Matthew 1:1 इ ईसू मसीह क बंसज बृच्छ अहइ। इब्राहीम क बंसज दाऊद क पूत ईसू मसीह अहइ। 2 इब्राहीम क बेटवा इसहाक। इसहाक क बेटवा याकूब। याकूब क बेटवन यहूदा। अउर ओकर भाइयन। 3 यहूदा क बेटवन फिरिस अउर जोरह। (ओनकर महतारी तामार।) फिरिस क बेटवा हिस्रोन। हिस्रोन के बेटवा एराम। 4 एराम क बेटवा अम्मीनादाब। अम्मीनादाब क बेटवा नहसोन। नहसोन क बेटवा सलमोन। 5 सलमोन क बेटवा बोअज। (बोअज की महतारी राहब।) बोअज क बेटवा ओबेद। (ओबेद की महतारी रूथ।) ओबेद क बेटवा यिसै। 6 यिसै क बेटवा दाऊद राजा। दाऊद क बेटवा सुलैमान। (सुलैमान की महतारी उरिय्याह क पत्नी।) 7 सुलैमान क बेटवा रहबाम। रहबाम क बेटवा अबिय्याह। अबिय्याह क बेटवा आसा। 8 आसा क बेटवा यहोसाफात। यहोसाफात क बेटवा योराम। योराम क बेटवा उज्जियाह। 9 उज्जियाह क बेटवा योताम। योताम क बेटवा आहाज। आहाज क बेटवा हिजकियाह। 10 हिजकियाह क बेटवा मनस्से। मनस्से क बेटवा आमोन। आमोन क बेटवा योसिय्याह। 11 योसिय्याह क बेटवन यकुन्याह अउर ओकर भाइयन। (इस्राएल क मनइयन क कइदी बनाइ के बेबीलोनलइ जात कसमइउ दुइनउँजनमेन।) 12 बेबीलोन मँ लइ जाए क पाछे: यकुन्याह क बेटवा सालतिएल। सालतिएल क बेटवा जरुब्बाबिल। 13 जरुब्बाबिल क बेटवा अबीहूद। अबीहूद क बेटवा इल्याकीम। इल्याकीम क बेटवा अजोर। 14 अजोर क बेटवा सदोक। सदोक क बेटवा अखीम। अखीम क बेटवा इलीहूद। 15 इलीहूद क बेटवा एलीआजर। एलीआजर क बेटवा मत्तान। मत्तान क बेटवा याकूब। 16 याकूब क बेटवा यूसुफ। यूसुफ मरियम क पति। ईसू क महतारी मरियम। ईसू, मसीह कहा गवा। 17 इ तहर इब्राहीम स दाऊद ताई चउदह पीढ़ी बीत गइन। अउर दाऊद स लइके कइदी बनाइके बेबीलोन पठए जाइ तलक चउदह पीढ़ी। अउर कइदी बनाइ के बेबीलोन पठए जाइ स मसीह क जनम ताईं चउदह पीढ़ी अउर भइन। 18 ईसू मसीह क जनम इ तरह भवा: जब ओकर महतारी मरियम क यूसुफ क साथ बरिच्छा भइ तउ बियाहे स पहिले ही पता लगि गवा कि उ पवित्तर आतिमा क सक्ति स ओकर गोड़ भारी होइ ग। 19 मुला होइवाला ओकर भतार यूसुफ एक ठु बढ़िया मनइ रहा। उ इ बात क खोलिके बतावइ स बदनाम नाहीं होइ चाहत रहा। तउ उ मने मँ ठान लिहेस कि उ वरिच्छा क चुप्पे स पक्का न होइ दे। 20 फिन जबहिं उ इ बारे मँ सोचत रहा कि उ सपने मँ आपन समन्वा पर्भू क दूत परगट होत ओसे कहेस, “हे यूसुफ, दाऊद क बेटवा,? मरियम क पत्नी बनवइ स जिन डेरआ काहेकि जउन बचवा ओकरे गरभ मँ अहइ, उ पवित्तर आतिमा क अहइ। 21 उ एक पूत क जनमी। तू ओकर नाउँ ईसू धार्‌या काहेकि उ आपन मनइयन क पापन स उद्धार देई।” 22 इ सब कछू इ बरे भवा ह कि पर्भू नबी स जउन कछू कहवाएस, पूरा होइ: 23 “सुना, कुँआरी कन्या गोड़े स भारी होइके एक बेटवा क जनमी। ओकर नाउँ इम्मानुएल रक्खा जाई।”? (जेकर अरथ अहइ, “परमेस्सर हमरे लगे बाटइ।”) 24 जब यूसुफ नीदे स जागि गवा तउ उ उहइ किहेस जउन जेका करइ क पर्भू क दूत ओका हुकुम दिहेस। उ मरियम क बियाहीके आपन घरे लइ आइ। 25 मुला उ जब ताईं उ पूत क जनम नाहीं दिहेस तब ताईं यूसुफ ओकरे लगे सोएस नाहीं। यूसुफ बेटवा क नाउँ ईसू राखेस।

Matthew 2:1 यहूदिया क बैतलेहम मँ अब ईसू क जनम भवा तबहिं हेरेदेस राज्य करत रहा। कछू समइ बीत जाइ क पाछे कछू विद्वान जउन नछत्रन क बारे मँ पढ़त रहेन पूरब स यरूसलेम आएन। 2 उ पचे पूछेन, “नवा पइदा भवा बचवा कहाँ बाटइ जउन यहूदियन क राजा अहइ? हम ओकर नछत्र क अकासे मँ देखा ह। एह बरे हम पूछत अही। हम पचे ओकर आराधना करइ आइ अही।” 3 जबहिं राजा हेरोदेस इ सुनेस तउ उ बहोतइ बेचइन भवा। ओकरे साथे यरूसलेम क सब मनइयम फिकिर करइ लागेन। 4 तउ उ यहूदी समाज सब मुख्य याजकन अउर धरम सास्तिरियन क ऍकट्ठा कइके उ पचेन स पूछेस कि मसीह क जनम कहाँ होइ क अहइ? 5 उ पचे ओका बताएन, ‘यहूदीया क बैतलहम मँ काहेकि नबी पवित्तर सास्तरन मँ इ तरह लिखा बाटइ: 6 ओ यहूदा क धरती प टिका अहा बैतलेम, तू यहूदा क अधिकारियन मँ कउनो तरह स छोट नाहीं काहेकि तोसे एक ठु राजा परगट होई जउन मोरे मनइनयम, इस्राएल क देख भाल करी।” मीका 5:2 7 तब हेरोदेस तारा गियान क पण्डितन क बोलाएस अउर ओनसे पूछेस, कि उ तारा ठीक समइ प कब देखॅाइ पड़ा? 8 फिन उ ओनका बैतलहम पठएस अउर कहेस, “जा, उ बचवा क बारे मँ नीक नीक पता लगावा अउर जब उ तू पचेन क मिलि जाइ तउ मोका बतावा जेहबरे मइँ भी आइके ओकर आराधना कइ सकउँ।” 9 फिन उ पचे राजा क बात सुनिके चल दिहेन। उ तारा जेका उ पचे अकासे मँ निकरा निहारे रहेन उ ओनके अगवा अगवा तब तलक गवा जब तलक उ ठउर पइ पहुँच नाहीं गएन जहाँ उ बचवा रहा। 10 जब उ पचे तारा क देखेन तउ उ सबइ आनंद स झूमि उठेन। 11 उ सबइ उ पचे घरवा क भीतर गएन अउर बचवा क अउर ओकरी महतारी मरियम क संग दरसन किहन। उ पचे सास्टांग दण्डवत करेन अउर ओकर आराधना करेन। फिन आपन कीमती चीजन्क पिटारी स सोना, लोहबान अउर इत्र क भेंट चढ़ाएन। 12 मुला परमेस्सर ओनका सपने मँ होसियार कइ दिहस कि उ पचे हेरोदेस क पास लौटि क न जाइँ। तउ उ सबइ एक दुसरे राहे स आपन देस लौट गएन। 13 जब उ पचे चल दिहन तउ यूसुफ क सपने मँ पर्भू क दूत परगट होइके कहेस, “उठा, बचवा क अउर ओकर महतारी क चुप्पे स लइके मिस्र भागि जा। जब ताई मइँ तोसे न कहउँ, हुवाँ ठहर्‌या। काहेकि हेरोदेस इ बचवा क जान स मरवावई बरे खोजी।” 14 तउ यूसुफ खड़ा भवा अउर बचवा अउर ओकर महतारी क रातोरात मिस्र क बरे चलि पड़ा। 15 फिन हुवाँ हेरोदेस क मउत तलक रुकि गवा। इ एह बरे भवा कि पर्भू जउन नबी स कहवाए रहा, उ पूरा होइ जाइ, “मइँ आपन पूत क मिस्र स बाहेर आवइ बरे कहेउँ।” 16 हेरोदेस जबहिं इ देखेस कि तारा गियानी ओकरे संग इ चाल चलेन ह, तउ उ बहोत गुस्साइ गवा। जइसा तारा गियान क पण्डितन क बताइ भए क अनुसार उ हुकुम दिहस कि बैतलहम अउर ओकरे नगिचे क पहँटा मँ दुइ साल या एसे छोटवार लरिकन क जान स मरिवाइ दीन्ह जाइ। 17 नबी यिर्मयाह क कहा भवा बचन पूरा होइ ग: 18 “रामाह मँ दुःख भरा सब्द सुना गवा, रोवइ अउर विलपइ क सुना। राहेल रोवत रही आपन बचवन बरे उ नाहीं चाहेस कि कउनो धीरा धखावइ काहेकि ओकर सबइ बचवन मरि गवा रहेन।” यिर्मयाह 31:15 19 फिन हेरोदेस क मउत क पाछे मिस्र मँ यूसुफ क सपन आवा ओहमाँ पर्भू क एक ठु दूत परगट भवा। 20 अउर सरगदूत ओसे कहेस, “उठि जा, बचवा अउर ओकर महतारी क लइके इस्राएल क धरती प जा काहेकि जउन बचवा क मार डावइ चाहत रहेन उ सबइ मर बिलाइ गएन।” 21 तब यूसुफ उठि गवा अउर बचवा अउर ओकर महतारी क लइके इस्राएल गवा। 22 मुला यूसुफ जब इ सुनेस कि यहूदिया प आपन बाप हेरोदेस क जगह प अरखिलाउस राज्य करत अहइ तउ उ हुवाँ जाइ स डेराइ गवा। किन्तु सपने मँ परमेस्सर स हुकुम मिले क पाछे उ गलील पहँटा बरे चल दिहस 23 अउर हुवाँ नासरत नाउँ क नगर मँ घर बनाइके रहइ लाग; एह बरे नबियन क कहा भवा बचन पूरा होइ जाइ कि, ‘उ नासरी’ कहा जाइ।

Matthew 3:1 उ दिनन बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना यहूदिया क बियाबान उसरे मँ उपदेस देत भवा हुवाँ आवा। 2 उ इ प्रचार करइ लाग, “मन फिरावा काहेकि सरग क राज्य जल्दी आवइ क अहइ।” 3 इ उहइ यूहन्ना बाटइ जेकरे बारे मँ नबी यसायाह बात बतावत कहेस ह:“उसरे मँ एक पुकारैवाला क सब्द अहइ: ‘पर्भू बरे रास्ता तइयार करा अउर ओकरे बरे सोझ रस्ता बनवा।”‘ यसायाह 40:3 4 यूहन्ना क ओढ़ना ऊँटे क ऊन स बना रहा अउर करिहाउँ प चमड़ा क पेटी बाँधे रहा। ओकर खइया क टिड्डन अउर जंगली सहद रहा। 5 उ समइ यरूसलेम, समूचा यहूदिया छेत्र अउर यरदन नदी क नगिचे मनई ओकरे लगे ओका सुनइ ऍकट्ठा भएन। 6 उ पचे आपन पापन्क कबूलेन्ह अउर यरदन नदी मँ ओकरे जरिये बपतिस्मादीन्ह गवा। 7 जब उ लखेस कि ढेर फरीसियनअउर सदूकियनओकरे लगे बपतिस्मा लेइ आवत अहइँ तउ उ ओनसे कहेस, “ओ सरप क बच्चा लोग! तू पचन क कउन चिताउनी दिहस ह कि परमेस्सर क होइवाला किरोध स बच जा? 8 तोहका इ बात क प्रमान देइ पड़ी कि तू पचे फुरे फुरे मनफिराया ह। 9 अउर इ जिन सोचा कि खुद अपने स कहे बिना इ बात काफी होइ जाई, ‘हम पचे इब्राहीम क संतान अही’। मइँ तोसे कहत हउँ कि परमेस्सर इब्राहीम बरे इ पथरन स बचवन क पइदा कइ सकत ह। 10 बृच्छनक जरे प कुल्हाड़ा रखा बाटइ अउर हर एक बृच्छ जउन फर पइदा नाहीं करतेन, उ काटिके गिराइ दीन्ह जइहीं; अउर फिन कोका आडी मँ झोंकि दीन्ह जाई। 11 “मइँ तउ तू पचन क तोहरे मनफिराव बरे पानी स बपतिस्मा देत हउँ; मुला उ जउन मोरे पाछे आवइवाला अहइ उ मोसे जियादा बरिआर अहइ। मइँ तउ ओकर पनही खोलइ क जोग्ग नाहीं। उ तू पचन क पवित्तर आतिमा अउर आगी स बपतिस्मा देइ। 12 ओकरे हाथे मँ सूप अहइ, जेहसे उ अनाजे क भूसा स अलग करी। अपने खरिहाने स उ साफ कीन्ह अनाजे क उठाइ क, ऍकट्ठा कइके कोठिला मँ भरि देइ अउर भूसा क अइसी आगी मँ नाइ दीन्ह जाई कि बुझाए प न बुझी।” 13 उ समइ ईसू गलील स चलिके यरदन क किनारे यूहन्ना क नगिचे ओसे बपतिस्मा लेइ बरे आवा। 14 मुला यूहन्ना ईसू क निर्नय बदले क जतन करत कहेस, “मोका तउ खुद तोसे बपतिस्मा लेइ क दरकार अहइ। फिन तू काहे मोरे नगिचे आया ह।” 15 ईसू जवाबे मँ ओसे कहेस, “अबाहिन तउ ऍका अइसे होइ द्या। जउन परमेस्सर चाहत अहइ, हमका उ पूरा करब नीक बाटइ।” फिन उ वइसे होइ दिहस। 16 अउर तबहिं ईसू बपतिस्मा लइ लिहस। जइसे उ पानी स बाहेर आवा, अकास खुलि गवा। उ परमेस्सर क आतिमा क एक ठु कबूतरे क नाईं खाले उतरत अउर ऊपर आवत देखेस। 17 तबहिन अकासवाणी भइ: “इ मोर पिआरा पूत अहइ। जेसे मइ खूब खुस हउँ।”

Matthew 4:1 फिन आतिमा ईसू क उसरे मँ लइ गइ, काहेकि सइतान क जारिये ओका परखा जाइ सकइ। 2 चालीस दिन अउर चालीस रात भुखिया क पाछे जब ओका भूख तड़पावइ लाग। 3 तउ ओका ललचावइ वाला ओकरे लगे आवा अउर कहेस, “जदि तू परमेस्सर क पूत बाट्या तउ इ सबइ पथरन स कहा कि इ सब रोटी बन जाईं।” 4 ईसू जवाब दिहस, “पवित्तर सास्तरन मँ लिखा वाटइ: ‘मनई सिरिफ रोटी स नाहीं जिअत मुला उ हर एक सब्द स जिअत ह जउन परमेस्सर क मुँहे स निकरत ह।”‘ व्यवस्था विवरण 8:3 5 फिन सइतान ओका यरूसलेम क पवित्तर सहर मँ लइ गवा। हुआँ मंदिर क सब स ऊँचे बुर्ज प खड़ा होइके 6 उ ओसे कहेस, “जदि तू परमेस्सर क पूत बाट्या, तउ नीचे कूदि जा काहेकि पवित्तर सास्तरन मँ लिखा बाटइ:‘उ तोहरे रखवारी आपन दूतन क हुकुम देइ अउर उ पचे तोहका हाथन स उठाइहीं जेह बरे तोहरे गोड़े मँ कउनो पाथर ताईं न लगई।”‘ भजन संहिता 91:11-12 7 ईसू जवाब दिहेस, “मुला पवित्तर सास्तरन इहइ कहत ह, “अपने पर्भू परमेस्सर क परीच्छा मँ जिन डावा।”‘ व्यवस्था विवरण 6:16 8 फिन सइतान ईसू क बहुतइ ऊँच पहाड़े प लइ गवा। अउर ओका इ संसार क सब राज्य अउर ओनकइ माया वैभव देखाएस। 9 सइतान तब ओसे कहेस, “इ सब चीजन्क मइँ तोहका दइ देब जदि तू मोरे अगवा दण्डवत करा अउर मोर आराधना करा।” 10 फिन ईसू ओसे कहेस, “सइतान! दूर होइ जा। पवित्तर सास्त्र कहत ह: ‘आपन पर्भू परमेस्सर क आराधना अउर सिरिफ ओकर सेवा करा।”‘ व्यवस्था विवरण 6:13 11 फिन सइतान ओका छाँड़ि के चला गवा। अउर सरगदूतन आइके ओकर सेवा करइ लागेन। 12 जब ईसू सुनेस कि यूहन्ना पकड़ लीन्ह गवा ह, तउ उ गलील लौटि आवा। 13 मुला उ नासरत मँ नाहीं रुका अउर जाइके कफरनहूम मँ रहइ लाग जउन जबूलून अउर नप्ताली क पहटा मँ गलील झीले के नगिचे रहा। 14 इ एह बरे भवा कि परमेस्सर क नबी यसायाह जउन कहेस ह, उ पूरा होइ जाइ: 15 “जबूलून अउर नप्ताली क देस सागर क राहे प, यरदन नदी क पच्छिम मँ गैर यहूदियन क देस गलील मँ 16 जउन मनई आँधियारे मँ जिअत रहेन उ सबइ एक भारी जोति देखेन अउर जउन मउत क परिछाइँ क देस मँ रहत रहेन, ओन प ज्योति क भिन्सारे क रोसनी फैलि गइ।” यसायाह 9:1-2 17 उ समई स ईसू सुसमाचार क प्रचार सुरू कइ दिहस, “मनफिराव करा काहेकि सरगे क राज्य नगिचे बाटइ।” 18 जब ईसू गलील झिलिया क नगिचे स जात रहा, उ दुइनउँ भाइयन क निहारेस समौन (जउन पतरस कहा गवा।) अउर ओकर भाइ आन्द्रियास। उ पचे झिलिया मँ जाल डारत रहेन। उ पचे मछुवारा रहेन। 19 ईसू ओनसे कहेस, “मोरे पाछे आवा, मइँ तोहका सिखाउब कि लोगन्क बरे मछरी पकड़इ क बजाय मनई रूप मँ मछरी कइसे बटोरी जात हीं?” 20 उ सबइ तुरतहिं आपन जाल छाँड़ि दिहन अउर ओकरे पाछे होइ गएन। 21 फिन उ हुवाँ स आगे चला गवा। उ देखेस कि जब्दी क बेटवा याकूब अउर ओकर भाई यूहन्ना आपन बाप क संग नाउँ मँ बैठिके आपन जालन्क मरम्मत करत रहेन। ईसू ओनका बोलाएस। 22 अउर उ पचे फउरन नाउ अउर बाप क छाँड़िके ओकरे पाछे चल दिहन। 23 ईसू समुच्चइ गलील पहँटा मँ यहूदी आराधनालय मँ सरगे क राज्य क सुसमाचार क उपदेस देत अउर हर तरह के बेरामी अउर घोर कस्टन क दूर करत घूमइ लाग। 24 समुच्चइ सीरिया देस मँ ओकरे बारे मँ खवर संचर गइ। यह बरे लोग अइसे मनइयन जउन खुब बेरमिया रहेन या जउन तरह के बेरामी अउर भारी बेदनन स पीड़ित रहेन। जेह प दुस्ट आतिमान सवार रहीं जेका मिर्गी आवत रही अउर जउन सुखंडी रहेन, ओनका ओकर पास लिआवइ लागेन। ईसू ओनका चंगा किहेस। 25 एह बरे गलील, दिकापुलिस,यरूसलेम, यहूदिया अउर यरदन नदी क उ पार मनइयन क भारी भीड़ पाछे पाछे होइ लाग।

Matthew 5:1 ईसू जब भारी भीड़ देखेस उ एक पहाड़े प चला गवा। हुवाँ उ बैठि गवा अउर ओकर चेलन ओकरे नगिचे आएन। 2 तबहिं ईसू उपदेस देत भवा कहेस: 3 “धन्य अहइँ उ पचे जउन दीन अहइँ, काहेकि सरगे क राज्य अहइ ओनके बरे। 4 धन्य अहइँ उ सबइ जउन सोक करत हीं काहेकि परमेस्सर ओनका धीरज बँधावत ह। 5 धन्य अहइँ उ सबइ जउन नम्र अहइँ काहेकि इ धरती ओनही क अहइ। 6 धन्य अहइँ उ सबइ जउन नीति क बरे भूखा अउर पियासा जउन रहत ही। काहेकि परमेस्सर ओनका संतोस देइ, अउर तृप्ति देइ। 7 धन्य अहइँ जउन दयालु अहइँ काहेकि ओन पइ अकास स दया बरसी। 8 धन्य अहइँ जउन हिरदय स सुद्ध अहइँ काहेकि उ सबइ परमेस्सर क दरसन करिहीं। 9 धन्य अहइँ जउन सान्ति बरे काम काज करत हीं काहेकि उ सबइ परमेस्सर क पूत कहा जइहीं। 10 धन्य अहइँ जउन धर्म क कारण सतावा जात हीं काहेकि सरगे क राज्य ओनही क अहइ। 11 “अउर तू पचे धन्य अहा काहेकि जब लोग तोहका पचन्क बेज्जत करइँ, तोहका पचन्क सतावइँ अउर मोरे बरे तोहरे खिलाफ सब प्रकार क झूठी बातन कहइँ बस एह बरे तू सबइ मोर मनवइया अहा। 12 तब तू सबइ खुस रह्या, आनन्द मँ रह्या, काहेकि सरगे मँ तोहका पचन्क एकरे बरे अच्छा होई। इ वइसे ही बाटइ जइसे तोहरे पहिले क नबियन क मनइयन सताएन ह। 13 “तू सबइ समुच्चइ मानवता बरे नमक अहा। मुला जदि नोन नोनखार न होइ तउ ओका फिन नोन कइसे बनाइ जाइ सकत ह। उ फिन कउनो कामे क न रही। सिरिफ एह बरे कि ओका मनई क गोड़वा तले फेंक दीन्ह जाइ। 14 “तू संसार क प्रकास अहा। एक ठु अइसा सहर जउन पहाड़े क चोटी प बसा अहइ, उ छिपाए स छिप नाहीं सकत। 15 लोग दिया बारि के ओका बाल्टी तले नाहीं रखतेन मुला ओका डीबट प धइ देत हीं। अउर उ घरे क सब मनइयन क प्रकास देत ह। 16 मनई क समन्वा तोहार प्रकास अइसा चमकइ कि उ पचे तोहरे नीक कामन्क निहारइँ अउर सरगे मँ बइठा भवा तोहरे परमपिता महिमा बखानइ।” 17 “इ जिन सोचा कि मइँ मूसा क व्यवस्था या नबियन क लिखा भवा क नस्ट करइ आइ हउँ। मइँ ओन सबन्क नस्ट करइ नाहीं आइ हउँ मुला ओनके पूरा पूरा अरथ क समझावइ आइ अहउँ। 18 मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब ताईं। इ धरती अउर अकास नस्ट नाहीं होइ जातेन, व्यवस्था क एक एक सब्द अउर एक एक अच्छर बना रही, उ तब ताईं बना रही जब ताईं उ पूरा नाहीं होइ जात। 19 एह बरे जउन एन हुकुमन स इ छोटवार स छोटवार हुकुमन क तोड़त ह अउर लोगन्क वइसा ही करइ सिखावत ह, उ सरगे क राज्य मँ कउनो का बड़कई न पाई। मुला जउन ओह पइ चलत ह अउ दूसरन मनइनयन क ओनपइ चलइ क उपदेस देत ह, उ सरगे क राज्य मँ बड़क्का समुझा जाई। 20 मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब ताईं तू पचे धरमसास्तिरयन अउर फरीसियन क धरम मानइ स अगवा जिन जा, कि तू सरगे क राज्य मँ घुसइ न पउब्या। 21 “तू पचे सुन चुक्या ह कि हमरे पूर्वजन स कहा गवा रहा, ‘हत्या जिन कराअउर जदि कउनो हत्या करत ह तउ ओका अदालत मँ जवाब दिहे होई।’ 22 मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि जउन मनई आपन भाई प किरोध करी, ओहका भी अदालत मँ एकरे बरे जवाब दिहे होई। अउर जउन आपन भाई क बेज्जत करी ओका सबते ऊँच अदालत मँ जवाब दिहे होई। जदि कउनो आपन भाई स कहइ, ‘अरे जाहिल, मूर्ख तउ नरके क आगी क बीच ओह पइ एका जवाब दिहे होई। 23 “एह बरे जदि तू वेदी प आपन भेंट चढ़ावत ह अउर हुवाँ तोहका याद आइ जाइ कि तोहरे मन मँ तोहरे भाई खातिर कउनो खिलाफ बात बाटइ 24 तउ तू उपासना भेंट क वेदी के सामने छाँड़ि द्या अउर पहिले जाइके आपन भाई स सुलह कइ ल्या अउर फिन आइके भेंट चढ़ावा। 25 “जब ताईं तू मुद्दई क संग रस्ता मँ रहा, झटपट ओसे मेल कइ ल्या। कहूँ अइसा न होइ कि उ तोहका हाकिम स सौंप देइ अउर हाकिम तोहका सिपाही क। फिन तू जेल मँ धाँध दीन्ह जा। 26 मइँ तोहका सच सच बतावत हउँ कि जब तक तू पाई-पाई क हिसाब न कइ देब्या तब तलक तू जेल स न छूटि पउब्या। 27 “तू सुनि लिहा कि इ कहा गवा अहइ, व्यभिचार जिन करा।’ 28 मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि जदि कउनो स्त्री क बुरी निगाह स देखत ह तउ उ आपन मन मँ पहिले ही ओकरे संग संभोग कइ चुका अहइ। 29 यह बरे जदि तोहार दाहिन आँख तोसे पाप करवावइ तउ ओका निकारि क फेंक द्या। काहेकि तेरे बरे इ नीक बाटइ कि तोहरे बदन क एक ठु अंग नस्ट होइ जाइ एकरे बजाय तोहार सारा बदन नरक मँ नाइ दीन्ह जाइ। 30 अउ जदि तोहार दाहिन हाथ तोहसे पाप करवावइ तउ ओका काटिके फेंकि डारा। काहेकि तोहरे बरे इ नीक अहइ कि तोहरे बदन क एक अंग नस्ट होइ जाइ बजाए कि तोहार समूचा बदन नरक मँ जाइ। 31 “कहा गवा अहइ, ‘जबहि कउनो आपन पत्नी क तलाक देत ह तउ आपन पत्नी क लिखिके तलाक देइ चाही।’ 32 मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि हर मनई जउन आपन पत्नी क तलाक देत ह, जदि उ तलाक ओकरे व्यभिचारी करइ क कारण नाहीं दिहेस तउ जब उ पत्नी दूसरा बियाह करत ह, तउ समुझ ल्या कि उ मनई ओसे व्यभिचार करत ह। अउर जउन कउनो उ छोड़ी भई स्त्री स बियाह करत ह तउ भी व्यभिचार करत ह। 33 “तू सबइ इहउ सुन्या ह क हमरे पूर्वजन स कहा गवा रहा, ‘तू सपथ जिन तोड़ा मुला पर्भू स कीन्ह सपथन पूरा करा।’ 34 मुला मइँ तू सबन स कहत हउँ सपथ जिन ल्या। सरगे क सपथ जिन खा काहेकि उ परमेस्सर क सिंहासन अहइ।’ 35 धरती की सपथ जिन खा काहेकि उ ओकरे गोड़वा क चौकी बाटइ। यरूसलेम क सपथ जिन खा काहेकि इ महाराजाधिराजा क सहर बाटइ। 36 आपन मूँड़ क सपथ जिन खा, काहेकि तू एक ठू बारे तक द सफेद या करिया नाहीं कइ सकत्या। 37 जदि तू हाँ चाहत ह तउ सिरिफ ‘हाँ’ कहा अउर ना चाहत ह तउ सिरिफ ‘ना’। काहेकि जउन कछू ऍसे जिआदा होता अहइ उ दुस्ट (सइतान) स आवत अहइ। 38 तू पचे सुन्या ह कि कहा बाटइ, ‘आँखी क बदले आँखी अउर दाँत बदले दाँत’ 39 मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि कउनो बुरा मनई क विरोध जिन करा। मुला कउनो तोहरे दाहिन गाले प थप्पड़ लगावइ तउ दूसर गाले क ओकरे कइँती घुमाइ द्या। 40 जदि कउनो तोह प मुकदमा चलाइ के तोहार कुर्ता उतरवावइ चाहइ तउ तू ओका आपन चोगा तलक दइ द्या। 41 जदि कउनो तोहका बेगार मँ एक मील चलावइ तउ तू ओकरे संग दुइ मील जा। 42 जदि कउनो तोसे कछू माँगइ तउ ओका उ दइ द्या। जउन तोसे उधार लेइ चाहइ, ओका मना जिन करा। 43 “तू पचे सुन्या ह कि कहा गा बाटइ, ‘तू आपन पड़ोसी स पिरेम कराअउर दुस्मन स घिना कर।’ 44 मुला मईं कहत हउँ आपन दुस्मन स भी पिरेम करा। जउन तोहका सतावत हीं, ओनके बरे भी पराथना करा। 45 काहेकि सरगे मँ वसइया आपन परमपिता क संतान होइ सका। उ सूरज क प्रकास बुरा अउर भला सब पइ चमकावत ह। उ पापी अउर धर्मी सब पइ बसकाला मँ पानी बरसावत ह। 46 इ मइँ यह बरे कहत हउँ कि जदि तू ओनही स पिरेम करब्या जउन तोहसे पिरेम करत हीं तउ तोहका का फल मिली? का अइसा तउ चुंगी (टैक्स) क उगाहियाभी नाहीं करतेन? 47 जदि तू आपन मीतन क बरे नीक बाट्या तउ दूसर मनई स नीक नाहीं बाट्या। का अइसा विधर्मी भी नाहीं करतेन? 48 यह बरे आपन मँ परिपूर्ण बना जइसे तोहार सरगे क परमपिता परिपूर्ण बाटइ।

