहइ। 15 उ लखी कि ओकरे आराम क जगह अच्छी अहइ। अउर इ कि ओकर भुइँया आनन्दायक ह। तब उ भारी बोझा ढोवइ क तइयार होइ। उ गुलाम क रुप मँ काम करब अंगीकार करी।” 16 “दान आपन लोगन क निआव वइसे ही करब्या जइसे इस्राएल क दूसर परिवार क संग करत ही। 17 दान सड़क क किनारे सरप क तरह अहइ। उ रास्ता क लगे ओलरा भवा खौफनाक सरप क तरह अहइ, जउन घोड़न क गोड़न क डसत ह, अउ सवार भुइँया प भहराइ पड़त ह। 18 “यहोवा, मइँ मुक्ति क जोहत अहउँ।” 19 “डाकुअन क एक ठु गिरोह गाद प हमला करी। मुला गाद ओनका मार भगाई।” 20 “आसेर क भुइँया बहोत बढ़िया उपज देइ। ओका उहइ खइया क मिली जउन राजा लोगन बरे जोग्ग होइ।” 21 “नप्ताली एक अजाद मादा हिरन क तरह अहइ जेका अजाद कीन्ह गवा ह। उ सुन्नर सब्द कहत ह।” 22 “यूसुफ बहोत सुफल अहइ। यूसुफ फलन स लदी भइ गवा क तरह अहइ। उ झरना क लगे जमी अंगूरे क गवा क तरह बाटइ, बाड़ा क सहारे जमी अंगूरे क गवा क तरह अहइ। 23 ढेर मिला ओकरे खिलाफ भएन अउ ओसे लड़ेन। धनुर्धारी मनइयन ओकर दुस्मन होइ गवा। 24 मुला उ आपन सकतीवाला धनुख अउ फुर्ताला बाँहे स जुद्ध जीतेस। उ याकूब क सकतीवाली परमेस्सर गड़रियन, इस्राएल क चट्टान, स सकती पावत ह। 25 अउर आपन पिता क परमेस्सर स सकती पावत ह। परमेस्सर तोहका आसीर्बाद देइ। सर्वसक्तीमान परमेस्सर तोहका आसीर्बाद देइ। उ तोहका ऊपर स आसीर्बाद देइ अउर खाले गहिर समुद्दर स आसीर्बाद देइ। होइ सकत ह उ तोहका छाती अउ गरभ स आसीर्बाद देइ।” 26 मोरे महतारी-बाप क बहोत स बढ़िया चीजन होत रहिन। अउर मइँ तोहार पिता बहोत जियादा आसीर्बाद पावत रहा। अब मइँ आपन आसीर्बाद क यूसुफ पइ जमा करब जउन पहाड़ क समान ऊँचा होइ, हाँ ओकरे ओकरे भाईयन स अल्गाइ दीन्ह गवा रहेन।” 27 “बिन्यामीन एक अइया भुखा बड़का कूकुर क समान अहइ। जउन भिन्सारे मारत ह ओका खात ह। संझा क उ बचा खुचा स काम चलावत ह।” 28 इ सबइ इस्राएल क बारह परिवार अहइँ। अउर उहइ चीजन अहइँ जेनका ओनके पिता ओनसे कहे रहा। उ हर एक पूत क उ आसीर्बाद दिहस जउन ओकरे बरे ठीक रहा। 29 तब इस्राएल ओनका एक हुकुम दिहस। उ कहेस, “जब मइँ मरउँ तउ मइँ आपन लोगन क बीच रहइ चाहत हउँ। मइँ आपन पुरखन क संग हित्ती एप्रोन क खेतन क गुफा मँ दफनावा जाइ चाहत हउँ। 30 उ गुफा मम्रे क नगिचे मकपेला क खेते मँ अहइ। इ कनान देस मँ अहइ। इब्राहीम उ खेत क एप्रोन स ऐह बरे बेसहेस जेहसे ओकरे लगे एक ठु कब्रिस्तान होइ सकइ। 31 इब्राहीम अउ ओकर मेहरारु सारा उहइ गुफा मँ दफनावा गए अहइँ। इसहाक अउ ओकर मेहरारु रिबका उहइ गुफा मँ दफनाए गएन। मइँ आपन मेहरारु लिआ क उहइ गुफा मँ दफनावा। 32 उ गुफा उ खेत मँ अहइ जेका हित्ती लोगन स बेसहा ग रहा।” 33 आपन पूतन स बातन खतम करइ क पाछे याकूब ओलर गवा, गोड़वन क आपन बिछउना प धरेस अउ मरि गवा।

Genesis 50

1 जब इस्राएल मरा, यूसुफ बहोत दुःखी भवा। उ पिता स लपटि गवा, ओह प रोवा अउ ओका चूमेस। 2 यूसुफ आपन नउकरन क हुकुम दिहस क उ पचे ओकरे बाप क ल्हासे क तइयार करइँ। (इ सबइ नउकर वैद्य रहेन।) वैद्या लोग याकूब क ल्हास गाड़इ बरे तइयार किहन। उ पचे मिस्र क लोगन क खास तरीका स ल्हासे क तइयार किहन। 3 जब मिस्र क लोग खास तरह स ल्हास तइयार किहन तब ओका गाड़इ क पहिले चालीस दिन तलक जोहेन। ओकरे पाछे मिस्री लोगन दुःख क खास समइ राखेन। इ समइ सत्तर दिन क रहा। 4 सत्तर दिन पाछे दुःख क समइ खतम भवा। ऍह बरे यूसुफ फिरौम क अफसरन स कहेस, “कृपा कइके फिरौन स इ कहा, 5 ‘जब मोर पिता मरत रहेन तब मइँ ओनसे एक प्रण किहेइँ रहेउँ। मइँ प्रण किहेउँ रहे कि मइँ ओनका कनान देस क गुफा मँ गाड़ब। इ उ गुफा बाटइ जेका उ अपने खातिर बनाएस ह। ऍह बरे कृपा कइके मोका जाइ देइँ अउर हुआँ पिता क गाड़इ देइँ। तब मइँ आपक लगे वापिस लउटि आउब।” 6 फिरौन कहेस, “आपन प्रतिग्या पूरी करा। जा अउर आपन बाप क गाड़ा।” 7 ऍह बरे यूसुफ आपन पिता क गाड़इ गवा। फिरौन क सबहि अफसरन यूसुफ क संग गएन। फिरौन क बुजुर्गन अउ मिस्र क बड़कवा लोग यूसुफ क संग गएन। 8 यूसुफ अउ ओकरे भाइयन क परिवार क सबहि मनई ओकरे संग गएन अउ ओकर पिता क परिवार क सबहि लोग भी यूसुफ क संग गएन। सिरिफ बच्चन अउ जनावरन गोसेन पहटा मँ रहि गएन। 9 यूसुफ क संग जाइ बरे लोग रथन अउ घोड़न प सवार भएन। इ बहोतइ बड़ा मनइयन क झुण्ड रहा। 10 उ पचे गोरन आताद क गएन। जउन यरदन नदी क पूरब मँ रहा। इ ठउर प इ पचे इस्राएल क अखिरी संस्कार किहन। इ सबइ आखिरी संस्कार सात दिन तलक होत रहा। 11 कनान क बसइयन गोरन आताद मँ आखिरी संस्कार क लखेन। उ पचे कहेन, “उ पचे मिस्र क लोग फुरइ बहोतइ दुःख भरा संस्कार करत अहइँ।” एह बरे उ जगह क नाइँ यरदन नदी क पार तलक अब आबेलमिस्रैम अहइ। 12 इ तरह इस्राएल क बेटवन उहइ किहन जउन ओनके पिता हुकुम दिहे रहेन। 13 उ पचे ओकरे ल्हासे क कनान लइ गएन अउ मकपेला क गुफा मँ ओका गाड़ेन। इ गुफा मम्रे क निचके उ खेते मँ रही जेका इब्राहीम हित्ती एप्रोन स खरीदा हा। इब्राहीम उ गुफा क कबरिस्तान बरे खरीदा रहा। 14 यूसुफ क आपन पिता क दफनाइ क पाछे उ, ओकरे भाईयन अउर ओकरे संग झुण्ड क हर एक मनई मिस्र क लौट गवा। 15 याकूब क मरइ क पाछे यूसुफ क भाई चिन्ता मँ पड़ेन। उ पचे आपन स कहेन, “होइ सकत ह जउन कछू हम कीन्ह ह ओकरे बरे यूसुफ अब भी हमसे घिना करत ह अउर जउन बुरा काम हम लोगन ओकर संग किहस ह ओकर बदला लेब।” 16 ऍह बरे भाइयन इ सँदेसा यूसुफ क पठएन:तोहार पिता मरइ क पहिले हम लोगन क हुकुम दिहे रहा। 17 उ कहेस, “यूसुफ स कह्या कि मइँ निवेदन करत हउँ कि कृपा कइके उ अपराधे क छिमा कइ देइँ जउन उ पचे ओकरे संग किहेन।” ऍह बरे अब हम तोहसे पराथना करित अही की उ अपराध क छिमा कइ द्या जउ, हम कीन्ह ह। हम लोग सिरिफ तोहरे पिता क परमेस्सर क सेवक अही।यूसुफ क भाइयन जउन कछू कहेन ओसे ओका बड़ा दुःख भवा अउर उ रोइ पड़ा। 18 यूसुफ क भाई ओकरे सामने गएन अउ ओकरे समन्वा निहुरि के पैलगी किहन। उ पचे कहेन, “हम लोग तोहार सेवक होब।” 19 तब यूसुफ ओनसे कहेस, “डेराअ जिन मइँ परमेस्सर नाही अहउँ। 20 इ फुरइ अहइ कि तू मोका नोस्कान पहुचावइ बरे जोजना बनाए रहा, मुला परमेस्सर फुरइ अच्छी योजना बनवत रहा। परमेस्सर क योजना बहोत स लोगन क जिन्नगी बचावइ बरे मोर प्रयोग करइ क रही अउर आजु भी ओकर इहइ योजना अहइ। 21 ऍह बरे डेराअ जिन। मइँ तू लोगन अउ तोहरे बच्चन क देखरेख करब।” इ तरह, यूसुफ ओनका समझाइ बुझाइ क बात किहस अउ नम्र होइके बोला। 22 यूसुफ आपन पिता क परिवार क संग मिस्र मँ रहत रहा। यूसुफ एक सौ दस बरिस होइके मरा। 23 यूसुफ क जिन्नगी मँ एप्रैम क पूतन अउ पोतन भएन अउ ओकर पूत मनस्से क एक पूत माकीर नाउँ क भवा। यूसुफ माकीर क बच्चा क लखइ बरे जिअत रहा। 24 जब यूसुफ मरइ क भवा, उ आपन भाइयन स कहेस, “मोरे मरइ क टेम आइ गवा। मुला मइँ जानत हउँ कि परमेस्सर तू लोगन क रच्छा करी। उ इ देस स तू लोगन क बाहेर लइ जाइ। परमेस्सर तू लोगन क उ देस मँ लइ जाइ जेका उ इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क देइ क बचन दिहे रहा।” 25 तब यूसुफ आपन लोगन क एक प्रण करइ क कहेस। यूसुफ कहेस, “मोसे प्रतिग्या करा कि तब मोर हड्डी आपन संग लइ जाब्या जब परमेस्सर तू लोगन क नवे देस मँ लइ जाइ।” 26 यूसुफ मिस्र मँ मरा, जब उ एक सौ दस बरिस क रहा। वैद्य लोग ओकरी अर्थी क गाड़इ बरे तइयार भएन अउ मिस्र मँ ओकरी अर्थी क एक ठु ताबूत मँ धरेन।

Exodus 1

1 याकूब आपन बेटवन क संग मिस्र क जात्रा प गवा। अउर हर एक पूत आपन परिवार क संग लिहेस। इस्राएल क बेटवन क नाउँ अहइँ: 2 रूबेन, सिमोन, लेवी, यहूदा, 3 इस्साकर, जबूलुन, बिन्यामीन 4 दान, नप्ताली, गाद, आसेर 5 याकूब क आपन सन्तानन मँ सत्तर लोग रहेन। (ओकरे बारह बेटवन मँ स यूसुफ पहिलेन स मिस्र मँ रहा।) 6 पाछे यूसुफ, ओकर भइयन अउ ओकरे पीढ़ी क सबइ परानी मर बिलाइ गएन। 7 मुला इस्राएल क मनइयन क ढेर गदेलन रहेन, अउर ओनकइ संख्या बाढ़त गइ। उ पचे बरिआर होइ गएन अउ ओन लोगन स भुइँया भरि गई रही रहेन। 8 तबइ एक नवा राजा मिस्र प हुकूमत करइ लाग। उ राजा यूसुफ क नाहीं जानत रहा। 9 इ राजा लोगन स कहेस, “इस्राएल क मनइयन क लखा। एनकइ तादाद जिआदा बा। अउ उ पचे हमसे जिआदा बरिआर अहइँ। 10 हम पचन क अइसी चाल चलइ क चाही कि इस्राएलियन क बरिआर होइसे रोकइ चाही। जदि जुद्ध होत ह, तउ इस्राएलियन हमरे दुस्मनन क साथ देइहीं। तबहिं उ सबइ हम पचन क हराइ सकित ह अउ हमरे हाथे स निकरि सकित ह।” 11 मिस्र क लोगन इस्राएलियन क जिन्नगी क दूभर बनवइ निस्चय किहे रहेन। एह बरे उ पचे इस्राएल क काम करइ वालन प दास सुआमी तइनात कइ दिहन। उ सुआमी लोगन फिरौन बरे भण्डार सहरन पितोम अउर रामसेस क बनावइ बरे इस्राएलियन क मजबूर कइ दिहन। 12 मिस्र क मनइयन इस्राएलियन क कठोर स कठोर काम करइ क मजबूर किहेन। मुला जेतॅना जिआदा इस्राएलियन क काम करइ बरे मजबूर कीन्ह गवा ओनकइ तादाद बाढ़त गइ। अउर मिस्र क मनइयन इस्राएलियन स जिआदा स जिआदा डेराइ लागेन। 13 ऍह बरे मिस्र क मनइयन इस्राएलियन क अउर भी जिआदा कठोर काम करइ क मजबूर किहेन। 14 मिस्र क मनइयन इस्राएलियन क जिन्नगी दूभर कइ दिहन। उ पचे इस्राएलियन क ईर्ट अउ गारा बनावइ क बहोत कर्रा काम करइ बरे मजबूर किहेन। उ पचे ओनका खेत मँ बहोत कर्रा काम करवावइ क मजबूर किहेन। उ पचे ओनका गुलाम क नाईं दूसर सबहिं कार्य करइ बरे मजबूर किहेन। 15 हुवाँ सिप्रा अउ पूआ नाउँ क दुइ हिब्रू दाइयन रहिन। मिस्र क राजा इ दाइयन स बतियान। 16 राजा कहेस, “जब तू हिब्रू मेहररूअन क लरिका पइदा करइ मँ मदद करा। जदि लरिकी पइदा होइ तउ ओका तू जिअइ दिहा। मुला अगर लरिका पइदा होइ तउ तू पचे ओका मारि डाया।” 17 मुला दाइयन परमेस्सर स डेरात रहिन। ऍह बरे उ पचे मिस्र के राजा क आदेस क पालन न किहेन। उ पचे सारे लरिका क जीवित रहइ दिहिन। 18 मिस्र क राजा दइयन क बोलाएस अउ कहेस, “तू पचे अइसा काहे किहा? तू पचे बेटहनन क काहे जिअइ दिहा?” 19 दइयन फिरौन स कहेन, “हिब्रूमेहररूअन मिस्री मेहररूअन स जिआदा ताकतवर बाटिन। हमरे पहुँचइ स मदद बरे उ पचे पहिलेन बेटहनन क जन्मत हीं।” 20 परमेस्सर उ दाइयन प कृपालु रहा। काहेकि उ पचे परमेस्सर स डेरात रहिन। ऍह बरे परमेस्सर ओनका नीक रहा अउ ओनका आपन परिवार चलावइ दिहेस। अउर हिब्र लोग जिआदा लरिका पइदा करत रहेन। अउ उ पचे जिआदा ताकतवर होइ गएन। 21 22 ऍह बरे फिरौन आपन सबहिं लोगन क हुकूम दिहेस, “जब कबहुँ लरिका पइदा होइ तब तू सबइ जरूर ओका नील नदी मँ नाइ द्या मुला सबहिं लरिकियन क जिअइ द्या।”

Exodus 2

1 लेवी क परिवार क एक मनई हुवाँ रहा। उ लेवी क परिवार क एक ठु अउरत स आपन बियाह किहेस। 2 उ मेहरारू गोड़े स भारी भइ अउ उ एक बेटवा क जन्म दिहेस। महतारी निहारेस कि बेटवा बहोत सुन्नर बा अउर उ ओका तीन महीना ताईर् छुपाएस। 3 मुला तीन महीना क पाछे महतारी डेराइ गइ कि बचवा हेरि लीन्ह जाई तब उ मारि डावा जाई, काहेकि उ बेटवा अहइ। ऍह बरे उ एक ठु डलिया बनाएस अउ ओह प तारकोल लेपि दिहेस जेसे उ तैर पावइ। उ बचवा क डलिया मँ धइ दिहस। तब उ नदी क बीच लंबी घासे मँ धइ दिहस। 4 बचवा क बहिन हुवाँ रूकी रही अउ ओकर रखवारी करत रही। उ देखइ चाहत रही कि बचवा क संग का घटी। 5 उहइ समइया फिरौन क बिटिया नदी मँ नहावन बरे गइ। उ ऊँच की घासे मँ एक ठु डलिया लखेस। ओकर नउकरन नदी क किनारे टहरत रहेन। तउ उ मेहरारू नउकरन मँ स एक क ओकर टोकरी लावइ बरे हुकुम दिहेस। 6 राजा क बिटिया डलिया क खोलेस अउ बेटवा क लखेस। बचवा रोवत रहा अउ ओका ओह प दाया आइ गइ। उ कहेस, “इ हिब्रू बचवन मँ एक अहइ।” 7 बचवा क बहिन लुकी छिपी रही। तब उ ठाड़ भइ अउ फिरौन क बिटिया स बोली, “का आप चाहत बाटिन कि मइँ बचवा क देख-रेख करइ बरे एक ठू हिब्रू दाइयन क हेरि लिआवउँ?” 8 फिरौन क बिटिया कहेस, “हाँ, जरूर।”तउ बिटिया गइ अउ बचवा क महतारी क हेरिके लइ आइ। 9 फिरौन क बिटिया कहेस, “इ बचवा क लइ जा अउ मोरे खातिर एका पाला। इ बचवा क आपन दूध पिआवा। मइँ तोहका पगार देब।”तब उ मेहरारू आपन बचवा क लइ लिहस अउ ओका पालेस पोसेस। 10 जब बचवा बाढ़ गवा तउ कछू टेम पाछे अउरत राजा क बचवा दइ दिहस। राजा क बिटिया उ बचवा क आपन पूत क रूप मँ स्वीकार किहेस। उ ओकर नाउँ मूसा धरेस काहेकि उ ओका पानी स उबारेस। 11 मूसा बाढ़ि गवा अउ जवान होइ गवा। उ परखेस कि उ ओकर आपन लोग अहइ हिब्रू मनई ओनका जियादा कठोर काम करइ बरे मजबूर करत हीं। एक दिना मूसा लखेस कि एक मिस्री हिब्रू मनई क पीटत रहा। 12 मूसा चारिहु कइँती निहारेस अउ देखेस कि कउनो नाहीं ताड़त बा। तबहिं मूसा मिस्री मनई क मारि डाएस अउ ओहका रेत मँ दाब दिहेस। 13 पाछे क दिन मँ मूसा दुइ हिब्रू मनइयन क लड़त भिड़त लखेस। मूसा निहारेस कि एक मनई क गलती रही। मूसा उ मनई स कहेस, “तू आपन पड़ोसी क काहे मारत बाट्या?” 14 उ मनई जवाब दिहेस, “का कउनो मनई तोहका हमार हाकिम अउ निआवधीस, नियुक्त किहेस ह? नाहीं! मोका बतावा कि का तू मोका भी उहइ तरह मारि डउब्या जउने तरह तू बीता भवा काल्ह मिस्री क मारि डाया। तब मूसा डेराइ गवा।”मूसा मन मँ बिचारेस, “अब हरेक मनई जानत ह कि मइँ का किहेउँ ह।” 15 फिरौन सुनेस कि मूसा का किहेस, तउ उ मूसा क मारि डावइ क पक्का बिचार बनाएस। मुला मूसा फिरौन क कुचाल स भाग गवा। फिन मूसा मिदियन देस मँ चला गवा।मूसा मिदियन देस मँ कुआँ क लगे रूकि गवा। 16 हुवाँ एक ठु याजक मिदियन मँ रहा जेकरे सात बिटिया रहिन। उ पचे आपन बाप क भे़डिन बरे कुआँ स पानी निकालइ बरे गएन। उ पचे पानी स कठौते क भरइ क कोसिस करत रहिन। 17 मुला कछू गड़रियन उ बिटियन क भगाइ दिहन अउ पानी नाहीं भरइ दिहन। तब मूसा बिटियन क मदद किहेस अउ ओनके जनावर क पानी दिहस। 18 तब उ पचे आपन बाप रूएल क लगे गइन। ओनकइ बाप ओनसे पूछेस, “आज तू पचे काहे हाली घरे आइ गइउ?” 19 बिटियन जवाब दिहेन, “हाँ, पिता जी। गड़रिया लोग हमका खदेरइ क कोसिस किहेन, मुला एक मिस्री मनई हमार मदद करेस। उ हमका बरे इनारा स पानी निकारेस अउ हमरे जनावर क पानी दिहेस।” 20 ऍह बरे रूएल आपन बिटियन स कहेस, “इ मनई कहाँ बाटइ? तू पचे ओका काहे छाँड़ि दिहा? ओका हिआँ बोलावा इ तरह हम पचन क संग खाइ सकत ह।” 21 मूसा उ मनई क संग टिक जाइ स खुस भवा। याजक रूएल आपन बिटिया सिप्पोरा क मूसा क बसही क तरह दिहेस। 22 सिप्पोरा एक बेटवा क जन्मेस। मूसा आपन बेटवा क नाउँ गेसोर्म राखेस। मूसा आपन बेटवा क इ नाउँ इ कहत भए दिहस: “मइँ एक अजनबी देस मँ अजनबी होई गवा।” 23 बहोत समइ बीते प मिस्र क राजा मरि गवा। काहेकि इस्राएलियन क कठिन काम करइ बरे मजबूर कीन्ह जात रहेन। ऍह बरे उ पचे मदद बरे परमेस्सर क गोहराएन अउर यहोवा ओनका पराथना सुनि लिहेस। 24 यहोवा ओनकइ पराथना सुनेस अउ उ करार क याद किहेस जउन उ इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क संग किहेस। 25 यहोवा इस्राएलियन क कस्ट निहारेस अउ उ सोचेस कि उ ओनकइ मदद तुरंतहि करी।

Exodus 3

1 मूसा क ससुर क नाउँ यित्रो रहा। यित्रो मिदियन क याजक रहा। मूसा यित्रो क भेड़ क देख-रेख करत रहा। मूसा एक दिना भेड़न क रेगिस्तान क पच्छिम कइँती लइ गवा। मूसा यहोवा क पहाड़ प जउन होरेब अर्थात् सीनै पहाड़ कहलावत ह प गवा। 2 यहोवा क सरगदूत मूसा क समन्वा बरत भइ झाड़ी मँ उ पहाड़ प परगट भवा। उ इ तरह भवा। मूसा झाड़ी क बे भसम भवा बरत देखेस। 3 ऍह बरे मूसा झाड़ी क निचके इ चमत्कार क देखइ बरे गवा कि झाड़ी बे भस्म भए कइसे लगातार बरति अहइ। 4 यहोवा लखेस कि मूसा झाड़ी क लखइ आवत बा। ऍह बरे परमेस्सर झाड़ी स मूसा क पुकारेस अउ कहेस, “मूसा, मूसा।” 5 तब्बइ यहोवा कहेस, “अउर निचके जिन आवा। आपन पनही उतारि द्या। तू पवित्तर भुइयाँ प ठाड़ बाट्या। 6 मइँ तोहरे पुरखन क परमेस्सर हउँ। मइँ इब्राहीम क परमेस्सर, इसहाक क परमेस्सर अउ याकूब क परमेस्सर हउँ।”मूसा आपन मुँहना क ढाँकि लिहेस काहेकि उ परमेस्सर क लखइ स डेरात रहा। 7 तब यहोवा कहेस, “मइँ उ सबन दुःखन क लखेउँ ह जउन हमार लोगन मिस्र मँ सहेन ह। मइ ओनकइ चीखब सुनेउँ ह जब मिस्र क क्रूर मनइयन ओनका चोट पहुँचाएन ह। मइँ ओनकइ दुःखन क जानत हउँ। 8 मइँ अब जाब अउ मिस्री मनइयन स आपन लोगन क बचाउब। मइँ ओनका मिस्र स बाहेर निकारब अउ ओनका एक नीक अउ विसाल भुँइया मँ लइ जाब। उ भुँइया जहाँ दूध अउर सहद क नदी बहत रहत ह।हुवाँ कइउ जाति क लोग जइसे कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, अउ यबूसी रहत ही। 9 मइँ इस्राएल क मनइयन क गोहार सुनेउँ ह। मइँ मिस्री मनइयन क अत्याचार क लखेउ जउन ओन लोगन प किहेन। 10 ऍह बरे अब मइँ तोहका फिरौन क लगे पठवत हउँ। जा अउर मोर लोगन, इस्राएलियन क मिस्र स बाहर लइ आवा।” 11 मुला मूसा परमेस्सर स कहेस, “मइँ कउनो बड़का मनई नाहीं। मइँ कइसे उ मनई होइ सकत हउँ जउन फिरौन क लगे जाउँ अउ इस्राएलियन क मिस्र स बाहेर निकारि के लइ चलउँ।” 12 परमेस्सर कहेस, “तू कइ सकत ह्या काहेकि मइँ तोहरे संग हउँ। इ सबूत रही कि मइँ तोहका पठवत हउँ। जब तू लोगन क मिस्र स बाहेर निकारि लइ अउब्या, तब तू इ पहाड़े प हमार आराधना करब्या।” 13 तबहिं मूसा परमेस्सर स कहेस, “‘किंतु जदि मइँ इस्राएलियन क नगिचे जात हउँ, अउ कहत हउँ, ‘तोहरे पुरखन क यहोवा मोका तोहरे लगे पठएस ह,’ तब मनई पुछिहीं, ‘ओकर नाउँ का अहइ?’ मइँ ओनसे का कहब?” 14 तब यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ हउँ जउन मइँ हउँ।’, जबहिं तू इस्राएलियन क लगे जाब्या, तब ओनका बताइ दिहा, ‘मइँ हउँ, जउन मोका तोहरे लगे पठएस ह।” 15 परमेस्सर मूसा स इ भी कहेस, “इस्राएली मनइयन स जउन तू कहब्या, उ इ अहइ: ‘यहोवा तोहरे पुरखन क परमेस्सर, इब्राहीम, इसहाक अउर याकूब क परमेस्सर अहइ। होइ सकत ह इहइ नाम मँ अगवा पीढ़ी दर पीढ़ी मोका जनिहीं।’ लोगन क बतावा, “यहोवा मोका तोहरे लगे पठएस ह।’“ 16 यहोवा इ भी कहेस, ‘जा अउ इस्राएल क बुजर्गन क बटोरा अउ ओनसे कहा, ‘यहोवा, तोहरे पुरखन क परमेस्सर मोरे समन्वा परगट भवा रहा। इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क परमेस्सर मोसे बात किहेस। उ कहेस, “मइँ तोहरे बारे मँ अउ ओन सब क बाबत मँ जउन तू पचन क संग मिस्र मँ भवा अहइ खियाल रखे अहइ। 17 मइँ मने मँ ठान लिहे हउँ कि मिस्र मँ जउन दुःख अउ मुसीबत सहत बाट्या ओहसे मइँ तोहका बाहेर निकारि लेबइ। मइँ तू पचन क उ देसे मँ लइ जाब जउन ढेर लोगन जइसे कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, अउ यबूसी क बाटइ। मइँ तू पचन क एक नीक देसे मँ लइ जाब जहाँ दूध अउर सहद क नदी बहत अहइ।’ 18 बुजर्गन तोहार बातन्क मनिहीं। अउर तब तू अउर बुजर्गन मिस्र क राजा क लगे जाब्या। तू पचे ओसे कहब्या, ‘यहोवा हिब्रू मनइयन क परमेस्सर हम पचन्क लगे आएन अउ उ पचे हम पचन्स तीन दिना ताईर् रेगिस्तान मँ जात्रा करइ क कहेन ह। हुवाँ हम पचे आपन परमेस्सर, यहोवा क बलि चढ़ाउब।’ 19 “मुला मइँ जानत हउँ कि मिस्र क राजा तू पचन्क जाइ नाहीं देई। सिरिफ एक ठु बड़वार सक्ती ही तू पचन्क जाइ देइ बरे मजबूर करी। 20 ऍह बरे मइँ आपन बड़की सक्ती क प्रयोग मिस्र क खिलाफ करबइ। मइँ मिस्र क आपन चमत्कार स तबाह कइ देब। जबहिं मइँ अइसा करिहउँ तउ उ तू पचन्क जाइ देइ। 21 अउर मइँ मिस्री मनइयन क इस्राएलियन बरे कृपालु बनवाउब। तब उ पचे इस्राएलियन क जब उ सबइ मिस्र छोड़िहीं तब ओन लोगन क बहोत सारा उपहार देइहीं 22 “हर एक हिब्रू अउरत आपन मिस्री पड़ोसिन स अउर मिस्री अउरत स आपन घरे मँ रहइ बरे अनुरोध किहेस अउर उ पचे ओका उपहार देइहीं। तोहार लोग उपहार मँ चाँदी, सोना अउ सुन्नर ओढ़ना पइहीं। जबहिं तू पचे मिस्र क छाँड़ि देब्या, तू पचे उ उपहार क आपन गदेलन क पहिरउब्या। इ तरह तू पचे मिस्री मनइयन क धन लइ अउब्या।”

Exodus 4

1 तब मूसा क जवाब दिहेस, “मुला इस्राएलियन मोहे पइ बिस्सास न करिहीं। उ पचे कइहीं, ‘यहोवा तोह पइ परगट नाहीं भवा।”‘ 2 मुला यहोवा मूसा स कहेस, “तू आपन हथवा मँ का धइके राखे बाट्या?”मूसा जवाब दिहेस, “इ मोर टहरइ क लाठी अहइ।” 3 यहोवा कहेस, “आपन टहरइवाली लाठी जमीन प फेंकि द्या।”तउ मूसा आपन टहरइ क लाठी क जमीन प फेंक दिहेस। अउ लाठी साँप बन गवा। मूसा डेरान अउ ऍसे परान। 4 मुला यहोवा मूसा स कहेस, “अगवा बढ़ा अउ पूँछ धइके साँप क पकड़ि ल्या।”ऍह बरे मूसा अगवा कइँती बढ़ा अउ साँप क पूँछ धइ लिहस। जइसेन मूसा अइसा किहेस, साँप फुनि लाठी होइ गवा। 5 तब यहोवा कहेस “आपन छड़ी क इ तरह बइपरा अउ मनई बिस्सास करइँ, कि यहोवा ओकर पुरखन क परमेस्सर, इब्राहीम क परमेस्सर, इसहाक क परमेस्सर अउ याकूब क परमेस्सर तोहार समन्वा परगट भवा रहा।” 6 तब यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ तोहका दूसर परमान देब। आपन हाथ क लबादा क नीचे धरा।”तउ मूसा आपन हाथ क आपन लबादा क भीतर किहेस। तब मूसा आपन हाथ क लबादा स बाहेर निकारेस अउ उ बदरि गवा। ओकर हाथ बफर् क नाईर् उज्जर दागे स भरि गवा रहा। 7 तब यहोवा कहेस, “अब तू आपन हाथ लबादा क भीतर धरा।” ऍह बरे आपन हाथ फुन आपन लबादा क भितरे धइ द्या। तब मूसा आपन हाथ बाहेर निकारेस अउ टेँम भी ओकर हाथ बदरि गएन। अब ओकर हाथ पहिले क नाईर् होइ गवा रहा। 8 तब यहोवा कहेस, “जदि मनई तोहार बिस्सास छड़ी बइपरे प न करइँ तउ उ पचे तोह प बिस्सास तबहिं करिहिं जबहिं तू इ दूसर चीन्हा क देखउब्या। 9 जदि तोहरे दुइनउँ चीन्हा देखाएँ क पाछे तोहार बिस्सास न करिहिँ तउ तू नील नदी स कछू पानी लइ लिहा। पानी क जमीन प गिराउब सुरू कइ दिहा अउ जइसे ही इ जमीन क छुई, रकत बनि जाई।” 10 मुला मूसा यहोवा स कहेस, “हे यहोवा, मइँ फुरे कहत हउँ, मइँ कुसल बोलवइया नाहीं हउँ। मइँ कबहूँ मनइयन स नीक तौर स बतियाइ काबिल नाहीं भएउँ। अउ आपसे बतियाए क पाछे भी नीक बोलवइया नाहीं हउँ। आप जानत हीं कि मइँ धीमे धीमे बोलत हउँ अउ उत्तिम सब्दन क बइपरत नाहीं हउँ।” 11 तब यहोवा ओसे कहेस, “कउन मनई क मुँहना क बनाएस? अउर कउन मनई क गूँगा या न बोलइ क लाइक बनइ सकत ह? कउन मनई क आँधर बनइ सकत ह? कउन मनई क लखइ क लाइक बनइ सकत ह? मइँ ही हउँ जउन इ सब कइ सकत हउँ, मइँ अहउँ यहोवा। 12 ऍह बरे अब जा। जबहिं तू बोलब्या, मइँ तोहरे साथे रहब। मइँ बोलइ बरे तोहका सब्दन देब।” 13 मुला मूसा कहेस, “मोर यहोवा। मइँ तोहसे बिनती करत हउँ कि दुसरे मनई क पठवा, मोका नाहीं।” 14 तब्बइ यहोवा मूसा प कोहान। यहोवा कहेस, “नीक अहइ। मइँ तोहका अउर कउनो क मदद बरे देब। मइँ तोहरे भइया हारून जउन लेवी परिवार स अहइ, क बइपरब। उ एक कुसल बोलवइया अहइ। हारून तोह स मिलइ बरे तोहरे लगे आवत आहइ। उ तोहका निहारिके खुस होइ। 15 उ तोहरे संग फिरौन क लगे जाइ। तोहका का कहइ का बा, मइँ बताउब। तब तू हारून क बतउब्या। जउन हारून फिरौन स बात करइ बरे नीक सब्दन बइपरी। 16 हारून तोहरे बरे मनइयन स बात करी। तू ओकरे बरे एक बड़का राजा क रूप मँ रहब्या अउर उ तोहरे कइँती स बोलवइया होइ। 17 अब जा। आपन छड़ी साथे लइ जा। आपन छड़ी क चमत्कार अउ दूसर चमत्कार मनइयन क समन्वा प्रदसिर्त कर्या।” 18 तब मूसा आपन ससुर यित्रो क लगे लौटि आवा। मूसा यित्रो स कहेस, “मेहरबानी कइ क मोका मिस्र जाइ द्या। मइँ मिस्र मँ आपन लोगन क लखइ चाहत हउँ कि मोर लोगन अबहुँ जिअत अहइँ।”यित्रो मूसा स कहेस, “तू सान्ति स जा। इ ठीक अहइ।” 19 उ समइया जब मूसा मिदियन मँ ही रहा, यहोवा ओसे कहेस, “अब मिस्र वापिस जाइ क तोहारे बरे सुरच्छित टेम अहइ। जउन मनइयन तोहका मारइ चाहत रहेन, उ पचे मरि गएन।” 20 ऍह बरे मूसा आपन मेहरारू अउ आपन बेटवन क लइके गदहा प बइठाएस। अउ मिस्र क वापसी प लौटि गवा। मूसा उ टहरइवाली छड़ी क संग लिहेस जेहमाँ यहोवा क सक्ती रही। 21 जउन टेमॅ मूसा मिस्र क लउटत रहा, परमेस्सर ओसे कहेस। “जबहिं तू फिरौन स बतियाबा तउ उ सबहिं चमत्कारे क देखावा जेका देखावइ क सक्ती मइँ तोहका दिहेउँ ह। मुला मइँ फिरौन क बहोत जिद्दी बनाउब। उ लोगन क जाइ न देइ। 22 तब तू फिरौन स कह्या: 23 यहोवा कहत ह, ‘इस्राएल मोर पहिलौटी क बेटवा अहइ। मोरे बेटवा क जाइ द्या अउर मोर आराधना करइ द्या। जदि तू इस्राएल क जाइ स मना करत बाट्या तउ मइँ तोहार पहिलौटी क पूत मारि डाउब।”‘ 24 जउन टेम मूसा मिस्र क जात्रा प जात भवा रहा रात काटइ बरे सराय मँ रूका। यहोवा इ जगह प मूसा स भेटा अउ ओका मारि डावइ क जतन किहेस। 25 मुला जिप्पोरा चकमक पाथर क तेज छूरी लिहेस अउ आपन बेटवा क खतना किहेस। उ आपन बेटवा क बाहरी चाम लिहेस अउ ओकर गोड़वा छुएस। तब उ मूसा स कहेस, “तू मोरे लहू क भतार अहा। 26 जिप्पोरा इ किहेस काहेकि ओका आपन बेटवा क खतना करइ पड़ा रहा। ऍह बरे यहोवा मूसा क माफ़ कइ दिहेस अउ ओका नाहीं मारेस। 27 यहोवा हारून स कहेस। यहोवा ओनका बताएस, “रेगिस्तान मँ जा अउ मूसा स मिला।” तउ हारून गवा अउ यहोवा क पहाड़े प मूसा स मिला। जब हारून मूसा क लखेस, उ ओका चूमेस। 28 मूसा हारून क सब कछू बताएस जउन यहोवा कहे रहा। मूसा हारून क यहोवा क जरिए पठवइ क कारण बताएस। मूसा हारून क उ चमत्कारन अउ उ चीन्हा क समझाएस बुझाएस जेका परमान क वास्ते देखँवइ क रहा। 29 इ तरह मूसा अउ हारून गएन अउ उ पचे इस्राएल क मनइयन मँ स सबहिं बुजुर्गन क बटोरेन। 30 तबहिं हारून मनइयन स कहेस। उ मनइयन क सारी बातन क बताएस जउन यहोवा मूसा स कहेस। तबहिं मूसा सब मनइयन क देखइ बरे सब परमानन क सामने कइके देखाँएस। 31 ऍह बरे लोग मूसा पइ बिस्सासेन कि परमेस्सर ओका पठएस ह। इस्राएलियन समझेन कि यहोवा लोगन का मुसिबतन क लखइ क पाछे ओनके मदद बरे आवा रहेन अहइ। तउ उ पचे निहुरि गएन अउ आराधना किहेस।

Exodus 5

1 लोगन स बात किहे क पाछे मूसा अउ हारून फिरौन क लगे गएन। उ पचे कहेन, “यहोवा इस्राएल क परमेस्सर कहत हीं, “मोरे लोगन क रेगिस्तान मँ जाइ द्या, जेसे उ पचे मोरे सम्मान बरे जलसा करइँ।’“ 2 मुला फिरौन कहेस, “यहोवा कउन अहइ? मइँ ओकर हुकुम काहे मानी? मइँ यहोवा क नाहीं जानित। ऍह बरे मइँ इस्राएल क लोगन क जाइ देइ स मना करत हउँ।” 3 तब हारून अउ मूसा कहेन, “हिब्रू मनइयन क परमेस्सर हम पचन क दरसन दिहेस ह। ऍह बरे हम आपसे पराथना करत अही कि आप हम पचन्क रेगिस्तान मँ तीन दिना तलक जात्रा करइ देइँ। हुवाँ हम पचे आपन परमेस्सर यहोवा क बलि चढ़ाउब। जदि हम अइसा नाहीं करित, उ हमसे कोहाइ जाइ अउ हमका बरबाद कइ देइ। उ हम पचन्क बेमारी स या तरवारि स मारि डाइ।” 4 मुला मिस्र क राजा ओनसे कहेस, “मूसा अउ हारून, तू पचे लोगन क काम करइ स बगदावद अहा। ओन मजदूरन क आपन काम करइ द्या। जहाँ तलक तू दुइनउँ क बात ब जा अउर आपन काम करा। 5 हिआँ बहोत स मजदूर अहइँ, तू पचे ओनका काम स रोकत बाट्या।” 6 ठीक उहइ दिना फिरौन इस्राएलियन क काम करइ क अउर जिआदा कर्रा हुकुम पालन करइ बरे कहेस। फिरौन गुलामन क मालिक अउ हिब्रू सरदारन स कहेस, 7 “तू मनइयन क हमेसा पुआल दिहा ह जेका उ ईटां बनवइ मँ बइपरत हीं। मुला अब ओनसे कहा कि उ पचे ईर्टा बनवइ खातिर पुआल खुद बटोरइँ। 8 मुला अब उ पचे ओतनी तदाद मँ ओतनी ईर्ट बनइहीं जेतना उ पचे पहिले बनवत रहेन। उ पचे अहदी होइ ग अहइँ। इहइ कारण अहइ कि उ पचे मोसे बाहेर जाइ बरे कहत बाटेन। ओनके लगे करइ खातिर काम नाहीं बा। ऍह बरे उ पचे मोसे माँगत बाटेन ताकि उ पचे आपन परमेस्सर क बलि अउ चढ़ावा देइ। 9 ऍह बरे इ दास स जिआदा कर्रा काम करावा। ऍनका कामे मँ लगाइ राखा। तबहिं ओनके लगे ऍतना टेम नाहीं रही कि उ पचे मूसा क झूठी बातन क सुनइँ।” 10 ऍह बरे मिस्री गुलामन क मालिक अउ हिब्रू काम क इस्राएलियन क लगे गएन अउ उ पचे कहेन, “फिरौन फइसला किहे अहइ कि उ तू पचन्क तोहरे ईर्टा बरे तोहका पुआल न देइ। 11 तू पचन्क खुद जाइ क होइ अउ आपन बरे पुआल खुद बटोरइ क होइ। ऍह बरे जा अउ पुआल बटोरा। मुला तू ओतना ईर्टा बनवा जेतँना तू पचे पहिले बनवत रह्या।” 12 तउ इ तरह हर मनई मिस्र मँ पुआल हेरइ बरे चारिहुं कइँती गवा। 13 गुलामन क मालिक जिआदा कर्रा काम करइ बरे मजबूर करत रहेन। उ पचे मनइयन क ओतँना ही ईर्टा गढ़इ बरे मजबूर करत रहेन जेतना उ पचे पहिले बनावत रहेन। 14 मिस्र क गुलामन क मालिक हिब्रू काम क मेठ चुनि लिहे रहेन। उ पचे लोगन क कामे क जिम्मेदार रहेन। मिस्री गुलाम क मालिक उन हिब्रू काम क मेठन क पीटत रहेन अउ ओनसे कहत रहेन, “तू पचे ओतॅनी ईर्टन क काहे नाहीं बनउत्या जउन पहिले बनावत रह्या।” 15 तब हिब्रू काम क मेठ फिरौन क लगे गवा। उ पचे सिकाइत किहेन अउ कहेन, “हम पचे आप क सेवक अही आप हम पचन्क संग अइसा बर्ताव काहे करत अहइँ? 16 आप हम पचन्क पुआल नाहीं दिहेन। मुला हम पचन्क हुकुम दिहेन कि ओतॅना ही ईर्टा बनावइँ जेतॅना पहिले बनत रहिन। अउर अब हम पचन्क मालिक हमका पीटत हीं। अइसा करइ स आप लोगन क गलती अहइ।” 17 फिरौन उत्तर दिहेस, “तू पचे अहदी अहा। तू पचे काम नाहीं करइ चहत्या। इहइ कारण अहइ कि तू पचे माँगत बाट्या कि मइँ तू सबन क निकरइ देउँ। अउर इहइ कारण अहइ कि तू पचे इ ठउर क तजि देइ चाहत बाट्या अउर यहोवा क बलि चढ़ावा चाहत अहा। 18 अब कामे प लउट जा, हम तू पचन क कछू पुआल न देब। मुला तू पचे ओतना ही ईर्टा बनवा जेतना पहिले बनवत रह्या ह। 19 हिब्रू काम क मेठ बूझ गएन कि उ पचे मुस्किल मँ पड़ि गएन। तब उ पचे कहेन, “तू पचन्क हर दिना क तय किया भवा ईट स कम ईट नाहीं बनाइ चाही।” 20 जब उ पचे फिरौन क संग बइठे क पाछे जात रहेन, उ पचे मूसा अउ हारून क लगे स निकरेन। मूसा अउ हारून ओनकइ इंतजार करत रहेन। 21 ऍह बरे उ सबइ मूसा अउ हारून स कहेन, “तू पचे सचमुच फिरौन स इ आग्रह करइ क कि हम पचन्क जाइ देइ क गलती किहा। यहोवा तोहॅका सजा देइ काहेकि तू पचे फिरौन अउ ओकरे अफसरन मँ हमरे बरे घिन पइदा कर्या ह। तू पचे ओनका एक बहाना हमका मारि डावइ क-दिहा ह।” 22 तबहिं मूसा यहोवा स पराथना किहेस अउ कहेस, “हे यहोवा! आप आपन लोगन बरे इ भयानक काम काहे किहा ह? आप हमका हिआँ काहे पठया ह? 23 मइँ फिरौन क लगे गएउँ अउ जउन आप कहइ क बोल्या ह ओका मइँ ओसे कहेउँ ह। मुला उ समइया स उ मनइयन बरे जिआदा अत्यिाचार होइ गवा अहइ। मुला आप ओनके बचावइ बरे काहे कछू नाहीं किहा ह।”

Exodus 6

1 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “अब तू लखब्या कि मइँ फिरौन बरे का करत हउँ। उ ओनका छोड़इ बरे एँतना हलबुली करी कि उ खुद ओनका जाइ बरे मजबूर करी।” 2 तब परमेस्सर मूसा स कहेस, 3 “मइँ यहोवा हउँ। मइँ इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क समन्वा परगट भएउँ ह। उ पचे मोका “एल सदद्इ”(सर्व-सक्तीमान परमेस्सर) कहेन। मइँ ओनका इ नाहीं जाहिर करिउँ कि मोर नाउँ यहोवा अहइ। 4 मइँ ओनके संग एक करार बनयो हउँ। मइँ उ पचन्क कनान क भुइँया देइ क बचन दिहउँ ह। उ सबइ उ देस मँ रहत रहेन, मुला उ सबइ हुवाँ अजनबी क जेसे रहत रहेन। 5 अब मइँ इस्राएलियन क चीख-पुकार जउन मिस्री लोगन क अत्याचार अउर कठिन काम करइ बरे मजबूर कीन्ह जाइ क कारण रहेन क सुना। अउर मइँ आपन करार क याद किया। 6 ऍह बरे इस्राएलियन स कहा कि मइँ ओन लोगन स कहत हउँ, ‘मइँ यहोवा हउँ। मइँ तू पचन्क मिस्र क बधवा मजदूरी स दूर लइ जाउब अउर मइँ तू पचन्क का ओन लोगन क गुलामी से बचाउब। अउर मइँ आपन महान सक्ती क प्रयोग कइ क अउर निअउ क महान काम अंजाम दइ क तू पचन्क अजाद करब। 7 तू पचे हमार मनई होब्या अउ मइँ तू पचन्क परमेस्सर। तू पचे जान जइब्या कि मइँ परमेस्सर, यहोवा हउँ अउर कि मइँ तू सबन्क मिस्र क गुलामी स अजाद किहउँ ह। 8 मइँ इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब स बड़ा वाचा किहेउँ रहा। मइँ ओनका एक खास पहँटा देइ क वाचा किहेउँ रहा। ऍह बरे मइँ तू सबन क उ पहँटा ताईर् लइ जाब। मइँ उ पहँटा तू पचन्क देब। इ तू पचन्क होइ। मइँ यहोवा हउँ।”‘ 9 ऍह बरे मूसा इ बात इस्राएलियन क बताएस। मुला मनइयन आपन कर्रा मेहनत अउर निरासा क कारण मूसा क बात नाहीं सुनेन। 10 तब यहोवा मूसा स कहेस, 11 “जा अउ मिस्र क राजा फिरौन स कहा कि उ इस्राएल क लोगन क इ देसे स जाइ देइ।” 12 मुला मूसा जवाब दिहेस, “इस्राएल क मनइयन मोर बात सुनइ नाहीं चाहतेन। ऍह बरे सचमुच फिरौन भी सुनइ न चाही। अउर मइँ माहिर बोलिवइया नहीं हउँ।” 13 मुला यहोवा मूसा अउ हारून स बतियान। यहोवा ओनका जाइ अउ इस्राएलियन स बतियाइके हुकुम दिहेस अउ इ भी हुकुम दिहेस कि उ पचे जाइँ अउर फिरौन स बतियाइँ। यहोवा हुकुम दिहेस कि उ पचे इस्राएलियन क मिस्र क बाहेर लइ जाइँ। 14 इस्राएल क घराने क नेता क नाउँ अहइँ: इस्राएल क पहिलौटी क बेटवा रूबेन क चार बेटवन रहेन। उ पचे रहेन: हनोक, पल्लू हेस्रोन अउ कम्मीर्। 15 सिमोन क बेटहनन रहेन: यमूएल, यामीन, ओहद, याकीन, सोहर, अउर साउल। (साउल एक कनानी अउरत क पूत रहा।) 16 लेवी एक सौ सैतीस बरिस जिन्दा रहा। लेवी क बेटहनन रहेन: गेसोर्न, कहात अउ मरारी। 17 गेसोर्न क दुइ पूत रहेन-लिबनी अउ सिमी। 18 कहात एक सौ तैंतीस बरिस जिआ। कहात क बेटहनन रहेन: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन अउ उज्जीएल। 19 मरारी क पूत रहेन: महली अउ मूसी। इ सबहिं परिवार इस्राएल क पूत लेवी क रहेन। 20 अम्राम एक सौ सैतीस बरिस जिआ। अम्राम आपन बाप क बहिन योकेबेद स बियाह करेस। अम्राम अउ योकेबेद स हारून अउर मूसा पइदा भएन। 21 यिसहार क बेटवन रहेन: कोरह, नेपग, अउ जिक्री। 22 उज्जीएल क बेटहनन रहेन: मीसाएल एलसापान, अउ सित्री। 23 हारून ऐलीसेबा स बियाह किहेस। (ऐलीसेबा बिटिया रही अम्मीनादाब क, अउ नहसोन क बहिन रही।) हारून अउ ऐलीसेबा स नादाब, अबीहू, ऐलाजार अउ ईतामार क जन्मेन। 24 कोरह क पूत, अर्थात कोरही रहेन: अस्सीर, एलकाना अउ अबीआसाप रहेन। 25 हारून क बेटवा ऐलाजार पूतीएल क बिटिया स बियाह किहेस। अउ उ पचे पीनहास क जन्मेन। इ सबहिं इस्राएल क बेटवा लेवी स रहेन। 26 इ तरह हारून अउ मूसा उहइ परिवार समूह स रहेन। अउर उ पचे उहइँ मनइयन रहेन जउन स यहोवा बतियान अउ कहेस, “मोर लोग इस्राएलिन क दलमँ मिस्र स निकारा। 27 हारून अउ मूसा-मनईर् अहइँ जउन मिस्र क राजा फिरौन स बतियानेन। उ पचे फिरौन स कहेन कि उ इस्राएल क मनइयन क मिस्र स निकरइ देइ। 28 यहोवा मिस्र देस मँ मूसा स कहेस। 29 उ कहेस, “मइँ यहोवा हउँ। मिस्र क राजा स उ सारी बातन्क कहि द्या जउन मइँ तोहसे कहत अही।” 30 मुला मूसा जवाब दिहेस, “मइँ नीक बोलवइया नाहीं अहउँ। राजा मोर बतिया सुनी नाहीं।”

Exodus 7

1 यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ तोहरे संग रहब। फिरौन बरे तू एक बड़वार राजाक तरह रहब्या। अउर हारून तोहार हकदार बोलवइयाहोइ। 2 जउन हुकुम मइँ देत हउँ उ सब हारून स कहा। तबहिं उ उ बतियन क जउन मइँ कहत हउँ, फिरौन स कही। अउर फिरौन इस्राएल क मनइयन इ देसे स जाइ देइ। 3 मुला मइँ फिरौन क जिद्दी बनउब। उ तोहार मांग क न मानी। तबहिं मइँ मिस्र मँ बहोत स चमत्कारन, चिन्ह अउर आस्चर्य जनक काम करिबेउँ। 4 मुला उ तउ भी तोहार नाहीं सुनी। ऍह बरे मइँ मिस्र क बुरी तरह स सजा देब। अउ मइँ आपन लोगन, इस्राएलियन क मिस्र देस स बाहेर लइ जाब। 5 तब मिस्र क मनइयन जनिहीं कि मइँ यहोवा अहउँ। जब मइँ ओन पचन्क खिलाफ होब अउर आपन लोग एस्राएलियन क ओनके देस स बाहेर लइ जाब।” 6 मूसा अउ हारून उन बातन क मान लिहेन जेका यहोवा कहे रहा। 7 तउ मूसा अस्सी बरिस क रहा अउ हारून तिरासी बरिस क। 8 यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, 9 “फिरौन तोहसे तोहार सक्ती क सिद्ध करइ बरे कही। उ तोहसे चमत्कार करइ बरे कही। उ समइया तू हारून स कह्या कि भुइँया प टहरइ क छड़ी बहाइ द्या। जउन समइया फिरौन देखत रहत होइ, छड़ी साँप बन जाई।” 10 तउ मूसा अउ हारून फिरौन क लगे गएन अउ यहोवा क हुकुम क मानेन। हारून आपन छड़ी खाले बहाइ दिहस। फिरौन अउ ओनके अफसरन क लखत लखत तबहीं छड़ी साँप बनि गइ। 11 ऍह बरे फिरौन आपन बुद्धिमान अउ जादूगरन क बोलाएस। इ पचे जन्तर मन्तर किहेन अउ हारून की नाईर् चमत्कार किहेन। 12 उ पचे आपन टहरइवाली छड़ी क भुइँया प बहाएन अउ उ सबन साँप बनि गइन। मुला तबहिं हारून क छड़ी उ छड़िन क खाइ लिहस। 13 फिरौन तउ भी इस्राएली दास क जाइ स मना किहस। इ वइसा ही भवा जइसा यहोवा कहेस। फिरौन मूसा अउ हारून क बात सुनइ स मना कइ दिहस। 14 तब यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, “फिरौन हठ धरे बा। फिरौन मनइयन क जाइ स मना करत ह। 15 भिन्सारे फिरौन नदी क किनारे जाइ। ओकरे संग भेट करइ बरे नील नदी क किनारे जा। तू अपने साथे उ छड़ी क लइ जाया जउन साँप होइ ग रही। 16 ओका इ कह्या: ‘परमेस्सर, हिब्रू लोगन क यहोवा, मोका तोहरे लगे पठएस ह। यहोवा मोसे इस कहइ क बोलेस ह, “मोरे लोगन क मोर आराधना करइ बरे रेगिस्तान मँ जाइ द्या। अबहुँ तलक तू यहोवा क कहब नाहीं मान्या। 17 ऍह बरे यहोवा कहत ह कि उ तोहका लखावइ बरे कछू करी कि उ यहोवा अहइ। मइँ आपन हाथे मँ छड़ी लइके पानी प मारब अउ नील नदी रकत मँ बदल जाइ। 18 तब नील नदी क मछरियन मरि जइहीं अउ नदी बसाइ लागी। तब मिस्री मनइयन नदी क पानी न पी पइहीं।”‘ 19 यहोवा मूसा क इ हुकुम दिहेस, “हारून स कहा कि उ नदियन, नहरन, झीलियन अउ उ सबहिं ठउरन प जहाँ मिस्र क मनइयन पानी भरत हीं-हुवाँ आपन छड़ी क पसारइ। जबहिं उ अइसा करी तउ सारा पानी रकत मँ बदलि जाइ। सारा क सारा पानी हिआँ तलक कि काठे अउ पाथर क बासन मँ धरा पानी रकत मँ बदलि जाई।” 20 ऍह बरे मूसा अउ हारून वइसा किहेन जइसा यहोवा कहेस। हारून छड़ी क उठाएस अउ नील नदी क पनिया प पटकेस। उ इ फिरौन अउ ओकरे अफसरन क समन्वा किहेस। फिन नदी क सारा पानी रकत मँ बदलि गवा। 21 मछरियन नील नदी मँ मरि गइन अउ नदी बसाइ लागी। ऍह बरे मिस्री मनइयन नदी क पानी नाहीं पिउ सकत रहेन। मिस्र मँ सब कइँती रकत रहा। 22 फिरौन क जादूगरन आपन जन्तर मन्तर देखाएन अउ उ पचे वइसा ही किहेन। ऍह बरे फिरौन मूसा अउ हारून क सुनइ स इन्कार कइ दिहेस। इ ठीक वइसे भवा जइसे यहोवा कहे रहा। 23 जउन मूसा अउ हारून किहे रहेन ओका फिरौन नाहीं मानेस। उ घूमा अउ घरे चला गवा। 24 मिस्री मनइयन नदी स पानी नाहीं पिउ सकत रहेन। ऍह बरे पानी पिअइ बरे नदी क चारिहुँ कइँती कुअँन क खोदेन। 25 यहोवा क जरिए नील नदी क पानी क रकत मँ बदलइ क पाछे सात दिन बीति गएन।

Exodus 8

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, “फिरौन क लगे जा अउ ओसे कहा कि यहोवा इ कहत ह, ‘मोरे मनइयन क मोरी आराधना करइ बरे जाइ द्या। 2 मुला जदि फिरौन ओनका जाइ स रोकत ह तउ मइँ, यहोवा सारे मिस्र क मेघन स भरि देब। 3 नील नदी मेघन स भरि जाइ। उ पचे नदी स निकरिहीं अउ तोहरे घरे मँ घुसिहीं। उ सबइ तोहरे सोवइ क खोलि मँ अउ तोहरे बिछउना मँ होइहीं। मेघन तोहरे अफसरन क घरे मँ होइहीं अउ तोहरे तन्दूरे मँ अउ पानी क घइली मँ होइहीं। 4 मेघन पूरि तरह तोहरे ऊपर, तोहरे मनइयन क ऊपर अउ तोहरे अफसरन क ऊपर होइहीं।”‘ 5 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “हारून स कहा कि उ आपन छड़ी क नहरन, नदियन अउ झीलियन क ऊपर पसारइ। अउर मेघन बाहेर निकरिके सारे मिस्र देस मँ भरि जइहीं।” 6 तब हारून परमेस्सर क हुकम स मिस्र देस मँ जहाँ कहूँ पानी रहा ओकर ऊपर हथवा उठाएस अउ मेघा पानी स बाहेर आउब सुरू कइ दिहन अउ पूरे मिस्र प छाइ गएन। 7 जादूगर भी वइसा किहेन। उ पचे भी मिस्र देस मँ मेघा लइ आएन। 8 फिरौन मूसा अउ हारून क बोलाएस। फिरौन कहेस, “यहोवा स आराधना करइ कि उ हम लोगन क मेघन स आजाद करइ देइ। तबहिं मइँ मनइयन क यहोवा बरे बलि भेंट चढ़ावइ बरे जाइ देइहउँ।” 9 मूसा फिरौन स कहेस, “मोका इ बतावा कि आप कब चाहत हीं कि मेघन निकरि जाइँ। मइँ आप बरे, आप क मनइयन बरे अउ आप क अफसर बरे पराथना करिहउँ। तबहिं मेघन आप क अउ आप क घरन्क, अउ आप क अफसन्क अउ आप क मनइयन क तजि देइहीं। मेघन सिरिफ नदिया मँ रहि जइहीं। तू कब चाहत बाट्या कि मेघन तोहका तजि देइँ?” 10 फिरौन कहेस, “भियान।”मूसा कहेस, “जइसा आप कहत हीं वइसा ही होइ। इ तरह आप जानि जइहीं कि यहोवा हमार परमेस्सर क नाईर् अउर कउनो देवता नाहीं बा। 11 मेघन आप क, आप क घरे क, आप क अफसरन्क अउ आप क लोगन क तजि देइहीं। मेघन सिरिफ नदी मँ रहि जइहीं।” 12 मूसा अउ हारून फिरौन स बिदा भएन। मूसा ओन मेघन खातिर यहोवा क पराथना किहेस, जउने मेघन क यहोवा फिरौन क खिलाफ पठए रहा। 13 अउ यहोवा उहइ किहेस जउन मूसा कहेस। सब मेघा घरन मँ, घरन क अंगने मँ अउ खेतन मँ मरि गएन। 14 मिस्री मुरदा मेघन क ढेर मँ जमा कहेस तउ समूचा देस मँ भयंकर बदबू होइ लाग। 15 जब फिरौन निहारेस कि उ पचे मेघन स बरी होइ गएन उ फुन जिद्दियाइ गवा। फिरौन वइसा नाहीं किहेस जइसा मूसा अउ हारून ओसे करइ बरे कहे रहेन। इ ठीक वइसा ही भवा जइसा यहोवा कहेस। 16 तब यहोवा मूसा स कहेस, “हारून स कहा कि उ आपन छड़ी उठावइ अउ भुइयाँ क धूरि प पटकइ। मिस्र मँ सब कइँती धूरि जुअँन होइ जाइ।” 17 उ पचे इ किहेन। हारून छड़ी क उठाएस अउ भुइयाँ क धूरि प दइ मारेस। मिस्र मँ सब कइँती धूरि जुअँन मँ बदल गइ। जुअँन जानवरन अउ लोगन प छाइ गइन। 18 जादूगरन आपन जादू मारेन अउ वइसे करइ चाहेन। मुला जादूगरन धूरि स जुअँन नाहीं बनाइ सकेन। जुअँन जानवरन अउ मनइयन प छाइ गएन। 19 तउ जादूगरन फिरौन स कहेन, ‘इ परमेस्सर क सक्ती अहइ?’ मुला फिरौन ओनपइ बिसवास करइ स इन्कार कइ दिहेस। उ जिद्दी होइ गवा। इ ठीक अइसा ही भवा जइसा यहोवा कहे रहा। 20 यहोवा मूसा स कहेस, “भिन्सारे उठा अउ फिरौन क लगे जा। फिरौन नदी क लगे जाइ। ओन से कहा, ‘मोरे लोगन क मोर आराधना बरे जाइ द्या। 21 जदि तू मोर लोगन क नाहीं जाइ देब्या तउ तोहरे घरन मँ माखी अइहीं। माखी तोहरे अउ तोहरे अफसरन प छाइ जइहीं। मिस्र क घरन माखिन स भरि जइहीं। माखिन पूरी भुइयाँ प छाइ जइहीं। 22 मुला मइँ इस्राएल क लोगन क संग वइसा बर्ताव न करब जइसा मिस्री लोगन क संग करिब। जहाँ गोसेन मँ मोर लोगन रहत हीं हुवाँ कउनो माखी नाहीं होइ। इ तरह तू जनब्या कि मइँ यहोवा, इ देसे मँ हउँ। 23 ऍह बरे मइँ काल्ह भियान स तोहरे लोगन क संग आपन लोगन स अलग बर्ताव करिहउँ।’“ 24 ऍह बरे यहोवा उहइ किहेस, “जउन उ कहेस। माखिन झुण्ड क झुण्ड मँ आइ गइन। माखिन फिरौन क घर अउ ओकर सबहिं अफसरन क घरे मँ भरी रहिन। माखिन पूरे मिस्र देस मँ भरि गइन। माखी देस क नासत रहिन। 25 ऍह बरे फिरौन मूसा अउ हारून क बोलाएस। फिरौन कहेस, “तू पचे यहोवा तोहार परमेस्सर क इहइ देस मँ बलि भेंट कइ द्या।” 26 मुला मूसा कहेस, “वइसा करब नीक नाहीं होइ। मिस्री मनइयन सोचत हीं कि परमेस्सर बरे हम लोगन क बलि देब एक खउफनाक बात अहइ। ऍह बरे जदि हम पचे अइसा करित तउ उ पचे हमका देखिहीं अउ हम पइ पाथर बहइहीं अउर हमका मारि डइहीं। 27 हम पचन्क तीन दिना तलक रेगिस्तान मँ जाइ द्या अउर हमका आपन यहोवा परमेस्सर क ओकर हुकम क अनुसार बलि चढ़ावइ द्या।” 28 ऍह बरे फिरौन कहेस, “मइँ तोह सबन क मरूभूमि मँ जाइ क देब अउ तोह सबन क यहोवा तोहार परमेस्सर क भेंट चढ़ाई क देब। मुला तोहका बहोत दूर नाहीं जाई क चाही। अब जा अउर मोरे बरे पराथना कर।” 29 मूसा कहेस, “लखा, मइँ जाब अउ यहोवा स पराथना करब कि काल्ह भियान आप स, आपक लोगन स अउ आपक अफसरन्स माखिन क हड़ाइ देइँ। मुला आप लोगन क यहोवा क बलि चढ़ावइ स जिन रोका।” 30 ऍह बरे मूसा फिरौन क लगे स गवा अउ यहोवा स पराथना किहेस। 31 अउर यहोवा इ किहेस जउन बरे मूसा पराथना किहेस। यहोवा माखिन क फिरौन स, ओकरे अफसरन्स ओकरे लोगन स हड़ाइ लिहेस। कउनो माखी नाहीं टिक पाइ। 32 मुला फिरौन फुन जिद्दी होइ गवा अउर उ लोगन क जाइ नाहीं दिहेस।

Exodus 9

1 तब परमेस्सर मूसा स कहेस, फिरौन क लगे जा अउर ओका कहा, “हिब्रू मनइयन क यहोवा परमेस्सर कहत बा, ‘मोरे लोगन क मोरे आराधना बरे जाइ द्या। 2 जदि आप ओनकइ लगातार रोकत रहब्या अउ ओनकइ जाइ स लगातार मना करत रहब्या, 3 तउ यहोवा आपन सक्ती क प्रयोग तोहरे खेतन क गोरूअन क खिलाफ करी। परमेस्सर तोहरे सबहिं घोड़न, गदहन, ऊँट, गइया बोकरी अउ भेड़िन क भयानक बेरामी दइ देइ। 4 यहोवा इस्राएल क गोरूअन क संग मिस्र क गोरूअन स अलग बर्ताव करी। इस्राएलियन क मनइयन क कउनो गोरू न मरी। 5 यहोवा एका घटित होइ जाइ क टेम तइ कइ दिहे अहइ। भियान यहोवा इहइ देस मँ घटइ देइ।”‘ 6 अगली भियान मिस्र क खेत क सबहीं जनावर मर गएन। मुला इस्राएल क कउनो भी जनावर नाहीं मरा। 7 फिरौन मनयइन क यह देखे इस्राएल भेजा कि का इस्राएल क कउनो जनावर मरा। अउ इस्राएल क कउनो जनावर नाहीं मरा। फिरौन हठी रहा उ कउनो मनयइन क नाहीं जाई दया। 8 यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, “मुट्ठी भर भट्ठी क राखी ल्या। मूसा तू फिरौन क समन्वा राखी क हवा मँ उछारा। 9 इ धूरि होइ जाइ अउ समूचइ मिस्र देस मँ संचरि जाइ। जबहुँ इ धूरि मनई क छुइ या गोरू प गिरी, खाली प फोड़ा (गलका) फुंसी फुटिहीं।” 10 ऍह बरे मूसा अउ हारून भट्ठी स राखी लिहेस। तबहिं उ पचे गएन अउ फिरौन क समन्वा ठाड़ भएन। मूसा राखी क हवा मँ उछारेन अउर मनइयन अउ गोरूअन क बदन मँ फोड़ा फुंसी होइ लागेन। 11 जादूगर मूसा क अइसा करइ स थाम नाहीं पाएन, काहे कि जादूगरन क फोड़ा होइ गएन। इ समूचइ मिस्र मँ अइसा ही भवा। 12 मुला यहोवा फिरौन क जिद्दी बनइ दिहे रहा। ऍह बरे फिरौन मूसा अउ हारून क सुनइ स मना कइ दिहेस। इ वइसा ही भवा जइसा यहोवा कहे रहा। 13 तब यहोवा मूसा स कहेस, “भिन्सारे उठा अउ फिरौन क समन्वा आपन आप क पेस करा। अउर ओसे कहा कि परमेस्सर, हिब्रू मनइयन क यहोवा तोहसे कहत ह, ‘मोर लोगन क मोर आराधना बरे जाइ द्या। 14 जदि तू इ नाहीं करब्या तउ मइँ तोहारे अफसरन अउ तोहरे मनइयन क खिलाफ आपन पूरी ताकत क प्रयोग करब। तब तू जनब्या कि मोरे तरह दुनिया मँ दूसर कउनो देवता नाहीं अहइ। 15 मइँ आपन सक्ती क प्रयोग कइ सकत हउँ अउ अइसी बीमारी फइलाइ सकत हउँ जउन तोहका अउ तोहरे मनइयन क भुइयाँ प नास कइ डाइ। 16 मुला मइँ तू सबन्क कउनो खास कारण स हिआँ धरे अहउँ। मइँ तू पचन्क हियाँ ऍह बरे धरे अहउँ कि मइँ तू पचन्क आपन सक्ती देखाउब। तब सारी दुनिया क मनइयन मोरे बारे मँ बात करिहीं। 17 तू पचे अबहुँ मोरे लोगन क खिलाफ अहा। तू ओनका जाइ नाहीं देत अहा। 18 ऍह बरे भियान मइँ इहइ टेम काफी जोरदार ओला बरसाउब। जब ते मिस्र देस बना ह आजु तक कबहुँ अइसे ओला नाहीं बरसा ह। 19 तू आपन गोरूअन क सुरच्छित ठउरे मँ राख्या। जउन कछू तोहार खेते मँ होइ ओका ओंटे मँ छिपाइ जरूर लिहा। काहेकी कउनो भी लोग या गोरू जउन खेते मँ होइ उ मरि जाइ। हर एक चीजन अउ हर एक मनइयन प जउन घरे क बाहेर होइ ओन सब प ओला बरसिहीं।”‘ 20 फिरौन क कछू अफसरन यहोवा क संदेसे प धियान दिहेस। उ पचे हाली हाली आपन गोरूअन अउ गुलामन क घरे मँ हाँक लिहेन। 21 मुला दूसर मनइयन यहोवा क सँदेसा प धियान नाहीं दिहेन। ओ पचन्क गुलाम अउ गोरू जउन बाहेर खेतन मँ रहेन सब तबाह हो गएन। 22 यहोवा मूसा स कहेस, “आपन हाथ हवा मँ उठावा अउ मिस्र प ओला गिरब सुरू होइ जइहीं। इ ओला मिस्र क सबहुँ खेतन प, लोगन प, गोरूअन प अउर बृच्छ अउ पौधा प गिरिहीं।” 23 ऍह बरे आपन छड़ी क हवा मँ उठाएस अउ यहोवा बिजुरी अउ ओला क भुइँया प गिराएन। ओला समूचइ मिस्र प गिरेन। 24 ओला पड़त रहेन अउ बिजुरी चमकत रही। जबहिं ते मिस्र एक ठु रास्ट्र बना तबहिं स अब तलक इ सबते जिआदा नोसकान करइवाली ओला बरसत रही। 25 मिस्र क खेत मँ जउन कछू रहा आँधी ओका नसाइ दिहेस। ओला मिस्र मँ मनइयन, गोरूअन अउ बृच्छ पउधन क नास कइ डाएस। ओला खेतन मँ सबन बृच्छन क ओखाड़ अउ तोड़ि दिहस। 26 गोसेन पहँटा मँ जहाँ इस्राएल क मनइ रहत रहेन हुवाँ ओला नाहीं गिरेन। 27 फिरौन मूसा अउ हारून क बोलाएस। फिरौन ओनसे कहेस, “इ समइ मँ मइँ पाप किहउँ ह। यहोवा सही अहइ। अउर मइँ अउ मोर लोग गलत अहइँ। 28 परमेस्सर क ओर स ओला क आवाज अउ गर्जत अवाज बहोत जिआदा बा। यहोवा स आँधी थामइ क परार्थना करा। मइँ तू सबइ पचन्क जाइ देब। तू सबइ पचन्क हिआँ नाहीं रहइ क पड़ी।” 29 मूसा फिरौन स कहेस, “जब मइँ सहर क तजि देब, तबहिं मइँ पराथना मँ आपन बाँही क यहोवा क समन्वा पसराउब। गर्जब अउ ओला क गिरब थमि जाइ। तबहिं आप सबन जनिहीं कि इ भुँइया यहोवा क अहइ। 30 मुला मइँ जानत हउँ कि आप अउ आपक अफसरन अबहुँ नाहीं यहोवा स डेरातेन अउर नाहीं यहोवा क इज्जत देत हीं।” 31 सनई मँ दाना पड़ि गवा रहा अउ बारली मँ फूल निकरि आवा रहा। मुला इ सब पउधन नसाइ गएन। 32 गोहूँ अउ कठियान गोहूँ जउन दूसर अनाजे क पाछे पाकत हीं, ऍह बरे एनकइ फसल नसान नाहीं। 33 मूसा फिरौन क तजि दिहेस अउ सहर क बाहेर आवा। उ यहोवा क समन्वा आपन बाँह पसारेस अउ गर्जब अउ ओला क गिरब पटान। बर्खउ धरती प गिरब पटाइ गइ। 34 जब फिरौन लखेस, कि बर्खा, ओला अउ गर्जब पटाइ गएन। उ फुन स पाप किहेस। उ अउ ओकर अफसरन फुन जिद धरे रहेन। 35 फिरौन फुन जिद्दी होइ गएन। उ इस्राएल क मनइयन क अजादी स जाइके मना कइ दिहस। इ ठीक उहइ तरह भवा जइसे यहोवा मूसा स कहे रहा।

Exodus 10

1 यहोवा मूसा स कहेस, “फिरौन क हिआँ जा। मइँ ओका अउ ओकरे अफसरन्क जिद्दी बनइ दिहेउँ ह। मइँ यह आपन बरियारे क चमत्कार ओनका अउर ओकर लोगन क समन्वा देखाइ बरे किहेउँ ह। 2 मइँ ऍका ऍह बरे किहेउँ ह कि तू आपन पूत-बिटिया तथा नाती-नतिनी क ओन अजूबा काम क अउ दूसर चीन्ह क बताइ सका जउन मइँ मिस्री लोगन क खिलाफ मँ किहेउँ ह। तबहिं तू पचे जान लेब्या कि मइँ यहोवा हउँ।” 3 ऍह बरे मूसा अउ हारून फिरौन क लगे गएन। उ पचे ओसे कहेन, “हिब्रू लोगन क यहोवा परमेस्सर कहत हीं, ‘तू मोरे हुकुम क मानइ स कब ताईर् इन्कार करब्या? मोरे लोगन क मोर आराधना करइ बरे जाइ द्या। 4 जदि तू मोर लोगन क जाइ स मना करत ह तउ मइँ भियान तोहरे देस मँ टिड्डियन क लइ आउब। 5 टिड्डियन पूरी भुइँया क ढाँपि लेइहीं। ओ ऍतना ढेरि क होइहीं कि तू भुइयाँ नाहीं लखइ पउब्या। सबहिं पउधन अउ जउन कछू चीज ओला भरी आँधी स बचि गइ बाटिन ओका टिड्डियन चट कइ जइहीं। टिड्डियन मइदान क सब पातिन्क चट कइ डइहीं। 6 टिड्डियन सबहिं घरन, तोहरे अफसरन्क सबहुँ घरन अउ मिस्र क सबहुँ घरन मँ भरि जइहीं। जेतॅना टिड्डियन तोहार बाप दादा कबहुँ न देखे होइहीं ओसे भी जिआदा टिड्डियन हिआँ होइहीं। जब ते मनइयन मिस्र मँ रहइ लागेन, तब ते जब कबहुँ टिड्डियन भइ होइहीं ओसे भी जिआदा टिड्डियन होइहीं।”‘ तबहिं मूसा घूमि गवा अउ फिरौन क तजि दिहस। 7 फिरौन क अफसरन ओसे पूछेन, “हम पचे कब तलक इ लोगन क जालि मँ फँसा रहब। मनइयन क यहोवा आपन परमेस्सर क आराधना करइ जाइ द्या। जदि आप ओनका नाहीं जाइ देब्या तउ आपक जानइ स पहिले मिस्र बरबाद होइ जाइ।” 8 ऍह बरे फिरौन आपन अफसरन्स कहेस कि मूसा अउ हारून क ओकरे लगे लिआवा। उ ओनसे कहेस, “जा अउ यहोवा आपन परमेस्सर क आराधना करा। मुला मोका बतावा फुरे कि कउन कउन जात अहइँ?” 9 मूसा जवाब दिहेस, “हमार मनई जवान अउ बुढ़वा मनई जइहीं। अउ हम पचे आपन बेटहनन अउ बिटिहनियन, आपन भेड़िन अउ गोरूअन क आपन संग लइ जाब। हम सब एक अउट जाब काहे कि परमेस्सर क भोज हम सबइ बरे अहइ।” 10 फिरौन ओनसे कहेस, “जदि मइँ कभी तू पचन्क अउ तोहरे बचवन क जाइ देइ तउ परमेस्सर क सचमुच तोहरे साथे होइ चाही। लखा, तू पचे कछू बुरा जोजना करत बाट्या? 11 सिरिफ मनइयन ही जाइ सकत हीं अउ यहोवा क आराधना कइ सकत हीं। तू पचे इहइ सुरू से ही माँग्या ह। मुला तोहार सारे लोगन क साथें जाइ क आग्या नाहीं बा।” तब फिरौन मूसा अउ हारून क पठएस। 12 यहोवा मूसा स कहेस, “मिस्र क धरती प बँहिया उठावा अउ टिड्डियन आइ जइहीं। टिड्डियन मिस्र क सारी भुइयाँ प संचर जइहीं। टिड्डियन ओला स बचा भवा पेड़ पउधा क चट कइ जइहीं।” 13 मूसा आपन छड़ी क मिस्र कइँती उठाएस अउ यहोवा पूरब स जोर क आँधी चलाइ दिहेस। आँधी उ सारे दिन भइ अउ रात मँ चलत रही। जब भिन्सार भवा, आँधी मिस्र देस मँ टिड्डियन क लइ आइ दिहस। 14 टिड्डियन मिस्र देस स उड़िके आइन अउ भुइयाँ प बैठि गइन। मिस्र मँ एँतनी जिआदा टिड्डियन कबहुँ नाहीं भइन जेतनी इ दाईर् रहिन। 15 टिड्डियन पूरी भुइँया क ढाँपि लेइहीं। ऍह बरे पूरे देस मँ जमीन प अँधियारा छाइ गवा। टिड्डन ओन सबहिं पउधन क अउ बृच्छ क हरिअर फल क, जउन ओला गिरे स नसान नाहीं रहेन, चट कइ डाइन। मिस्र मँ कतहुँ कउनो पेड़ या पउधन प कउनो पाती नाहीं रहि पाइ। 16 फिरौन मूसा अउ हारून क हाली बोलावाएस। फिरौन कहेस, “मइँ तोहरे अउ यहोवा तोहरे परमेस्सर क खिलाफ पाप किहेउँ ह। 17 इ टेम प मोरे पाप क अब छिमा कइ द्या। यहोवा आपन स पराथना करा कि इ ‘मउत’ (टिड्डियन) क मोसे दूर करा।” 18 मूसा फिरौन स अलग भवा अउ उ यहोवा स पराथना किहेस। 19 ऍह बरे यहोवा हवा क बहब बदलि दिहस। यहोवा पच्छिउँ स तेज आँधी उठाएस अउ उ टिड्डियन क लाल सागरेमँ हटाइ दिहस। एक ठु भी टिड्डी मिस्र मँ नाहीं बचि पाएस। 20 मुला यहोवा फिरौन क जिद्दी बनएस। अउर फिरौन इस्राएल क मनइयन क जाइ नाहीं दिहेस। 21 तब यहोवा मूसा स कहेस, “आपन बाँही क हवा मँ ऊपर उठावा अउ अँधियारा मिस्र क ओढ़ि लेइ। इ अँधियारा एतना गहिर अउ मोट होइ कि तू ऍका महसूस कइ सकित ह।” 22 तउ मूसा आपन हथवा हवा मँ उठाएस अउ मिस्र मँ टोवइवाला अँधियर छाइ गवा। इ अँधियारा तीन दिना तलक मिस्र मँ रहा। 23 मनइयन मँ स कउनो क चोंधरात नाहीं रहा अउ तीन दिन कउनो कतहूँ नाहीं जाइ पावा। मुला हुवाँ उजिआरा उ ठउरन प रहा जहाँ कतहूँ इस्राएल क मनई रहेन। 24 फिरौन मूसा क फुन बोलाएस। फिरौन कहेस, “जा अउ यहोवा क आराधना करा। तू पचे आपन संग बचवन क लइ जाइ सकत ह। सिरिफ आपन भेड़िन अउ गोरून क हिआँ तजि द्या।” 25 मूसा कहेस, “न सिरिफ हम पचे आपन भेड़ अउ गोरू क लइ जाब मुला जब हम पचे जाब, आप हम सबन्क भेंट अउ बलि भी देब्या। हम पचे इ सब बलिन क आपन परमेस्सर यहोवा क आराधना बरे बइपरब। 26 हम पचे आपन पसु क संग संग परमेस्सर क आराधना बरे लइ जाब। हमरे पाछे एक ठु खुर भी न छूटि पाइ। हम पचे ठीक तरह अबहिं नाहीं जानित अही कि परमेस्सर क आराधना बरे हम क का चाही। हम पचे तब ओका जानि पाउब जब हम सबइ उ ठउरे क पहुँचि जाब जहाँ हम पचे जात अही।” 27 यहोवा फुन फिरौन क जिद्दी बनाएस। ऍह बरे फिरौन ओन सब क जाइ स मना कइ दिहेस। 28 तब फिरौन मूसा स कहेस, “मोसे दूर होइ जा। मइँ नाहीं चाहित कि तू हिआँ फुन आवा। एकरे पाछे जदि तू हम से भेंटइ अउब्या तउ मारि डावा जाब्या।” 29 तबहिं मूसा फिरौन स कहेस, “आप जउन कहत हीं, ठीक बा। मइँ फुन आप स भेंटइ कबहुँ न आउब।”

Exodus 11

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ फिरौन अउ मिस्र क खिलाफ एक ठु अउर बिपत लइ आउब। एकरे पाछे उ तू सबन्क मिस्र स पठइ देइ। असिल मँ उ तू पचन्क इ देस तजि देइ क मजबूर करी। 2 तू इस्राएलियन क इ संदेसा जरूर दिहा: ‘तू आपन पड़ोसियन मनसेधू अउ मेहरारूअन स सोना अउ चाँदी क बनी चीज मांग्या। 3 परमेस्सर मिस्र क मनइयन क तू सबन प कृपालु बनइहीं। मिस्री मनइयन, हिआँ तलक फिरौन क अफसरन भी पहिलेन स मूसा क बड़का मनइ मानत हीं।’“ 4 मूसा लोगन स कहेस, “यहोवा कहत हीं: ‘आज आधी रात क मइँ मिस्र स होइके जाब, 5 अउ मिस्र क सबइ पहिलौटी पूतन अउ मिस्र क राजा फिरौन क पहिलौटी बेटवा स लइके जाँत चलावइवाली नौकरानी तलक क पहिलौटी पूत मरि जाइ। पहिलौटी क पइदा भवा नर गोरू भी मरिहीं। 6 मिस्र क समूचइ धरती पइ रोउब पीटब होइहीं। उ रोउब पीटब मिस्र मँ पुराने जमाने मँ कबहुँ भए रहेन कउनो भी रोउब पीटब स या आवइ वाल समइ मँ कबहुँ होइवाला रोउब पीटब से जियादा बुरा होइहीं। 7 मुला इस्राएल क कउनो भी मनइ क चोट न पहुँच पाइ। हिआँ तलक कि ओन लोगन प कउनो कुत्ता भी नाहीं भूँकी। न कउनो इस्राएली मनइ क अउ न ही कउनो गोरूअन क चोट लागी। इ तरह स तू जनब्या कि मइँ इस्राएल क मिस्र स अलगउज क बियूहार कीन्ह ह। 8 तबहिं तोहार सब मिस्री अधिकारियन मोर समन्वा निहुरिहीं अउ मोर पूजा करइहीं। उ पचे कइहीं, ‘जा, अउ आपन सबहिं लोगन क आपन संग लइ आवा।” तबहिं मइँ फिरौन क कोहाइ क देब।’“ 9 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “फिरौन तोहार बात सुनेस नाहीं। काहे? ऍह बरे कि मइँ आपन बड़की सक्ती क मिस्र मँ देखाइ सकउँ।” 10 इहइ कारण रहा कि मूसा अउ हारून फिरौन क समन्वा बड़का बड़का चमत्कार देखाएन। अउर इहइ कारण अहइ कि यहोवा फिरौन क एँतना हट्टी बनाएस कि उ इस्राएल क मनइयन क आपन देस तजइ नाहीं दिहेस।

Exodus 12

1 मूसा अउ हारून जब मिस्र मँ रहेन, यहोवा ओनसे कहेस। यहोवा कहेस, 2 “इ महीना तोहार बरे बरिस क पहिल महीना होइ। 3 इ हुकुम इस्राएल क पूरी जाति बरे अहइ: इ महीना क दसवाँ दिन हर मनइ आपन परिवारे बरे एक ठु मेनना जरूर राखी। 4 जदि हुवाँ जिआदा मनइयन अकरे घरे मँ मेमना क खाइ बरे न होइँ, तउ ओका आपन पड़ोसियन क भोज खाइ बरे बोलावइ चाही। हर मनइ क खाइ बरे मेमना क पर्याप्त गोस होइ चाही। 5 एक बरिस क नर मेमना बे दोखे तगड़ा होइ क चाही। इ पसु या तउ भेड़ क बच्चा या बोकरी क बच्चा होइ सकत ह। 6 तोहका इ मेमना क महीना क चौदहवीं तारीख ताईर् रखइ चाही। उ दिन इस्राएल बिरादरी क सबहिं लोग गोधरी क समइ मँ इ मेमनन क जरूर मारिहीं। 7 इ जानवरन क खून तोहका बटोरइ क चाही। कछू खून घरे क दरवाजे क चौखट क ऊपर सिरा अउ दुइनउँ पाटी प लगावइ चाही, जउन घरन मँ मनइयन खइया क खाइँ। 8 “इ रात क तू मेमना क भूँजि ल्या अउ ओकर सबइ गोस खाइ ल्या। तू जरूर कड़वान जरी-बूटी अउ बे खमीरे क रोटी भी खाइ लिहा। 9 तोहका मेमना क बच्चा नाहीं खाइ चाही तोहका मेमना क पानी मँ बोलकावइ नाहीं चाहीं तोहका समूचइ मेमना क आगी प भूँजइ चाही। इ हालत मँ भी मेमना क मूँड़, जोड़ अउ ओकरे भीतर क हींसा ठीक ठाक होइ क चाही। 10 उहइ राति क तोहका सब गोस खाइ लेइ चाही। जदि तनिक गोस भिन्सारे ताईर् बचि खुचि जाइ तउ ओका आगी मँ जराइ देइ चाही। 11 “जब तू खइया क खाया तउ अइसे ओढ़ना क पहिर्या जइसे तू पचे जात्रा प जात ह्वा। तू पचन्क लबादा तोहरे पेटी मँ कसा होइ चाही। तू पचे आपन पनही पहिरे रह्या अउ आपन जात्रा करइ क लाठी आपन हाथे मँ थामे रह्या। तू पचन्क हालि खइया क खाइ लिहा। काहेकि इ यहोवा क फसह अहइ- उ टेम जब यहोवा ओकरे मनइयन क बचाएस अउ मिस्र स ओनका हाली बाहेर किहेस।” 12 “आजु राति मँ मइँ मिस्र स होइक जाब अउ मिस्र मँ सबइ पहिलौटी पूत क मारि डाउब। मइँ सबहिं पहिलौटी का पइदा भवा मनइ क बेटवा, अउ जानवर क बच्चा क मारि डाउब। इ तरह मइ मिस्र क सबहिं देवतन क परखब अउ देखाउब कि मइँ यहोवा हउँ। 13 मुला तू मनइयनक घरेन प लाग खून क चीन्हा एक खास चीन्हा होइ। जब मइँ खून क चीन्हा क लखब, तउ मइँ तू पचन क घरन क सुरच्छित तजइ भवा चला जाब। मइँ मिस्र क मनइयन क मारब, मुला ओन जानलेवा माहमारी स तू पचन्क कउनो भी नसकान न पहुचाउब। 14 “तउ तू पचे आजु इ रात क हमेसा याद करब्या। तू पचन बरे एक खास पवित्तर क दिन होइ। तोहार सन्तानन हमेसा इ पवित्तर दिन क मनाइ क जरिया यहोवा क सम्मान देइहीं 15 इ पवित्तर दिन प तू पचे बेखमीर क आटा क रोटी सात दिन ताई खउब्या। इ पवित्तर दिन क अवाई स पहिले तू पचे आपन घरे स खमीर क निकारिके बाहेर बहाइ द्या। इ पवित्तर दिन क सात दिन ताईर् तू पचे मँ स कउनो क भी खमीर नाहीं खाइ चाही। जदि तू पचे मँ स कउनो भी मनइ खमीर खाई तउ ओका इस्राएल क दूसर मनइयन स निकारइ दइ जाब्या। 16 इ पवित्तर दिन क पहिले दिन अउ सातवाँ दिन मँ तोहका पवित्तर बइठक करइ चाही। इ दिनन तोहका कउनो काम नाहीं करइ क होइ। इ दिनन सिरिफ एक काम जेका करइ क अग्गिया अहइ आपन भोज क तइयार करब। 17 तू लोगन क बेखमीरे क पवित्तर त्यौहार क जरूर याद राखे चाही। काहेकि इहइ दिन ही मइँ तोहरे लोगन क समूहन मँ मिस्र स बाहेर लइ आवा। ऍह बरे तू लोगन क अउर तोहार सबहिं सन्तानन क इ दिन याद राखइ क होइ। इ नेम अहइ अउ इ सदा रही। 18 ऍह बरे पहिले महीना निसन क चौदहवाँ दिन क साँझ स तू पचे बेखमीरे क रोटी खाब सुरू करब्या। उहइ महीना क इक्कीसवाँ दिन क सांझ तलक तू अइसी रोटी खाब्या। 19 सात दिना ताईर् तू सबन्क घरन मँ कउनो खमीर क रोटी नाहीं होइ चाही। कउनो भी मनइ चाहे उ आपन देस मँ पैदा भवा ह या विदेसी होइ जउन इ खमीर क खाई दूसर इस्राएलियन स अलगाइ दीन्ह जाइ। 20 इ पवित्तर दिन क तू पचन्क खमीर नाहीं खाई चाही। तू जहाँ कतहुँ रहा बेखमीरे क रोटी खाया।” 21 ऍह बरे मूसा सबहीं बुजुर्गन क एक ठउरे प बोलाएस। मूसा ओन पचन्सा कहेस, “आपन परिवारे बरे मेमनन लइ ल्या। फसह त्यौहारे बरे मेमनन क मारि द्या। 22 हिसापक गुच्छा क लइ ल्या। खोरा मँ ओनका डुबावा अउर दुइनउँ चौखटन क दुइनउँ कइँती अउ सिरन प खून क लगावा। तू पचन मँ स कउनो भी भियान तईं आपन घर नाहीं छोरइ चाही। 23 जब यहोवा पहिलौटी क मारइ बरे मिस्र स होइके जाइ तउ यहोवा उ घरे क रच्छा करिहीं जउने घर क चौखटन क दुइनउँ कइँती अउ सिरन प खून लखिहीं। यहोवा नास करइवालन क तोहरे घरे क भीतर ना भेजहीं। उ तू पचन्क चोट न पहुँचइहीं। 24 तू पचन क इ हुकुम जरूर याद राखइ चाही। इ नेम तू पचन अउ तू पचन क सन्तानन बरे हमेसा अहइ। 25 तू सबन्क इ जसन क तबहुँ याद रखइ क होइ जब तू पचे उ देस मँ पहुँचब्या जउन यहोवा तू सबन्क आपन वाचा क अनुसार देइहीं। 26 जब तोहार गदेलन तोहसे पूछिहीं, ‘इ त्यौहार क का मतलब अहइ?’ 27 तउ तू पचे कहब्या, ‘इ फसह त्यौहार यहोवा क सम्मान बरे अहइ। काहेकि जब हम पचे मिस्र मँ रहेन तब यहोवा इस्राएल क घरवा स होइके गएन। यहोवा मिस्र क मनइयन क मारि डाएन मुला हम सबन्क हमार घरे मँ बचाइ लिहन। तबहिं लोग यहोवा क निहुरेन अउ आराधना किहेन।”‘ 28 यहोवा इ हुकुम मूसा अउ हारून क दिहे रहा। ऍह बरे इस्राएल क मनइयन उहइ किहेन जउन यहोवा क हुकुम रहा। 29 आधी रात क यहोवा मिस्र क सबहिं पइदा भए पूतन, फिरौन क पहिलौटी क पूत जउन मिस्र क राजा रहा-स लइके जेल मँ बइठेन कैदी क पूत तलक सबहिं क मारि डाएन। पहिलौटी क पइदा जानवर भी मरि गएन। 30 मिस्र मँ उ राति क कउनो न कउनो मरि गवा। फिरौन, ओकर अफसरन अउ मिस्र क सबहिं मनइयन ज़ोर स रोवइ चिचिआइ लागेन। 31 ऍह बरे उ रात फिरौन मूसा अउ हारून क बोलाएस। फिरौन ओसे कहेस, “तइयार होइ जा अउ हमरे लोगन क तजिके चला जा। तू अउ तोहार लोगन वइसा हीं करि सकत हीं जइसा तू कह्या ह। जा अउ आपन यहोवा क आराधना करा। 32 अउ तू पचे जइसा तू कह्या ह कि तू चाहत बाट्या, आपन भेड़िन अउ गोरूअन क आपन संग लइ जाइ सकत ह, जा अउ मोका भी आसीर्बाद द्या।” 33 मिस्र क मनइयन भी ओनका हालि जाइके कहेन। काहेकि उ पचे कहेन, “जदि तू पचे हालि नाहीं जात बाट्या हम सबहिं मरि जाब।” 34 इस्राएलियन क लगे ऍतना टेमॅ न रहा कि उ पचे आपन रोटी मँ खमीर नावइँ। उ पचे गूँधा भवा आटा क परातन क कपड़ा मँ लपेटिके अउ ओका आपन काँधे प धइके ढोएन। 35 तबहिं इस्राएलियन उहइ किहेन जउन मूसा करइ क कहेस।” उ पचे आपन मिस्री पड़ोसियन क लगे गएन अउ ओनसे ओढ़ना अउर चाँदी सोना स बनी चीजन्क माँगेस। 36 यहोवा मिस्री लोगन क इस्राएल क लोगन बरे दयालु बनइ दिहन। ऍह बरे मिस्र क लोग आपन धन दौलत इस्राएलियन क दइ दिहन। 37 इस्राएल क मनइयन रमसिज स सुक्काथ गएन। उ सबइ छ: लाख मनइरहेन। ऍहमा गदेलन मिलाइ क नाहीं अहइँ। 38 ओनके संग ढेर भेड़न, गइयन, बोकरियन अउ दूसर गोरुअन रहा। ओनके संग दूसर मनइ भी जात्रा करत रहेन। जउन इस्राएलियन नाहीं रहेन, मुला उ पचे ओनके संग गएन। 39 मुला मनइयन क गूँधा भवा आँटा क फुलइ दइ क टेमॅ नाहीं मिला। अउ उ पचे आपन जात्रा बरे कउनो खास खइया के नाहीं बनाएन। ऍह बरे ओनका बेखमीर क रोटी बनवइ क पड़ी। 40 इस्राएल क लोग मिस्रमँ चार सौ तीस बरिस ताईर् जिअत रहेन। 41 चार सौ तीस बारिस पाछे, ठीक उहइ दिन, यहोवा क सबइ मनइयन मिस्र क तजि दिहेन। 42 उ खास रात अहइ जब लोग याद करत हीं कि यहोवा ओनका मिस्र स बाहेर लइ आएन। इस्राएल क सबहिं मनइयन उ रात क हमेसा याद रखिहीं। 43 यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, “इ सबइ फसह त्यौहार क नेम अहइँ: कउनो बिदेसी फसह त्यौहार क पवित्तर भोजन नाहीं खाइ। 44 मुला जदि कउनो मनइ गुलाम क खरीदी अउ जदि ओकर खतना करी तउ उ गुलाम उ प्रसाद क खाइ सकत ह। 45 मुला जदि कउनो मनइ सिरिफ तू पचन्क देस मँ रहत ह या कउनो मनइ तोहरे बरे मजूरी प रखा गवा अहइ तउ उ मनइ क प्रसाद खाइ क न चाही। उ प्रसाद सिरिफ इस्राएल क मनइयन बरे अहइ। 46 हर परिवारे क घरवा क भीतर ही खइया क खाइ चाही। कउनो क भी खइया क घरे क बाहर नाहीं लइ जाइ चाही। भेड़ क बच्चा क कउनो हाड़ जिन तोड़ा। 47 समूचइ इस्राएलियन जाति इ त्यौहार क जरूर मनावइ। 48 जदि कउनो प्रवासी जउन तोहरे संग रहत ह अउर उ यहोवा क फसह मँ हिस्सा लेइ चाहत ह, तउ ओकर खतना जरूर होइ चाही। तउ उ इस्राएल क नागरिक क तरह होइ, अउर उ खइया मँ हिस्सा लइ सकी। मुला जदि उ मनइ क खतना नाहीं भवा होइ तउ उ इ पसह क त्यौहार क खइया क नाहीं खाइ सकत। 49 इ सबहिं नेम हर एक प लागू होइहीं। नेम लागू भए मँ इ बात क कउनो फकर्र् नाहीं परिहीं चाहे उ आपन देस मँ पइदा भवा रहा या कउनो तोहरे बीच मँ रहइवाला बिदेसी अहइ।” 50 ऍह बरे इस्राएल क सबहीं मनइयन ओन हुकुमन क तामील किहेन जेनका यहोवा मूसा अउ हारून क दिहेन। 51 उहइ दिन यहोवा इस्राएल क सबहिं लोगन क मिस्र स बाहेर लइ गएन। लोग झुण्डे मँ गएन।

Exodus 13

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, 2 “हर पहिला पइदा भवा इस्राएली लरिका मोका अर्पण कइ दिहा। हर अउरत क पहिला पइदा बचवा मोर ही होइ। तू पचे पहिला पइदा हर एक नर पसु क मोका अर्पण कइ दिहा।” 3 मूसा मनइयन स कहेस, “इ दिन क याद राखा। तू पचे मिस्र मँ गुलाम रह्या। मुला इ दिन यहोवा आपन बड़की सक्ती क बइपरेस अउ तू पचन्क अजाद कराएस। तू पचे खमीरे क संग जिन खाया। 4 आजु आबीब क महीना मँ, तू पचे मिस्र स जात रह्या। 5 यहोवा तू पचन्क पुरखन स खास वाचा किहे रहेन। यहोवा तू पचन्क कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, अउ यबूसी मनइयन क धरती देइ क वाचा किहेस। जब यहोवा तू पचन्क उ ब़ढिया देस मँ ले जाइ जहाँ दूध अउर सहद क नदी बहत रहत ह तब तू इ दिन क जरूर याद राख्या। तू पचे हर बार बरिस क पहिले महीना मँ इ दिन क खास आराधना क दिन क रूप मँ मनावा। 6 “सात दिन तलक तू पचे उहइ रोटी खाया जेहँमा खमीर न होइ। सातवें दिन एक ठु बड़की दावत होइ। इ दावत यहोवा क मान करइ क निसानी होइ। 7 ऍह बरे सात दिना ताईर् खमीर स बनई रोटी नाहीं खाइ चाही। तोहरे पहँटा मँ कउनो जगह खमीर क रोटी नाहीं होइ चाही। 8 इ दिन तू सबन्क आपन गदेलन स कहइ चाही, ‘हम पचे इ दावत ऍह बरे करत अही कि यहोवा हमका मिस्र स बाहेर निकारेस।’ 9 “इ छुटी क दिन तू पचन्क याद करइ मँ मदद करी यानी इ तू पचन्क कलाई प बाँधा धागाक नाईंर् होइ। इ दिन तोहार आँख क आगवा एक चीन्ह क नाईंर् होइ। इ छुटी क दिन तोहका यहोवा क उपदेस क याद राखइ मँ मदद करी। इ छुटी क दिन तू पचन्क ई याद राखइ मँ मदद करी कि यहोवा तू पचन्क क आपन महान सक्ती क प्रयोग कइके तोहका मिस्र स बाहेर निकारेस ह। 10 ऍह बरे हर बरिस इ छुटी क दिन क ठीक टेम प मनावइ क याद राखा। 11 “यहोवा तू मनइयन क उ देस मँ लइ चलिहीं जेका तू पचन्क देइ बरे वाचा किहेस रहा। इ समइया हुवाँ कनानी मनइ रहत हीं। मुला यहोवा तोहार पुरखन स इ वाचा किहे रहा कि इ धरती तू पचन्क दइ देइ। यहोवा इ भुइँया तोहका देइहीं। 12 ओकरे पाछे तू सबइ आपन हर एक पहिलौटी लरिका क ओका अर्पण करइके याद राखा अउ हर एक पहिला पइदा भवा नर पसु क जरूर यहोवा बरे अर्पण कइ दिहा। 13 हर एक पहिला पइदा भवा गदहा यहोवा स वापस बेसहि लिहा। तू पचे ओकरे बदले मँ भेड़ क बच्चा क दइ दिहा अउ गदहा क वापस लइ सकत ह। जदि तू यहोवा स गदहा नाहीं बेसहा चहत्या तउ एका मारि डावा। इ एक बलि होइ। तू ओकर गरदन जरूर तोड़ि द्या। हर एक पहिलौटी लरिका यहोवा स फुन जरूर बेसहि लीन्ह जाइ। 14 “अगवा तोहार गदेलन पूछिहीं तू इ काहे करत ह। उ पचे कइहीं, ‘इ सब का का मतलब अहइ?’ अउर तू जवाब देब्या, ‘यहोवा हम सबन्क मिस्र स बचावइ बरे बड़की सक्ती बइपरेस ह। हम पचे हुवाँ गुलाम रहेन। मुला यहोवा हम पचन्क बाहेर निकारेस अउ उ पचे हिआँ लइ आएन। 15 मिस्र मँ फिरौन हठी होइ गवा। उ हम पचन क जाइ नाहीं दिहस। ऍह बरे यहोवा उ देस क सबहिं पहिलौटी नर अउलादे क मारि डाएस। (यहोवा पहिलौटी नर पसु अउ पहिलौटी बेटवन क मारि डाएस।) ऍह बरे हम पचे पहिले पइदा भए हर एक नर पसु क यहोवा बरे अर्पण करत अही। अउर इहइ कारण अहइ कि हम पचे पहिलौटी भए बेटवन क यहोवा स बेसहित ह।’ 16 इ तोहरे कलाई प बाँधा भवा धगा क नाईर् अहइ। अउ इ तोहरे आँखिन क समन्वा बँधा भवा चीन्हा क तरह अइइ। इ एका याद दियावइ मँ मदद करी कि यहोवा आपन बड़की ताकत स हम पचन्क मिस्र स बाहेर लइ आएन।” 17 फिरौन लोगन क मिस्र तजि देइ क मजबूर किहेस। यहोवा लोगन क उ सड़क प नाहीं जाइ दिहस जउन फिलीस्तीन कइँती जात रही। उ सड़क समुद्र स होइ क सबते छोटी राह रही मुला यहोवा कहेस, “जदि लोगन उ राहे स जात हीं, उ पचन्क जुद्ध करइ क होइ। तउ उ पचे आपन इरादा बदलि सकत हीं अउ मिस्र क लौटि सकत हीं।” 18 ऍह बरे यहोवा ओनका दूसर राहे स लइ गवा। उ ओन पचेन्क लाल समुद्र क रेगिस्ताने स लइ गवा। इस्राएल क मनइयन जुद्ध क कपड़ा पहिरे रहेन जब उ पचे मिस्र क तजि दिहन। 19 मूसा यूसुफ क हाड़े क आपन संग लइ गवा। मरइ क पहिले यूसुफ इस्राएल क अउलादे स वाचा किहेस कि उ पचे इ करिहीं। मरइ स पहिले यूसुफ कहेस, “परमेस्सर तू पचन्क बचावइ, तू आपन संग मोर हाड़े क मिस्र स बाहेर लइ जाइ क याद राखा।” 20 इस्राएल क मनइयन सुक्कोत नगर तजेन अउ एताम मँ डेरा डाएन। एताम रेगिस्ताने क छोरे प रहा। 21 यहोवा रस्ता देखाँएन। दिन मँ यहोवा एक लम्बा बदरे क प्रयोग मनइयन क लइ जाइ बरे किहस अउ राति मँ यहोवा ओनका रस्ता देखावइ बरे एक लम्बा आगी क खम्भा क बइपरेस। इ आगी ओनका उजिआरा देत रही। इ कारण उ पचे राति मँ जात्रा कइ सकत रहेन। 22 एक ऊँच खम्भा क रूप मँ बादर हमेसा ओनके संग दिन मँ रहा अउ राति क आगी क खम्भा सदा ओनके संग रहा।