Matthew 6:1 “होसियार रहा! अउ परमेस्सर चाहत ह कि उ सब काम काजन्क मनई क समन्वा दिखावा जिन करा। नाहीं तउ तू आपन परमपिता स फल न पउब्या जउन सरगे मँ बाटइ। 2 “एह बरे जब तू कउनो दीन दुखिया क दान दच्छिना देत ह तउ ओकर ढिंढ़ोरवा पीटा जिन। जइसा कि आराधनालयन मँ अउर गलियन मँ कपटी मनई औरन स बड़कइ पावई बरे करत हीं। मइँ तोसे सच कहत हउँ कि ओनका तउ ऍकर पूर-पूर फल पहिले ही दीन्ह जाइ गवा अहइ। 3 मुला जबहिं तू कउनो दीन दुखिया क देत ह तउ तोहार बावाँ हाथ न जान पावइ कि तोहार दाहिन हाथ का करत बाटइ? 4 काहेकि तोहार दान गुपुत रहइ। तोहार उ परमपिता जउन छिपाइ क करत ह, तोहका ओकरे बदले मँ फल देई। 5 “जब तू पराथना करा तउ कपटी क नाईं जिन करा। काहेकि उ पचे आराधनालयन मँ अउर गलियन क नुक्कड़ प खड़ा होइ क पराथना करइ चाहत हीं जैसे मनइयन ओनका निहार सकइँ। मइँ तोसे सच सच कहत हउँ कि ओनका तउ ओकरे बदले मँ फल पहिले ही मिल चुका बाटइ। 6 मुला जब तू पराथना करा, आपन कोठरी मँ चला जा अउर फटकवा बंद कइके परमपिता स पराथना करा। फिन तोहार परमपिता जउन तोहार करम क छिपिके निहारत ह, तोहका ओनके बदले फल देई। 7 “जब तू पराथना करत रहा, तउ विधर्मी क नाईं फिजूल बातन क यों ही बार बार जिन दोहरावा। उ सबइ इ सोचत हीं कि ओनके बहोत बोले स ओनकइ सुनि लीन्ह जाइ। 8 यह बरे ओनके जइसा जिन होइ जा काहेकि तोहरे परमपिता तोहारे माँगइ स पहिले जानत ह कि तोहार का जरूरत अहइ। 9 यह बेर इ प्रकार पारथना करा:‘सरग मँ रहइ वाले हमारे परमपिता, पवित्तर अहइ तोहार नाउँ 10 जग मँ तोहार राज्य आवइ जउन चाहा तू वइसे पूर होइ इ धरती प जइसे पूर होत रहता तोहार इच्छा सदा सरग मँ। 11 आज तू हमका दिन भर क खइया द्या 12 हमार पापन क छमा करा जइसे हम छमा कीन्ह आपन अपराधिनक। 13 जिन ल्या कठिन परिच्छा भारी हमका ओसे बचावा जउ उन दुस्ट (सइतान) स अहइ।’ 14 यह बरे जदि तू लोगन्क अपराधे क छमा करब्या तउ तोहार सरगे क परमपिता भी तोहरे पाप छमा करी। 15 मुला अगर तू लोगन्क छमा न करब्या तउ तोहार सरगे क परमपिता भी तोहरे पापन्क छमा न करी। 16 “जब तू उपवास राखा तउ कपटी क नाईं दुःखी मुँह बनाइके जिन रहा। काहेकि उ पचे तरह स मुह्रँ बिसवत हीं ताकि लोगन्क इ मालूम होइ जाइ कि उ सबइ उपवास करत अहइँ। मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि ओनका तउ बदले मँ फल मिलि चुका अहइ। 17 मुला जब तू उपवास राखा तउ आपन मूँड़ प जैतून क तेल लगावा अउर आपन मुँहना धोवा। 18 जेसे लोग इ न भाँप सकइँ कि तू उपवास करत अहा। मुला तोहार परमपिता जेका तू निहार नाहीं सकत्या देखइ कि तू उपवास करत अहा। तबहिं तोहार परमपिता जउन तोहरे छमा भवा कामे क देखत रहत ह, उ तोहका ओकरे बदले मँ फल देई। 19 “आपन बरे धरती प भंडारा जिन भरा। काहेकि ओका किरवा अउर जंग नास कइ देइहीं। चोर सेंध लगइहीं अउर चोराय लइ जइहीं। 20 बजाए एँकरे सरग मँ भंडारा भरा। हुवाँ किरवा अउर जंग नास न कइ पइहीं। अउर चोर भी हुवाँ सेंधिया लगाइके नास न कइ पइहीं। 21 याद रखा जहाँ तोहार भंडार होई, हूँवई तोहार जिअरा लागी। 22 “देह बरे प्रकास क सोत आँखी अहइ। एह बरे तोहार आँखी नीक अहइ तउ तोहार देह प्रकास करत रही। 23 मुला जदि तोहार आँखी खराब होइ जाइ तउ तोहार सब देह अँधियर होइ जाइ। यह बरे उ सिरिफ प्रकास जउन तोहरे भीतर अहइ जदि अँधियर होइ जाइ तउ उ केतना गहिर होई। 24 कउनो भी साथ साथ दुइ सुआमी क नउकर नाहीं होइ सकत काहेकि उ एक स तउ उ घिना करी अउर दूसर स पिरेम। या एक बरे उ न्यौछावर करी अउर दूसरे क धिक्कारी। तू धन अउर परमेस्सर दुइनउँ क सेवा नाहीं कइ पउब्या। 25 “यह बरे मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि अपने जिअइ बरे खाइ पिअइ क चिंता तजि द्या। आपन तने क ओढ़ना क फिकिर जिन करा। सचमुच जिन्नगी खइया स अउर तने क ओढ़ना स जिआदा बड़कई क अहइ। 26 लखा! अकासे क पंच्छी न तउ बोआँई करत हीं अउर न कटाई, न ही उ पचे कोठिला मँ अनाज भरि देत हीं मुला तोहार स्वर्गीय पिता ओनकइ भी पेटवा भरत ह। का तू ओनसे जिआदा बड़कवा नाहीं बाट्या!? 27 तू सबन मँ का कउनो अइसा अहइ कि फिकिर कइके आपन जिन्नगी मँ एक घड़ी भी अउ बढ़ाइ सकत ह 28 “अउ तू आपन ओढ़ना क बारे मँ काहे सोचन ह सोचा, जंगले क फूलन क बारे मँ कि उ सबइ कइसे खिल जात हीं? उ सबइ न कउनो काम करत हीं अउर न आपन बरे ओढ़ना बनावत हीं। 29 यह बरे मइँ तोहसे कहत हउँ कि सुलैमान भी आपन समूची धन दौलत क संग ओहमा स कउनो एक नाईं नाहीं सज सका। 30 तउ जउन जंगली पौधा जउन आज जिअत अहइँ मुला जेनका भियान भारे मँ झोंक दीन्ह जाब अहइ, परमेस्सर अइसा ओढ़ना पहिरावत ह तउ अल्प बिसवास क करवइया मनइयो! का उ तोहका अउर जिआदा बढ़िया ओढ़ना न पहिराई? 31 यह बरे चिंता करत करत इ जिन कहा, ‘हम का खाबइ’ या ‘हम का पिअब’ या ‘का पहिरब?’ 32 मनई जउन परमेस्सर क नाहीं जनतेन इ सब चीजन्क पाछे दौड़त रहत हीं मुला सरग क बसइया तोहार परमपिता जानत ह कि तोहका इ सब चीजन्क जरूरत अहइ। 33 यह बरे सब ते पहिले परमेस्सर क राज्य अउर तोहसे जउन धरम की खोज उ चाहत ह, ओकर फिकिर करा। इ सब चीजन तउ तोहका खुद ही घेलइया मँ दइ दीन्ह जइहीं। 34 भियान क फिकिर जिन करा, काहेकि भियान क तउ अउर आपन चिंता होइहीं। हर दिन क आपन आपन परेसानी होत रहत ह।

Matthew 7:1 “दूसर प दोख लगावइ क आदत जिन डावा काहेकि तोहरे प दोख न लगावा जाइ। 2 काहेकि तोहार निआव उहइ फैसला प टिका होई, जउन फैसला तू दूसर क निआव प दिहे रहा अउर परमेस्सर तोहका उहइ नपना स नापी जउने नपना स तू दूसर क नाप्या ह। 3 “तू आपन भाई बंद क आँखी क किरकरी तक क काहे लखत ह जब कि तोहका आपन आँखी क लट्ठा तलक नाहीं देखाइ पड़त? 4 जबहिं तोहरे आँखी मँ लट्ठा बाटइ तब तू आपन भाई स कइसे कहि सकत ह, “तू मोका तोहरी आँखी क किरकिरी निकारइ द्या।” 5 अरे कपटी! पहिले आपन आँखी क लट्ठा निकार, फिन तू नीक नीक देख पउब्या अउर आपन भाई क आँखी क किरकिरी निकार पउब्या। 6 “कूकुरन क पवित्तर चीज जिन द्या अउर सुअरन क अगवा मोती जिन बिखरावा। नाहीं तउ उ पचे आपन गोड़ी क तले रौदिहइँ अउर कूकुरन पलटि क तोहरे ऊपर चढ़ी बैठिहीं। 7 “परमेस्सर स माँगत रहा, तोहका दीन्ह जाइ। खोजत रहा, तोहका मिली। खटखटावत रहा, तोहरे बरे दरवाजा खोलि दीन्ह जाई। 8 काहेकि हर कउनो जउन माँगत ह, पावत ह। जउन ढूँढत ह, पावत ह। जउन खटखटावत रहत ह ओकर बरे दरवाजा खोलि दीन्ह जाई। 9 “तू सबन मँ स अइसा बाप कउन सा अहइ जेकर बेटवा रोटी माँगइ अउर उ बेटवा क पाथर देइ? 10 या जब उ मछरी माँगइ तउ उ ओका साँप दइ देइ। बतावा का कउनो देई? अइसा कउनो न करी। 11 एह बरे चाहे तू बुरा काहे न ह्वा, जानत ह कि आपन गदेलन क नीक भेंट कइसे दीन्ह जात ही। वइसे हीं सचमुच सरगे क बसइया तोहार परमपिता माँगइवालन क नीक नीक चीचन्क जरूर देइ। 12 “एह बरे जइसा बेवहार आपन बरे तू दूसर लोगन्स चाहत ह, वइसा बेवहार तू भी ओनसे करा। यही मूसा क व्यवस्था अउर नबियन दुआरा बतावा गवा बा। 13 “सँकरे राह स घुसा! इ मइँ तोहका यह बरे कहत हउँ काहेकि चौड़ा दुआर अउर बड़की राह तउ बिनासे कइँती लइ जात ह। बहोत स मनई उ राहे प चलत हीं। 14 मुला केतॅना सँकरा अहइ उ दुआर अउर केतॅना छोटकी अहइ उ राह जउन जिन्नगी कइँती लइ जात ही अउर कठिन अहइँ उ सबइ मनइयन जउन ओका पावत अहइँ। 15 “झूठे नबियन स होसियार रहा। उ पचे तोहरे लगे निर्छल भेड़िन क भेस मँ आवत हीं मुला भीतर उ सबइ खूँखार बड़का कूकुर होत हीं। 16 तू ओनके करमन क फल स पहिचान लेब्या। कउनो कँटेहरी झाड़ी स न तउ अंगूर एकट्ठा कइ पावत ही अउ न गोखरु स अंजीर। 17 अइसे ही बड़िया बिरवा प नीक फल लागत हीं मुला बेकार बिरवा प बेकार फल लागत हीं। 18 एक नीक बिरवा बुरे फल नाहीं पइदा करत अउर न कउनो बेकार बिरवा नीक फल पइदा कइ सकत ह। 19 हर उ बिरवा जेह प नीक फल नाहीं लगतेन, ओका काटि के आगी मँ झोकि दीन्ह जात ह। 20 एह बरे मइँ तू सबन क दुबारा कहत हउँ कि उ लोगन क तू ओनके करमन क फले स पहिचान लेब्या। 21 पर्भू, पर्भू कहइवाला हर मनई सरगे क राज्य मँ घुस न पाई मुला उहइ सरग जउन सरगे मँ बसा अहइ मोरे परमपिता क इच्छा प चलत ह उहइ ओहमाँ घुसि पाई। 22 उ आखिरी दिना मँ बहोत स मनई मोसे पुछिहीं, ‘पर्भू! पर्भू! का हम तोहरे नाउँ स भविस्सबाणी नाहीं कीन्ह का तोहरे नाउँ स हम सबन दुस्ट आतिमन क नाहीं निकारा अउर का हम पचे तोहरे नाउँ स अद्भुत कारजन नाहीं कीन्ह 23 तबहिं मइँ ओनसे साफ साफ कहियउँ कि मइँ तू सबन्क नाहीं जानत हउँ, ‘हे कुकरमी मनइयो! हियाँ स भागि जा।’ 24 “यह बरे जउन मोर सब्दन क सुनत ह अउर उ एन प चलत ह ओकर तुलना उ बुद्धिमान स कीन्ह जाई जउन आपन घर चट्टाने प बनएस। 25 बरखा भइ, बाढ़ आइ, आँधी चली अउइ सबई उ घरे स टक्कराइ गएन, मुला घर गिरा नाहीं। काहेकि ओकर नेंव चट्टाने प घरी गइ रही। 26 मुला उ जउन मोरे सब्दन क सुनत ह मुला ओन प चलत नाहीं, उ मूर्ख मनई क नाईं अहइ जउन आपन घर रेते प बनाएस। 27 बरखा भइ, बाढ़ आइ अउर आँधी चली अउर उ घरे स टकराइ गएन, जेहसे उ घर आवाज कइके समूचइ गिर गवा।” 28 नतीजा इ भवा कि जबहिं ईसू इ बतियन क कहिके पूरी किहेस, तउ ओकरे उपदेसन प भीड़ क लोगन क अचरज भवा। 29 काहेकि उ धरम सास्तिरियन क नाईं नाहीं मुला एक अधिकारी क नाईं उपदेस देत रहा।

Matthew 8:1 ईसू जबहिं पर्वते स खाली उतरा तउ बहोत बड़ी मनइयन क भीड़ ओकरे पाछे होइ चली। 2 हुँवई एक कोढ़ी भी रहा। उ ईसू क लगे आइ अउर निहुरिके बोला, “पर्भू, जदि तू चाहा तउ मोका चंगा कइ सकत ह।” 3 ऍह प ईसू आपन हथवा बढ़ाइके कोढ़ी क छुएस अउर कहेस, “मइँ चाहत हउँ; चंगा होइ जा!” अउर फउरन कोढ़ी क कोढ़ पराइ गवा। 4 फिन ईसू ओसे कहेस, “देखा ऍकरे बारे मँ कउनो स कछू जिन कह्या। मुला याजक क लगे जाइके ओका आपन क देखावा। फिन मुसा क हुकुम क मुताबिक भेंट चढ़ावा जैसे लोगन्क तोहरे चंगा होइ क साच्छी मिलि जाइ।” 5 फिन ईसू जब कफरनहूम गवा, तउ एक फऊजी नायक ओकरे नगिचे आवा अउर ओसे मदद बरे बिनती करत बोला, 6 “पर्भू, मोर एक सेवक मोरे घरवाँ मँ बिछउना प ओलरा बाटइ। ओका लकवा मारे बाटइ। ओका बहोत दर्द होत अहइ।” 7 तबहिं ईसू फऊजी नायक स कहेस, “मइँ आइके ओका चंगा करिहउँ।” 8 फऊजी नायक जवाब दिहेस, “पर्भू, मइँ इ जोग्ग नाहीं हउँ कि तू मोरे घर मँ आवा। यह बरे हुकुम दइ द्या। बस मोर नउकर चंगा होइ जाई। 9 इ मइँ जानत हउँ कि मइँ एक बड़का अधिकारी क नीचे काम करत अहउँ अउर मोरे नीचे दूसर सिपाही अहइँ। जबहि मइँ एक ठु सिपाही स कहत हउँ, ‘जा’ तउ उ चला जात ह अउर दूसर सिपाही स कहत हउँ, ‘आ’ तउ उ आइ जात ह। मइँ आपन सेवक स कहत हउँ, ‘इ करा’ तउ उ ओका करत ह।” 10 जब ईसू इ सुनेस तउ उ अचरजे मँ पड़ि गवा। जउन मनइयन ओकरे पाछे पाछे आवत रहेन ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ मइँ ऍतना गहरा बिसवास इस्राएल मँ भी कउनो मँ नाहीं पाएउँ। 11 मइँ तोहका इ अउ बतावत हउँ कि बहोत स पूरब अउर पच्छिम स अइहीं अउर उ सबइ भोजे मँ इब्राहीम, इसहाक अउर याकूब क संग सरगे क राज्य मँ आपन आपन ठउन प बैठ जइहीं। 12 मुला राज्य क आदिम प्रजा बाहेर अँाधियारे मँ ढकेल दीन्ह जाई जहाँ उ पचे चिचियाइके नरियाइके दाँत पीसत रइहीं।” 13 तब ईसू उ फउजी नायक स कहेस, “जा वइसा ही तोहरे बरे होइ जइसा तोहार बिसवास अहइ।” अउर ओकर नउकर फउरन चंगा होइ गवा। 14 जब ईसू पतरस क घरे पहुँच गवा, उ ओकरे सास क बुखार स दुःखी बिछउना प ओलरी देखेस। 15 तब ईसू ओका आपन हथवा स छुएस अउर ओकर बुखार उतर गवा। फिन उ उठी अउर ईसू क सेवा करय लाग। 16 जइसे साँझ होइ गइ तउ लोग ओकरे नगिचे बहोतन मनइयन क लइ आएन जेहमाँ दुस्ट आतिमन रहत रहीं। आपन एक ही हुकुम स उ दुस्ट आतिमन क निकारि दिहस। इ तरह स उ सबइ बेरमियन क नीक कइ दिहस। 17 इ यह बरे भवा कि परमेस्सर नबी यसायाह स जउन कछू कहेस, उ पूरा होइ जाइ:“उ हमरे बेरमियन क लइ लिहस अउर हमरे संतापे क ओढ़ लिहस।” यसायाह 53:4 18 जब ईसू आपन चारिहुँ कइँती भीड़ देखेस तउ उ आपन चेलन क हुकुम दिहेस कि उ सबइ झिलिया क ओह पार किनारे चलइँ। 19 तब एक धरम सास्तरी ईसू क निअरे आवा अउर कहेस, “गुरु, जहँ तहँ तू जाब्या, मइँ तोहरे पाछे चलब।” 20 ऍह प ईसू ओसे कहेस, “लोखरी क बिल अउर अकास क पंछीयन क घोंसला होत हीं मुला मनई क पूतक लगे मूँड़ टेकावइ क कउनो ठउर नाहीं।” 21 ओकर चेलन मँ स एक ठु ईसू स कहेस, “पर्भू, मोका पहिले जाइके आपन पिता क गाड़इ क हुकुम द्या।” 22 मुला ईसू ओसे कहेस, “मोरे पाछे चला आवा अउर मरा भवा मुर्दन क आपन खुद गाड़इ द्या।” 23 तब ईसू एक नाउ प बइठि गवा। ओकर चेलन भी पाछे पाछे गएन। 24 उहइ समइया झील मँ ऍतना भयंकर तूफान उठि गवा कि नाउ लहरन स दबी जात रही पर ईसू सोवत रहा। 25 तबहिं ओकर चेलन ओकरे लगे पहुँचेन अउर ओका जगाइके कहेन, “पर्भू, हमार रच्छा करा। हम पचे मरि जाब।” 26 तबहिं ईसू ओनसे कहेस, “अरे कम बिसवास करइवालो। तू पचे काहे ऍतना भयभीत अहा?” तब उ खड़ा होइके तूफान अउर झिलिया क डाटेस अउर चारिहुँ कइँती सांति छाइ गइ। 27 मनइयन अचरजे मँ पड़ि गएन। उ सबइ कहेन, “इ कइसा मनई बाटइ? अँधड़ तूफान अउर झिलिया तक ऍकर बतिया मानत हीं!” 28 जब ईसू झील क उ पार, गदरेनियोन क देस पहुँच गवा, तउ ओका कब्रे स निकरि के दुइ मनई आवत भए मिलेन, जेहमाँ दुस्ट आतिमन रहिन। उ पचे ऍतना खोफनाक रहेन कि उ रस्ता स कउनो निकरि तक नाहीं सकत रहा। 29 उ पचे चिचियानेन, “हे परमेस्सर क पूत! तू मोसे का चाहत बाट्या? का तू हियाँ ठीक समइ स पहिले हमका दंड देइ आइ अहा?” 30 हुवाँ तनिक दूरी प बहोत स सुअरन क झुँड चरत रहा। 31 तउ उ दुस्ट आतिमन ओसे बिनती करत भए कहेन, “जदि तोहका हम पचन क बाहेर निकारब ही बाटइ, तउ हमका सुअरन क झुंडे मँ पठइ द्या।” 32 तउ ईसू ओनसे कहेस, “चला जा!” तब उ सबइ ओन मनइयन मँ स बाहेर निकरि आइन अउर सुअरन मँ घुसि गइन। फिन समूचा झुंड ढलाने स लुढ़कत पुढ़कत पराइके ढालू किनारे स झिलिया मँ गिरि गवा अउ सबहिं सुअरन पानी मँ बूड़िके मर गएन। 33 सुअरन क झुंड क रखवालन भागत भागत हुआँ स सहर आएन अउर सुअरन क साथ तथा दुस्ट आतिमन स ग्रस्त ओन मनइयन क साथ जउन कछू भवा, कहिके सुनाएन। 34 फिन तउ सहर क सबइ मनइयन ईसू स भेंटइ बरे निकर पड़ेन। जब उ पचे ईसू क देखेन तउ ओसे बिनती किहेन कि उ ओनके हियाँ स कहुँ अउर ठउर चला जाइ।

Matthew 9:1 फिन ईसू एक नाउ प चढ़ा अउर झिलिया क पार आपन सहर आइ गवा। 2 मनइयन लकुआ क मरीजे क खटिया प ओलराइके ओकरे नगिचे लइ आएन। ईसू जबहि ओकरे बिसवास क देखेस तउ लकुआ क रोगी स कहेस, “हे वालक ढाढ़स रखा। तोहार पापन्क छमा कीन्ह गवा।” 3 तबहि कछू यहूदी धरम सास्तिरियन आपस मँ कहइ लागेन, “इ मनई (ईसू) अपने सब्दन स परमेस्सर क बेज्जत करत ह।” 4 ईसू जानत रहा कि उ पचे का सोचत विचारत अहइँ: ईसू ओनसे बोला, “तू सब आपन मन मँ काहे बुरा बिचार आवइ देत ह 5 जिआदा सहल का बाटइ? इ कहब, ‘तोहार पापन्क छमा कीन्ह गवा।’ या इ कहब, ‘खड़ा ह्वा अउर चलि पड़ा?’ 6 काहेकि तू सब इ जान पावा कि धरती प पापन्क छमा करइ क सक्ती मनई क पूत मँ अहइ।” ईसू लकुआ क रोगी स कहेस, “खड़ा ह्वा, आपन बिछउना उठावा अउ घरे चला जा।” 7 उ लकुआ क मरीज खड़ा होइके आपन घर चला गवा। 8 जबहि भीड़े मँ मनइयन इ निहारेन कि तउ उ सबइ गहरी भक्ती स अचरजे मँ पड़ि गएन अउर परमेस्सर क गुन गावइ लागेन जउन मनई क अइसी सक्ती दिहेस। 9 ईसू जब हुआँ स जात रहा तउ उ महसूले क चुंगी क चौकी प बइठा भवा एक मनई क देखेस। ओकर नाउँ मत्ती रहा। ईसू ओसे कहेस, “मोरे पाछे चला आवा।” ऍह प मत्ती खड़ा भवा अउर ओकरे पाछे होइ गवा। 10 अइसा भवा कि जब ईसू मत्ती क घर बहोत स चुंगी उगहियन अउर पापी मनइयन क संग आपन मनवइयन क साथ लइके जेंवत रहा। 11 तउ ओका फरीसियन देखेन अउर ओनके चेलन स पूछइ लागेन, “तोहार गुरु चुंगी क उगहिया अउर बुरा मनइयन क संग खइया के काहेखात ह” 12 इ सुनिके ईसू ओनसे कहेस, “हिट्ठ पुट्ठ मनई क नाहीं मुला बेरमियन क एक बैद्य (डाक्टर) क जरूरत होत ह। 13 एह बरे तू सबइ जा अउर समझा कि सास्तरे क बचन क अरथ का अहइ? ‘मइँ बलिदान नाहीं चाहत हउँ मुला द्ाया चाहता हउँ।’मइँ धर्मी क नाहीं मुला पापियन क बुलावइ आइ हउँ।” 14 फिन बपतिस्मा क देवइया यूहन्ना क चेलन ईसू क लगे गएन अउर पूछेन, “हम सबइ अउर फरीसियन पुनि पुनि उपवास काहे करत हीं परन्तु तोहार चेलन काहे नाहीं करतेन?” 15 फिन ईसू ओनका समझाएस, “का दूल्हा क साथी जब ताईं दूल्हा ओनके संग अहइ, सोक मनाइ सकत हीं? मुला उ दिनन अइहीं जब दूल्हा ओनसे छीन लीन्ह जाई फिन उ समइया मँ उ सबइ दुखी होइहीं अउर उपवास करिहीं। 16 “बे सिकुड़ा भवा नवा कपरा क पइबंद पुरान पोसाके प कउनो लगावत नाहीं काहेकि इ पइबंद पोसाके क अउर जिआदा फाड़ देइ अउ कपरा क खोंच अउर बाढ़ जाई। 17 नई दाखरस पुरान मसकन मँ भरी नाहीं जात। नाहीं तउ मसकन क फोरि देइ अउर दाखरस बहिके फैलि जाई। एह बरे लोग नई दाखरस नई मसकन मँ भरत हीं जइसे दाखरस अउर मसकन दुइनउँ बचा रहइँ।” 18 ईसू ओन मनइयन क जब इ बतिया बतावत रहा, तबहि यहूदी आराधनालय क एक मुखिया ओकरे लगे आवा अउर ओकरे समन्वा निहुरिके बिनती करत भवा बोला, “अबहीं अबहीं मोर बिटिया मरी गइ अहइ। तू चलिके जदि ओह प आपन हाथ रख द्या तउ उ फिन जी जाई।” 19 ऍह प ईसू खड़ा होईके आपन चेलन क संग ओकरे साथ चल दिहेस। 20 हुवाँ एक ठु स्त्री रही जेका बारह बरिस स खून बहत रहा। उ पाछे स ईसू क नगिचे आइ, ओकरे ओढ़ना क मुहरी छुइ लिहस। 21 उ आपन मनवा मँ सोचत रही, “जदि मइँ तनिकउ भी एकर ओढ़ना छुइ पावउँ, तउ नीक होबउँ।” 22 घूमिके निहारत भवा ईसू कहेस, “बिटिया, खुस रहा। तोहार बिसवास तोहका चंगा किहेस ह।” अउर उ स्त्री तुंरतहि उहइ छन चंगा होइ गइ। 23 ओह कइँती ईसू जब आराधनालय क मुखिया क घरवा पहुँचा तउ उ देखेस कि सोक धुन बजावत बाँसुरी क बजवइया अउर हुवाँ ऍकट्ठा भए मनइयन लरकी क मउत प सोक करत रहेन। 24 तबहि ईसू लोगन्स कहेस, “हियाँ स बाहेर जा। लरकी मरी नाहीं बा, उ तउ सोवति अहइ।” ऍह प मनई ओकर हँसी ठट्ठा करह लागेन। 25 फिन जब भिरिया क मनइयन क बाहेर पठएस तउ ईसू लरकी क कोठरी मँ जाइके ओकर हथवा पकड़ेस अउर उ उठि गइ। 26 ऍकर खबरिया उ समूचइ पहँटा मँ संचर गइ। 27 ईसू जब हुवाँ स जाइ लाग तउ दुइ आँधर ओकरे पाछे होइ गएन। उ दुइनउँ चिल्लात रहेन, “हे दाऊद क पूत, हम प दाया करा।” 28 ईसू जइसे घरवा क भीतर पहुँच गवा तउ उ पचे आँधर ओकरे लगे आएन। तबहिं ईसू ओनसे कहेस, “का तोहका बिसवास अहइ कि मइँ, तोहका फिन आँखिन दइ सकत हउँ?” उ पचे जवाब दिहेन, “हाँ पर्भू।” 29 ऍह पर ईसू ओनकइ आँखिन क छुअत कहेस, “तोहरे बरे वइसा होइ जइसा तोहार बिसवास अहइ।” 30 अउर आँधरन क जोति मिल गइ। फिन ईसू ओनका चिताउनी देत कहेस, “ऍकरे बारे मँ कउनो क पता नाहीं लागइ चाहीं।” 31 मुला उ पचे हुवाँ स जाइके इ खबरिया क उ पहॅटा मँ चारिहुँ कइँती फैलाइ दिहन। 32 जब उ दुइनउँ हुवाँ स जात रहेन तउ कछू लोग ईसू क लगे एक ठु गूंगा क लइ आएन। गूंगा मँ दुस्ट आतिमा क सवारी रही अउर यह बरे उ कछू बोल नाहीं पावत रहा। 33 जब उ दुस्ट आतिमा क निकारि दिहस तउ उ गूंगा, जउन पहिले कछू नाहीं बोल सकत रहा, बोलइ लाग। तबहि भिरिया क लोग अचरचे मँ कहेन, “इस्राएल मँ अइसी घटना कबहुँ नाहीं देखी गइ।” 34 मुला फरीसियन कहत रहेन, “उ दुस्ट आतिमन क सइताने क मदद स बाहेर खदेरत ह।” 35 ईसू यहूदी आराधनालय मँ उपदेस देत, परमेस्सर क राज्य क सुसमाचार क प्रचार करत, मनइयन क बेरामी अउर हर तरह क दारून दुःख हरत उ समूचइ पहँटा क गाउँ गाउँ अउर सहर सहर घूमत रहा। 36 ईसू जब कउनो भिरिया क देखततउ ओनके बरे करुना स भरि जात काहेकि उ पचे सतावा भवा अउर बेसहारा रहेन, जइसें भेड़ रहिन अउ ओनकइ कउनो गड़रिया नाहीं रहा। 37 तबहिं ईसू आपन चेलन स कहेस, “तइयार खेत तउ बहोत अहइँ मुला मजदूर कम बाटेन। 38यह बरे फसल क परमेस्सर स बिनती करा कि उ, आपन फसल काटइ बरे मजदूर पठवइ।” 38

Matthew 10:1 तउ ईसू आपन बारहु चेलन क लगे बोलवाइके ओनका दुस्ट आतिमन क बाहेर खदेरइ, अउर हर तरह क रोगन अउर दारुन दु:खन क दूर करइ क सक्ती दिहेस। 2 उ सबइ बारहु प्रेरितन क नाउँ इ अहइँ सबते पहिले समौन, जउन पतरस कहा गवा, अउर ओकर भाई आन्द्रियास, जब्दी क बेटवा याकूब अउर ओकर भाई यूहन्ना। 3 फिलिप्पुस, बरतुल्मै, थोमा, चुंगी (टिक्स) क उगहिया मत्ती, जल्फै क बेटवा याकूब अउर तद्दै। 4 समौन कनानीअउर यहूदा इस्करियोती जे ओका धोखा दइके पकड़वाए रहा। 5 ईसू इन बारहु प्रेरितन क बाहेर पठवत हुकुम दिहेस कि उ सबइ, “गैर यहूदियन क पहँटा मँ न जाइँ अउर कउनो सामरी सहर मँ न घुसइँ। 6 मुला उ सबइ इस्राएल क परिवारे क हेराइ गइ भेड़न क नगिचे जाइँ 7 अउर ओनका उपदेस देइँ, ‘सरगे क राज्य नगिचे अहइ।’ 8 उ सबइ बेरमियन क नीक करइँ, मरे भएन क जिन्नगी देइँ, कोढ़िन क नीक करइँ अउर दुस्ट आतिमन क खदेरइँ। तू सबइ बे कछू देए भए पर्भू क असीस अउर सक्ती पाए अहा, एह बरे दुसरउँ क बे कछू लिए अजादी स बाँटा। 9 आपन बटुआ मँ सोना, चाँदी अउर ताँवा जिन रखा। 10 जात्रा बरे कउनो झोला तक जिन रखा। कइसो फालतू कुर्ता, चप्पल अउर छड़ी जिन ल्या। काहेकि मजदूर क ओकरे खइया प हक अहइ। 11 “तू पचे जब कबहुँ कउनो सहर या गाउँ मँ जा तउ पता करा कि हुवाँ बिसवास क लायक कउन अहइ। फिन तब ताईं हुवाँ ठहरि जा जब ताई हुवाँ स चल न द्या। 12 जबहि तू उ कउनो क घरे मँ जा तउ उ परिवार क मनइयन क मान सम्मान करत कहा, ‘तोहका सांति मिलइ।’ 13 जदि घरे क मनई सुपात्र होइहीं तउ तोहार असीस ओनके संग रही अउर जदि ओकरे जोग्ग नाहीं होइहीं तउ तोहार असीस तोहरे लगे लौटि आई। 14 जदि कउनो तोहार अगवानी न करइ या तोहार बतियन क न सुनइ तउ उ घरवा या सहर क तजि द्या। अउर आपन गोड़वा मँ लागी माटी क हुवँइ झाड़ि द्या। 15 मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब निआव होई तब उ सहर क दसा सदोम अउर अमोरासहरन क दसा कहूँ जिआदा बढ़िया होई। 16 “होसियार! मइँ तोहका बिगवन मँ भेड़न क नाई बाहेर पठवत अहउँ। कीरा क नाई चालाक अउर कबूतरे क नाईं भोला बना रहा। 17 मनइयन स होसियार रह्या काहेकि उ पचे तोहका बंदी बनाइके यहूदी पंचायत क दइ देइहीं अउर तोहका आपन आराधनालयन मँ कोड़ा स धुनवइहीं। 18 तोहका हुकूमत क सासक अउर राजा क समन्वा हाजिर करिहीं, काहेकि तू सबहीं मोर चेलन अहा। तोहका इ औसर दीन्ह जाई कि तू ओनका अउर गैर यहूदियन क मोरे बारे मँ साच्छी द्या। 19 जब उ पचे तोहका धरइँ तउ फिकिर जिन कर्‌या कि तोहका का कहइ क बाटइ अउर कइसे कहइ क अहइ। काहेकि उ समइ प तोहका बताइ दीन्ह जाई कि तोहका का कहइ क अहइ। 20 याद रखा कि बोलवइया तू नाहीं अहा, मुला तोहरे परमपिता क आतिमा तोहरे भीतर बोली। 21 “भाई आपन भाइयन क धरवाइ क मरवइहीं महतारी बाप आपन गदेलन क पकड़वइहीं अउर बचवन आपन महतारी बाप क खिलाफ होइ जइहीं। उ पचे ओनका मरवाइ देइहीं। 22 मोरे नाउँ क कारण मनई तोहसे घिना करिहीं। मुला आखिर तक जउन टिका रही उहइ क उद्धार होई। 23 उ सबइ अब तोहका सहर मँ सतावइँ तउ तू दूसर सहर मँ पराइ जाया। मइँ तोहसे सच सच कहत हउँ अइसे पहिले तू इस्राएल क सबइ ही सहरन क चक्कर लगाइ ल्या, मनई क पूत दुबारा आइ जाई। 24 “चेला आपन गुरु ते बड़वार नाहीं होतेन अउर न ही कउनो नउकर आपन मालिक ते बड़वार होत ह। 25 चेला क गुरु क नाईं होइ मँ अउर नउकरे क मालिक क नाई होइ मँ संतोख करइ चाही। जब उ घरे क मालिक क बेल्जाबुल (सइतान) कहइँ तउ, ओकरे घरे क दूसर लोगन क संग तउ अउ भी बुरा बेवहार करिहीं!” 26 “एह बरे ओनसे डेराअ जिन काहेकि जउन छुपी अहइ, सब खुलि जाई। अउर हर चीज जउन छुपी अहइ, परगट होइ जाई। 27 मइँ अँधियारे मँ जउन कछू तोसे कहत हउँ, मइँ चाहित ह कि तू उजियारे मँ कहा। मइँ जउन कछू तोहरे कनवा मँ कहेउँ तू ओकरे मकाने क छत्तियापर चढ़िके, एलान करा। 28 ओनसे जिन डेराअ, जउन तोहरे देह क नास कइ डइहीं मुला तोहरे आतिमा क नाहीं मारि सकतेन। बस उ परमेस्सर स डेराअ जउन तोहार देह अउर आतिमा क नरके मँ नाइ के नास कइ सकत ह। 29 एक ठु पइसा क दुइ चिड़िया बेसहे मँ स भी एक तोहरे परमपिता क बे जाने भए अउर ओकर बिना इच्छा स धरती प नाहीं गिर सकत। 30 अरे तोहरे मूँड़े क एक एक बार तक गिना भवा बाटइ। 31 यह बरे डेराअ जिन, तोहार कीमत तउ वइसी बहोत स चिड़ियन ते जिआदा बाटइ। 32 “जउन कउनो मोका सब मनइयन क समन्वा अपनाई, मइँ भी ओका सरगे मँ बसा आपन परमपिता क समन्वा अपनियाउब। 33 मुला जउन कउनो मोका सब मनइयन क समन्वा न अपनियाई, मइँ भी ओका आपन परमपिता क समन्वा न अपनियाउब। 34 “इ जिन सोचा कि मइँ धरती प सांति लइ आवइ आइ हउँ। सांति नाहीं मुला एक तरवारे क लइ आइ हउँ। 35 मइँ तउ, बेटवा क बाप क खिलाफ:‘बिटिया क महतारी खिलाफ, दुलहिन क सासे क खिलाफ करइ आइ हउँ। मनई क बैरी ओकरे घरे क मनई ही होइहीं।’ मीका 7:6 36 37 ‘जउन आपन महतारी बाप स मोसे जिआदा पिरेम करत ह, उ मोर होइ क जोग्ग नाहीं जउन अपने बेटवा अउर बिटिया से मोसे जिआदा पिरेम करत ह, उ मोर होइके जोग्ग नाहीं। 38 उ जउन क्रूसे (यातना) उठाइके मोरे पाछे होत नाहीं, मोर होइके जोग्ग नाहीं। 39 उ जउन आपन प्राण बचावा चाहत ह, आपन प्राण खोइ देइ। मुला जउन मोरे बरे आपन प्राण दइ देइ, उ जिन्नगी पाई। 40 जउन तू पचन क अपनावत ह, उ मोका अपनावत ह अउर जउन मोका अपनावत ह, उ उहइ परमेस्सर क अपनावत ह, जउन मोका पठएस ह। 41 जउन कउनो नबी क यह बरे अपनावत ह कि उ नबी अहइ, ओका उहइ ओकरे बदले मँ फल मिली जउन कि नबी क मिलत ह। अउ जदि तू कउनो धर्मी क यह बरे अगवानी करत ह कि उ धर्मी बाटइ, ओका सच उहइ बदले मँ फल मिली जउन कउनो धर्मी क मिलत ह। 42 अउर जदि कउनो मोर इ भोला भाला चेलन मँ स कउनो एक क एक लोटा ठंडा पानी तक दइ दे कि उ मोर चेला अहइ, तउ मइँ तोसे सच कहत हउँ कि ओका ऍकरे बदले मँ फल सचमुच बे मिले भए न रही।”