Exodus 14

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “लोगन स कहा कि पीहाहीरोत क पाछे होइ के जात्रा करइँ। मिगदोल अउ लाल समुद्दर क बीच राति मँ ओनसे ठहरइ बरे कहा। इ बाल सपोन क निगचे बा। 3 फिरौन सोची कि इस्राएल क मनइयन रेगिस्तान मँ भटक गएन अहँइ अउर उ नाहीं जानत कि कउन दिसा जाइ। 4 मइँ फिरौन क हिम्मती बनउब जेसे उ तू पचन्क पाछा करइ। मुला मइँ फिरौन अउ ओकर फउज क हराइ देब। एहसे हमार महिमा बाढ़ी। तब मिस्र क मनइयन जनिहीं कि मइँ यहोवा हउँ।” इस्राएल क मनइयन यहोवा क हुकुम मानेन यानी उ पचे उहइ किहेन जउन उ कहे रहा। 5 जब फिरौन क इ खबर मिली कि इस्राएलियन परात अहइँ तउ उ अउ ओकर अफसरन ओनका हुवाँ स चला जाइ क जउन बचन दिहे रहेन, ओकरे बरे आपन इरादा बदल दिहेन। फिरौन कहेस, “हम इस्राएल क मनइयन क काहे जाइ दीन्ह? हम ओनका काहे पराइ दीन्ह? अब हमार गुलाम हमरे हाथे स निकरि चुका अहइँ।” 6 ऍह बरे फिरौन आपन जुद्ध क रथे क तइयार किहेस अउ आपन फउज क संग लइ लिहस। 7 फिरौन आपन मनइयन मँ स छ: सौ सबन ते बढ़िया मनइयन अउ आपन सबहीं रथे क संग लिहस। हर एक रथ मँ एक एक अधिकारी रहेन। 8 इस्राएल क मनइयन जीत क खुसी मँ आपन औजारन क ऊपर कइँती उठावत जात रहेन मुला यहोवा मिस्र क राजा फिरौन क हिम्मती बनएस। अउर फिरौन इस्राएल क मनइयन क खदेरइ लाग। 9 मिस्र क फउजे क लगे घोड़सवार सिपाहीयन अउ रथन रहेन। उ पचे इस्राएल क मनइयन क पीछा किहेस अउ उ टेमॅ प जब उ पचे लाल समुद्दर क निकट बाल सपोन क पूरब पीहाहीरोत मँ डेरा डाए रहेन, ओनका धइ लिहन। 10 इस्राएल क मनइयन फिरौन अउ ओकरी फउज क अपनी कइँती आवत लखेन तउ उ पचे बुरी तरह डेराइ गएन। उ पचे मदद बरे यहोवा क गोहार लगाएन। 11 उ पचे मूसा स कहेन, “का मिस्र मँ पर्याप्त कबर नाहीं रहिन? तू हम पचन्क मिस्र स बाहेर काहे लिआया? तू हम पचन्क मरइ बरे इ रेगिस्ताने मँ काहे लिआया? 12 हम पचे तोहसे कहे रहेन कि अइसा ही होइ। मिस्र मँ हम पचे कहे रहेन, ‘कृपा कइके हम पचन्क कस्ट जिन द्या। हम पचन्क मूसा हियँइ ठहरइ बरे अउ मिस्री मनइयन क सेवा करइ द्या’ हिआँ आइके रेगिस्तान मँ मरइ स नीक इ होत कि हम पचे हुवँइ मिस्री मनइयन क गुलाम बनिके रहित।” 13 मुला मूसा जवाब दिहेस, “डेराअ जिन। पराअ जिन, अबहिं रूकि जा अउ लखा कि आज तू पचन्क यहोवा कइसे बचावत हीं। आज क पाछे तू पचे इन मिस्री मनइयन क कबहुँ नाहीं निहरब्या। 14 तू पचन्क सान्त रहइ के अलावा अउर कछू नाहीं करइ क अहइ। यहोवा तोहरे बरे लड़तइ रइहीं।” 15 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “तू पचे अब भी मोरे लगे काहे चीखत ह! इस्राएल क मनइयन क अगवा बढ़इ क हुकुम द्या। 16 आपन छड़ी क लाल सागरे क ऊपर उठावा अउ लाल सागर फाटि जाइ। तब इस्राएली मनइयन झुरान भुइयाँ स समुद्दर क पार कइ सकिहीं। 17 मइँ मिस्री मनइयन क जिद्दी बनायउँ ह। इ बरे उ सबइ तोहार पीछा करहीं। मुला मइँ देखाउब कि मइँ फिरौन, ओकर सबहिं घोड़ सवार अउ रथन स जिआदा बरिआर हउँ। 18 तब्बइ मिस्री बूझि जइहीं कि मइँ यहोवा हउँ। जब मइँ फिरौन, ओकर घोड़सवार अउ रथे क हराउब तउ मोर महिमा क परगट कीन्ह जाब्या।” 19 उहइ समइया यहोवा क सरगदूत इस्राएली मनइयन क पाछे गवा। यहोवा क सरगदूत अक्सर लोगन क अगवा रहा अउ ओनका अगुआइ करत रहा। ऍह बरे लम्बा बदरे क खंभा लोगन क अगवा स टरि गवा अउ पाछे आइ गवा। 20 इ तरह बादर मिस्री मनइयन अउ इस्राएलियन क बीच आइ क खड़ा होइ गवा। इस्राएलियन बरे इ उँजिअर रहा मुला मिस्री मनइयन बरे अँधियार। ऍह बरे मिस्र क मनइयन उ राति मँ इस्राएलियन क नगिचे नाहीं आइ सकेन। 21 मूसा आपन बाँह लाल सागर प उठाएस। अउ यहोवा पूरब स बहोत तेज हवा चलाइ दिहस। हवा राति भइ चलत रही। समुद्दर फाटि पड़ा अउ हवा समुद्दर क झुरान भुँइया मँ बदल दिहस। 22 इस्राएल क मनइयन सूखी धरती प चलिके समुद्दर पार किहेन। ओनके दाँई अउ बाईर् कइँती पानी दिवारे क नाईर् ठाड़ रहा। 23 तबहिं फिरौन क सब रथन अउ घोड़सवार समुद्दर मँ ओनका पीछा किहेस। 24 बहोतइ भिन्सारे यहोवा लम्बा बादर अउ आगी क खम्भा मँ स मिस्र क फउज क लखेस। अउर यहोवा ओन प हमला कइ दिहस अउ ओन पचन्क हराइ दिहस। 25 रथे क पहिया भुइयाँ मँ घुसुर गएन। रथ क सम्भारब मुस्किल होइ गवा। मिस्री मनइयन चिचियानेन, “हम पचे हिआँ स निकरि चली। यहोवा हम पचन्क खिलाफ जूझत अहइँ। यहोवा इस्राएलियन बरे लड़त बाटेन।” 26 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “आपन हाथ क समुद्दर प उठावा। फिन समुद्दर क पानी मिस्री रथन अउ घोड़सवारन प गिरी अउर उ पचन्क बोरि देइ।” 27 ऍह बरे दिन निकरइ स ठीक पहिले मूसा आपन हाथ समुद्दर प उठाएस अउ पानी आपन ठीक तह प वापिस चला गवा। मिस्री मनइयन पराइ क जतन करत रहेन। मुला यहोवा मिस्री मनइयन क समुद्दर मँ बहाइके बोर दिहस। 28 पानी आपन ठीक तह ताईर् लौटि आवा अउ रथन अउ घोड़सवारन क ओढ़ लिहस। फिरौन क समूचइ फउज जउन इस्राएलियन मनइयन क पाछा करत रहिन, बूड़िके नसाय गइन। ओनमाँ स कउनो नाहीं जिअत रहा। 29 मुला इस्राएल क मनइयन झुरान भुइयाँ प चलिके समुद्दर पार किहेन। ओनके दाहिन अउ बाएँ कइँती पानी दिवारे क नाईर् ठाड़ रहा। 30 ऍह बरे उ दिना यहोवा इस्राएल क मनइयन क मिस्री मनइयन स बचाइ लिहस। बाद मँ इस्राएलियन मिस्री मनइयन क ल्हासे क लाल सागर क किनारे निहारेन 31 इस्राएलियन यहोवा क बड़की सक्ती क लखेन जब उ मिस्री मनइयन क हराइ दिहन। ऍह बरे लोगन यहोवा क मान किहेन। अउर उ पचे यहोवा अउ ओनके सेवक मूसा प पतियानेन।

Exodus 15

1 तब मूसा अउ इस्राएल क मनइयन यहोवा बरे इ गीत गावइ लागेन:“मइँ यहोवा बरे गीत गाउब काहेकि उ बड़का कारनामा किहेस ह। उ घोड़ा अउ सवारन क सगरे मँ बहाइ दिहेस ह। 2 यहोवा ही मोर सक्ती अहइ। उ मोका बचावत ह अउर मइँ गावत हउँ गीत ओनकी बड़कई क।मोर परमेस्सर यहोवा अहइ अउ मइँ ओनकइ बड़कई करत हउँ। यहोवा मोरे पुरखन क परमेस्सर अहइ अउर मइँ ओनकइ मान करत हउँ। 3 यहोवा बड़का जोधा अहइ ओकर नाउँ यहोवा अहइ। 4 यहोवा फिरौन क रथ अउ फउजिअन क सगरे मँ बहाइ दिहस। फिरौन क उत्तिम अफसरन लाल सगरे मँ बूड़ि गएन। 5 गहिर पानी ओनका ढाँकि लिहस। उ पचे चट्टाने क नाईर् गहिर पानी मँ डूबेन। 6 आप क दाहिन बाँह गजब क सक्ती स भरी अहइ। यहोवा आप क दाहिन बाँह दुस्मनन क छिटकाइ बिटकाइ दिहस। 7 आप आपन सक्ती अउ बड़की परताप म नसाइ दिहा ओन पचेन क जउन खिलाफ खड़ा होइ गएन। आपक किरोध ओनका उ तरह नास कइ दिहस जइसे आगी तिनका क बारि डावत ह। 8 आप आपन किरोध मँ जउन तेज हवा क चलाया उ जले क उँचके उछारि दिहेस। उ जोर स बहत पानी पोढ़ दिवार बनि गवा। समुद्दर आपन गहिर स गहिर तले तक ठोस होइ गवा। 9 “दुस्मन कहेस, ‘मइँ ओनका खदेरब अउ धइ लेब। मइँ ओनकइ धन दौलत लइ लेब। मइँ आपन तरवारि क भांजब अउ ओनकइ हर एक चीज छीन लेब। मइँ आपन खातिर सब कछू लइ लेब।’ 10 मुला आप ओनपइ फूँकि दिहन अउ सगरे स ओन पचन्क ढाँकि दिहा उ पचे गहिर सागर मँ सीसा क नाईर् बूड़ि गएन। 11 “का कउनो देवता यहोवा क समान अहइ? नाहीं, आप क बराबरी क कउनो देवता नाहीं, तू आपन पवित्तर होइ मँ अजूबा अहा तोहरे मँ अचरजवाली सक्ती बाटइ आप अजूबा चमत्कार करत हीं। 12 आप आपन दाहिन हाथ क पसारेस अउर धरती ओनका निगल लिहेस। 13 आप मेहरबानी कइके लोगन क लइ चलइँ जेका आप बचाइन ह। आप आपन सक्ती स इन लोगन क आपन पवित्तर अउ सुहावना भुइँया मँ लइ जाइँ। 14 “दूसर देस जब इ कथा क सुनिहीं अउर उ सबइ डेराइ जइहीं। पलिस्तीन क मनई डर स कँपिहीं। 15 तबहिं एदोम क नेतन डर स कँपिहीं मोआब क नेतन डर स कँपिहीं, कनान क मनई आपन हिम्मत छोड़ि देइहीं। 16 ओनमाँ डर समाइ जाइ जबहिं उ पचे तोहार सक्ती देखिहीं। इ सबइ चट्टाने क नाईर् सान्त रइहीं जब तलक यहोवा क लोग निकरि न जाइँ, जब तलक उ लोग निकरि न जाइँ जेका आप बनाइन ह। 17 यहोवा तू आपन पहाड़े ताईर् आपन लोगन क लइ जा। ओनका उ जगहिया मँ रहइ द्या जेका तू आपन सिंहासन बरे बनाएस ह, तोहार आपन यहोवा क मन्दिर क बगलमँ, जेका तू आपन हथवा स बनाएस ह। 18 यहोवा हमेसा हमेसा राज्ज करत रइहीं।” 19 हाँ इ फुरे अइसा भवा। फिरौन क घोड़ा, सवार अउ रथ समुद्दर मँ चला गएन। यहोवा ओनके ऊपर समुद्दर क पानी लइ आइ दिहस। मुला इस्राएल क मनइयन झुरान धरती प चलिके समुद्दर पार कइ लिहन। 20 तब्बइ हारून क बहिन नबिया मिरियम एक ठु ढपली लिहस। मिरियम अउ दूसर मेहररूअन नाचइ गावइ लागीं। मिरियम क गवनिया क बोल रहा: 21 “यहोवा बरे गावा। काहेकी उ बड़वार काम किहेस ह। उठाइके बहाइ दिहस घोड़ा अउ सवारे क सगरे क बीच मँ” 22 मूसा इस्राएल क मनइयन क लाल सागर स सूर रेगिस्तान लइ जात रहा। लोग तीन दिना तलक रेगिस्तान मँ जात्रा करत रहेन। उ पचे तनिकउ पानी नाहीं पाइ सकेन। 23 तीन दिना क पाछे मनइयन मारा आएन। मारा मँ पानी रहा। पानी ऍतना करूआ रहा कि लोग पिउ नाहीं सकत रहेन। (इहइ कारण रहा कि ठउरे क नाउँ मारा पड़ि गवा।) 24 मनइयन मूसा क ओराहना दिहन। मनइयन कहि बइठेन, “अब हम पचे का पिई?” 25 मूसा यहोवा क दोहाई दिहस। ऍह बरे यहोवा ओका एक बृच्छ देखाएस। मूसा बृच्छे क पानी मँ नाएस। जब उ अइसा किहस, पानी बढ़िया पिअइ क जोग्ग होइ गवा।उ ठउरे प यहोवा लोगन क परखेन अउ ओनका एक नेमॅ दिहन। यहोवा लोगन क बिस्सास क भी जाँच किहस। 26 यहोवा कहेस, “तू पचन्क आपन परमेस्सर यहोवा क हुकुम जरूर मानइ चाही। तू सबन्क उहइ करइ चाही जेकॉ उ नीक कहत हीं। जदि तू पचे यहोवा क हुकुम अउ नेमॅ क मनब्या तउ तू पचे मिस्री मनइयन क नाईर् बेमार जिन होब्या। मइँ तोहार यहोवा तू पचन्क कउनो अइसी बेरामी नाहीं देब जइसे मइँ मिस्री मनइयन क दीन्ह ह। मइँ यहोवा हउँ, मइँ उहइ हउँ जउन तोहका बेमारी स नीक बनवत हउँ।” 27 तबहिं लोगन एलिम तलक क जात्रा किहेन। एलीम मँ पानी क बारह झरना रहेन अउ हुवाँ सत्तर खजूरे क पेड़ रहेन। ऍह बरे लोगन हुवाँ पानी क नगिचे डेरा डाइ लिहेन।

Exodus 16

1 तबहिं लोगन एलीम स चलेन अउ सीनै रेगिस्तान मँ पहुँचि गएन। इ ठउर एलीम अउ सीनै क बीच रहा। उ पचे इ ठउर प दुसरे महीना क पद्रहवाँ दिन मिस्र छोड़ दिहे क पाछे पहुँचेन। 2 तब इस्राएल क मनइयन फिन ओरहना देब सुरू किहेन। उ सबइ मूसा अउ हारून स रेगिस्तान मँ ओराहना दिहेन। 3 मनइयन मूसा अउ हारून स कहेन, “इ हमरे बरे नीक होतेन कि यहोवा हम पचन्क मिस्र मँ मारि डाए होत। मिस्र मँ हम पचन्क लगे खइया क बहोत रहा। हम पचन क लगे उ सब खइया क रहा जेकर हमका जरूरत रही। मुला अब तू हम सबन्क रेगिस्तान मँ लइ आया ह। हम सब हिआँ भुखिया स मरि जाब।” 4 तब यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ अकासे स खइया क गिराउब। इ भोजन तोहरे बरे खाइ क होइ। हर एक दिन लोग बाहेर जाइँ अउ उ दिन खाइ क जरूरत बरे भोजन बटोरि लेइँ। मइँ ऍह बरे करब कि मइँ लखिहउँ कि का लोग उहइ करिहीं जउन मइँ करइ क कहब। 5 हर एक दिन लोग बरे ढेर क खइया क बटोरि लेइँ। मुला सुकुरवार क जब खइया तइयार करइ लागइँ तउ लखइँ कि उ पचे दुइ दिन क भोजन रखि लेइँ। 6 ऍह बरे मूसा अउ हारून इस्राएल क मनइयन स कहेन, “आज ही रात तू पचे यहोवा क सक्ती लखब्या। तू पचे जानब्या कि इ उहइ यहोवा अहइ जउन तू पचन्क मिस्र देस स बचाइके बाहेर निकारेस। 7 भिन्सारे तू पचे यहोवा क महिमा निहरब्या। तू पचे यहोवा स सिकाइत किहा ह। उ तोहार बात सुनेस ह। तू पचे हम सबन्क ओराहना देत अहा। इ होइ सकत ह कि हम पचे अब कछू अराम कइ सकित ह।” 8 अउर मूसा कहेस, “तू पचे सिकाइत किहा ह अउर यहोवा तू पचन्क सिकाइत सुनि लिहेन ह। ऍह बरे रात क यहोवा तू पचन्क गोस देइहीं। अउ हर भिन्सारे तू पचे उ सारा रोटी पउब्या, जेका तोहका जरूरत बा। तू पचे मोसे अउ हारून स ओराहना करत रहत बाट्या। मुला अब हम पचे तनिक अराम करब। याद राखा तू पचे मोरे अउ हारून क खिलाफ सिकाइत नाहीं करत बाट्या। तू पचे यहोवा क खिलाफ सिकायत करत बाट्या।” 9 तबहिं मूसा हारून स कहेस, “इसाएल क मनइयन क बोलावा अउ ओनसे कहा, ‘यहोवा क समन्वा जमा होइ जा काहेकि उ तोहार ओराहना सुनेस ह।’“ 10 हारून इस्राएल क सबहीं मनइयन स बात किहेस। उ पचे एक ठउरे प जमा भइ रहेन। जबहिं हारून बतियात रहा तबहिं लोग घूमि गएन अउ रेगिस्ताने कइँती लखेन। अउर उ पचे यहोवा क महिमा क मँ बदरे मँ परगट होत निहारेन। 11 यहोवा मूसा स कहेस, 12 “मइँ इस्राएल क मनइयन क ओराहना सुनेउँ ह। ऍह बरे ओनसे मोर बतियन क कहि द्या, ‘आजु गउ धूरि मँ तू पचे गोस खाब्या। अउ भियान भोर होत ही तू पचे पेटवा भरिके रोटी खाब्या। तबहिं तू पचे जनब्या कि मइँ यहोवा तोहार परमेस्सर हउँ।”‘ 13 उ रात बटेर चिरइया डेरा क चारिहुँ कइँती आइ गइन। बटेरन डेरा क ठाँक लिहस। भोर मँ डेरा क नगिचे ओस गिरी रही। 14 सूरज क निकरि आए प ओस टेघॅरत रही। मुला पाला क तहे क नाईं भुइयाँ प कछू रहि जात रहा। 15 इस्राएल क मनइयन एका लखेन अउ आपुस मँ करइ लागेन, “इ का बा?”उ पचे इ सवाल ऍह बरे पूछेन कि उ पचे इ नाहीं जानत रहेन इ कउन चीजि अहइ। ऍह बरे मूसा ओनसे कहेस, “इ खइया क अहइ जेका यहोवा तोहका खाइके देत अहइँ। 16 यहोवा कहत अहइँ, ‘हर व्यक्ति ओतॅना बटोरइ जेतना ओका जरूरत होइ। तू लोगन मँ स आपन परिवारे क हर एक सदस्य क खातिर एक ओमेर बटोरि लेइ।’“ 17 तउ इस्राएल क मनइयन अइसा ही किहेन। हर मनई खइया क बटोरेस। कछू मिला दूसर मनइयन स जिआदा बटोरि लिहन। 18 उ मनइयन आपन आपन परिवारे क खइया क दिहन। जब खइया क नाप जोख भवा तउ हर मनई बरे हमेसा ढेर क रहा, मुला कबहूँ भी जरूरत स जिआदा नाहीं भवा। हम मनई ठीक अपने खातिर अउ आपन परिवारे बरे ढेर क बटोरेस। 19 मूसा ओन पचेन स कहेस, “अगवा दिन बरे खइया क जिन बचावा।” 20 मुला कछू लोग मूसा क बतिया नाहीं मानेन। कछू लोग आपन खइया क बचाइ लिहन जेका उ सबे अगवा दिन खाइ सकेन। मुला जउन खइया क बचाइ लिहन ओहमाँ किरवा पड़ि गएन अउर उ बसाइ होइ गएन। मूसा उ लोगन प कोहाइ गएन जउन इ किहे रहेन। 21 हर भिन्सारे लोगन खइया क बटोरत रहेन। हर मनई ओतॅना ही बटोरत रहा जेतॅना उ खाइ सकत रहा। किन्तु जब धुपिया तेज होत रही तउ खइया गलि जात रहा। 22 सुकुरवारे क मनइयन दुगुना खइया क बटेरेन। उ पचे दुई ओमेर हर मनई बरे बटोरेन। ऍह बरे लोगन क मुखिया आएन अउर उ सबइ इ बात मूसा स कहेन। 23 मूसा ओनसे कहेस, “इ वइसेन भवा जइसा यहोवा कहे रहेन। काहेकि भियान यहोवा क परम अराम क पवित्तर दिन परमेस्सर क मान देइ बरे अहइ। तू पचे आजु बरे जेतॅना खइया क तोहका चाही तू बनइ सकत ह। मुला बाकी खइया क काल्ह भियान बरे भी बचावा।” 24 ऍह बरे लोगन अगवा दिन बरे बाकी खइया क बचाइ लिहन। अउर कउनो खइया किरवा पड़ि क खराब नाहीं भवा। अउर ओहमाँ स बसाइ भी नाहीं आवत रहा। 25 सनीचरे क मूसा मनइयन स कहेस, “जउन कछू तू बिते क दिन मँ बटोरा रहेन तोहका उहइ आज खाइ चाही। आज आराम का दिन सबत यहोवा क सम्मान दइ बरे अहइ। आज खेत मँ खइया पाइ नाहीं चाहीं। 26 तू पचन क हफ्ता क छ: दिना मँ ही खइया बटोर इ चाही। मुला सतवाँ दिन अराम क दिन अहइ ऍह बरे भुइयाँ प कउनो खास खइया नाहीं होइ।” 27 सनीचरे क कछू मिला तनिक खइया बटोरइ बरे गएन, मुला उ पचे हुवाँ रचिकउ खइया क नाहीं पाइ सकेन। 28 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, “तोहार लोग मोर आदेसन अउर उपदेसन क मानइ स कबहुँ तलक इनकार करत रहब। 29 लखा यहोवा सबत क दिन तोहरे अराम खातिर बनएस ह। ऍह बरे सुकुरवार क यहोवा दुइ दिना बरे ढेर क खइया के तोहका देइहीं। ऍह बरे सबत क दिना क हर कउनो क अराम करइ चाही। तू आपन जगह प रूकि रहा कउनो जगह बाहर नाहीं जा।” 30 ऍह बरे लोग सबत क दिन अराम किहेन। 31 इस्राएली लोग इ खास खइया क “मन्ना” कहब सुरू दिहेन। मन्ना नान्हक उज्जर धनिया क बिआ क नाईर् रहा अउ एकर स्वाद सहद स बनवा पपड़े क तरह रहा। 32 तबहिं मूसा कहेस, “यहोवा हुकुम दिहेस ह: ‘इ खइया क एक ओमेर अपने सन्तानन बरे बचावा। तब्बइ उ पचे खइया क लखि सकिहीं जेका मइँ तू पचन क रेगिस्ताने मँ तबहिं दिहे रहेउँ जबहिं मइँ तू पचन क मिस्र स निकारे रहेउँ।’“ 33 ऍह बरे मूसा हारून स कहेस, “एक घँड़ा लइ आवा अउ एका एक ओमेर मन्ना स भरि द्या। अउ इ मन्ना क भरि के यहोवा क अगवा धइ द्या अउ आपन सन्तानन बरे बचावा।” 34 (यहोवा क हुकुम क अनुसार हारून मन्ना क काँड़ा क सुरच्छा बरे करार क समन्वा धरेस।) 35 इस्राएल क लोगन चालीस बरिस तलक मन्ना खाएन। उ पचे मन्ना तब तलक मन्ना खात रहेन जब तलक उ पचे उ भुइँया मँ नाहीं आइ गएन जाँ ओनका बसइ क रहा। उ पचे ओका तब तलक खात रहेन जब ताईं उ पचे कनान देस क चौहद्दी तक नाहीं पहुँचेन। 36 (उ पचे मन्ना क नापइ बरे जउन तउल क बइपरत रहेन, उ आँमर रहा जउन लगभग एक ओमेर क बराबर रहा।)

Exodus 17

1 इस्राएल क सबहिं मनइयन मिस्र क सीन रेगिस्तान स साथ-साथ जात्रा किहन। उ पचे जइसा यहोवा हुकुम देत रहेन वइसा एक ठउर स दूसर ठउरे ताईर् जात्रा करत रहेन। मनइयन रपीदीम क जात्रा किहेन अउ हुवँइ डेरा डाएन। हुवाँ ओनका पिअइ बरे पानी न रहा। 2 ऍह बरे उ पचे मूसा क खिलाफ होइ गएन अउ ओसे तहत्तुक करइ लागेन। उ पचे माँगेन, “हमका पिअइ क पानी द्या।”मुला मूसा ओनसे कहेस, “तू पचे मोरे खिलाफ काहे होत बाट्या? तू पचे यहोवा क परीच्छा काहे लेत बाट्या?” 3 मुला लोग पिआसा रहेन अउ पानी चाहत रहेन। ऍह बरे उ पचे मूसा स ओराहना बार बार करत रहेन। लोग कहेन, “हम पचन क मिस्र स बाहेर काहे लइ आया? का तू हमका ऍह बरे लइ आया ह कि हम हमार गदेलन अउ गोरूअन बे पानी क मरि जाइँ?” 4 ऍह बरे मूसा यहोवा क गोहार लगाएस, “मइँ इन लोगन बरे का करउँ? इ पचे मोका मार डावइ क तइयार अहइँ?” 5 यहोवा मूसा स कहेस, “लोगन क लगे जा। अउ इस्राएल क कछू नेतन क आपन संग मँ लइ ल्या। आपन छड़ी क आपन साथे लइ जा। इ उहइ लाठी अहइ जेका तू तबहिं बइपरे रह्या जबहि नील नदी प एका पटके रह्या। 6 मइँ तोहरे अगवा होरेब अर्थात् सीनै पर्वत प एक चट्टाने प ठाड़ रहब। लाठी क चट्टाने प पटका अउ एहसे पानी बाहेर आइ जाइ। तबहिं लोग पी सकत हीं।”मूसा उहइ किहेस अउ इस्राएल क नेतेन लखेन। 7 मूसा इ ठउरे क नाउँ मरीवा अउ मस्सा रखेस काहेकि इ उहइ जगहिया अहइ जहाँ इस्राएल क मनइयन ओनके खिलाफ होइ गएन अउ यहोवा क परीच्छा लिहेन इ कहत भवा, “का यहोवा हम लोगन का संग अहइ या नाहीं?” 8 अमालेकी लोगन रपीदीम आएन अउ इस्राएल क लोगन क खिलाफ लड़ेन। 9 ऍह बरे मूसा यहोसू स कहेस, “कछू मनइयन क चुना अउ भियान अमालेकियन स जाइ के लड़ा। मइँ पर्वते क चोटी प ठाड़ होइके तू पचन क निहारब। मइँ परमेस्सर क छड़ी क धरे रहब जउन उ मोका दिहन ह।” 10 यहोसू मूसा क हुकुम मानेस अउ भियान भए प अमालेकियन स लड़इ गवा। उ टेमॅ प मूसा, हारून अउ हुर पहाड़े क चोटी प गएन। 11 जब कबहूँ मूसा आपन हथवा क हवा मँ उठावत तउ इस्राएल क मनइयन जुद्ध जीत जातेन। मुला जबहिं मूसा आपन हथवा क नीचे कइँती करेस तउ इस्राएल क मनइयन हारइ लागेन। 12 कछू समइया क पाछे मूसा क बाँह थक गइन। उ पचे मूसा क जतन क आसान करइ बरे एक ठू रास्ता निकारेन जब उ आपन बाँँँह ऊपर उठाइके राखे रहा। ऍह बरे उ पचे एक बड़की चट्टाने मूसा क तरखाले बइठइ बरे धरेन। हारून अउ हुर मूसा क बाँही क हवा मँ धरे राखेन। हारून मूसा क एक कइँती रहा अउर हूर दुसरी कइँती। उ पचे ओकरे हथवा क ऊपर सूरज डूबई तलक धरे रहेन। 13 ऍह बरे यहोसू अउ ओकर फउजी सिपाही अमालेकियन क जुद्ध मँ हराइ दिहन। 14 तब यहोवा मूसा स कहेस, “इ जुद्ध क बारे मँ लिखा। इ जुद्ध क घटना क एक ठु किताबे मँ लिखा। ताकि लोग याद करइँ कि हिआँ का भवा ह। अउर यहोसू क यकीन दिला कि मइँ अमालेकियन क संसार स समूचइ नास कइ देब।” 15 तबहिं मूसा एक ठु वेदी बनएस। मूसा वेदी क नाउँ, “यहोवा मोर झण्डा बा” धरेस। 16 मूसा कहेस, “मइँ यहोवा क सिंहासने कइँती आपन हाथ फइलावा ह। ऍह बरे यहोवा अमालेकि मनइयन स लड़ा ह, जइसा उ हमेसा किहेस ह।”

Exodus 18

1 मूसा क ससुर यित्रो मिदियन मँ याजक रहा। यहोवा मूसा अउ इस्राएल क मनइयन क अनेक तरह स जउन मदद किहे रहा ओकरे बारे मँ यित्रो सुनेस। यित्रो इस्राएल क मनइयन क यहोवा क जरिए बाहेर लइ जाइ क बारे मँ सुने रहा। 2 ऍह बरे यित्रो मूसा क लगे उ समइ गवा, जब उ परमेस्सर क पर्वत क नगिचे डेरा डाए रहा। उ मूसा क पत्नी बसही सिप्पोरा क आपन संग लइ आवा। सिप्पोरा मूसा क संग नाहीं रही काहेकी मूसा ओका आपन बाप क घरे मँ पठए रहा। 3 यित्रो मूसा क दुइनउँ बेटवन क भी आपन संग लइ आवा। पहिलौटी बेटहना क नाउँ गेसोर्न राखे रहा, काहेकि जब उ पइदा भवा, मूसा कहेस, “मइँ बिदेस मँ अजनबी हउँ।” 4 दुसरे बेटहना क नाउँ एलिएजेर राखेस काहेकि जब उ पइदा भवा तउ मूसा कहेस, “मोरे बाप क परमेस्सर मोर मदद किहेस ह अउ मिस्र क राजा क तरवार स मोका बचाएस ह।” 5 ऍह बरे यित्रो मूसा क लगे तब गवा जब उ परमेस्सर क पर्वत सीनै पर्वते क निअरे रेगिस्ताने मँ डेरा डाए रहा। मूसा क मेहरारू अउ ओकर दुइ बेटवा यित्रो क लगे रहेन। 6 यित्रो मूसा क सँदेसा पठएस। यित्रो कहेस, “मइँ तोहार ससुर यित्रो अहउँ। अउर मइँ तोहार मेहरारू अउ ओकरे दुइनउँ बेटवन क तोहरे लगे लइ आवत हउँ।” 7 ऍह बरे अपने ससुर स मिलइ गवा। मूसा ओकरे समन्वा निहुरा अउ ओका चूमेस। दुइनउँ मनइयन एक दुसरे स हाल चाल पूछेन। तब उ पचे खेमा मँ गएन। 8 मूसा आपन ससुर यित्रो क हर बात बताएस जउन यहोवा इस्राएल क मनइयन बरे किहे रहा। मूसा ओन सारी चीजन क बारे मँ बताएस जउन यहोवा फिरौन अउर मिस्र क लोगन क खिलाफ किहे रहा। अउर मूसा आपन ससुर क बताइ दिहस कि कउने तरह यहोवा इस्राएलियन क बचाएस जब उ पचे कस्ट मँ रहेन। 9 यित्रो उ समइया बहोत खुस भवा जब उ यहोवा क जरिए इस्राएल क मनइयन बरे सबहिं नीक बातन क सुनेस। यित्रो ऍह बरे खुस रहा कि यहोवा इस्राएल क मनइयन क मिस्री मनइयन स अजाद कइ दिहेस। 10 यित्रो कहेस:“यहोवा क गुन गावा! उ तोहका मिस्र क मनइयन क अजाद कराएस। यहोवा तू पचन क फिरौन स बचाएस ह। 11 अब मइँ जानत हउँ कि यहोवा सबहिं देवतन स बड़वार अहइ। उ पचे बिचारेन उ सबइ नियन्तरण मँ अहइँ मुला निहारा यहोवा का किहेस ह।” 12 तबहिं यित्रो होम बलि अउर दूसर बलि परमेस्सर क मान दइ बरे भेंट किहस। तबहिं हारून अउ इस्राएल क सबहिं नेतन परमेस्सर क समन्वा मूसा क ससुर यित्रो क संग खइया क खाएस। 13 दुसरे दिना मूसा लोगन क परखइ बरे बइठा। हुँवा लोगन क गिनती जियादा रही। इ कारण लोगन मूसा क समन्वा दिन भइ ठाड़ रहेन। 14 यित्रो मूसा क लोगन क परखते भए लखेस। उ पूछेस, “तू इ काहे करत बाट्या? का सिरिफ तू ही एक कानून क निआवधीस अहा? अउर मनइयन सिरिफ तोहरे लगे ही सारे दिन भइ काहे आवत हीं?” 15 तबहिं मूसा आपन ससुर स कहेस, “मनइयन मोरे लगे आवत हीं अउर आपन समस्या क बारे मँ मोसे यहोवा क निर्णय क बारे मँ पूछत हीं। 16 जदि ओन पचन मँ कउनो वाद-विवाद होत ह तउ उ पचे मोरे लगे आवत हीं। मइँ निर्णय देत हउँ कि कउन निआव प अहइ। इ तरह मइँ यहोवा क नेमन अउ ओकरे उपदेसन क बारे मँ मनइयन क बतावत हउँ।” 17 मुला मूसा क ससुर ओसे कहेस, “इ नीक तरीका काम करइ क नाहीं अहइ। 18 तोहरे अकेल्ले बरे इ काम बहोत जिआदा अहइ। एहसे तू थक जात ह अउर इ सबइ लोग भी थक जात ही। तू इ काम क खुद नाहीं कइ सकत्या। 19 अब मोरउ सुना। मइँ तोहका कछू सुझाव देत हउँ। मइँ तोहका बताउब कि तोहका का करइ चाही।मोर पराथना बा कि परमेस्सर तोहार साथ देइ हीं। तोहका लोगन क वाद-विवाद सुनब जारी रखइ चाही। तोहका इ तहत्तुकन अउ समस्या क परमेस्सर क समन्वा रखइ चाही। 20 तोहका परमेस्सर क नेमन अउ विधि का उपदेसन लोगन क देइ चाही। लोगन क चिताउनी द्या कि उ पचे परमेस्सर क नेम न तोड़इँ। लोगन क जानकार बना उ पचन्क कइसे जिअइ चाही। ओनका बतावा कि उ पचे का करइँ। 21 मुला तोहका लोगन मँ स कछू क जज अउ नेता क चुनइ चाही।“उ नीक मनइयन क चुना जेहँ प तू पतिआत ह। उ मनइयन जउन यहोवा क मान करत हीं। उ मनइयन क चुना जउन धने खातिर आपन फइसला न बदल देइँ। इन चुने मनइयन क लोगन क प्रधान बनवा। एक हजार मनइयन, एक सौ मनइयन, पचास मनइयन, अउर दस मनइयन प भी एक प्रधान होइ क चाही। 22 इन ही सासक लोगन्क क मनइयन क निआव करइ द्या। अगर जिआदा कउनो गंभीर मामला होइ तउ प्रधान लोग तोहरे लगे आइ सकत हीं। अउ उ पचे दूसर मुकदमा क फैसला खुद कइ सकत हीं। इ तरह उ पचे तोहरे काम मँ मदद करिहीं अउ इ तोहरे बरे जिआदा सहल होइ जाइ। 23 जदि तू परमेस्सर क इच्छा स अइसा करत ह तबहिं तू आपन काम करइ बरे जोग्ग रहब्या। अउ ऍकरे संग संग सब मनइयन आपन समस्या क पूरी होइ जाए स संात होइके घरवा जाइ सकिहीं।” 24 ऍह बरे मूसा उहइ किहेस जइसा यित्रो कहे रहा। 25 मूसा इस्राएल क मनइयन मँ स नीक मनइयन क चुनेस। मूसा ओन मिला क मनइयन क अगुवा बनएस। हुवाँ एक हजार मनइयन, एक सौ मनइयन, पचास मनइयन, अउर दस मनइयन भी प्रधान रहेन। 26 इ प्रधान मनइयन क जज रहेन। मनइयन आपन आपन समस्या क एनके लगे हमेसा लइ आवत रहेन। अउर मूसा क सिरिफ गंभीर मामला निपटावइ क पड़त रहा। 27 तनिक समइया पाछे मूसा आपन ससुर यित्रो क बिदा किहेस अउ यित्रो अपने घरे लौटि गवा।

Exodus 19

1 मिस्र स आपन जात्रा करइ क तीसरे महीना मँ इस्राएल क मनइयन सीनै रेगिस्तान मँ पहुँचेन। 2 उ पचे रपीदीन स चलिके सीनै रेगिस्तान मँ आएन। इस्राएल क मनइयन रेगिस्ताने मँ पर्वत क नगिचे डेरा डाएन। 3 तबहिं मूसा पहाड़े प परमेस्सर क लगे गवा। यहोवा ओसे पर्वत प कहेस, “इ बातन क इस्राएल क मनइयन यानी याकूब क बड़का परिवार स कहा। 4 ‘तू पचे निहार्या ह कि मइँ आपन दुस्मनन क का कइ सकत हउँ। तू पचे लख्या ह कि मइँ मिस्र क मनइयन क संग का किहेउँ ह अउ इस्राएल क लोगन क संग का किहेउँ ह। तू सबइ देख्या ह कि मइँ तू सबन्क मिस्र स बाहेर एक उकाब क नाईर् निकारा ह अउर हिआं आपन निचके लइ आवा ह। 5 ऍह बरे जदि तू मोरे कथन का माना अउर मोरे आदेसन क पालन करा तउ तू पचे मोरे खास लोग होब्या। समूचइ धरती मोर अहइ। मुला मइँ तोहका आपन खास लोग चुनत अहउँ। 6 तू पचे मोरे एक खास रास्ट्र-याजक क समराज होब्या।’ मूसा, जउन बतियन क मइँ तोहका बताएउँ ह ओनका इस्राएल क मनइयन क जरूर कहि दिहा।” 7 ऍह बरे मूसा पहाड़े स तरखाले उतरा अउ लोगन क सासकन क बोलाएस। मूसा लोगन क सासकन स इ कहेस जउन कहइ क यहोवा ओका हुकुम दिहे रहेन। 8 फुन सबहिं लोग उहइ समइ एक साथ बोलेन, “हम पचे यहोवा क हर आदेसन क मानब जउन यहोवा कहत ह।”तबहिं मूसा यहोवा क लगे पहाड़े प लौटि आवा। मूसा परमेस्सर स कहेस कि मनइयन ओनके हुकुम क पालन करिहीं। 9 अउर यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ घनघोर घटा मँ तोहरे लगे आउब। मइँ तोहसे बात करब। सबइ लोग मोका तोहसे बात करत सुनिहीं। मइँ इ ऍह बरे करब जेहसे लोग ओन बातन मँ सदा पतियइहीं जउन तू ओनसे कहत अहा।”तब मूसा यहोवा क उ सब बातन क बताएस जउन लोगन ओसे कहेन। 10 यहोवा मूसा स कहेस, “आज अउ भियान तू लोगन क खास सभा बरे जरूर तइयार करा। लोगन क आपन ओढ़ना धोइ लेइ चाही। 11 अउ तीसरे दिन मोरे बरे तइयार रहइ चाही। तीसरे दिना यहोवा सीनै पहाड़े प आइ, अउर सबहीं लोग यहोवा क निहरिहीं। 12 मुला लोगन स तू जरूर कहि दिहा कि उ पचे पहाड़े स दूर ठहरइँ। एक ठु रेखा खइँच द्या अउ ओनका उ रेखा क पार न होइ द्या। जदि कउनो मनई या गोरू पहाड़े क छुइ तउ ओका जरूर मारि दीन्ह चाही। ओका पथरे या तीर स जरूर मारि डावा जाइ। मुला कउनो क ओका छुअइ नाहीं दीन्ह जाइ। लोगन क बिगुल स लम्बी आवाज निकलइ तलक जोहइ क पड़ी। उहइ समइया ओनका पहाड़े प जाइ दीन्ह जाइ।” 13 14 तउ मूसा पहाड़े स खाले उतरि आवा। उ लोगन क नगिचे गवा अउर ओनका खास बइठक बरे तइयार किहेस। मनइयन आपन ओढ़ना धोएन। 15 तब मूसा लोगन स कहेस, “परमेस्सर स मिलइ खातिर तीन दिना मँ तइयार होइ जा। उ टेम तलक कउनो मनई अउरत क संग सोवइ न चाही।” 16 तीसरे दिना क भिन्सारे घनघोर घटा पर्वत प आइ। बिजुरी क कड़कब अउ बदरे क गरजब भवा। इ समइया बिगुल क बाजब ऊँची अवाज मँ भवा। डेरा क सबहिं लोग ससाइ गएन। 17 तब मूसा लोगन क डेरा स बाहेर पहाड़े क तलहटी प परमेस्सर स भेंटइ बरे गवा। 18 सीनै पहाड़ धुआँ स ढँकि गवा। पहाड़े स धुआँ अइसा निकरा जइसे भट्ठी स निकरत होइ। इ ऍह बरे भवा कि यहोवा आगी मँ पहाड़े प उतरेन। अउर साथ ही समूचा पहाड़ थरथर काँपइ लाग। 19 बिगुल क अवाज जोर स जिआदा जोरदार होत गइ। जबहुँ मूसा परमेस्सर स बात किहेस, परमेस्सर बदरे क गरज क नाईं ऊँची अवाज मँ ओका जवाब दिहस। 20 इ तरह यहोवा सीनै पहाड़े प उतरा। तबहिं यहोवा मूसा क आपन लगे पहाड़े क चोटी प आवइ बरे कहेस। ऍह बरे मूसा पहाड़े प चढ़ि गवा। 21 यहोवा मूसा स कहेस, “जा अउर लोगन क चेताउनी दइ द्या कि उ पचे मोका निहारइ बरे मोरे लगे न आवइँ। जदि उ पचे अइसा करिहीं तउ उ पचे मरि जइहीं। अउर इ तरह ढेर लोगन क मउत होइ जाइ। 22 ओन याजकन स भी कहा जउन मोरे लगे आवा चाहत हीं कि उ पचे इ खास मिलन बरे खुद क तइयार करइँ। जदि उ पचे अइसा नाहीं करतेन तउ मइँ ओनका सजा देब।” 23 मूसा यहोवा स कहेस, “मुला लोग पर्वते प नाहीं आइ सकत हीं। आप खुद ही हम का एक रेखा खइँचके पहाड़े क पवित्तर समुझइ अउ ओका पार न करइ बरे मोसे कहे रह्या।” 24 यहोवा ओसे कहेस, “लोगन क लगे जा अउ हारून क लइ आवा। ओका आपन संग वापस लइ आवा। मुला याजकन अउ लोगन क मोरे लगे जिन आवइ द्या। जदि उ पचे भी मोरे जिआदा नगिचे अइहीं तउ मइँ ओनका सजा देब।” 25 ऍह बरे मूसा लोगन क लगे गवा अउ ओनका इ सब बातन बताएस।

Exodus 20

1 तबहिं परमेस्सर कहेस, 2 “मइँ तोहार परमेस्सर यहोवा हउँ। मइँ तोहका मिस्र देस स बाहेर लइ आएउँ। मइँ तोहका गुलामी स अजाद करावा। ऍह बरे तोहका सचमुच इन आदेसन क मानइ चाही। 3 “तोहार लगे मोर अलावा अउर कउनो देवतन नाहीं होइ चाही।” 4 “तोहका कउनो भी मूतिर् या कउनो भी चीज क कउनो तस्वीर जिन बनवा जउन ऊपर अकासे मँ या खाले भुइयाँ प या धरती क तरखाले पानी मँ होइ। 5 कउनो भी तरह क मूतिर् क आराधना जिन करा, अउर न ही ओकर सेवा करा। काहेकी मइँ तोहार यहोवा परमेस्सर हउँ। मइँ ईस्यालु परमेस्सर हउँ। जउन मनई मोरे खिलाफ पाप करत ह तउ उ हमार दुस्मन होइ जात ह। मइँ उ मनइयन क सजा देब। अउर मइँ ओनके गदेलन, ओनके नातिन पोतन अउ ओनके पर-नतिन पोतन क भी सजा देब। 6 मुला मइँ ओन लोगन प कृपा करब जउन मोसे पिरेम करिहीं अउ मोरे हुकुमन क मनिहीं। मइँ ओनके परिवारे बरे हजारन पीढ़ी तलक कृपा करब। 7 “तोहरे परमेस्सर यहोवा क नाउँ क बइपरब तोहका गलत ढंग स नाहीं करइ चाही। जदि कउनो मनई यहोवा क नाउँ क प्रयोग गलत ढंग स करत ह तउ उ अपराध करत ह अउ यहोवा ओका बे अपराधे क न मनिहीं। 8 “तोहका सबित क दिन क एक खास दिन क रूप मँ मनावइ क याद रखइ चाही। 9 हफ्ता मँ तू छ दिन तलक काम कइ सकत ह। 10 मुला सातवाँ दिन, सबित क दिन यहोवा तोहरे परमेस्सर क मान देइ बरे अराम क दिन अहइ। ऍह बरे उ दिन कउनो व्यक्ति-तू, तोहार बेटवा अउ बिटिया तोहरे नउकर अउ नउकरानी, गोरू अउर तोहरे सहर मँ रहइवाला बिदेसी क काम न करिहीं चाही। 11 काहेकी यहोवा छ: दिना तलक काम किहेस अउ अकास, धरती, सागर अउ ओनके बरे हर चीज बनएस। अउ सातवाँ दिन यहोवा अराम किहेस। इ तरह यहोवा सबित क दिन क बरदान दिहेस कि ओका अराम क पवित्तर दिन क रूप मँ मनावा जाइ। यहोवा ओका बहोत ही खास दिन बनएस। 12 “आपन बाप अउ महतारी क इज्जत करा। इ करा ताकि तू उ धरती प जउन धरती क परमेस्सर तोहका देत अहइ, लम्बी जिन्नगी बिताइ सका। 13 “तोहका कउनो व्यक्ति क कतल नाहीं करइ चाही। 14 “तोहका जिनाखोरी क पाप न करइ चाही। 15 “तोहका चोरी न करइ चाही। 16 “तोहका आपन पड़ोसी क खिलाफ झूठी गवाही न देइ चाही। 17 “तोहका पड़ोसी क घर हथियावइ क इच्छा न करइ चाही। तू आपन पड़ोसी क मेहरारू, ओकर नउकर अउ नउकरानी, ओकर गोरू अउ ओकरे गदहा क हथियावइ क इच्छा नाहीं करइ क चाही। तोहका दूसर व्यक्ति क चीजन्क लेइ क इच्छा न करइ चाही।” 18 घाटी मँ लोग बदरे क गर्जब अउ पहाड़े प बिजुरी क चमकब निहारेन। उ पचे बिगुल क अवाज सुनेन अउ पहाड़े स धुआँ उठब लखेन। मनइयन डेरानेन अउ भय स काँपि गएन। उ पचे पर्वते स दूर ठाड़ रहेन अउ निहारत रहेन। 19 तब लोगन मूसा स कहेन, “जदि तू हम पचन स कछू कहइ चहब्या तउ हम पचे सुनब। मुला परमेस्सर क हम पचन स बात जिन करइ द्या। जदि इ होइ तउ हम पचे मरि जाब।” 20 तब मूसा लोगन स कहेस, “जिन डेराअ। यहोवा तोहार परिच्छा लइ बरे आएस ह। उ चाहत ह कि तू पचे ओका मान द्या जेहसे तू पचे पाप जिन कइ सका।” 21 लोग उ समइ उठिके पर्वते स दूर चला गएन जबहिं मूसा उ घना बदरे मँ गवा जहाँ यहोवा रहेन। 22 तबहिं यहोवा मूसा स इस्राएलियन क कहइ बरे इ बातन क कहेस: “तू पचे निहार्या ह कि मइँ तोहसे अकास स बात कीन्ह ह। 23 ऍह बरे तू पचे मोरी बराबरी करइ बरे सोना अउ चाँदी क मूतिर् जिन बनवा। तोहका झूठे देवतन क मूतिर्यन न बनवइ चाही। 24 “मोरे बरे एक खास वेदी बनवा। इ वेदी बनवइ बरे मिटी बइपरा। इ वेदी प मोका बलि क रूप मँ होम बलि अउ सान्ति भेंट चढ़ाइ द्या। इ काम बरे आपन भेड़ अउ गोरू क इस्तेमाल करा। ऍका उ सबहिं ठउरे प करा जहाँ मइँ आपन क याद करइ बरे कहउँ। तबहिं मइँ आउब अउ तोहका आर्सीबाद देब। 25 जदि तू लोग वेदि क बनवइ बरे चट्टान क बइपरत ह तउ उ पाथर क न बइपरइँ जउने पाथर क लोह क औजार स काटा गवा ह। जदि तू अइसा करत ह तउ मइँ उ वेदी क अगींकार न करब। 26 तू पचे वेदी प पहुँचइ बरे सीढ़ी जिन बनया। जदि सीढ़ी होइ तउ लोग ऊपर वेदी क लखिहीं तउ उ पचे तोहरे ओढ़ना क नीचे स तोहका निहरिहीं।”