Matthew 11:1 अइसा भवा कि ईसू आपन बारहु चेलन क इ तरह समझाइके हुवाँ स चला गवा अउर गलील देस क सहरन मँ उपदेस देत अउर प्रचार करत लाग। 2 यूहन्ना जब जेल मँ मसीह क काम क बारे मँ सुनेस तउ उ आपन चेलन स संदेस पठइके पूछेस, 3 “का तू उहइ अहा, जउन आवइवाला रहा, या हम पचे कउनो अउर आवइवाला क बाट जोही?” 4 ईसू जवाबे मँ ओनसे कहेस, “जउन कछू तू सबइ सुनत अहा, अउर देखत अहा, जाइके यूहन्ना क बतावा कि, 5 अँधरे क आँखी मिलति अहइँ, लूला लगँड़ा चल पावत अहइँ, कोढ़ी चंगा होत अहइँ, बहिर सुनत अहइँ अउ मुर्दा जिआइ जात अहइँ अउर गरीबन मँ सुसमाचार क प्रचार कीन्ह जात अहइ। 6 उ धन्य अहइ जउन मोका अपनाइ सकत ह।” 7 जब यूहन्ना क चेलन हुवाँ स जात रहेन तउ ईसू भीड़ मँ यूहन्ना क बारे मँ कहइ लाग, “तू पचे इ उसरे मँ का निहारइ आइ अहा? का कउनो सरपत? जउन हवा स उड़ि जात बा। 8 नाहीं, तउ फिन का देखइ आइ अहा? का एक मनई? जउन बहोत बढ़िया ओढ़ना पहिरे बा? देखा जउन उत्तिम बस्तर पहिरत हीं, उ सबइ तउ राजा क महले मँ मिलत हीं। 9 तउ तू सबइ का निहारइ आइ अहा? का कउनो नबी? हाँ, मइँ तोहका बतावत हउँ कि जेका तू देख्या ह उ कउनो भी नबी स जिआदा अहइ। 10 इ उहइ अहइ जेकरे बारे मँ पवित्तर सास्तर मँ लिखा बाटइ:‘देखा, मइँ तोहसे पहिले ही आपन दूत पठवत हउँ। उ तोहरे बरे राह बनाई।’ मलाकी 3:1 11 मइँ तोहसे सच कहत हउँ बपतिस्मा देवइया यूहन्ना त बड़वार कउनो मनई पइदा नाहीं भवा। फिन भी सरगे क राज्य मँ छोट त छोट मनई भी यूहन्ना स बड़कवा अहइ। 12 बपतिस्मा क देवइया यूहन्ना क समइ स आज तलक सरगे क राज्य खौफनाक हमला झेलत रहा अहइ अउ हिंसा करवइया ओका छीन चाहत हीं। 13 यूहन्ना क आवइ तलक सारे नबियन अउर मूसा क व्यवस्था इ भविस्सबाणी किहेन, 14 अउर जदि तुम व्यवस्था अउर नबियन जउन कछू कहइ, ओका स्वीकार करने क तैयार ह तउ जेकरे आने की भविस्सबाणी की गयी थी इ यूहन्ना उहइ एलिय्याह बाटइ। 15 जउन सुनि सकत होइ, उ सुनि लेइ। 16 “आजु क इ पीढ़ी क तुलना मइँ कउने स करउँ? उ सबइ बाजारे मँ वइठा भवा ओन गदेलन क नाईं अहइँ जउन एक दूसर क नरियाइके कहत रहेन, 17 ‘हम तोहरे बरे बाँसुरी बजावा, मुला तू नाच्या नाहीं। हम पचे सोकगीत गावा मुला तू रोया नाहीं। 18 बपतिस्मा देवइया यूहन्ना आवा। जउन अउरन क नाईं खात रहा अउर न पिअत रहा। मुला लोग कहे रहेन, ‘ओहमा दुस्ट आतिमा समाइ गइ अहइ।’ 19 फिन मनई क पूत आवा। जउन अउरन क नाईं खात-पिअत ह, मुला मनई कहत हीं, ‘इ मनई क देखा, ई पेटू अहइ, पिअक्कड़ बाटइ। इ चुंगी क उगहिया अउर पापी क मीत अहइ।’ मुला बुद्धि क चमत्कार काम स सिद्ध होइ जात ही।” 20 फिन ईसू ओन नगरन क धिक्कारेस, जेहमाँ उ ढेर अद्भुत कारजन किहेस। काहेकि हुवाँ क मनइयन आपन पाप करबँ नाहीं छोड़ेन अउर मनफिराव नाहीं करेन। 21 ईसू कहेस, “अरे अभगे खुराजीन अरे अभगे बैतसैदाजउन अद्भुत कारजन तोहमा कीन्ह गएन जदि उ सबइ काम सूर अउ सैदा मँ कीन्ह जातेन तउ हुवाँ क मनई बहोत पहिले टाट क कपराओढ़िके सोक बरे अउर देह प राखि लगाइके दुख क परगट करत मनफिराव कइ चुका होतेन। 22 मुला मइँ तू सब लोगन स कहत हउँ कि निआव क दिन सूर अउर सैदा क दसा तोहसे जिआदा सहइ बरे जोग्ग होई। 23 अउर अरे कफरनहूम का तू सोचत ह कि तोहका सरगे क महिमा तलक ऊँचे उठावा जाई? तू तउ अधोलोक मँ नरक तलक जाब्या। काहेकि जउन अद्भुत कारजन तोहमा कीन्ह गएन, जदि उ सबइ सदोम मँ कीन्ह जातेन तउ उ नगर आज तलक टिका होत। 24 मुला मइँ तोहका बतावत हउँ कि निआव क दिन तोहरे मनइयन क दसा ते सदोन क दसा कहूँ नीक होई।” 25 उ समइया प ईसू कहेस, “परमपिता, तू सरग अउर धरती क पर्भू अहा, मइँ तोहार गुन गावत हउँ काहेकि तू इन बातन क, ओनमाँ स जउन गियानी अउर समझदार अहइँ, छुपाइके रखे अहा। अउ जउन भोला भाला अहइँ ओनके बरे परगट किए अहा। 26 हाँ परमपिता इ यह बरे भवा काहे कि तू ही एका अच्छे स जानत अहा। 27 मोर परमपिता सब कछू मोका सौंप दिहेस अउर असिल मँ परमपिता क बजाय कउनो भी पूत क नाहीं जानत। अउर हर उ मनई परमपिता क जानत ह, जेकरे बरे पूत ओका परगट करइ चाहत ह। 28 “अरे, ओ थका माँदा, बोझवा स दबान मनइयन मोरे लगे आवा। मइँ तोहका सुख चइन देब। 29 मोर जुआ ल्या अउर आपन उपर धरा। फिन मोसे सीखा काहेकि मइँ सहल हउँ अउर मोर मनवा कोमल अहइ। तोहका भी आपस बरे सुख-चइन मिली। 30 काहेकि उ जुआ जउन मइँ तोहका देइत ह बहोत सहल बाटइ। अउर उ बोझावा जउन मइँ तोह पर डारत अही, हल्का बाटइ।”

Matthew 12:1 लगभग उहइ समइया ईसू सबित क दिन अनाजे क खेतन स होइके जात रहा। ओकरे चेलन क भूख लाग अउ गोहूँ क बाल तोड़ि क चबाइ लागेन। 2 फरीसियन अइसा होत देखिके कहेन, “देखा! तोहार चेलन उ करत अहइँ जेकर सबित क दिन करब मूसा क व्यवस्था क माफिक नाहीं।” 3 ऍह प ईसू ओनसे पूछेस, “का तू नाहीं पढ्या कि दाऊद अउर ओकर साथी, जब ओनका भूख लाग, का किहे रहेन? 4 उ परमेस्सर क घरे मँ घुसिके ओनके बरे चढ़ाई गइ पवित्तर रोतिन क कइसे खाए रहेन? तउ भी ओका अउर ओनके साथी संगी क ओकर खाब मूसा क व्यवस्था क खिलाफ रहा। ओका सिरिफ याजकन ही खाइ सकत रहेन। 5 मूसा क व्यवस्था मँ तू इ नाहीं पढ़्या कि सबित कि दिन मंदिर क याजक ही असिल मँ सबित क दिन बिगार देत हीं अउर फिन ओनका कउनो कछू नाहीं कहत। 6 मुला मइँ तोसे कहत हउँ, हियाँ जउन कउनो बाटइ उ मंदिर ते बड़वार बाटइ। 7 जदि तू पवित्तर सास्तर मँ जउन लिखा अहइ, ओका जानत ह, ‘मइँ मनइयन मँ दाया चाहत हउँ, पसुबलिदान नाहींतउ तू ओनका दोखी नाहीं ? ठहरउत्या जउन निर्दोख अहइँ। 8 हाँ, मनई क पूत सबित क दिन क भी सुआमी अहइ।” 9 फिन उ हुवाँ स चला गवा अउर उनके आराधनालय मँ पहुँच गवा। 10 हुवाँ एक ठु मनई रहा, जेकर हाथ सुखंडी रहा। तउ मनइयन ईसू स पूछेन, “मूसा क व्यवस्था क माफिक सबित क दिन का कउनो क नीक करब ठीक अहइ?” उ सबई एह बरे ओसे पूछेन कि, उ पचे ओह प दोख लगाइ सकइँ। 11 मुला उ ओनका जबाव दिहेस, “मान ल्या, तोहमाँ स कउनो क लगे एक ही भेड़ बाटइ, अउर उ भेड़ सबित क दिन कउनो गड़हा मँ गिरि जात ही, तउ तू का ओका बाहेर न निकरब्या? 12 सच मनई तउ एक भेड़े स जिआदा बढ़के अहइ। यह बरे सबित क दिन मूसा क व्यवस्था भलाई करइ बरे अनुमति देत ह।” 13 तब ईसू उ सुखंडी हाथवाला मनई स कहेस, “आपन हथवा आगे बढ़ावा।” उ पूरी तरह स चँगा होइ गवा। ठीक उहइ तरह जइसे ओकर दूसर हाथ रहा। 14 तब फरीसियन हुवाँ स चला गएन अउर ओका मार डावइ क तरकीब गूंथइ मथइ लागेन। 15 ईसू इ जान गवा अउर हुवाँ स चला गवा। भारी भीड़ पाछे पाछे होइ गइ। उ ओनका चंगा करत 16 चिताउनी दिहस कि ओकरे बारे मँ मनइयन क कछू न बतावइँ। 17 इ एह बरे भवा कि नबी यसायाह पर्भू क बारे मँ जउन कछू कहेस ह, उ पूरा होइ जाइ: 18 “इ मोर सेवक अहइ, मइँ जेका चुनेउ हउँ। इ मोर पिआरा अहइ, ऍहसे मइँ आनंद मँ हउँ आपन आतिमा ऍह प मइँ रखियउँ सब देसन क सब मनइयन क इ निआव क एलान करी। 19 इ कबहुँ नाहीं चिचिआई, या झगड़ी ही मनइयन ऍका गली कूचा मँ न सुनिहइँ 20 उ सरते क न उ तोड़ीन इ बुझत दिया तलक उ न बुझाई डटा रही तब ताई जब ताईं निआव क जीत न होइ जाई। 21 तब फिन सबइ लोग आपन आसा ओहमाँ बँधिहीं, फिन उहइ नाउँ मँ।” यसायाह 42:1-4 22 फिन मनइयन ईसू क लगे एक अइसे अँधरे क लइ आएन जउन गूँगा भी रहा काहेकि ओहॅ प दुस्ट आतिमा क सवारी रही। ईसू ओका चंागा किहेस अउर एह बरे इ गूँगा अउर आँधर बोलइ अउर देखइ लाग। 23 ऍह प सबइ मनइयन अचरजे मँ पड़ि गएन अउर उ सबइ कहइ लागेन, “का इ मनई दाऊद क पूत होइ सकत ह” 24 जबहिं फरीसियन इ सुनेन तउ उ पचे कहेन, “इ दुस्ट आतिमन क ओनके सरदार बेल्जाबुल क सहारा स बाहरे निकारत ह।” 25 ईसू ओनके मनवा क बात जानि गवा अउर ओनसे कहेस, “हर राज्य जेहमाँ फूट परि जात ह, ओकर नास होइ जात ह। वइसे ही हर सहर या परिवार जेहमाँ फूट परि जात ह उ टिकइ नाहीं पावत। 26 तउ सइतान ही खुद आपन क बाहेर कइसे निकारी फिन तउ ओहमाँ आपन खिलाफ फूट पड़ि जाई। तउ ओकर राज्य कइसे बना रहि पाई। 27 अगर इ सच अहइ कि मइँ बेल्जाबुल क सहारा स दुस्ट आतिमन क खदेरत हउँ तउ तोहार मनवइया कउने सहारा स ओनका बाहेर खदेरत हीं? तउ तोहार आपन मनवइया ही सिद्ध करिहीं कि तू गलत अहा। 28 मइँ दुस्ट आतिमन क परमेस्सर क आतिमा क सक्ती स निकारत हउँ। ऍहसे इ सिद्ध होत ह कि परमेस्सर क राज्य तोहरे निअरे आइ ग अहइ। 29 “फिन कउन कउनो जबरा क घरवा मँ घुसिके ओकर माल कइसे चोरॉइ सकत ह, जब तलक उ जबरा क पहिले बाँध न देइ। तबहिं उ ओकरे घरवा क लूटि सकत ह। 30 “जउन मोर संग नाहीं उ हमरे खिलाफ बाटइ। अउर जउन अलगाइ भई भेड़न क बटोरइ मँ मोर मदद नाहीं करत, उ ओनका अलगावत ह। 31 एह बरे मइँ तोहसे कहत हउँ कि सब मनइयन क किस्म किस्म क निन्दा अउर पापन्क छमा कइ दीन्ह जाइ मुला पवित्तर आतिमा क निन्दा क छमा किन्ह न जाई। 32 कउनउ मनई क पूत क खिलाफ जदि कछू कहत ह तउ ओका छमा कीन्ह जाइ सकत ह, मुला पवित्तर आतिमा क खिलाफ कउनो कछू कहइ तउ ओका छमा न कीन्ह जाई। न तउ इ युग मँ अउर न आवइवाला युगे माँ। 33 “तू लोग जानत ह कि बढ़िया फरे बरे तोहका बढ़िया बृच्छ रोपइ चाही। मुला बृच्छ बुरा अहइ तउ बुरा फर देइ। काहेकि बृच्छ आपन फरे स जाना जात ह। 34 अरे हे कीरा क बचवन! जब तू खुदइ बुरा अहा तउ नीक बातन कइसे कहि सकत ह मनई क सब्द जउन ओकरे मनवा मँ भरा अहइ, उहइ स निकरत ही। 35 एक नीक मनई मनवा क नीक भंडारे स नीक बातन निकारत ह अउर बुरा मनई बुरी बातन क निकारत ह जउन मनवा क भंडारे मँ एकट्ठा रहत हीं। 36 अउ मइँ तू सब जने के बतावन हउँ कि निआव क दिन हर मनई क लापरवाही स बोली गइ बातन क हिसाब देइ क होई। 37 तोहरे बातन क ऊपर तोहका निर्दोख अउर दोखी ठहराइ जाई।” 38 फिन कछू धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन ओसे कहेन, “गुरु, हम पचे तोसे अद्भुत चीन्हा परगट करइ चाहित ह।” 39 ईसू ओनसे जवाबे मँ कहेस, “इ जुग क बुरा अउर दुराचारी पीढ़ी क मनई अद्भुत चीन्हा देखा चाहत हीं। नबी योना क अद्भुत चीन्हा तजिके ओनका अउर कउनो अद्भुत चीन्हा न दीन्ह जाई। 40 अउ जइसे योना तीन दिना अउर तीन रात उ समुद्री जीव क पेटवा मँ रहा, वइसे ही मनई क पूत तीन दिन अउर तीन रात धरती प रही। 41 निआव क दिन निनेवा क रहइवाले आज क पीढ़ी क मनई क संग खड़ा होइहीं अउर दोखी ठहरइहीं। काहेकि निनेवा क मनई योना क उपदेस स मनफिराव करे रहेन अउर हियाँ तउ कउनो योना स बड़वार हाजिर अहइँ। 42 निआव क दिन दक्खिन क रानी इ पीढ़ी क मनइयन क संग खड़ी होई अउर ओनका दोखी ठहराई, काहेकि उ धरती क दूसर छोर स सुलैमान क उपदेस सुनइ बरे आइ रही अउर हियाँ तउ कउनउ सुलैमान स भी बड़वार हाजिर अहइ। 43 “जब कउनउ दुस्ट आतिमा कउनो मनई क छोड़ देत ह तउ उ आराम खोजइ बरे झुरान धरती प ढूँढ़त फिरत ह, मुला उ ओका मिल नाहीं पावत। 44 तब उ कहत ह, ‘जउन घरे क मइँ छोड़ दिहेउँ, मइँ फिन उहइँ लौटि हउँ।’ तउ उ लौटत ह अउर ओका अब ताईं खाली अउ साफ स्थर अउर सजा भवा पावत ह। 45 फिन उ लौटत ह अउ आपन संग सात अउ दुस्ट आतिमन क लइ आवत ह जउन ओसे भी बुरी होत हीं। फिन उ सबइ आइके हुवाँ रहइ लागत हीं। अउर उ मनई क हालत पहिले स जिआदा खौफनाक होत ह। आज क इ खराब पीढ़ी क मनइयन क दसा अइसी बाटइ।” 46 ईसू अबहिं भिड़िया क मनइयन स बातन कर रहा कि ओकर महतारी अउर भाइयन हुवाँ अइके बाहेर खड़ा होइ गएन। उ पचे ईसू स बात करइ बरे इंतजार करत रहेन। 47 कउनो ईसू स कहेस, “सुना तोहार महतारी अउर तोहार भाइयन खड़ा बाटेन अउर तोसे बात करइ चाहत हीं।” 48 जवाबे मँ ईसू बात करइवालन स कहेस, “कउन अहइ मोर महतारी, अउ कउन अहइ मोर भाइयन?” 49 फिन आपन हथवा स चेलन कइँती सनकावत कहेस, “इ अहइँ मोर महतारी अउर मोर भाइयन। 50 हाँ सरगे मँ रहवइया मोरे परमपिता क इच्छा प जउन कउनो चलत ह, उहइ मोर भाई, बहिन अउर महतारी अहइ।”

Matthew 13:1 उहइ दिन ईसू उ घरवा क छोड़िके झिलिया क किनारे उपदेस देइ जाइ बइठा। 2 बहोत मिला ओकरे चारिउँ कइँती ऍकट्ठा होइ गएन। तउ एक दिन उ नाउ प चढ़िके बइठि गवा। अउ भीड़ किनारे खड़ी रही। 3 उ ओनका दिस्टान्त क सहारा लेत भवा बहोत सी बात बताएस।उ कहेस, “एक किसान बिआ बोअइ निकरा। 4 उ जब बोआई करत रहा तउ कछू बिआ राहे क किनारे जाइ गिरेन। चिड़ियन आइन अउर चुन गइन। 5 तनिक बिआ चट्टान क धरती प जाइ गिरेन। हुआँ क माटी उथली रही। बिआ फउरन उगेन, काहेकि माटी गहिर नाहीं रही। 6 यह बरे जइसे सूरज निकरा तउ उ पउधन झुराइ गएन। अउर काहेकि उ सबइ जिआदा जर पकड़े नाहीं रहेन एह बरे झुराइके गिर गएन। 7 बिआ क एक हींसा कँटहरी झाड़िन मँ जाइ गिरा, झाड़िन बाढ़िन, अउर उ सबइ उ पउधन क दहबोच लिहेन। 8 मुला थोड़ा बिआ जउन बढ़िया धरती प गिरा रहेन, बढ़िया फसल देइ लागेन। फसल, जेतना बोइ ग रही, ओसे कउनो तीस गुनी, साठ गुनी, या सौ गुनी स भी जिआदा भई। 9 जउन सुन सकत ह, उ सुनि लेई!’ 10 फिन ईसू क चेलन ओकॅरे लगे जाइके पूछेन, “तू ओनसे बात करत भए दिस्टान्त कथा क प्रयोग काहे करत ह” 11 जवाबे मँ उ ओनसे कहेस, “सरगे क राज्य क भेद क जानइ क अधिकार सिरिफ तोहका दीन्ह ग अहइ, ओनका नाहीं। 12 काहेकि जेकरे लगे थोड़ा बहोत बाटइ, ओका अउर भी दीन्ह जाई अउर ओकरे लगे ढेर होइ जाई। मुला जेकरे लगे कछू भी नाहीं अहइ, ओहसे जेतना स ओकरे लगे बाटइ, उ भी छोर लीन्ह जाइ। 13 एह बरे मइँ ओनसे दिस्टान्त कथा क प्रयोग करत कहत हउँ। काहेकि अगर उ सबइ निहारत हीं मुला असल मँ ओनका कछू देखॉई नाहीं देत, उ पचे अगर सुनत हीं, मुला असल मँ उ सबइ न सुनत हीं, न समझत हीं। 14 इ तरह ओन प यसायाह की भविस्सबाणी खरी उतरत ही :‘तू सुनब्या अउर सुनतइ ही रह्ब्या मुला तोहरे कछू भी समुझ न आई तू लखत ह, बस देखतइ ही रह्ब्या मुला तोहका तउ कछू सूझ ना पाई, 15 काहेकि ओनके अकिल प पाथर पड़ा हइ सबइ आपन कान मूँद लिहेन, अउर आँखी बंद कई राखी अहइँ जेसे आपन आँखिन स उ सबइ कछू न निहारइँ अउर उ सबइ कनवा स कछू सुनि न पावइँ या आपन हिरदय स कबहुँ बूझइँ अउ मुड़िकइ कबहुँ मोरी कइँती आवइँ अउर जेसे मइँ ओनका उद्धार करउँ।’ यसायाह 6:9-10 16 मुला तोहार आँखी अउर कान धन्य अहइँ काहेकि उ सबइ देख सुन सकत हीं। 17 मइँ सच कहत हउँ बहोतन नबियन अउर धर्मी जउन बातन क देखइ चाहत रहेन, ओनका तू देखत अहा। उ पचे ओनका नाहीं देखि सकतेन। अउ जउन बातन क उ सबइ सुनइ चाहत रहेन, ओनका तू सुनत बाट्या। उ सबइ ओनका नाहीं सुन सकेन। 18 “तउ बिआ बोअइ क दिस्टान्त क अरथ सुन ल्या। 19 उ बिआ जउन राह क किनारे गिर गवा रहा, ओकर अरथ अहइ कि जबहिं कउनो सरगे क राज्य क उपदेस सुनावत ह अउर समझत नाहीं तउ दुस्ट आइके, ओकरे मनवा मँ जउन उगा रहा, उखाड़ लइ जात ह। 20 उ सबइ बिआ जउन पथरही धरती प छितराइ ग रहेन, ओकर अरथ अहइ उ मनई जउन उपदेस सुनत ह, ओका खुसी होइके फउरन अपनावत ह 21 मुला आपन भीतर ओनकइ जड़ नाहीं जमइ देत, उ तनिक देर ठहर पावत ह, जब उपदेस क कारण ओह प कस्ट अउर यातना आवत हीं तउ उ फउरन डगमगाइ जात ह। 22 कँटवन मँ छितराइ गवा बिआ क मतलब अहइ, उ मनई जउन उपदेस क तउ सुनत ह, मुला संसार क फिकिर अउर, धन क लालच उपदेस क दहबोच लेत ह अउर उ मनई सफल नाहीं होइ पावत। 23 नीक धरती प छितरान बिआ क अरथ अहइ उ मनई जउन उपदेस क सुनत ह अउर समझत ह। उ सफल होत ह। ओकर सफलता तीस गुनी, साठ गुनी या सौ गुनी तक होत ह।”गोहूँ अउर खरपतवारे क दिस्टान्त 24 ईसू ओनके समन्वा एकठू अउर दिस्टान्त कथा राखेस, “सरगे क राज्य उ मनई क नाईं अहइ जउन आपन खेतवा मँ नीक बिआ बोएस। 25 मुला जब मनइयन सोवत रहेन, उ मनई क दुस्मन आवा अउर गोहूँ क बीचउबीच खरपतवार बोइ गवा। 26 जइसे गोहूँ अँखुवान अउर ओह प बालन आइन तउ खरपतवार देखाइ लाग। 27 तइसेन खेते क मालिक क लगे आइके ओकर नउकरन ओसे कहेन, ‘मालिक, तू तउ खेतवा मँ बढ़िया बिआ बोए रहा, बोए रह्या न? फिन ई खरपतवार कहाँ ते आइ गवा?’ 28 “तब उ ओनसे कहेस, ‘इ कउनो दुस्मने क काम अहइ।’ “ओकर नउकरन ओसे पूछेन, ‘का तू चाहत ह कि हम सबइ जाइके खरपतवार उखाड़ देइ?’ 29 “उ बोला, ‘नाहीं काहेकि जब तू खरपतवार उखड़ब्या तउ ओनके संग तू गोहूँ भी उखाड़ देब्या। 30 जब ताईं फसल पाकइ, दुइनउँ क साथ साथ बाढ़इ द्या, फिन कटनी क समइ फसल क कटइयान स कहब कि पहिले खरपतबारे क गट्ठर बनाइके ओनका जराइ द्या अउर गोहूँ बटोरिके मोरे खरिहाने मँ धइ द्या।”‘ 31 ईसू ओनके समन्वा अउर दिस्टान्त कथन्क राखेस: “सरग क राज्य राई क बिआ क छोटवार बिआ क नाईं अहइ, जेका कउनो लइके खेते मँ बोई दिहे होय। 32 ई बिआ नान्ह स नान्ह होत ह मुला बड़वार होए प इ बगिया क सबइ पउधन स बड़वार होइ जात ह। इ पेड़ बनत ह अउर अकासे क पंछी आइके ऍकर डारन प सरन लेत हीं।” 33 ईसू ओनका एक दिस्टान्त कथा अउ कहेस, “सरगे क राज्य खमीर क नाई अहइ, जेका जउनो स्त्री तीन अढ़इया आटा मँ मिलाएस अउर तब ताई ओका राखि दिहेस जब तलक उ सबइ क सबइ खमीर नाहीं भवा।” 34 ईसू लोगन्स सब कछू दिस्टान्त कथन स बताएस। असिल मँ उ ओनसे दिस्टान्त कथा क बिना कछू नाहीं कहत रहा। 35 अइसा एह बरे भवा कि परमेस्सर नबी स जउन कछू कहवाए रहा पूरा होइ जाइ: परमेस्सर कहेस, “मइँ दिस्टांत कथन स आपन मुँहना खोलिहउँ। सृस्टि क सुरू स जउन बात छुपी रहिन, ओनका परगट करब।’ भजन संहिता 78:2 36 फिन ईसू उ भीड़ क बिदा कइके घर आइ गवा। तब्बइ ओकर चेलन आइके ओसे कहेन, “खेते क खरपतवार क दिस्टान्त क अरथ हमका समझाइ द्या।” 37 जवाबे मँ ईसू बोला, “जउन उत्तिम बिआ बोए रहा, उ अहइ मनई क पूत। 38 अउर खेत इ संसार अहइ। नीक बिआ क अरथ अहइ, सरगे क राज्य क मनई। खरपतवार क अरथ अहइ, दुस्ट (सइतान) क संतान। 39 उ दुस्मन जउन खरपतवारे क बोएस, सइतान अहइ, अउर कटनी क समइ अहइ, इ संसार क अंत अउर कटइया अहइँ परमेस्सर क दूतन। 40 “तउ ठीक उहइ जइसे खरपतवारे क ऍकट्ठा कइके आगी मँ जराइ दीन्ह ग, वइसे ही संसार क अंत होई। 41 मनई क पूत आपन दूतन क पठइ अउर उ सबइ ओनके राज्य स सबइ पापिन क अउ ओनक जउन पाप बरे मनइयन क भड़कावत हीं, 42 ऍकट्ठा कइके धधकत भट्ठी मँ झोक देइहीं जहाँ बस दाँतन क पीसब अउर रोउब ही रोउब होई। 43 तब धर्मी आपन परमपिता क राज्य मँ सूरज क नाई चमकिहीं। जउन सुनि सकत ह, सुनि लेइ। 44 “सरग क राज्य खेत मँ गड़ा भवा खजाना क नाईं अहइ, जेका कउनो मनई पाएस अउर फिन ओका हुवँई गाड़ दिहेस। उ ऍतना खुस भवा कि ओकरे लगे जउन कछू रहा उ ओका बेंच दिहस अउर उ खेत बेसहि लिहस। 45 “सरग क राज्य एक अइसे बेवपारी क नाईं अहइ कि जउन बढ़िया मोती क खोज मँ होइ। 46 जइसेन ओका एक अनमोल मोती मिला तउ जाइके जउन कछू ओकरे पास रहा, उ बेंच डाएस अउर मोती वेसहि लिहस। 47 “सरगे क राज्य मछरी पकड़इ बरे झीले मँ फेंक गवा जाल क नाईं भी अहइ। जेहमाँ किसिम किसिम क मछरी पकड़ लीन्ह गइन। 48 जब उ जाले मँ मछरी मुचामुच भरि गइन तउ किनारे ओका हींच लीन्ह गवा अउर हुवाँ बैठिके नीक मछरी छाँटिके टोकरिन मँ भरि लीन्ह गइन मुला बेकार मछरी फेंकि दीन्ह गइन। 49 सृस्टि क अंत मँ अइसे ही होई। सरगदूतन अइहीं अउर धर्मियन मँ स दुस्ट मनइयन क छाँटिके 50 धधकत भट्ठी मँ झोकि देइहीं। हुवाँ बस रोउब अउर दाँत पीसब होई।” 51 ईसू आपन चेलन स पूछेस, “का तू सबइ इ बातन क समझत ह” उ पचे जबाव दिहन, “हाँ।” 52 फिन उ ओनसे कहेस, “देखा, एह बरे हर धरम सास्तरी जउन सरग क राज्य क जानत ह, एक अइसे ग्रिहस्त क नाई अहइ, जउन आपन बखरी स नई पुरानी चीजन्क बाहेर निकारत ह।” 53 इ सबन दिस्टान्त कथा क पूरा कइके उ हुवाँ स चला गवा। 54 अउर आपन देस आइ गवा। फिन उ आराधनालय मँ उपदेस देब सुरू करेस। ऍसे हर कउनो अचरजे मँ पड़िके कहइ लाग, “ऍका अइसी सूझबूझ अउर अद्भुत कारजन क सक्ती कहाँ त मिल गइ? 55 का इ उहई बढ़ई क बेटवा नाहीं अहइ? का ऍकर महतारी क नाउँ मरियम नाहीं अहइ? याकूब, यूसुफ, समौन अउर यहूदा इहई क भाई अहइँ न? 56 ऍकर सबहिं बहिनियन हमरे बीच मँ नाहीं अहइँ? तउ फिन ओका इ सब कहाँ त मिली गवा?” 57 तउ उ सबइ ओका मानेन नाहीं। फिन ईसू कहेस, “कउनो नबी इ आपन गाँव अउर घरवा क छाँड़िके, सब मनइयन इज्जत करत हीं।” 58 तउ ओनके बिसवास न होइके कारण उ हुवाँ जिआदा अद्भुत कारजन नाहीं किहेस।

Matthew 14:1 उ समइ गलील क राजा हेरोदेस जब ईसू क बारे मँ सुनेस 2 तउ उ आपन नउकरन स कहेस, “इ बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना अहइ जउन मरि गएन मँ जी गवा बाटइ। अउर इहइ बरे इ सक्तिन ओहमाँ करत बाटिन जेसे इ इन अद्भुत कारजन क करि डावत ह।” 3 इ उहइ हेरोदेस रहा जउन यूहन्ना क गिरपतार कइके, जंजीरे स बाँधि, जेल मँ धाँध दिहस। इ उ हिरोदियास क कहे प किहेस, जउन पहिले ओकरे भाई फिलिप्पुस क पत्नी रही। 4 यूहन्ना ओसे अक्सर कहत रहत रहा: “तोहका ऍकरे साथ नाहीं रहइ चाही।” 5 ऍह प हेरोदेस ओका मार डावइ चाहत रहा, मुला उ मनइयन स डेरात रहा काहेकि मनई यूहन्ना क नबी मानत रहेन। 6 मुला जब हेरोदेस क जन्म दिन आवा तउ हिरोदियास क बिटिया हेरोदेस अउर ओकर मेहमनवन क समन्वा नाचिके हेरोदेस क ऍतना खुस किहेस कि सपथ खाइके ओका देइ बरे बचन दिहेस कि उ जउन कछू चाही। 7 8 आपन महतारी क उस्कावे मँ आइके उ कहेस, “मोका टाठी मँ धइके बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना क मूँड़ द्या।” 9 तउ भी राजा बहोत दुखी रहा मुला आपन सपथ अउर आपन मेहमानन क कारण उ ओकर मंसा पूरी होइके हुकुम दिहेस। 10 उ जेल मँ यूहन्ना क मूँड़ काटइ बरे मनई पठएस। 11 तउ यूहन्ना क मूँड़ टाठी मँ धइके लइ आवा गवा अउर लरकी क दइ दीन्ह गवा। उ ओका आपन महतारी क लगे लइ गइ। 12 यूहन्ना क चेलन आएन अउर ओकरे धड़े क गाड़ दिहन अउर फिन उ पचे आइके ईसू क बताइ दिहन। 13 जब ईसू ऍकरे बारे मँ सुनेस तउ उ हुवाँ स नाउ मँ बइठिके निर्जन जगहिया मँ अकेॅल्ले चला गवा। मुला जब भीड़ क ऍकरे बारे मँ मालूम भवा तउ आपन सहरन स पइयाँ पइयाँ ओकरे पाछे होइ गएन। 14 ईसू जब नाउ स निकरि के किनारे आवा तउ उ बड़ी भीड़ देखेस। ओका ओन प दाया आइ अउर ओनके बेरमियन क नीक किहेस। 15 जब साँझ भई तउ ओकर चेलन ओकरे लगे आइके कहेन, “इ निर्जन जगह अहइ अउर बहोत देर होइ गइ अहइ, तउ भीड़ क बिदा कइ द्या, जेसे उ सबइ गाउँ मँ जाइके आपन बरे खइया बेसहि लेइँ।” 16 मुला ईसू ओनसे कहेस, “ऍनका कहूँ जाइ क जरूरत नाहीं बा। तू एनका कछू खाइके दइ द्या।” 17 उ पचे ओसे कहेन, “हमरे लगे पाँच ठु रोटी अउर दुइ मछरिन क छोड़िके अउर कछू नाहीं अहइ।” 18 ईसू कहेस, “ओका मोरे लगे लइ आवा।” 19 उ भिड़िया क मनइयन स कहेस कि उ पचे घास प बइठि जाइँ। फिन उ पाँच ठु रोटी अउर दुइ मछरिन क लइके सरग कइँती देखेस अउर भोजन बरे परमेस्सर क धन्यबाद दिहेस। फिन रोटी क टुकड़न मँ तोड़ेस अउर ओनका आपन चेलन क दिहेस। उ चेलन टुकड़न क मनइयन मँ बाँटेन। 20 सबइ जिअरा भरि के जेंएन। ओकरे बाद खियाए स बचा भवा टुकड़न स चेलन बारह झउआ भरि दिहेन। 21 स्त्रियन अउर गदेलन क तजिके हुवाँ खवइया कउनो पाँच हजार रहेन। 22 ऍकरे तुरंतइ पाछे ईसू आपन चेलन क नाउ प बइठाएस अउर जब ताईं उ भिड़िया क बिदा करइ, ओसे पहिले आपन चेलन स गलील झील क उ पार जाइ क कहेस जइसे उ सबइ ईसू क जाइ स पहिले पहुँच जाईं। 23 उ भीड़ क बिदा कइके पराथना करइ अकेॅल्ले पहाड़ी प चला गवा। साँझ होइ प उ हुवाँ अकेला रहा। 24 तब ताईं नाउ किनारे मीलन दूर तलक जाइ चुकी रही अउर लहरन क हिलोर स नाउ डोलय लाग काहेकि आँधी उल्टी चलत रही। 25 भिन्सारे तीन अउर छः बजे क बीच मँ ईसू झील प चलत ओनके लगे आवा। 26 ओकर चेलन जब ओका झीले प चलत देखेन तउ घबराइके आपुस मँ कहइ लागेन, “इ तउ कउनो भूत अहइ।” उ पचे डेराइ के चिचियाने। 27 ईसू फउरन ओनसे बात करत भवा कहेस, “हिम्मत राखा! इ मइँ हउँ, अब अउ जिन डेराअ!” 28 पतरस जबाव देत ओसे कहेस, “पर्भू, अगर तू अहा, तउ मोका पानी प चलिके आपन लगे आवइ क कहा।” 29 ईसू कहेस, “पतरस, चला आवा।”पतरस नाउ स निकरिके पानी प इसू कइँती चल पड़ा। 30 जबहिं उ जोर क आँधी देखेस उ घबराइ गवा। उ बूड़ई लाग अउर नरियान, “पर्भू, मोर रच्छा करा!” 31 ईसू तुरंतहि ओकरे नगिचे पहुँचिके ओका थाम लिहेस अउर ओसे कहेस, “अरे, कम बिसवास करइया, तू संदेह काहे किहा?” 32 अउर उ सबइ नाउ प चढ़ि आएन। आँधी पटाइ गइ। 33 नाउ क मनइयन ईसू का आराधना किहेन अउर कहेन, “तू सच परमेस्सर क पूत अहा।” 34 तउ झील पार कइके उ सबइ गन्नेसरत क किनारे उतरि आएन। 35 जब हुवाँ क रहइवाला ईसू क पहिचानेन तउ उ पचे ओकरे अवाई क खबर आसपास क सबहिं ठउरन मँ पठइ दिहन। जेसे मनई जउन बेरमिया रहेन, उ सबन क हुवाँ लइ आएन। 36 अउर ओसे पराथना करइ लागेन उ ओनका आपन ओढ़ना क छोर छुअइ दे। अउर जउन छुइ लिहेन, उ सबइ पूरंपूर चंगा होइ गएन।

Matthew 15:1 फिन कछू फरीसियन अउर धरमसास्तिरियन यरूसलेम स ईसू क लगे आएन अउर ओसे पूछेन, 2 “तोहार चेलन हमरे पूर्वजन क रीति रिवाज क काहे नाहीं मनतेन? उ पचे खइया खाइ स पहिले आपन हथवन क काहे नाहीं धोउतेन!” 3 जबावे मँ ईसू ओनसे पूछेस, “आपन रीति रिवाजन क कारण तू परमेस्सर क हुकुम क काहे टारत ह 4 काहेकि परमेस्सर तउ कहेस, ‘तू आपन महतारी बाप क इज्जत करा’अउर जउन कउनो, ‘महतारी बाप क बेज्जत करइ, ओका जरूर मार डावइ चाही।’ 5 मुला तू कहत ह कि अगर कउनो आपन महतारी बाप स कहइ, ‘मइँ आपन सब कछू परमेस्सर क अर्पन कइ दिहे हउँ, एह बरे तोहार मदद नाहीं कइ सकत हउँ।’ 6 इ तरह ओका आपन बाप क मानइ क जरूरत नाहीं। एह तरह तू आपन रीति रिवाजे क कारण परमेस्सर क हुकुम क नाहीं मान्या। 7 अरे कपटी मनइयो! तोहरे बारे मँ यसायाह ठीक ही भविस्सबाणी किहेस। उ कहे रहा: 8 ‘इ सबइ सिरिफ ओंठन स कि हमार मान करत हीं, मुला रहत ऍनकइ मन मोसे सदा दूर 9 अर्पन भइ आराधना मोका ऍनकी बगैर कामे की काहेकि सिखउतेन इ सबइ मनइयन क कहिके आपन धरम क उपदेस बनवा नेम मनई क।”‘ यसायाह 29:13 10 उ भिड़िया क आपन नगिचे बोलाऍस अउर ओनसे कहेस, “सुना अउर समझ ल्या कि 11 मनई क मुँहे स जउन भीतर जात ह उ ओका अपवित्तर नाहीं करत, मुला ओकरे मुँहना स निकरा सब्द ओका अपवित्तर करत ह।” 12 तब ईसू क चेलन ओकरे निअरे आएन अउर बोलेन, “का तोहका पता बाटई कि तोहरे बात क फरीसियन बहोत बुरा मान गएन?” 13 ईसू जबाव दिहेस, “हर पउधा जेका सरगे मँ बसा मोर परमपिता नाहीं लगाएन, ओका उजाड़ दीन्ह जाई। 14 ओनका तजि द्या, उ सबइ तउ आँधरन क नेता अहइँ। जदि एक आँधर दुसरे आँधर क राह देखावत ह, तउ उ दुइनउँ गड़हा मँ गिरि जात हीं।” 15 जबावे मँ पतरस ओसे कहेस, “हम पचन क पवित्तर न होइ क बारे मँ पहिले दीन्ह मँ दिस्टान्त क समझावा।” 16 ईसू कहेस, “का तू अबहूँ नाहीं समझाया? 17 का तू नाहीं जानत अहा कि जउन कछू कउनो क मुँहे मँ जात ह, उ ओकरे पेटे मँ पहुँचत ह अउर फिन टट्टी स निकर जात ह 18 मुला जउन मनई क मुँहे स बाहेर आवत ह, उ ओकरे मने स निकरत ह। इहइ ओका अपवित्तर करत ह। 19 काहेकि बुरा बिचार, कतल, व्यभिचार, बुरी चाल, चोरी, झूठ अउर निन्दा सबइ बुराई मनवा स ही आवत हीं। 20 इहइ अहइँ जेसे कउनो अपवित्तर बनत ह। वे हाथ धोए खाइ स कउनो अपवित्तर नाहीं होत।” 21 फिन ईसू उ ठउर क तजिके सूर अउ सैदा कइँती चला गवा। 22 हुवाँ क एक कनानी स्त्री आइ अउर चिचियाइ लाग, “हे पर्भू, दाऊद क पूत मोहे प दाया करा। मोरी बिटिया प दुस्ट आतिमा बुरी तरह स सवार अहइ।” 23 ईसू ओसे एक सब्द भी नाहीं कहेस, तउ ओकर चेलन ओकरे लगे आएन अउर बिनती करइ लागेन, “इ हमरे पाछे चिचिआत भई आवति अहइ। ऍका दूर हटावा।” 24 ईसू जवाब दिहेस, “मोका सिरिफ इस्राएल क लोगन क भटक गई भेड़न क बजाय कउनो अउर बरे नाहीं पठवा ग अहइ।” 25 तब उ स्त्री ईसू क समन्वा निहुरिके बिनती करेस, “हे पर्भू, मोर सहायता करा!” 26 जवाबे मँ ईसू कहेस, “इ ठीक नाहीं कि गदेलन क खइया लइके ओका कुकुरन क अगवा नाईं दीन्ह जाइ।” 27 उ बोली, “इ ठीक बाटइ पर्भू, मुला आपन मालिक क मेजे स गिरि गवा चूर चरावा मँ स थोड़ बहोत तउ घरे क कुकुर खाइ लेत ही।” 28 तब ईसू कहेस, “बिटिया, तोहार बिसवास बहोत मजबूत क अहइ। जउन तू चाहत ह, पूर होइ जाइ।” अउ फउरन ओकर बिटिया चंगा होइ गइ। 29 फिन ईसू हुवाँ स चल पड़ा अउर गलील झीले क किनारे पहुँच गवा। उ एक पहाड़े प चढ़िके बइठ गवा। 30 बहोत बड़ी भीड़ लँगड़ा, लूला, आँधर, अपाहिज, बहिरा, गूँगा अउर अइसे दूसर बेरमिया क लइके ओकरे लगे आवइ लागेन। भिड़िया ओकरे गोड़वा प भुइयाँ प डाइ दिहेस अउ ईसू ओन पचेन क चंगा किहेस। 31 ऍहसे भीड़ क मनइयन क, इ लखिके बहिर, गूँगा बोलत अहइँ, अपाहिज नीक होइ गएन, लँगड़ा लूला चलइ फिरइ लागेन अउ आँधर अब देख पावत हीं, बड़ा अचरज भवा। उ सबइ इस्राएल क परमेस्सर क सराहना करइ लागन। 32 ईसू तब आपन चेलन क आपन नगिचे बोलाएस अउ कहेस, “मोका इ भीड़े पर तरस आवत अहइ काहेकि इ मनइयन तीन दिना स बराबर मोर संग अहइँ अउर ऍनके लगे कछू खइया के भी नाहीं बाटइ। मइँ ऍनका भूखा ही नाहीं पठवइ चाहत हउँ काहेकि होइ सकत ह कि कहूँ उ पचे रस्ता मँ चक्कर खाइके गिरि जाइँ।” 33 तबहि ओकर चेलन कहेन, “ऍतनी बड़वार भीड़ बरे अइसी दूर कर ठउर मँ ऍतना ढेर खइया क कहाँ स मिली?” 34 तब ईसू ओनसे पूछेस, “तोहरे लगे केतॅनी रोटी अहइँ?”उ सबइ कहेन, “सात रोटी अउर कछू नान्ह नान्ह मछरिन।” 35 ईसू भिड़िया स भुइयाँ प बइठइ क कहेस। 36 अउर ओन सात रोटी अउर मछरियन क लइके उ परमेस्सर क धन्यबाद दिहेस। अउ रोटिनक तोड़ेस अउर आपन चेलन क देइ लाग। फिन ओकर चेलन लोगन क बाँटि दिहेन। 37 सब लोग तब तलक खात रहेन जब अघाइ नाहीं गएन। फिन ओकर चेलन बचा भवा टुकड़न स सात झउआ भरेन। 38 स्त्रियन अउर बचवन क छाँड़िके हुवाँ चार हजार पुरुसन खइया क खाएन। 39 भीड़े क बिदा कइके ईसू नाउ मँ आवा अउर मगदन क छेत्र मँ चला गवा।

Matthew 16:1 फिन फरीसियन अउर सदूकियन ईसू क लगे आएन। उ पचे ओका परखा चाहत रहेन तउ उ सबइ ओका कउनो अद्भुत कारज करइ क कहेन, काहेकि मालूम होइ जाइ कि उ परमेस्सर क बाटइ। 2 ईसू जवाब दिहेस, “सूरज बूड़इ क समइ तू पचे कहत ह मौसम बढ़िया रही कहेकि अकास ललछउँड़ अहइ। 3 अउर सूरज निकरे प तू कहत ह, ‘आज अँधड़ आई काहेकि अकास धूँधुर अउ ललछउँड़ अहइ।’ त अकासे क लच्छन पढ़इ जानत ह, मुला आपन समइ क लच्छन क नाहीं पढ़ सकत्या। 4 अरे दुस्ट अउर पापी पीढ़ी क मनई कउनो अद्भुत चीन्हा देखइ चाहत हीं मुला ओनके बजाय योना क अद्भुत चीन्हा क कउनो अउ दूसर अद्भुत चीन्हा नाहीं देखाइ जाई।” फिन उ ओनका तजि क चला गवा। 5 ईसू अउर ओनकइ चेलन झीले क पार चला गएन पर उ पचे रोटिया लइ आउब बिसरि गएन। 6 ऍह पइ ईसू ओनसे कहेस, “चउकन्ना रह्या अउर फरीसियन अउ सदूकियन क खमीरे स बचि रह्या।” 7 उ पचे आपुस मँ तजबीजइ लागेन अउर बोलने, “इ होई कि उ यह बदे कहेस कि हम पचे कउनो रोटी संग नाहीं लइ आएन।” 8 उ पचे का बिचारत रहेन, ईसू इ जानत रहा, तउ उ बोला, “अरे कमती बिसवास क मनइयो! तू सबइ आपुस मँ काहे सोचत बिचारत अहा कि तोहरे लगे रोटी नाहीं। 9 का तू पचे अबहुँ नाहीं समुझ पाया अउर तोहका याद नाहीं अहइ कि पाँच हजार मनइयन बरे उ पाँच रोटी अउर फिन केतना झउआ भरिके तू सबइ उठाया ह 10 अउर का तोहका याद नाहीं चार हजार मनइयन बरे सात रोटी अउर फिन केतना झउआ भरि के तू पचे उठाए रह्या? 11 काहे नाहीं समझत्या कि मइँ तोहसे रोटियन क बारे मँ बात नाहीं कहेउँ? मइँ तउ तोहका फरीसियन अउर सदूकियन क खमीरेस दूर रहइ को कह्यो ह।” 12 तबहि उ पचे समुझ गएन कि रोटिया क खमीरे स नाहीं अरथ रहा मुला फरीसियन अउर सदूकियन क सिच्छा स चौकस रहइ क अरथ रहा। 13 जबहि ईसू कैसरिया फिलिप्पी क पहँटा मँ आइ तउ उ आपन चेलन स पूछेस, “मनइयन का कहत बाटेन, कि मइँ मनई क पूत कउन हउँ?” 14 उ पचइ कहेन, “कछू मनइयन कहत हीं तू यूहन्ना अहा बपतिस्मा देइवाला। दूसर मनइयन कहत हीं कि तू एलिय्याहअहा अउ कछू मिला कहत हीं कि तू यिर्मय्याहया नबियन मँ स कउनो एक अहा।” 15 ईसू आपन चेलन स कहेस, “अउर तू का कहत ह कि मइँ कउह हउँ?” 16 समौन पतरस जबाव दिहस, “तू मसीह अहा, साच्छात परमेस्सर क पूत।” 17 जवाबे मँ ईसू ओसे कहेन, ‘योना क पूत समौन। तू धन्य अहा काहेकि तोहका इ बात कउनो मनई नाहीं, मुला सरगे मँ बसा भवा मोर परमपिता देखाएस ह। 18 मइँ तोहसे कहत हउँ कि तू परतस अहा। अउर इहइ चट्टाने प मइँ आपन कलीसिया बनउव। मउत क सक्तीओह प परबल नाहीं होइ। 19 मइँ तोहका सरगे क राज्य क कुंजी देत हउँ। काहेकि भुइयाँ प जउन कछू तू बँधब्या उ परमेस्सर क जारिये सरग मँ बाँध दीन्ह जाइ अउर धरती पर जेका तू न बंधब्या ओका सरगे मँ भी न बांधा जाई।” 20 फिन उ आपन चेलन क करर्ा हुकुम दिहेस कि उ सबइ कउनो क इ न बतावइँ कि उ मसीह अहइ। 21 उ समइया ईसू आपन चेलन क बतावइ लाग कि, ओका यरूसलेम जाइ चाही। जहाँ ओका धरम सास्तिरियन, बुजुर्ग यहूदी नेतन अउर मुख्ययाजकन क जरिए यातनायें दइके मरवाइ दीन्ह जाई। फिन तीसर दिन उ मरा भवा मँ जी जाई। 22 तबहि पतरस ओका अलगइ लइ गवा अउर ओकर डांट-डपट करत ओसे कहेस, “ओ पर्भू! परमेस्सर तोह पइ दाया करी। तेरे संग अइसा कबहुँ न होई!” 23 फिन ईसू ओकरे कइँती मुड़ि गवा अउर बोला, “पतरस मोरे समन्वा स हटि जा, सइतान! तू मोरे बरे एक रोड़ा अहा। काहेकि तू परमेस्सर क नाईं नाहीं मनई क नाईं सोचत बिचारत ह।” 24 फिन ईसू आपन चेलन स कहेस, जदि कउनो मोरे पाछे आवा चाहत ह, तउ उ आपन क बिसराइ के, आपन क्रूस उठाइ लेइ अउर मोरे पाछे होइ जा। 25 जउन कउनो आपन जिन्नगी क बचावइ चाहत बा, उ ओका हेराइ देइ। मुला जउन कउनो मोरे बरे आपन जिन्नगी तजि देइ, उहइ ओका बचाइ सकत ह। 26 जदि कउनो आपन जिन्नगी दइके समूचा संसार भी पाइ जाइ तउ ओका ओसे कउन फायदा? आपन जिन्नगी क फिन स पावइ बरे कउनो भला का दइ सकत ह 27 मनई क पूत सरगदूतन क संग आपन परमपिता क महिमा क संग आवइवाला अहइ, जउन हर कउनो क ओकर करम क फल देई। 28 मइँ तोहसे सच कहत हउँ, हिआँ कछू अइसे लोग खड़ा अहइँ जउन तब तलक नाहीं मरिहीं जब तलक उ पचे मनई क पूत क ओकरे राज्य मँ आवत न निहारि लेइँ।”

Matthew 17:1 छः दिना पाछे ईसू, पतरस, याकूब अउर ओकर भाई यूहन्ना क संग लइके अकेॅल्ले मँ उँचके पहाड़े प गवा। 2 हुवाँ ओनके समन्वा ओकर रूप बदल गवा। ओकर मुँहना सूरज क नाई चमचमाइ लाग अउर ओढ़ना अइसे दमकइ लागेन जइसे रोसनी। 3 फिन एकाएक ओनके समन्वा मूसा अउर एलिय्याह परगट गएन अउर ईसू स बतियाइ लागेन। 4 इ लखिके पतरस ईसू स बोला, “पर्भू नीक बाटइ कि हम हियाँ अही। अगर तू चाहा तउ मइँ हियाँ तीन तम्बू बनाइ देई एक ठू तोहरे बरे, एक मूसा बरे अउर एक एलिय्याह क।” 5 पतरस अबहिं बात करत रहा कि चमचमात बादर आइके ओका ढाकि लिहेस अउर बदरे स अकासबाणी भइ, “इ मोर पिआरा पूत अहइ। जैसे मइँ खूब खुस हउँ। एकर सुना!” 6 जब चेलन इ सुनेन तउ उ सबइ ऍतना ससाइ गएन कि धरती प मुँहना उलटि के गिरि गएन। 7 तबहिं ईसू ओनके लगे गवा अउर ओनका छुअत भवा बोला, “डेराअ जिन, खड़ा ह्वा।” 8 जब उ पचे आँखी क ऊपर करेन तउ हुआँ कहूँ अउर का नाहीं बरन ईसू क पाएन। 9 जब उ सबइ पहाड़े स उतरत रहेन तउ ईसू ओनका हुकुम दिहेस, “जउन कछू तू देख्या ह, तब ताईं कउनो क जिन बतावा जब ताईं मनई क पूत क मरा भवा मँ स फिन जी न जाइ।” 10 फिन ओकर चेलन ओसे पूछेन, “धरम सास्तिरियन फिन काहे कहत हीं कि एलिय्याह क पहिले तू आउब तय अहइ?” 11 जवाब देत भवा ईसू ओनसे कहेस, “एलिय्याह आवत अहइ, उ हर चीज क तरकीबे स ठीक कइ देइ। 12 मुला मइँ तोहसे कहत हउँ कि एलिय्याह जउन अब तलक आइ चुका अहइ। मुला मनइयन ओका पहिचानेन नाहीं। अउर ओकरे संग जइसा चाहेन वइसा किहेन। ओनके जरिए मनई क पूत क भी वइसे ही सतावइ जाइवाला अहइ।” 13 तबहिं ओकर चेलन समुझ पाएन कि उ ओनसे बपतिस्मा क देवइया यूहन्ना क बारे मँ कहे रहा। 14 जब ईसू भीड़ मँ वापस आइ गवा तउ एक मनई ओकरे पास आवा। अउर ओका दंडवत कइके 15 बोला, “हे पर्भू, मोरे बेटवा प दाया करा। ओका मिर्गी आवत ह। उ बहोत तड़फड़ात ह। उ आगी या पानी मँ अक्सर गिरि पड़त ह। 16 मइँ ओका तोहरे चेलन क लगे लइ आवा, मुला उ सबइ ओका चंगा नाहीं कइ पाएन।” 17 जवाबे मँ ईसू कहेस, “अरे भटका भवा अबिसवासी मनइयन! मइँ केतॅना समइ तोहरे संग अउर रहब? केतॅना समइ मइँ अइसे ही तोहार सहब जात रहब? ओका हियाँ मोरे लगे लिआवा।” 18 फिन ईसू दुस्ट आतिमा क हुकुम दिहेस अउर उ ओहमा स बाहेर निकर आइ अउ उ लरिका फउरन नीक होई गवा। 19 फिन ओकर चेलन अकेॅल्ले मँ ईसू क लगे जाइ क पूछेन, “हम इ दुस्ट आतिमा क काहे नाहीं निकार पाए?” 20 ईसू ओनका बताएस, “काहेकि तोहमाँ बिसवास क कमी अहइ। मइँ तोहसे सच कहत हउँ, जदि तोहमाँ सरसों क बिया जेतॅना बिसवास अहइ तउ तू इ पर्वत स कहि सकत ह, ‘हियाँ स हटि के हुवाँ चल जा’ अउर उ चला जाई। तोहरे बरे असंभव कछू भी नाहीं होई।” 21 अइसी दुस्ट आतिमा सिरिफ पराथना अउ उपवास करइ स निकरत ह।’ 22 जब ईसू क चेलन आएन अउर गलील मँ ओकरे साथ मिलेन तउ ईसू ओनसे कहेस, “मनई क पूत, मनइयन क जरिये पकड़वाइ जाइवाला अहइ, 23 अउर उ ओका मार डइहीं। मुला तीसरे दिना उ फिन जी जाई।” ऍह प ईसू क चेलन बहोत बिआकुल होइ गएन। 24 जब ईसू अउर ओकर चेलन कफरनहूम मँ आएन तउ मन्दिर क दुइ दरम क चुंगी उगहिया वालेन पतरस क लगे आएन अउर बोलेन, “का तोहार गुरु दुइ दरम क मन्दिर क चुंगी नाहीं देत?” 25 पतरस जबाव दिहस, “हाँ, उ देत ह।” अउर उ घरवा मँ आवा जहाँ ईसू रहा। पतरस क बोलइ स पहिले ईसू बोल उठा, “समौन, तोहार का बिचार अहइ? धरती क राजा केहसे चुंगी लेत हीं? खुद अपने बचवन स, या दूसर क बचवन स?” 26 पतरस जबाव दिहस, “बाहिर क मनइयन स।” तबहिं ईसू ओसे कहेस, “यानी ओकरे आपन बचवन क छूट मिलत ह। 27 मुला हम पचे ओन मनइयन क कोहाय न देइ। एह बरे झिलिया प जा अउर आपन कटिया फेंक द्या अउर फिन जउन मछरी धरे मँ आइ जाइ ओकर मुँहना खोल द्या। तोहका चारि दरम क सिक्का मिली। ओका लइके मोरे अउ आपन बरे ओनका दइ दिहा।”