Exodus 21

1 तब परमेस्सर मूसा स कहेस, “इ सबइ नेम अहइँ जेकॉ तू लोगन क देब्या: 2 “जदि तू एक हिब्रू गुलाम खरीदत ह तउ उ तोहार सेवा सिरिफ छ बरिस करी। छ बरिस बाद उ अजाद होइ अउर ओका आजाद होइ बरे कछू नाहीं देइ क होइ। 3 जदि उ मनई क बियाह तोहरे गुलामी स पहिले नाहीं भवा अहइ, तब जब उ अजाद होइ क टेमॅ मँ अकेले ही चला जाइ। मुला जदि उ तोहार गुलाम होइ स पहिले बियाहा होइ तउ उ आपन पत्नी क आपन संग लइ जाइ। 4 जदि गुलाम बियाहा नाहीं होत तउ ओकर मालिक ओका मेहरारू दियाँइ सकत ह। जदि उ पत्नी, बेटवा अउर बिटिया क जन्मी, तउ उ पत्नी अउर ओकर बेटवा अउ बिटिया ओकर मालिक क होइहीं। आपन सेवा क समइ काटे क पाछे उ गुलाम अजाद कीन्ह जाइ। 5 “मुला इ होइ सकत ह कि गुलाम इ निहचय करइ कि उ आपन मालिक क संग रहइ चाहत ह। तब ओका इ कहइ क पड़ी, ‘मइँ आपन सुआमी स पिरेम करत हउँ। मइँ आपन पत्नी अउर आपन बचवन स पिरेम करत हउँ। मइँ अजाद नाहीं होब। मइँ हिअँइ रहब।’ 6 जदि अइसा होइ तउ गुलाम क सुआमी ओका निआवाधीसनक लगे लिआइ। उ ओका दरवाजा तलक लइ जाइ अउर उ कउनो तेज अउजार स गुलाम क कान छेदी। तब उ दास जिन्नगी भइ मालिक क सेवा करी। 7 “कउनो भी मनई आपन बिटिया क दासी क तरह बेचइ बरे ठान लेत ह। जदि अइसा होत ह तउ ओका अजाद करइ क कानून उ गुलाम मनई क आजाद करइ क कानून स अलग होइ।। 8 जदि गुलाम क मालिक उ मेहरारू स संतुट्ठ न होइ तउ उ ओकरे बाप क बेच सकत ह। मुला जदि दासी क मालिक उ मेहरारू स बीहइ क बचन देइ तउ उ दूसर मनई क बेचइ क हक ओका नाहीं।” 9 जदि दासी क सुआमी उ दासी स आपन बेटवा बीहइ क बचन देइ तउ ओसे दासी जइसा बेवहार नाहीं कीन्ह जाइ। ओकरे साथ बिटिया जइसा बेवहार करइ चाही। 10 “जदि दासी क सुआमी कउनो दूसर मेहरारू स अपने क बियाहत ह तउ ओका चाही कि उ पहली मेहरारू क कमती खइया के अउ ओढ़ना न देइ अउर न ही ओकर बियाहे क हक मँ कमती करइ। अउर ओका चाही कि उ सब चीजन्क बराबर देत रहइ चाही जेका पावइ क हक ओका बियाहे मँ मिला रहा। 11 उ मनई क ई तीन ठु चीज ओकरे बरे करइ चाही। जदि उ करत नाहीं तउ उ मेहरारू अजाद कीन्ह जाइ अउ एकरे बरे ओका कछू भी नाहीं देइ क पड़ी। ओका उ मनई बरे कउनो धने क देनदार न होइ क पड़ी। 12 “अगर कउनो मनई दूसर क मारत ह अउर ओका मारि डावत ह तउ मरवइया भी मारि डावा जाइ। 13 मुला कउनो संजोग होइ जात ह कि कउनो बे पहिले क जोजना बनाए कउनो क मारि डावत ह, तउ अइसा परमेस्सर क मजीर् स ही भवा होइ। मइँ कछू खास ठउरे क चुनब जहाँ मनई सुरच्छा बरे भागिके जाइ सकत हीं। इ तरह उ हत्तियारा भागिके एहमाँ स कउने भी ठउरे प जाइ सकत ह। 14 मुला जदि कउनो मनई कउनो मनई बरे किरोध या घिन धरे क कारण ओका जान बूझ क मारि डावइ क चाल चलत ह तउ उ हत्तियारा क जरूर सजा मिलइ चाही। उ मनई क मोरी वेदी स भी दूर लइ जाइ चाही अउर ओका मारि डावा चाही। 15 “कउनो मनई जउन महतारी बाप क मारइ तउ ओका जरूर मारि डावा जाइ। 16 “अगर कउनो मनई कउनो क गुलाम क तरह बिक्री करइ या आपन गुलाम बनवइ बरे अपहरण करइ तउ ओका जरूर मारि देइ चाही। 17 “कउनो मनई जउन अपने बाप या आपन महतारी क सरापत ह ओका जरूर मारि देइ चाही। 18 “दुइ मनई तहत्तुक करइँ अउ एक दुसरे क पथरे स या मूका स मारि सकत ह। उ मनई क तोहका कइसे सजा देइ चाही। जदि मार खावा मनई मरत नाहीं तउ मरवइया क न मारि डावइ चाही। 19 मुला जदि मार खावा मनई कछू समइ तलक खटिया प पड़ा रहइ तउ मरवइया क ओका हर्जाना देइ चाही। मरवइया ओकरे टेम क बर्बादी क धन स पूरा करइ। उ मनई तबहिं ताईर् ओका हर्जाना देइ जब तलक उ पूरी तरह स चंगा न होइ जाइ। 20 “कबहुँ-कबहुँ मनई आपन दास अउ दासी क पीट देत हीं। जदि पीटे-पाटे क पाछे उ दास मरि जात ह तउ हत्तियारा क जरूर सजा देइ चाही। 21 मुला दास अगर मरत नाहीं अउ कछू दिनाँ पाछे उ नीक होइ जात ह तउ उ मनई क सजा न दीन्ह जाइ। काहेकि दास क मालिक दास बरे धन दिहे रहा अउ उ दास ओकर अहइ। 22 “दुइ मनइ आपस मँ लड़इँ-भिड़इ अउ कउनो गर्भवाली अउरत क धक्का दइ देत हीं। जदि उ मेहरारू अपने लरिका क जन्मत ह, अउर महतारी बुरी तरह घायल नाहीं बा तउ धक्का देवइया क जरूर धन देइ चाही। उ मेहरारू क भतार इ तय करी कि उ मनई केतना धन देइ। जज उ मनई क इ तय करइ मँ मदद देइहीं कि उ धन केतना होइ। 23 जदि अउरत बुरी तरह घायल होइ तउ उ मनई क जउन ओका चोट पहुँचाएस ह जरूर सजा देइ चाही। जदि एक मनइ मारि डावा जात ह तउ हत्तियारा जरूर मारि डावा जाइ। तू एक जिउ क बदले दूसर जिउ लइ चाही। 24 तू आँखी क सन्ती आँखी, दाँत क सन्ती दँात, हाथे क सन्ती हाथ, गोड़ क सन्ती गोड़। 25 जरइ क सन्ती जरावा, खोंचे क सन्ती खोंचा अउ घाउ क सन्ती घाउ होइ। 26 “अगर कउनो मनई गुलाम क आँखी क खोंचइ अउर अगर गुलाम उ आँखी स आँधर होइ जाइ तउ उ गुलाम अजाद कइ दीन्ह जाइ। ओकर आँखी ओकरी अजादी क कीमत अहइ। इ नेम मरद अउ मादा बरे दुइनउँ गुलाम एक ही तरह अहइ। 27 अगर दास क मालिक दास क मुँहना प मारइ अउ दास क कउनो दाँत टूटि जाइ तउ दास अजाद कइ दीन्ह जाइ। दाँस क दँतवा ओकरे अजादी क कीमत अहइ। इ दास अउ दासी दुइनउँ बरे एक तरह अहइ। 28 “अगर कउनो मनई क साँड़ कउनो मेहरारू या मनई क मार देत ह तउ तू पाथर क बइपरा अउ साँड़ क मारि डावा। तू उ साँड़े क खाइ नाहीं चाही। मुला साँड़े क मालिक अपराधी नाहीं बा। 29 मुला जदि साँड़ पहिले स मरकहा अहइ अउ साँड़े क सुआमी क ओराहना दइ दीन्ह गइ अहइ तउ उ सुआमी दोखी अहइ। काहेकि इ साँड़े क बाँधा या बाड़ा मँ बंद कइके नाहीं रखा गवा। तउ जदि साँड़ अनेरे छोरि दीन्ह ग होइ अउ कउनो क जान स मार देत ह। तउ सुआमी दोखी अहइ। तू पचन्क साँड़े क पाथरे स मारि देइ चाही अउर सुआमी क भी हत्तिया कइ देइ चाही। 30 मुला अगर मउत पावइवाला परिवार क मनई कसूरवार मनई स छुड़ौती क धन स्वीकार करत हीं, तउ छुड़ौती क धन निआवधीस क तय करइ चाही अउर साँड़े क मालिक क मारइ न चाही। 31 “इहइ नेम लागू करइ चाही जदि साँड़ कउनो मनई क बेटवा या बिटिया क मारि डावत ह। 32 मुला साँड़ जदि गुलाम क जान स मार देइ तउ साँड़ क मालिक दास क सुआमी क चाँदी क तीस सिक्कादेइ। अउ साँड़ भी पथरे स मारि डावा जाइ। इ नेम दास अउ दासी बरे एक तरह लागू होइ। 33 “जदि कउनो मनई एक खुला गड़हा या कुइयाँ खनइ अउ ओका मूँदइ नाहीं अउर कउनो मनई क जनावर आवइ अउ ओहमा गिरि पड़इ तउ गड़हा क मालिक दोखी बा। 34 गड़हा क मालिक जनावर बरे हर्जाना देइ मुला जनावर क हर्जाना दिए जाए प ओका उ जनावर क ल्हास लेइ दीन्ह जाइ। 35 “जदि कउनो क साँड़ कउनो दूसर मनई क साँड़े क मारि डावइ तउ उ साँड़ क जउन जिअत अहइ ओका बेंचइ दइ चाही। अउ एहसे मिले भए धन क आधा आधा हींसा दुइनउँ मनइयन क मिली। अउ मरे साँड़े का अधियाइ क दुइनउँ क जरूर बाँटि दीन्ह जाइ। 36 मुला उ मनई क साँड़ पहिले कउनो जनावरे क मारे अहइ तउ साँड़े क मालिक आपन साँड़ बरे जिम्मेदार अहइ। जदि ओकर साँड़ दूसर साँड़ क मारि डावत ह तउ उ अपराधी बा काहेकि उ साँड़े क अजाद छोड़ेस। उ मनई साँड़ क बदले साँड़ देइ। उ मरे भए साँड़ हरजाने मँ आपन साँड़ जरूर देइ।

Exodus 22

1 “तू उ मनई क सजा कइसे देब्या जउन एक बर्धा या भेड़ी क चुरावत ह? जदि उ मनई जनावर क मारि डावइ या बेच डावइ तउ उ ओका लउटाइ तउ सकत नाहीं। ऍह बरे उ चोराए बर्धार्र् क बदले मँ पाँच बर्धा देइ। या एक ठु चोराइ भई भेड़ी क बदले चार भेड़ी देइ। ऍह बरे उ आपन चोरी क अपराध बरे हरजाना भी देइ। 2 जदि उ कंगाल बा, तउ ओका गुलाम क रूप मँ बेचा जाइ। अगर ओकरे लगे चोराइ क भवा जनावर अहइ तू ओका खोजा जात ह तउ उ मालिक क एक ठु जनावर चोरी खातिर दुइ ठु जनावर देइ। एहसे कउनो दरकार नाहीं कि कि उ जनावर गदहा, बर्धा या भेड़ी रही।“अगर कउनो चोर राति सेंध लगावत धइ जात ह अउ ओका कउनो मनई मारि डाएस तउ जउन ओका मारी डाएस उ मरइ क कउनो दोखी न होइ। मुला अगर इ दिन मँ घटि जात ह तउ जउन हत्तियारा क हत्तिया क दोख लागी। 3 4 5 “अगर कउनो मनई आपन खेत या अंगूरे क बगिया मँ आपन जनावरन क धरइ देइ अउर उ जनावर पडोसी क खेत या अंगूरे क बगिया मँ चलि जाइ अउ ओकर अनाज क बरबाद करइ देत ह तउ उ आपन सबत बढ़िया फसिल क आपन पड़ोसी क नोकसान बरे भरइ। 6 “अगर कउनो मनई आपन खेतवा क कँटहरी झाड़ी मँ आगी लगावइ अउ आगी बढ़त बढ़त पड़ोसी क फसिल या पड़ोसी क खेते क दाना क बारि देइ, तउ मनई जउन आगी बारेस ह ओका ओकरे बरे हर्जाना देइ क होइ जउन बारेस ह। 7 “कउनो मनई आपन पड़ोसी स ओकर घरे मँ कछू धन या कछू दूसर चीज धरइ बरे कहइ अउर जदि उ धन या उ सबइ चीजन पड़ोसी क घरे स चोरी चली जाइँ तउ तू का करब्या? तोहका चोरे क पता लगावइ क जतन करइ चाही। जदि तू चोरे क धइ लिहा ह तउ उ चीजे क दाम दुइ गुना देइ। 8 मुला जदि तू चोर क पता न लगाइ सका तब निआवाधीसन तय करिहीं कि उ अपराधी अहइ कि नाहीं। घरे क मलिक क निआवाधीसन क समन्वा जाइ चाही तउ निआवाधीसन तय करइहीं अगर उ आपन पड़ोसी क चिजियन क चुराएस ह। 9 “जदि दुइ मनई कउनो हेरान बर्धा, गदहा, भेड़ी, ओढ़ना या कउनो दूसर चीज क बारे मँ तकरार करइँ तउ तू का करब्या? एक मनइ कहत ह, ‘इ मोर अहइ।’ अउर दूसर कहत ह, ‘नाहीं इ मोर अहइ।’ दुइनउँ मनई परमेस्सर क लगे जाइँ। परमेस्सर तय करिहीं कि अपराधी कउन अहइ। जउन मनई गलती क दोखी होइ उ उ चीजे क दुइ गुना दाम भरी। 10 “कउनो आपन पड़ोसी स कछू टेम बरे आपन जनावर क देखइ भालइ क कहइ। उ जनावर एक गदहा, बर्धा या भेड़ी होइ सकत ह। तबहिं तू का करब्या जदि उ जनावर मरि जाइ या चोट खाइ जाइ या कउनो मनई उ जनावरे क चोराइके लइ जाइ जब कउनो मनई ओका लखत न होइ। 11 उ पड़ोसी सफाई देइ कि उ जनावर क चोराएस नाहीं ह। अगर इ सच होइ तब पड़ोसी यहोवा क किरिया खाइ कि उ ओका नाहीं चोराएस ह। जनावर क मालिक इ किरिया क जरूर मानइ। पड़ोसी क हेरान जनावर क मालिक क हर्जाना नाहीं देइ क होइ। 12 “मुला जदि पड़ोसी क चोराएस ह तउ उ मालिक क जनावर बरे भुगतान जरूर करइ। 13 जदि जंगली जनावर जनावर क मारि डाए होइ तउ सबूत बरे ओकरे सरीर क पड़ोसी लइ आवइ। पड़ोसी मारा भवा जनावर क मालिक क हर्जाना न देइ। 14 “अगर कउनो मनई आपन पड़ोसी स कउनो चीजन उधार प लेइ तउ ओकरे बरे उ मनई क जिम्मेदार होइ चाही। जदि उ आपन पड़ोसी स कउनो जानवर उधार प लइ जाइ जदि उ जनावरे क चोट लगि जाइ या उ मरि जाइ तउ पड़ोसी मालिक क हर्जाना देइ। पड़ोसी ऍह बरे जिम्मेदार अहइ काहेकि ओकर मालिक हुवाँ खुद नाहीं रहा। 15 मुला जदि मालिक जनावर क संग हुवाँ होइ तब पड़ोसी क भुगतान नाहीं करइ क होइ। या जदि पड़ोसी काम लेइ बरे भाड़ा क भुगतान करत होइ तउ जनावर क मरइ या चोट खाइ प ओका कछू भी नाहीं देइ क होइ। जनावर क बइपरइ बरे दीन्ह गवा भाड़ा ही खूब होइ। 16 “अगर कउनो मनई कउनो बिन बियाही कुवँरी कन्या क गुमराह करत ह अउ ओकर संग सारीरिक सम्बंध बनावत ह तउ ओका ओसे बियाह करइ चाही। ओकरे बाप क पूरा पूरा दहेज देइ। 17 अगर बाप उ बिटिया क ओसे बीहइ क मना करत ह तउ भी उ मनई क धन देइ क होइ। उ ओका दहेज क भरपूर धन देइ। 18 “तू कउनो अउरत क जादू टोना जिन करइ द्या। जदि उ अइसा करइ तउ तू ओका जिअइ जिन द्या। 19 “तू कउनो मनई क कउनो जनावर क संग जिनाखोरी जिन करइ द्या। जदि अइसा होइ तउ उ मनई जरूर मारि डावा जाइ। 20 “जदि कउनो मनई झूठे देवता क बलि चढ़ावत ह तउ उ मनई जरूर बर्बाद कइ द्या। सिरिफ यहोवा ही अइसा अहइँ जेहका तू पचन्क बलि चढ़ावइ चाही। 21 “याद राखा पहिले तू पचे मिस्र देस मँ बिदेसी रह्या। ऍह बरे तू पचे उ मनई क जिन ठगा न ओका चोट पहुँचावा जउन तोहरे देस मँ बिदेसी होइ। 22 “तू पचे अइसी अउरत क कबहुँ नोस्कान नाहीं करइ चाही जेकर भतार मरि गवा होइ या कउनो अनाथ बचवन होइँ। 23 जदि तू पचे ओन राँड़ या अनाथ बचवन क कछू बुरा करिब्या तउ उ पचे मोरे अगवा रोइहीं अउर मइँ ओनके गोहार क सुनब। 24 “अउर मोका जिआदा किरोध आइ। मइँ तोहका तरवारि स मारि डाउब। तबहिं तोहार पत्नी राँड़ होइहीं। अउर तोहार गदेलन अनाथ होइ जइहीं। 25 “जदि मोरे लोगन मँ स कउनो गरीब होइ अउर तू ओका कर्ज द्या तउ उ धन पइ तोहका बिआज नाहीं लेइ चाही। 26 कउनो मनई उधारे पर लीन्ह धन बरे आपन कोट क रेहन धरत ह तउ सूरज बूड़इ स पहिले ओका कोट लउटाइ द्या। 27 जदि उ आपन कोट नाहीं पावत तउ ओकरे लगे तन ढाकइ क कछू भी नाहीं होइ। जब उ सोइ तउ ओका सदीर् लागी। जदि उ मोका रोइ क पुकारी तउ मइँ ओकर सुनब। मइँ ओकर बात सुनब काहेकि मइँ कृपालु हउँ। 28 “तू परमेस्सर या आपन लोगन क नेतन क सरापइ नाहीं चाही। 29 “फसिल काटइ क टेमॅ प तोहका आपन पहिला अनाज अउर पहिला फले क रस मोका देइ क चाही। बरिस क आखिर तलक प्रतिच्छा जिन करा।“आपन पहिलौटी पइदा भवा बेटवन क मोका दइ द्या। 30 आपन पहिला गोरू अउ भेड़ी क बच्चा मोका द्या। पहिलौटी बच्चा क सात दिना तक जनावरे क महतारी क संग रहइ द्या। आठवें दिन मोका इ सब द्या। 31 “तू पचे क मोर बरे पवित्तर लोग होइ चाही। ऍह बरे कउनो अइसे जनावरे क गोस जिन खा जेका कउनो जंगली जनावर मारि डाए होइ। उ मरे भए जनावरन क कुकुरन क खाइ द्या।

Exodus 23

1 “दूसर मनइयन क खिलाफ लबार जिन बोला। जदि तू अदालत मँ गवाह ह्वा तउ बुरा मनई बरे लबार जिन बोला। 2 “कुछ अइसा जिन करा सिरिफ एह बरे हर मनई वइसा करत बा। अगर मनई क समूह गलत करत बा तउ ओनकइ साथ जिन द्या। तू ओन मनइयन क अपने क गलत काम बरे बहकावइ जिन द्या। तू उहइ करा जउन ठीक अउ निआव क बात होइ। 3 “अगर एक ठु गरीब मनई क अदालत मँ जाँच होत भइ, तउ कबहुँ कबहुँ लोग ओकर साथ देत हीं काहेकि उ पचे अफसोस महसूस करत ह। त उ जिन करा। जदि उ निआउ प होइ तउ ओकर साथ द्या। 4 “जदि तू कउनो हेरान बर्धा या गदहा पावा तउ तोहका ओका मालिक क लौटाए देइ चाही। चाहे उ तोहार दुस्मन काहे न होइ। 5 “जदि उ लखा कि जनावर ऍह बरे नाहीं चल पावत अहइ कि ओको ऊपर ढेर क बोझ लदा अहइ तउ तोहका ओका रोकइ चाही अउ उ जनावर क मदद करइ चाही। तोहका उ जनावर क मदद तबहुँ भी करइ चाही जब उ जनावर तोहरे दुस्मनन मँ स कउनो क होइ। 6 “तोहका गरीबन क संग अदालत मँ अनिआव न होइ देइ चाही। ओनके संग दूसर लोगन क तरह निआव होइ चाही। 7 “बहोत होसियार रहा कि तू कउनो बात बरे कउनो क अपराधी कहा। कउनो बेकसूर मनई क खिलाफ अपराध जिन लगावा। कउनो निदोर्खी मनई क अपराध क सजा क जरिए जान स जिन मारा जाइ द्या काहेकि उ अपराध नाहीं किहेस। अगर कउनो मनई निदोर्खी क हत्तिया करइ तउ उ दुट्ठ अहइ। अउर मइँ उ दुट्ठ मनई क दोख मुक्त न करब। 8 “अगर कउनो मनई गलत होए प आपन बात अंगीकार करावइ बरे तोहका घूस देइ तउ जिन ल्या। अइसा घूस जज क भी आँधर कइ देइ जेसे उ फुर बात क न लखि सकिहीं। इ तरह क घूस नीक मनइयन क लबार होइ क सिखाइ। 9 “तू कउनो बिदेसी क संग जउन तोहार भुइँया मँ रहत ह जुलम जिन करा। याद राखा जब तू मिस्र देस मँ बसत रह्या तबहिं तू बिदेसी रह्या। 10 “छ: बरिस ताईर् बिआ बोवा। आपन फसिल काटा अउ खेत क तइयार करा। 11 मुला सातवे बरिस आपन खेत क जिन जोता। सातवाँ बरिस खेते क खास अराम करइ क होइ। आपन खेते मँ कछू जिन बोआ। अगर कउनो फसिल सातवे बरिस मँ आपन आप होइ जात ह तउ ओका गरीबन क खाइ द्या। जउन खइया क दाना बच खुच जाइ ओका बनैला पसु क भकोसइ द्या। इहइ बात तोहका अंगूर अउ जइतून क बृच्छ क बारे मँ करइ चाही। 12 “छ: दिना तलक काम करा। तब सातवाँ दिन अराम करा। एहसे तोहरे गुलामन, मजूरन अउ विदेसियन क जउन कि तोहार बरे काम करत हीं तनिक समइ बरे अराम अउर सुस्ताइ क टेम मिली। अउर तोहार बर्धा अउ गदहा भी अराम करइ क टेम पइहीं। 13 “इ नेमन क मनाइ बरे होसयारी बरता। झूठ देवतन क पूजा जिन करा। तू सबन्क ओनकइ नाउँ भी नाहीं लेइ चाही। 14 “हर बरिस तोहार तीन खास छुट्टी क दिन होइहीं। इ दिना तू पचे मोर आराधना बरे मोर खास जगह प आया। 15 पहिल छुट्टी क दौरान बेखमीरे क रोटी क दावत होइ। इ वइसा ही होइ, जइसा मइँ हुकुम दिहे हउँ। इ दिन तू अइसी रोटी खाब्या जेहमा खमीर न होइ। इ सात दिना ताईर् चली। तू पचे ऍका आबीब क महीना मँ करब्या। काहेकि इ उहइ टेम अहइ जब तू पचे मिस्र स आए रह्या। इ दिना कउनो भी मनई मोरे समन्वा खाली हाथ जिन आया। 16 “दूसर छुट्टी का दिन फसल काट्इ क, तोहार मिहनत क पहिला फल क परब होइ।”“तीसर छुट्टी क दिन फसल जमा करइ क परब होइ। इ पतझड़ मँ तब मनावा जाइ जब तू खेत मँ आपन सारी फसल क काटब्या। 17 “इ तरह हर बरिस तीन दाईर् सबहिं मनई यहोवा आपन सुआमी क समन्वा हाजिर होइहीं। 18 “जब तू कउनो जनावर क मारा अउ एकरे खूने क बलि क रूप मँ जब चढ़ावा तउ अइसी रोटी भेंट मँ जिन चढ़ावा जेहमाँ खमीर होइ। अउर जब तू इ बलि क खा तउ एकहि दिन मँ सब गोस खाइ जा। दूसर दिन बरे गोस जिन बचावा। 19 “जबहिं तू फसिल काटइ क टेम आपन फसिल बटोरा तबहिं आपन काटइ भइ फसिल क पहिली उपज आपन यहोवा क मन्दिर मँ लावा।“तोहका नान्ह बोकरी क मांस नाहीं खाइ क चाही जउन आपन महतारी क दूधे मँ पका भवा होइ। 20 परमेस्स्सर कहेस, “मइँ तोहरे समन्वा तोहार अगुआयी बरे एक ठु सरगदूत पठवत हउँ। इ सरगदूत तोहका उ ठउरे प लइ जाइ जेका मइँ तोहरे बरे तइयार किहेउँ ह। इ सरगदूत तोहार रच्छा करी। 21 सरगदूत क हुकुम माना अउ ओकरे पाछे चला। ओकरे खिलाफ कउनो बुरा काम जिन करा। उ सरगदूत तोहरे जर्म क छिमा न करी जउन तू ओकरे बरे करब्या। ओहमाँ मोर सक्ती अहइ। 22 तोहका उ बात मानइ चाही जउन उ कहत ह। तोहका हर एक काम करइ चाही जउन मइँ तोहका कहत हउँ। जदि तू इ करब्या तउ मइँ तोहरे संग रहब। मइँ तोहरे सबहिं दुस्मनन क खिलाफ होइ जाब। अउर मइँ उ हर लोग क दुस्मन होब जउन तोहरे खिलाफ होइ।” 23 यहोवा कहेस, “मोर सरगदूत तोहका इ देस स होइके जाइ मँ तोहार अगुवायी करिहीं। उ तोहका कइउ अलग अलग लोगन एमोरी, हित्ती, परिज्जी, कनानी, हिब्बी अउ यबूसी क खिलाफ तोहार अगुवायी करिहीं। मुला मइँ ओन सबहिं क नास कइ देब।” 24 “ओनकइ देवदत क जिन पूजा करा। ओन देवतन क निहुरिके पइलगी जिन करा। तू उ तरीका स जिन रहा जउने तरीका स उ पचे रहत हीं तोहका ओनकइ मूरत क नास कइ देइ चाही। तोहका ओनकइ स्मृति क पाथर क तोड़ देइ चाही जउन ओनकइ देवतन क सुमिरइ मँ उ पचन्क मदद करत ह। 25 तोहका यहोवा आपन परमेस्सर क सेवा करइ चाही। जदि तू इ करब्या, तउ मइँ तोहका भरपूर रोटी अउ पानी क बरदान देब। मइँ तोहार सारी बेरामी क दूर कइ देब। 26 तोहार सब पचन्क मेहररूअन बच्चन क जन्मिहीं। जन्म क टेम प ओनकइ कउनो बच्चा नाहीं मरी। अउर मइँ तू पचन्क भरपूर लम्बी जिन्नगी देब। 27 “जब तू आपन दुस्मनन स लड़ब्या, मइँ आपन प्रबल सक्ती तोहसे पहिले हुवाँ पठइ देब। मइँ तोहरे सबहिं दुस्मनन क हरावइ मँ तोहार मदद करब। उ पचे जउन तोहरे खिलाफ होइहीं, उ पचे जुद्ध मँ घबराइ क पराइ जइहीं। 28 मइँ तोहरे अगवा अगवा बरैर् पठउब। उ तोहरे दुस्मनन क भगाइ देइ मँ मजबूर करी। हिब्बी, कनानी अउ हित्ती लोग तोहार देस तजिके पराइ जइहीं। 29 मुला मइँ ओन लोगन क तोहरे देस स बाहेर हाली हाली जाइके मजबूर न करब। मइँ इ सिरिफ एक बरिस मँ न करब। जदि मइँ लोगन क बहोत हाली जाइके मजबूर करब तउ देस ही निर्जन होइ जाइ। तब सबहिं तरह क जंगली जानवर बढ़िहीं अउर धरती प कब्जा कइ लइहीं। अउ उ पचे तोहरे बरे बहोत कस्ट देइवाला होइहीं। 30 मइँ ओनका धीमे धीमे तोहरी भुइयाँ स उ टेमॅ तलक बाहेर खदेरत रहब जब तलक तू उ भुइयाँ प न छाइ जा। अउ जहाँ कहूँ तू जाब्या मइँ दूसर लोगन क उ भुइयाँ तजि देइ बरे मजबूर करब। 31 “मइँ तू पचन्क लाल सागर स फरात नदी तलक सारा भुइँया देब। पच्छिउँ चौहद्दी पलिस्ती सागर (भूमध्य सागर) होइ अउ पूबीर् चौहद्दी अरब क रेगिस्तान होइ। मइँ तू पचन्क हुवाँ बसइ सबहि लोगन क हराइ क देब। अउर तू पचे इ सबहिं मनइयन क हुवाँ स पराइ बरे मजबूर करब्या। 32 “तू पचे हुवाँ क लोगन मँ स कउनो क संग या ओनकइ देवतन क संग कउनो समझौता जरूर न करइ चाही। 33 ओन पचन्क आपन देस मँ जिन रहइ द्या। जदि तू ओनका रहइ देब्या तउ ओनकइ चाल-चपेट मँ फँसि जाब्या। उ पचे तोहसे मोरे खिलाफ पाप करवइहीं। अउर तू पचे ओनकइ देवतन क सेवकइ सुरू कइ देब्या।”

Exodus 24

1 परमेस्स्सर मूसा स कहेस, “तू हारून, नादाब, अबीहू अउ इस्राएल क सत्तर पुरनिया नेता पहाड़े प आवा अउ कछू दूर होइ के मोर आराधना करा। 2 तबहिं तू अकेले ही मोर निअरे आवइँ। दूसर कउनो लोग यहोवा क निचके न आवइँ अउ बाकी बचा भवा लोग पहाड़े क निअरे न आवइँ।” 3 इ तरह मूसा यहोवा क सबहिं नेम अउ आग्या क लोगन क बताएस। तब सबहिं मनइयन कहेन, “यहोवा जउन सबहिं आग्या क दिहेस ओका हम सब मानब।” 4 ऍह बरे मूसा यहोवा क सबहिं आग्या क चाम पत्तर प लिखेस। भियान भिन्सारे मूसा उठा अउ पहाड़े क तलहटी क निचके एक वेदी बनाएस। अउर उ बारह पाथर इस्राएल क बारहु परिवार समूह बरे खड़ा किहेस। 5 तब मूसा इस्राएल क जवानन क बलिदान दइ बरे पठएस। उ पचे यहोवा बरे होमबलि अउ सान्ति क भेंट बरे बर्धा क बलि दिहेन। 6 मूसा ओन जनावरन क खून बटोरेस। मूसा आधा खून खोरा मँ धरेस। अउर दूसर आधा खून वेदी प उड़ेरेस। 7 मूसा चाम पत्तर प लिखा भवा करार क पड़ेस। मूसा करार क ऍह बरे पढ़ेस कि सब लोग ओका सुन सकइँ। अउ लोग कहेन, “हम लोग ओन नेम क सुन लिहेन ह जेका यहोवा हम पचन्क दिहेस ह। अउर हम सब मनइयन ओनका मानइ क बचन देत अही।” 8 तब मूसा खून स भरा खोरा बलि स लिहेस अउ ओका लोगन प छिछकेस। उ कहेस, “इ खून बतावत ह कि यहोवा तोहरे संग अउ ओन सबइ बातन क लगइ क जउन हम पचन्क कहेन।” 9 तबहिं मूसा, हारून, नदब, अबिहु अउ इस्राएल क सत्तर पुरनियन नेता लोग पहाड़े प चढ़ेन। 10 इ मनइयन इस्राएल क यहोवा क पहाड़े प ठाड़ भवा लखेन। यहोवा कउनो अइसे अधार प ठाड़ रहेन जउन नीलमणि जइसा देखात रहा। अइसा निर्मल जइसा अकास। 11 इस्राएल क सबहिं नेता लोग यहोवा क लखेन, मुला यहोवा ओनका बर्बाद नाहीं किहेन।उ पचे साथ खाएन अउ पिएन। 12 यहोवा मूसा स कहेस, “मोरे लगे पहाड़े प आवा। मइँ आपन उपदेसन अउ आदेसन क दुइ ठु समथर पाथरे क पाटी प लिखे अही। इ आदेसन मनई बरे अहइँ। मइँ इ पाथर क समथर पाटी क तोहका देइहउँ।” 13 ऍह बरे मूसा अउ ओकर मददगार यहोसू यहोवा क पहाड़े ताईर् गएन। 14 मूसा चुने भए नेतन स कहेस, “हम दुइनउँ क हिअँइ जोहा। हम तोहरे लगे लउटब। जब तलक मइँ गैर हाजिर रहब, हारून अउ हूर तोहार सासकन रइहीं। ओनके लगे जा जदि कउनो क समस्या होइ।” 15 तब मूसा पहाड़े प चढ़ा। अउर बादर पहाड़ क ढाँपि लिहेस। 16 परमेस्सर क महिमा सीनै पहाड़े प उतरी। बादर छ: दिना तलक पहाड़े क मूँदे रहा। सतएँ दिन यहोवा, बादर मँ, स मूसा स बोला। 17 इस्राएल क लोग यहोवा क महिमा क लख सकत रहेन। इ पहाड़े क चोटी प भरभराइ क बरत आगी क नाईर् रहा। 18 तबहिं मूसा बदरे मँ थोड़ा ऊपर पहाड़े प चढ़ा। मूसा पहाड़े पर चालीस दिन अउ चालीस रात रहा।

Exodus 25

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “इस्राएल क लोगन स मोरे बरे भेंट लइ आवइ क कहा। हर मनई अपने मनवा मँ इ ठान लेइ चाही जउन उ मोका देइ चाहत ह। इ भेंटन क मोरे बरे मंजूर कइ ल्या। 3 इ चीजन्क पत्री इ अहइ जेनँका तू मनइयन स अंगीकार करब्या: सोना, चाँदी, काँसा 4 नीला बैगनी अउ लाल धागा, सुन्नर रेसमी कपड़ा, बोकरी क बार, 5 भेड़ी क लाल रंगे क खाल, नरम खाल, बबुरे क काठ, 6 दिया मँ बारइ क तेल: अभिसेक क तेले, धूपे बरे महकउआ मसाला, भीनी सुगन्धे बरे मसाला। 7 सुलेमानी पाथर अउ दूसर कीमती रतन जउन याजक क एपोद मँ जड़ दीन्ह जाइँ अउ निआव क थइला।” 8 यहोवा इहउ कहेस, “मनई मोरे बरे एक पवित्तर स्थल बनइहीं। तबहिं मइँ ओनके संग रहि सकब। 9 मइ तोहका देखाउब कि पवित्तर तम्बू कइसा देखाइ देइ चाही। जइसा मइँ देखाएउँ ह हर एक चीज ठीक वइसा ही होइ चाही। 10 “बबुरे क काठ बइपरा अउ एक खास संदूख बनावा। इ पवित्तर संदूख क ढाई हाथ लम्बा डेढ़ हाथ चौड़ा अउ डेढ़ हाथ ऊँचा होइ चाही। 11 संदूखे क भीतर अउ बाहर पत्तर चढ़ावइ बरे सुद्ध सोना लगावा। संदूखे क कोना क सोना स मढ़ा। 12 संदूखे क उठावइ बरे सोना क चार कड़ा बनवा। सोने क कड़ा क चारिहुँ कोना प लगावा। दुइनउँ कइँती दुइ दुइ कड़ा होइँ। 13 तब संदूखे क ढोवइ बरे खम्भा बनावा। इ खम्भन बबुरे क काठे क होइ अउ सोना स जरूर जड़ी होइँ चाही। 14 संदूखे क बगल क कोन प लगा भवा कड़ा मँ इ खम्भन क घुसेड़ द्या। इ खम्भन क बइपरब संदूखे क ढोवइ बरे करा। 15 इ खम्भा संदूखे क कड़न मँ सदा छुई रहइ चाही। खम्भन क बाहेर जिन खइँचा। 16 यहोवा कहेस, “मइँ तोहका करार देत अही।” ऍका करार क संदूखे मँ धरा। 17 तब एक ढकनाबनावा। एका सुद्ध सोने क बनावा। एका ढाइ हाथ लम्बा अउ डेढ़ हाथ चौड़ा बनावा। 18 “तब दुइ करूब सरगदूतन क बनावा अउ ओनका ढकना क दुइनउँ सिरा प लगावा। इ सरगदूत क बनवइ बरे सोना क पत्तर बइपरा। 19 एक करूब क ढकना क सिरे प लगावा अउ दूसर क दुसरे सिरे प। एक टूकड़ा बनावइ बरे करूब सरगदूत क ढकना क संग जोड़ द्या। 20 करूब क पाखा ढकना प उपर की ओर पसरा होइ होइ चाही। करूब क मुँहना ढकना कँइती लखत होइ करूब एक दूसरे क आमना सामना होइ चाही। 21 “मइँ तोहका करार देब। उ करार क संदूखे मँ धरा अउ खास ढकना स संदूखे क बंद करा। 22 जब मइँ तू पचन स भेंटब तबहिं मइँ करूब सरगदूतन क बीच स बात करब, जउन करार क संदूख खास ढकना प अहइ। मइँ आपन सबहिं आदेसन क इस्राएल क मनइयन क उहइ ठउरे स देब। 23 “बबुरे क काठे क एक ठु मेज बनावा। मेज दुइ हाथ लम्बा, एक हाथ चौड़ा अउ डेढ़ हाथ ऊँचा होइ चाही। 24 मेज क निखालिस सोना स मढ़ द्या अउ ओकरे चारिहुँ कइँती सोना क झालर लगावा। 25 तब चार अँगली चौड़ी सोना क पट्टी मेज क चारिहुँ कइँती ठोंक द्या। अउ पट्टी क चारिहुँ कइँती सोना क झालर लगावा। 26 तब सोना क चार कड़ा बनावा अउ मेज क चारिहुँ कोने प ओकर पावा प लगावा। 27 कड़ा पट्टा क लगे होइ चाही। इ कड़न मँ मेज क ढोवइ बरे खम्भन फँसाइ दीन्ह जइहीं। 28 खम्भन बनवइ बरे बबुरे क काठ बइपरा अउ ओका सोना स मढ़ि द्या। खम्भन मेज क ढोवइ बरे अहइँ। 29 हर परात, चम्मच, सुराही अउ खोराइ सब चीज निखालिस सोना क बनावा। सुराही अउ खोरा पिअइ क भेंट उड़ेलइ बरे बइपरा जइहीं। 30 खास रोटी मोरे समन्वा मेज प धरा। इ सदा मोरे समन्वा हुवाँ रहइ चाही। 31 तब तोहका एक डीबट बनवावइ चाही। सुद्ध सोना बइपरा। एकर पेदी अउ चपटी नोंक बनावइ बरे निखालिस सोना क पत्तर बइपरा। एकर फूल, कली अउर पंखड़ी निखालिस सोना क बनी होइ चाही। अउ इ सबहिं चीज़ डीबट मँ एक ठुकड़ा मँ होइ चाही। 32 “डीबट क छ: ठु डार होइ चाही। तीन डार एक कइँती अउ तीन डार दूसर कइँती होइ चाही। 33 हर डारे प तीन ठु फूल होइ चाही। इ फूलन क बदाम क फूल क नाईर् कली अउ पंखड़ी जोरिके बनावा। 34 डीबट बरे चार ठु फूल बनवा। इ फूलन क बदामे क कली अउ पंखुड़ी क नाईर् बनावइ चाही। 35 डीबटे प छ: ठु डार होइ चाही-दुइ हींसा मँ दुइनउँ कइँती तीन तीन डार होइ चाही। तीनउँ जगहिया क नीचे जहाँ डार मिलत ह कली अउ पंखुड़ी क संग एक ठू फूल बनवा। 36 “पूल अउ पंखुड़ी क संग समूचा डीबट निखालिस सोना स बनवई चाही। इ सबहिं डार अउ कली एक एकाई मँ निखालिस सोना क होइ चाही। 37 तबहि 7दिया डीबट प धरइ बरे बनावा। इ दिया डीबट क समन्वा क ठउरे प रोसनी देइहीं। 38 दिया क झालर अउ थाली सबहिं निखालिस सोना क होइ चाही। 39 पचहत्तर पौंडसुद्ध सोना क प्रयोग डीबट अउ एकरे साथे क सब चीज बनवइ मँ करा। 40 धियान दइ क हर चीज ठीक-ठीक उहइ तरह स बनइ जाइ जइसा मइँ पहाड़े प तोहका देखावा ह।”

Exodus 26

1 परमेस्सर मूसा स कहेस, “पवित्तर तम्बू क दस पर्दा स बनावा। इ परदन क बढ़िया सनीवाला अउ नीला, लाल अउर बैगनी कपरा स बनावा। कउनो कुसल कारीगर क चाही कि उ करूब सरगदूत क पखना क संग पर्दन प कढ़ाई करइ। 2 हर एक पर्दा अट्ठाइस हाथ लम्बा अउ चार हाथ चौड़ा होइ चाही। अउर हर कनात क नाप बराबर होइ चाही। 3 सब पर्दन क दुइ समूह मँ सिआ। पहिले हींसा मँ पाँच पर्दन क एक संग अउ दूसर हींसा मँ पँच पर्दन क एक संग सी द्या। 4 आखिरी क पर्दा क सिरे क नीचे फन्दा बनावा। इ फन्दन क बनवइ बरे नीला कपरा लगावा। दुसरे समूह क पर्दन क आखरी पर्दा मँ भी उहइ काम करा। 5 पहिले अउ दुसरे समूह क पर्दन क आखिरी पर्द मँ पचास फन्दा बनवा। फन्दा एक दुसरे फन्दा क आमने सामने होइ चाही। 6 तब पचास सोना क हुक पर्दन क एक संग मिलवइ बरे बनावा। इ पर्दन क एक दुसरे क संग हुक स इ तरह जोरिहीं कि पुरा पवित्तर तम्बू एक ही होइ जाइ। 7 “तब तू दूसर तम्बू बनउब्या जउन पवित्तर तम्बू क ढाकि लेइ। इ तम्बू बरे ग्यारह पर्दन बइपरा। इ परदन क बोकरी क बारे स बनावा। 8 इ सबहिं पर्दा नाप मँ एक बराबर होइ चाही। उ सबहिं तीस हाथ लंबा चार हाथ चौड़ा होइ चाही। 9 पाँच ठु पदेर्े क एक समूह मँ जुड़वावा अउ फुन दुसर छ: पदेर् क एक दुसर समूह मँ जुड़वावा। छठे पदेर् क आधे हींसा क तम्बू क समन्वा ऊपर मोड़ि द्या। 10 एक समूह क आखिरी पर्दा क छोर प पचास फन्दा बनवा अइसा ही दूसरे समूह क आखिरी पर्दा क छोरा प भी पचास फन्दा बनावा। 11 तब काँसे क पचास फन्दा बनवा। इ काँसे क फन्दा क प्रयोग तम्बू क परदन क एक साथे जोरइ बरे करा। इ सबइ तम्बू क एक संग जोरइ क एक एकाई क रूप मँ बनिहीं। 12 तम्बू क आखरी पदेर् क आधा हींसा तम्बू क पीछे क किनारे लटका रही। 13 तम्बू क किनारन मँ इ तम्बू क पर्दा पवित्तर तम्बू क पेंदी स एक हाथ नीचे लटकत रही। तउ इ तम्बू पवित्तर तम्बू क पूरी तरह ढाँकि लेइ। 14 बाहेर क तम्बू क ढाकइ बरे दुइ पर्दा बनवा। एक पर्दा लाल रंग स रंगी भइ भेड़ा क खाल स बनइ चाही अउ दूसर पर्दा उत्तम खाल सुइसों क बनी होइ चाही। 15 “पवित्तर तम्बू क सहारा देइ बरे बबुरे क काठ क तखता क प्रयोग करा। 16 तखता दस हाथ ऊँचा अउ डेढ़ हाथ चौ़ड़ा होइ चाही। 17 हर तखता क तले मँ ओनका जोड़इ बरे एक दूसरे प धरइ बरे दुइ खूँटी होइ चाही। पवित्तर तम्बू क हर एक तखता बरे इहइ करा। 18 पवित्तर तम्बू क दक्खिन कइँती बीस तखता क प्रयोग करा। 19 बीस तखता बरे चाँदी क चालीस आधार बनावा। हर एक ढाँचा नीचे चाँदी क दुइ आधार एका दुइ खम्भा बरे होइ चाही। 20 पवित्तर तम्बू क उत्तरी हींसा बरे बीस तखता अउर ल्या। 21 इ तखता बरे चालीस कुसिर्यन क बनवावा हर एक तखता क नीच बरे दुइ आधार होई चाही। 22 तोहका पवित्तर तम्बू क पच्छिउँ छे बरे छ: अउर तखता लइ चाही। 23 पवित्तर तम्बू क पाछे कोना बरे दुइ तखता ल्या। 24 कोने क दुइनउँ तखता क नीचे एक साथ जोरि द्या। ऊपरी छल्ला दुइनउँ तखतन क एक कइके जोड़ी। दुइनउ कोन बरे उहइ करा। 25 इ तरह सब मिलिके आठ ठु तखता पवित्तर तम्बू के पच्छिउँ छोर बरे होइहीं। हर तखता क नीचे दुइ कुसीर् होइस चाँदी क सोलह कुसीर् होइहीं। 26 “बबुरे क काठ बइपरा अउ पवित्तर तम्बू क तखता बरे बेड़ा बनवा। पवित्तर तम्बू क एक कइँती क हींसा क तखता बरे पाँच बेड़ा बनवा। 27 अउ पवित्तर तम्बू क दूसर हींसा क तखता बरे पाँच अउर बेड़ा होइहीं। अउर पवित्तर तम्बू क पाछे क तखता बरे पाँच बेड़ा होइहीं 28 बीच क बेंड़ा फरेम एक सिरा स दूसर सिरा तलक पहोंचइ चाही। 29 “तखतन क सोने स मढ़ा। अउ तखतन क बेड़न क फँसावइ बरे छल्ला बनवा। इ छल्ला भी सोने क होइ चाही। बेड़े क सोने स मढ़ा। 30 पवित्तर तम्बू क तू अहइ तरह क बनवा जइसा मइँ तोहका पहाड़े प देखाए रहेउँ। 31 “बढ़िया सनी क बइपरा अउ पवित्तर तम्बू क भीतर भाग बरे एक खास पर्दा बनावा। इ पर्दा क नीला, बैगनी अउ लाल ओढ़ना स बनवा। करूब सरगदूत क तस्बीर कपरा मँ काढ़ा। 32 बबुरे क लकड़ी क चार खंभा बनावा। खम्भन क सोने स मढ़ द्या। चारिहुँ खम्भन प सोने स बना हुकन लगावा। खम्भन की नीचे चाँदी क चार आधार लगावा। तउ सोने क हुक मँ पर्दा टाँगा। 33 पर्दा क सोने क हुक क नीचे टाँगा, अउ करार क संदूखे क पर्दा क पाछे धरा। इ पर्दा पवित्तर ठउर क सब ते जिआदा पवित्तर ठउर क अलगाइ देइ। 34 सबते जिआदा पवित्तर ठउर मँ करार क संदूखे प ढकना राखा। 35 “पवित्तर ठउर मँ पर्दा क दुरसे कइँती खास मेज क धरा। मेज पवित्तर तम्बू क उत्तर मँ होइ चाही। तब डीबट क पवित्तर तम्बू क दखिन मँ राखा। डीबट मेज क ठीक समन्वा होइ। 36 “तब पवित्तर तम्बू क दुआर बरे एक पर्दा बनावा। इ पर्दा क बनवइ बरे नीला, बैगंनी, लाल उत्तिम सन क कपरा क बइपरा। अउर कपरा मँ तस्बीर क बुन द्या। 37 दुआरे क पर्दा बरे सोना क हुक बनवा। सोना स मढ़ा बबुरे क काठे क पाँच खम्भा बनवा। अउ पाँचउ खम्भा बरे काँसे क पाँचे कुसीर् ढलवाइ ल्या।”

Exodus 27

1 यहोवा मूसा स कहेस, “बबुरे क काठ बइपरा अउ एक वेदी बनावा। इ वेदी चउकोर होइ चाही। इ पाँच हाथ लम्बी अउ पाँच हाथ चउड़ी अउर तीन हाथ ऊँच होइ चाही। 2 वेदी क चारिहुँ कोने प सींग बनावा। हर एक सींग क एकरे कोने स अइसा जोड़ा कि सबहिं कुछू एक होइ जाइँ। तबहिं वेदी क काँसे स मढ़ि द्या। 3 “वेदी प काम आवइवाला सबहिं औजार अउ डेकची क काँसा स बनावा। काँसे क बासन, फरूही, खोरा, काँटा अउ तसला बनावा। इ मँ स कुछू वेदी स राखी बहावइ मँ बइपरी जइहीं। 4 “वेदी बरे एक झंझरी बनावा। इ काँसा झंझरी जाल क नाईं बनई जाइ। झंझरी क चारिहुँ कोने प काँसे क छल्ला बनावा। 5 झंझरी क वेदी क तले कांगनी क नीचे धरा। झंझरी नीचे से वेदी क आधा हींसा मँ बीच तलक होइ चाही। 6 “वेदी बरे बबुरे क काठ क बल्ला बनावा अउ ओनका काँसा स मढ़ा। 7 वेदी क दुइनउँ ओर लगा भवा छल्ला मँ इ खम्भन क नाइ द्या। इ खम्भन क वेदी ढोवइ बरे बइपरा। 8 वेदी क भितरे स फोप्फल संदूख क नाईर् बनवा अउ एकर अगली बगली लकड़ी क पट्टा स बनावा। वेदी वइसइ ही बनावा जइसा मइँ तोहका पहाड़े प देखाएउँ ह। 9 “पवित्तर तम्बू बरे एक आँगन बनावा। परदन क दक्खिन कइँती एक सौ हाथ लम्बी होइ चाही। इ परदन क उत्तिम सनी क रेसा क होइ चाही। 10 बीस खम्भा अउ बीस काँसे क कुसीर् क बनावा। खम्भन क हुक अउ पर्दा क छड़ चाँदी क बनइ चाही। 11 उत्तर कइँती पर्दन क दीवार एक सौ हाथ लम्बी होइ चाही। एहमाँ बीस ठु खम्भा अउर बीस काँसे क आधार होइ चाही। खम्भा क फन्दा अउ पर्दन क छड़ चाँदी क बनवइ चाही। 12 “आँगन क पच्छिउँ कइँती पर्दन क दीवार होइ चाही जउन पचास हाथ लम्बी होइ चाही। हुवाँ उ दीवारे क दस खम्भा अउ दस आधार चाँदी क बना होइ चाहिए। 13 आँगन क पूरब कइँती पचास हाथ लम्बाई होइ चाही। 14 इ पूरब क सिरा अंगने मँ घुसइ क दुआर होइ। प्रवेस दुआर क एक सिरा क पर्दा पन्द्रह हाथ लम्बी होइ चाही। उ कइँती तीन खम्भा अउर तीन ठु आधार होइ चाही। 15 16 “एक पर्दा बीस हाथ लम्बे आंगन क प्रवेस दुआर ढाकइ बरे बनावा। इ पर्दा क सनी क उत्तिम रेस अउ नीला, लाल अउ बैगंनी कपरा स बनावा। इ पदेर् प नकसा क काढ़ि द्या। उ पर्दा बरे चार खम्भा अउ चार आधार होइ चाही। 17 अंगने क चारिहुँ कइँती क सबहिं खम्भन चाँदी क छड़े स जोरी जाइ चाही। खम्भन क हुक चाँदी क चाँदी स बनवइ चाही अउ खम्भा क आधार काँसा क होइ चाही। 18 आंगन एक सौ हाथ लम्बा अउ पचास हाथ चौड़ा होइ चाही। अंगने क चारिहुँ कइँती क पर्दन क दीवार पाँच हाथ ऊँच होइ चाही। पर्दा सनी क उत्तिम रेसा क बनवा होइ चाही। सबहिं खम्भन क तले आधार काँसा क होइ चाही। 19 सबहिं औजार पवित्तर तम्बू क खूँटिन, अउ पवित्तर तम्बू मँ लाग भइ हर एक चीज काँसा क ही बनइ चाही। अउर अंगने क चारिहुँ कांइँती क पर्दा बरे खूँटिन काँसा क ही बनई होइ चाही। 20 “इस्राएल क मनइयन क सब ते बढ़िया तेल लइ आवइ क हुकुम द्या। इ तेले क बइपरब हर साँझे क जरइवाला दिया बरे करा। 21 हारून अउ ओकर बेटवा दिया क रोसन करइ क काम संभरिहीं अउर एकर धियान रखिहीं कि इ ठउरे प यहोवा क समन्वा दिया साँझ स भिन्सारे तलक बराबर जरत रइहीं। उ पचे बइठका वाली तम्बू क पहिले कमरा मँ जइहीं। इ कमरा करार क संदूखे बाला कमरा क बाहेर अहइ जउन उ पर्दा क पीछे अहइ जउन दुइनउँ कमरन क अलगावत ह। इस्राएल क मनइयन अउ ओनकइ औलाद इ नेम क हमेसा मानत रइहीं।”