Matthew 18:1 तब ईसू क चेलन ओकरे लगे आइके पूछेन, “सरगे क राज्य मँ सबते बड़कवा कउन अहइ?” 2 उहइ घड़ी ईसू एक ठु गदेला क अपने लगे बोलॉएस अउर ओका ओकरे समन्वा खड़ा कइके 3 उ कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ जब ताईं कि तू सबइ मनवा क फिरउब्या नाहीं अउर गदेलन क नाईं नाहीं बनि जाब्या, सरगे क राज्य मँ घुसि न सकब्या। 4 एह बरे आपन खुद क जउन कउनो इ बचवा क नाईं आपन क नवावत ह, सरगे क राज्य मँ उहइ सबते बड़कवा अहइ।” 5 “अउर जउन कउनो अइसे गदेलन जइसे मनई क मोरे नाउँ मँ मान लेत ह उ मोका मान लेत ह। 6 मुला जउन मोह मँ बिसवास करइया मोरे कउनो अइसे गदेला क रस्ते क रोड़ा बनि जात ह, नीक होइ कि ओकरे गटइया मँ एक ठु जाँत क पाट लटकाइके गहिरे समुद्दर मँ बोर दीन्ह जाइ। 7 संसार क मनइयन बरे ठोकर क कारण मोका दुःख बाटइ मुला ठोकर तउ सदा आवत रइहीं। किंतु दुख तउ ओहॅ प अहइ जोकरे जरिये आइ जात हीं। 8 एह बरे तोहार हाथ या गोड़ तोहरे बरे मुसीबत बन जाइँ तउ ओका काटि के फेंक द्या काहेकि सरगे मँ बगैर हाथ या बे गोड़ क अनन्त जीवन मँ घुस जाइ पाउब तोहरे बरे जियादा नीक अहइ। ऍकरे बजाय कि दुइनउँ हाथ अउर गोड़वन क साथे तोहका नरके मँ न बुझइवाली आगी मँ नाइ दीन्ह जाइ। 9 जदि तोहार आँखी तोहरे बरे बियाध बन जाइ तउ तू ओका बाहेर निकारि क डाइ द्या, काहेकि सरगे मँ काना होइके अनन्त जीवन मँ घुसि पाउब तोहरे बरे जिआदा बढ़िया बा, बजाय ऍकर कि दुइनउँ आँखिन क संग तोहका नरके मँ डाइ दीन्ह जाइ। 10 “तउ देखा, मोर ऍन गदेलन मँ स कउनो क तुच्छ जिन समइया। मइँ तोहका बतावत हउँ कि सरगे मँ बसइ मोरे परमपिता क लगे ओकर रच्छा करइवालन सरगदूतन क पहुँच सदा रहत ह। 11 मनई क पूत भटक गवा मनइयन क उद्धार बरे आइ अहइ। 12 “बतावा तू का गूंथत मथत अहा? जदि कउनो क लगे सौ भेड़ होइँ अउर ओहमाँ स एक भटक जाइ तउ का दूसर निन्नान्बे क पहड़िया प तजिके उ एक ठु भटक गई भेड़ क ढूँढ़इ न जाई? 13 अउर ओका उ मिल जाई मइँ तोहसे सच सच कहत हउँ कि निन्नान्बे क बजाय जउन खोई नाहीं रहिन, ओका पाइके खूब खुस होई। 14 इ तरह सरगे मँ बसा तोहार परमपिता का नाहीं चाहत कि मोर इ अबोध चेलन मँ स कउनो एक भी भटकि जाइ। 15 “जदि तोहार भाई तोहरे संग कउनो बुरा बेवहार करइ तउ अकेल्ॅले मँ जाइके आपुस मँ ही ओकर दोख बताइ द्या। जदि उ तोहार सुनि लेइ तउ तू आपन भाई क फिन जीत लिहा। 16 मुला जदि उ तोहार न सुनइ तउ एक दुइ क आपन संग लइ जा काहेकि हर बाते क दुइ तीन साच्छी होइ जाइ। 17 जदि उ ओनकी भी न सुनइ तउ कलीसिया क बताइ द्या। अउर जदि उ कलीसिया क भी न मानइ तउ फिन तू ओसे अइसा बेवहार करा जइसे उ विधर्मी होइ जाइ या चुंगी क उगहिया। 18 “मइँ तोहसे सच बतावत हउँ जउन कछू तू धरती प बँधब्या सरग मँ पर्भू क जरिये बाँधि दीन्ह जाई अउर जउन कउनो क तू धरती प न बँधब्या, ओका सरगे मँ परमेस्सर क जरिये न बान्धा जाई। 19 “मइँ तोहसे इ भी बतावत हउँ कि इ धरती प जदि तोहमाँ स कउनो दुइ क बिचार मेल खात होइँ तउ एक होइ क सरगे मँ मोरे परमपिता स कछू माँगब्या तउ उ तोहरे बरे ओका पूरा करी 20 काहेकि जहाँ मोरे नाउँ प दुइ या तीन मोरे मनवइयन क रूप मँ एकट्ठा होत हीं, हुवाँ मइँ ओनके संग हउँ।” 21 फिन पतरस ईसू क लगे गवा अउर बोला, “पर्भू, मोका आपन भाई क केतॅनी दाईं आपन खिलाफ जुर्म करइ प छमा कइ देइ चाही? जदि उ सात दाई जुर्म करइ तउ भी?” 22 ईसू कहेस, “न सिरिफ सात दाईं, मुला मइँ तोहसे बतावत हउँ तोहका ओका सतहत्तरदाईं तलक छमा करत जाइ चाही।” 23 “सरगे राज्य क तुलना ओ राजा स कीन्ह जाइ सकत ह जउन आपन नउकरन स हिसाब अदा करइ क बिचारे रहा। 24 जब उ हिसाब लेब सुरु करेस तउ ओकरे समन्वा एक अइसे मनई क लइ आवा गवा जेहॅ प दसउ लाख रुपया निकरत रहा। 25 मुला ओकरे लगे चुकाइ देइ क कउनो उपाय नाहीं रहा। ओकर मालिक हुकुम दिहेस कि उ नउकर क, ओकर पत्नी, ओकर बाल बचवन अउर जउन कछू माल असबाब अहइ, सब समेट के बेचे स कर्ज अदा कइ दीन्ह जाइ। 26 “ऍह प ओकर नउकर ओकरे गोड़वा प गिरिके गिड़गिड़ाइ लाग, ‘धीरा धरा, मइँ सब कछू चुकाइ देइहउँ।” 27 तब जाइके मालिक क तरस आवा अउर ओकर कर्जा माफ कइ दिहस। 28 “फिन जब उ नउकर हुवाँ स जात रहा तउ ओका ओकर एक साथी नउकर मिला जेका सउ दिनारीदेइ क रहा। उ ओकर ढोंढ़ा पकड़िके गटइया क दबावत कहेस, ‘जउन तोहका मोर देइ क अहइ, लउटाइ द्या!’ 29 “ऍह प ओकर साथी नउकर गोड़वा प गिरि गवा अउर बीसउ नह जोड़ेस, ‘धीरा धरा, मइँ तोहका दइ देब।’ 30 “मुला उ मना कइ दिहस। ऍतना ही नाहीं उ ओका तब तलक बरे, जब तलक उ ओकर कर्ज अदा न कइ देइ, जेल मँ पठएस। 31 दूसर संगी नउकरन देखेन कि का भवा, उ सबइ बहोत दुखी भएन। जउन कछू भवा रहा, सब आपन मालिक क जाइके बताइ दिहन। 32 “तब ओकर मालिक ओका बोलाएस अउर कहेस, ‘अरे नीच नउकर, मइँ तोहार सारा कर्ज माफ कइ दिहउँ काहेकि तइ कहेस कि दाया क भीख द्या। 33 का तोहका आपन संगी नउकर प दाया नाहीं करइ चाही जइसे मइँ तोह प दाया किहउँ?’ 34 तउ ओकर मालिक कोहाइ गवा अउर ओका तब ताईं सजा भुगतइ बरे सुपुर्द करेस जब ताईं समूचा कर्ज अदा न होइ जाइ। 35 “तउ जब तलक तू आपन भाई बंद क आपन मनवा स छमा नाहीं कइ दिहा मोर सरगे क परमपिता भी तोहरे साथ वइसा ही बेवहार करी।”

Matthew 19:1 इ बातन बताइ के ईसू गलील स लउटिके यहूदिया क पहँटा मँ यरदन नदी क पार गवा। 2 हुवाँ एक ठु भारी भीड़ ओकरे पाछे होइ गइ। उ बेरमिया मनई क चंगा किहेस। 3 कछू फरीसियन ओका परखइ बरे ओकरे निअरे पहुँचेन अउर बोलेन, “का इ ठीक बाटइ कि कउनो आपन पत्नी क कउने भी कारण स तलाक दइ सकत ह” 4 जवाब देत ईसू कहेस, “का तू पवित्तर सास्तरन मँ नाहीं बाँच्या कि जबहि संसार क रचइया ऍका रचेस, सुरुआत मँ ‘उ एक पुरुस अउर एक स्त्री बनाएस?’ 5 अउर परमेस्सर कहे रहा, ‘इहइ कारण आपन महतारी बाप क तजिके पुरुस आपन पत्नी क संग होत भवा भी एक तन होइके रही।’ 6 तउ उ सबइ दुइ नाहीं रहतेन मुला एक रूप होइ जात हीं। एह बरे जेका परमेस्सर जोड़ेस ह ओका कउनो मनई क अलगावइ नाहीं चाही।” 7 उ फरीसियन बोलेन, “फिन मूसा इ काहे ठहराएन ह कि कउनो पुरुस आपन पत्नी क तलाक दइ सकत ह। सर्त इ अहइ कि उ ओका तलाकनामा लिखि के दइ देइ।” 8 ईसू ओनसे कहेस, “तोहरे मन की कठोरता क कारण मूसा पत्नी क तलाक देने की अनुमति तोहका दिहेस। मुला सुरुआत मँ अइसी रीति नाहीं रही। 9 तउ मइँ तोहसे कहत हउँ कि जउन व्यभिचार क तजिके आपन पत्नी क कउनो अउर कारण स तलाक देत ह अउर कउनो दूसर स्त्री क बीहत ह तउ उ व्यभिचार करत ह।” 10 ऍह प ओकर चेलन ओसे कहेन, “जदि एक स्त्री अउर एक पुरुस क बीच अइसी बात होइ तउ कउनो क बिआह नाहीं करइ क चाही।” 11 फिन ईसू ओनसे कहेस, “हर कउनो तउ इ उपदेस क नाहीं मानत। ऍका बस उहइ मान सकत ह जेका ऍकर छमता प्रदान की गइ अहइ। परमेस्सर स ताकत मिलि गइ अहइ। 12 कछू अइसेन बाटेन जउन महतारी क गर्भ स नपुंसक पइदा भएन। अउर कछू एसे अहइ जउन लोगोन द्वारा नपुंसक बना दिन्हा अहइँ। अउर आखिर मँ कछू अइसे भी बाटेन जउन सरगे क राज्य क कारण बिआह नाहीं करइ क फइसाला कइ लिहन। इ उपदेस क जउन लइ सकत होइ, लइ ले।” 13 फिन मनइयन कछू गदेलन क ईसू क लगे लइ आएन कि उ ओनके मुँड़वा प हथवा धइके ओनका आसीर्बाद देइ अउ ओनके बरे पराथना करइ। मुला ओकर चेलन ओका डाटेन। 14 ओह प ईसू कहेस, “गदेलन क रहइ द्या, ओनका जिन रोका, मोरे लगे आवइ द्या काहेकि सरगे क राज्य अइसेन क अहइ।” 15 फिन उ गदेलन प आपन हाथ रखेस अउर हुवाँ स चला गवा। 16 हुवाँ एक मनई रहा। उ ईसू क लगे आवा अउर कहेस, “गुरु अनन्त जीवन पावइ बरे मोका का नीक काम करइ चाही?” 17 ईसू ओसे कहेस, “नीक का अहइ, ऍकरे बारे मँ मोसे काहे पूछत अहा? काहेकि नीक तउ सिरिफ एक ही बाटइ। फिन भी तू अगर अनन्त जिन्नगी मँ घुसइ चाहत ह, तउ तू हुकुमन क मान ल्या।” 18 उ ईसू स पूछेस, “कउन स हुकुम?” तब ईसू बोला, “कतल जिन करा। व्यभिचार जिन करा। चोरी जिन करा। झूठी साच्छी जिन द्या। 19 आपन बाप अउर आपन महतारी क इज्जत कराअउर ‘जइसे तू आपन खुद क पिआर करत ह, वइसे ही आपन पड़ोसी स पिआर करा।’?” 20 नउजवान ईसू स पूछेस, “मइँ एन सब बातन क पालन किहेउँ ह। अब मोहमाँ कउने बात क कमी अहइ?” 21 ईसू ओसे कहेस, “जदि तू सिद्ध बनइ चाहत अहा तउ जा अउर जउन कछू तोहरे लगे बा, ओका बेचिके धन गरीबन क दइ द्या जइसे सरग मँ तोहका धन मिल सकइ। फिन आवा अउर मोरे पाछे होइ जा।” 22 मुला जब उ नउजवान मनई इ सुनेस तउ उ दुखी होइके चला गवा काहेकि उ बहोत धनी रहा। 23 ईसू आपन चेलन स कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि धनी क सरगे क राज्य मँ घुसि पाउब मुस्किल बाटइ। 24 हाँ मइँ तोहसे कहत हउँ कि कउनो धनी मनई क सरग क राज्य मँ घुसि पाउब स एक ऊँटे क सुई क छेद क निकर जाब सहल बा।” 25 जब ओकर चेलन सुनेन तउ अचरज मँ आइके पूछेन, “फिन केकर उद्धार होइ सकत ह” 26 ईसू ओनका देखत भवा कहेस, “मनइयन बरे इ असम्भव बाटइ मुला परमेस्सर बरे सब कछू होइ सकत ह।” 27 जबावे मँ पतरस ओसे कहेस, “देखा, हम पचे कछू तजिके तोहरे पाछे होई गएन ह। तउ हमका का मिली?” 28 ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तू सबन स सच कहत हउँ कि नवा जुग मँ जब मनई क पूत आपन प्रतापी सिंहासने प बिराजी तउ तू भी, जउन मोरे पाछे अहा, बारह सिंहासन प बइठिके इस्राएल क बारह कबीले क निआव करब्या। 29 अउर मोरे बरे जेतना भी घर-बार या भाइयन या बहिनियन या बाप या महतारी या बचवन या खेतन क तजि दिहे अहा, उ सब सौ गुना जिआदा पाइ अउर अनन्त जीवन क हकदार होई। 30 मुला बहोत स जउन अब पहिले अहइँ, पिछला होइ जइहीं अउर जउन पिछला अहइँ उ पहिले होइ जइहीं।

Matthew 20:1 “सरगे क राज्य एक जमीदार क नाईं बाटइ जउन भिन्सारे आपन अंगूरे क बगीचा बरे मजदूर लइ आवइ निकरा। 2 उ चाँदी क एक रुपया प मजदूर क लगाइके ओनके आपन अंगुरे क बगिया मँ काम करइ पठएस। 3 “नौ बजे क करीब जमींदार फिन घरवा स निकरा अउर उ देखेस कि कछू मनई बजारे मँ ऍहर ओहर अइसे ही बेकार खड़ा रहेन। 4 तब उ ओनसे कहेस, ‘तू पचे भी मोरे अंगूरे क बगीचा मँ जा, मइँ तोहका जउन कछू ठीक अहइ, देब।’ 5 तउ उ पचे भी बगीचा मँ काम करइ गएन।“फिन करीब बारह बजे अउर दुबारा तीन बजे क करीब, उ वइसा ही किहेस। 6 करीब पाँच बजे उ फिन आपन घरवा स गवा अउर कछू मनइयन क बजारे मँ ऍह कइँती ओह कइँती खड़ा देखेस। उ ओनसे पूछेस, ‘तू हियाँ दिन भइ बेकार ही काहे खड़ा होइ रह्या?’ 7 “उ सबइ ओसे कहेन, ‘काहेकि हम सबन क कउनो मजूरी प नाहीं राखेस।’ “उ ओनसे कहेस, ‘तू भी मोरे अंगूर क बगीचा मँ चला जा।’ 8 “जब साँझ भइ तउ अंगूर क बगीचा क मालिक आपन प्रधान करमचारी क कहेस, ‘मजूरन क बोलाइके अखिरी मजूरे स सुरू कइके जउन पहिले लगावा ग रहेन ओन सबन क मजूरी दइ द्या।’ 9 ‘तउ उ पचे जउन पाँच बजे लगावा रहेन, आएन अउ ओहमाँ स हर एक क बस एक ही चाँदी क रूपया मिला। 10 फिन जउन पहिले लगावा ग रहेन, उ आएन। उ सोचेन ओनका कछू जियादा मिली मुला ओनमा हर कउनो क एक ठु चाँदी क रूपया मिला। 11 रूपया तउ उ सबइ लइ लिहन मुला जमींदारे स सिकाइत करत 12 उ सबइ कहेन, ‘जउन पाछे लगावा रहेन, उ पचे बस एक ही घंटा भइ काम किहेन अउ तू हम पचेन क ओतॅना ही दिहा जेतॅना ओनका। जब कि हम पचे दिन भइ चिलचिलात धूपे मँ मेहनत कीन्ह।’ 13 “उ जवाबे मँ ओहमाँ स कउनो एक स जमींदारे कहेस, ‘मीत, मइँ तोहरे साथ कउनो अनिआव नाहीं कर्‌यों ह। का हम पचे तय नाहीं कीन्ह कि मइँ तोहका चाँदी क एक ठु रूपया देब? 14 जउन तोहार होत ह, ल्या अउर चला जा। मइँ सबते पाछे रखा गवा इ मजदूर क ओतॅना ही मजूरी देइ चाहब जेतॅना तोहका देत अही। 15 का मोका अधिकार नाहीं कि जउन मइँ आपन धने क चाहूँ, कइ सकउँ? मइँ अच्छा हउँ का तू ऍसे मने मँ जरत ह’ 16 “इ तरह आखिरी पहिले होइ जइहीं अउर पहिले आखिरी होइ जइहीं।” 17 जब ईसू आपन बारहु चेलन क संग यरूसलेम जात रहा तउ उ ओनका एक कइँती लइ गवा अउर चलत चलत ओनसे बोला, 18 “सुना, हम यरूसलेम पहुँचइ क अही। मनई क पूत हुवाँ मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन क हाथे मँ दइ दीन्ह जाई। उ पचे ओका मृत्युदण्ड क काबिल ठहरइहीं। 19 फिन ओकर हँसी हँसारत करवावइ अउर कोड़न स पिटवावइ बरे ओका गैर यहूदियन क दइ देइहीं। फिन ओका क्रूस प चढ़ाइ दीन्ह जाई। मुला तिसरे दीन उ फिन जी उठी।” 20 फिन जब्दी क पूतन की महतारी आपन पूतन क संग ईसू क नगिचे गई अउर उ निहुरिके पराथना करत ओसे कछू माँगेस। 21 ईसू ओसे पूछेस, “तू का चाहति अहा?”उ बोली, “मोका बचन द्या कि मोर इ दुइनउँ बेटवन तोहरे राज्य मँ एक तोहरे दाहिन अउर दूसर तोहरे बाईं कइँती बइठँइ।” 22 ईसू जबाव दिहस, “तू नाहीं जानत अहा कि तू का माँगत बाट्या? का तू यातनाओं क कटोरा पिउ सकत अहा, जेहका मइँ पिअइवाला हउँ?”उ सबइ ओसे कहेन, “हाँ पिउ सकित ह।” 23 ईसू ओनसे बोला, “तू पचे सचमुच उ पिआला पीब्या। मुला मोर दाहिन अउर बाएँ कइँती हक क देवइया मइँ नाहीं हउँ। हियाँ बइठइ क हक तउ ओनही का बा, जेनके बरे इ मोर परमपिता क जारिये रक्खा गवा अहइ।” 24 जब बाकी दसउ चेलन इ सुनेन कि तउ उ पचे दुइनउँ भाइयन प बहोत कोहाय गएन। 25 तब्बइ ईसू ओनका आपन नगिचे बोलाइके कहेस, “तू जानत ह कि गैर यहूदियन राजा, प्रजा प आपन सक्ती देखावा चाहत हीं अउर ओनके खास नेता, मनइयन प आपन हक जमावा चाहत हीं। 26 मुला तोहरे बीच अइसा न होइ चाही। मुला तो हम स जउन बड़वार बनब चाही, तोहार नउकर बनइ। 27 अउ तोहमाँ जउन कउनो पहिला बनब चाही, ओका तोहार गुलाम जरूर बनइ क होई। 28 तोहका मनई क पूत जइसा होइ क चाही जउन आपन सेवा करावइ नाहीं, मुला सेवा करइ अउर बहोतन क छुटौती बरे आपन प्रान क फिरौती देइ आवा अहइ।” 29 जब उ सबई यरीहो सहर स जात रहेन भारी भीड़ ईसू क पाछे होइ गइ। 30 हुवाँ सरक क किनारे दुइ आँधर बइठा रहेन। जब उ सबइ सुनेन कि ईसू हुवाँ स जात बाटइ, उ पचे नरियानेन, “पर्भू, दाऊद क पूत! हम प दाया कर!” 31 ऍह प भीड़ ओनका धमकावत चुप रहइ क कहेस। पर उ पचे अउ जिआदा चिल्लानेन, “पर्भू, दाऊद क पूत। हम प दाया कर।” 32 फिन ईसू रूकि गवा अउ ओनका बोलाएस। उ कहेस, “तू का चाहत अहा, मइँ तोहरे बरे का करउँ?” 33 उ पचे ओसे कहेन, “पर्भू, हम चाहित ह कि फिन स निहारइ लागी।” 34 ईसू क ओन प दाया आइ। उ ओनकइ अँखियन क छुएस, अउर तुरंतहि उ पचे फिन लखइ लागेन। उ पचे ओकरे पाछे होइ गएन।

Matthew 21:1 ईसू अउर ओकर चेलन जब यरूसलेम क लगे जैतून पहाड़े क नगिचे बैतफगे पहुँच गएन। 2 तउ ईसू आपन दुइ चेलन क इ हुकुम दइके पठएस, “आपन सोझइ समन्वा क गाउँ मँ जा अउर हुवाँ जात भए ही तोहका एक गदही बाँधी मिली। ओकरे लगे ओकर बच्चा भी मिली। ओनका बाँधिके मोरे लगे लइ आवा। 3 जदि कउनो तोहसे कछू कहइ तउ ओसे कह्या, ‘पर्भू क ऍकर जरूरत अहइ। उ फउरन ही लउटाइ देई।”‘ 4 अइसा यह बरे भवा कि नबी अइसा कहे रहा: 5 “सिय्योन क नगरी स कहि द्या, ‘देखा तोहार राजा तोहरे लगे आवत बा। उ नमनसील अहइ, अउर गदहे प सवार अहइ हाँ गदहे क बच्चा प जउन एक लादइवाला पसु क बच्चा अहइ।”‘ जकर्याह 9:9 6 तउ ओकर चेलन चला गएन अउ वइसा ही किहेन जइसा ओनका ईसू बताए रहा। 7 उ पचे गदही अउर ओकरे बच्चा क लइ आएन। अउर ओन प आपन ओढ़ना डार दिहन काहेकि ईसू क बइठब रहा। 8 बहोत मिला आपन ओढ़ना राहे मँ दसाइ दिहेन अउ दूसर मनइयन बृच्छ क टहनी काटेन अउर ओनका राहे प बिछाइ दिहन। 9 जउन मनई ओकरे आगे चलत रहेन अउर जउन मनई पाछे चलत रहेन, सब पुकारि क कहत रहेन:“दाऊद क पूत क होसन्ना!धन्य अहइ जउन पर्भू क नाउँ प आवत बाटइ! सरगे मँ बिराजेस परमेस्सर क होसन्ना!” भजन संहिता 118:26 10 तउ जब उ यरूसलेम मँ घुसा तब समूचा सहर मँ हड़बड़ाइ गवा। लोग पुछइ लागेन, “इ कउन अहइ?” 11 लोग ही जवाब देत रहेन, “इ गलील क नासरत क नबी ईसू अहइ।” 12 फिन ईसू मन्दिर क अहाते मँ आवा अउर उ मन्दिर क अहाते मँ जउन बेंचत बेसहत रहेन, ओन सबन क बाहेर खदेरेस। उ पइसा क लेवइया देवइया क चउकी उलटि दिहस अउ कबूतरे क दुकानदार क तखता पलटेस। 13 उ ओनसे कहेस, “पवित्तर सास्तरन मँ कहत बा, ‘मोर घर पराथना घर कहा जाई।’मुला तू सबइ ऍका ‘डाकुअन क अड्डा’ बनावत अहा।” 14 मन्दिर मँ कछू आँधर, लँगड़ा लूला ओकरे लगे आएन। जेनका उ नीक किहेस। 15 जब मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन ओकर अचरज कारजन क लखेन जउन उ किहे रहा अउर मन्दिर मँ गदेलन क ऊँची आवाजे मँ कहत सुनेन: “दाऊद क पूत क होसन्ना।” 16 तउ उ पचे कोहाइ गएन अउ ओसे पूछेन, “तू सुनत अहा इ सबन का कहत अहइँ?”ईसू ओनसे कहेस, “हाँ सुनत अही। का पवित्तर सास्तर मँ तू बचन नाहीं पढ़्या, ‘तू गदेलन अउर दूधमुँहन बचवन स स्तुति कराया ह।’“ 17 फिन उ ओनका हुवँइ तजिके यरूसलेम सहर स बाहेर बैतनिय्याह चला गवा। जहाँ उ राति बिताएस। 18 दूसर दिन अलख भिन्सारे जब उ सहर लउटत रहा तउ ओका भूख लागि। 19 रस्ता क किनारे अंजीर क बिरवा क लखेस तउ उ ओकरे नगिचे गवा, मुला ओका ओह प पातन क छोड़िके कछू नाहीं मिल सका। तब उ बिरवा स कहेस, “तोह प आगे कछू फल न लागइ।” अउर अंजीरे क बृच्छ फउरन झुराइ गवा। 20 जइसेन चेलन इ निहारेन तउ अचरजे मँ आइके पूछेन, “इ अंजीरे क बिरवा ऍतनी हाली कइसे झुराइ गवा?” 21 ईसू जवाब देत भवा ओन पचेन स कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ जदि तोहरे मँ बिसवास अहइ अउ तू संदेस नाहीं करत बाट्या तउ तू न सिरिफ उ कइ सकत ह जउन मइँ अंजीरे क बृच्छ कीन्ह, मुला जदि तू इ पहाड़े स कहि द्या, ‘उठा अउर आपन क सगरे मँ बोर द्या’ तउ उहइ होइ जाई। 22 अउर पराथना करत तू जउन कछू मंगब्या, जदि तोहका बिसवास बा तउ तू पउब्या।” 23 ईसू जब जाइके मन्दिर मँ उपदेस देत रहा। मुख्ययाजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन ओसे पूछेन, “अइसी बातन क तू कउने हक स करत ह अउर इ हक तोहका कउन दिहस?” 24 जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे भी एक सवाल पूछत हउँ, जदि तू ओकर जबाव मोका दइ द्या तउ मइँ तोहका बताइ देब कि मइँ इन बातन क कउने हक स करत हउँ। 25 बतावा यूहन्ना क बपतिस्मा कहाँ ते मिला रहा? परमेस्सर स या मनई स?”उ सबइ आपुस मँ सोच बिचारिके कहइ लागेन, “जदि हम पचेन कहत अही, ‘परमेस्सर स’ तउ इ हमसे पूछी, ‘फिन उ ओह प बिसवास काहे नाहीं करत्या?’ 26 किन्तु जदि हम कहित ह, ‘मनई स’ तउ हमका मनइयन क डर बाटइ काहेकि उ पचे यूहन्ना क एक नबी मानत हीं।” 27 तउ जबावे मँ उ सबइ ईसू स कहेन, “हमका पता नाहीं।”ऍह प ईसू ओनसे बोला, “ठीक बा तउ फिन मइँ भी तोहका नाहीं बतावत हउँ कि इ बातन क मइँ कउने हक स करत हउँ। 28 “अच्छा बतावा तू पचे ऍकरे बारे मँ का सोचत अहा? एक मनई क दुइ बेटवा रहेन। उ बड़के क लगे गवा अउर बोला, ‘बेटवा आज मोरे अंगूर क बगिया मँ जा अउर काम करा।’ 29 “मुला बेटवा जवाब दिहस, ‘मोर मन नाहीं बा’ मुला पाछे ओकर मन फिरि गवा अउर उ चला गवा। 30 ‘फिन उ बाप दुसरे क लगे गवा अउर ओसे भी बइसे ही कहेस। जवाबे मँ बेटवा कहेस, ‘जी हाँ,’ मुला उ गवा नाहीं। 31 “बतावा इन दुइनउँ मँ स जउन बाप चाहत रहा, कउन किहेस?” यहूदी नेतन कहेन, “बड़कवा।”ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ। चुंगी उगहिया अउर वेस्यन परमेस्सर क राज्य मँ तोहसे पहिले जइहीं। 32 इ मइँ यह बरे कहत हउँ काहेकि बपतिस्मा देवइया यूहन्ना तोहका जिन्नगी क सही रस्ता देखॉवइ आइ अउर तू ओहमाँ बिसवास नाहीं किहा। मुला चुंगी उगहिया अउर वेस्यन ओहमाँ बिसवास किहेन। तू जब इ देख्या तउ पाछे न मन फिरावा किहा अउ न ओहे प बिसवास। 33 “एक ठु अउर दिस्टान्त कथा सुना: एक जमींदार रहा। उ अंगूरे क बगिया लगाएस। ओकरे चरिउँ कइँती बाड़ा लगाएस। फिन अंगूरे क रस निकारइ बरे कोल्हू बनवइ क एक गड़हा खोदेस अउर रखवारी बरे एक गुंबद बनवाएस। फिन ओका बटाई प दइके जात्रा प चला गवा। 34 जब अंगूरे क फसल क समइ आइ तउ बगिया क मालिक नउकरन क लगे आपन गुलामन क पठएस जेसे आपन हींसा क अंगूर लइ आवइँ। 35 “मुला किसानन ओकरे नउकरन क धइ लिहन। कउनो क पीटेन, कउने क पाथर उछारेन अउर कउनो क तउ मारि डाएन। 36 “एक दाईं फिन पहिले स अउ जिआदा नउकरन क पठएस। उ किसानन ओनके संग भी वइसा ही बर्ताव किहेन। 37 पाछे उ ओनके लगे आपन बेटवा क पठाएस। उ कहेस, ‘उ सबइ मोरे बेटवा क मान रखिहइँ जरूर।’ 38 “मुला उ किसानन जब ओकरे बेटवा क देखेन तउ उ सबइ आपुस मँ कहइ लागेन, ‘इ तउ ओकर वारिस अहइ, आवा ऍका मारि डाई अउर ओकर वारिस क हक हथियाइ लेई।’ 39 ऍह प उ पचे ओका धइके बगिया क बाहेर ढकेलेन अउर मार डाएन। 40 “तू का सोचत बाट्या हुवाँ जब अंगूरे क बगिया क मालिक आई तउ किसानन क संग का करी?” 41 उ यहूदी याजकन अउ नेतन ओसे कहेन, “काहेकि उ सबइ निरदयी रहेन यह बरे उ ओनका निरदयी होइके मारि डाई अउर अंगूरे क बगिया क दूसर किसानन क बटाई प दइ देइ जउन फसल आवइ प ओका ओकर हींसा देइहीं।” 42 ईसू ओनसे कहेस, “का तू सबइ पवित्तर सास्तरन क बचन कभी नाहीं पढ्या:‘जउने पाथर क मकान क बनवइयन बेकार समझेन, उहइ कोने क सबते जिआदा महिमा क पाथर बन गवा’ ‘अइसा पर्भू क जारिये कीन्ह गवा जउन हमरी निगाह मँ अजूबा बाटइ।’ भजन संहिता 118:22-23 43 “एह बरे मइँ तोहसे कहत हउँ परमेस्सर क राज्य तोहसे छीन लीन्ह जाई अउर उ ओन मनइयन क दइ दीन्ह जाई जउन ओकरे राज्य क रीति स बर्ताव करिहइँ। 44 जउन इ चट्टाने प गिरी, चूर चूर होइ जाई अउ इ चट्टान कउनो प गिरी तउ उ ओका रउँद डाई।” 45 जब मुख्ययाजकन अउर फरीसियन ईसू क दिस्टान्त कथन क सुनेन तउ उ पचे समुझ लिहन कि उ ओनके बारे मँ कहत रहा। 46 तउ उ सबइ ओका धरइ क जतन किहन मुला उ पचे मनइयन स डेरात रहेन काहेकि लोग ईसू क नबी मानत रहेन।