Exodus 28

1 यहोवा मूसा स कहेस, “आपन भाई हारून अउ ओकर बेटवन नादाब, अबीहू, एलिआजार अउ ईतामार क इस्राएल क मनइयन मँ स अपने लगे आवइ क कहा। इ मनइयन मोर सेवा याजकन क रूप मँ करिहीं। 2 “आपन भाई हारून बरे खास वस्त्र बनावा। इ वस्त्र ओका मान अउ सम्मान अउर सान बरे अहइ। 3 लोगन मँ अइसे कुसल कारीगर अहइँ जउन इ वस्त्र बनइ सकत हीं। मइँ इन मनइयन क खास बुद्धि दीन्ह ह। ओन मनइयन स हारून बरे वस्त्र बनवइ क कहा। इ वस्त्र बतइहीं कि उ मोर सेवा खास रूप स करत अहइँ। उ मोर सेवा याजक क रूप मँ करत अहइ। 4 इ उहइ वस्त्र अहइँ जेका कारीगरन क बनवइ: “निआव क थइला”, एपोद, एक नीला रंग क लबादा एक सफेद बुना भवा चोगा, एक पगड़ी अउ एक कमर बंद “कुसल मनइयन क इ खास वस्त्र तोहार भाई हारून अउ ओकरे बेटवन बरे जरूर बनवइ चाही। तबहिं हारून अउ ओकर बेटवा मोर सेवा याजकन क रूप मँ कइ सकत हीं। 5 मनइयन स कहा कि उ पचे सनी क उत्तिम रेसा अउ नीला, लाल अउ बैगनी कपरा क बइपरइँ। 6 “एपोद बनवइ बरे सुनहरी धागा, सनी क उत्तिम रेसा अउ नीला, लाल अउ बैगनी कपरा पहिरा। इ खास एपोद क माहिर कारीगर बनइहीं। 7 एपोद क हर एक काँधे प पट्टी लाग होइ। काँधे क इ पट्टियन एपोद क दुइनउँ कोने प बंधी होइहीं। 8 “कारीगर बड़ी, हुसियारी स एपोद बरे एक कमरबंद बुनिहीं। इ उहइ रूप स बनवाइ चाही जउन रूप मँ एफोद। सुनहरा, नीला, बैगनी अउ लाल धागा अउर उत्तम सनी बइपरा। 9 “तोहका दुइ गोमेद लेइ चाही। इन नगन प इस्राएल क बारहु बेटवन क नाउँ खोदा। 10 छ: नाउँ एक नग प अउ छ: नाउँ दूसर नग प खोदइ चाही। नाउँ क सब ते बड़का अउ सब ते छोटका बेटवा क हिंसाब स लिखा। 11 इस्राएल क बेटवन क नाउँ इ नगन प खोदवावा। इ उहइ तरह करा जउने तरह उ कुसल दस्तकार मनई जउन मोहर बनावत ह, 12 तब एपोद क दुइ काँधे क पट्टी प इ दुइ नगन क लगावा। हारून यहोवा क समन्वा जब ठाड़ होइ, उ इ खास एपोद क जउन पइ इस्राएल क बेटवन क नाउँवाला दुइनउँ नग यादगारी क तौर पइ पहिरी। 13 बढ़िया सोना ही नगन क एपोद प लागइ बरे बइपरा। 14 गुँथा भवा धागा क तरह निखालिस सोना क जंजीर बटि द्या। सोना क अइसी दुइ जंजीर बनावा अउर सोना क जड़ान क संग एनका बाँधि द्या। 15 “बड़का याजक बरे निआव क थइला बनावा। कुसल कारीगर इ निआव क थइला क वइसा इ बनावइँ जइसा एपोद बनए रहेन। उ पचे सोने क तार, सनी क उत्तिम रेसा अउ नीला, लाल अउ बैंगनी कपड़ा क बइपरा। 16 एका चौकोर बनवइ बरे दोहर देइ चाही। निआव क थैला एक बीत्ता लम्बा अउ एक बीत्ता चौड़ा होइ चाही। 17 निआव क थइला प सुन्नर रतन क चार पाँति जड़ा। रतन क पहली पाँति मँ रूबी, पुखराज अउ मरकत मणि होइ चाही। 18 दूसर पाँति मँ फीरोज, नीलम अउ हीरा होइ चाही। 19 तीसर पाँति मँ सूर्यकान्त, अकीक अउ याकूत लगइ चाही। 20 चउथी पाँति मँ लहसुनिया, गोमेदक अउ कपिस मणि लगावइ चाही। निआव क थैला प एनका लगावइ बरे सोना मँ जड़ द्या। 21 निआव क थइला प बारह रतन होइहीं। इस्राएल क बारहु बेटवन क नाउँ उ प नुमाइंदी होइ चाही। एक एक नगे प इस्राएल क बेटवन मँ स एक एक नाउँ लिखा। हर एक नगे प एनकइ नाउँ उहइ तरह लिखा जइसे माहिर कारीगर एक मुहर बनावत ह। 22 “निआवा क थइला बरे निखालिस सोना क जंजीर बनावा। इ जंजीरियन बरी भइ लसुरी क नाईर् होइहीं। 23 दुइ सोना क छल्ला बनावा अउ एनका निआव क थइला प दुइनउँ कोने प लगावा। 24 दुइनउँ सोना क जंजीरियन क निआब क थइला मँ दुइनउँ कोने मँ लगावा। 25 सोने क जंजीर क दुइ सिरा क दुइनउँ खाना मँ जड़वाइ द्या इ एपोद क काँधे क दुइनउँ टुकरन क समन्वा मँ कसा रहइँ। 26 दुइ ठु अउर सोना क छल्ला बनावा अउ ओनका निआव क थइला क दुइनउँ कोने प लगावा। इ निआव क थइला क भीतर क हींसा एपोद क नगिचे होइ। 27 दुइ अउर सोना क छल्ला बनावा अउ ओका काँधे क पाटी क तले एपोद क समन्वा लगावा। सोना क छल्ला क एपोद क बुना भवा पाटी क ऊपर लगावा। 28 निआव क थइला क छल्ला क एपोद क छल्लन स जोड़ा बरे नीला फीता बाँधा। इ तरह निआव क थइला बुना भवा पाटी क लगे लगा होइ अउर एपोद स अलग न होइ। 29 “हारून जब पवित्तर ठउर मँ घुसरत ह, ओका निआव क थइला पहिरे रहइ चाही। इ तरह इस्राएल क बारहु बेटवन क नाउँ ओकरे हिरदय प रइहीं अउर इ हमेसा यहोवा क ओन लोगन क याद दियाई जात रही। 30 ऊरीम अउ तुम्मीम क निआव क थइले मँ रखा। जब हारून यहोवा क समन्वा जाइ तब उ सबइ ओका याद होइहीं। ऍह बरे हारून जब यहोवा क समन्वा होइ तउ उ इस्राएल क मनइयन क निआव करइ क साधन हमेसा अपने साथ राखी। 31 “एपोद क नीचे पहिरइ क एक नीला एपोद बनावा। 32 मूँड़ डावइ बरे इ चोगा क बीचोबीच एक छेद बनावा। इ छेदे क चारिहुँ कइँती गोटा लगावा। इ गोटा काँलर क नाईर् होइ अउ फाटइ स रोकी। 33 नीला, लाल अउ बैगनी कपरा क अनार बनावा। इ अनार क चोगा क नीचे क सिरा क चारिहुँ कइँती लटकावा। अउ अनार क बीचोबीच सोना क घंटी लगवावा। 34 इ तरह चोगा क नीचे सिरन मँ चारिहुँ कइँती सोना क घंटी अउ अनार होइहीं जउन इहइ तरह होइ कि दुइ अनार क बीचोबीच एक सोना क घंटी होइ। 35 हारून इ चोगा क पहिरी जब उ याजक क रूप मँ यहोवा क सेवा करी अउ यहोवा क समन्वा पवित्तर ठउर मँ जाइ, तब इ घंटिन बाजै लगिहीं। जब उ पवित्तर ठउर तजि देइ तब इ घंटिन बाजै लगिहीं। इ तरह हारून न मरी। 36 “निखालिस सोना क धारी बनावा। सोना प उहइ तरह सब्द खोदा जइसे मनइयन मुहर बनावत हीं। इ सब्दन क लिखा, “यहोवा बरे पवित्तर”। 37 सोना क इ धारी क नीला फीता स कस द्या। पगड़ी क चारिहुँ कइँती नीला फीता बाँधा। सोना क धारी क पगड़ी क समन्वा होइ चाही। 38 हारून आपन कपार प इ का बाँधी। हारून जब जब यहोवा क समन्वा जाइ हमेसा इ पहिरे रही जेहसे यहोवा मनइयन क भेटे क कबूल कइ लेइ। इ तरह स हारून इस्राएल क लोगन क अपराध क सहन करिहीं जदि उ पचे परमेस्सर क गलत रूप मँ भेट दिहे अहइँ या ओकर भेट मँ कउनो खराबी रही अहइ। 39 “सफेद लबादा बुना बरे उत्तिम सनी क बइपरा अउ पगड़ी बरे उत्तिम सनी क बइपरा। बुना भवा पाटी पइ मँ नकसा काढ़ा भवा होइ चाही। 40 हारून क बेटवन बरे कोट, कमरबंद अउ पगड़ी बनावा। इ ओनका मान सम्मान देइहीं। 41 इ पोसाक आपन भाई हारून अउ ओकर बेटवन क पहिरावा। ओकरे पाछे जइतून क तेल ओनके मूँड़े प इ देखाँवइ बरे नावा कि उ पचे याजकन अहइँ। इ ओनका पवित्तर बनई। तबहिं उ पचे मोर सेवा याजकन क रूप मँ करिहीं। 42 “सनी क उत्तिम रेसा क जाँघिया वगैरह बनवावा। इ नीचे क पहिरइ क कपरा करिहाउँ स जाँघ तलक ढाँकिहीं। 43 हारून अउ ओकर बेटवन क इ कपरन क पहिरइ चाही जब कबहुँ उ पचे बइठका क तम्बू मँ जाइँ। ओनका इहइ कपरन क पहिरइ चाही जब कबहुँ उ पचे पवित्तर ठउर मँ याजक क तरह सेवा खातिर वेदी क नगिचे आवइँ। उ पचे इ कपरन क जरूर पहिर चाही ताकि उ पचे अपराधी नाहीं होइ अउर नाहीं मरइ। इ अइसा नेम होइ चाही जउन हारून अउ ओकरे पाछे ओकरे बंस क मनइयन बरे हमेसा बना रही।”

Exodus 29

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, “अब मइँ तोहका बताउब कि इ देखावइ बरे तोहका का करइ चाही कि हारून अउ ओकर बेटवा पवित्तर याजकन क नाईर् खास तरह स मोर सेवा करत हीं। एक बे दोखे क बछवा अउ दुइ बे दोख क बच्चा भेड़ा लइ आवा। 2 जेहमाँ खमीर न होइ उ बारीक गोहूँ क आटा ल्या अउ रोटी बनवा। अउर इस तेले से सनी केकन अउ तेले स लगा हुवा छोटा पातर केकन भी बनावा। 3 इ रोटिन्क अउ केकन क एक डलिया मँ धरा अउ फिन इ डलिया क हारून अउ ओकरे बेटवन क द्या। ओनका बैल अउ दुइनउँ भेड़ा भी द्या। 4 “तब हारून अउ ओकर बेटवन क बइठकावालातम्बू क दुआर क समन्वा लइ आवा। तब ओनका पानी स नहवावा। 5 हारून क खास पोसाक: जैसे कि सफेद चोगा, नीला चोगा जउन कि एपोद क संग पहिरावा जात ह पहिरावा। फिन ओह प निआव क थइला अउ एपोद बाँधा। एपोद क सजा भवा अउ बुना भवा पाटी क संग बाँध दया। 6 सर प साफा बाँधा अउ साफा क चारिहुँ कइँती मुकुट क धइ द्या। 7 अउर जइतून क तेल ल्या अउ हारून क मूँड़ प नाइ के अभिसेक करा। इ बताई कि हारून इ काम बरे चुना ग अहइ। 8 “तब हारून क बेटवा क उ ठउरे प लइ आवा। अउर ओका सफेद बुना भवा लबादा पहिरावा। 9 तब ओनके करिहाउँ क चारिहुँ कइँती कमरबंद बाँधा। ओनका मूँड़े प धरइ क खास टोपी द्या। उ समइ उ पचे याजकन क रूप मँ बहाल होइहीं। उ पचे उ नेम क माफिक याजक होइहीं जउन हमेसा होइहीं। इहइ ढंग अहइ कि जेहसे तू पचे हारून अउ ओकरे बेटवन क याजक बनउब्या। 10 “तब बइठकावाली तम्बू क समन्वा ठउरे प बछवा क लावा। हारून अउ ओकरे बेटवन क चाही कि उ पचे बछवा क मूँड़े प हथवा धरइँ। 11 तब उ बछवा क बइठकवाली तम्बू क दुआरे प यहोवा क समन्वा एका मारि डावा। यहोवा एका लखी। 12 तब बछवा क कछू खून ल्या अउ वेदी ताईर् जा। आपन अंगुरी स वेदी क सींगे प कछू खून लगावा। बचा भवा सारा खून नीचे वेदी क पेंदी प डावा। 13 तब बछवा क करेजा क चबीर्, दुइनउँ गुदेर् क चबीर् अउ ओकरे चारिहुँ कइँती चबीर् निकार ल्या। इ चबीर् क वेदी प जरावा। 14 तब बछवा क गोस, ओकर खाल अउ ओकर दूसर अंगे क लइके आपन डेरा स बाहेर जा। इ सब चीजन्क डेरा क बाहेर जरावा। इ भेंट अहइ जउन याजकन क पाप दूर करइ बरे चढ़ाई जात ह। 15 “तब हारून अउ ओकरे बेटवन स भेड़ा क मूँड़ प हाथ धरइ क कहा। 16 तब उ भेड़ा क मारि डावा अउ ओकर खून ल्या। खूने क वेदी क चारिहुँ कइँती छिरका। 17 ओकर पाछे भेड़ा क कइउ हींसा मँ काटि डावा। भेड़ा क भितरे क सब अंगे क अउ गोड़ धोवा। इ चीजन्क क दूसर टूका क संग अउ भेड़ा क मूँड़ क संग राखा। 18 तब वेदी प इ सबन्क बारा। इ यहोवा बरे होम बलि अहइ अउर इ यहोवा बरे सोहाइ गंध, एक भेंट अहइ। 19 “हारून अउ ओकरे बेटवन क दूसर भेड़ा प हाथ धरइ क कहा। 20 उ भेड़वा क मारि डावा अउ ओकर खून ल्या। उ खून क हारून अउ ओकरे बेटवन क दाहिन काने क सिरा मँ लगवा। ओनकइ दाहिन हाथे क अगूठा पर भी कछू खून लगावा। अउ कछू खून ओनके दाहिन गोड़वा क बड़का अंगूठा प लगावा। तब वेदी क चारिहुँ कइँती खून बहाइ द्या। 21 “तब वेदी प स कछू खून ल्या। इ खून क अभिसेक क तेले मँ मिलइ द्या अउर हारून अउ ओकरे ओढ़ना प, अउर ओकरे पूतन अउ ओनके ओढ़ना प छिरका्या। इ इ बताई कि हारून अउ ओकर पूत मोर सेवा खास तरह स करइ बरे पवित्तर किए गएन ह। अउर इ भी बताई कि ओनकइ वस्त्र खास समइया प बइपरइ जात बरे पवित्तर कीन्ह गवा ह। 22 “तब उ भेड़ा स चबीर् ल्या। (इ उहइ भेड़ा बा जेका हारून क महा याजक बनवइ बरे मँ पवित्तर करइ क समारोह मँ होइ।) पूँछे क चारिहुँ कइँती क चबीर् अउर उ चबीर् क ल्या जउन बदन क भीतरी हींसा क ढाँकत ह। करेजा क ढकइवाली चबीर् क ल्या। दुइनउँ गुदेर् अउ ओह पइ क चबीर् अउर दाहिन जाँघ क ल्या। 23 तब उ रोटी क डलिया ल्या जेहमाँ तू बे खमीरे क बनई रोटी धरे रह्या। इहइ डलिया बा जेका तोहका यहोवा क समन्वा राखइ क अहइ। एक रोटी सादी, एक तेले स बनी केक अउर तेले लगा भवा एक छोटा पातर केक क बाहेर निकारा।। 24 तब एनका हारून अउ ओकरे बेटवन क द्या: फुन ओनसे कहा कि यहोवा क समन्वा एनका उठावइँ। इ यहोवा क खास भेंट होइ। 25 “तब इ चीजन क हारून अउ ओकरे बेटवन स ल्या अउ ओनका वेदी प भेड़ा क साथे धरा। तब हर चीजे क वेदि प जरावा। इ होमबलि बा। इ भेंट यहोवा बरे भेंट अहइ। अउर इ यहोवा बरे सोहाइ क गंध अहइ। 26 “तब भेड़ा स छाती क निकारा। (इहइ भेड़ा अहइ जेका हारून क खास महा याजक बनवइ बरे पवित्तर कर क समारोह मँ बइपरा जाइ।) भेड़ा क छाती क लहराइ क भेंट क रूप मँ यहोवा क समन्वा लहराया। जनावरे क इ हींसा तोहार होइ। 27 तब भेड़ा क छाती अउ जाँघ ल्या जउन हारून क महा याजक बनवइ बरे काम म आइ रहन। इ हींसा पवित्तर बनावा अउ एका हारून अउर ओकरे बेटवन क द्या। इ भेंट क खास हींसा होइ। 28 इस्राएल क मनइयन इ अंगन क हारून अउ ओकरे बेटवन क सदा देइहीं। जब कबहुँ इस्राएल क मनइयन यहोवा बरे भेंट चढ़इहीं तउ इ हींसा हमेसा याजक लोगन क होइहीं। ओन लोगन क मेलबलि जउन कि यहोवा बरे अहइ, मँ स इ हींसा याजक लोगन क होई। 29 “ओन खास वस्त्रन क बचाइके राखा जउन हारून बरे सिया रहेन। इ वस्त्रन ओकरे बेटा, पोता बरे होइहीं। उ पचे उ वस्त्रन क तन पहिरहीं जब याजकन चुना जइहीं। 30 हारून क बेटवा ओकरे पाछे अगवा महा याजक होइ। उ सात दिनाँ ताईर् उ वस्त्रन क पहिरे रही जबहिं उ बइठकावाली तम्बू क पवित्तर ठउरे मँ सेवा करइ आइ। 31 “उ भेड़ा क गोस पकावा जउन हारून क महा याजक बहाल करइ बरे प्रयोग मँ आवा रहा। उ गोस क पवित्तर ठउरे मँ पकावा। 32 तब हारून अउ ओकर बेटवा बइठकावाली तम्बू क दुआरे प गोस खइहीं। अउर उ पचे डलिया क रोटी भी खइहीं। 33 इ भेंट प्रायस्चितिकरण बरे तब भवा रहा जब उ पचन्क याजकन क रूप मँ सेवा करइ बरे पवित्रीकरण कइ जात रहेन। इ भेंट क ओनहीं क खाइ चाही। कउनो बिदेसी क इ पवित्तर भेट क नाहीं खाइ चाही। 34 अगर उ भेड़ा क गोस या रोटी भियान ताईर् काफी मात्रा मँ बचि जाइ तउ ओका जरइ देइ चाही। तोहका उ बचि भवा रोटी या गोस नाहीं खाइ चाही काहेकि इ पवित्तर अहइ। 35 “वइसा ही करा जइसा मइँ तोहका हारून अउ ओकरे बेटवन बरे करइ क हुकुम दिहउँ ह। ओनका याजकन बहाल करइ बरे इ त्यौहार सात दिना तलक चली। 36 सात दिनाँ तलक हर रोज एक साँड़ मारा। इ हारून अउ ओकरे बेटवन बरे पाप भेंट होइ। इ बलिदान क प्रयोग वेदी क सुद्ध करइ बरे किहा। अउर वेदी क पवित्तर बनावइ बरे जइतूने क तेल स एकर अभिसेक करा। 37 तू सात दिना तलक वेदी क सुद्ध अउर पवित्तर रख्या। उ समइया वेदी सब ते जिआदा पवित्तर होइ। जउन चीज वेदी क छुइ उ पवित्तर होइ जाइ। 38 “हर रोज वेदी प तोहका एक भेंट चढ़ावइ चाही। तोहका एक एक बरिस क दुइ भेड़ी क बचवन क भेंट चढ़ावइ चाही। 39 एक भेड़ी क बच्चा भिंसारे अउ दूसर सांझ क चढ़ावा। 40 पहिला भेड़ी क साथ हीन क चउथाई दाखरस क पिअइ क भेंट क संग एपा क दसवाँ हींसा गेँहू क महीन आटा जउन कि हीन क चउथाई तेल स मिला भवा अहइ चढ़ावा। 41 अउर गोधरी क समइ मँ दूसर भेड़ी क बिहान क चढ़ावा क नाईं एकर पिअइ क भेंट क संग चढ़ावा। इ यहोवा बरे एक भेंट एक सुहावना सुगंध अहइ। 42 “तोहका इ चीजन्क यहोवा क भेंटे मँ रोज जरावइ चाही। इ यहोवा क समन्वा, बइठकावाली तम्बू क दुआरे करा। इ हमेसा करतइ रह्या। जब तू भेंट चढ़उब्या तब मइँ यहोवा, हुवाँ तोहसे मिलब अउ तोहसे बात करब। 43 मइँ इस्राएल क मनइयन स उ ठउरे प मिलब। उ ठउर मोर महिमा स पवित्तर बन जाइ। 44 “इ तरह मइँ बइठकावाली तम्बू क पवित्तर बनउव। अउर मइँ वेदी क पवित्तर बनउब। अउर मइँ हारून अउ ओकरे बेटवन क पवित्तर बनउब, जेहसे उ पचे मोर सेवा याजकन क तरह करि सकइँ। 45 मइँ इस्राएल क मनइयन क संग रहब। मइँ ओनकइ परमेस्सर होब। 46 मनइयन इ जनिहीं कि मइँ ओनकइ परमेस्सर यहोवा हउँ। उ पचे जनिहीं कि मइँ उहइ परमेस्सर अहउँ जउन ओनका मिस्र स बाहेर लाएउँ ह तउ कि मइँ ओनके संग रहि सकत हउँ। मइँ ओनकइ परमेस्सर, यहोवा अहउँ।”

Exodus 30

1 यहोवा मूसा स कहेस, “बबुरे क लकड़ी क एक वेदी बनावा। तू इ वेदी धूप बारइ बरे करब्या। 2 तोहका वेदी क चौकोर एक हाथ लम्बा अउ एक हाथ चौड़ा बनवइ चाही। एकर ऊँचाइ दुइ हाथ होइ चाही। चारिहुँ कोने प सींग होइ चाही। इ सींगन क वेदी क साथ एक टुकड़ा बनइ देइ चाही। 3 वेदी क ऊपर क सिरा अउ ओकर सबहिं कइँती निखालिस सोना मढ़ा। वेदी क चारिहुँ कइँती सोना क पाटी लगावा। 4 इ पाटी क तले सोना क दुइ छल्ला होइ चाही। वेदी क दूसर कइँती सोना क दुइ छल्ला भी होइ चाही। इ छल्ला वेदी क ढोवइ मँ खम्भन फँसावइ खातिर होइहीं। छल्लन क वेदी क विपरीत कइँती लगावा। 5 खम्भन क भी बबुरे क काठे क बनावा। खम्भन क सोना स मढ़ा। 6 वेदी क खास पर्दा क समन्वा धरा। करार क संदूख उ पर्दा क दूसर कइँती अहइ। उ संदूखा क ढकइवाला ढकना क समन्वा वेदी होइ। इ उठइ ठउर अहइ जहाँ मइँ तोहसे मिलब। 7 “हारून हर भिंसारे महकउआ धूप बत्ती वेदी प बारी। इ उ तब करी जब दियन क देखइ भालइ आइ। 8 ओका संझा क देखइ भालइ आइ तब फुन धूप बत्ती बारइ चाही। जेहसे यहोवा क समन्वा हर रोज भिंसारे अउ साँझ क धूप बत्ती बरत रहइ। 9 इ वेदी क प्रयोग कउनो दूसर तरह क धूप या जरी भइ बलि बरे जिन किहा। इ वेदी क प्रयोग अन्न भेंट या पेय भेंट बरे जिन किहा। 10 “बरिस मँ एक दाईर् हारून यहोवा क खास भेंट चढ़ाइ। हारून पाप भेंट क खून क प्रयोग मनइयन क पापन्क प्रायस्चित करइ बरे करी। हारून इ वेदी क सीगांन प करी। इ दिन प्रायस्चित क दिन कहा जाइ। इ तोहार पीढ़ी दर पीढ़ी लागू होइ। इ यहोवा बरे बहोत ही खास दिन होइ।” 11 यहोवा मूसा स कहेस, 12 “इस्राएल क मनइयन क गना करा जेहसे तू जनब्या कि हुवाँ केतवा लोग अहइँ। जब कबहूँ इ कीन्ह जाइ हर एक मनई आपन जिन्नगी बरे यहोवा क धन देइ। जदि हर मनई उ करी तउ मनइयन क संग कउनो भी डराउन घटना न होइ। 13 हर मनई जेका गना जाए उ आधा सेकेल चाँदी जरूर देइ। (पवित्तर ठउर क सेकेल क अनुसार आधा सेकेल अहइ।) एक सेकेल क वजन बीस गेरा होत ह। इ आधा सेकेल यहोवा बरे भेट हो इ। 14 बीस बरिस या ओसे जिआदा जउन मनई होइ ओका गना जाइ। हर मनई जउन गना जाइ, यहोवा क भेंट देइ। 15 धनी मनई आधा सेकेल स जिआदा न देइहीं। अउ गरीब मनई आधा सेकेल स कमती नाहीं देइहीं। सबहिं मनइयन यहोवा क बराबर बराबर भेंट देइहीं। इ तोहरे जिन्नगी क कीमत होइ। 16 इस्राएल क लोगन स इ धन बटोरा। बइठकावाले तम्बू मँ सेवकाइ करइ बरे इ धन क बइपरा। इ यहोवा क समन्वा आपन मनइयन क याद करइ, तोहार रूहन क प्रास्चित करइ बरे एक यादगार होइ।” 17 यहोवा मूसा स कहेस, 18 “एक ठु काँसा क सिलफची ल्या अउ एका काँसे क गोड़े प धरा। तू पचे एका धोवइ बरे बइपरा। सिलफची क बइठकावाली तम्बू अउ वेदी क बीच धरा। सिलफची मँ पानी भरा। 19 हारून अउ ओकर बेटवन इ हउद क पानी स आपन गोड़ हाथ धोवइँ। 20 हर दाईर् जब उ पचे बइठकावाले तम्बू मँ आवइँ तउ पानी स गोड़ हाथ जारूर धोवइँ। जब उ पचे वेदी क निअरे वेदी क नगिचे यहोवा क सेवा करइ अउ धूप बारइ आवइँ। 21 उ पचे आपन गोड़ हाथ जरूर धोवइ ताकि उ पचे मरिहीं नाहीं। इ अइसा कनून होइ जउन हारून अउ ओकरे लोगन बरे हमेसा बना रही। इ कनून हारून अउ ओन सबहिं लोगन बरे बना रही जउन भविस्स मँ होइ।” 22 तब यहोवा मूसा स कहेस, 23 “बहोत बढ़िया मसाला लिआवा। बारह पौडं गीला लोहबान लिआवा अउ इ तउल क आधा (छ: पौण्ड) महकउआ दालचीनी अउर बारह पौडं अगर, 24 अउ बारह पौण्ड तेजपत्ता ल्या। एनका नापइ जोखइ बरे दप्तर क नाप क प्रयोग करा। एक गैलन जइतून क तेल भी लिआवा। 25 “गमकइवाला अभिसेक क तेल बनवइ बरे इ सबहिँ चीजन्क जरूर मिलावइ चाही। 26 बइठकावाले तम्बू अउ करार क संदूखे प इ तेल क छिरका। 27 मेज अउ मेजे प धरी सबहिं तस्तरिन प तेल छिरका। इ तेल क सबहिं दिया अउर सब औजारे प छिरका। इ तेले क धूप वेदी प डारि द्या। 28 जरि क भेट क वेदी अउ दूसर सबही बरतन प यहोवा बरे तेल नावा। खोरा अउ ओका आधार प तेल नावा अउ वेदी क पावा प तेल नावा। 29 तू इ सब चीजन्क पवित्तर बनउब्या। उ सबइ चिजियन यहोवा बरे खास होइहीं। कउनो भी चीज जउन एनका छुइ उ भी पवित्तर होइ जइ। 30 “हारून अउ ओनके पूतन प तेल छिरका। मोर खास तरह स सेवा करइ बरे इ ओनकइ पवित्तर करिहीं। तबहिं इ सबइ मोरे सेवा याजकन क तरह करत हीं। 31 “इस्राएल क मनइयन स कहा कि अभिसेक क तेल मोरे बरे हमेसा बहोत पवित्तर अउ खास होइ। इ हमेसा तोहार सबहीं पीढ़ियन बरे सिरफ मोर सेवा बरे होइ चाही। 32 मामूली सुगन्धि क तरह कउनो भी मनई इ तेल क न बइपरी। उ तरह कउनो सुगन्धि बनावा जउन तरह इ खास तेल बनाऐस ह। इ खास अभिसेक क तेल पवित्तर अहइ अउर इ तोहरे बरे बहोत खास अउ पवित्तर होइ चाही। 33 जदि कउनो इ पवित्रर तेल क नाईर् सुगन्धि बनवइ अउर ओका कउनो विदेसी क देइ जउन कि याजक नाहीं ह तउ उ मनई क आपन लोगन स जरूर अलगाइ देइ चाही।” 34 तब यहोवा मूसा स कहेस, “इ महकउआ हवन सामग्री क ल्या: रसगंधा, कस्तूरी गंधिका, बिरोजा अउ निखालिस लोहबान। धियान राखा कि तोहरे लगे सामग्री क वजन बराबर होइ। 35 सामग्री क महकउआ धूप बनावइ बरे आपुस मँ मिलावा। ऍका उहइ तरह करा जइसा सुगन्धि बनवइया करत ह। इ धूप मँ नोन भी मिलावा। इ एका सुद्ध अउ पवित्तर बनइ। 36 कछू धूप क तब तलक पीसा जब ताईर् ओकर बुकनी न होइ जाइ। बइठकावाले तम्बू मँ करार क संदूखे क समन्वा इ बुकनी क धरा। इ उहइ ठउर अहइ जहाँ मइँ तोहसे मिलब। 37 तू पचन्क इ धूपे क चूरन क सिरिफ खास अवसर मँ ही बइपरइ चाही। तू पचन्क इ धूपे क चूरन क बइपरइ बरे सिरिफ खास तरह स यहोवा खातिर जराइ चाही। इ खास तरह स धूप बनावइ बरे दूसर धूपे बरे जिन कर्या। 38 कउनो मनई आपन खातिर कछू अइसा धूप बनावा चाहत ह जेहसे उ इ सुगन्धि क मजा लइ सकइ। मुला अगर उ अइसा करत ह तउ ओका अपने मनइयन स अलग कइ दीन्ह जाइ।”

Exodus 31

1 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, 2 “मइँ यहूदा क परिवार समूह स ऊर क बेटवा बसलेल क चुनेउँ ह। उरि हुर क बेटवा रहा। 3 मइँ बसलेल क परमेस्सर क आतिमा स भरि दिहस ह। मइँ ओका हर दस्तकारी क काम मँ माहिर बनावत हउँ अउ गियान देत हउँ। 4 बसलेल एक बहोत बढ़िया सिल्पकार बा अउ उ सोना, चाँदी अउ काँसा क चीज बनइ सकत ह। 5 बसलेल सुन्नर रतन क काटि अउर जड़ सकत ह। उ लकड़ी क भी काम कइ सकत ह। बसलेल हर किसिम क काम कइ सकत ह। 6 मइँ ओहोलीआब क भी ओकरे संग काम करइ क चुनेउँ ह। ओहोलीआब दन कबीले क आहोसामाक क बेटवा अहइ। मइँ दूसर मजूरन क माहिर बनाएउँ ह ताकि उ पचे उ सबहिं चीजन्क बनइ सकिहीं जेका मइँ तोहका करइ क हुकुम दिहेउँ ह। 7 बइठकावाला तम्बू, करार क संदूख, संदूखे क ढकना। 8 मेज अउर ओह पइ सारी चीजन निखालिस सोना क डीबट अउर एकर सबहिं बर्तन, धूप बारइ क वेदी। 9 भेटे क जरावइ बरे वेदी अउ वेदी प बइपरइ क चीज, कटोरा अउ एकर नीचे क चीज। 10 याजक हारून क खास वस्तर अउ ओकरे बेटवन बरे खास वस्तर, जबहिं उ पचे याजक क नाईर् सेवा करत पहिरहीं। 11 अभिसेक क महकउआ तेल, अउर पवित्तर ठउर बरे महकत धूप।इ कारीगरन्क इ सब चीजन्क वइसी बनवइ चाही जइसा मइँ तोहका हुकुम-दिहेउँ ह।” 12 तबहिं यहोवा मूसा स कहेस, 13 “इस्राएल क लोगन स इ कहा: ‘तू पचे मोरे खास अरामे क दिन बरे नेम क मानाई चाही। तू पचन्क इ जरूर करइ क चाही, काहेकि इ सब मोरे अउ तोहरे बीच सबहिं पीढ़ी बरे चीन्हा क रूप मँ रइहीं। एहसे तोहका पता लागी कि मइँ, यहोवा तोहका आपन खास मनई बनए अही। 14 “‘सबित क दिन क खास दिन बनावा। यदि कउनो एका दुसित करत ह तउ उ व्यक्ति क जरूर मार डावइ चाही। अगर कउनो सबित क दिन काम करत ह, तउ उ व्यक्ति क आपन लोगन मँ स जरूर अलग कइ दीन्ह जाइ। 15 हफ्ता मँ दूसर छ: दिन काम करइ बरे अहइँ। एकर मतलब खास दिन अराम करइ बरे अउर यहोवा क मान देइ बरे अहइ। अगर कउनो सबित क दिन काम करी उ जरूर ही मार दीन्ह जाइ। 16 इस्राएल क लोगन सबित क दिना क खास दिन क रूप मँ जरूर याद रखिइ चाही। उ एका हमेसा हमेसा मनावत रइहीं। इ मोरे अउ ओनके बीच करार अहइ जउन सदा बना रही। 17 सबित क दिन मोरे अउ इस्राएल क बीच सदा चीन्हा क रूप मँ बना रही। यहोवा छ: दिन काम किहेस अउ अकास अउ धरती क बनएस अउ सतएँ दिन उ आपन क अराम दिहेस अउ सुस्तान।’“ 18 जउने समइ परमेस्सर मूसा स सीनै पहाड़े प बात करब बंद किहस, उ ओका करार लिखित भवा दुइ समथर पाथर दिहस। परमेस्सर आपन अंगुरियन क काम मँ लगाएस अउ पथरे प लिखेस।

Exodus 32

1 लोगन निहारेन कि टेमॅ बीति गवा अहइ जब तलक मूसा पहाड़े प नाहीं गवा अउर हुआँ स वापिस नाहीं भवा। ऍह बरे लोगन हारून क चारिहुँ कइँती एक्टठा भएन। उ पचे ओसे कहेन, “लखा। मूसा हम पचन्क मिस्र देस बाहेर निकारेस। मुला हम पचे इ नाहीं जानित कि ओकरे साथ का होइ गवा अहइ। ऍह बरे कछू देवतन क हमरे अगवा चलइ अउ हमका अगवा लइ चलइवाला बनावा।” 2 हारून मनइयन स कहेस, “आपन आपन मेहररूअन, बेटवन अउ बिटियन्के सोना क बाली मोरे लगे लइ आवा।” 3 ऍह बरे सब मनइयन कनवा क बालिन्क बटोरेन अउ उ सबइ ओनका हारून क लगे लइ आएन। 4 हारून मनइयन स सोना लिहेस अउ बछवा क एक मूरति बनवइ बरे बइपरेस। हारून मूरति क तरासइ बरे एक छोनी क बइपरेस। तबहिं इ मूरति क सोना स ढाँक दिहेस।तब लोगन स कहेस, “इस्राएल, तू पचन्क हिआँ उहइ देवता अहइँ जउन तू सबन्क मिस्र स बाहेर लइ आएन ह।” 5 हारून इ चीजन्क लखेस। ऍह बरे उ बछवा क समन्वा एक वेदी बनएस। तब हारून एलान किहेस, “भियान यहोवा क मान देइ बरे एक खास भोज होइ।” 6 भियान भिन्सारे मनइयन हाली उठि गएन। उ पचे पसु क मारि डाएन अउ ओकर होमबलि अउ मेलबलि चढ़ाएन। मनइयन खाइ अउ पिअइ बरे बइठेन। तब उ पचे ठाड़ भएन अउ असभ्य भोज किहेन। 7 उहइ समइया यहोवा मूसा स कहेस, “इ पहाड़े स पाले उतरा। तोहार लोगन यानी उ पचे, जेका तू मिस्र स लइ आया ह, भयंकर पाप किहे बाटेन। 8 उ पचे जल्दी ही उ चीजन क करइ स मुकर गएन जेनका करइ क हुकुम मइँ ओनका दिहउँ ह। उ पचे टेघरा भवा सोना स आपन बरे एक बछवा बनएन। उ सबइ उ बछवा क निहुरत अहइँ अउ ओका बलि चढ़ावत अहइँ। लोगन कहेन ह, ‘इस्राएल, इ सबइ तोहार देवता अहइँ, जउन तोहका मिस्र स बाहेर लइ आएन ह।”‘ 9 यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ इ लोगन क लखेउँ ह, “मइँ जानत अहउँ कि इ पचे बहोत हठी अहइँ। 10 ऍह बरे अब मोका ओन लोगन क बरबाद करइ द्या। तब मइँ तोहरे बरे एक बड़का रास्ट्र बनउब।” 11 मुला मूसा यहोवा आपन परमेस्सर स पराथना किहेस अउ ओसे भीख मांँगेस। मूसा कहेस, “हे यहोवा, तोहका आपन लोग पइ काहे किरोध करइ चाही। आप आपन अपार सक्ती अउ आपन बल स इ पचन्क मिस्र स बाहेर लइ आया ह। 12 मुला अगर आप आपन लोगन क नस्ट करब्या तब मिस्र क मनइ कहि सकत हीं ‘यहोवा आपन लोगन क संग बुरा करइ क चाल चलेन ह। इहइ कारण अहइ कि एनका मिस्र स बाहेर निकार्या ह। उ ओनका पहाड़े प मारि डावा चाहत रहा। उ आपन लोगन क धरती स मेटाइ देइ चाहत ह।’ ऍह बरे आपन लोगन किरोध करइ बन्द करा। ओन लोगन क बर्बाद करइ क जोजना छोड़ द्या। 13 आप आपन सेवा करइवालन इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क याद राखा। आप आपन नाउँ क उ पचन्क प्रतिग्या करइ बरे बइपर्या तू कह्या: ‘मइँ तोहार लोगन क ओतना अनगिनत बनउब जेतना अकासे मँ तारा अहइँ। मइँ तोहरे लोगन क इ समूची भुइँया देब जेका मइँ ओनका बचन दिहउँ ह। इ भुइँया हमेसा ओनकइ होइ।”‘ 14 ऍह बरे यहोवा अफसोस किहेन। यहोवा उ नाहीं किहेन जउन उ कहे रहेन। उ लोगन क बरिबाद नाहीं किहेन। 15 तब मूसा पहाड़े स खाले उतरा। मूसा क लगे अगवा अउ पाछे लिखा भवा करार वाला दुइ समथर पाथर रहेन। 16 परमेस्सर खुद ओनँ पाथरन क बनएस। परमेस्सर खुद उ आग्यन क पाथरे प खोदेस ह। 17 पहाड़े स तरखाले उतरत यहोसू मनइयन क हल्लागुल्ला सुनेस। यहोसू मूसा स कहेस, “खाले पड़ाव मँ लड़ाई क अवाज सुनाइ पड़त अहइ।” 18 मूसा जवाब दिहेस, “इ फउजे क जीत क सोर न बाटइ अउर न ही हार जाए प चिचिआइ क सोर। मइँ जउन अवाज अनकत अहउँ उ गाने का अवाज अहइ।” 19 जब मूसा डेरा क निअरे आवा तउ उ सोना क बछवा अउ लोगन क गावत अउ नाचत भवा निहारेस। मूसा बहोत कोहाइ गवा अउ उ समथर पथरन क भुइँया प गिराइ दिहस अउ ओनका तोड़ दिहस। पहाड़े क तलहटी मँ उ ओनका रेजा रेजा कइ दिहस। 20 तबहिं मूसा लोगन क बनवा भवा बछवा क तोड़ फोड़ डाएस। उ सोना क आगी मँ टेघराएस। उ सोना क ऍतना पीसेस कि उ चूरन होइ गवा। उ सोना क चूरन क पानी मँ बहाइ दिहस। तबहिं उ इस्राएल क मनइयन क पानी पिअइ बरे मजबूर किहस। 21 मूसा हारून स कहेस, “इ मनइयन तोहरे संग का किहेन? कि तू ओनका अइसे बुरा पाप करइ क लिआया?” 22 हारून जवाब दिहस, “महासय। जिन कोहाअ। आप जानत बाटेन कि लोगन हमेसा गलत काम करइ क तइयार रहत हीं। 23 लोग मोसे कहेस, ‘मूसा हम पचन्क मिस्र स बाहेर लइ आया। मुला हम पचे नाहीं जानित कि ओकरे संग का भवा बाटइ। ऍह बरे हम सब मनइयन क राह देखावइ वाला कउनो देवतन क बनावा।’ 24 ऍह बरे मइँ मनइयन स कहेस, ‘जदि तोहरे लगे सोना क अंगूठियन होइ तउ ओनका मोका दइ द्या।’ मनइयन मोका आपन सोना दिहेन ह। मइ इ सोना क आगी मँ झोंका अउ इ बछवा आगी स बाहेर आएस।” 25 मूसा लखेस कि लोग नियंत्रण स बाहेर होइ गएन, काहेकि हारून ओह पइ नरम होइ गएन ह। मनई मूरख क नाईर् इ तरह क ब्योहार करत बाटेन। ओनकइ सब दुस्मन लखि सकइँ। 26 ऍह बरे मूसा डेरा क दरवाजे प ठाड़ भवा। मूसा कहेस, “कउने मनई जउन यहोवा क पाछा करइ चाहत ह मोरे लगे आवइ।” तब लेवी क परिवारे क सबइ मनइयन परात परात मूसा क लगे आएन। 27 तबहिं मूसा ओनसे कहेस, “इ तरह इस्राएल क परमेस्सर यहोवा क कहात ह: ‘हर मनई आपन तरवार उठाइ लेइ अउ डेरा क एक निकास स दूसर निकास ताईर् जाइ। तू पचे उ लोगन क जरूर मारइ चाही चाहे उ तोहार आपन भाई, दोस्त अउ पड़ोसी ही क्यों न हो।”‘ 28 लेवी क परिवारे क मनई मूसा क हुकुम मानेन। उ दिना इस्राएल क करिब तीन हजार मनई मर गएन। 29 तब मूसा कहेस, “आज यहोवा क सेवा करइ बरे अपने आपक तइयार कर ल्या। काहेकि यहोवा आज तोहका आसीर्बाद देइहीं! अगर चाहे कि कउनो आदमी आपन पूत या रिस्तेदार क खोइ देत ह।” 30 दूसर दिन भिंन्सारे मूसा मनइयन स कहेस, “तू पचे खउफनाक पाप किहा ह। मुला अब मइँ यहोवा क लगे ऊपर जाब। सायद कि मइँ तोहार पाप बरे प्रायस्चित कइ सकत हउँ।” 31 तउ मूसा लौटिके यहोवा क लगे गवा अउ कहेस, “कृपा कइके सुना। इ लोग बहोत बुरा पाप किहेन ह अउ सोना क एक देवता बनएन ह। 32 अबहिं ओनका पाप खातिर छिमा कइ द्या। जदि आप छिमा न करब्या तउ मोर नाउँ “जिन्नगी क किताबेस मेट द्या जेका आप लिखे अहा।” 33 मुला यहोवा मूसा स कहेस, “जउन मोरे खिलाफ पाप करत हीं, सिरिफ अइसा ही मनई बाटेन जेकर नाउँ मइँ आपन किताबे स मेटत हउँ। 34 ऍह बरे जा अउ मनइयन क हुवाँ लइ जा, जहाँ मइँ कहत हउँ। मोर सरगदूत तोहरे अगवा अगवा चली अउ तोहका राह देखाइ। जब उ मनइयन क सजा देइ क टेमॅ आइ, तउ जउन पाप किहे बाटेन तब ओनका सजा दीन्ह जाइ।” 35 ऍह बरे यहोवा मनइयन मँ एक भयंकर बेरामी पइदा किहेन ह। उ ऍह बरे अइसा किहेन ह कि उ पचे हारून स सोना क बछवा बनवइ क कहे रहेन।

Exodus 33

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, “तू अउ तोहार उ लोग जेनका तू मिस्र स हिआँ लइ आया ह इ ठउर क जरूर तजि द्या। अउर उ भुइँया मँ जा जेका मइँ इब्राहीम, इसहाक अउ याकूब क देइ क बचन दिहउँ ह। मइँ ओनका बचन दिहउँ ह। मइँ वाचा किहेउँ, “मइँ उ भुइँया क तोहरे सन्तानन क देब। 2 मइँ एक सरगदूत तोहरे अगवा अगवा पठउब। अउर मइँ कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, अउ यबूसी मनइयन क बाहर हाँक देब। मइँ उ लोगन क तोहार पहँटा तजि देइ क मजबूर करब। 3 ऍह बरे उ भुँइया पइ जा जउन दूध अउर सहद स भरपूर होइ। मुला मइँ तोहरे संग न जाब। तू पचे बहोत जिद्दी अहा। जदि मइँ तोहरे संग जाब तउ तोहार नास करब।” 4 मनइयन इ बुरी खबर सुनेन अउ बहोत दुःखी भएन। ऍह बरे लोग आपन गहना उतार लिहेन। 5 उ काहेकि यहोवा मूसा स कहेन, “इस्राएल क मनइयन स कहा, ‘तू पचे हठी लोग अहा। जदि मइँ तोहरे संग सिरिफ थोड़ी बरे होबउँ, होइ सकत ह मइँ तू पचन्क नास कइ देब। ऍह बरे सबइ आपन गहना उतारि देइँ। तब मइँ इ निहचय करब कि तोहरे संग का करी।’“ 6 ऍह बरे इस्राएल क लोग होरेब अर्थात् सीनै पहाड़े स अगवा आपन गहना उतारे रहेन। 7 मूसा बइठकावाला तम्बू क डेरा स कछू दूर लइ गवा। हुवाँ उ ओका लगाएस अउ ओकर नाउँ “बइठकावाला तम्बू” राखेस। कउनो व्यक्ति जउन यहोवा स कछू जानइ चाहत रहा, ओका डेरा क बाहेर बइठकावाला तम्बू ताईर् जाइ क पड़त रहा। 8 जब कबहुँ मूसा बाहेर बइठकावाला तम्बू मँ जात तउ मनइयन ओका निहारत रहतेन। लोगन आपन तम्बू क दुआरे ठाड़ रहतेन अउ मूसा क तबहिं ताईर् लखत रहतेन जबहिं ताईर् मूसा बइठका वाला तम्बू मँ न चला जात। 9 जब मूसा बइठकावाला तम्बू मँ घुसरत एक लम्बा बादर क खम्भा खाले उतर जात अउ उ बादर बइठकावाला तम्बू क दुआरे ठहरत। इ तरह यहोवा मूसा स बात करत रहत। 10 जब लोगन बइठकावाला तम्बू क दुआर बादर क लखतेन उ निहुरेस अउ परमेस्सर क आराधना किहेस। हर मनई आपन तम्बू क दुआरे ओकर आराधना करत रहा। 11 इ तरह यहोवा मूसा स आमने-सामने बात करत रहा। यहोवा मूसा स इ तरह बात करत रहा जइसे कउनो मनई आपन मीत स बतियात होइ। यहोवा स बात करइ क पाछे मूसा हमेसा डेरा मँ वापस लौटत रहा। नून क पूत यहोसू मूसा क सहायक रहा। यहोसू हमेसा तम्बू मँ रहत रहा। जब मूसा ओका छोड़त रहा। 12 मूसा यहोवा स कहेस, “आप मोका इ पचन्क क अगुवाइ करइ क कह्या ह। मुला आप इ नाहीं बताएन कि आप मोरे संग केका पठइहीं। आप मोसे कहेन, ‘मइँ तोहका अच्छी तरह जानत हउँ अउ मइँ तोहसे खुस अहउँ।’ 13 जदि मइँ तोहका फुरे फुरे खुस किहेउँ ह, मोका तोहार निर्णय क बारे मँ जानइ द्या अउर तू मोका आपन तरह सिखावा। तब मइँ आपक लगातार खुस राखि सकत हउँ। याद राखा कि इ आप क लोग अहइँ।” 14 यहोवा कहेस, “मइँ खुद तोहरे संग चलब। मइँ तोहका राह देखाउब।” 15 तबहिं मूसा यहोवा स कहेस, “जदि तू हम पचन्क संग न चलब्या तउ तू इ ठउर स हम पचन्क जिन दूर पठवा। 16 हम पचे इ भी कइसे जान लेब कि तू मोसे अउर इ लोगन स खुस अहा? जदि तू संग चलब्या तउ हम पचे निहचय इ जानब। तोहका हमरे संग होइ क पाछे इ देखाउब कि मइँ अउर तोहार लोगन इ धरती क दूसर लोगन स कइसे अलग होइ जाब।” 17 तब यहोवा मूसा स कहेस, “मइँ उहइ करब जउन तू कहत बाट्या। मइँ इ करब काहेकि मइँ तोहसे खुस अहउँ। मइँ तोहका अच्छी तरह स जानत हउँ।” 18 तब मूसा कहेस, “अब किरपा कइके मोका महिमा देखावा।” 19 परमेस्सर कहेस, “मइँ आपन उचित भलाई क तोहार आगे स गुजारउब। मइँ यहोवा अहउँ अउर मइँ आपन नाउँ क घोषणा करब जेसे तू ओका सुनि सका। मइँ कउनो भी व्यक्ति प कृपा अउ पिरेम देखाउब जेनका मइँ चाहउब। 20 मुला तू मोर मुँह नाहीं निहार सकत्या। कउनो भी मनई मोका लख नाहीं सकत अउर जदि लखि लेत ह तउ उ जिन्दा नाहीं रहि सकत। 21 “मोरे लगे नगिचे एक ठु चट्टान बाटइ। तू उ चट्टाने प ठाड़ होइ सकत ह। 22 मोर महिमा उ ठउर स होइके जाइ। मइँ तोहका उ चट्टाने क बड़की दरार मँ राखब अउ तोहका आपन हथवा स ढाँकब जे समइ मइँ गुजरब। 23 तबहिं मइँ आपन हाथ हटाइ लेब अउर तू मोर पीठ भइ देखब्या। मुला तू मोर मुँह नाहीं देख पउब्या।”

Exodus 34

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, “दुइ अउर समथर पाथरन ठीक वइसे ही बनावा जइसे पहिले दुइ रहीं जेका तू तोग दिहे रहा। मइँ एह प ओनही सब्दन क लिखब जउन पहिले दुइनउँ पाथर क पाटी प लिखा रहेन। 2 भियान भिन्सारे तइयार रह्या अउ सीनै पहाड़े प आवा। हुवाँ मोरे समन्वा पहाड़े क चोटी प ठाड़ रह्या। 3 कउनो मनई क तोहरे संग नाहीं आवइ दीन्ह जाइ। हिआँ तलक कि तोहरे गोरू अउ भेड़ी क झुण्ड क भी पहाड़े क उ पार घास नाहीं चरइ चाही।” 4 ऍह बरे मूसा पहिले पाथर क तरह पाथर क दुइ समथर पाटी बनएस। तब दूसर दिन भिन्सारे उ सीनै पहाड़े प गवा। मूसा उहइ किहेस जइसा यहोवा ओका हुकुम दिहे रहेन। मूसा आपन संग पाथर क दुइ पाटी लइ गवा। 5 मूसा क पहाड़े प पहोंच जाइ क पाछे यहोवा ओकरे लगे बादर मँ खाले पहाड़े प आवा। यहोवा हुवाँ मूसा क लगे ठाड़ रहा। उ यहोवा क नाउँ लिहेस। 6 यहोवा मूसा क समन्वा स गवा अउ उ कहेस, “यहोवा, दयालु यहोवा, अउ कृपालु परमेस्सर अहइ। यहोवा कोहाइ मँ धीरे करत ह। यहोवा महान पिरेम स सराबोर बा। यहोवा बिस्सास क जोग्ग बा। 7 यहोवा हजारन पीढ़िन प कृपा करत ह। यहोवा लोगन क जउन उ पचे पापन्क करत हीं, छिमा करत ह। मुला यहोवा अपराधी क सजा देइ मँ चूकत नाहीं। यहोवा सिरिफ अपराधी क सजा नाहीं देइ मुला ओनके बेटवन, नाती, पंती अउ संती क भी बुरी बात क सजा देइ जउन उ पचे किहे रहेन। 8 तब तुरन्तइ मूसा धरती प निहुरा अउ यहोवा क पूजेस। मूसा कहेस, 9 “सुआमी। जदि आप मोसे खुस अहइँ तउ हमार साथे चलइँ। मइँ जानत हउँ कि उ पचे हठी लोग अहइँ। मुला हम पचन्क ओन पापन्क अउ अपराधन्क छिमा कइ द्या, जउन हम पचे किहेन ह।” 10 तब यहोवा कहेस, “मइँ तोहरे सबहिं लोगन क संग इ करार करत हउँ। मइँ अइसा अचरज कार्य करब जइसे इ धरती प कउनो भी दूसर रास्ट्र क खातिर पहिले कबहुँ नाहीं कीन्ह गवा रहा। तोहरे संग सबहिं लोगन उ अचभ्बा क निहरिहीं जउन मइँ तोहरे बरे करब।” 11 आज मइँ जउन हुकुम देत हउँ ओका माना। मइँ कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, अउ यबूसी क बाहेर निकरि जाइ क मजबूर करब। 12 होसियार रहा। उ लोगन क संग कउनो समझौता जिन करा जउन उ पहँटा मँ रहत अहइँ जहाँ तू जात अहा। जदि तू ओनकइ संग समझौता करब्या तउ तू ओहमाँ फँस जाब्या। 13 ओनके वेदी क नास कइ डावा उ पाथरन क तोड़ि डावा जेका उ पचे पूजत बाटेन। ओनकइ मूरतक काटिके बहाइ द्या। 14 कउनो दूसर देवता क आराधना जिन करा। मइँ “यहोवा कना - ईर्स्यालु यहोवा” अहउँ। इ मोर नाउँ अहइ। मइँ “एलकना ईर्स्यालु परमेस्सर हउँ।” 15 “जउन लोग उ पहँटा मँ रहत हीं ओनसे कउनो समझौता जिन करा। जदि तू इ करब्या तउ जब उ सबइ आपन देवतन क पूजिहीं तब तू ओनके साथे होइ सकब्या। उ पचे तोहका सामिल होइ बरे न्यौतिहीं अउर तू ओनकइ भेंट क खाब्या। 16 तू आपन बेटवन क पत्नी बनवइ बरे ओनकइ कछू बिटियन क चुन सकत ह। उ पचे बिटियन झूठ देवतन क पूजा करत रहत हीं। उ पचे तोहरे बेटवन स उहइ करवाइ सकत हीं। 17 “मूरत जिन बनाया। 18 “बे खमीरे क रोटी क दावत क त्यौहार मनावा। मोरे हुकुम बरे सात दिना तलक बेखमीरे क रोटी खाया। एका उहइ महीना मँ करा जेका मइ चुनेउँ ह जउन कि अबीब क महीना अहइ। काहेकि उहइ महीना अहइ जब तू मिस्र स बाहेर आए रह्या। 19 “कउनो भी मेहरारू क पहिलौटी बेटवा मोर बा। पहिला जनावर भी जउन तोहार गाय-बोकरी अउ भेड़ी स पइदा होइ, मोर अहइ। 20 जदि तू पहिले पइदा भए गदहा क आपन बरे राखइ चाहत बाट्या तउ तू एका भेड़ी क बच्चा स बेसहि सकत ह। मुला अगर तू उ गदहा क भेड़ी क बच्चा स नाहीं वेसहत्या तउ तोहका उ गदधा क गरदन जरूर तोड़ दइ चाही। तोहका आपन पहिलौटी सब पूतन बरे मोसे बेसहइ क होइ। कउनो व्यक्ति बे भेंटे क मोरे समन्वा न आइ। 21 “तू छ: दिन काम करा। मुला सातँवा दिन अराम करा।। पौध रोपइ अउ फसिल काटइ क समइया भी तोहका सबित क दिन क धियान रखइ चाही। 22 “हफ्तन क त्यौहार मनावा। फसल कटाइ क त्यौहार क मनावा। आखीर मँ फसल काटइ क दावत करा। 23 “हर साल तोहार सब मनई तीन दाईर् आपन सुआमी, यहोवा इस्राएल क परमेस्सर क लगे जइहीं। 24 “जबहिं तू आपन भुइँया मँ पहुँचब्या मइँ तोहरे दुस्मनन क उ भुइँया स बाहेर जाइके मजबूर करब। मइँ तोहरे चौहद्दी क बढ़ाउब अउर तू जिआदा स जिआदा धरती पउब्या। तोहका आपन परमेस्सर यहोवा क समन्वा बरिस मँ तीन दाईर् जाइ चाही। अउर तोहसे उ टेमॅ तोहर देस लेइ क कउनो जतन न करी। 25 “जब तू बलि स खून भेंट करा तउ उहइ समइया खमीर जिन भेंट करा।“अउर फसह त्यौहार क कछू भी गोस दूसर भिन्सारे तलक नाहीं राखइ चाही। 26 “यहोवा क आपन पहली काटी भइ फसल द्या। उ चीजन्क यहोवा आपन परमेस्सर क घरे लइ आवा।“बोकरी क बच्चा क ओकर महतारी क दूध मँ जिन पकावा।” 27 तब यहोवा मूसा स कहेस, “जउन बातन क मइँ बतायउँ ह ओनका लिखि ल्या। इ आदेस क अनुसार मइँ तोहार अउर आपन बीच करार किहउँ ह।” 28 मूसा हुवाँ यहोवा क संग चालीस दिना अउ चालीस रात रहा। उ पूरे टेम तलक न खइया क खाएस अउर न पानी पिएस। अउर मूसा क करार क सब्दन क दस-आग्यन क दुइ समथर पाथरन प लिखेस। 29 तब मूसा सीनै पहाड़े स तरखाले उतरा। इ यहोवा क दुइनउँ पाथरे क समथर पाटी क संग लइ आवा। मूसा क मुँह चमकत रहा। काहेकि उ यहोवा स बात किहेस। मुला मूसा इ बरे नाहीं जानत रहा। 30 हारून अउ इस्राएल क सब लोगन लखेन कि मूसा क मुँह चमकत रहा। ऍह बरे उ पचे ओकरे पास जाइ स डेरानेन। 31 मुला मूसा ओनका बोलाएस। ऍह बरे हारून अउ सबहिं अगुवा लोग मूसा क लगे गएन। मूसा ओनसे बतियान। 32 ओनके पाछे इस्राएल क सबहिं लोग मूसा क लगे आएन। अउर मूसा ओनका उ आदेस दिहेस जउन यहोवा सीनै पहाड़े प दिहे रहा। 33 जब मूसा बात करब खतम किहेस तउ उ आपन मुँह क एक ओढ़ना स ढाँकि लिहस। 34 जब कबहुँ मूसा यहोवा क समन्वा बात करइ जात तउ ओढ़ना क हटाइ लेत। तब मूसा बाहेर आवत अउ इस्राएल क लोगन क इ बतावत जउन यहोवा क हुकुम होत रहा। 35 इस्राएल क मनइयन देखत रहेन कि मूसा क मुँह तेज स चमकत रहा। ऍह बरे मूसा आपन मुँह फुन ढाँकि लेत। मूसा आपन मुँहना क तब तलक ढाँके रखत रहा जब तलक उ यहोवा क संग बात करइ अगली दाईर् नाहीं जात रहा।

Exodus 35

1 मूसा इस्राएल क सबहिं मनइयन क बटोरेस। मूसा ओनसे कहेस, “मइँ उ सब आदेसन क बताउब जउन यहोवा तू पचन्क करइ क आदेस दिहस ह। 2 “काम करइ क छ: दिन अहइँ। मुला सातवाँ दिन तू पचन्क अराम क दिन खास दिन होइ। उ खास दिन अराम कइके तू पचे यहोवा क स्रद्धा देब्या। जदि कउनो सातवाँ दिन काम करी तउ ओका जरूर मारि डावा जाइ। 3 सबित क दिना तू सबन्क कउने ठउर प आगी तलक नाहीं बारइ चाही जहाँ कहूँ तू पचे रहत बाट्या।” 4 मूसा इस्राएल क सबहिं मनइयन स कहेस, “इहइ बा जउन यहोवा हुकुम दिहे अहइ। 5 यहोवा बरे खास भेंट बटोरा। तोहका आपन मन मँ ठान लेइ चाही कि तू पचे का भेंट मँ देब्या। अउर तब तू उ भेंट यहोवा क लगे लइ आवा। सोना, चाँदी, काँसा, 6 नीला बैगनी अउ लाल कपड़ा, उत्तिम सन अउ बोकरी क बार, 7 भेड़ी क लाल रंगी खाल, उत्तिम चाम, बबुरे क लकड़ी, 8 दिया बरे जइतूने क तेल, अभिसेक क तेल बरे मसाले सुगन्धि धूप बरे मसाला, 9 गोमेद रतन अउ दूसर रतन एपोद अउर निआव क थइला प लगावा जइहीं। 10 आप सबहिं कुसल कारीगर क चाही कि यहोवा जउन चीजन्क हुकुम दिहे अहइँ ओनका बनावा। इ सबइ उ चीज अहइँ जेनके बरे यहोवा हुकुम दिहे अहइँ। 11 पवित्तर तम्बू, ऍकरे बाहेर क तम्बू, अउ एकर ढकना, हुक, तखता, पाटी, खम्भा अउ आधार। 12 पवित्तर संदूख, अउ एकर खम्भन अउ संदूखे क ढकना, अउ दरवाजे क रास्ता क ढाँपइ बरे पर्दा। 13 मेज अउ एकर खम्भन, मेजे प धरी जाइवाली सब चीज, अउ मेजे प धरी जाइवाली खास रोटी, 14 रोसनी क बइपरइ बरे डीबट, अउर ऍकर सबइ बासन, ऍकर दिया, अउ रोसनी बरे तेल, 15 धूप बारइ बरे वेदी अउ ऍकर खम्भन, अभिसेक क तेल अउ महकउआ धूप, बइठकावाला तम्बू क प्रवेस दुआर क ढाकइ वाली कनात, 16 होमबलि क बारइ बरे वेदी, एकर काँसा क झंझरी, खम्भन अउ वेदी प बइपरइ बरे सबहिं चिजियन, काँसा क खोरा अउ आधार, 17 आँगन क चारिहुँ कइँती पर्दा, अउर खम्भा अउ एकर आधार, अउर आँगन क प्रवेस दुआर क ढकइवाला कनात, 18 तम्बू क थामइ बरे बइपरइ खातिर खूँटी अउर आँगन क घेरइवाला पर्दा क दिवार, खूँटी स बाँधइवाली लसुरी। 19 अउ खास बुना भवा ओढ़ना जेका याजक पवित्तर ठउरे प पहिरहीं। इ खास ओढ़ना हारून अउ ओकरे बेटवन क पहिरइ बरे अहइँ। उ पचे इ ओढ़ना क तब पहिरहीं जब उ पचे याजक क रूप मँ सेवा करिहीं।” 20 तब इस्राएल क सबहिं मनई मूसा क लगे स चलेन। 21 सबहिं मनइयन जउन भेंट चढ़ावइ चाहत रहेन आएन अउर यहोवा बरे भेंट लिआएन। इ भेंट बइठकावाला तम्बू क बनावइ, तम्बू क सब चीजन अउ खास ओढ़ना बनावइ क काम मँ लाइ गइन। 22 सबहिं मेहरारू-मनसेधू, जउन चढ़ावा देइ चाहत रहेन, किसिम किसिम क आपन आपन सोना क गहना लइ आएन। उ सबइ पिन, कान क बाली, मुंदरी, दूसर गहना लइ आएन। उ पचे आपन सबहिं गहना क चढ़ाएन। इ यहोवा क खास भेंट रही। 23 हर मनई जेकरे लगे नीला, बैगंनी अउ लाल कपड़ा अउर सन क उत्तिम रेसा रहा, उ इ सबन्क यहोवा क लगे लइ आवा। उ मनई जेकरे लगे बोकरी क बार, लाल रंग क भेड़ी क खाल, उत्तिम चमड़ा रहा, ओका उ यहोवा क लगे लइ आवा। 24 हर मनई जउन चाँदी, काँसा चढ़ावइ चाहत रहा यहोवा क भेंट क रूप मँ ओका लियाएस। हर मनई जेकरे लगे बबुरे क लकड़ी रही, आवा अउ ओका यहोवा क चढ़ाएस। 25 हर माहिर मेहरारू सन क उत्तिम रेसावाला नीला, बैगनी अउ लाल ओढ़ना बनाएस। 26 उ सबहिं मेहरारू जउन माहिर रहीं अउ इ काम बरे ओकर मदद करइ सकत हीं उ पचे बोकरी क बारे स ओढ़ना बनाएन। 27 नेतन सुलेमानी पाथर तथा दूसर रतन लइ आएन। इ सब नग अउ रतन याजक क एपोद अउ निआउ क थइली मँ लगाए रहेन। 28 लोग मसाला अउ जइतून क तेल भी लइ आएन। इ चीजन महकउआ धूप, अभिसेक क तेल अउ दिया क तेल बरे बइपरी गइन। 29 इस्राएल क सबहिं मनइयन जउन मदद करइ चाहत रहेन यहोवा बरे भेंट लइ आएन। मनइयन इ सबहीं भेंट दिल खोलिके जेतन उ पचे चाहेस दिहेन। इ भेंट उ सबइ चीजन्क बनवइ बरे काम मँ आइन जेका यहोवा मूसा अउ लोगन क बनाइ क हुकुम दिहे रहेन। 30 तब मूसा इस्राएल क मनइयन स कहेस, “लखा यहोवा बसलेल, उरि क बेटवा (उरि हूर क बेटवा रहा) जउन यहूदा क परिवार गोत्र स रहा क चुनेस। 31 अउर उ बसलेल क परमेस्सर क आतिमा स भरि दिहस। इसलिए उ बुद्धि स परिपूर्ण अहइ अउर उ हर प्रकार क सिल्पकारी कार्य क करइ मँ होसियार अउ माहिर अहइ। 32 उ सोना, चाँदी अउ काँसा क चीजन्क नमूना बनाइ सकत ह। 33 उ नग अउर रतन क काट अउ जड़ सकत ह। बसलेल लकड़ी क काम कइ सकत ह अउर सबहिं तरह की चीजन क बनइ सकत ह। 34 यहोवा बसलेल अउ ओहोलीआब क दूसर लोगन क सिखवइ क जोग्यता दइ दिहस ह। ओहोलीआब दन क परिवार गोत्र स अहीसामाक क पूत रहा। 35 यहोवा इ दुइनउँ मनइयन क सब तरह क काम कइ क कुसलता दइ दिहस। ह। उ पचे बढ़ई अउ लोहार क काम करइ क जोग्यता रखत हीं। उ सबइ नीला, बैगनी अउ लाल ओढ़ना अउ सन क उत्तिम रेसा वाला कपड़ा स तस्बीर क काढ़िके ओनका बुन सकत हीं। अउर उ पचे ऊन स भी चीजन्क बुन सकत हीं। उ सबइ प्रकार क काम करइ सकत ह अउर सबइ प्रकार क डिज़ाइन बनाइ सकत ह।

Exodus 36

1 “ऍह बरे बसलेल, ओहोलीआब अउ सब चतुर मनई उ काम करिहीं जेनका यहोवा हुकुम दिहे अहइ। यहोवा इ मनइयन क ओन सबहिं काम करइ क बुद्धि अउ समझ दइ दिहे अहइ जेकर जरूरत इ पवित्तर ठउर क सेवा करइ बरे अहइ।” 2 तब मूसा बसलेल, ओहोलीआब अउ सबहिं दूसर मनइयन क बोलाएस जेनका यहोवा खास चतुराई दिहे रहा। अउर इ पचे आएन काहेकि इ काम मँ मदद करइ चाहत रहेन। 3 मूसा इस्राएल क उ कुसल मनइयन क उ सबहिं चीजन्क दिहेन जेनका इस्राएल क लोग उपहार क रूप मँ लइ आए रहेन। अउर उ पचे पवित्तर ठउर क बनवइ मँ उ चीजन्क बइपरेन। मनइयन रोज भिन्सारे भेंट लइ आवत रहेन। 4 तब सबहिं कुसल मनइयन पवित्तर ठउर क काम क अनजाम देइ बरे क जगह जमा भएन। अउर उ पचे मूसा स बात करइ गएन। उ पचे कहेन, 5 “लोग बहोत सारे चिजन लाए अहइँ, अउर हम पचन्क लगे ओसे बहोत जिआदा सामान अहइ जेतना कि उ काम क पूरा करइ बरे चाही जेका करइ क हूकुम यहोवा दिहस ह।” 6 तबहिं मूसा सिबिर मँ खबर क प्रचार कराएस: ‘कउनो मनसेधू या मेहरारू क अब कउनो भेंट पवित्तर तम्बू मँ न चढ़ाई चाही।” 7 इ तरह लोगन जेतना चाही ओसे जियादा देइ क बन्द कइ दिहेन।” 8 तब कुसल कारीगरन तम्बू बनउब सुरू किहेन। उ पचे नीला, बैगनी अउ लाल ओढ़ना अउ सन क उत्तिम रेसा स दस पर्दा बनाएन। अउर उ पचे करूब सरगदूतन क तस्वीरन क पर्दन प काढ़ेन। 9 हर एक पर्दा बराकर नाप क रही। इ अट्ठाइस हाथ लम्बी अउर चार हाथ चौड़ी रही। 10 कारीगरन पर्दन क दुइ भाग मँ बाँटि दिहेन। उ पचे पाँच ठु पर्दन क एक हींसा मँ जोड़ के पहिला समूह बनाएन। दूसर समूह क भी उ पचे पाँच ठू पर्दन क एक हींसा मँ जोड़के बनाएन। 11 पहली समूह क आखरी पर्दा क सिरा क संग फंदा बनइ बरे नीला कपड़ा प्रयोग भवा रहा। उ पचे दूसर समूह क आखरी पर्दा क संग भी उहइ काम करइ रहेन। 12 पहिले समूह क आखरी पर्दा क सिरा मँ पचास फंदा रहेन अउ दूसरे समूह क आखरी पर्दा क सिरा मँ भी पचास फंदा रहेन। फंदा एक दूसर क आमने सामने रहेन। 13 तब उ पचे पचास सोने क छल्ला बनाएन। उ पचे इ फलियन क दुइनउँ कनात क जोड़इ बरे लगाएन। इ तरह पवित्तर तम्बू क जोड़के एक हींसा बनाइ गएन। 14 तब कारीगरन दूसर तम्बू पवित्तर तम्बू क ढाँकइ बरे बनाएन। उ ग्यारह पर्दने बनावइ बरे बोकरी क बारन क प्रयोग किहेन। 15 सबहिं ग्यारह पर्दन एक ही नाप जोख क रहिन। उ सबइ तीस हाथ लम्बी अउ चार हाथ चैड़ी रहिन। 16 कारीगरन पाँच पर्दन क एक मँ सिएस अउ छ पर्दनन क दूसर मँ सिएस। 17 उ पचे पहिली समूह क आखिरी पर्दा क सिरा स जोड़इ बरे पचास फंदा बनाएन। अउ दूसर कनाते क समूह क आखरी कनाते क सिरा मँ भी पचास फली बनाएन। 18 कारीगरन पर्दन क दुई समूह क जोड़इ बरे पचास काँसा क छल्ला बनाएन अउर एक तम्बू बनाएस। 19 तबहिं उ पचे पवित्तर तम्बू क दुइ अउर ढकना बनाएन। एक ढकना भेड़ा क लाल रंग क खाल स बनाएन। दूसर ढकना उत्तिम खाले क बनाएन। 20 तब उ बबूर क लकड़ी क तखता पवित्तर तम्बू क सहारा देइ बरे लिहेस। 21 हर एक तखता दस हाथ लम्बा अउ डेढ़ हाथ चौड़ा बनाएन। 22 हर एक तखता क बगल मँ दुइ खूँटी एक दुसर स जुरइ रहिन। पवित्तर तम्बू क सबहिं तखता एक ही तरह क बना रहेन। 23 बेसलेल पवित्तर तम्बू क दक्खिनी हींसा बरे बीस ढाँचा बनाएस। 24 तब उ ढाँचा बरे चालीस चाँदी क आधार बनाएस। हर ढाँचा बरे दुइ आधार रहिन। एक आधार एक बगल क खम्भा बरे रहेन। 25 उ बीस तखता पवित्तर तम्बू क उत्तर कइँती भी बनाएस। उ चालीस चाँदी क आधार बनाएस अउ हर तखतन बरे दुइ ठु बनाएस। 26 उ हर ढाँचा क तले दुइ लगइवाला चाँदी क चालीस कुसीर् बनाएस। 27 उ पवित्तर तम्बू क पिछला हींसा (तम्बू क पस्चिमी भाग) कइँती छ: ठु तखता ल्या। 28 उ पवित्तर तम्बू क पिछला भाग क कोना बरे दुइ तखता ल्या। 29 इ सबइ तखता तरखाले एक दूसर स जोड़ा गवा रहेन। ऊपर मँ छल्ला तखता क कोना को साथ मँ जोड़त रहेन। दुइनउँ कोना बरे भी अइसा ही कीन्ह ग रहेन। 30 इ तरह हुवाँ पवित्तर तम्बू क पस्चिम भाग क बरे आठ तखता रहेन। हर एक ढाँचा क बरे दुइ आधार क हिसाब स सोलह चाँदी क आधार रहेन। 31 तब कारीगरन बबुरे क लकड़ी स ढाँचा क छड़ बनाएन। पवित्तर तम्बू क पहली कइँती बरे पाँच छड़ बनाएन। 32 अउर पाँच छड़ दूसर कइँती, पाँच छड़ पिछली भाग (पस्चिमी कइँती) बरे बनाएन। 33 उ पचे ओहमाँ बीच क छड़ अइसी तरह स बनाएन जउन ढाँचा मँ स एक छोर स दूसर छोर तलक गुजरत रहिन। 34 उ पचे इ तखतन क सोना स मढ़ेन। उ पचे छड़ क धरइ बरे सोना क छल्ला बनएन उ पचे कड़ियन क भी सोना स मढ़ेन। 35 उ सबइ सब ते जिआदा पवित्तर ठउर क दुआर बरे पर्दा बनाएन। उ पचे सन क उत्तिम रेस अउ नीला लाल अउ बैगनी कपड़ा बइपरेन। उ पर्दा मँ करूब सरगदूत क तस्वीर काढ़ेन। 36 उ पचे बबुरे क लकड़ी क चार खम्भा बनाएन अउ ओनका सोना स मढेन। उ पचे खम्भा बरे सोना क हुक बनाएन अउर खम्भा बरे चार चाँदी क आधार बनाएन। 37 तब उ पवित्तर तम्बू क दुआर बरे पर्दा बनाएन। उ पचे नीला, बैगनी अउ लाल कपड़ा अउर सन क उत्तिम रेसा बइपरेन। पर्दा कढ़ाइ क सामग्री स बनाए गए रहेन। 38 तब उ सबइ इ पर्दा बरे पाँच खम्भा अउ ओकर बरे हुक बनाएन। उ सबइ खम्भन क चोटी अउ पर्दन क छड़न क सोना स मढ़ेन। अउर उ पचे काँसा क पाँच आधार खम्भा बरे बनाएन।

Exodus 37

1 बसलेल बबुरे क लकड़ी स पवित्तर सन्दूख बनाएस। सन्द्रख ढाई हाथ लम्बा, डेढ़ हाथ चौड़ा अउ डेढ़ हाथ ऊँचा रहा। 2 उ सन्दूखे क भितरे अउ बाहेर दिवार क निखालिस सोना स मढ़ि दिहस। तब उ सोना क झालर सन्दूखे क चारिहुँ कइँती लगाएस। 3 फुन उ सोना क चार छल्ला बनाएस अउ ओनका चारिहुँ कोने प लगाएस। इ छल्लन क संदूख ढोवइ बरे बइपरा जात रहा। दुइनउँ कइँती दुइ दुइ छल्ला रहेन। 4 तब उ सन्दूखे क ढोवइ बरे लकरी क खम्भन क लगाएस। खम्भा बरे उ बबुरे क लकड़ी लगाएस, अउ खम्भन क सोना स मढ़ि दिहस। 5 उ संदूखे क हर सिरन प बना भवा छल्लन मँ खम्भन क डाइ दिहस। 6 तब उ निखालिस सोना स ढकना बनाएस इ ढाई हाथ लम्बा अउ डेढ़ हाथ चौड़ा रहा। 7 तब बसलेल सोना क पीट पीटके दुइ करूब बनाएस। उ ढकना क दुइनउँ छोर प करूब लगाएस। 8 उ एक करूब क एक अउ दूसर क दूसर कइँती लगाएस। करूब सरगदूतन क ढकना स एक बनावइ बरे जोड़ दीन्ह गवा। 9 सरगदूतन क पखना अकासे कइँती ऊपर उठाइ दीन्ह गएन। सरगदूतन आपन पखना स सन्दूखे क ढाँकि लिहन। सरगदूतन एक दूसर क समन्वा ढकना क लखत रहेन। 10 तब बसलेल बबुर क लकड़ी क मेज बनाएस। मेज दुइ हाथ लम्बी, एक हाथ चौड़ी अउ डेढ़ हाथ ऊँची रही। 11 उ मेज क निखालिस सोना स मढ़ेस। उ सोना क झालर मेज क चारिहुँ कइँती किहस। 12 तब उ मेज क चारिहुँ कइँती एक पट्टी बनाएस। इ पट्टी करीब चार अंगुल चौड़ा रहा। उ पट्टी प सोना क झालर बनाएस। 13 तब उ मेज बरे चार सोना क छल्ला बनाएस। उ मेज क चारिहुँ कोना प सोना क छल्ला लगाएस जहाँ चार ठु पाया रहेन। 14 छल्ला पट्टी क नगिचे लगा रहेन। छल्ला खम्भा मँ लगा रहेन जउन मेज क लइ जाइ मँ काम करत रहीं। 15 तब उ मेजे क ढोवइ बरे खम्भा बनाएस। इ खम्भा बबुरे क लकड़ी क रहिन। अउर ओन प निखालिस सोना मेढ़ भवा रहेन। 16 तब उ ओन चीजन्क बनाएस जउन मेज प काम आवत रहीं। उ थारी, चम्मच, परात, अउ घड़ा बनाएस। इ सब निखालिस सोना स बनवा भवा रहेन। खोरा अउ घड़ा क पेयबलि क देइ बरे बइपरा जात रहेन। 17 तब उ डीबट बनाएस। एकरे बरे उ सुद्ध सोना बइपरेस उ सोना क पीट पीट के आधार अउ डण्डा बनाएस। तब उ फूल, कली अउ पंखड़ी बनाएस। उ इ सब चीजन्क एक टुकड़ा मँ जोरि दिहस। 18 डीबट मँ छ: डारन रहिन। एक कइँती तीन डार अउ दूसर कइँती तीन डार रहेन। 19 हर डारे प तीन फूल रहेन। इ फूल बदाम क फूल क सकल क बना रहेन। अउर ओहमाँ कली अउ पंखुड़ी रहिन। 20 डीबट क डंडा प चार फूल रहेन। इ सबइ कली अउ पंखुड़ी क संग बदाम पूल क सकल क बनवा रहेन। 21 हुवाँ छ: डार रहेन-डण्डा क दुइनउँ किनारा स तीन-तीन डार निकलत रहेन। हुआँ एक पूल कली अउ पंखड़ी क संग उ तीनउँ जगह क नीचे जहाँ डार जुड़त रहा, रहेन। 22 इ सबहिं कली अउ डार अउ डीबट निखालिस सोना क बनी रहिन। इ समूचइ सोना क पटिके एक ही मँ जोड़ दीन्ह ग रहा। 23 उ इ डीबट क बरे सात दिया बनाएस तब उ तस्तरी अउ चिमटा बनाएस। हर चीजन्क क निखालिस सोना स बनाएस। 24 उ लगभग पचहत्तर पौण्ड निखालिस सोना डीबट अउ ओकर संग प्रयोग मँ आवइवाली चीजन क बनावइ बरे प्रयोग किहेस। 25 तब उ धूप क जलाइ बरे वेदी बनाएस। उ एका बबुरे क काठे क बनाएस। इ वेदी चउकोर रही। इ एक हाथ लम्बी, एक हाथ चौड़ी अउर दुइ हाथ ऊँची रही। वेदी प चार सीगं रहेन। हर एक कोना प एक ठु सीगं लगा भवा रहेन। इ सीगंन्क वेदी क संग एक इकाई बनवइ बरे जोड़ दीन्ह ग रहा। 26 चोटी, सबहिं बगल अउ सींगन्क निखालिस सोना स मढ़ेस। तब उ वेदी क चारिहुँ कइँती सोना क झालर बनाएस। 27 उ सोना क दुइ छल्ला वेदी बरे बनाएस। उ सोना क छल्लन वेदी क हर कइँती झालर क तरे राखेस। इ छल्लन मँ वेदी ढोवइ बरे डण्डा डाई जात रहीं। 28 तब उ बबुरे क काठे क खम्भन बनाएस अउ ओनकइ सोना स मढ़ेस। 29 तब उ अभिसेक क पवित्तर तेल बनाएस। उ निखालिस महकउआ धूप भी बनाएस। इ चीजन्क उहइ तरह बनावा गवा जउने तरह कउनो कुसल महकाउआ बनवइया बनावत ह।

Exodus 38

1 तब बसलेल बबुरे क काठ वेदी बनवई बरे बइपरेस। इ वेदी भेंट क बारइ बरे काम मँ आवत रही। इ चउकोर रही। इ पाँच हाथ लम्बी, पाँच हाथ चौड़ी अउ तीन हाथ ऊँच रही। 2 उ हर एक कोना प एक सींग बनाएस। उ सींगन क वेदी क संग जोड़ दिहस। तब उ हर चीज क काँसा स ढाँकि दिहस। 3 तब उ वेदी प बइपरइ वाला सबहिं अउजार बनाएस। उ बर्तनन, बेलचन, खोरन, माँस खाइ बरे काँटन अउ कड़ाहियन बनाएस। उ इ चीजन्क क काँसा स बनाएस। 4 तब उ वेदी बरे एक ठू काँसा क जाली बनएस। इ जाली जाल क तरह रही। इ ओका वेदी क पायदाने क नीचे लगाएस। इ वेदी क पेंदी स वेदी क आधा ऊँचाइ तक रहा। 5 तब उ काँसे क छल्ला बनाएस अउर ऍका जाली क चारिहुँ कोना मँ लगाइ दिहस। इ छल्ला वेदी क ढोवइ बरे खम्भन क फँसावइ क काम आवत रहेन। 6 तब उ बबुरे क काठे क खम्भन बनाएस अउ ओनका काँसा स मढ़ेस। 7 खम्भन वेदी क बगल मँ लाग भवा छल्लन मँ स लगइके वेदी क ढोवइ क काम बरे लगाएस। उ वेदी क किनारा बनावइ बरे तखता बइपरेस। वेदी भीतर स खोखल खाली संदूखे क तरह रही। 8 जउन मेहररूअन पवित्तर बइठकावाला तम्बू क प्रवेस दुआर प जमा भवा रहिन आपन काँसा क दरपन दइ दिहन। बसलेल इ दरपन क काँसा स हाथ धावइ क पात्र अउ एकर आधार बनाएस। 9 तब उ आँगन क चारिहुँ कइँती पर्दा क दीवार बनएस। दक्खिन कइँती पर्दा क दीवार एक सौ हाथ लम्बी रही। इ पर्दा सन क उत्तिम रेसा क बना रहा। 10 दक्खिनी कइँती क पर्दन बीस खम्भन क सहारे प टिका रहेन। इ खम्भन काँसा क बीस आधारन प टिका रहेन। खम्भन अउ पर्दा क छड़ा बरे हुक चाँदी क बनी रहेन। 11 आँगन क उत्तर कइँती पर्दा क दीवार एक सौ हाथ लम्बी रही। बीस खम्भन अउ काँसा क बीस आधारन भी बनई गइन। खम्भन अउ पर्दा क छड़ा बरे हुक चाँदी क रहिन। 12 आँगन क पस्चिमी कइँती पर्दा क दीवार पचास हाथ लम्बी रही। हुवाँ दस खम्भन अउ दस आधारन रहिन। खम्भन बरे हुक अउ पर्दा क छड़ा चाँदी क बनावा ग रहेन। 13 अँगने क पूवीर् किनारा पचास हाथ चौड़ी रही। अँगने क प्रवेस दुआर इहइ तरफ रहा। 14 प्रवेस दुआर क एक कइँती पर्दा क दीवार पन्द्रह हाथ लम्बी रही। इस तरफ तीन खम्भन अउ तीन आधार रहीं। 15 प्रवेस दुआर क दूसर कइँती क पर्दा पन्द्रह हाथ लम्बी रहेन। उस तरक भी तीन खम्भन अउ तीन आधारन रहेन। 16 आँगन क चारिहुँ कइँती क पर्दा सन क उत्तिम रेसा क बनी रहीं। 17 खम्भन क आधार काँसा क बनी रही। हुक अउ कनात क छड़ा चाँदी क बना रहा। खम्भन क चोटी भी चाँदी स मढ़ा रहा। आँगन क सबहिं खम्भन चाँदी स बना भवा छड़ा क संग रहेन। 18 आँगन क प्रवेस दुआर क पर्दा सन क उत्तिम रेसा अउ नीला लाल अउ बैगनी कप़ड़ा क बना रहा। एह प कढ़ाई कीन्ह गइ रही। कनात बीस हाथ लम्बा अउ पाँच हाथ ऊँच रही। इ उहइ उँचाई क रही जउने उँचाई क आँगन क चारिहुँ कइँती क कनात रहीं। 19 कनात चार खम्भन अउ चार काँसा क आधारन प ख़ड़ी रही। खम्भा क हुक चाँदी क बनी रही। खम्भा क सिरा चाँदी स मढ़ा रहा अउ पर्दा क छड़ भी चाँदी स मढ़ा रहा। 20 पवित्तर तम्बू अउ आँगन क चारिहुँ कइँती क खूँटी काँसा क बनी रहीं। 21 मूसा सबहिं लेवी मनइयन क हुकुम दिहेस कि उ पचे पवित्तर तम्बू करार क तम्बू क बनवइ मँ काम आवइ वाली चीजन्क क लिखि ल्या। हारून क पूत ईतामार इ सूची रखइ क अधिकारी रहा। 22 यहूदा क परिवार समूह स हुर क बेटवा उरी क बेटवा बसलेल सबहिं चीजन्क बनाएस जेनके बरे यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 23 दान क परिवार समूह स अहीसामाक क पूत ओहोलीआब भी ओकर सहायता किहेस। ओहोलीआब एक कुसल सिल्पकार अउ ड़िजाइनर रहेन। उ सन क उत्तिम रेसा अउ नीला, बैगंती अउ लाल कपड़ा बुनइ मँ बहोत कुसल रहा। 24 दुइ टन स जिआदा सोना पवित्तर ठउर बनवइ बरे यहोवा क भेंट कीन्ह ग रहा। (इ मंदिर क मान्नता स तौला ग रहा।) 25 कुल मनई जउन गना ग रहेन, पौने चार टन स जिआदा चाँदी दिहन। (इ मन्दिर क मान्नता स तौला ग रहा) 26 सबइ मनइयन जउन बीस बरिस या ओसे जिआदा उमिर क रहेन, उ पचे गना गएन। एनकइ संख्या 6,03,550 रहेन। अउ हर एक मनई क एक बेका चाँदी कर क रूप देइ क भवा। (पवित्तर क अनुसार एक बेका आधा सेकेल क बराबर रहा।) 27 उ सबइ पौने चार टन चाँदी क प्रयोग पवित्तर तम्बू क एक सौ आधार बनवइ बरे अउ कनात बनवइ बरे किहन। उ पचे पचहत्तर पौण्ड चाँदी हर एक आधार मँ लगाएन। 28 दूसर पचास पौण्ड चाँदी क प्रयोग हुक कनाते क छड़ा अउ खम्भन क सिरा क ढाँकइ बनवइ बरे किहेन। 29 साढ़े छब्बीस टन स जिआदा काँसा यहोवा क भेंट चढ़ावइ बरे भवा। 30 उ काँसा क प्रयोग बइठकावाला तम्बू क प्रवेस दुआर क आधार बनवइ मँ भवा। उ पचे काँसा क प्रयोग वेदी अउ काँसा क जाली बनवइ मँ भी किहेन। अउर उ काँसा सब अउजार अउ वेदी क बतर्नन क बनवइ क काम मँ आवा। 31 एकर प्रयोग चारिहुँ कइँती कनाते क आधार अउ आँगन क चारिहुँ कइँती प्रवेस दुआर क आधारन क पर्दन बनवइ बरे भवा। अउर बचा भवा काँसा क प्रयोग पवित्तर तम्बू क खँटियन अउर आँगन क चारिहुँ कइँती क पर्दन क बनवइ बरे भवा।

Exodus 39

1 कारीगरन नीला, लाल अउ बैगनी ओढ़ना क खास बस्त्र याजक बरे बनाएन जेनका उ पचे पवित्तर ठउर मँ सेवा क समइ पहिरहीं। उ पचे हारून बरे वइसा ही खास बस्त्र बनाएन जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहेन। 2 उ पचे याजक क एपोद सोना क तार, सन क उत्तिम रेसा अउ नीला, लाल अउर बैगनी कपड़ा स बनाएस। 3 (उ पचे सोना क पातर पत्तर क तरह पीटेन अउर तब उ पचे ओका लम्बा धागा क रूप मँ काटेन। उ पचे सोना क नीला, बैगनी, लाल कपड़ा अउ सन क उत्तिम रेसा मँ बुनेन। इ काम क कुसल कारीगरन क तरह किहेन।) 4 उ पचे एपोद बरे काँधे क पट्टी बनएन। उ पचे एपोद क काँधे क कपड़ा क दुइनउँ कोना स मिलाइके सिएन। 5 उ पचे कमर क पेटी बुनेन अउ एकॉ एपोद स जोड़ेन। एकॉ एपोद क बनावट क तरह बनाएन। उ सोनहरा धागा, बढ़िया सन क रेसा अउ नीला, बैगंनी अउर लाल धागा जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन वइसा ही कपड़ा बनाएन। 6 कारीगरन सोने क पत्तर मँ गोमेद मणि एपोद बरे जोड़ेन। उ पचे इ रत्न प इस्राएल क बेटवन क नाउँ लिखेन। 7 तब उ पचे रत्नन क एपोद क काँधे प लगाएन। इ रत्न इस्राएल क लोगन बरे यादगारी क रत्न रहेन। इ उहइ कीन्ह ग रहेन जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 8 तब उ पचे निआव क थइला उहइ कुसल कारीगर क दुआर बनावा ग रहा जउन एपोद बनाएस रहा। इ सोना क तार, सन क उत्तिम रेसा अउ नीला, लाल अउ बैगनी कपड़ा क बनावा ग रहा। 9 निआव क थइला चउकोर दोहराइके तह कीन्ह भवा रहा। एक बित्ता लम्बा अउ एक बित्ता चौड़ा रहा। 10 कारीगरन एह प सुन्नर रत्नन क चार लाइन जड़ेन। पहली लाइन मँ एक लाल, एक पुखराज अउ एक मकर्तमणि रही। 11 दूसर लाइन मँ एक फिरोज, एक नीलम अउ एक पन्ना रहा। 12 तीसरी लाइन मँ एक गोमेद, एक अकीक अउ एक आकूत रहा। 13 चौथी लाइन मँ एक लहसुनिया, एक सेसमणि अउ एक कपिस मणि रही। इ सबहिं रत्न सोना मँ जड़ा रहेन। 14 निआव क थइला मँ बारह रत्न रहेन। इ बारह रत्न प इस्राएल क बेटवन क नाउँ उहइ तरह लिखा ग रहेन जइसा एक कारीगर मोहर प खोदत ह। हर एक रत्न प इस्राएल क बारहु बेटवन मँ स एक क नाउँ रहेन। 15 निआव क थइला बरे निखालिस सोना क जंजीर बनावइ गएन। इ लसुरी क नाई बटी गइ रहिन। 16 कारीगरन सोना क दुइ छल्ला बनाएस अउ उ पचे दुइनउँ छल्ला क निआउ क थइला क दुइनउँ कोना प लगाएन। उ पचे काँधा क पट्टा बरे दुइ दू सोना क सेट भी बनाएस। 17 तब उ पचे दुइ सोना क जंजीरन क निआव क थइला क कोना क दुइनउँ छल्लन मँ बाँधेस। 18 उ पचे सोना क जंजीरन क दूसर सिरन क काँधा क दुइनउँ पट्टियन स बाँधने। तब उ पचे ऍका एपोद क समन्वा जोड़ेस। 19 तब उ पचे दुइ अउर सोना क छल्ला बनाएन अउर निआउ क थइला क दूसर कोने प ओनका लगाएस। इ एपोद क निअरे निआव क थइला क अन्दरोनी किनारा मँ रहेन। 20 उ पचे एपोद क समन्वा कइँती काँधे क पट्टी क तले दुइ छल्ला लगाएन। इ छल्लन क जोड़न क नगिचे ठीक कमर पेटी क ऊपर रहेन। 21 तब उ पचे एक ठु नीली पट्टी बइपरेन अउ निआउ क थाइला स छल्लन क एपोद क छल्लन स बाँधेन। इ तरह निआव क थइला पेटी क नगिचे लाग रहा अउ इ गिर नाहीं सकत। उ पचे इ सब चीजन्क यहोवा क हुकुम क मुताबिक किहेन। 22 तब उ पचे एपोद बरे नीला कपड़ा स चोगा बनाएन। इ एक कुसल व्यक्ति दुआरा बुना गएन। 23 चोगा क बीचउ बीच एक छेद रहा। इ छेद क चारिहुँ कइँती कपड़ा क टुकड़ा लाग रही। इ कपड़ा छेद क फाटइ स बचावत रही। 24 तब उ पचे सन क उत्तिम रेसा, नीला, लाल अउ बैगंनी कपड़ा स अनार बनाएन। उ पचे ओनका क चोगा क खाले कोना प चारिहुँ कइँती लटकाएन। 25 तब उ पचे निखालिस सोना क घण्टी बनाएन। उ पचे अनारन क बीच मँ चोगा क खाले सिरा क चारिहुँ कइँती घण्टी क बाँधेन। 26 चोगा क सिरा क चारिहुँ कइँती घण्टी अउ अनार रहेन। हर दुइ अनारे क बीच एक घण्टी रही। याजक उ चोगा क तब पहिरत रहा जब उ यहोवा क सेवा करत रहा, जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 27 कुसल कारीगर हारून अउ ओकरे बेटवन बरे कमीज बनाएन। इ कमीज सन क उत्तिम रेसा स बना रहेन। 28 कारीगर लोग उत्तिम सन क रेसन स पगड़ी बनएन। उ पचे सिर क पगड़ी अउ भीतर पहिरइवाला कपड़ा भी सन क उत्तिम रेसा स बनाएस। 29 तब उ पचे कमरबन्द क सन क उत्तिम रेसा, नीला, बैगंनी अउ लाल कपड़ा स बनाएन। कपड़ा मँ कढ़ाई कीन्ह ग रहेन। इ चीजन क वइसे ही बनाइ गइन जइसे यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 30 तब उ पचे पवित्तर मुकुट बरे सोना क पत्तर बनाएन। उ पचे सोना प इ सब्द लिखेन: “यहोवा बरे पवित्तर”। 31 तब उ पचे पतरा स एक नीली पट्टी बाँधेन अउ पट्टी क पगड़ी चारिहूँ कइँती इ तरह बाँधेन जइसा यहोवा मूसा हुकुम दिहे रहेन। 32 इ तरह “बइठकावाला पवित्तर तम्बू” क सारा काम पूरा होइ गवा। इस्राएल क मनइयन हर चीज ठीक वइसे ही बनाएन जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 33 तब उ पचे “बइठकावाला तम्बू” मूसा क देखाएन। उ पचे ओका तम्बू अउर ओहमाँ क सब चीजन्क देखाएन। उ पचे ओका तखता, ढाँचन, छड़न, खम्भन अउर आधारन क देखाएन। 34 उ पचे ओका बइठकावाला तम्बू क ढकना देखाएन जउन लाल रंगी भइ भेड़ा क खाल क बना रहा। अउर उ पचे उ ढकना देखॉएन जउन नरम खाल क बना रहा। अउर उ पचे उ कनात देखॉएन जउन सब स जिआदा पवित्तर ठउर क प्रवेस दुआर क ढकत रही। 35 उ पचे मूसा क करार क सन्दूख देखाएन। उ पचे सन्दूखे क ढोवइवाली खम्भन अउ सन्दूखे क ढकइवाला ढकना क देखाएन। 36 उ पचे खास रोटी क अउ मेज प रखइवाली सबहिं चीजन्क देखाएन। 37 उ सबइ निखालिस सोना क डीबट अउ ओहँ प धरा भवा सब दिया क देखाएन। उ पचे तेल अउ दूसर सब चीजन्क देखाऍन, अउ दूसर सबहिं चीजन्क जउन दिया क संग बइपरी जात रहीं। 38 उ पचे मूसा क सोना क वेदी, अभिसेक क तेल महकउआ धूप, अउ बइठकावाला तम्बू क प्रेवस दुआर क ढकइवाली कनात क देखाऍन। 39 उ पचे काँसा क वेदी अउर काँसा क जाली क देखाएन। उ पचे वेदी क ढोवइ बरे बनी भइ खम्भन क मूसा क देखाएन। अउर उ सबइ ओका उ सबहिं चीजन्क देखाएन जउन वेदी प काम मँ आवत रहीं। उ पचे ओका हाथ धोवइवाला पात्र अउ एकर आधार क देखाएन। 40 उ पचे मूसा क आँगने क चारिहुँ कइँती क कनाते क खम्भा अउर आधार क देखाएन। उ पचे ओका उ कनात क देखाएन जउन आँगन क प्रवेस दुआर क ढँाके रही। उ पचे ओका लसुरी अउ बइठकावाला तम्बू क खूँटी देखाएन। उ पचे पवित्तर तम्बू मँ ओका सबहिं चीजन्क देखाएन। 41 तबहिं उ पचे मूसा क पवित्तर ठउर मँ सेवा करइवालन याजकन बरे बना ओढ़ना क देखाएन। उ पचे ओका हारून अउ ओकर पूतन बरे बना भवा खास बस्त्र देखाएन। उ पचे उ वस्त्र क तब पहिरत रहेन जब उ पचे याजकन क रूप मँ सेवा करत रहेन। 42 यहोवा मूसा क जइसा हुकुम दिहेस, इस्राएल क मनइयन ठीक सब काम उहइ तरह किहेन। 43 मूसा सब कामे क धियान स लेखस। मूसा लखेस कि सब काम ठीक उहइ तरह भवा जइसा यहोवा हुकुम दिहे रहेन। ऍह बरे मूसा ओनका आसीर्बाद दिहेस।

Exodus 40

1 तब यहोवा मूसा स कहेस, 2 “पहिले महीना क पहिला दिन बइठकावाला पवित्तर तम्बू क खड़ा करा। 3 करार क सन्दूख क पवित्तर तम्बू मँ धरा। सन्दूख क समन्वा पर्दा क रखा 4 तब खास मेज क भीतर लइ आवा। जउन सामान मेज प होइ चाही ओनकइ ओह प धरा। तब डीबट क बइठकावाला तम्बू मँ धरा। दिया क डीबट मँ रख एका कइ उचित जगहन पइ धरा। 5 सोना क वेदी क धूप क भेंट बरे बइठकावाला तम्बू मँ धरा। वेदी क करार क सन्दूखे क समन्वा धरा। तब कनात क पवित्तर बइठकावाला तम्बू क प्रवेस दुआर प लगावा। 6 “बरी भई भेंट क वेदी क पवित्तर तम्बू क प्रवेस दुआर प धरा। 7 काँसा क हउदा क बइठकावाला तम्बू अउ वेदी क बीच धरा। हउदा क पानी स भरि द्या। 8 अंगना क चारिहुँ कइँती कनात लगावा। तबहि आंगन क प्रवेस दुआर प कनात लगावा। 9 “अभिसेक क तेल स पवित्तर तम्बू अउ ऍकर हर एक चीज क अभिसेक करा। जबहिं तू इ चीजन प तेल नउब्या इ पवित्तर होइ जाब। 10 होमबलि बरे वेदी क अभिसेक करा। वेदी क हर एक चीज क अभिसेक करा। तू वेदी क पवित्तर करब्या। इ सबन त जियादा पवित्तर होइ जाब। 11 तब खोरा अउ ऍकर आधार क अभिसेक करा। अइसा उ चीजन्क पवित्तर करइ बरे करा। 12 “हारून अउ ओकरे पूतन क बइठकावाला तम्बू क प्रवेस दुआर प लावा। ओनका पानी स नहवावा। 13 तब हारून क खास पोसाक पहिरावा। तेल स ओकर अभिसेक करा अउर ओका पवित्तर करा। तबहिं उ याजक क रूप मँ मोर सेवा कइ सकत ह। 14 तउ ओकर पूतन क पोसाक पहिरावा। 15 पूतन क अभिसेक वइसा ही करा जइसे ओकरे बाप क अभिसेक किहा ह। तबहिं उ पचे याजकन क रूप मँ मोर सेवा कइ सकत हीं। जब तू ओनका अभिसेक करिब्या, उ पचे याजकन होइ जइहीं। उ परिवार भविस्स मँ हमेसा याजकन रहइ हीं।” 16 मूसा यहोवा क हुकुम मानेस। उ इ सब किहस जेका यहोवा हुकुम दिहे रहेन। 17 इ तरह पवित्तर तम्बू दूसर बरिस क पहिले महीना क पहिले दिन बनइ दीन्ह गवा जउन टेमॅ उ पचे मिस्र क तजि दिहे रहेन। 18 मूसा पवित्तर तम्बू क यहोवा क हुकुम क मुताबिक खड़ा किहेस। पहिले उ आधारन क नीचे धरेस। तउ उ तखता क आधारन प धरेस। उ छड़न क लगएस अउर खम्भन क खड़ा किहेस। 19 ओकरे पाछे मोसा बाहरी तम्बू क पवित्तर तम्बू क ऊपर फइलाएस। एकरे पाछे उ बाहरी तम्बू प दूसर ढकना धरेस। उ इ यहोवा क हुकुम क मुताबिक किहेस। 20 मूसा करार लिखा भवा उ दुइ पाथरन क पाटी क लिहेस अउ ओनका सन्दूखे मँ धरेस। मूसा खम्भन क सन्दूखे मँ लगाएस। तबहिं उ सन्दूखे प ढकना धरेस। 21 तब्बइ मूसा सन्दूखे क पवित्तर तम्बू मँ धरेस। उ पर्दा क नीक ठउरे प आड़ करइ बरे लगाएस। इसी प्रकार यहोवा क हुकुम क मुताबिक उ करार क सन्दूख क पर्दा क पीछे कइके आड़ मँ कइ दिहेस। 22 तब मूसा खास रोटी क मेज क बइठकावाला तम्बू मँ धरेस। उ ऍका पवित्तर तम्बू क उत्तर कइँती रखेस। उ इ पर्दा क समन्वा रखेस। 23 तबहिं उ यहोवा क समन्वा रोटी मेज प धरेस। इ उ वइसा ही किहेस जइसा यहोवा हुकुम दिहे रहेन। 24 तब मूसा डीबट क बइठकावाला तम्बू मँ धरेस। उ डीबट क तम्बू क दक्खिन मँ मेज क पार धरेस। 25 तब मूसा यहोवा क समन्वा डीबटे प दिया रखेस। उ इ यहोवा क हुकुम क मुताबिक किहेस। 26 तबहिं मूसा सोना क वेदी क बइठकावाला तम्बू मँ धरेस। उ सोना क वेदी क पर्दा क समन्वा धरेस। 27 तब उ सोना क वेदी प महकउआ धूप बारेस। उ वइसा ही किहेस जइसा यहोवा ओका हुकुम दिए रहेन। 28 तब मूसा पवित्तर तम्बू क दुआरे कनात लगाएस। 29 मूसा बची भइ भेंट क वेदी क पवित्तर तम्बू क प्रवेस दुआर प धरेस। तबहिं मूसा एक होमबलि भेंट उ वेदी प चढ़ाएस। उ अन्नबलि भी यहोवा क चढ़ाएस। उ इ सब चीजन्क यहोवा क हुकुम क मुताबिक किहेस। 30 तब मूसा बइठकावाला तम्बू अउ वेदी क बीच काँसा क खोरा धरेस। उ खोरा मँ पानी धोबइ बरे धरेस। 31 मूसा, हारून अउ हारून क बेटवन आपन हाथ पैर धोवइ बरे इ खोरा क बइपरेन। 32 उ पचे हर दाईर् जब बइठकावाला तम्बू मँ प्रवेस करतेन तउ आपन हाथ पैर धोवतेन। जब उ पचे वेदी क नगिचे जातेन तब भी हाथ पैर धोवतेन। उ पचे ऍका वइसा ही करतेन जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहेन। 33 तब मूसा पवित्तर बइठकावाला तम्बू क आँगन क चारिहुं कइँती कनात खड़ी किहेस। मूसा वेदी क आँगन मँ धरेस। तब उ अँगने क प्रवेस दुआर प कनात लगाएस। इ तरह मूसा उ सबहिं काम क पूरा किहेस जेका करइ क यहोवा हुकुम दिहे रहेन। 34 तब बादर बइठकावाला तम्बू क ढाँकि लिहस। अउर यहोवा क महिमा पवित्तर तम्बू क भरि द्या। 35 मूसा बइठकावाला तम्बू मँ ऍह बरे नाहीं घुसि सका काहेकि बादर ऍह पइ उतरि आए रहेन अउ यहोवा क महिमा स पवित्तर तम्बू भरि ग रहेस। 36 इ उहइ बादर रहा जउन मनइयन क इसारा किहेस कि कब चलइ क अहइ। जब बादर पवित्तर तम्बू स उठत तब इस्राएल क मनइयन चलब सुरू कइ देतेन। 37 मुला जब बादर पवित्तर तम्बू प ठहर जात तउ मनइयन चलइ क कोसिस नाहीं करत रहेन। लोगन उहइ जगह पइ तब तलक रहतेन जब तलक बादर तम्बू मँ रहतेन। 38 ऍह बरे दिन भइ बादर पवित्तर तम्बू मँ रहतेन। अउर राति मँ बादर आगी क नाई परगट होतेन। ऍह बरे इस्राएल क सबहिं मनइयन आपन पूरा जात्रा मँ बादर क लखि सकतेन।