Matthew 22:1 एक दाई फिन ईसू ओनसे दिस्टान्त कथन क कहइ लाग। उ बोला, 2 “सरगे क राज्य उ राजा क नाईं अहइ जउन आपन बेटवा क बियाहे प भोज दिहेस। 3 राजा आपन नउकरन क पठएस कि उ पचे ओन मनइयन क बोलाइ लियावईं जेका बियाहे क भोज प न्यौता दीन्ह गवा रहा। मुला उ पचे नाहीं आएन। 4 “उ आपन नउकरन क फिन पठएस, उ कहेस कि जउन मनइयन क बियाह क भोजे प बोलावा गवा ह, ओनसे कहि द्या, ‘देखा मोर भोज तइयार बा। मोर सॉड़ अउर मोटवार ताजा पसू क काटा जाइ चुका बाटइ। सब कछू तइयार अहइ। बियाहे क भोज मँ आइ जा।’ 5 “मुला न्यौतहरी ओह प कउनो धियान नाहीं दिहेन अउर उ सबइ चले गएन। कउनो आपन खेत मँ काम करइ चला गवा तउ दूसर मिला आपन आपन काम धंधा प। 6 अउ कछू मिला तउ राजा क नउकरन क धइके ओकरे साथे मार-पीट किहेन अउ ओनका मार डाएन। 7 तउ राजा कोहाइके आपन फउज पठएस। उ सबइ ओन हत्यारन क मउत क घाटे पहुँचाइ दिहस अउर ओनके सहर मँ आगी बार दिहेन। 8 “फिन राजा क नउकरन स कहेस, “बियाह क भोज तइयार बाटइ मुला जेकॉ बोलॉई गवा रहा, उ सबइ अजोग्ग माना गएन, 9 एह बरे गलियन क नोक्कड़ प जा अउर तू जेका पावा, बियाहे क भोज प बोलॉई लिआवा।’ 10 फिन नउकरन गलियन मँ गएन अउ जउन भी भला अउर बुरा मनई भेंटेन उ पचे ओनका बटोरि लियाएन। अउ सादी क महल मेहमानन स भरि गवा। 11 “मुला जब जेवन्हार क लखइ राजा आवा तउ हुवाँ उ एक अइसा मनई क निहारेस जउन बियाहे क ओढ़ना नाहीं पहिरे रहा। 12 राजा ओसे कहेस, “मितउ, बियाहे क वस्तर पहिरे बिना हियाँ भीतर कइसे आइ गया?’ पर उ मनई खमोस रहा। 13 ऍह प राजा आपन नउकरन स कहेस, ‘ऍकर हाथ गोड़ छाँदिके बाहेर अँधियारे मँ नाइ द्या। जहाँ मनई रोवत अउर दँतवा कटकटावत होइहीं।’ 14 “काहेकि बोलावा तउ बहोत गवा अहइँ मुला चुना भवा थोड़के अहइँ।” 15 तब फरीसियन जाइके एक सभा बोलॉएन जेसेे उ इ बात क फरियाइ सकइँ कि ईसू क ओकरे आपन ही कही भई बात मँ कइसे फँसावइ। 16 उ पचे अपने चेलन क हिरोदियन क संग ओकरे लगे पठएन, उ मनइयन ईसू स कहेन, “गुरु हम जानत अही कि तू सच्चा अहा। तू सचमुच परमेस्सर क राहे क सिच्छा देत अहा। अउर तू, कउनो का सोचत ह, ऍकइ चिंता नाहीं करत्या काहेकि तू कउनो मनई क हैसियत प नाहीं जात्या। 17 तउ हमका बतावा तोहार का बिचार बा कि सम्राट कैसर क चुंगी चुकाउब ठीक अहइ कि नाहीं?” 18 ईसू ओनकइ बुरा बिचार क समुझ गवा, तउ उ बोला, “अरे कपटियो! तू पचे मोका काहे परखब चाहत बाट्या? 19 मोका कउनो दीनार देखावा जेसे तू चुंगी अदा करत ह।” तउ सबइ ओकरे लगे एक दीनार लइ आएन। 20 तब उ ओनसे कहेस, “ऍह प केकर मूरत अउर लिखाई खुदी बा?” 21 उ पचइ ओसे कहेन, “कैसर क”।तब उ ओनसे कहेस, “अच्छा तउ फिन जउन कैसर क अहइ, ओका कैसर क द्या, अउर जउन परमेस्सर क अहइ, ओका परमेस्सर क।” 22 इ सुनिके उ पचइ अचरजे स भरि गएन अउर ओका छोड़िके चला गएन। 23 उहइ दिन कछू सदूकियन जउन पुनरुत्थान क नाहीं मनतेन, ओकरे लगे आएन। 24 अउ ओसे पूछेन, “गुरु, मूसा क उपदेस क अनुसार जदि बिना बे बाल बच्चा क कउनो मरि जाइ तउ ओकर भाई, निचके क नातेदार होइ क नाते ओकरे विधवा स बियाह करइ अउर आपन भाई क बंस चलावइ बरे संतान पइदा करइ। 25 अब मानल्या हम पचे सात ठु भाई अही। पहिलौठा बेटवा का बियाह भवा अउर पाछे ओकर मउत होइ गइ। फिन काहेकि ओकरे कउनो संतान नाहीं भइ, यह बरे ओकर भाई आपन भउजी क आपन पत्नी बनइ लिहस। 26 तब दुसर का भाई मरि गवा। उहइ घटना तिसरेक क संग भइ। जब तलक सातहु भाइयन मरि नाहीं गएन वइसन भवा। 27 अउर सब क पाछे उ स्त्री भी मर गई। 28 अब हमार पूछब इ अहइ कि पुनरुत्थान मँ ओन सातउ मँ स कउने क पत्नी होई काहेकि सातउ ओका आपन बनाएन?” 29 जवाब देत ईसू ओनसे कहेस, “तू बगद गया काहेकि तू पचे पवित्तर सास्तरन अउर परमेस्सर क सक्ती क नाहीं जनत्या। 30 तोहका समझइ चाही कि पुनरुत्थान मँ लोग न तउ बियाह करिहीं अउर न ही कउनो सादी मँ दीन्ह जाई। मुला उ पचे सरगे क दूतन क नाईं होइहीं। 31 इहइ सिलसिला मँ तोहरे फायदा बरे परमेस्सर मरा भवा क पुनरुत्थान क बारे मँ जउन कहेस ह, का तू कबहुँ नाहीं पढ्या? उ कहे रहा, 32 ‘मइँ इब्राहीम क परमेस्सर हउँ, इसहाक क परमेस्सर हउँ अउर याकूब क परमेस्सर हउँ।’उ मरा हुअन क नाहीं मुला जिन्दा क परमेस्सर अहइ।” 33 जब मनइयन इ सुनेन तउ ओकरे उपदेस प उ सबइ बहोत अचम्भा मँ पड़ि गएन। 34 जब फरीसियन इ सुनेन कि ईसू आपन जवाबे स सदूकियन क चुप कराइ दिहस तब उ सबइ ऍकट्ठा भएन। 35 ओहमाँ क एक फरीसी ईसू क परीच्छा क बिचार स ओसे पूछेन, 36 “गुरु, व्यवस्था मँ सबन ते बड़का हुकुम कउन स बाटइ?” 37 ईसू ओसे कहेस, “तोहका आपन सारे मनवा स, सारी आतिमा स अउर सारी बुद्धि स आपन परमेस्सर पर्भू क पिरेम करइ चाही।’ 38 इ सब ते पहिला अउर सब ते बड़ा हुकुम अहइ। 39 फिन अइसा ही दूसर हुकुम इ अहइ: ‘आपन पड़ोसी स वइसा ही पिरेम करा जइसा तू अपने स खुद करत ह।’ 40 सारी व्यवस्था अउर नबियन क किताबन इन दुइनउँ हुकुमन प टिका बाटइ।” 41 जब फरीसियन अबहीं एकट्ठा ही रहेन, कि ईसू ओनसे एक ठु प्रस्न पूछेस, 42 “मसीह क बारे मँ तू का बिचारत ह कि उ केकर बेटवा अहइ?”उ फरीसियन ओसे कहेन, “मसीह दाऊद क पूत ह।” 43 ईसू ओसे पूछेस, “फिन आतिमा क बसे मँ होइके दाऊद ओका ‘पर्भू’ कहत इ काहे कहेस: 44 ‘पर्भू मोरे पर्भू (ईसू) स कहेस, मोरे दाहिन बइठिके राज्य करा जब ताई कि मइँ दुस्मनन क तोहरे गोड़वा तले न कइ देउँ।’ भजन संहिता 110:1 45 फिन जब दाऊद ओका ‘पर्भू’ कहेस तउ उ ओकर बेटवा कइसे होइ सकत ह” 46 जवाबे मँ कउनो भी ओसे कछू नाहीं कहि पावा। अउर न ही उ दिना क पाछे कउनो क ओसे पूछइ क हिम्मत भवा।

Matthew 23:1 ईसू फिन आपन चेलन अउर भीड़ स कहेस। 2 उ कहेस, “धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन मूसा क व्यवस्था क अरथ बतावइ क हकदार अहइँ। 3 एह बरे जउन कछू उ सबइ कहइँ ओह प चलत रहा अउर ओनका मानके करत रहा। मइँ इ कहत हउँ काहेकि उ पचे बस कहत रहत हीं मुला करतेन नाहीं। 4 उ पचे मनई क काँधे प एतना बोझा लादि देत हीं कि उ सबइ ओका उठाइके चल न सकइँ अउर लोगन्प दबाव डारत हीं कि ओका लइके चलइँ। मुला उ सबइ खुद ओहमाँ स कउनो प भी चलइ बरे आपन अंगुरी तलक नाहीं हिलउतेन। 5 “उ सबइ नीक काम यह बरे करत हीं कि लोग ओनका लखइँ। असिल मँ उ सबइ आपन ताबीज अउर पोसाक क झलरे क यह बरे बड़ा स बड़कवा करत रहत हीं कि लोग ओनका धर्मात्मा समझइँ। 6 उ सबइ जेवनार मँ सबते जिआदा खास जगह पावा चाहत हीं। आराधनालयन मँ ओनका प्रमुख आसन चाही। 7 बजारे मँ उ पचे मान क साथ पैलगी करावा चाहत ही। अउ चाहत हीं कि लोग ओनका ‘गुरु’ कहिके पुकारइँ। 8 “मुला तू पचे मनइयन स आपन क ‘गुरु’ जिन कहवावा काहेकि तोहार सच्चा गुरु तउ बस एक अहइ। अउर तू सबइ सिरिफ भाई बहिन अहा। 9 धरती प मनइयन क आपन मँ स कउनो क भी ‘पिता’ जिन कहइ द्या। काहेकि तोहार ‘पिता’ तउ बस एक ही अहइ, अउ उ सरगे मँ बा। 10 न ही तू मनइयन क आपन बरे ‘स्वामी’ कहइ द्या काहेकि तोहार स्वामी तउ बस एक ठु बाटइ अउ उ अहइ मसीह। 11 तोहमाँ सब ते बड़कवा मनई उहइ होई जउन तोहार नउकर बनी। 12 जउन आपन खुद क ऊँचा उठाई ओका नंवई क होई। अउर जउन आपन खुद नवाई ओका ऊँचा उठाइ जाइ। 13 “हे कपटी धरम सास्तिरियो अउर फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तू सबइ सरगे क राज्य क दुआर ढाँपि दिहा ह। न तउ तू पचे ओहमाँ घुसि पउब्या अउर न ही ओनका जाइ देब्या जउन घुसइ बरे जतन करत हीं। 14 अरे कपटा धरम सास्तिरियन अउ फरीसियन तू पचे विधवा क धन दौलत हड़पत ह। देखाँवा बरे बड़ी बड़ी पराथना करत ह। एकरे बरे तोहका करर्ी सजा मिली। 15 “अरे कपटी धरम सास्तिरियो अउर फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तू कउनो क आपन मत मँ लइ आवइ बरे धरती अउर समुद्दर पार कइ जात ह। अउ उ तोहरे नेम धरम मँ आइ जात ह तउ तू ओका आपन स भी दुइ गुना नरक क काबिल बनाइ देत ह। 16 “अरे कपटी धरम सास्तिरियो अउर फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तोहका धिक्कार अहइ जउन कहत ह, ‘जदि कउनो मन्दिर क सपथ खात ह तउ ओका सपथ क खाब जरूरी नाहीं मुला अगर कउनो मन्दिरे क सोने सपथ खात ह तउ ओका सपथ क मानब जरूरी अहइ!’ 17 अरे आँधर मूर्ख लोगो! बड़का कउन अहइ? मन्दिर क सोना या उ मन्दिर जउन उ सोना क पवित्तर बनएस। 18 तू सबइ इ भी कहत ह, ‘जदि कउनो वेदी क सपथ खात ह तउ कछू नाहीं, मुला जदि कउनो वेदी प धरा चढ़ावा क सपथ खात ह तउ आपन सपथ स बँधा भवा अहइ।’ 19 अरे आँधर लोगो! कउन बड़कवा अहइ? वेदी प धरा चढ़ावा या उ वेदी जेसे उ चढ़ावा पवित्तर बनत ह 20 यह बरे जदि कउनो वेदी क सपथ लेत ह तउ उ वेदी क साथे वेदी प जउन धरा बाटइ, उ सबन क सपथ खात ह। 21 उ जउन मन्दिर अहइ, ओकर भी सपथ लेत ह उ मंदिर क संग जउन मंदिर क भितरे बा, ओकर भी सपथ खात ह। 22 अउर उ जउन सरगे क सपथ खात ह, उ परमेस्सर क सिंहासने क संग जउन उ सिंहासने प बिराजत बा ओकर भी सपथ खात ह। 23 “अरे कपटी धरम सास्तिरियो अउर फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तोहरे लगे जउन कछू अहइ, तू ओकर दसवाँ, हींसा, हीयाँ तलक कि आपन पुदीना, सौंफ अउर जीरा तक क दसवाँ हींसा परमेस्सर क देत ह। फिन भी तू व्यवस्था क खास बातन, निआव, दाया अउर बिसवास क धकियाइ दिहा। तोहका इ चाहत रहा कि ओन बातन क बगैर छोड़े भए इन बातन क करत जात्या। 24 अरे आँधर अगुवा लोगो! तू आपन पिअइ क पानी स मच्छर तउ छान लेत ह पर ऊँटे क लील जात ह। 25 “अरे कपटी धरम सास्तिरियो अउ फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तू आपन खोरा अउर टाठी बाहेर स धोइके फर्छइ करत ह पर ओकरे भितरे तू जउन चाल चपेट या आपन बरे रियायत मँ पाया ह, भरा बाटइ। 26 अरे आँधर फरीसियो! पहिले आपन खोरा क भितरे स माँज ल्या जेसे भितरे क साथ साथ उ बाहेर स भी चमकइ लगाइ। 27 “अरे कपटी धरम सास्तिरियो अउर फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तू लीपी पोती भई समाधि क नाईं अहा जउन बाहेर स तउ सुन्नर देखाति अहइ मुला भितरे स मरे हुअन क हाड़ अउर हर किसिम क मलिनता स ठूँसी रहत ह। 28 अइसे ही बाहेर स तउ धर्मी देखॉइ देत ह मुला भितरे स चाल चपेट अउर अनभले स बुरा अहा। 29 “अरे कपटी धरमसास्तिरियो अउ फरीसियो! तोहका धिक्कार अहइ। तू नबियन क बरे मकबरा बनावत ह अउर धर्मीयन क कब्र क सिंगार करत ह। 30 अउ कहत बाट्या, ‘जदि तू आपन पूर्वजन क समइ मँ पइदा होत्या तउ नबियन क मरवावइ मँ ओनकइ साथ न देत्या।’ 31 अइसे प तू खुद ही साच्छी देत अहा, कि तू मानत बाट्या कि तू ओनकइ बाल-बच्चा अहा जउन नबियन क हत्यारन रहेन। 32 तउ तू जउन तोहार पुरखन सुरु करेन, ओका पूरा कइ द्या। 33 “अरे कीरा अउर नाग स संतान। तू सबइ कइसे सोच लिहा कि तू नरक भोगइ स छूट जाब्या। 34 यह बरे मइँ तोहका बतावत हउँ कि मइँ तोहरे लगे नबियन, बुद्धिमानन अउर गुरुअन क पठवत हउँ। तू पचे ओनमाँ स बहोतन क मार डउब्या अउर बहोतन क क्रूसे प चढ़उब्या। कछू मनइयन क तू सबइ आपन आराधनालयन मँ कोड़न स पिटवउब्या अउर एक सहर स दूसर सहरे ताईं ओनकइ पाछा करत खदरेब्या। 35 आखिर निरीह हाबिल स लइके बिरिक्याह क बेटवा जकरयाह ताईं जेका तू मन्दिरे क गरभ घर अउर वेदी क बीच मारि डाए रह्या हर धर्मी मनई क कतल क सजा तोह प होई। 36 मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि इ सब कछू बरे इ पीढ़ी क मनइयन क सजा भोगे होई। 37 “यरूसलेम, ओ यरूसलेम! तू उ अहा जउन नबियन क कतल करत ह अउर परमेस्सर क पठए गए दूतन क पाथर मारत ह। मइँ केतनी दाईं चाह्यो ह कि जइसे कउनो मुर्गी आपन चूजन क आपन पंखा तरे बटोर लेत ह वइसे ही तोहरे गदेलन क बटोर लेउँ। मुला तू पचन नाहीं चाह्या। 38 तोहार घर समूचइ उजड़ जाई। 39 मइँ तोहका सच बतावत हउँ तू मोका तब ताईं फिन नाहीं देखब्या जब ताईं तू नाहीं कहब्या, ‘धन्य अहइ उ जउन पर्भू क नाउँ मँ आवत ह।’

Matthew 24:1 मंदिर क छोड़िके ईसू जब हुवाँ स होइके जात रहा तउ ओकर चेलन ओका मँदिर क इमारत देखॉवइ ओकरे लगे आएन। 2 एह प ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे इ इमारतन क सोझ खड़ी देखत अहा? मइँ तोहका सच सच कहत हउँ, हिआँ तलक एक पाथर प दूसर पाथर टिक नाहीं पाई। एक एक गिराइ दीन्ह जाई।” 3 ईसू जब जैतून पहाड़ प बइठा रहा तउ अकेॅल्ले मँ ओकर चेलन लगे आएन अउर बोलेन, “हमका बतावा इ कब होई? जब तू लउटि अउब्या अउर इ संसारे क अंत होई तउ कइसे संकेत परगट होइहीं?” 4 जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “होसियार! तू पचन क कउनो भरमाइ न पावइ। 5 मइँ इ यह बरे कहत हउँ कि अइसे बहोतन अहइँ जउन मोरे नाउँ स अइहीं अउर कइहीं, ‘मइँ मसीह हउँ अउर उ सबइ बहोतन क भरमइहीं। 6 तू सबइ नगीचे क जुद्ध क बातन या दूरि क जुद्ध क अफवाह सुनब्या पर देखा तू घबराया जिन। अइसा तउ होइ मुला अबहिं अंत नाहीं आवा अहइ। 7 हर रास्ट्र दूसर रास्ट्र क खिलाफ अउर एक राज्य दूसर राज्य क खिलाफ खड़ा होई। अकाल पड़ी। हर कतहूँ भुँइडोल आई। 8 मुला इ सब बातन उहइ तरह अहइ जइसे नवा पइदा होय क पहले की सुरुआती पीडा। 9 “उ समइ उ पचे तोहका सजा देवॉवइ बरे पकड़वइहीं अउर उ पचे तोहका मरवाइ देइहीं। काहेकि तू सबइ मोर चेलन अहा। सबहिं रास्ट्र क लोग तोहसे घिना करिहीं। 10 उ समइ बहोत मनइयन क मोह टूटी जाई अउर ओहहि समइ बहुत स बिसवासियन क बिसवास डिग जाई। उ पचे एक दूसर क अधिकारियन क हाथे मँ दइ देइहीं अउ आपस मँ घिना करिहीं। 11 बहोत स झूठे नबियन खड़ा होइ जइहीं, अउर मनइयन क ठगिहीं। 12 काहेकि बुराई क बाढ़ आइ जाए स पिरेम घटि जाई। 13 मुला जउन अंत तक टिका रही ओकर उद्धार होई। 14 सरगे क राज्य क इ सुसमाचार समूचे संसार मँ प्रचार कीन्ह जाई। ऍसे सब राजन क साच्छी रही अउर तबहीं अंत होइ जाई। 15 “एह बरे जबहिं तू लोग ‘खौफनाक बिनास करइवाली चीज’क पवित्तर स्थान प खड़ा होइके देखा, जेकरे बारे मँ दानिय्येल नबी बताएन ह, (पढ़इया खुद समुझ जाई कि एकर अरथ का बाटइ।) 16 तब जउन मनई यहूदिया मँ होइँ, ओनका पहाड़े प भाग जाइ चाही। 17 जउन आपन घरे क छत प होईं, उ घरवा स बाहेर कछू भी लइ जाइके तर खाले न आवइँ। 18 अउ जउन बाहेर खेतन मँ काम करत होइँ, उ पाछे मुड़िके आपन ओढ़ना तक न लेइँ। 19 ओन स्त्रियन बरे जेकरे कोखे मँ गरभ होइ या जेकर लरिकन दूध पिअत होइँ, उ दिनन कस्टे क होइहीं। 20 पराथना करा कि तोहका जाड़े क दिनन मँ या सबित क दिन पराइ क न पड़इ। 21 उ दिनन मँ अइसी बिपत आई जइसी जबते परमेस्सर सृस्टि रचेस ह, आजु तक कबहुँ नाहीं आइ अउ न कबहुँ आई। 22 अउर जदि परमेस्सर उ दिनन क घटावइ क पक्का इरादा न कइ लिहे होत तउ कउनो भी न बच पावत किन्तु चुना भएन क कारण उ दिनन मँ कमती कइ देइ। 23 “उ दिनन मँ जदि कउनो तू पचन स कहइ, देखा, इ रहा मसीह या उ राह मसीह। तउ ओकर बिसवास जिन किहा। 24 मइँ इ कहत हउँ काहेकि कपटी मसीह अउप कपटी नबी खड़ा होइहीं अउर अइसे अचरज कारजन देखइहीं अउर अद्भुत कारजन करिहइँ कि बन पड़इ तउ चुने भएन क भी चकमा दइ देइँ। 25 देखा, मइँ तोहका पहिले ही चेतावनी दइ चुका अहउँ। 26 “तउ जदि उ सबइ तोहसे कहइँ, ‘देखा, मसीह जंगल मँ बा!’ फन हुवाँ जिन जाया अउर जदि उ कहइँ, ‘देखा उ पचे कोठरी मँ छुपा बाटइ! तउ ओनकइ बिसवास जिन कर्‌या। 27 मइँ इ कहत हउँ काहेकि जइसे बिजुली पुरब मँ सुरू होइके पच्छिम क अकासे तक चमक जात इ वइसे ही मनई क पूत भी परगट होई। 28 जहाँ कहूँ ल्हास होई हुआँ गिद्ध एकट्ठा होइहीं। 29 “उ दिनन जउन मुसीबत पड़ी, ओकरे फउरन बाद:‘सूरज करिया पड़ि जाई चन्दा स चाँदनी न निकसी अकासे स तारा टुटिहीं अउ अकास मँ आसमानी सक्ति झकझोर दीन्ह जइहीं।’ यसायाह 13:10; 34:4,5 30 “उ समइ मनई क पूत क आवइ क चीन्हा अकास मँ परगट होई। तबहिं भुइयाँ प सब जातिन क मनइयन फूटि फूटि क रोइहीं अउर उ सबइ मनई क पूत क सक्ती अउर महिमा क संग सरग क बदरन मँ परगट होत देखिहीं। 31 उ ऊँच सुर क तुरूही क संग आपन दूतन क पठइ। फिन उ पचे सरग क एक छोर स दूसर छोर तलक सब कहूँ स आपन चुना भवा मनइयन क ऍकट्ठा करी। 32 “अंजीरे क बृच्छ स उपदेस ल्या। जइसे ही ओकर टहनियन सुऋुवार होइ जात हीं अउर कोंपर फूटइ लागत हीं। तू लोग जान जात ह कि गर्मी आवइ क अहइ। 33 वइसे ही जब तू इ सब घटत देख्या तउ समुझ लिहा कि उ समइ नगिचे आइ ग बाटइ, मुला ठीक दुआर तलक। 34 मइँ तू लोगन्स सच कहत हउँ कि इ पीढ़ी क खतम होइ क पहिले इ सब बातन होइ जइहीं। 35 धरती अउर अकास तउ मिट सकत हीं मुला मोर बचन कबहुँ न मिटी।” 36 “उ दिना या घड़ी क बारे मँ कउनो कछू न जानत! न सरगे क दूतन अउर न खुद पूत। सिरिफ परमपिता जानत ह। 37 जइसे नूह क दिना मँ भवा, वइसे ही मनई क पूत क अवाई भी होई। 38 वइसे ही जइसे मनई जल बाढ आवइ स पहिले क दिनन ताईं खात पिअत रहेन, बियाह सादी करावत रहेन जब तलक नूह नाउ प नाहीं चढ़ गवा। 39 ओनका तब ताईं कछू पता नाहीं लगि सका जब ताईं प्रलय नाहीं आइ गइ अउर ओन सबन क बहाइके नाहीं लइ गइ। मनई क पूत क अवाई भी अइसे ही होई। 40 उ समइ खेते मँ काम करत दुइ मनइयन मँ स एक क लइ लीन्ह जाई अउर एक क हुवँइ छोड़ि दीन्ह जाई। 41 चकरी पीसत दुइ स्त्रियन मँ एक क धइ लीन्ह जाई अउ एक हुवँइ पाछे छोड़ि दीन्ह जाई। 42 “तउ तू लोग होसियार रहा काहेकि तू नाहीं जनत्या कि तोहार स्वामी कब आई। 43 याद राखा अगर घरे क स्वामी जानत होत कि राति क कउनो घड़ी मँ चोर आइ जाई तउ उ जागत रहत अउर चोरे क आपन घरवा मँ सेंध नाही लगावइ देत। 44 एह बरे तू भी तइयार रहा काहेकि जब तू पचे सोच भी नाहीं रहब होब्या, मनई क पूत आइ जाई। 45 “तब सोचा उ भरोसामंद अउ समझदार सेवक कउन बाटइ, जेका स्वामी आपन घरवा क सेवक क ऊपर ठीक समइ प ओनका खइया क देइ बरे लगाएस ह। 46 धन्य अहइ उ सेवक जेका ओकर स्वामी जब आवत ह तउ ओका दियाभया काज करत पावत ह। 47 मइँ तोहसे सच कहत हउँ उ स्वामी ओका आपन समूचे धन दौलत क अधिकारी बनाईं देई। 48 दूसर कइँती सोचा एक ठु बुरा सेवक अहइ, जउन अपना मनवा मँ कहत ह मोर स्वामी बहोत दिना स लुटि क नाहीं आवत ह। 49 अइसे उ आपन संगी साथी सेवकन स मारपीट करइ लागत ह अउर सराबियन क संग खाब पिअब सुरू कइ देत ह। 50 तउ ओकर स्वामी अइसे दिन आइ जाई जउने दिन उ ओकरे अवाई क सोचत तलक नाहीं अउ जेकर ओका पता तलक नाहीं। 51 अउर ओकर स्वामी ओका बुरे ढंग स सजा देई अउर कपटियन क बीचउबीच ओकर ठउर ठहराई जहाँ लोग रोवत होइहीं अउर दँतवन क किड़किड़ावत रइहीं।

Matthew 25:1 “उ दिन सरग का राज्य ओन दस कुँवारियन क नाईं होई जउन मसाल लइके दुलहन स भेंटइ निकरिन। 2 ओनमाँ स पाँच मूरख रहीं अउ पाँट ठु चउकस। 3 पाँच उ मूरख कुँवारियन आपन मसाल तउ थाम लिहन मुला ओनके साथे तेल नाहीं लिहन। 4 ओहँर चउकस कुँवारियन मसाले क साथ कुप्पियन मँ तेल भी लइ लिहन। 5 काहेकि दुलहन क अवाई मँ देर होत रही। सबहीं कुँवारियन थके स ओंघाइ लागिन अउर ओलर क सोइ गइन। 6 “पर आधी राति मँ धूम मच गइ। ओ हो, ‘दुलहा आवत बा। ओसे भेंटइ बाहर जा!’ 7 “उहइ छिन उ सबइ कुँवारियन उठि गइन अउर आपन मसाल तइयार किहेन। 8 मूरख कुँवारियन चउकस कुँवारियन स कहेन, ‘हमका आपन तनिक तेल दइ द्या, हमर मसालन बुझि जात अहइँ।’ 9 “जवाबे मँ सबइ चउकस कुँवारियन बोलिन, ‘नाहीं हम नाहीं दइ सकित। काहेकि फुन इ हमरे बरे पूर न होई अउर न तोहरे बरे। तउ तू पचे तेली क लगे जाइके आपन खातिर बेसहि ल्या।’ 10 “जब उ पचे बेसहइ जात रहिन कि दुलहा आइ पहोंचा। फिन उ कुँवारियन जउन तइयार रहिन, उ सबइ ओनके संग भोजे मँ भीतर घुसिन अउर फिन कउनो फाटक बंद कइ दिहस। 11 “आखिर मँ उ सबइ बाकी कुँवारियन भी गइन अउर बोलिन, ‘स्वामी, हे स्वामी, दरवाजा खोलि द्या, हमका भीतर आवइ द्या।’ 12 “मुला उ जबाव देत भवा कहेस, “मइँ तोहसे सच सच कहत हउँ: मइँ तोहका नाहीं जानत हउँ।’ 13 “तउ होसियार रहा। काहेकि तू न उ दिना क जानत ह, न घड़ी क, जब मनई क पूत लउटी। 14 “सरग का राज्य उ मनई क नाई होई जउन जात्रा प जात भवा आपन नउकरन क बोलाइके अपने समान क रखवारा बनाएस। 15 उ एक क चाँदी स भरी पाँच ठु थैली दिहस। दुसरे क दुइ अउ तिसरे क एक दिहस। उ हर एक क ओकर जोग्गता होइ क मुताबिक दइके जात्रा प निकरि गवा। 16 जेका चाँदी क रूपया स भरी पाँच ठु थैली मिलीं, उ फउरन उ पइसे क धंधा मँ लगाइ दिहस फिन पाँच थैली अउर कमाएस। 17 अइसे ही जेका दुइ थैली मिलिन, उ भी दुइ अउर कमाइ लिहस। 18 मुला जेका एक मिली रही उ कहूँ जाइके भुइँया मँ गड़हा खोदेस अउर स्वामी क धने क गाड़ दिहस। 19 बहोत समइ बीत जाए क पाछे ओन सेवकन क स्वामी लउटि आवा अउर हर कउनो स लेखा जोखा लेइ लाग। 20 उ मनई जेका चाँदी क पाँच थैली मिलिन, आपन स्वामी क लगे गवा अउर चाँदी क पाँच अउर थैली दिहे रहा। चाँद क इ पाँच थैली अउर अहइँ जउन मइँ कमायउँ ह।’ 21 ‘ओकर स्वामी ओहसे कहेस, ‘साबास! तू भरोसा क बढ़िया नउकर अहा। तनिक क रकम क बारे मँ तू बिसवास क जोग्ग रह्या मइँ तोहका अउर जिआदा हक देब। भितरे जा अउर आपन स्वामी क खुसी मँ खुसी मनावा।’ 22 “फिन जेका चाँदी क दुइ थैली मिली रहीं, आपन स्वामी क लगे गवा अउर बोला, ‘स्वामी तू मोका चाँदी क दुइ थैली दिहे रहा, चाँदी क इ दुइ थैली अउ अहइँ जेका मइँ कमायो ह।’ 23 “ओकर स्वामी ओसे कहेस, ‘साबास! तू भरोसा क लायक बढ़िया नउकर अहा। तनिक रकम क बारे मँ तू बिसवास क जोग्ग रह्या। मइँ तोहका अउर जिआदा हक देब। भितरे जा अउर आपन स्वामी क खुसी मँ खुसी मनावा।’ 24 “फिन उ जेका चाँदी क एक थैली मिली रही, आपन स्वामी क लगे आवा अउर बोला, ‘स्वामी, मइँ जानत हउँ तू बहोत कठोर मनई अहा। तू हुवाँ काटत ह जहाँ तू बोया नाहीं रहा, अउर जहाँ तू कउनो बिआ नाहीं छिटकाया तू हुवाँ स फसिल बटोरब्या। 25 यह बरे मइँ डेराइ गवा रहे। तउ मइँ जाइके चाँदी क थैलिया क भुइँया मँ गाड़ दीन्ह। इ लइ ल्या जउन तोहार अहइ इ बाटइ, लइ ल्या।’ 26 “जवाबे मँ ओकर मालिक ओसे कहेस, ‘तू एक बुरा आलसी सेवक अहा, तू जानत ह कि मइँ बिन बोए कटनी करत हउँ, हुवाँ स फसिल बटोरत हउँ। 27 तउ तोहका मोर धन साहूकार क लगे जमा कइ देइ चाही रहा। फिन जब मइँ आइत तउ जउन मोर रहा बियाज क साथ लइ लेइत।’ 28 “एह बरे ऍसे चाँदी क एक थैली लइ ल्या अउर जेकरे लगे चाँदी क दस थैली अहइँ, ऍका उहइ क दइ द्या। 29 काहेकि हर उ मनई जो जउन कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग किहेस ओका अउ जिआदा दीन्ह जाई। अउर जेतॅनी ओका जरूरत अहइ, उ ओसे जिआदा पाई। मुला ओसे, जो जउन कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग नाहीं किहेस, सब कछू ओकरे लगे रहा ओकर सही प्रयोग नाहीं किहेस, सब कछू छोर लीन्ह जाई। 30 तउ उ बेकार क नउकर क बाहेर अँधियरे मँ धकियाइ द्या जहाँ लोग रोइहीं अउर आपन दाँत पिसिहीं। 31 “मनई क पूत जब आपन सरगे क महिमा क संग आपन सबही दूतन क संग आपन सानदार सिंहासने प बइठी 32 तउ संसार क सबहिं लोग ओकरे समन्वा ऍकट्ठ होइ जइहीं अउर एक दूसर क वइसे ही अलगाइ देइ, जइसे एक गड़रिया आपन बोकरियन स भेड़न क अलगाइ देत ह। 33 उ भेड़न क दाहिन कइँती अउर बकरियन क बाई कइँती राखी। 34 फिन उ राजा, जउन ओकरे दाहिन अहइ, ओनसे कही, ‘मोरे परमपिता स असीस पाए मनइयो, आवा अउर जउन राज्य तोहरे बरे संसार क सृस्टि स पहिले तइयार कीन्ह ग अहइ, ओकर अधिकारी बनि जा। 35 इ राज्य तोहार अहइ काहेकि मइँ भुखान रह्यों अउ तू मोका कछू खाइके द्या, मइँ पिआसा रह्यों अउर तू मोका कछू पिअइ क दिहा। मइँ नगिचे स जात भवा अनजान रह्यों, अउर तू मोका भितरे लइ गया। 36 मइँ बेवस्तर रह्यों, तू मोका ओढ़ना पहिराया। मइँ बेरमिया रह्यों, अउर तू मोर सेवा किहा। मइँ गिरपतार रह्यों, अउन तू मोरे लगे आया।’ 37 “फिन जवाबे मँ धर्मी मनई ओसे पुछिहइँ, ‘पर्भू, हम पचे तोहका कब भुखान लखा ह अउर खिआवा या पिआसा लखा अउर पिअइ क दिहा? 38 तोहका हम कब नगिचे स जात भवा अजनबी लखा अउर भितरे लइ गएन, या बेवस्तर के लखिके तोहका ओढ़ना पहिरावा? 39 अउ हम कब तोहका बेरमिया या गिरपतार लखा अउर तोहरे लगे आएन?’ 40 “फिन राजा जवाबे मँ ओनसे कही, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ जब कबहुँ तू मोर भोले भाले मनइयन मँ स कउनो एक बरे भी कछू किहा तउ उ तू मोरे बरे किहा।’ 41 “फिन उ राजा आपन बाँई कइँती क मनइयन स कही, ‘अरे अभागे लोगो मोरे नगिचे स चला जा, अउ जउन आगी सइतान अउर ओकरे दूतन बरे तइयार कीन्ह गइ अहइ, उ अंनत आगी मँ जाइके कूद जा। 42 इहइ तोहार सजा अहइ काहेकि मइँ भुखान रह्यो पर तू मोका खाइके कछू नाहीं दिहा, 43 मइँ अनजान रहा पर तू मोका भितरे नाहीं लइ गया। मइँ बिन ओढ़ना क बेवस्तर रहा, पर तू मोका ओढ़ना नाहीं पहिराया। मइँ बेरमिया अउर गिरफ्तार रहा, पर तू मोरे कइँती धियान नाहीं दिया।’ 44 “फिन उ सबइ भी जवाबे मँ ओसे पुछिहइँ, ‘पर्भू, हम तोहका भूखा या पिआसा या अनजान या बिना ओढ़ना क बेवस्तर या बेरमिया या गिरप्तार कब लखा अउर तोहार सेवा नाहीं कीन्ह’ 45 “फिन उ जवाबे मँ ओनसे कही, मइँ तोहसे सच कहत हउँ जब कबहुँ तू मोर इन भोले भाले मनवइयन मँ स कउनो एक क बरे लापरवाही बरत्या अउर नाहीं किहा उ मोरे बरे भी कछू करइ मँ लापरवाही बरती।’ 46 “फिन इ सबइ बुरे लोग अनन्त सजा पइही अउ धर्मी मनई अनन्त जीवन मँ चला जइहीं।”