Leviticus 1

1 यहोवा परमेस्सर मूसा क मिलापवाला तम्बू स बोलाएस अउ ओसे कहेस। यहोवा कहेस, 2 “इस्राएल क मनइयन क निदेर्स द्या कि जब तू लोगन मँ स कउनो मनई यहोवा बरे भेंट लइ आवइ तउ उ ओकर झुण्ड या खरका स होइ चाही। 3 “अगर कउनो मनई आपन झुण्ड मँ स कउनो क होमबलि देइ तउ उ नर होइ चाही अउ गोरु मँ कउनो दोख नाहीं होइ चाही। उ मनई क चाही कि गोरु क मिलापवाला तम्बू क दुआरे प लइ जाइ। तब यहोवा भेंट क अंगीकार करी। 4 इ मनई क आपन हाथ क गोरु क मूँड़ि प धरइ चाही। जब एकॉ बलि दीन्ह जाइ क होइ। यहोवा होमबलि क ओकर पाप बरे प्रायस्चित क खातिर अंगीकार करी। 5 “मनई क चाही कि बछवा क यहोवा क समन्वा मारइ। तब हारून क याजक बेटवन क बछवा क रकत मिलापवाला तम्बू क दुआरे प वेदी क चारिहुँ कइँती बहावइ चाही। 6 याजक उ गोरु क चाम हटाइ देइ अउ ओका टूका मँ काटी। 7 हारून क याजक बेटहनन क वेदी प काठ अउ आगी धरइ चाही। 8 हारून क याजक बेटहनन क उ सबइ टूकन, (मूँड़ि अउ चबीर्र्) क काठे प धरइ चाही। उ काठ वेदी प आगी क ऊपर होत ह। 9 “याजक क गोरू क भितरे क हींसा अउ गोड़ी क पानी स धोवइ चाही। तब याजक क गोरू क इ सबइ हींसा क वेदी प बारइ चाही। इहइ होमबलि अहइ यानी एक ठु उपहार, यहोवा क खुस करइ बरे एक ठु सुगन्ध। 10 “अगर कउनो मनई भेड़ी या बोकरी क होमबलि चढ़ावइ तउ उ एक अइसा नर गोरु क भेंट देइ जेहमाँ कउनो दोख न होइ। 11 उ मनई क वेदी क उत्तर कइँती यहोवा क समन्वा गोरु क मारइ चाही। हारून क याजक बेटवन वेदी क चारिहुँ कइँती रकत छिड़कइ चाही। 12 तब याजक क चाही कि उ गोरु क टूकन मँ काटइ। गोरु क मूँड़ी अउ चबीर् काठे क ऊपर सिलसिला स धरइ चाही। काठ वेदी प आगी क ऊपर रहत ह। 13 याजक क गोरु क भीतर क हींसन क अउ ओकरे गोड़े क पानी स धोवइ चाही। तब याजक क चाही कि उ गोरु क इ सबहिं हींसन क वेदी प बारइ। इ होमबलि अहइ यानी एक ठु उपहार यहोवा क खुस करइ बरे एक ठु सुगन्ध। 14 “अगर कउनो व्यक्ति यहोवा क एक ठु पंछी होमबलि क रूप चढ़ावत ह तउ इ पंछी फाख्ता या नान्ह कबूतर होइ चाही। 15 याजक भेंट क वेदी प लिआइ। याजक पंछी क मूँड़ि क काट देइ। तब उ पंछी क वेदी प बारी। पंछी क खून वेदी कइँती बहइ चाही। 16 याजक क पंछी क गटइ क थइली अउ ओकरे पखना क वेदी क पूरब कइँती लोकइ देइ चाही। इ उहइ जगह अहइ जहाँ उ पचे वेदी स निकारिके राखी रखई जात हीं। 17 “तब याजक क पखना क लगे पंछी क जरूर काटइ चाही, मुला पंछी क दुइ हींसा मँ नाहीं बाँटइ चाही। याजक क वेदी क ऊपर आगी प धरी काठे क ऊपर पंछी क जरूर बारइ चाही। इ होमबालि अहइ यानी एक ठु उपहार, यहोवा क खुस करइ बरे एक ठु सुगन्ध।

Leviticus 2

1 “जब कउनो मनई यहोवा क अन्न बलि चढ़ावइ तउ ओकर भेंट पातर आटा क होइ चाही। उ मनई उ आटे प तेल नावइ अउ ओह प लोहबान धरइ। 2 तब उ ऍका हारून क याजक बेटवन क लगे जरूर लिआवइ चाही। तब याजक तेल अउ लोहबान स मिला भवा एक मूठी आटा लेइ अउर एकॉ वेदी प स्मृति भेंट क रुप मँ बारइ देइ। इ यहोवा बरे एक भेंट एक सुहावना सुगन्ध होइ। 3 बची भई अन्नबलि हारून अउ ओकरे पूतन बरे होइ। इ भेटं यहोवा क दीन्ह जाइवाली भेंटन मँ स सब त परमपवित्तर होइ। 4 “जबहिं तू चूल्हा मँ पकी भइ अन्नबलि क भेंट लिआवा तउ इ बे खमीरे तेल मिला भवा बढ़िया आटा क फुलका या ऊपर स तेल डावा भवा बिना खमीरा क पतला केक होइ चाही। 5 अगर तू भूँजइ वाली कड़ाही स अन्नबलि लिआवत ह तउ इ तेल स मिला भवा बे खमीरे क गेहूँ क बढ़ियाँ आटा क केक होइ चाही। 6 तोहका ऍका टूका कइके कइउ हींसा मँ तोड़इ चाही अउ ऍन प तेल चुपरइ चाही। इ अन्नबलि अहइ। 7 अगर तू अन्नबलि क भूँजइ वाली कड़ाही स लिआवत ह तउ इ तेल स मिला भवा गेहूँ क बढ़ियाँ आटा क होइ चाही। 8 “तू इ चीजन स बनी अन्नबलि यहोवा खातिर लइ अउब्या। तू इ चीजन क याजक क लगे लइ अउब्या अउ उ ओनका वेदी प धरी। 9 फिन याजक उ अन्नबलि मँ स ऍकर कछू हींसा लइके ओका स्मृति भेंट क रुप मँ वेदी प बारि देइ। अउर इ एक ठु उपहार, यहोवा क खुस करइ बरे एक ठु सुगन्ध होइ। 10 बची भइ अन्नबलि हारून अउ ओकरे बेटवन बरे होइ। इ भेंट यहोवा बरे चढ़ाई जाइवाली भेंटन मँ स परमपवित्तर होइ। 11 “तोहका यहोवा क खमीर स या मधु स बना भवा अन्नबलि क भेंट क रूप मँ नाहीं चढ़ावइ चाही। 12 तू पहिली फसल क खमीर स बना भवा अन्न भेंट यहोवा बरे भेंट क रूप मँ लाइ सकत ह, मुला एका खुस करइ बरे सुगन्ध क रुप मँ वेदी प बारइ नाहीं चाही। 13 तोहका आपन लिआइ भइ हर एक अन्नबलि प नोन भी जरूर धरइ चाही। यहोवा स तोहरे करार क मुताबिक नोन क जरूरत क अनुसार अन्नबलि मँ धरइ स तोहका नाहीं रोकइ चाही। तोहका आपन सबहिं भेंटन प नोन धरइ चाही। 14 “अगर तू पहिली पकी फसल स अन्नबलि लिआवत ह तउ तोहका भूँजी भइ ताजा अनाज लिआवइ चाही। इ अनाजे क दरिके नान्ह नान्ह टूकन मँ तोरा जाइ चाही। इ भेंट तोहार पहिली पकी फसल क जइसा अन्नबलि होइ। 15 तोहका ऍह प तेल नावइ अउ लोहबान जरूर धरइ चाही। इ अन्नबलि अहइ। 16 अउर याजक क चाही कि उ स्मृति भेंट क रुप मँ दरा भवा अनाजे क कछू हींसा, तेल अउ ऍह पइ धरा पूरा लोहबान क बारइ। इ यहोवा बरे उपहार होइ।

Leviticus 3

1 “अगर कउनो मनई आपन झुण्ड मँ स एक ठु नर या मादा जनावर यहोवा क समन्वा मेलबलि क रूप मँ भेंट चढ़ावत ह तउ ओहमाँ कउनो दोख नाहीं होइ चाही। 2 इ मनई क आपन हाथ गोरु क मूँड़ि प जरूर धरइ चाही। मिलापवाला तम्बू क दुआरे प उ मनई क जरिये उ गोरु क जरूर मारि डावइ चाही। तब हारून क याजक पूतन क वेदी क चारिहुँ कइँती रकत बहावइ चाही। 3 मेल बलि मँ स यहोवा क उपहार क रूप मँ भीतरी हींसन क ढाँपइ वाली अउ भितरे क हींसा मँ रहइवाली चबीर् क भेंट जरूर चढ़ावइ चाही। 4 ओका दुइनउँ गुर्दन अउर ओका ढाँकइ वाला चर्बी क अउर पुट्ठा के चर्बी क भी भेंट चढ़ावइ चाही। तउ उ झिल्ली जउन करेजा स चिपका भवा ह ओका भी गुर्दन क संग निकारि लेइ चाही। 5 तब हारून क बेटवन चबीर् क वेदी प बरिहीं। उ पचे चर्बी क आगी प धरी भइ लकड़ी प राखी। इ एक उपहार अहइ। एकर सुगन्धि यहोवा क खुस रखत ह। 6 “अगर एक मनई यहोवा बरे आपन झुण्ड मँ स मेलबलि क रुप मँ नर अउर मादा गोरु लिआवत ह तब ओका सिरिफ उ गोरु क भेंट देइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। 7 अगर उ आपन बलि क रूप मँ एक ठु मेमना लिआवत ह तउ ओका यहोवा क समन्वा बलि देइ चाही। 8 ओका आपन हाथ गोरु क मूँड़े प धरइ चाही अउ मिलापवाला तम्बू क समन्वा ओका मारइ चाही। तब हारून क बेटवन वेदी प चारिहुँ कइँती गोरु क रकत बहावइ चाही। 9 इ मनई क चबीर् स भरी पूरी पूँछ गोरु क पिछली हड्डी क आखरी हींसा स कटा भवा चर्बी, अउ उ चर्बी जउन भीतरी हींसा क ढाँपि रहत ह अउ उ सबइ चर्बी जउन भितरे मँ अहइ क यहोवा क उपहार क रूप मँ भेंट चढ़ावइ चाही। 10 ओका दुइनउँ गुर्दन अउर ओनका ढाँपइ वाला चर्बी क अउर पुट्ठा क चर्बी क भी भेंट चढ़ावइ चाही। उ झिल्ली जउन करेजा स चिपका भवा ह ओका भी निकारि लेइ चाही अउर गुर्दन क संग चढ़ावई चाही। 11 तब याजक वेदी प ऍका जरूर बारी। इ खइया अहइ, इ यहोवा बरे एक ठु उपहार होइ। 12 “अगर ओकर बली एक ठु बोकरा अहइ तउ उ ओका यहोवा क समन्वा जरूर भेंट देइ। 13 उ व्यक्ति क बोकरा क मूँड़ी प हाथ धरइ चाही। ओका मिलापवाला तम्बू क समन्वा एकॉ मारइ चाही। तब्बइ हारून क बेटवन बोकरा क रकत वेदी प चारिहुँ कइँती बहाइहीं। 14 तब उ व्यक्ति क बोकरा क एक हींसा यहोवा बरे उपहार क रुप मँ चढ़ावइ बरे लिआवइ चाही। इ मनई क भीतरी हींसा क अउ ओकरे चारिहुँ कइँती क चबीर् क भेंट जरूर चढ़ावइ चाही। 15 ओका दुइनउँ गुर्दन अउर ओनका ढाँपइ वाला चर्बी क अउर पुट्ठा के चर्बी क भी भेंट चढ़ावइ चाही। उ झिल्ली जउन करेजा स चिपका भवा ह ओका भी निकारि लेइ चाही अउर गुर्दन क संग चढ़ावी चाही। 16 याजक क वेदी प बोकरा क हींसा क जरूर बारइ चाही। इ खइया अहइ, यहोवा बरे एक ठु उपहार। सबहिं चर्बी यहोवा क अहइ। 17 इ नेमॅ तोहार सबहिं अगुवा पीढ़ियन मँ हमेसा चलत रही। तू जहाँ कहूँ भी रहा, तोहका खून या चबीर् नाहीं जरूर खाइ चाही।”

Leviticus 4

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “इस्राएल क मनइयन स कहा: अगर कउनो व्यक्ति स संजोग क कारण कउनो अइसा पाप होइ जाइ जेका यहोवा न करइ क हुकुम दिहे अहइ तउ उ व्यक्ति क नीचे लिखी भई बात करइ चाही: 3 “अगर अभिसिक्त याजक स कउनो पाप भवा होइ अउ इ लोगन क बुरा बनावत हीं तउ ओका आपन कीन्ह गए पाप बरे यहोवा क बलि चढ़ावइ चाही। ओका एक बछवा यहोवा क भेंट मँ जरूर देइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। ओका यहोवा क बछवा पापबलि क रुप मँ जरूर चढ़ावइ चाही। 4 अभिसिक्त याजक क उ बछवा क यहोवा क समन्वा मिलापवाला तम्बू क दुआरे प जरूर लावइ चाही। ओका आपन हाथ उ बछवा क मूँड़े प जरूर धरइ चाही अउ यहोवा क समन्वा ओका मारि देइ चाही। 5 तब अभिसिक्त याजक क बछवा क कछू रकत जरूर लेइ चाही अउ मिलापवाला तम्बू क अन्दर लइ जाइ चाही। 6 याजक क आप अँगुरी खून मँ डावइ चाही अउ महा पवित्तर ठउर क पर्दा क समन्वा खून क सात दाईर् परमेस्सर क समन्वा छिछकारइ चाही। 7 याजक क कछू खून महकउआ धूप क वेदी क सींगन प जरूर लगावइ चाही। इ वेदी यहोवा क समन्वा मिलापवाला तम्बू क अन्दर अहइ। याजक क बछवा क सारा खून होमबलि क वेदी क आधार प जरूर उड़ेरइ चाही। इ वेदी मिलापवाला तम्बू क दुआर प अहइ। 8 अउर ओका पापबलि कीन्ह गइ बछवा क सारी चबीर् जरूर निकारि लेइ चाही। ओका भितरे क हींसा क ढाँपि भइ चर्बी अउ ओकरे चारिहुँ कइँती क चबीर् क निकारि लेइ चाही। 9 ओका दुइनउँ गुर्दन अउर ओनका ढाँपइ वाला चबीर् अउ पुट्ठा प क चबीर् क भी भेंट चढ़ाई चाही। ओका उ झिल्ली जउन करेजा स चिपका भवा ह ओका भी निकारि लेइ चाही अउर गुर्दन क संग चढ़ावइ चाही। 10 याजक क इ सबइ चीजन ठीक उहइ तरह लेइ चाही जउने तरह उ इ सबइ चीजन मेलबलि क बछवा स लिहे रहा। याजक क होमबलि क वेदी प गोरु क भितरे क हींसन क जरूर बारि देइ चाही। 11 मुला याजक क बछवा क चाम, मूँड़, गोड़, भीतर क हींसन अउ तने क बेकार हींसा जरूर निकारि देइ चाही। 12 याजक क डेरा क बाहेर खास ठउरे इ हींसन जउन बछवा क सरीर क बचा भवा हींसा अहइ क हुँआ लइ जाइ चाही जहाँ राखी डारी जात ह। याजक क हुआँ काठ क आगी पइ जहाँ राखी क डारी दीन्ह गवा ह इन हींसन क जरूर बारइ चाही। 13 “अइसा होइ सकत ह कि समूचइ इस्राएल रास्ट्र स बे जाने भए कउनो अइसा पाप होइ जाइ जेका न करइ बरे परमेस्सर हुकुम दिहे होइ। मुला अइसा होइ जात ह तउ उ सबइ दोखी होइहीं। 14 जदि ओनका इ पापे क पता लगि जात ह तउ समूचइ रास्ट्र बरे एक ठु बछवा पापबलि खातिर चढ़ावा जाइ चाही। ओनका बछवा क मिलापवाला तम्बू क समन्वा लइ आवइ चाही। 15 बुर्जुगन क बछवा क मूँड़े प आपन हाथ धरइ चाही। बछवा क यहोवा क अगवा मारइ चाही। 16 तबहिं अभिसिक्त याजक क बछवा क तनिक खून मिलापवाला तम्बू मँ लइ आवइ चाही। 17 याजक क आपन अँगुरियन रकत मँ जरूर बोरइ चाही अउ पर्दा क समन्वा सात दाईर् रकत क छिछकारइ चाही। इ यहोवा क अहइ। 18 तब याजक क कछू रकत वेदी क सिंगियन प डावइ चाही। उ वेदी मिलापवाला तम्बू मँ यहोवा क समन्वा बा। याजक क सारा रकत होमबलि क वेदी क नींव प डावइ चाही। उ वेदी मिलापवाला तम्बू क दुआरे प बा। 19 तब याजक क गोरु क सारी चबीर् निकारि लेइ चाही अउ ओका वेदी प बारइ चाही। 20 उ बछवा क संग जरूर वइसा ही करी जइसा उ पापबलि क रूप मँ चढ़ावा भवा बछवा क संग किहे रहा। इ तरह याजक मनइयन क पाप क पछतावा करत ह एहसे लोग छिमा पाइहीं। 21 याजक डेरा क बाहेर बछवा क लइ जाइ अउर ओका हुआँ बारि देइ। इ पहिले क तरह होइ। इ पूरे समाज बरे पापबलि होइ। 22 “जब कउनो सासक यहोवा आपन परमेस्सर क हुकुम तोड़इ क पाप अनजाने मँ करत ह, तउ उ दोखी समुझा जाई। 23 अगर सासक क इ पाप क पता लागत ह तब ओका एक अइसा बोकरा जरूर लावइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। इहइ ओकर भेंट होइ। 24 सासक क बोकरा क मूँड़ि प हाथ जरूर धरइ चाही अउ ओका उ ठउरे प मारइ चाही जहाँ उ पचे होमबलि क यहोवा क समन्वा मारत हीं। इ एक पापबलि अहइ। 25 याजक क पापबलि क कछू रकत आपन अँगुरियन प जरूर लेइ चाही। याजक क होमबलि क वेदी क सिंगियन प रकत जरूर छिछकारइ चाही। याजक क बचा भवा रकत होमबलि क वेदी क आधार प जरूर डावइ चाही। 26 अउ याजक क बोकरा क सारी चबीर् वेदी प जरूर बारइ चाही। ओका एका उहइ तरह बारइ चाही जउने तरह उ मेलबलि क चबीर् बारत ह। इ तरह याजक सासक क पाप क पछतावा करत ह अउ सासक छिमा पाइहीं। 27 “अइसा होइ सकत ह कि साधारण जनता मँ स कउनो मनई स संजोग स कउनो अइसा पाप होइ जाइ जेका यहोवा न करइ क हुकुम दिहेस ह। 28 अगर उ व्यक्ति क आपन पाप क पता लगि जाइ तउ उ एक ठु मादा बोकरी जरूर लियावइ जेहमाँ कउनो दोख न होइ। इ उ व्यक्ति क पापबलि होइ। उ इ बोकरी क उ पाप खातिर लियावइ जउन उ किहस ह। 29 ओका आपन हाथ गोरु क मूँड़ी प धरइ चाही अउ होमबलि क ठउरे प ओका बाँधइ चाही। 30 याजक क उ बोकरी क कछू रकत आपन अँगुरियन प जरूर लेइ चाही अउ याजक क होमबलि क वेदी क सिंगियन प रकत जरूर छिड़कइ चाही। याजक क बचा भवा रकत होमबलि क आधार प जरूर डावइ चाही। 31 तब याजक क बोकरी क सारी चबीर् उहइ तरह निकारइ चाही जउने तरह मेलबलि स चर्बी निकारी जात रहा। याजक क ऍका यहोवा बरे सुहावना सुगंध क रूप मँ धूप क वेदी प बारइ चाही। इ तरह याजक उ मनई क पापे क पछतावा कइ देइ अउ व्यक्ति छिमा पाइहीं। 32 “अगर उ मनई पापबलि क रुप मँ एक ठु भेड़ी क बच्चा लिआवत ह तउ ओका एक मादा भेड़ी क बच्चा लइ आवइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। 33 मनई क ओकरे मूँड़ी प हाथ धरइ चाही अउ ओका उ ठउरे प पापबलि क रुप मँ मारइ चाही जहाँ उ पचे होमबलि क गोरु क मारत हीं। 34 याजक क उ बोकरी क कछू रकत आपन अँगुरियन प जरूर लेइ चाही अउ याजक क होमबलि क वेदी क सिंगियन प रकत जरूर छिड़करइ चाही। याजक क बचा भवा रकत होमबलि क आधार प जरूर डावइ चाही। 35 याजक क मेमना क सारी चबीर् उहइ तरह लेइ चाही जउने तरह मेलबलि क चबीर् लीन्ह जात ह। याजक क मेमना क सारी चर्बी क यहोवा क उपहार क रूप मँ जरूर बारइ चाही। इ तरह याजक उ व्यक्ति क पापे क पछतावा करी अउ उ व्यक्ति छिमा पाइहीं।

Leviticus 5

1 “जदि कउनो मनई अदालत मँ गवाही देइ बरे बोलावा जात ह अउ जउन कछू उ लखेस ह या अनकेस ह, ओका नाहीं बतावत तउ उ पाप करत ह। ओका ओकरे अपराध बरे जरुर ही सजा भोगइ क होइ। 2 जदि कउनो व्यक्ति कउनो असुद्ध चिजियन क जइसे जंगली जनावर या घरेलू जनावर या रेंगइवाला कउनो जनावर क ल्हास क अनजाने मँ छुवत ह तउ उ व्यक्ति, जदि ओका ऍकर पता नाहीं भी लागत तउ भी उ दोखी होइ। 3 एक व्यक्ति अलग अलग चिजियन स असुद्ध होइ सकत ह। अगर कउनो प्रकार क मानव अनजाने मँ किसी असुद्ध मनई क छुअत ह, तउ जे टेम मँ ओका इ पता चली उ दोखी होइ। 4 अगर एक व्यक्ति कउनो व्यक्ति स कछू नीक या खोट करइ क बचन करत ह अउ ओका बिसरि जात ह, जब उ आपन बचन क सुमिरइ तब उ दोखी होइ। 5 एह बरे, अगर उ एनमाँ स कउनो चिजियन क दोखी बाटइ तउ ओका आपन बुराई जेका उ किहेस ह क कबूल लेइ चाही। 6 ओका आपन झुण्ड मँ स एक ठु मादा मेमना या एक ठु बोकरी पापबलि बरे लावइ चाही। इ उ यहोवा बरे आपन दोख बरे किहेस ह। तब याजक उ व्यक्ति क पापे क पछतावा करी। 7 “अगर कउनो मनई भेड़ी क बच्चा भेंट करइ मँ समरथ नाहीं अहइ तउ ओका दुइ फाक़्ता या कबूतरे क दुइ बच्चा यहोवा क भेंटे मँ देइ चाही। इ ओकरे पाप बरे दोखबलि होइ। एक ठु पंछी दोखबलि बरे होइ चाही अउ दूसर होमबलि बरे होइ चाही। 8 उ मनई क चाही कि उ ओन पंछियन क याजक क लगे लइ जाइ। पहिले याजक क दोखबलि क रुप मँ एक पंछी चढ़ावइ चाही। याजक पंछी क गटई क मरोड़ देइ। मुला याजक पंछी क दुइ हींसा मँ न बाँटी। 9 तब याजक क पापबलि क कछू रकत क वेदी क सिरन कइँती प जरूर डावइ चाही। तब याजक क बचा भवा रकत क वेदी क आधार प जरूर डावइ चाही। इ एक दोखबलि अहइ। 10 तब याजक क नेम क मुताबिक होमबलि क रुप मँ यहोवा क दूसर पंछी क भेंट चढ़ावइ चाही। इ तरह याजक उ व्यक्ति क पापे क पछतावा करी अउ उ व्यक्ति छिमा पाइहीं। 11 “अगर कउनो व्यक्ति दुइ फाख़ता या दुइ कबूतर क भेंट चढ़ावइ मँ समरथ न होइ तउ ओका एपाक दसवाँ हींसा महीन आटा जरूर भेंट चाही। इ ओकर पापबलि होइ। उ मनई क आटा प तेल नाहीं डावइ चाही। ओका ऍह प लोहबान नाहीं डावइ चाही काहेकि इ पापबलि बाटइ। 12 मनई क आटा याजक क लगे जरूर लावइ चाही। याजक एहमाँ स मुट्ठी भइ आटा निकारी। इ स्मृति भेंट होइ। याजक यहोवा क उपहार क रूप मँ वेदी क ऊपर आटा क बारी। इ पापबलि अहइ। 13 इ तरह याजक उ व्यक्ति क पाप क अपराध बरे पछतावा करी अउ उ छिमा पाइहीं। बची भइ आटा याजक बरे अन्नबलि क जइसा ही होइ।” 14 यहोवा मूसा स कहेस, 15 “एक व्यक्ति गलती स यहोवा क पवित्तर चीजन मँ स एक ठु चीज लइ सकत ह। अइसा हालत मँ उ व्यक्ति क एक ठु बिना दोख क भेड़ा लइ आवइ चाही। इ भेड़ा यहोवा बरे ओकर दोखबलि होइ। तोहका उ भेड़ा क कीमत तय करइ बरे पवित्तर स्थान क सेकेल क अनुसार बइपरइ चाही। 16 उ व्यक्ति क पवित्तर चीजन बरे भुगतान जरुर करइ चाही अउर जउने चीजन क उ लिहस ह। ओका कीमत मँ पाँचवाँ हींसा जोरि देइ चाही अउर ओका इ धन याजक क देइ चाही। इ तरह याजक दोखबलि क भेड़ा क जरिये उ मनई क पाप क पछतावा करी अउ उ व्यक्ति छिमा पाइहीं। 17 “अगर कउनो व्यक्ति पाप करत ह अउ जउन चीजन क न करइ क हुकुम यहोवा दिहे अहइ, ओनका करत ह तउ इ बात क कउनो महत्व नाहीं कि उ एकॉ नाहीं जानत। उ मनई अपराधी अहइ अउर आपन पाप क जिम्मेदार होइ। 18 उ व्यक्ति क एक ठु उचित कीमत क निदोर्ख भेड़ा आपन झुण्ड स याजक क लगे लइ आवइ चाही। भेड़ा दोखबलि होइ। इ तरह याजक उ व्यक्ति क उ पाप बरे पछतावा करी जेका उ अनजाने मँ किहेस ह अउ उ छिमा पाइहीं। 19 मनई अपराधी अहइ चाहे उ इ न जानत होइ कि उ पाप करत बा। एह बरे ओका यहोवा क दोखबलि देइ क होइ।”

Leviticus 6

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “एक मनई यहोवा क समन्वा दोखी समुझा जाइ अगर उ एनमाँ स कउनो कार्य करत ह: उ एक पड़ोसी क उ सामान जउन ओका देखरेख करइ बरे दीन्ह ग अहइ क बरे छल कइ सकत ह, या उ वस्तु क आपन खुद क लइ ले सकत ह, या उ कछू चोराइ सकत ह, या आपन पड़ोसी क ठग सकत ह, 3 या ओका कउनो क हेरान चीज मिलइ अउर तब उ ओकरे बारे मँ लबार बोल सकत ह या कउनो मनई कछू करइ क झूठा बचन दइ सकत ह या उ कउनो अइसा अपराध कइ सकत ह जउन दूसर लोग करत ह। 4 अगर कउनो मनई अइसा पाप ओनमाँ स करत ह अउ उ दोखी होत ह, ओका उ जरूर वापिस करइ चाही जउन उ चुराएस ह, या उ लाभ जउन उ ठगी स प्राप्त किहेस ह, या उ सामान जउन देखरेख बरे लिहस ह, या उ खोया भवा सामान जउन उ पाएस ह, क जरूर वापिस करइ चाही। 5 या जउन कउनो क बारे मँ झूठ बचन दीन्ह ग होइ, उ ओका ओन वस्तुअन क पूरा दाम चुकावइ चाही अउर तब ओका चीज क दाम क पाँचवाँ हींसा अलावा देइ चाही। ओका असली मालिक क धन जरूर देइ चाही। ओका इ उहइ दिन करइ चाही जउने दिन उ दोखबलि लिआवइ। 6 “उ व्यक्ति क दोखबलि याजक क लगे जरूर लिआवइ चाही। इ जरूर झुण्ड स एक भेड़ा होइ चाही। भेड़ा मँ कउनो दोख नाहीं होइ चाही। इ जरूर उहइ दाम क होइ चाही जउन याजक कहइ। इ यहोवा बरे दोखबलि होइ। 7 तब याजक यहोवा क समन्वा उ मनई क ओन पापन क पछतावा करी अउ उ व्यक्ति सभी चीजन बरे छिमा पाइ जेनका उ किहेस अउ उ दोखी होइ गवा।” 8 यहोवा मूसा स कहेस, 9 “हारून अउ ओकरे पूतन क इ हुकुम द्या: होमबलि क वेदी क अगी कुण्ड मँ पूरी रात भिन्सार होइ तलक जरूर राखइ चाही। वेदी क आगी क वेदी प जरूर बरत रहइ चाही। 10 याजक क सन क उत्तिम रेसा क बना भवा चोगा जरूर पहिरइ चाही। ओका आपन तन स चिपका जाँघिया पहिरइ चाही। तब याजक क होमबलि प पूरी तरह स जरि जाइ क पाछे वेदी स बची भइ राखी क उठावइ चाही। याजक क वेदी क बगल मँ राखी जरूर राखइ चाही। 11 तब याजक क आप ओढ़ना क उतारइ चाही अउ दूसर ओढ़ना पहिरइ चाही। तब ओका डेरा स बाहेर साफ ठउर प राखी लइ जाइ चाही। 12 मुला वेदी प आगी क जरूर बरत रहइ चाही। एका बुझइ नाहीं देइ चाही। याजक क रोज भिन्सारे वेदी प काठ जरूर बारइ चाही। ओका वेदी प होमबलि जरूर रखइ चाही। ओका मेलबलि क चबीर् जरूर बारइ चाही। 13 वेदी प आगी लगातर बरत रहइ चाही। एका बुझइ नाहीं चाही। 14 “अन्नबलि क इ नेम अहइ कि हारून क पूतन क वेदी क समन्वा यहोवा बरे अन्नबलि जरूर लावइ चाही। 15 याजक क अन्नबलि मँ स मूठी भइ उत्तिम ऍकर आटा, ऍकर तेल अउ ऍकर लोहबान लेइ चाही अउ ऍका वेदी पइ बारइ चाही। इ यहोवा बरे एक खुसबूदार अउर स्मृति भेंट होइ। 16 “हारून अउ ओकरे बेटहनन क बची भइ अन्नबलि क खाइ चाही। अन्नबलि एक तरह क अखमीरी रोटी क भेंट अहइ। याजक लोगन क इ रोटी पवित्तर ठउर मँ खाइ चाही। ओनका मिलापवाला तम्बू क आँगन मँ अन्नबलि खाइ चाही। 17 अन्नबलि खमीर क मिलइके जरूर नाहीं पकावइ चाही। मइँ इ ओनका आपन उपहार मँ स ओकर हींसा दिहेस ह। इ पापबलि अउ दोखबलि क नाईं बहोतइ पवित्तर बाटइ। 18 हारून क पूतन मँ स हर एक यहोवा क चढ़ाइ भइ भेंट स खाइ सकत ह। इ तोहरी पीढ़ियन बरे सदा नेम बाटइ। जउन कउनो ऍका छुअब उ जरूर पवित्तर होइ चाही।” 19 यहोवा मूसा स कहेस, 20 “हारून अउ ओकरे बेटवन क जउन अन्नबलि लइ आवइ चाही उ इ अहइ। ओनका इ उ दिना ही करइ चाही जउने दिन हारून क अभिसेक भवा रहा। ओनका हमेसा एपा क दसवाँ हींसा महीन आटा अन्नबलि बरे जरूर लेइ चाही। ओनका ऍकर आधा भिन्सारे अउ आधा साँझ मँ लइ आवइ चाही। 21 उत्तिम महीन आटे मँ तेल जरूर डावइ चाही अउ ओका कड़ाही मँ जरूर भँूजइ चाही। जब इ भुँज जाइ तब ऍका जरूर भीतर लिआवइ चाही। भेंट पूर्ण रूप स जरूर टूकन मँ तोड़वइ चाही। तू पचन क यहोवा क चूरमा क भेंट जरूर चढ़ावइ चाही ऍकर सुगन्धि यहोवा क खुस करी। 22 “हारून क सन्तानन मँ स, जउन हारून क जगह पइ अभिसिक्त अहइ, क इ अन्नबलि यहोवा बरे चढ़ावइ चाही। इ नेम हमेसा बरे अहइ। अन्नबलि यहोवा बरे पूर्ण रूप स जरूर जरावइ चाही। 23 याजक क हर एक अन्नबलि पूरी तरह जरावइ चाही। एका खाई नाहीं चाही।” 24 यहोवा मूसा स कहेस, 25 “हारून अउ ओकरे पूतन स कहा: पापबलि बरे इ नेम अहइ कि पापबलि क हुवँइ मारा जाइ चाही जहाँ यहोवा क समन्वा होमबलि क मारा जात ह। इ बहोतइ पवित्तर बाटइ। 26 उ याजक क ऍका खाइ चाही, जउन पापबलि चढ़ावत ह। ओका पवित्तर ठउरे प मिलापवाला तम्बू क आँगन मँ एका खाइ चाही। 27 कउनो मनई जउन पापबलि क गोस क छुअत ह ओका पवित्तर होइ चाही। अगर छिछकारा भवा रकत कउनो मनई क ओढ़ना प पड़त ह तउ ओन ओढ़नन क जरूर धोइ चाही। तू पचन क ओन ओढ़नन क सिरिफ एक पवित्तर ठउरे मँ ही धोवइ चाही। 28 अगर पापबलि कउनो माटी क बासन मँ उबाली जाइ, तउ उ बासन क जरूर फोड़ देइ चाही। अगर पापबलि क काँसा क बासन मँ उबाला जाइ, तउ बासन क जरूर माँजा जाइ अउ पानी स धोवा जाइ। 29 “याजक परिवारे क कउनो मनई पापबलि क खाइ सकत ह। इ सबन्त पवित्तर बाटइ। 30 मुला अगर पापबलि क रकत पवित्तर ठउर प पछतावा करइ बरे मिलापवाला तम्बू मँ लइ जाइ। तउ पापबलि क आगी मँ बारि देइ चाही। याजकन क उ पापबलि जरूर नाहीं खाइ चाही।

Leviticus 7

1 “दोखबलि खातिर इ नेम बाटइ। इ सबइ स पवित्तर अहइ। 2 याजक क दोखबलि क उहइ ठउरे पइ मारइ चाही जउने प उ सबइ होमबलि क मारत ह अउ ओका ऍकर रकत क वेदी क चारिहुँ कइँती जरूर डावइ चाही। 3 “याजक क दोखबलि क सारी चबीर् चढ़ावइ चाही। ओका चबीर् भरी पूँछ, भीतरी भाग क ढकइवाली चबीर्, 4 दुइनउँ गुर्दन अउ ओकरे ऊपर क चबीर्, पुट्ठन क चबीर् जरूर भेंट करइ चाही। अउ करेजा क संग क झिल्ली जउन ओकर संग चिपकी भइ चबीर् अहइ गुर्दन क संग जरूर हटावइ चाही। 5 याजक क वेदी प ओन सबहिं चीजन क जरूर बारइ चाही। इ यहोवा बरे उपहार भेंट होइ। इ दोखबलि अहइ। 6 “याजक परिवार स हर एक मरद दोखबलि खाइ सकत ह। एकॉ बहोतइ पवित्तर ठउर पइ खाइ चाही इ बहोतइ पवित्तर बाट्इ। 7 दोखबलि क सबइ नेम पापबलि क नेम क जइसा अहइँ। इ भेंट उ याजक क होइ जउन ऐसे ओकर बरे पछतावा करी। 8 उ याजक, जउन बलि चढ़ावत ह, चमड़ा भी होमबलि स लइ सकत ह। 9 हर एक अन्नबलि चढ़ावइवाला याजक क होत ह। याजक ओन सबइ अन्नबलि क लइ लेइ जउन चूल्हा मँ पकाई गइ होइँ, या कड़ाही मँ पकाइ गइ होइँ या तावा प पकी होइँ। 10 अन्नबलि हारून क बेटवन क होइ। ओसे कउनो फकर् नाहीं पड़ी कि उ सबइ झुरान या तेल स सनी भइ अहइँ। हारून क बेटवन याजक क नाईर् भागीदार होइहीं। 11 “इ सबइ मेलबलि क नेम अहइँ, जेका कउनो मनई यहोवा क चढ़ावत ह: 12 कउनो व्यक्ति मेलबलि आपन एहसान परगट करइ बरे लई आइ सकत ह। अगर एक व्यक्ति एहसान परगट करइ बरे बलि लिआवत ह तउ ओका तेल स सना भवा अखमीरी फुलका, अखमीरी केक अउ तेल स सना भवा उत्तिम आटा क फुलका भी लिआवइ चाही। 13 उ व्यक्ति क आपन मेलबलि बरे खमीरी रोटियन क साथ आपन बलि जरूर लइ आवइ चाही। इ मेलबलि अहइ जेका एक व्यक्ति यहोवा बरे एहसान देखावइ बरे लिआवत ह। 14 ओन रोटियन मँ स एक ठु उ याजक क दुआरा लइ जाइ जउन मेलबलि क रकत क छिछकारत ह। 15 इ मेलबलि क गोस उहइ दिन खावा जाइ चाही जउने दिन उ चढ़ावा जाइ। एक व्यक्ति परमेस्सर बरे एहसान परगट करइ बरे इ भेंट चढ़ावत ह। मुला तनिकउ भी गोस दुसर भिन्सारे बरे जरूर नाहीं बचइ चाही। 16 “एक व्यक्ति मेलबलि यहोवा क उपहार देइ क इरादे स लइ आइ सकत ह या उ वादा क पूरा करइ बरे जेका उ पिहले परमेस्सर स किहस ह। अगर इ सच अहइ तउ बलि उहइ दिन खाई जाइ चाही जउने दिन उ ऍका चढ़ावइ। जदि कछू बच जाइ तउ अगले दिना जरूर खाइ लेइ चाही। 17 मुला अगर इ बलि क कछू गोस फिन भी तीसरे दिन बरे बचि जाइ तउ ओका आगी मँ बारि देइ चाही। 18 अगर कउनो मनई मेलबलि क गोस तीसरे दिन भी खात ह, तउ यहोवा उ मनई स खुस नाहीं होइ। यहोवा उ बलि बरे कउनो सम्मान नाहीं देई। इ बलि एक असुद्ध वस्तु बन जाई। अगर कउनो उ बलि क खात ह तउ उ आपन पाप बरे उत्तरदायी होइ। 19 “लोगन क अइसा गोस भी नाहीं खाइ चाही जेका कउनो असुद्ध वस्तु छुइ लेइ। ओनका इ गोस क आगी मँ बारि देइ चाही। उ पचे सबहिं मनइयन जउन सुद्ध होइँ इ मेलबलि क गोस खाइ सकत हीं। 20 मुला अगर एक व्यक्ति अपवित्तर अहइ अउ यहोवा क मेलबलि मँ स कछू गोस खाइ लेइ, तउ उ व्यक्ति क ओकरे लोगन स निकाल दीन्ह जाहीं। 21 “अगर एक व्यक्ति मानव जाति क असुद्ध चीज क या एक असुद्ध जनावरन क या कउनो असुद्ध घृणित वस्तु क छुअत ह अउ अगर उ यहोवा बरे मेलबलि क कछू गोस खाइ लेत ह तउ उ व्यक्ति क ओकरे लोगन मँ स जरूर निकाल कइ दीन्ह जाइ।” 22 यहोवा मूसा स कहेस, 23 “इस्राएल क मनइयन क सलाह देइ कि तू लोगन क गाइ, भेड़ी अउ बोकरी क चबीर् नाहीं खाइ चाही। 24 तू पचे उ पसु क चबीर् क प्रयोग कइ सकत ह जउन खुद ही मरा होइ या दूसर जनावरन क जरिये मार दीन्ह ग होइ। मुला तू उ पसु क चबीज्र्ि कबहुँ नाहीं खाया। 25 जदि कउनो मनई अइसा पसु क चबीर् खात ह जउन यहोवा क उपहार क रूप चढ़ावा ग होइ, तउ उ लोग क ओकरे मनइयन स निकाल दीन्ह जाइ। 26 “तू पचे चाहे जहाँ कहुउँ भी रहा, तू पचन क कउनो पंछी या पसु क रकत कबहुँ नाहीं खाइ चाही। 27 अगर कउनो व्यक्ति कछू रकत खात ह, तउ उ व्यक्ति क ओकर लोगन स निकाल दीन्ह जाइ।” 28 यहोवा मूसा स कहेस, 29 “इस्राएल क लोगन स कहा: अगर कउनो व्यक्ति यहोवा बरे मेलबलि लइ आवइ, तउ उ मनई क उ भेंट क एक हींसा यहोवा क जरूर देइ चाही। 30 ओका उ भेंट क उ हींसा आपन हाथे मँ यहोवा बरे लइके चलइ चाही। ओका पसु क चबीर् अउ छाती याजक बरे लइके चलइ चाही। छाती क यहोवा क समन्वा ऊपर हिलावा जाइ चाही। इ उत्तोलन बलि होइ। 31 तब याजक क वेदी पइ चबीर् बारइ चाही। मुला पसु क छाती हारून अउ ओकर पूतन क होइ। 32 मेलबलि स दाहिन जाँघ हारून क पूतन मँ स याजक क जरूर देइ चाही। 33 मेलबलि मँ स दाहिन जाँघ उ याजक क होइ जउन मेलबलि क चबीर् अउ रकत मेलबलि बरे चढ़ावत ह। 34 मइँ (यहोवा) उत्तोलन बलि क छाती अउ मेलबलि क दाहिन जाँघ इस्राएल क मनइयन स अंगीकार किहे हउँ अउ मइँ ओन चीजन क हारून अउ ओकरे बेटवन क देत अहउँ। इस्राएल क लोगन क जरिये इ नेम क सदा-सदा पालन कीन्ह जाइ चाही।” 35 यहोवा बरे दीन्ह गइ उपहार हारून अउ ओकरे पूतन क अहइ, जब कबहुँ हारून अउ ओकरे पूतन यहोवा क याजक क रुप मँ सेवा करत हीं तब उ पचे बलि क उ हींसा पावत हीं। 36 जउने समइ यहोवा याजकन क अभिसेक किहेस उहइ समइ उ पचे इस्राएल क लोगन क उ सबइ हींसा याजकन क देइ क हुकुम दिहेस। उ सबइ हींसा हमेसा याजकन क ओकर भाग क रूप मँ दीन्ह जाइ क अहइँ। 37 इ सबइ होमबलि, अन्नबलि, पापबलि, दोखबलि, याजकन क नियुक्ति, अउ मेलबलि क नेम अहइँ। 38 यहोवा सिनाई पहाड़े पइ इ सबइ नेम मूसा क दिहस। यहोवा इ सबइ नेम ओह दिन दिहस जउने दिन उ इस्राएल क मनइयन क सिनाई रेगिस्तान मँ यहोवा बरे आपन भेंट लिआवइ क हुकुम दिहे रहा।

Leviticus 8

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “हारून अउ ओकर पूतन ओकरे वस्त्रन, अभिसेक क तेल, पापबलि बरे बर्धा, दुइ भेड़ी अउ अखमीरी रोटी क डलिया क संग लइ आवा 3 अउर सबहिं लोगन क मिलापवाला तम्बू क दुआरे प जमा करा।” 4 मूसा उहइ किहस जउन यहोवा ओका हुकुम दिहस। मनइयन मिलापवाला तम्बू क दुआरे प एक संग मिलेन। 5 तब मूसा लोगन स कहेस, “इ उहइ बाटइ जेका करइ क यहोवा हुकुम दिहे अहइ।” 6 तब मूसा हारून अउ ओकरे पूतन क लइ आवा। उ ओनका पानी स धोएस। 7 तब मूसा हारून क कमीज पहिराएस। मूसा हारून क चारिहुँ कइँती एक ठु पेटी बाँधेस। तब मूसा हारून क चोगा पहिराएस। तब ओह पइ एपोदपहिराएस। उ ओह पइ सुन्दर बुना भवा पेटी बाँधेस। 8 तब मूसा हरून क निआव क थइला पहिराएस। तब मूसा निआव क थइला मँ ऊरीम अउ तुम्मीम धरेस। 9 मूसा हारून क मूँड़े पइ पगड़ी भी बाँधेस। मूसा पगड़ी क अगले भाग पइ सोना क पवित्तर पत्तर क मुकुट बाँधेस। मूसा इ यहोवा क आदेस क मुताबिक किहस। 10 तब मूसा अभिसेक क तेल लिहस अउ पवित्तर तम्बू अउ एहमाँ क सबहिं चीजन प छिछकारेस। इ तरह मूसा ओनका पवित्तर किहस। 11 मूसा अभिसेक क कछू तेल वेदी पइ सात दाईर् छिछकारेस। मूसा वेदी, ओकरे उपकरण अउ तस्तरियन क अभिसेक किहस। मूसा खोरा अउ ओकरे आधार पइ भी तेल छिछकारेस। इ तरह मूसा ओनका पवित्तर किहस। 12 तब मूसा अभिसेक क कछू तेल क हारून क मूँड़े प डाएस। इ तरह उ हारून क पवित्तर किहस। 13 तब मूसा हारून क बेटवन क लिआएस अउ ओनका कमीज पहिराएस। उ ओन पइ पेटियन क बाँधेस। तब उ ओनके मूँड़े पइ पगड़ियन क बाँधेस। मूसा इ सबइ सब वइसेन ही किहस जइसे यहोवा हुकुम दिहे रहा। 14 तब मूसा पापबलि क बर्धा लिआएस। हारून अउ ओकर पूतन आपन हाथे क पापबलि क बर्धा क मूँड़े प धरेन। 15 तब मूसा बर्धा क मारेस अउ रकत जमा किहेस। मूसा आपन अँगुरियन स तनिक रकत लिहेस अउ वेदी क सबहिं सिंगियन पइ छिछकारेस। इ तरह मूसा वेदी क बलि बरे सुद्ध किहेस। तब मूसा वेदी क आधार पइ रकत क उड़ेरेस। इ तरह मूसा वेदी क सुद्ध किहेस अउ एकॉ पापन क प्रायस्चित करइ बरे तइयार किहस। 16 मूसा बर्धा क भितरी भाग स सबइ चबीर् लिहस। मूसा दुइनउँ गुर्दा अउ ओनकइ ऊपर क चबीर् क संग करेजा स चिपकइ वाली चबीर् लिहस। तब उ ओनका वेदी प बारेस। 17 मुला मूसा बर्धा क चाम, ओकर गोस अउ बदन क बेकार भितरी भाग क डेरा क बाहेर लइ गवा। मूसा डेरा क बाहेर आगी मँ ओन चीजन क जराएस। मूसा इ सबइ वइसा ही किहस जइसा यहोवा हुकुम दिहे रहा। 18 मूसा होमबलि क भेड़ा क लइ आवा। हारून अउ ओकर बेटवन आपन हाथ भेड़ा क मूँड़े प धरेन। 19 तब मूसा भेड़ा क मारेस। उ वेदी क चारिहुँ कइँती रकत छिछकारेस। 20 मूसा एकॉ टूका मँ काटेस। तब मूसा ओकर मूँड़, टूका अउ चबीर् क जराएस। 21 मूसा भितरी भागन अउ गोड़े क पानी स धोएस। तब मूसा समूचइ भेड़ा क वेदी पइ जराएस। इ होमबलि रही। इ यहोवा क बरे एक ठु सुगन्धि उपहार रही। मूसा यहोवा क हुकुम क मुताबिक उ सबइ काम किहस। 22 तब मूसा दूसर भेड़ा क लइ आवा। इ भेड़ा क उपयोग हारून अउ ओकरे बेटवन क याजक नियुक्त करइ बरे कीन्ह गवा। हारून अउ ओकर बेटवन आपन आपन हाथन क भेड़ा मूँड़े प धरेन। 23 तब मूसा भेड़ा क मारेस। उ भेंड़ा क तनिक रकत हारून क काने क निचले सिरे, दाहिन हाथे क अंगूठा अउ ओकर दाहिन गोड़े क अंगूठा पइ लगाएस। 24 तब मूसा हारून क बेटवन क वेदी क निचके लिआवा। मूसा तनिक रकत ओनके दाहिन कान क निचले सिरे, दाहिन हाथ क अंगूठा, अउ ओनके दाहिन गोड़े क बड़का अंगुरि पइ लगाएस। तब मूसा वेदी क चारिहुँ कइँती रकत उड़ेरेस। 25 मूसा चबीर्, चबीर् भरी पूँछ, भितरी भाग क सारी चबीर्, करेजा स चिपकइवाली चबीर्, दुइनउँ गुर्दन अउ ओनकइ चबीर् अउ दाहिन जाँघ क लिहस। 26 अखमीरी रोटी क एक ठु टोकरी हर रोज यहोवा क अगवा धरा जात रहेन। मूसा टोकरी मँ स एक ठु तेल स सनी रोटी, अउर एक अखमीरी फुल्का लिहस। मूसा ओन टूकन क चबीर् अउ भेड़ा क दाहिन जाँघे प धरेस। 27 तब मूसा ओन सबहिं क हारून अउ ओकरे बेटवन क हाथे मँ धरेस। मूसा ओन टूकन क यहोवा क आगे उत्तोलन बलि क रुप मँ हाथन क ऊपर उठवाएस। 28 तब मूसा ओन चीजन क हारून अउ ओकरे बेटवन क हाथन स लिहस। मूसा ओनका वेदी प होमबलि क ऊपर जराएस। इ तरह उ बलि हारून अउ ओकरे पूतन क याजकन नियुक्त करइ बरे रही। इ यहोवा क खुस करइ बरे एक ठु सुगन्धि उपहार रही। 29 तब मूसा उ भेड़ा क छाती लिहस अउ यहोवा क समन्वा उत्तोलनबलि बरे हिलाएस। याजकन क नियुक्त करइ बरे भेड़ा मँ स मूसा क हींसा रहा। इ ठीक वइसा ही रहा जइसा यहोवा मूसा क हुकुम दिहे रहा। 30 मूसा अभिसेक क कछू तेल अउ वेदी पइ क कछू रकत लिहस। मूसा ओहमा स कछू हारून अउ ओकरे ओढ़नन पइ छिछकारेस अउ कछू हारून क ओन पूतन प जउन ओकरे संग रहेन अउ कछू ओनकइ ओढ़नन प छिछकारेस। इ तरह मूसा हारून, ओकरे वस्त्रन, ओकरे पूतन अउ ओनकइ ओढ़नन क पवित्तर बनाएस। 31 तब मूसा हारून अउ ओकरे बेटवन स कहेस, “का तू पचन क मोर आदेसयाद अहइ? मइँ कहे रहेउँ, ‘हारून अउ ओकर पूत इ सबइ चीजन क खइहीं।’ एह बरे याजकन नियुक्ति संस्कार क याजक स रोटी अउ गोस ल्या। मिलापवाला तम्बू क दुआरे पइ उ गोस क पकावा। तू पचे उ गोस अउ उ रोटी क उहइ ठउर प खाब्या। 32 अगर कछू गोस या रोटी बचि जाइ तउ ओका जराइ द्या। 33 याजक नियुक्ति संस्कार सात दिना तलक चली। तू पचे मिलापवाला तम्बू स तब तक नाहीं जाब्या जब तक तोहार याजक नियुक्ति संस्कार क समइ पूरा नाहीं होइ जात। 34 यहोवा ओन काम क करइ क आदेस दिहे रहा जउन आज कीन्ह गए। उ तू पचन क आपन क प्रायस्चित करइ बरे इ आदेस दिहे रहा। 35 तू पचन क मिलापवाले तम्बू क दुआर प सात दिना तलक लगातार दिन अउ रात जरूर रहइ चाही। अउर तू पचे यहोवा क आदेस क पालन करब्या ऍह बरे तू नाहीं मरिब्या। यहोवा मोका इ आदेस दिहे रहा।” 36 ऍह बरे हारून अउ ओकरे पूतन उ सब कछू किहन जेका करइ क आदेस यहोवा मूसा क दिहे रहा।