Matthew 26:1 इ सब बातन क कहि चुकइ क पाछे ईसू आपन चेलन स बोला, 2 “तू पचे जानत ह कि दुइ दिना पाछे पसह क त्यौहार बाटइ। अउर मनई क पूत दुस्मनन क हाथन स क्रूसे प चढ़ाइ जाइ बरे पकड़वाइ जाइवाला अहइ।” 3 तब मुख्ययाजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन कैफ़ा नाउँ क महायाजक क घरे आँगन मँ ऍकट्ठा भएन। 4 अउर उ पचे कउनो चाल स ईसू क धरइ अउर मार डावइ क छल करेन। 5 फिन भी उ सबइ कहत रहेन, “हमका इ फसह क त्यौहार क दिनन मँ नाहीं करइ चाही। नाहीं तउ होइ सकत ह मनई दंगा फसाद कइ बइठइँ।” 6 ईसू जब बैतनिय्याह मँ समौन कोढ़ी क घरे रहा। 7 तबही एक स्त्री चिकना, स्फटिक क सीसी मँ बहोत महँग इतर भरिके लइ आई अउर ओका ओकरे मूँड़े प उड़ेल दिहस। उ समइ उ पटरा प टेक लगाइके निहुरा बइठा रहा। 8 जब ओकर चेलन क देखन तउ उ सबइ किरोध मँ आइके बोलेन, “इतर क अइसी बर्बादी काहे कीन्ह गइ? 9 इ इतर तउ महँग दामे मँ बिक सकत रहा अउर फिन उ धने क दीन दुखियन मँ बाँटि जाइ सकत रहा।” 10 ईसू जानि गवा कि उ सबइ क कहत अहइँ। तउ ओनसे बोला, “तू इ स्त्री क काहे तंग करत अहा? उ तउ मोरे बरे एक सुन्नर काम करेस ह 11 काहेकि दीन-दुखी तउ हमेसा तोहरे पास रइहींपर मइँ तोहरे साथ हमेसा नाहीं रहब। 12 उ मोरे सरीर पइ सुगंधि छिरकिके मोरे गाड़ा जाइके तइयारी करेस ह। 13 मइँ तोहसे सच कहत हउँ समूची दुनिया मँ जहँ कहूँ भी सुसमाचार क प्रचार अउर फइलाव कीन्ह जाइ, हुवँइ ऍकर याद मँ जउन कछू इ किहेस ह, ओकर चर्चा होई।” 14 तब यहूदा इस्करियोती जउन ओकर बारहु चेलन मँ एक रहा, मुख्ययाजकन क लगे गवा अउर ओसे बोला, 15 “यदि मइँ ईसू क तोहका पकरवाइ देउँ तउ तू मननई मोका का देब्या?” तब उ पचे यहूदा क चाँदी क तीस रूपया देइ बरे इच्छा परगट किहेन। 16 उहइ समइ स यहूदा ईसू क धिखा दइ के पकड़वावइ क ताक मँ रहइ लाग। 17 बिना खमिरे क रोटी क त्यौहार स पहिले दिन ईसू क चेलन आइके पूछेन, “तू का चाहत ह कि हम तोहरे खाइके बरे फसह भोज क तइयारी कहाँ जाइके करी?” 18 ईसू कहेस, “गाउँ मँ उ मननई क लगे जा अउर ओसे कहा, कि गुरु कहेस ह, ‘मोर तय भई घरी निगचे बाटइ, मइँ तोहरे घर आपन चेलन क संग फसह क त्यौहार मनावइ वाला अहउँ।”‘ 19 फिन चेलन वइसा ही करेन जइसा ईसू बताए रहा अउर फसह क त्यौहार क तइयारी किहन। 20 दिन बूड़त ईसू आपन बारहु चेलन क संग पटरे पइ निहुरा बइठा रहा। 21 तबहीं ओनके खइया क खात उ बोला, “मइँ सच कहत हउँ तोहमाँ स एक मोका धोखे स पकरवाई।” 22 उ सबइ बहोत दुःखी भएन अउ ओनमाँ स हर कउनो आपुस मँ पूछइ लागेन, “पर्भू उ मइँ तउ नाहीं हउँ। बतावा का मइँ अहउँ।” 23 तब ईसू जवाब दिहस, “उहइ जउन मोरे संग एक टाठी मँ खात बा मोका धोखा स पकड़वाई। 24 मनई क पूत तउ जाई ही, अइसा कि ओकरे बारे मँ पवित्तर सास्तरन मँ लिखा बाटइ। मुला उ मनई क धिक्कार बा जउन मनई क जारिये मनई क पूत पकड़वाइ जात अहइ। उ मनई बरे केतॅना नीक होत कि ओकर जन्म ही न भवा रहत।” 25 तब ओका धोखे स पकरवावइ वाला यहूदा बोलि उठा, “हे गुरु, उ मइँ नाहीं हउँ। का मइँ हउँ?” ईसू ओसे कहेस, “हाँ अइसा ही अहइ जइसा तू कह्या ह।” 26 जब उ पचे खइया क खात ही रहेन, ईसू रोटी लिहस, ओका असीसेस अउर फिन तोड़ेस। फिन ओका चेलन क देत भवा उ बोला, “ल्या ऍका भकोसा, इ मोर देह अहइ।” 27 फिन उ दाखरस क खोरा उठाएस अउर धन्यबाद देइ क पाछे ओका ओन पचेन क देत भवा कहेस, “तू पचे एहमाँ स तनिक पिआ। 28 काहेकि इ मोर खून अहइ जउन एक नवा वाचा की सुरुआत अहइ। इ बहोतन लोगन बरे बहाइ जात ह। जेसे ओनके पापन्क छमा करब संभउ होइ सकइ 29 मइँ तोहसे सच कहत हउँ उ दिना तक दाखरस न चीखब जब ताईं आपन परमपिता क राज्य मँ तोहरे साथ नवा दाखरस न पिउ लेउँ।” 30 फिन उ पचे फसह क भजन गाइके जैतून पहाड़े प गएन। 31 फिन ईसू ओनसे कहेस, “आज राति तू पचन क मोह मँ बिसवास डुग जाई। काहेकि पवित्तर सास्तरन मँ लिखा अहइ:‘मइँ गड़रिया क मारब अउर झुंड क भेड़न तितराइ बितराइ जइहीं।’ जकर्याह 13:7 32 पर फिन स जी जाए प मइँ तोहसे पचन्स पहिले गलिल चला जाब।” 33 परतस जवाब दिहस, ‘चाहे सब मिला तोहमाँ बिसवास डुगाइ देइँ, मुला मइँ कबहूँ न खोउब।” 34 ईसू ओसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ आज इहइ राति मुर्गा क बाँग देइ स पहिले तू तीन दाईं मोका नकार जाब्या।” 35 तब पतरस ओसे कहेस, “अगर मोका तोहरे संग मरि जाइ क होइ तउ भी तोसे मइँ कबहूँ न मुकरब।” बाकी सब चेलन इहइ कहेन। 36 फिन ईसू ओकरे संग उ जगह प आवा जउन गतसमनी कहा जात रहा। अउर उ आपन चेलन स कहेस, “जब ताईं मइँ हुवाँ जाउँ अउर पराथना करउँ, तू सबे हियइँ बइठा।” 37 फिन ईसू पतरस अउर जब्दी क दुइनउँ बेटवन क आपन संग लइ गवा। अउर दुख अउ घबराहट महसूस करइ लाग। 38 फिन उ ओनसे कहेस, “मोर मन बहोत दुखी बा, जइसे मोर प्रान निकरि जइहीं। तू मोरे संग हिअँई ठहर जा अउर होसियार रहा।” 39 फिन तनिक अगवा बढ़इ क बाद उ धरती प निहुरिके पराथना करइ लाग। उ कहेस, “हे, मोर परमपिता, जदि होइ सकइ तउ यातना क कटोरा मोसे टरि जाइ। फिन भी जइसा मइँ चाहत हउँ वइसा नाहीं मुला जइसा तू चाहत ह वइसा ही कर।” 40 ओकरे पाछे उ आपन चेलन क लगे गवा अउर ओनका सोवत पाएस। उ परतस स कहेस, “तउ तू पचे मोर संग एक घंटा भी नाहीं जागि सक्या। 41 जागत रहा अउर पराथना करा जेसे तू परिच्छा मँ न पड़ि जा। तोहार आतिमा तउ उहइ करब चाहत ह जउन चंगा बा, मुला तोहार सरीर दुर्बल अहइ।” 42 एक दाईं फिन उ जाइके पराथना किहेस अउर कहेस, “हे मोर परमपिता, जदि यातना क कटोर मोरे बगैर पिए टर नाहीं सकत तउ तोहार इच्छा पूरी होइ जाइ।” 43 तब उ आवा अउ ओनका फिन सोवत पावा। उ पचेन क आँखन थकी रहिन। 44 तउ उ ओनका छोड़िके फिन गवा अउर तिसरी दाईं भी पहिले क नाईं ओनही सब्दन मँ पराथना करेस। 45 फिन ईसू आपन चेलन क लगे गवा अउर ओनसे पूछेस, “का तू अबहुँ आराम स सोवत अहा? सुना, समइ आइ ग अहइ, जब मनई क पूत पापी मनइयन क हथवन मँ दइ दीन्ह जाई। 46 उठा, आवा चली। देखा मोका धरइवाला इ बा।” 47 ईसू जब बोलत रहा, यहूदा जउन बारहु चेलन मँ एक रहा, आवा। ओकरे संग तरवारन अउर लाठियन स लइस मुख्ययाजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन क पठई एक भारी भीड़ भी रही। 48 यहूदा जउन ओका पकड़वावइ वाला रहा, ओनका एक इसारा बतावत भवा कहेस, “जउन कउनो क मइँ चुमउँ, उहइ होई, ओका धइ लिहा।” 49 फिन उ सीधे ईसू क लगे गवा अउ बोला, “हे गुरु! अउर बस उ ईसू क चूम लिहेस।’ 50 ईसू ओसे कहेस, “मीत, जउन काज बरे तू आइ अहा, ओका करा।”फिन भिड़िया क लोग लगे जाइके ईसू क दहबोच कइ गिरफ्तार कइ लिहन। 51 फिन जउन मिला ईसू क संग रहेन, ओनमाँ स एक तरवार हींच लिहस अउर वार कर महायाजक क नउकर क कान काट लिहस। 52 तब ईसू ओसे कहेस, “आपन तरवार क मियान मँ घुसेड़ द्या। जउन तरवार चलावत हीं उ पचे तरवारे स मार डावा जइहीं। 53 का तू नाहीं सोचत अहा कि मइँ आपन परमपिता क बोलाइ सकत हउँ अउ उ फउरन सरगे क दुतन क बारहु फउजन स भी जिआदा मोरे लगे पठइ देई? 54 मुला मइँ अइसा करउँ तउ पवित्तर सास्तरन मँ लिखी बात कइसे पूर होइ जाई कि सब कछू अइसे ही होइ क अहइ?” 55 उहइ समइ ईसू भीड़े स कहेस, “तू पचे तरवारन, लाठियन क संग मोका धरवावइ अइसे काहे आइ अहा जइसे कउनो डाकू क धरइ आवत हीं? मइँ हर दिन मन्दिर मँ बइठा उपदेस देत रहत हउँ अउर तू पचे मोका नाहीं धर्‌या। 56 मुला इ सब कछू घटि गवा कि नबियन क लिखा पूर होइ।” फिन ओकर चेलन ओका तजि क पराय गएन। 57 ईसू क जउन धरे रहेन, उ पचे ओका कैफ़ा नाउँ क महायाजक क समन्वा लइ गएन। हुवाँ धरम सास्तिरियन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन भी ऍकट्ठा भएन। 58 पतरस ओसे दूर-दूर रहत ओकरे पाछे-पाछे महायाजक क अंगना क भितरे तलक चला गवा। अउर फिन अंत देखइ हुवाँ पहरेदारन क संग बइठ गवा। 59 मुहायाजकन समूची यहूदी महासभा क संग ईसू क मउत क सजा देइ बरे ओकरे खिलाफ कउनो झूठा जुर्म ढूँढ़इ बरे जतन करत रहेन। 60 मुला ढूँढ नाहीं पाएन। जदपि बहोत स झूठे गवाहन अगवा बढ़िके झूठ बोलेन। आखिर मँ दुइ मनई अगवा आएन। 61 अउर बोलेन, “इ कहे रहा, ‘मइँ परमेस्सर क मंदिर क तहस नहस कइ सकत हउँ अउर तीन दिना मँ फिन बनाइ सकत हउँ।”‘ 62 फिन महायाजक खड़ा होइके ईसू स पूछेस, “का जवाबे मँ तोहका कछू नाहीं कहइ क अहइ कि इ मनइयन तोहरे खिलाफ इ का साच्छी देत अहइँ?” 63 मुला ईसू खमोस रहा।फिन महायाजक ओसे पूछेस, “मइँ तोहका साच्छात परमेस्सर क सपथ देत हउँ, हमका बतावा का तू परमेस्सर क पूत मसीह अहा?” 64 ईसू जवाब दिहस, “हाँ, मइँ अहउँ। मुला मइँ तोहका बतावत हउँ कि तू पचे मनई क पूत क उ परम सक्तीवाला क दाहिन कइँती बइठा अउर सरगे क बदखन प आवत हालि ही देखब्या।” 65 महायाजक इ सुनिके ऍतना गुस्साइ गवा कि आपन ओढ़ना फाड़त भवा बोला, “इ जउन बातन कहेस ह उ सब परमेस्सर प कलंक लगाएस ह। अब हमका अउर जिआदा साच्छी न चाही। तू पचे ऍका परमेस्सर क खिलाफ कहत सुन्या ह। 66 तू पचे का सोचत अहा?”जवाबे मँ उ पचे बोलेन, “इ अपराधी अहइ। ऍका मरि जाइ चाही।” 67 फिन उ सबइ ओकरे मुँहना प थूकेन अउ ओका घूँसा स मारेन। कछू थप्पड़ दिहेन। 68 अउर कहेन, “हे मसीह! भविस्सबाणी करा कि उ कउन अहइ जउन तोहका थोकरेस ह।” 69 पतरस अबहीं अंगना मँ बाहेर बइठा रहा कि एक ठु नउकरानी लगे आइ अउर बोली, “तू भी तउ उहइ गलील क ईसू क संग रह्या।” 70 मुला सबइ क समन्वा पतरस मुकर गवा। उ कहेस, “मोका पता नाहीं तू का कहति अहा।” 71 फिन उ ड्यौढ़ी तलक गवा ही रहा कि एक दूसर मेहरारू देखेस अउर जउन मनई हुवाँ रहेन, ओनसे बोली, “इ मनई नासरत क ईसू क संग रहा।” 72 एक दाईं फिन पतरस इन्कार करेस अउर सपथ खात भवा कहेस, “मइँ उ मनई क नाहीं जानत हउँ।” 73 तनिक देर पाछे हुवाँ खड़ा लोग पतरस क लगे गएन अउर ओसे बोलेन, “तोहार बोलइ क लहजा स साफ लागत ह कि तू असिल मँ ओनही मँ स एक अहा।” 74 तब पतरस आपन क धिक्कारइ लाग अउर सपथ खाएस, “मइँ उ व्यक्ति क नाहीं जानत हउँ!” तबहिं मुर्गा बाँग दिहस। 75 तब्बइ पतरस क उ याद होइ आवा जउन ईसू ओसे कहे रहा, “मुर्गा क बाँग देइ स पहिले तू तीन दाईं मोका नकार देब्या।” तब पतरस बाहेर चला गवा अउ फूट फूट क रोवइ लाग।

Matthew 27:1 दूसर दिन बड़े भिन्सारे सबइ ही मुख्य याजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन ईसू क मरवाइ डावइ क एक चाल चलेन। 2 फिन उ पचे ओका बाँधि के लइ गएन अउर राज्यपाल पिलातुस क सौपं दिहन। 3 ईसू क धरवावइ वाला यहूदा जब देखेस कि ईसू क दोखी ठहराइ दीन्ह ग अहइ, तउ उ बहोत पछतावा। अउर उ याजकन तथा यहूदी नेतन क चाँदी क तीस रूपया लउटाइ दिहस। 4 उ कहेस, “मइँ एक वे अपराधी क मार डावइ बरे धरावइ क पाप कीन्ह ह।”ऍह प मनई कहेन, “हम पचेन क का! इ तोहार आपन मामिला अहइ।” 5 ऍह प यहूदा चाँदी क ओन रूपयन क मन्दिर क भितरे लोकाएके चला गवा अउर फिन बाहेर जाइके आपन क फाँसी लगाएस। 6 मुख्ययाजकन उ सब चाँदी क सिक्कन क उठाइ लिहन अउर कहेन, “हमरे व्यवस्था क मुताविक इ धन क मन्दिर क खजाना मँ धरब नीक नाहीं काहेकि ऍकर प्रयोग कउनो क मार डावइ बरे कीन्ह ग रहा।” 7 एह बरे उ पचे उ रूपयन क यरूसलेम मँ बाहेर स आवइ वाले मनइयन क मरि जाए प गाड़इ बरे कोहारे क खेत खरीदै क फैसला किहन। 8 एह बरे आजु ताईं इ खेत ‘लहू क खेत’ क नाउँ स जाना जात ह। 9 इ तरह परमेस्सर क नबी यिर्मयाह क कहा भवा बचन पूर होइ ग:“उ पचे चाँदी क तीस सिक्कान बरे, उ रकम जेका इस्राएल क मनइयन ओकरे बरे देब तइ किहे रहेन। 10 अउ पर्भू क जारिये मोका दीन्ह गवा हुकुम क मुताबिक ओसे कोंहारे क खेत खरीदेन।” 11 ऍकरे बीच मँ ईसू राज्यपाल क समन्वा पेस भवा। राज्यपाल ओसे पूछेस, “का तू यहूदियन क राजा अहा?” ईसू कहेस, “हाँ, मइँ हउँ।” 12 दुसरी कइँती जब प्रमुखयाजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन ओह प दोख लगाव रहेन तउ उ कउनो जवाब नाहीं दिहस। 13 तब पिलातुस ओसे पूछेस, “का तू नाहीं सुनत अहा कि उ सबइ तोह प केतॅता दोख लगावत अहइँ?” 14 मुला ईसू पिलातुस क कउनो भी दोख क जवाब नाहीं दिहस। पिलातुस क ऍह प बहोत अचरज भवा। 15 फसह क त्यौहार क अउसर प राज्यपाल क रीति रही कि उ कउनो भी एक कै़दी क, जेका भीड़ चाहत रही, ओनके बरे छोड़ दीन्ह जात रहा। 16 उहइ समइया बरअब्बा नाउँ क एक बदनाम कैदी हुवाँ रहा। 17 तउ जब भीड़ आइके एकट्ठी होइ गइ तउ पिलातुस ओसे पूछेस, “तू का चाहत बाट्या, मइँ तोहरे बरे केका छोड़ि देउँ, बरअब्बा क या उ ईसू क, जउन मसीह कहा जात ह” 18 पिलातुस जानत रहा कि उ पचे ओका मने मँ डाह क कारण धरवाइ दिहेन ह। 19 पिलातुस जब निआव क सासन प बइठा रहा तउ ओकर पत्नी ओकरे लगे एक संदेसा पठएस: “उ सीधा साँच मनई क संग कछू जिन कइ बइठ्या। मइँ ओकरे बारे मँ एक ठु सपन देखिउँ ह जेसे मइँ आज सारा दिन भइ बेचइन रही।” 20 मुला प्रमुख याजकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन भीड़े क बगदाएन, फुसलाएन कि उ पिलातुस स बरअब्बा क छोरि देइ क अउर ईसू क मरवाइ डावइ बरे कहेन। 21 जवाबे मँ राज्यपाल ओसे पूछेस, “दुइनउँ कैदियन मँ स कउनो एक बरे केका मोसे छुरवावइ बरे तू पचे चाहत बाट्या?”उ पचे जवाब दिहन, “बरअब्बा क।” 22 जब पिलातुस ओसे पूछेस, “तउ मइँ, जउन मसीह कहा जात बा उ ईसू क का करउँ?”उ सबइ कहेन, “ओका क्रूस प चढ़ावा!” 23 पिलातुस पूछेस, “काहे, उ कउन अपराध किहेस ह” मुला उ सबइ तउ अउर जिआदा चिचियानेन, “ओका क्रूस प चढ़ाइ द्या।” 24 पिलातुस देखेस कि अब कउनो फायदा नाहीं। मुला दंगा भड़कइ क बा। तउ उ तनिक पानी लिहस अउर भीड़े क समन्वा आपन हाथ धोएस, उ बोला, “इ मनई क लहू स हमार कउनो जिम्मेदारी नहीं। यह तोहार मामिला बा!” 25 जवाबे मँ सब लोगन कहेन, “ऍव्करे मउत क जबावदेही हम अउ हमार लरिकन मान लेत हँ।” 26 तब पिलातुस ओनके बरे बरअब्बा क छोरि दिहस अउर ईसू क कोड़वा स पिटवाइ क क्रूस प चढ़ावइ बरे सौंपि दिहस। 27 फिन राज्यपाल क सिपारी ईसू क राज्यपाल निवास क भितरे लइ गएन। हुवाँ ओकरे चारिहुँ कइँती सिपाहियन क फउज ऍकट्ठी होइ गइ। 28 उ पचे ओकर ओढ़ना उतार दिहन अउ चटकीले लाल रंग क ओढ़ना पहिराइ क 29 काँटे स बनवा एक ताज ओकरे सिरे प ढाँपि दिहस। ओकरे दाहिन हाथ मँ ए ठु नरकट थमाइ दिहन अउर ओकर समन्वा आपने घुटनन पइ निहुरिके क ओकरे हँसी करत बोलेन, “यहूदियन क राजा अमर रहइ!” 30 फिन उ पचे ओकरे मुँहना पर थूकेन, डंडी छोरेन अउर ओकरे मुँड़वा प सुटकइ लागेन। 31 जब उ पचे ओकर हँसी उड़ाइ चुकेन तउ ओकर पोसाक उतारेन अउर ओका ओकर आपन ओढ़ना पहिराइ क क्रूसे प चढ़ावइ बरे लइ चलेन। 32 जब उ पचे बाहेर ही रहेन तउ ओनका कुरैन क निवासी समौन नाउँ क एक मनई मिलि गवा। उ पचे ओह प जोर डाएन कि उ ईसू क क्रूस उठाइके चलइ। 33 फिन जब उ पचे गुलगुता नाउँ क जगह (जेकर अरथ अहइ “खोपड़ा क ठउर।”) पहुँचेन। 34 तउ उ पचे ईसू क अंगूर क रस मँ पित्तनाइ क पिअइ बरे दिहन। मुला जब ईसू ओका चखेस तउ पिअइ स मना किहस। 35 तउ उ सबइ ओका क्रूसे प चढ़ाइ दिहन अउर ओकरे ओढ़ना क आपुस मँ बाँटइ बरे पाँसा खेलिके आपन हींसा लिहन। 36 ऍकरे पाछे हुवाँ बइठिके ओह प पहरा देइ लागेन। 37 उ पचे ओकर जुर्म पत्थर लिखिके ओकरे मूॅड़े पर लटकाइ दिहेन, “इ यहूदियन क राजा ईसू अहइ।” 38 इहइ समइ ओकरे संग दुइ डाकु भी क्रुसे प चढ़ाइ जात रहेन एक ठु ओकरे दाहिन अउर दूसर ओकरे बाईं कइँती। 39 नगिचे स होइ क जात मनइयन आपन मूँड़ी झमकावत ओका बेज्जत करत रहेन। 40 उ पचे कहत रहेन, “अरे मन्दिर क गिराइके तीन दिना ओका फिन स बनवइया, आपन क तउ बचावा। जदि तू परमेस्सर क पूत अहा तउ क्रूसे स तरखाले उतरि आवा।” 41 अइसे ही मुख्ययाजकन, धरम सास्तिरियन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन क संग ओकर इ कहिके हँसउआ करत रहेन: 42 “दूसर क उद्धार करइया इ आपन उद्धार नाहीं कइ सकत। इ इस्राएल क राजा अहइ। इ क्रूसे स अबहिं तरखाले उतरइ तउ हम पचे ऍका मान लेइ। 43 इ परमेस्सर मँ बिसवास करत ह। तउ जदि परमेस्सर चाहइ अब ऍका बचाइ लेइ। आखिर इ तउ कहत भी रहा ‘मइँ परमेस्सर क पूत हउँ।”‘ 44 उ सबइ लुटेरन भी जउन ओकरे संग क्रूसे प चढ़ाइ गएन रहा, ओकर अइसा ही हँसउआ भवा। 45 फिन समूची धरती प दुपहर स तीन बजे तलक अँधियारा छावा रहा। 46 कउनो तीन बजे क लगभग ईसू ऊँच अवाजे मँ चिल्लान, “एली, एली, लमा सबक्तानी” अरथ, “मोरे परमेस्सर, हे मोरे परमेस्सर, तू मोका काहे बिसार दिहा ह” 47 हुवाँ खड़ा भवा मनइयन मँ स कछू इ सुनिके कहइ लागेन, “यह एलिय्याह क पुकारत अहइ।” 48 फिन फउरन ओनमाँ स एक मनई धावत सिरका मँ बोरा भवा स्पंज एक डंडी पइ लटकाइ क लइ आवा अउर ओका ईसू क चूसइ बरे दिहस। 49 मुला दूसर लोग कहत रहेन, “छोड़ द्या, देखित ह कि एलिय्याह ऍका बचावइ आवत ह कि नाहीं।” 50 ईसू फिन एक दाईं ऊँच सुरे मँ चिल्लाइ क प्राण तजि दिहस। 51 उहइ समइया मन्दिरे क परदा ऊपर स तरखाले तलक फाटिके दुइ टुकड़न मँ बाँटे गवा। धरती डोल उठी। चट्टानन फाट पड़िन। 52 हियाँ तलक कब्रन खुलि गइन अउर परमेस्सर क मरा भएन भक्तन क बहोतन सरीर जी उठेन। 53 उ पचे कब्रन स निकरि आएन अउर ईसू क जी जाइ क पाछे पवित्तर नतर मँ जाइके बहोतन क देखाइॅ दिहेन। 54 रोम क फऊजी नायक अउर ईसू क पहरुअन भूँइडोल अउर वइसी ही दूसर घटनन क लखिके डेराअ गएन। उ पचे बोलेन, “ईसू असिल मँ परमेस्सर क पूत रहा!” 55 हुवाँ ढेरि के स्त्रियन खड़ी रहिन जउन दूरे स लखत रहिन। उ पचे ईसू क देखभाल बरे गलील स ओकरे पाछे पाछे आवत रहिन। 56 ओनमाँ स मरियम मगदलीनी, याकूब अउर योसेस क महतारी मरियम तथा जब्दी क बेटवन की महतारी रही। 57 सांझ क समइ अरिमतियाह सहर स यूसुफ नाउँ क एक धनवान आवा उ खुद ही ईसू क चेला होइ गवा। यूसुफ पिलातुस क लगे गवा अउर ईसू क ल्हास माँगेस। 58 तबहिं पिलातुस हुकुम दिहस कि सब ओका दइ दीन्ह जाइ। 59 यूसुफ ल्हास दिहस अउर ओका एक नई चदरे मँ लपेटिके 60 आपन खुद क नई कब्र मँ धइ दिहस। जेका उ चट्टाने मँ काटि के बनवाए रहा। फिन उ चट्टाने क दरवाजे प एक बड़का सा पाथर लुढ़काएस अउर चला गवा। 61 मरियम मगदलीनी अउर दूसर स्त्री मरियम हुवाँ कब्रे क समन्वा बइठी रहिन। 62 अगले दिन जब सुक्रवार बीत गवा तउ प्रमुख याजकन अउर फरीसियन पिलातुस स मिलइ गएन। 63 उ पचे कहेन, “महासय हमका याद बा कि इ छलिया, जब उ जिअत रहा, कहे रहा, ‘तिसेर दिन मइँ फिन जी उठब।’ 64 तउ हुकुम द्या कि तिसरे दिन तलक कब्रे प चौकसी कीन्ह जाइ। जेसे अइसा न होइ कि ओकर चेलन आइके ओकर ल्हास चोरॉइ लइ जाइँ अउर मनइयन स कहइँ, उ मरे भवा मँ स जी गवा। इ दूसर छल पहिले छल से जिआदा बुरा होई।” 65 पिलातुस ओसे कहेस, “तू पहरा बरे सिपाही लइ जाइ सकत ह। जा जइसी चौकसी कइ सकत ह, करा।” 66 तब उ पचे चला गएन अउर उ पाथर प मोहर लगाइके अउर पहरुअन क हुवाँ बइठाइ के कब्र क हिफाजत करइ लागेन।

Matthew 28:1 सबित क बाद जब रविवार क भिन्सारे पउ फाटत रही, मरियम मगदलीनी अउर दूसर स्त्री मरियम कब्र क जाँच करइ आइन। 2 काहेकि सरगे स पर्भू क एक दूत हुवाँ उतरा रहा, एह बरे उ सबइ बहोत बड़का भुइँडोल आवा। सरगदूत हुवाँ आइके पाथर क लुढ़काएस अउर ओह पर बइठ गवा। 3 ओकर रूप अकासे क बिजरी क नाईं चमचमात रहा अउर ओकर ओढ़ना बरफ जइसे उज्जर रहेन। 4 उ सिपाहियन जउन कब्रे प पहरा देत रहेन, डर क कारण डेरानेन अउर अइसा होइ गएन जइसे मरि गवा होइँ। 5 तब सरगदूत बोला अउर उ ओन स्त्रीयन स कहेस, “डेराअ जिन, मइँ जानत हउँ कि तू ईसू क खोजति अहा जेका, क्रूस प चढ़ाइ दीन्ह गवा रहा। 6 उ हियाँ नाहीं बा। जइसा कि उ कहे रहा। उ मउत क पाछे फिन जिआइ दीन्ह जाई। आवा, उ ठउरे क लखा, जहाँ उ ओतरा रहा। 7 अउ फिन तुरंत जा अउर ओकरे चेलन स कहा, “उ मरे हुअन मँ स जिआइ दीन्ह जाई अउर अब उ तोहसे पहिले गलील क जात अहइ। तू ओका हुवाँ देखब्या’ इहइ मइँ तोहका बतावइ आवा हउँ, ओका याद राखा।”‘ 8 उ स्त्रियन फउरन ही कब्र क तजि दिहन। उ पचे डर अउर आनंद स खुस होइ गइन। फिन ईसू क चेलन क इ बतावइ उ पचे धाएन। 9 एकाएक ईसू ओनसे भेंटेस अउर बोला, “अरे तू!” उ पचे ओकरे लगे आइन, उ पचे ओकर गोड़वा धइ लिह अउर ओकर आराधना करेन। 10 तब ईसू ओनसे कहेस, “डेराअ जिन, मोरे भाइयन क लगे जा, अउर ओनसे कहा कि उ पचे गलील बरे रवाना होइ जाइँ, हुवँइ उ सबइ मोका देखिहइँ।” 11 अबहिं उ स्त्रीयन आपन राहे मँ ही रहिन कि कछू सिपाही जउन पहरुअन मँ रहेन, सरह मँ गएन अउर जउन कछू भवा, उ सब क खबर प्रमुख याजकन क जाइके सुनाएन। 12 तउ उ सबइ बुजुर्ग यहूदी नेतन मिलिके एक चाल चलेन। उ पचे सिपाहियन क बहोतइ धन दइके। 13 कहेन कि उ पचे मनइयन स कहइँ, “ईसू क चेलन राति क आएन अउ जब हम सबइ सोवत रहेन ओकरे ल्हास क चुराइ लइ गएन। 14 जदि तोहार इ बात राज्यपाल तक पहुँचत ह तउ हम ओका समझाइ लेब अउर तोहरे प कउनो आँच न आवइ पाई।” 15 पहरूअन धन लइके वइसा ही करेन, जइसा ओनका बतावा ग रहा। अउ इ कहानी यहूदियन मँ आज तलक इहइ रूप मँ सँचर गउ अहइ। 16 फिन ग्यारहु चेलन गलील मँ उ पहाड़ी प पहुँचेन जहाँ बरे ईसू कहे रहा। 17 जब उ पचे ईसू के निहारेन तउ ओकर आराधना करेन। जदपि कछूक मनवा मँ सक रहा। 18 फिन ईसू ओनके लगे जाइके कहेस, “सरगे मँ अउ धरती प सबइ हक मोका दइ दीन्ह गवा अहइँ। 19 तउ, जा अउर सब देसन क मनइयन क मोर चेलन बनावा। तोहका इ काम परमपिता क नाउँ मँ, पूत क नाउँ म अउर पवित्तर आतिमा क नाउँ मँ, ओनका बपतिस्मा दइके पूर करब अहइ। 20 उ सबइ हुकुम जउन मइँ तोहका दिहे हउँ, ओनका ओन प चलब सिखावा अउर याद राखा इ सृस्टि क अंत ताईं मइँ हमेसा तोहरे संग रहब।”