Leviticus 9

1 अठवे दिन, मूसा हारून अउ ओकरे पूतन क बोलाएस। उ इस्राएल क बुजुर्गन (नेता लोगन) क भी बोलाएस। 2 मूसा हारून स कहेस, “आपन झुण्ड मँ स एक ठु बछवा अउ एक ठु भेड़ा ल्या। ओन मँ कउनो दोख नाहीं होइ चाही। बछवा पापबलि बरे होइ अउ भेड़ा होमबलि बरे होइ। इ सबइ गोरुअन क यहोवा क समन्वा बलि द्या। 3 इस्राएल क लोगन स कहा, ‘पापबलि बरे एक ठु बकरा ल्या। एक बछवा अउ एक मेमना होमबलि बरे ल्या दुइनउँ एक बरिस क होइ चाही। इ सबइ जनावरन मँ कउनो दोख नाहीं होइ चाही। 4 एक साँड अउ एक भेड़ा मेलबलि बरे ल्या। ओन जनावरन क अउर तेल स मिली भइ अन्नबलि ल्या अउ ओनका यहोवा क भेंट चढ़ावा। काहेकि आजु यहोवा क महिमा तोहरे समन्वा परगट होइ।”‘ 5 एह बरे सबहिं लोग मिलापवाला तम्बू मँ आएन अउर उ पचे ओन सबहिं चीजन क लियाएन जेनके बरे मूसा आदेस दिहे रहा। सबहिं लोग यहोवा क आगे ठाड़ भएन। 6 मूसा कहेस, “तू पचे उहइ किह्या ह जेका यहोवा हुकुम दिहस। तू लोग यहोवा क महिमा देखब्या।” 7 तब मूसा हारून स कहेस, “जा अउर उ करा जेकरे बरे यहोवा हुकुम दिहे रहा। वेदी क निअरे जा अउर पापबलि अउ होमबलि चढ़ावा। इ सबइ आपन अउर लोगन क पापन क प्रायस्चित बरे करा। तू लोगन क लाई भइ बलि ल्या अउर ओका यहोवा क अपिर्त करा। इ ओनके पापन बरे प्रायस्चित होइ।” 8 एह बरे हारून वेदी क लगे गवा। उ बछवा क पापबलि बरे मारेस। इ पापबलि खुद ओकरे अपने बरे रही। 9 तब हारून क पूतन हारून क लगे रकत लिआएन। हारून आपन अंगुरियन क रकत मँ डाएस अउ वेदी क सींगन पइ ऍका लगाएस। तब हारून वेदी क आधार पइ रकत उड़ेरेस। 10 हारून पापबलि स चबीर्, गुर्दन अउ करेजा क संग चिपका भवा झिल्ली जमा किहेस। उ ओन सब क वेदी प जराएस। उ उहइ प्रकार किहस जउने तरह यहोवा मूसा क आदेस दिहे रहा। 11 तब हारून डेरा क बाहर गोस अउ चाम क बारेस। 12 ऍकरे पाछे, हारून होमबलि बरे जनावरन क मारेस। हारून क पूत रकत क हारून क लगे लिआएन अउ हारून वेदी क चारिहुँ कइँती रकत डाएस। 13 हारून क बेटवन ओन टूकन अउ होमबलि क मूँड़ हारून क दिहस। तब हारून ओन सबन क वेदी पइ बारेस। 14 हारून होमबलि क भितरी भागन क अउ गोड़े क धोएस अउ उ ओनका वेदी प बारेस। 15 तब हारून लोगन क बलि लावा। उ लोगन क बरे पापबलि वाला बोकॅरा क मारेस। उ बोकरा क पहिले क नाईर् पापबलि बरे चढ़ाएस। 16 हारून होमबलि लावा अउ उ उ बलि चढ़ाएस। वइसेन ही जइसे यहोवा आदेस दिहेस। 17 हारून अन्नबलि क वेदी क लगे लिआवा। उ मूठी भइ अनाज लिहस। अउ भिन्सारे क नित्य बलि क संग उ वेदी प धरेस। 18 हारून लोगन बरे मेलबलि क साँड़ अउ भेड़ा क मारेस। हारून क बेटवन रकत क हारून क लगे लिआएन। हारून इ रकत क वेदी क चारिहुँ कइँती उड़ेरेस। 19 हारून क बेटवन साँड़ अउ भेड़ा क चबीर् भी लाएन। उ पचे साथ ही साथ चबीर् भरी पूँछ, भितरी भाग क ढकइवाली चबीर्, गुर्दन अउ करेजन स चिपका भवा झिल्ली भी लिआएन। 20 हारून क बेटवन चबीर् क इ सबइ भागन क साँड़ अउ भेड़ा क छाती प धरेस। हारून चबीर् क भागन क लइके ओका वेदी पइ बारेस। 21 मूसा क आदेस क मुताबिक हारून छातियन अउ दाईर् जाँघ क उत्तोलन भेंट बरे यहोवा क समन्वा हाथन मँ ऊपर उठाएस। 22 तब हारून आपन हाथ लोगन कइँती उठाएस अउ ओनका आसीर्बाद दिहस। हारून पापबलि, होमबलि अउ मेलबलि क चढ़ावइ क पाछे वेदी स तरखाले उतरि आवा। 23 मूसा अउ हारून मिलापवाला तम्बू मँ गएन। ओकर पाछे हुआँ स बाहेर आइके उ पचे लोगन क आसीर्बाद दिहन। अउर यहोवा क तेज सबहिं लोगन क समन्वा परगट भवा। 24 यहोवा स आगी परगट भइ अउ उ वेदी पइ होमबलि अउ चबीर् क जराएस। सबहिं लोगन जब इ लखेन तउ उ पचे चिल्लानेन अउ उ पचे धरती पइ भहराइके प्रणाम किहेन।

Leviticus 10

1 फिन तब हारून क बेटवन नादाब अउ अबीहू धूप जरावइ बरे तस्तरियन क लिहन, ओह मँ आग लगाएन अउ धूप क आगी पइ धरेन। तउ उ पचे एक ठु अनोखी आगीक उपयोग यहोवा क समन्वा किहन जेकरे प्रयोग क हुकुम उ ओनका नाहीं दिहे रहा। 2 एह बरे यहोवा स ज्वाला परगट भइ अउ उ नादाब अउ अबीहू क बरबाद कइ दिहस। 3 तब मूसा हारून स कहेस, “यहोवा कहत ह, ‘जउन मोरे लगे आवइ ओनका मोर संग जरूर पवित्तरता क बर्ताव करइ चाही। अउ सबहिं लोगन क मोका सम्मान देइ चाही।”‘ हारून खामोस रहा। 4 हारून क चाचा उज्जीएल क दुइ पूत रहेन। उ पचे मीसाएल अउ एलसाफान रहेन। मूसा ओन बेटवन स कहेस, “पवित्तर ठउर क समन्वा जा। आपन चचेरा भाइयन क ल्हासे क उठावा अउ ओनका डेरा क बाहेर लइ जा।” 5 ऍह बरे मीसाएल अउ एलसाफान मूसा क आदेस मानेन। उ पचे नादाब अउ अबीहू क ल्हासन क बाहेर लइ आएन। नादाब अउ अबीहू तब तलक आपन खास अंगरखा पहिरे रहेन। 6 तब मूसा हारून अउ ओकरे दूसर पूतन एलीआजार अउ ईतामार स बात किहस। मूसा ओनसे कहेस, “कउनो सोक परगट जिन करा। आपन ओढ़ना जिन फाड़ा या आपन बारन क जिन बिखरावा। तू मरब्या नाहीं अउ यहोवा क गुस्सा तोहार समूचइ धमिर्क सभा क भंग नाहीं करी। इस्राएल क समूचा रास्ट्र तोहार सम्बंधी अहइ। उ पचे यहोवा क जरिये नादाब अउ अबीहू क बारइ क बारे मँ रोइ सकत हीं। 7 मुला तू लोगन क मिलापवाला तम्बू नाहीं तजइ चाही। अगर तू पचे बाहेर जाब्या तउ मर जाब्या। काहेकि यहोवा क अभिसेक क तेल तू पचन पइ अहइ।” तउ हारून, एलीआज़ार अउ ईतामार मूसा क आग्या मानेन। 8 तब यहोवा हारून स कहेस, 9 “तोहका अउ तोहरे पूतन दाखरस या सराबउ समइ नाहीं पिअइ चाही जब तू पचे मिलापवाला तम्बू मँ आवा। अगर तू पचे अइसा करब्या तउ मर जाब्या। इ नेम तोहरी सारी पीढ़ियन मँ हमेसा चलत रही। 10 तू पचन क, पवित्तर अउ अपवित्तर तथा सुद्ध अउ असुद्ध चिजियन मँ फरक करइ चाही। 11 यहोवा मूसा क आपन नेम दिहस अउ मूसा ओन नेमन क लोगन बरे दिहस। हारून, तोहका ओन सबहिं नेमन क सिच्छा लोगन क देइ चाही।” 12 मूसा हारून अउ ओकरे बचा भवा दुई पूतन एलीआज़ार अउर ईतामार स बात किहस। मूसा कहेस, “कछू अन्नबलि यहोवा क उपहार मँ अबहुँ तलक बची भइ अहइ। तू लोग अन्नबलि क उ हींसा खाइ सकत ह। मुला तू लोगन क एकॉ बिना खमीर मिलाए खाइ चाही। एकॉ वेदी क लगे खा। काहेकि उ भेंट बहोतइ पवित्तर बाटइ। 13 उ उ भेंटन क हींसा अहइ, जउन यहोवा बरे उपहार क रूप मँ भेंट चढ़ाइ ग रहेन। जउन नेम मइँ तोहका बताएउँ ह, उ सिखावत ह कि उ हींसा तू अउर तोहार पूतन क बाटइ। मुला तोहका एकॉ पवित्तर ठउरे प खाइ चाही। 14 “तू, तोहार बेटवन अउ बिटियन भी उत्तोलन बलि स छाती क अउ मेलबलि स जाँघे क खाइ सकिहीं। इ सबइ क तोहका जरूर पवित्तर ठउरे पइ खाइ चाही। मुला तोहका इ सबइ क सुद्ध जगह पइ खाइ चाही। काहेकि इ सबइ मेलबलि मँ स मिली अहइ। इस्राएल क लोग इ बलि यहोवा क देत हीं। ओन जनावरन क कछू भाग क लोग खात हीं मुला छाती अउ जाँघ तोहार हींसा अहइ। 15 लोगन क आपन चबीर् क भेंट जरूर लिआवइ चाही। ओनका मेलबलि क जाँघ अउ उत्तोलन बलि क छाती जरूर लिआवइ चाही। ओका यहोवा क समन्वा जरूर उत्तोलन करइ चाही। इ बलि तोहार हींसा होइ। इ तोहार अउ तोहार गदेलन क होइ। यहोवा क आदेस क मुताबिक बलि क उ भाग हमेसा तोहार होइ।” 16 मूसा पापबलि क बोकरा क बारे मँ पूछेस। मुला ओका पहिले ही बारि दीन्ह गवा रहा। मूसा हारून क बाकी बेटवन अलावा एलीआज़ार अउ ईतामार पइ बहोतइ कोहाइ गवा। मूसा कहेस, 17 “तू लोगन क इ बोकरा पवित्तर ठउरे पइ खाइ क रहा। इ बहोतइ पवित्तर बाटइ। तू लोगन ऍका यहोवा क समन्वा काहे नाहीं खाया? यहोवा इ तोहका धामिर्क सभा क पापन क छिमा बरे ओकर प्रायस्चित करइ बरे दिहस। 18 देखा! तू उ बोकरे क रकत पवित्तर जगह क भीतर नाहीं लिआया। तू पचन क इ बोकरा पवित्तर ठउरे प खाइ क रहा जइसा कि मइँ आदेस दिहेउँ ह।” 19 मुला हारून मूसा स कहेस, “लखा आज उ पचे आपन पापबलि अउ होमबलि यहोवा क समन्वा लाएन। मुला तू जानत अहा कि आजु मोरे संग का भवा ह! का तू इ समझत अहा कि अगर मइँ पापबलि क आज खाब तउ खुस होइ नाहीं” 20 जब मूसा इ सुनेस तउ सहमत होइ गवा।

Leviticus 11

1 यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, 2 “इस्राएल क लोगन स कहा: इ सबइ पसु अहइँ जेनका तू खाइ सकत ह: 3 अगर पसु क खुर दुइ हिस्सा मँ बँटा होइ अउ उ पसु जुगाली करत होइ तउ तू उ पसु क गोस खाइ सकत ह। 4 “कछू पसु जुगालीकरत हीं, मुला ओनकइ खुर नाहीं फाट होतेन। तउ अइसे पसु क जिन खा। ऊँट, सापान अउ खरहा वइसेन दर्जा क अहइँ। एह बरे उ सबइ तोहरे बरे असुद्ध अहइँ। 5 6 7 दुसर पसु दुइ हिस्सा मँ बँटा भवा खुरवाला अहइँ, मुला उ पचे जुगाली नाहीं करतेन। ओन पसुअन क जिन खा। सुअर वाइसेन ही अहइँ, एह बरे उ सबइ असुद्ध अहइँ। 8 ओन पुसुअन क गोस जिन खा। ओनके ल्हासे क जिन छुआ। उ सबइ तोहरे बरे असुद्ध अहइँ। 9 “अगर कउनो जनावर समुद्दर या नदी मँ बसत ह अउ ओकरे पखना अउ परत होत हीं तउ तू उ जनावर क खाइ सकत ह। 10 मुला जदि जनवार समुद्दर या नदी मँ बसत ह अउ ओकरे पखना अउ परत नाहीं होतिन तउ उ जनावर क तोहका नाहीं खाइ चाही। तोहका उ तरह जनावरन क घिनौना समुझइ चाही। उ तरह क पसु क गोस जिन खा। इहाँ तक कि ओकर ल्हासे क जिन छुआ। 11 12 तोहका पानी क हर एक पसु क जेकरे पखना अउ परत नाहीं होतिन असुद्ध जनावर मँ समझइ चाही। तोहका उ तरह क समुद्दर क जनावरन क घिनौना चिजियन मँ स समुझइ चाही। 13 “तोहका नीचे लिखे भए पंछिन क भी घिनौना पंछी समझइ चाही। इन पंछिन मँ स कउनो क जिन खा: उकाब, गीध, सिकारी पंछी, 14 चील, सबहिं तरह क बाज नाउँ क पंछी, 15 सब तरह क काला पंछी, 16 सुतुर्मुर्ग, सीगंवाला कुचकुचवा, समुद्री जलमुर्गा, सबहिं प्रकार क बाज, 17 कुचकुचवा, समुद्री कौआ, बड़का कुचकुचवा, 18 जलमुर्गी, मछरी खाइवाला पेलिकन नाउँ क खेत जल पंछी, समुद्री गीध, 19 हंस, सब तरह क सारस, कठफोड़वा अउ चमगादड़। 20 “अउ सबहिं अइसे उड़इवाला कीड़ा पतंग जउन चार गोड़े प चलत इ सबइ तोहार लइ घिनौना अहइ। 21 मुला अगर उड़इवाला कीड़ा पतंगा क पखना होत हीं अउ चार गोड़े प चलत ह अगर ओकरे गोड़े क ऊपर टांगन मँ अइसे जोड़ अहइँ कि उ जमीन प उछरि सकइ तउ तू ओन पतंगन क खाइ सकत ह। 22 इ सबइ बाटेन जेनका तू खाइ सकत ह: हर किसिम क टिड्यिन, हर किसिम क उड़इवाला टिड्डियन, हर तरह क झीगुंर, हर तरह क घास चट कइ देइवाला टिड्डन। 23 “मुला दूसर उ सबहिं उड़इवाला कीड़ा पतंगन जउन चार गोड़े प चलि सकत हीं, तोहरे बरे घिनौना प्राणी अहइ। 24 उ सबइ कीड़ा पतंगन तोहका सबन क असुद्ध करिहीं। कउनो मनई जउन मरे भए कीड़ा पतंगन क छुई, साँझ तलक असुद्ध रही। 25 अगर कउनो मनई ओन मरे भए किरवन मँ स कउनो क उठावत ह तउ उ मनई क आपन ओढ़ना धोइ लेइ चाही। उ मनई साँझ तलक असुद्ध रही। 26 “कछू जनावरन क खुर होत ह मुला उ खुर दुइ भाग मँ फटि नाहीं होतेन। कछू जनावर जुगाली नाहीं करतेन। कछू जनावरन क खुर नाहीं होतेन, उ आपन पंजे पइ चलतहीं। इ सबइ प्रकार क जनावरन असुद्ध अहइँ। अगर एक व्यक्ति ओकर ल्हासे क छुअत ह तउ उ व्यक्ति साँझ तलक असुद्ध रहीं। 27 28 अगर एक व्यक्ति ओकर ल्हासे क उठावत ह तउ उ व्यक्ति क आपन ओढ़ना क जरूर धोवइ चाही। उ व्यक्ति साँझ तलक असुद्ध रहीं। उ सबइ जनावरन तू पचन्क बरे असुद्ध अहइ। 29 “इ सबइ रेगंइवालन पसु तू पचन बरे असुद्ध अहइँ: छछून्दर, चूहा, सबहिं तरह क गिरगिट, 30 छिपकली, मगरमच्छ, गिरगिट, रेगिस्तानी गोहेर, अउ रंग बदलत गिरगिट। 31 इ सबइ रेगंइवाला पसु तोहरे बरे असुद्ध अहइँ। कउनो मनई जउन ओन मरे भएन क छुई साँझ तलक असुद्ध रही। 32 “अगर कउनो असुद्ध पसुअन मँ स एक मरा भवा पसु कउनो चीज प गिर पड़इ तउ उ चीज असुद्ध होइ जाइ। इ काठ, चाम, कपड़ा, सोक ओढ़ना या कउनो भी औजार होइ सकत ह। जउन कछू भी उ होइ ओका पानी स धोवइ चाही। इ साँझ तलक असुद्ध रही। तबहिं इ फुन सुद्ध होइ जाइ। 33 अगर कउनो असुद्ध पसुअन मँ स एक मरा भवा माटी क कटोरा मँ गिर जाइ तउ कटोरा क कउनो भी चीज असुद्ध होइ जाइ। तू पचन क कटोरा जरुर तोड़ देइ चाही। 34 अगर असुद्ध माटी क कटोरा क पानी कउनो खइया या पेय खोरा पइ पड़इ तउ उ असुद्ध होइ जाइ। 35 अगर कउनो मरे भए घिनौने पसु क कउनो हिस्सा कउनो चीजे पइ आइ पड़इ तउ उ चीज सुद्ध नाहीं रही। एका टूका टूका कइ देइ चाही। चाहे उ चूल्हा होइ या कड़ाही। उ सबइ तू पचन क बरे हमेसा असुद्ध रइहीं। 36 “कउनो सोता या कुआँ, जेहमाँ पानी रहत ह, सद्ध बना रही। मुला कउनो व्यक्ति जउन कउनो मरे भए असुद्ध जनवार क छुइ उ असुद्ध होइ जाइ। 37 अगर ओन घिनौने मरे पसुअन क कउनो हिस्खा बोवा जाइवाला बिआ पइ आइ पड़इ तउ भी उ सुद्ध ही रही। 38 मुला बोवइ बरे तू पचे कउनो बिआ प पानी डावत ह अउ तब अगर मरे असुद्ध पसु क कउनो हिस्सा ओन बिअन पइ आइ पड़इ तउ उ सबइ बिआ तोहरे बरे असुद्ध अहइँ। 39 “अउर भी, अगर भोजन बरे कउनो पसु जेका तू बइपरत ह अपने आप मरि जाइ तउ जउन मनई उसके मरे सरीर क छुअइ, साँझ तलक असुद्ध रही। 40 जउन व्यक्ति मरे भए पसु क गोस खाइ, ओका आपन ओढ़ना जरूर धोवइ चाही। उ मनई साँझ तलक असुद्ध रही। जउन व्यक्ति मरे पसु क सरीर उठावइ ओका भी आपन ओढ़ना जरूर धोवइ चाही। इ व्यक्ति साँझ तलक असुद्ध रही। 41 “हर एक अइसा पसु जउन धरती प रेंगत ह, उ ओन पसुअन मँ स एक बाटइ, जेका यहोवा खाइ क मना किहे अहइ। 42 तू पचन क अइसे कउनो रेगंइवाले पसुअन क जरूर खाइ नाहीं चाही जउन पेटे क बल रेगंत ह या चारउँ गोड़न प चलत ह, या जेकरे बहोत स गोड़ अहइँ। उ पचे तोहरे बरे असुद्ध पसु अहइँ। 43 ओन पसुअन स आपन क गन्दा जिन बनावा अउ ओनके बरे आपन क असुद्ध जिन बनावा। 44 काहेकि मइँ यहोवा तोहार परमेस्सर अहउँ। मइँ पवित्तर अहउँ। एह बरे तू पचन क आपन क पवित्तर राखइ चाही। ओन घिनौने रेगंइवाला पसुअन स आपन क घिनौना जिन बनावा। 45 मइँ तू लोगन क मिस्र स लइ आवा अहउँ। मइँ इ एह बरे किहेउँ कि तू लोग मोर खास जन बना रहि सका। मइँ इ एह बरे किहेउँ कि मइँ तोहार परमेस्सर बन सकउँ। मइँ पवित्तर अहउँ, एह बरे तोहे सबन क पवित्तर रहब अहइ।” 46 उ सबइ नेम सबहिं गोरुअन, पंछियन अउ भुइँया क दूसर पसुअन बरे अहइ। उ सबइ नेम समुद्दर मँ रहइवालन सबहिं पसुअन अउ भुइँया पइ रेगंइवालन सब पसुअन बरे अहइँ। 47 उ सबइ उपदेस एह बरे अहइँ कि लोग सुद्ध अउ असुद्ध पसुअन मँ अन्तर कइ सकइँ। इ तरह लोग जनिहीं कि उ पचे कउन सा पसु खाइ सकत हीं अउर कउन सा नाहीं खाइ सकत हीं।”

Leviticus 12

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “इस्राएल क लोगन स इ नेमन क कहा: अगर कउनो स्त्री एक ठु लरिका क जन्मत ह तउ उ स्त्री सात दिना तलक असुद्ध रही। इ ओकरे मासिक धर्म क समइ असुद्ध होइ क तरह होइ। 3 अठऍ दिन लरिका क खतना होइ चाही। 4 उ आपन सुद्धीकरण क टेमॅ क लइके तैंतीस दिना पाछे तलक असुद्ध रहीं। उ स्त्री क उ समइ मँ कछू नाहीं छुअइ चाही जउन पवित्तर अहइ। ओका पवित्तर ठउरे मँ तब तलक नाहीं जाइ चाही जब तलक ओकरे सुद्धीकरण क समइ पूरा न होइ जाइ। 5 मुला अगर स्त्री लरिकी क जन्मत ह तउ महतारी क मासिक धर्म क समइ क तरह उ दुइ हफ्ता तलक असुद्ध रही। उ आपन सुद्धीकरण क टेम स लइके छहसठ दिना पाछे असुद्ध रही। 6 “नई महतारी जउन अबहिं बच्चा जनम दिहे अहइ, चाहे उ बच्चा लरिका होय या लरिकी तउ अइसी महतारी क सुद्धीकरण क समइ पूरा होइ क पाछे ओका मिलापवाला तम्बू मँ खास भेंटन लइ आवइ चाही। ओका ओन भेंटन क मिलापवाला तम्बू क दुआर पइ याजक क जरूर देइ चाही। ओका एक बरिस क मेमना होमबलि बरे अउ एक ठु फाख्ता या कबूतर क बच्चा पापबलि बरे लइ आवइ चाही। 7 अगर स्त्री मेमन देइ मँ असमर्थ होइ तउ उ दुइ फाख्ता या दुइ कबूतरे क बच्चा लिआइ सकत ह। एक ठु पंछी होमबलि बरे अउ एक ठु पापबलि बरे होइ। याजक यहोवा क सामने ओनका भेंट करी। इ तरह उ ओकरे पाप बरे प्रायस्चित करी। तब उ आपन रकत क हानि स सुद्ध होइ। इ सबइ नेम ओन स्त्रियन बरे अहइँ जउन एक ठु लरिका या लरिकी क जन्मत ह।” 8

Leviticus 13

1 यहोवा मूसा अउ हारून स कहेस, 2 “कउनो व्यक्ति क चाम पइ भयंकर सूजन या खजुरी या सफेद दाग होइ सकत हीं। अगर घाव चर्मरोग क नाईर् देखाइ पड़इँ तउ उ मनई क याजक हारून या ओकरे कउनो याजक पूतन क लगे लिआवा जाइ चाही। 3 याजक लोगन क मनई क चर्म क घाव क देखइ चाही। अगर घाव क बार सफेद होइ गवा होइँ अउर घाव मनई क चाम स जियादा गहिर मालूम होइ तउ इ भयंकर चर्मरोग बाटइ। जब याजक मनई क जाँच खतम करइ तउ ओका एलान करइ चाही कि मनई असुद्ध अहइ। 4 “कबहुँ कबहुँ कउनो मनई क चाम पइ कउनो सफेद दाग होइ जात ह मुला दाग चाम स गहिर नाहीं मालूम होत। अगर उ सच होइ तउ याजक उ मनई क सात दिना बरे दूसर लोगन स अलग करी। 5 सतएँ दिन याजक क उ मनई क फुन स जरूर जाँच करइ चाही। अगर घाव मँ कउनो बदलाव नाहीं आएस ह। अउर चाम पइ नाहीं फइलेस ह। तउ याजक क दूसर सात दिना बरे उ व्यक्ति क दूसर लोगन स जरूर अलगाइ देइ चाही। 6 तब याजक क उ व्यक्ति क सात दिना पाछे जरूर जाँच करइ चाही। जदि दाग गहिर होइ गवा ह अउ चाम पइ न फइला होइ तब याजक क जरूर एलान करइ चाही कि उ व्यक्ति सुद्ध अहइ। इ सिरिफ खुरंड अहइ। तब उ व्यक्ति क आपन ओढ़ना धोवइ चाही अउ उ फुन स सुद्ध होइ चाही। 7 “मुला अगर मनई याजक क फिन अपने आप क सुद्ध बनावइ बरे देखाइ लिहे होइ अउ ओकरे पाछे चर्मरोग चमड़ी पइ फइलइ लागइ तउ उ मनई क फुन याजक क लगे आवइ चाही। 8 याजक क जाँच कइके देखइ चाही। अगर घाव चाम पइ फइला होइ तउ याजक क एलान करइ चाही कि उ मनई असुद्ध अहइ अर्थातू ओका कउनो भयानक रोग अहइ। 9 “अगर मनई क भयानक चर्मरोग भवा होइ तउ ओका याजक क लगे लइ आवा जाइ चाही। 10 याजक क उ मनई क जाँच कइके देखइ चाही। अगर चाम पइ सफेद दाग होइ अउ ओहमाँ सूजन होइ, उ जगह क बार सफेद होइ ग होइँ अउर अगर हुआँ घाव कच्चा होइ। 11 तउ इ कउनो भयानक चर्मरोग अहइ जउन उ मनई क बहोत समइ स अहइ। ऍह बरे याजक क उ मनई क असुद्ध घोसित कइ देइ चाही। याजक उ मनई क सिरिफ तनिक समइ क बरे ही दूसर मनइयन स न अलगाई। काहेकि उ जानत ह कि उ मनई असुद्ध अहइ। 12 “अगर कबहुँ चर्मरोग मनई क समूचइ सरीर मँ फइल जाइ, उ चर्मरोग उ मनई क मूँड़े स गोड़े तलक ढक लेइ, 13 अउर याजक लखइ कि चर्मरोग समूचइ सरीर पइ इ तरह ढके अहइ कि उ मनई क पूरा सरीर ही सफेद होइ ग अहइ तउ याजक क ओका सुद्ध घोसित कइ देइ चाही। 14 मुला अगर मनई क चर्म घाव जइसा कच्चा होइ तउ उ सुद्ध नाहीं अहइ। 15 जब याजक कच्चा चाम लखइ, तब ओका घोसित कइ देइ चाही कि मनई असुद्ध अहइ। कच्चा चाम सुद्ध नाहीं अहइ। इ भयानक चर्मरोग अहइ। 16 “अगर कच्चा चाम फुन सफेद होइ तउ उ मनई क याजक क लगे आवइ चाही। 17 याजक क उ मनई क जरूर जाँच करइ चाही। अगर व्याधि सफेद होइ गवा अहइ तउ याजक क घोसित करइ चाही कि रोग ग्रस्त व्यक्ति सुद्ध अहइ। तउ उ मनई सुद्ध अहइ। 18 “होइ सकत ह कि कउनो व्यक्ति क सरीर क चाम पइ कउनो फोड़ा होइ जउन कि ठीक होइ ग रहा। 19 अउर उ जगह पइ सफेद सूजन, या लाली लिए भए सफेद दाग जाहिर हो जात ह अउ तब एका याजक क जरूर देखावइ चाही। 20 याजक क ओका निहारइ चाही। अगर सूजन चमड़ी स गहिर बाटइ अउ एह पइ क बार सफेद होइ ग अहइँ तउ याजक क एलान करइ चाही कि उ मनई असुद्ध बाटइ। उ दाग भयानक चर्मरोग अहइ। इ फोड़ा क भितरे स फूट पड़ा बाटइ। 21 मुला अगर याजक उ जगह क लखत ह अउ ओह पइ सफेद बार नाहीं अहइँ अउर दाग चमड़ी स गहिर नाहीं अहइ, मुला धुँधला बाटइ तउ याजक क उ मनई क सात दिन बरे अलग कइ देइ चाही। 22 अगर दाग क जियादा हिस्सा चमड़ी पइ फइलत ह तब याजक क एलान करइ चाही कि मनई असुद्ध अहइ। इ छूत रोग अहइ। 23 मुला अगर सफेद दाग अपनी जगह बना रहत ह, फइलत नाहीं तउ उ पुराना फोड़ा क सिरिफ घान अहइ। याजक क एलान करइ चाही कि मनई सुद्ध अहइ। 24 “कउनो व्यक्ति क चाम जरि सकत ह। अगर कच्चा चाम सफेद या लाली लिए भए सफेद दाग मँ बदल जाइ, तउ याजक क ऍका जाँच करइ चाही। अगर उ दाग चमड़ी स गहिर मालूम होइ अउ उ जगह क बार सफेद होइ जाइँ तउ इ अत्यधिक व्याधिक चर्मरोग अहइ। जउन जरा भवा मँ स फूट पड़ा अहइ। तउ याजक क उ व्यक्ति क असुद्ध घोसित करइ चाही। इ भयंकर चर्म रोग अहइ। 25 26 मुला याजक इ जगह क लखत ह अउर सफेद दाग मँ सफेद बार नाहीं अहइँ अउ दाग चमड़ी स गहिर नाहीं अहइ, मुला हल्का बा तउ याजक क ओका सात दिना बरे अलग करइ चाही। 27 सतएँ दिन याजक क उ मनई क फुन देखइ चाही। अगर दाग चमड़ी पइ फइलइ तउ याजक क एलान करइ चाही कि मनई असुद्ध अहइ। इ भयंकर चर्मरोग अहइ। 28 मुला अलग सफेद दाग चमड़ी पइ न फइलइ, मुला धुँधला होइ तउ इ जरइ स पइदा भइ सूजन अहइ। याजक क उ मनई क सुद्ध घोसित करइ चाही। इ सिरिफ बर जाइ क चीन्हा अहइ। 29 “कउनो मनई या मेहरारू क मूँड़ि या दाढ़ी क चाम पइ कउनो छूत रोग होइ सकत ह। 30 याजक क उ छूत क रोग (व्याधि) क जरूर लखइ चाही। अगर छूत क रोग चमड़ी स गहिर मालूम होइ अउ एकरे चारिहुँ कइँती क बार पियार अउर पतला अहा तउ याजक क एलान करइ चाही कि उ व्यक्ति असुद्ध अहइ। इ मूँड़ि या दाढ़ी क बुरा चर्मरोग अहइ। 31 अगर रोग चमड़ी स गहिर न मालूम होइ, अउर एहमाँ कउनो करिया बार न होइ तउ याजक क ओका सात दिन बरे अलग कइ देइ चाही। 32 “सतएँ दिन याजक क छूत क रोगी क फुन जाँच करइ चाही। अगर रोग फइला नाहीं बाटइ अउर बार पिआर नाहीं होइ अउ जदि रोग चमड़ी स गहिर नाहीं अहइ, 33 तउ उ मनई क बार जरूर काट देइ चाही। मुला ओका रोगवाले जगह क बार नाहीं कटावइ चाही। याजक क रोग लखइ बरे उ व्यक्ति क अउर सात दिना बरे अलगाइ देइ चाही। 34 सतएँ दिन याजक क रोगी क निहारइ चाही। अगर रोग चमड़ी मँ फइला नाहीं अहइ अउर इ चमड़ी स गहिर नाहीं मालूम होत ह तउ याजक क एलान करइ चाही कि मनई सुद्ध अहइ। मनई क आपन ओढ़ना धोवइ चाही अउ सुद्ध होइ जाइ चाही। 35 “मुला अगर मनई क सुद्ध होइके जाइके पाछे चमड़ी मँ रोग फइलत ह। 36 तउ याजक क फिन मनई क लखइ चाही। अगर रोग चमड़ी मँ फइलत ह तउ याजक क पिअर बाल लखइ क जरुरत नाहीं मनई असुद्ध अहइ। 37 मुला अगर याजक इ समुझत ह कि रोग क बढ़ब रुकि गवा बाटइ अउ एहमाँ करिया बार जमत अहइँ तउ रोग नीक होइ गवा अहइ। मनई सुद्ध अहइ। याजक क एलान करइ चाही कि मनई सुद्ध अहइ। 38 “जदि कउनो मनई या मेहरारू क चाम पइ सफेद दाग होइँ, 39 तउ याजक क ओन दागन क लखइ चाही। अगर मनई क चमड़ी क दाग धुँधला होइँ, तउ रोग सिरिफ हानि न पहुँचावइवाली फोड़िया अहइ। उ मनई सुद्ध अहइ। 40 “कउनो मनई आपन मूँड़े क बार क झरते हुए लख सकत हीं। उ सुद्ध अहइ। इ सिरिफ गंजापन बाटइ। 41 कउनो मनई क मूँड़े क बार झरि सकत हीं। उ सुद्ध अहइ। इ दूसर तरह क गंजापन अहइ। 42 मुला ओकरे मूँड़े क चमड़ी पइ लाल सफेद फोड़िया बाटिन तउ इ भयानक चर्मरोग अहइ। 43 याजक क अइसे व्यक्ति क जाँच करइ चाही। अगर चमड़ी क व्याधि सरीर पइ उ चाम रोग की नाईं ललछौंड़ सफेद अहइ।’ 44 तउ उ मनई क मूँड़े क चमड़ी पइ भयानक चर्मरोग अहइ। मनई असुद्ध अहइ, याजक क एलान करइ चाही। 45 “अगर कउनो मनई क भयानक चर्मरोग होइ तउ उ मनई क दूसर लोगन क होसियार करइ चाही। उ मनई क जोर से “असुद्ध! असुद्ध!” कहइ चाही, उ मनई क ओढ़नन क, सिलाइ स फाड़ देइ चाही। उ मनई क आपन बारन क सँवारइ नाहीं चाही अउ उ मनई क आपन मुँह ढाँकइ चाही। 46 जउन मनई असुद्ध होइ ओहमाँ छूत क रोग हमेसा रही। उ मनई असुद्ध अहइ। ओका अकेल्ॅले रहइ चाही। ओकरे निवास डेरा स बाहेर होइ चाही। 47 “कछू ओढ़नन पइ फपूँदीलागि सकत ह। ओढ़ना सन या ऊनी होइ सकत ह। ओढ़ना बुना भवा या कढ़ा भवा होइ सकत ह। फपूँदी कउनो चमड़ा या चमड़ा स बना भवा कउनो चीज पइ होइ सकत ह। 48 49 अगर फपूँदी हरिअर या लाल होइ तउ ओका याजक क देखाँवइ चाही। 50 याजक क फपूँदी लखइ चाही। ओका उ चीज क सात दिना तलक अलग जगह पइ धरइ चाही। 51 सतएँ दिन, याजक क फपूँदी लखइ चाही। इ महत्वपूर्ण नाहीं बा कि ओढ़ना क ताना बाना मँ फपूँदी अहइ या नाहीं इ महत्वपूर्ण नाहीं बा कि चमड़ा क प्रयोग काहे बरे कीन्ह गवा रहा। अगर फपूँदी फइलत ह तउ उ कपड़ा या चाम असुद्ध बाटइ। उ फपूँदी असुद्ध अहइ। याजक क उ कपड़ा या चमड़ा क बारि देइ चाही। 52 53 “अगर याजक देखइ कि फपूँदी फइली नाहीं तउ तउ उ कपड़ा या चाम धोवा जाइ चाही। इ महत्वपूर्ण नाहीं कि इ चाम अहइ या कपड़ा या कपड़ा क ताना बाना मँ फपूँदी अहइ या नाहीं। ऍका धोवइ चाही। 54 याजक क मनइयन क इ हुकुम देइ चाही कि उ पचे चाम या कपड़ा क टूका क धोवइँ, तबहिं याजक ओढ़नन क अउर सात दिना बरे अलग करइ। 55 उ समइ क पाछे याजक क फुन देखइ चाही। अगर फपँदी ठीक वइसेन ही देखाइ देत ह तउ उ ओढ़ना असुद्ध अहइ। इ महत्वपूर्ण नाहीं अहइ कि छूत फइली नाहीं अहइ। तू पचन क उ कपड़ा या चमड़ा बारि देइ चाही। 56 “मुला अगर याजक उ चाम या कपड़ा क लखत ह कि फपँूदी मुरझान बा तउ याजक क चमड़ा या कपड़ा क फपूँदी स लाग दाग क चमड़ा या कपड़ा स फाड़ि देइ चाही। इ महत्वपूर्ण नाहीं कि कपड़ा क ताना बाना मँ फफूँदी अहइ या नाहीं। 57 मुला फपूँदी उ चमड़ा या कपड़ा पइ लौटि सकत ह। अगर अइसा होत ह तउ फपूँदी बढ़ति अहइ। उ चमड़ा या कपड़ा क बारि देइ चाही। 58 मुला अगर धोवइ क पाछे फपूँदी न लउटइ, तउ उ चाम या कपड़ा सुद्ध अहइ। एकर कउनो महत्व नाहीं कि कपड़ा क ताना बाना मँ फपूँदी अहइ या नाहीं। उ कपड़ा फुन धोइव चाही अउर उ सुद्ध होइ।” 59 चाम या कपड़ा पइ फपूँदी क बारे मँ फइसला करइ बरे इ सबइ नेम अहइ कि उ सुद्ध अहइ या असुद्ध। ऍकर कउनो महत्व नाहीं कि कपड़ा क ताना बाना मँ फपूँदी अहइ या नाहीं।

Leviticus 14

1 यहोवा मूसा स कहेस, 2 “इ सबइ ओन लोगन बरे नेम अहइँ जेनका भयानक चर्मरोग रहा अउर जउन नीक होइ गएन। इ सबइ नेम उ मनई क सुद्ध बनावइ बरे अहइँ।“याजक क उ मनई क लखइ चाही जेका भयानक चर्मरोग अहइ। 3 याजक क उ मनई क लगे डेरा क बाहेर जाइ चाही। याजक क इ लखइ क कोसिस करइ चाही कि उ चर्म रोग नीक होइ ग अहइ। 4 अगर व्यक्ति स्वस्थ अहइ तउ याजक ओका इ करइ क कही। ओका दुइ जिअत सुद्ध पंछी, एक देवदारु क लकड़ी, लाल कपड़ा क एक ठु टूका अउर एक ठु जूफाक पौधा जरूर लइ आवइ चाही। 5 याजक क बहत भए पानी क ऊपर माटी क एक ठु खोरा मँ एक ठु पंछी क मारइ क हुकुम देइ चाही। 6 तब याजक दूसर जिअत पंछी, देवदारु क लकड़ी, लाल कपड़ा क टूकन अउ जूफा क पउधा स्वीकार करी। याजक क जिअत पंछी अउ दूसर चीजन क बहत भए पानी क ऊपर मारा गवा पंछी क रकत मँ बोरइ चाही। 7 याजक उ व्यक्ति प भयानक चर्मरोग स उपचार करइ बरे सात दाईर् रकत छिरकी। तब याजक क जरूर घोसित करइ चाही कि उ मनई सुद्ध अहइ। तब याजक क खुला मैदान मँ जाइ चाही अउ जिअत पंछी क अजाद करइ देइ चाही। 8 “ऍकरे पाछे उ व्यक्ति क आपन ओढ़ना जरूर धोवइ चाही। ओका आपन सब बार क मूंडन करावइ चाही अउ पानी स नहाइ चाही। उ पवित्तर होइ जाइ। तब उ व्यक्ति सिबर मँ जाइ सकी। मुला ओका आपन खेमा क बाहेर सात दिना तलक रहइ चाही। 9 सतएँ दिन ओका आपन सारा बार काट डावइ चाही। ओका आपन मूँड़, डाढ़ी, भौंहन क सबहिं बार कटवाइ लेइ चाही। तब ओका आपन कपड़ा धोवइ चाही अउ पानी स नहाइ चाही। तब उ मनई सुद्ध होइ। 10 “अठएँ दिन उ व्यक्ति क दुइ भेड़ी क नर बच्चन लेइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। ओका एक बरिस क एक ठु मादा मेमना भी लेइ चाही जेहमाँ कउनो दोख न होइ। ओका एपा क तीन दसवाँ हींसा तेल मिला भवा उत्तिम आटा लेइ चाही। इ आटा अन्नबलि बरे अहइ। उ व्यक्ति क दुइ तिहाइ पिण्टजैतून क तेल भी लेइ चाही। 11 याजक क एलान करइ चाही कि उ मनई सुद्ध अहइ। याजक क उ मनई अउ ओकरी बलि क मिलापवाला तम्बू क दुआरे पइ यहोवा क समन्वा लइ आवइ चाही। 12 याजक मेमनन मँ स एक क दोखबलि क रुप मँ चढ़ाई। उ मेमना क अउर उ तेल क यहोवा क समन्वा उत्तोलन बलि क रुप मँ चढ़ाई। 13 तब याजक नर मेमना क उहइ पवित्तर ठउर पइ मारी जहाँ उ पचे पापबलि अउ होमबलि क मारत हीं। दोखबलि, पापबलि क समान अहइ। इ याजक क बाटइ। इ बहोतइ पवित्तर अहइ। 14 “याजक दोखबलि क कछू रकत सुद्ध कीन्ह जाइवाला व्यक्ति क दाहिने काने क लौ मँ कछू रकत दाहिने हाथ क अंगूठा अउ दाहिन गोड़े क अंगूठा पइ लगाइ। 15 याजक कछू तेल भी लेइ अउ आपन बाईर् हथेली पइ डाई। 16 तब याजक आपन दाहिन हाथे क अँगुरियन अपन बाऍ हाथे क हथेली मँ धरे भए तेल मँ बोरी। उ आपन अँगुरी क प्रयोग कछू तेल यहोवा क समन्वा सात दाईर् छिरकइ बरे करी। 17 याजक आपन हथेली स कछू तेल सुद्ध कीन्ह जाइवाला मनई क दाहिन काने क लौ पइ लगाई। याजक कछू तेल उ मनई क दाहिन हाथे क अंगूठे अउ दाहिन गोड़ क अंगूठे पइ लगाइ। याजक कछू तेल दोखबलि क रकत पइ लगाई। 18 याजक आपन हथेली मँ बचा भवा तेल सुद्ध कीन्ह जाइवाला मनई क मूँड़े प लगाइ। इ तरह याजक उ मनई क पाप क यहोवा क समन्वा प्रायस्चित करी। 19 “ओकरे पाछे याजक पापबलि चढ़ाई अउ मनई क पापन्क प्रायस्चित करी। जेहसे उ सुद्ध होइ जाई। एकरे पाछे याजक होमबलि बरे पसु क मारी। 20 ऍह बरे याजक होमबलि अउ अन्नबलि क वेदी पइ चढ़ाई। इ तरह याजक उ मनई क पापन्क प्रायस्चित करी अउ उ मनई सुद्ध होइ जाई। 21 “अगर व्यक्ति गरीब अहइ अउ ओन बलियन क देइ मँ असमर्थ बाटइ तउ ओका एक ठु नर मेमना दोखबलि क रुप मँ लेइ चाही। इ उत्तोलन बलि उ व्यक्ति क पापन क प्रायस्चिय करइ बरे होइ। ओका एपा क दसवाँ हींसा तेल स मिला भवा उत्तिम महीन आटा लेइ चाही। इ आटा अन्नबलि क रुप मँ उपयोग मँ आई। मनई क दुइ तिहाई पिण्ट जैतून क तेल। 22 अउर दुइ फाख़ता या दुइ ठु कबूतरे क बच्चा लेइ चाही। इ सबइ चिजियन क देइ मँ गरीब लोग समर्थ होइहीं। एक पंछी पापबलि बरे होई अउ दूसर होमबलि बरे होई। 23 “अठएँ दिन, उ मनई ओन चिजियन क याजक क लगे मिलापवाला तम्बू क दुआर पइ लिआई। उ सबई चिजियन यहोवा क समन्वा बलि चढ़ाई जइहीं जेहसे मनई सुद्ध होइ जाई। 24 याजक, दोखबलि क मेमना अउर तेल भी लेई अउर ओनका यहोवा क समन्वा उत्तोलन बलि क रुप मँ चढ़ाई। 25 तब याजक दोखबलि क मेमना मारी। याजक दोखबलि क कछू रकत लेई। याजक एहमाँ स कछू रकत सुद्ध कीन्ह जाइवाला व्यक्ति क दाहिन कान क लौ पइ कछू रकत इ व्यक्ति क दाहिन हाथे क अंगूठा पइ अउर कछू रकत दाएँ गोड़ क अंगूठा पइ लगाई। 26 याजक इ तेल मँ स कछू आपन बाईर् हथेली मँ भी डाई। 27 याजक आपन दाहिन हाथे क अंगुरी क उपयोग आपन हथेली क तेल क यहोवा क समन्वा सात दाईर् छिरकइ बरे करी। 28 तब याजक आपन हथेली स कछू तेल उहइ जगह पइ लगाइ जहाँ उ पहिले लगाए रहा। उ आपन हथेली स कछू तेल सुद्ध कीन्ह जाइवाला व्यक्ति क दाहिन काने क लौ पइ लगाई। याजक इ तेल मँ स कछू तेल मनई क दाहिन हाथे क अंगूठा अउ ओकरे दाहिन गोड़े क अगूंठा पइ लगाई। याजक दोखबलि क रकत लगा ठउरे पइ एहमाँ स कछू तेल लगाई। 29 याजक क आपन हथेली क बचा भवा तेल क सुद्ध कीन्ह जाइवाला मनई क मूँड़े पइ डावइ चाही। इ तरह याजक यहोवा क समन्वा उ मनई क पापन क प्रायस्चित करी। 30 “तब मनई फ़खतन या कबूतरे क बच्चन मँ स एक क बलि चढ़ाई। ओका उहइ चढ़ाइ चाही जेका गरीब व्यक्ति देइ मँ समर्थ होइ। 31 ओका दुइनउँ पंछियन मँ स एक क पापबलि क रुप मँ चढ़ावइ चाही अउ दूसर पंछी क होमबलि क रुप मँ ओका ओनकइ अन्नबलि क संग भेंट चढ़ावइ चाही। इ तरह याजक यहोवा क समन्वा उ मनई क पाप क प्रायस्चित करी। उ मनई सुद्ध होइ जाई।” 32 इ सबइ भयानक चर्मरोग क नीक होइ क पाछे कउनो एक मनई क सुद्ध करइ क नेम अहइँ। इ सबइ नेम ओन मनइयन बरे अहइँ जउन सुद्ध होइ बरे साधारिन बलियन क खर्चा नाहीं उठाइ सकतेन। 33 यहोवा मूसा अउ हारून स इ भी कहेस, 34 “मइँ तोहरे लोगन क कनान देस देत अहउँ। तोहरे लोग इ भुइँया पइ जइहीं। उ समइ मँ होइ सकत ह, कछू लोगन क घरन मँ फपूँदी लगी होइ। 35 तउ उ घर क मालिक क याजक क लगे आइके कहइ चाही, ‘मइँ आपन घरे मँ फपूँदी जइसी कउनो चीज देखेउँ ह।’ 36 “तब याजक क आदेस जरूर देइ चाही कि घर क खाली कइ दीन्ह जाइ। लोगन क याजक क फपूँदी लखइ जाइके पहिले ही इ जरूर करी। इ तरह घरे क सबहिं चिजियन क याजक क असुद्ध नाहीं कहइ पड़ी। लोगन क घर क खाली कइ दीन्ह जाइ क पाछे याजक घरे क अन्दर जाइ अउर देखइ। 37 याजक फपूँदी क लखी। अगर फपूँदी घरे क दीवारे पइ हरिअर या लाल रंग क चकत्ता बनाइ दिहे अहइँ अउर इ दीवारन क सतह स गहिरा मालूम पड़त अहइ, 38 तउ याजक क घरे स बाहेर निकरि आवइ चाही। अउ सात दिना तलक घर जरूर बन्द कइ देइ चाही। 39 “सतएँ दिन, याजक क हुआँ लौटइ चाही अउर घरे क जाँच करइ चाही। अगर घरे क दीवार पइ फपूँदी फइलि गइ होइ 40 तउ याजक क लोगन क हुकुम देइ चाही कि उ पचे फपूँदी क सात पाथरन क उखाड़ि देइँ अउर ओनका दूर बहाइ देइँ। ओनका ओन पाथरन क सहर स बाहेर विसेस असुद्ध जगह पइ लोकावइ चाही। 41 तब याजक क पूरे घर क भितरे से खुरचवावइ चाही। लोगन क उ लेप क जेका उ पचे खुरचेन ह, लोकाइ देइ चाही। ओनका उ लेप सहर क बाहेर खास असुद्ध जगह पइ डावइ चाही। 42 तबहिं उ मनई क नवा पाथर दीवारे मँ लगावइ चाही अउ ओका ओन दीवारन क नवा लेप स ढाँकि देइ चाही। 43 “होइ सकत ह कउनो मनई पुरान पाथरन अउ लेप क निकारिके नवा पाथरन अउ लेप क लगावइ अउ होइ सकत ह उ फपूँदी उ घरे मँ फिन परगट होइ। 44 तब याजक क आइके उ घरे क जाँच जरूर करइ चाही। अगर फपूँदी घरे क अन्दर मँ फइलि गइ अहइ, तउ इ रोग अहइ जउन दूसरी जगहन मँ जल्दी स फइलत ह। एह बरे घर असुद्ध अहइ। 45 उ मनई क उ घर गिराइ देइ चाही। ओनका सारा पाथर, लेप अउ दूसर लकड़ी क टूकन क सहर स बाहेर असुद्ध जगह पइ लइ जाइ चाही। 46 कउनो मनई जउन ओहमाँ जात ह, साँझ तलक असुद्ध रही। 47 अगर कउनो मनई ओहमाँ खाना खात ह या ओहमाँ सोवत ह तउ उ मनई क आपन ओढ़ना धोवइ चाही। 48 “घरे मँ नवा पाथर अउ लेप लगाए क पाछे याजक क घरे क जाँच करइ चाही। अगर फपूँदी घरे मँ नाहीं फइली अहइ तउ याजक एलान करी कि घर सुद्ध अहइ। काहेकि फपूँदी खतम होइ ग अहइ। 49 “तब घरे क सुद्ध करइ बरे याजक क दुइ ठु पंछी, एक देवदारू क लकड़ी, एक लाल कपड़ा क टूका अउ जूफा क पउधा लेइ चाही। 50 याजक बहत भए पानी क