Mark 1:1 परमेस्सर क पूत ईसू मसीह क सुसमाचारक सुरुआत। 2 जइसा अगवा होई, यसायाह नबीक किताब मँ लिखा अहइ: उ कहेस, “सुन ल्या! मइँ (परमेस्सर) अपने सहायकक तोसे पहिले पठवत अही। उ तोहरे बरे रस्ता बनाई।” मलाकी 3:1 3 “एक ठु मनई के चिल्लाय क अवाज उसरे मँ सुनि लीन्ह: ‘पर्भू क बरे रस्ता बनवा अउर सोझ रस्ता तइयार करा।”‘ यसायाह 40:3 4 यूहन्ना उसरे मँ बपतिस्मा देत आइ। उ लोगन स बपतिस्मा लेने क कहेस कि उ आपन मनफिराव क दिखा सकइँ। अउर ओनके पापन्क छमा होइ। 5 यरूसलेम अउ यहूदिया देस क सब जने ओकरे निअरे गएन। जइसे उ सब आपुन्हि पापन्क कबूलेन्ह, उ सब यरदन नदिया मँ ओसे बपतिस्मा पाएन। 6 यूहन्ना ऊँटन्क बारेन्स बनवा बस्तर पहिरत रहा, अउर करिहाउँ प खालि क पेटी बाँधत रहा। उ टिड्डन्क अुर जंगली सहद खात रहा। 7 उ इ बात क प्रचार करत रहा: “मोरे पाछे मोसे जिआदा एक ठु बरिआर मनई आई। मइँ ऍतना जोग्य नाहीं कि ओकरे सोझे खड़ा होइके अउर निहुरिके ओकरे बधियउरी क फीता तलक खोलि सकउँ। 8 मइँ तू पचन्क पानी स बपतिस्मा देत अही मुला उ तू पचन्क पवित्तर आतिमास बपतिस्मा देई।” 9 उ समइ ईसू नासरत स गलील आवा। हुवाँ यूहन्ना रहा। ईसू ओसे यरदन नदिया मँ बपतिस्मा लिहस। 10 जइसे ही पानी स बाहेर आवत रह, उ खुला भवा अकास देखेस। अउर पवित्तर आतिमा कबूतरे क नाईं ओह प उतरी। 11 फिन अकासबानी भइ: “तू मोर पूत, जेहका मइँ पियार करत हउँ। मइँ तोहसे बहोत खुस हउँ।” 12 तब तुरंतहि आतिमा ईसू क उसरे मँ पठएस। 13 अउ उ उसरे मँ चालीस दिन तइँ रहा। उहइ समइया मँ सइतान ओका भरमावत भवा रहा। हुवाँ ईसू जंगली जनावर क संग रहा। जहाँ सरगदूतन आइ क ओकर सेवा किहेन। 14 ओकरे बाद यूहन्ना जेली मँ धाँध दीन्ह गवा। फिन ईसू गालील मँ गवा अउर परमेस्सर क सुसमाचार क प्रचार करत रहा। 15 उ कहेस, “समइ पूरा होइ गवा परमेस्सर क राज्य नगिचे अहइ। सब जने मनफिरावा अउर सुसमाचार मँ बिसवास करा।” 16 जब ईसू गलील झील क निअरे स होइ के जात रहा। उ समौनअउर समौन भाई अन्द्रियास क निहारेस। उ दुइनउँ मछुआरा रहेन, एह बरे उ सब जलिया क झीले मँ डारत रहेन। 17 ईसू ओनसे कहेस, “आवा, अउर मोरे पाछे आवा। मइँ तू पचन क कइसे मनई बटोरा जात हीं इ बात सिखाउब।” 18 तबहिं फउरन उ सब आपनि जालिन्ह क छाँड़ि दिहन अउर ओकरे पाछे आएन। 19 तबहिं ईसू तनिक आगे झिलिया क तीरे चलत-चलत जब्दी क बेटवा याकूब अउर ओकर भाई यूहन्ना क निहारेस। उ सबइ आपन आपन नाउ मँ आपन जालि क मरम्मत करत रहेन। 20 उ तबहिं फउरन उ सबन्क बोलॉएस। एह बरे कि उ सबइ नाउ मँ आपन बाप जब्दी क छाँड़ि कइ ओके संग ओकरे पाछे आएन। 21 ओकरे बाद उ पचे कफरनहूम गएन। फुन अगवा ईसू आवइवाला सबित क दिनआराधनालयमँ जाइके लोगन्क सिच्छा देइ लाग। 22 सिरिफ धरम सास्तिरियन क जानइवाला क तरह नाहीं मुला एक ठु मुड्ढ क नाईं सिच्छा देत रहा। एह बरे उ सब मनइयन ओकरे सिच्छा स अचरजे मँ पड़ि गएन। 23 ओनकर यहूदी पराथना सभा मँ एक ठू अइसा मनई रहा जेका दुस्ट आतिमा धरे रही। उ मनई चिजिआन अउर कहेस, 24 “मोसे तू का चाहत बाट्या, नासरत क ईसू? का हम पचन्क बरिबाद करइ क आइ बाट्या? मइँ जानत हउँ तू का अहा, तू अहा परमेस्सर क पवित्तर मनई!” 25 मुला एह पइ ईसू पटकारेस, “खामोस रह, ओहका छाँड़िके चला आव।” 26 तबहिं दुस्ट आतिमा उ मनई क हिलाइस अउर खूब जोर स चिचिआन। फिन ओहमाँ स बाहेर आइ गइ। 27 ऍहसे हर मनई अचरज मँ पड़ि गवा। सब मनइयन आपुस मँ पूछइ पछोरे लागेन, “हिआँ इ कावा? इ मनई एक ठु नई सिच्छा देत बाटइ। उ मुड्ढ गियान स सिखवत अहइ। उ दुस्ट आतिमा क हुकुम देत हय अउर उ पचे ओहका मानत हीं।” 28 एह बरे गलील अउ ओह के चारिउँ कइँती ईसू क नाउँ तुरंतइ फइल गइ। 29 ईसू अउर ओकर चेलन आराधनालय तजि दिहन अउर सोझे याकूब अउ यूहन्ना क संग समौन अउर अन्द्रियास क घरे गएन। 30 समौन क सास बोखॉरे स बिछउना प पहुड़ी रही। तउ उ सब तुरंतहि ईसू क ओकरे बारे मँ बताऍन। 31 तइसे उ ओकरे नगिचे गवा। ओकर हथवा पकरि के ओका उठाएस। बोखॉर ओहका छाँड़ि दिहस अउर उ सबन्क सेवॅकाई करइ लाग। 32 सूरज बूड़े क बाद सांझ होइ जाए प उ सब लोग ढेर बेरमियन्क अउर जेनका दुस्ट आतिमन बियाधत रहा, ईसू क नगिचे लिवाइ लाऍन। 33 अउर समूचा सहर दुआरे प जम गवा। 34 उ तरह तरह क रोग स बेरमिया रहेन ओन सबन्क बेमारी स जरटुट किहेस अउर बहोत स दुस्ट आतिमन भगाय दिहस। उ दुस्ट आतिमन बोलइ दिहस नाहीं, एह बरे कि उ सब ओहका जान गइन। 35 बड़े भिन्सारे जब मुँह अँधियार रहा, ईसू जागि गवा। ओकरे बाद घरवा स बाहेर अकेल्ले मँ अउर उजाड़े मँ गवा, हुवाँ उ पराथना करेस। 36 पाछे समौन अउ ओकर साथी ईसू क हेरत-हेरत बाहेर गएन। 37 उ पचे ओहका हेरि के ओसे कहेन, “हर मनई तोहका हेरत अहइ।” 38 फिन ईसू ओनसे कहेस, “हमका दूसर क नगरन मँ जाइ चाही। तबहिं उ सबन ठउरन मँ मइँ उपदेस दइ सकत हउँ। एह बरे मइँ आइ हउँ।” 39 अइसे उ गलील क सब ठउरन मँ ओनके आराधनालयन मँ उपदेस देत अउर संग संग दुस्ट आतिमा क भगावत रहा। 40 फिन एक ठु कोढ़ी ओकरे निअरे आवा अउर उ निहुरि क ईसू स बिनती किहेस, “जउ तू चाहा, तू मोका चंगा कइ सकत ह।” 41 ओकर जिअरा दाया स भरि गवा। फिन उ आपन हथवा फइलावत ओका छुइके कहेस, “मइँ चाहत हउँ, तू नीक ह्वा।” 42 तबहिं फउरन ओकर कोढ़ जरटुट होइ ग अउर उ नीक होइ ग। 43 ईसू ओका जाइक बरे कहेस मुला ओका एक करी चिताउनी दिहेस, 44 “देखा, तू ऍकरे बारे मँ कउनो स कछुहि जिन कह्या। फिन याजक क लगे जा अउर ओका आपन क देखावा। परमेस्सर क भेंट द्या जेह बरे तू नीक होइ गया। अउर जइसा मूसा क व्यवस्था बताएस,वइसा आपन नीक होइ क भेंट द्या। जइसे इ एक सनद रहइ।” 45 फिन उ मनई चला गवा, अउर बेधड़क बतावइ लाग अउर खबरिया क प्रचार करइ लाग। ऍहसे ईसू अजादी स कस्बन मँ जाइ न सका। आखिर उ अकेल्ॅले मँ अउर उजड़े ठउरन मँ टिकइ लाग। सब मिला ठउर ठउर सा ओकरे नगिचे आवत रहेन।

Mark 2:1 कछू दिन पाछे ईसू कफरनहूम फिन आइ गवा। इ खवर फैलि गइ कि उ घरे मँ बा। 2 ऍतना ढेर क मजमा ओका सुनइ बरे जमा भवा कि ओकर घरवा भरि गवा। हुआँ तिल धरइ क ठउर नाहीं रहा अउर दुआरे क बाहेर भी नाहीं रहा। उ मनइयन क उपदेस देत रहा। 3 कछू लोग लकुआ क रोगी क ईसू क निअरे लाएन। लकवा क रोगी का चार मनई लाद कर लावत रहेन। 4 पर उ लोग उ मनई का ईसू के पास न लाइ पायन काहेकि घरवा लोगन स भरा रहा। एह बरे जहाँ ईसू रहा, ओकरे ऊपर क छत्तिया प गएन अउर छत्तिया क खोदि के एक ठो धोंधका बनाएन। तबहिं उ पचे बिछउना इ तरखाले कइ दिहन, जेह प लकुआ क बेरमिया ओलरा रहा। 5 जब ईसू देखेस कि उ सब केतॅना गहरा बिसवास रखत हीं, उ लकवा क रोगी स कहेस, “बेटवा! तोहार पापन्क छमा कर दीन्ह।” 6 हुवाँ कछू धरम सास्तिरियन बइठा रहेन। उ पचे आपन आपन मनवा मँ गूँथत मथत रहेन। 7 “काहे इ मनई अइसे कहत बाटइ? उ परमेस्सर क दुरिआवत बाटइ। सिरिफ परमेस्सर क छाँड़ि क कउन पापन क छमा करी?” 8 ईसू आपन आतिमा मँ फउरन जानि गवा कि इ मन ही मन सास्तिरियन ओकरे बारे मँ का बिचारत अहइँ। तउ ईसू ओनसे कहेस, “तू सब आपन जिअरा मँ इ सब काहे बिचारत अहा? 9 जिआदा असान का अहइ - इ लकुआ क बेरमिया क कहब, ‘तोहार पापन्क छमा दइ दीन्ह’ या कहब, ‘उठा! आपन बिछउना उठावा अउर चला?’ 10 मुला मइँ तोहका प्रमाण देब कि मनई क पूत क भुइयाँ प पापन्क छमा करइ क हक अहइ।” फिन ईसू लकुआ क बेरमिया स कहेस, 11 “मइँ तोहका कहत अही, उठा। आप बिछउना उठावा अउर घरे जा।” 12 एह पइ उ उठि गवा अउर आपन बिछउना हालि हालि उठाएस अउ मनइयन क देखतइ देखत उ बइठका स चल दिहस। एह बरे, उ सब अचरजे मँ पड़ि गएन अउर परमेस्सर क प्रसंसा किहेन “हम पचे अस जइसा कबहुँ न देखा।” 13 एक दाईं ईसू फिन उ झिलिया क तीरे गवा, हुवाँ ढेर मिला ओकरे पाछे होइ गएन। ईसू ओनका उपदेस दिहस। 14 जइसे उ झिलिया क किनारे जात रहा, चुंगी क उगहिया हलफई क बेटवा लेवी क निहारेस उ चुंगी घरे मँ बइठा रहा। ईसू लेवी स कहेस, “मोरे पाछे आवा।” तउ उ उठि खड़ा भवा अउर ओकरे पाछे गवा। 15 उ दिना क बाद ईसू आपन चेलन क लइ के ढेर चुंगी क उगहियन अउर पापियन क संग राति क खइया खात रहा। जेहमाँ ओकर चेलन ढेर जने रहेन जउन ओकरे पाछे पाछे चले आएन। 16 जब फरीसियन क कछू धरम सास्तिरियन लखेन कि ईसू चुंगी क उगहियन अउर पापियन क संग जेंवत रहा। उ पचे ईसू क चेलन स पूछेन, “उ काहे चुंगी क उगहियन अउर पापियन क संग जेंवत अहइ?” 17 ईसू अनकेस अउर ओनसे कहेस, “जउन हिट्ठ पुट्ठ मनई अहइँ, का ओनका बैद्य चाही? मुला जउन बेरमिया अहइँ, ओनका बैद्य चाही। मइँ धर्मी बरे नाहीं मुला पापियन लोगन्क बोलॉबइ आइ हउँ।” 18 यूहन्ना क चेलन अउर फरीसियन लोग उपासकरत रहेन। कछू मनइयन ईसू क लगे आइके पूछेन, “काहे बरे यूहन्ना क चेलन अउर फरीसियन क चेलन उपास धांस करत हीं, मुला तोहार चेलन काहे उपास।।।। नाहीं करतेन?” 19 एह पइ ईसू जवाब दिहस, “जब बियाह मँ बराती जब तलक ओनसे उपवास करइ क उम्मीद नाहीं कीन्ह जात। जब तलक दुल्हा ओनके संग अहइ दुल्हा संग रहत हीं जब तलक उ पचे उपास नाहीं करतेन। 20 लेकिन समइ आई जबहिं दुल्हा ओनसे अलगाइ दीन्ह जाई अउर बराती दुखी रहि हीं। तबइ उ सब उपास रखिहीं। 21 “केउ कउनो पुरान कपरा प बेसिकुरा नवा कपरा क पइबंद नाहीं लगावत। यदि उ अइसा करत ह, उ नवा कपरा क पइबंद पुरान कपरा क लई बइठत ह। अइसे फटा कपरा क खोंच अउर बढ़ जात हीं। 22 मनई कबहुँ पुरान मसकन मँ नई दाखरस भरतेन नाहीं। काहे? नई दाखरस पुरान मसकन क फोरि देई। अउर ऐहसे नई दाखरस अउर मसकन बरिवाद होइ जइहीं। एह बरे मनई मई दाखरस क नई मसकन मँ धरत ह।” 23 अइसा भवा कि ईसू सबित क दिन अनाजे क खेतन्से होत भवा जात रहा। अउर ओकर चेलन संग संग जात रहेन। ओकर चेलन जात जात अनाजे क बलिया खाइ बरे नोचेन। 24 फरीसियन देखेन अउर ईसू स कहेन, “देखा सबित क दिन ओ पचे काहे अइसा करत अहइँ। अइसा करब इ दिन क व्यवस्था क माफिक नाहीं।” 25 एह पइ ईसू ओनसे कहेस, “तू सबइ दाऊदक बारे मँ पढ़या ह कि उ का करेस ह। जब उ अउर ओकर साथी संगी क भूख लाग अउर ओनका खइया क जरूरत भइ? 26 का तू पढ्या नाहीं कि जब अबियातार एक महायाजक रहा, तब दाऊद कइसे परमेस्सर क मन्दिर मँ गवा अउर चढ़वा मँ चढ़ी रोटी खाएस जउन परमेस्सर क चढ़ाई गइ रही। जउन मूसा क व्यवस्था क माफिक कउनो क बरे नाहीं मुला याजकन क खाइ क बरे रहीं। दाऊद सबन्क कछू रोटिन्क दिहस जउन ओकरे संग रहेन?” 27 ईसू ओनसे कहेस, “सबित क दिन मनई बरे बनवा ग रहा, मुला मनई सबित क दिन बरे नाहीं। 28एह बरे मनई क पूत सबित क पर्भू भी।” 28

Mark 3:1 एक दाईं फिन ईसू आराधनालय मँ गवा। हुवाँ एक ठो मनई रहा जेकर हाथ सुखंडी होइ गवा रहा। 2 कछू यहूदी अँखिया गड़ाइ के ईसू क निहारत रहेन कि का उ रोगी क सबित क दिन नीक करी। जदि गलती भए प ओका दोखी कहइँ। 3 ईसू सुखंडी हाथे क मनई स कहेस, “हिआँ खरा होइ जा जइसे सब जने तोहका निहारि सकइँ।” 4 तब ईसू ओनसे कहेस अउर लोगन पूछा, “सबिन क दिन का करइ क नीक बाटइ? या भलाई करब या बुराई? का ई नीक बाटइ जीउ क बचाउब या मारब?” जबावे मँ ईसू स उ पचे कछू नाहीं कहेन। 5 उ गुस्सा मँ ओन पचन क देखेस। ओनके मन क कठोर भए स उ दुखी भवा। फिन उ मनई स कहेस, “आपन हथवा आगे कइँती फइलाव।” उ मनई हथवा ईसू कइँती फइलाएस अउर पहिले जइसा नीक होइ ग। 6 तबहिं सबहिं फरीसियन हुवाँ स चल दिहन, अउर तुरंतहि हेरोदियन स मिलि के ओकरे खिलाफ जाल बिछावइ लागेन कि कइसे ओका जान स मारि सकिहीं। 7 ईसू आपन चेलन क संग गलील छील गवा। गलील क बहुत स लोग ओके पाछे होइ लिहेन। 8 बहुत स लोग यहूदिया, यरूसलेम, इदूमिया अउर यरदन नदिया क पार क पहँटा सूर अउर सैदा स आएन। ई मनइयन एह बरे आएन कि ओकरे काम क बारे मँ सुनि लिहन जउन उ करत रहा। 9 भिड़िया क मारे उ आपन चेलन स कहेस - ऍक छोटॅकी नाउ तइयार करा, जेह बरे भीड़ ओका कुचर न डावइ। 10 उ बहोतन क नीक किहेस इ नाते उ सब जेनका बेरामी रही, ईसू क छुवइ क बरे भिड़िया क धाकियावत भए रस्ता बनवत चला आवत रहेन। 11 कछू मनई आपन भीतर दुस्ट आतिमन धरे रहेन। जब कबहुँ दुस्ट आतिमन ओका निहारत रहीं, उ सबइ ओकरे सोझे दण्डवत करेन अउर चिचिआनिन, “तू परमेस्सर क पूत अहा!” 12 मुला उ दुस्ट आतिमन क करर्ी चिताउनी देत रहा, अइसा न बतावइ क उ कउन अहइ। 13 फिन ईसू पहाड़ी प गवा अउर उ ओनहीं मनइयन क बोलाएस जेका उ चाहत रहा। उ सब ओकरे लगे गएन। 14 जेहमाँ स उ बारहु क चुनेस अउर ओनका प्रेरितनक ओहदा दिहेस। उ ओनका एह बरे चुनेस कि उ सब ओकरे संग रहइँ अउर उपदेस प्रचार बरे बाहेर पठइ सकइ। 15 अउर उ पचे दुस्ट आतिमन क खदेरइ क हक रक्खइँ। 16 एहि तरह बारहु मनइयन क उ चुनेस। समौन (जेका उ पतरस क नाउँ दिहेस), 17 जब्दी क बेटवा याकूब अउर यूहन्ना (जेकर नाउँ क बुअनरगिस दिहेस, जेकर अरथ अहइ “गर्जन क बेटवा”); 18 अन्द्रियास, फिलिप्पुस, बरतुल्मै मत्ती, थोमा, हलफई क बेटवा याकूब, तद्दै समौन कनानी 19 अउर यहूदा इस्करियोती जउन पाछे ओका धोखा दिहेस। 20 तब ईसू घरे गवा। एक दाईं फिन एक भारी भीर घेर लिहस। अइसा भवा कि ईसू अउर ओकर चेलन खइया के नाहीं खाए पाएन। 21 जबहिं ओकरे परिवारे क निअम्बर ऍकरे बारे मँ सुनि लिहन तबहिं उ सब ओका लेवॉवइ चलेन। इ सोचिके सब मनइयन कहत बाटेन कि ओकर मन ठेकाने नाहीं। 22 यरूसलेम स आइ भएन धरम सास्तिरियन कहेन, “ओहमाँ बालजबूल (सइतान) घुसि ग अहइ। दुस्ट आतिमन क सरदार क ताकत स उ दुस्ट आतिमन क मनई स भगावत अहइ।” 23 ईसू ओन पचे क एकट्ठइ बोलाएस अउर दिस्टान्त दइ के कहइ लाग, “कइसे सइतान मनई स सइतान क भगाइ देई? 24 जदि एक ठु राज्य मँ आपन खिलाफ फूट परि जाइ तउन उ राज्य टिक सकत नाहीं। 25 जदि एक परिवार आपस मँ बँटि जाइ तउ उ बचि सकत नाहीं। 26 जदि सइतान खुद आपन खिलाफ होइ जाइ अउर फूट डारी तउ उ बचि पावत नाहीं। आखिर मँ उ बरिबाद होइ जाई। 27 जदि कउनो बरिआर मनई क घरे मँ घुसिके लइके सब असबाब ढोइ सकत नाहीं; जब तलक पहिले सब ते बरिआर मनई बाँध न देइ। तब इ उ घरवा क लूटि लेइ। 28 मइँ तोसे सच सच कहत अहउँ। लोगन्क हर किसिम क पापन अउ कच्ची पक्की बात जउन उ सब एक दूसर क बोलेन ह, उ सबन्क छमा कीन्ह जाइ सकत ह। 29 मुला जउन पवित्तर आतिमा क बेज्जती करी ओका छमा कबहुँ न होई। एकरे बजाय न खतम होइवाला पाप क उ भागी होई।” 30 एह बरे ईसू कहत रहा कि धरम सास्तिरियन कहत रहेन कि ओहमाँ दुस्ट आतिमा सवार अहइ। 31 तबहिं ईसू क महतारी अउर ओकर भाइयन आएन। उ सब बाहेर खरा भएन अउर कउनो एक क ओकरे निअरे बाहेर आइ क पठएन। 32 ओकरे चारिहुँ कइँती भी बइठी रही। उ ओसे कहेस, “देखा! तोहार महतारी भाइयन तोहका पूछत अहइँ।” 33 जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “कउन मोर महतारी अउ कउन मोर भाइयन अहइँ?” 34 ईसू आपन क चारिहुँ कइँती बइठे मनइयन प देखिके कहेस, “ई अबहिं मोर महतारी अउर मोर भाइयन। 35 जउन परमेस्सर क इच्छा पूरी करी उ मोर भाई, बहिन अउर महतारी अहइँ।”

Mark 4:1 फिन ईसू झील क तीरे उपदेस देइ लाग। ओकरे चारिहुँ ओर भारी भीर जमा होइ गइ। ऍसे उ झील मँ डारी भई नाउ प जाइके बइठा। सभई लोग झील क तीरे धरती प ठाड़ रहेन। 2 उ ओनका ढेर कइ बतिया दिस्तान्त क संग सिकाएस। आपन उपदेस मँ कहेस, 3 “सुन ल्या! एक ठु किसान आपन बिया बोवइ गवा। 4 जब उ बिया बोवत रहा कछू बिया राह क किनारे गिर गवा। चिरियन आइन अउर चुन लिहन। 5 कछू बिया पथरही भुइयाँ प गिरा, जहँ थोड़ माटी रही। हाली स अँखुवाइ गवा काहेकि माटी गहरी नाहीं रही। 6 जब सूरज निकरा, उ सबइ पउधन झुराइ गएन। जर न पकड़ि पवावइ क कारण कुम्हिलाइ गएन। 7 अउर कछू बिआ काँटन मँ जाइ गिरेन। कँटही झाड़ी बाढ़ी अउर ओनका दहबोच लिहन। ऍहमाँ दाना नाहीं पइदा भवा। 8 कछू बिया बढ़िया खेतन मँ बिखराइ गएन। इ बढ़िया खेतनमाँ जामेन, बाढ़ेन अउर दाना पइदा करेन। इ बिया तीस गुना, साठ गुना अउर हिआँ तलक कि सउ गुना फसल भइ।” 9 तबइ उ कहेस, “तोहरे पास जेकरे कान होइ तउ उ सुन लेइ।” 10 फिन जब अकेल्ला रहा, तउ बारहु प्रेरितन अउर दूसर मनइयन ओकरे चारिहुँ कइँती रहेन, उ सबइ ओसे दिस्टान्त क बारे मँ पूछेन। 11 ईसू ओनसे कहेस, “तू सबन्क परमेस्सर क राज्य भेद बताइ दीन्ह। मुला ओनके बरे जउन बाहेर क अहइँ सब बातन दिस्टान्त दीन्ह गइ अहइँ। 12 एह बरे, ‘उ सब देखइँ अउर देखॅतई रहा मुला कछू सुझइ नाहीं, सुनि लेइँ अउर सुनतइ रहइँ, मुला कछू बूझइ नाहीं। नाहीं तउ, उ सब घूमि जाइँ अउर छमा कइ दीन्ह जाइ।”‘ यसायाह 6:9-10 13 उ ओनसे कहेस, “का तू इ दिस्टान्त क समझ पउत्या नाहीं तउ अउ कउनो दिस्टान्त क कइसे समझ पउब्या? 14 “बिया क बोवइया जउन बोवत ह, उ परमेस्सर क उपदेस अहइ। 15 कछू जने राहे क उ सब बिया क तरह अहइँ, जहाँ उपदेस बोइ गवा रहा। जब उ सुनत हीं, सइतान तुरंत ही आवत ह उ उपदेस क लइ जात ह, जउन बिया बोवा रहा। 16 कछू जने उ बिया क तरह अहइँ जउन पथरही धरती मँ बोएन। बिया जब उ उपदेस सुनत हीं, उ पचे फउरन उपदेस खुसी स अपनाइ लेत हीं। 17 लेकिन उ सब आपन मँ जर नाहीं धरतेन उ सब तनिक समइया मँ रह पावत हीं। पाछे जब उपदेस क कारण बिपत आवत ह अउर खूबइ सतावा जात हीं उ पचे फउरन बिसवास खोइ देत हीं। 18 अउर दूसर मिला कँटही झाड़ी मँ बिया क बोवइ क तरह अहइँ। ई मनइयन उपदेस क सुनत हीं। 19 मुला जिन्नगी क चिन्ता धन, लालच अउर दूसर चीजन्क इच्छा ओनके मनवा मँ आवत ही उपदेस क दबोच लेत हीं। फिन ओन प फर लागत नाहीं। 20 दूसर उ बिया क तरह अहइँ जउन बढ़िया भुइँया प बोइ ग अहइँ। ई पचे उ अहीं जउन बचन सुनत ही अउर अंगीकार करत हीं। ओन प फर लागत ह-कहुँ तीस कहुँ साठ अउर कहुँ सउ गुना या जिआदा।” 21 फिन ईसू ओनसे कहेस, “का कहुँ दिया एह बरे लियाइ जात ह कि एक खोरा या बिछउना क नीचे धरा जाइ? का ऍका डिवटे प धरइ बरे नाहीं लिआइ जात? 22 अइसे अइसा कछू नाहीं गुप्त अहइ जेका छिपाइ क धरा जाइ अइसा कउनो रहस्य नाहीं जउन खुलि न सकइ। हर छिपाइ गइ बात खुलि के समन्नवा आई। 23 तोहरे पास जेकरे कान होइ तउ उ सुन लेइ। 24 “धिआन द्या जउन तू सुनत अहा। जउन नपना तू दूसर बरे बइपरत अहा, तउन नपना स तू नापा जाब्या। लेकिन तोहरे बरे कछू अउ जोरि दीन्ह जाइ। 25 जेकरे पास अहइ ओका अउर दीन्ह जाई अउर जे धरे नाहीं, जउनहुँ कछू धरे होइ ओसे उहइ लइ लीन्ह जाई।” 26 फिन ईसू कहेस, “परमेस्सर क राज्य अइसा अहइ कउनो मनई खेतन मँ बिया छितरावइ। 27 रतिया मँ सोवइ अउर दिनवा मँ जागइ। बिया अँखुवाइ, इ सबइ बाढ़ई। उ जानत नाहीं, इ कइसे होत अहइ। 28 भुइँया खुदइ दाना उ पजाइ देत ह। पहिले अँखुवा, तब बाले फि बाले मँ समुचइ दाना। 29 जब दनवा पकि जात ह, तबहिं फउरन हसुआ काटइ बरे धरत ह। एह बरे कि फसल काटइ क अहइ।” 30 फिन ईसू कहेस, “मइँ कउने तरह बताई कि परमेस्सर क राज्य अइसे अहइ? मइँ ओका समझावइ क बरे कउन स दिस्टान्त बइपरी? 31 उ सरसों क दाना क नाईं अइसा अहइ। इ सबते छोट अहइ जब तू भुइँया मँ बोवत ह। 32 जबहिं तू ऍका रोपि देत ह, इ बाढ़ छोड़िके बगिया क पउधन मँ सब ते बड़वार होइ जात ह। ऍहमाँ बड़ी बड़ी डारि आवत हीं। ऍसे चिरिया आपन घोंसला छाया मँ बइठइ बरे बनावत हीं।” 33 एकरे तरह ढेर ठु दिस्टान्त स उ उपदेस दिहेस, जेतना उ पचे समझि सकत रहेन। 34 ईसू उनसे बगइर दिस्टान्त क कछू नाहीं कहेस। मुला जब उ अकेल्ॅला मँ आपन चेलन क संग अकेल्ला होत, उ सब बातन ओनसे खोलिके समुझाएस। 35 उ दिन जब सांझ भइ, ईसू ओनसे कहेस, “मोरे साथ झिलिया क ओह पार आवा।” 36 जइसेन ईसू अउर ओकर चेलन भिरिया क छोड़ि दिहन अउर जउनी हालत मँ ईसू रहा, बइसेन ओहका चेलन नाउ मँ लइ चलेन। हुवाँ दूसर नाउन ओकरे संग रही। 37 एक ठु भारी बौंड़र आवा अउर लहरन नाउन क धकियावत अउर नाउ क भीतर आवत रहीं। ऍसे ओहमाँ पानी भरि जाइवाला रहा। 38 लेकिन ईसू नाउ क पाछे भाग मँ तकिया लगाइ क सोवत रहा। चेलन ओका जगाइन अउर ओसे कहेन, “हे गुरु, का तोहका धियान नाहीं बा कि हम पचे बूड़त अही।” 39 तबहिं ईसू जागा अउर हवा क फटकारेस अउर लहरन स कहेस, “सान्त! थमि जा!” तइसे बौंड़र पटाइ गवा अउर खूबइ सान्ति आइ गइ। 40 फिन ईसू ओनसे कहेस, “तू काहे डेरात बाट्या? अब तलक तोहका बिसवास नाहीं भवा?” 41 मुला उ पचे बहोतइ डराइ गएन अउर उ पचे आपस मँ एक दूसर स कहइ लागेन, “आखिर इ अहइ कउन बा कि आँधि अउर पानी ओकर हुकुम मानत हीं।”

Mark 5:1 फिन उ सब झिलिया क ओह पार गिरासेनियान क देसे मँ पहुँच गएन। 2 जब ईसू नाउ स बाहेर आवा, तबहिं एक मनई जेहमाँ दुस्ट आतिमा रही, कब्रे मँ स ईसू स फउरन भेंटइ आइ। 3 इ मनई कब्रन मँ रहत रहा। अउर कउनो ओका बाँधि सकत नाहीं रहा, हियाँ तलक जंजीरउ नाहीं बाँधि सकेस। 4 जबहिं ओकर गोड़वा बेड़ी अउर जंजीर स बाँधा जात, उ जंजीरिया क तोरि डारत अउ बेड़ियन्क चकनाचूर। कउनो ओका काबू मँ नाहीं लिआइ पावा। 5 कब्रन मँ अउर पहाड़ियन एकदम्मइ दिन-रात हर समइ उ चीखत चिचिआत रहा अउर आपन क पाथर स पीटत रहा। 6 जब उ ईसू क दूर स देखेस, ओके निअरे धावा अउर ओकरे समन्वा दण्डवत करेस। 7 फिन बड़ जोर स चिचिआन अउर कहेस, “तू मोसे का चाहत ह, सबन ते ईसू, सर्वोच्च परमेस्सर क पूत? मोर बिनती अहइ तोहका परमेस्सर क सपथ कि तू मोका दंड न देइ।” ईसू ओसे कहत रहा, “अरी दुस्ट आतिमा, तू इ मनई स बाहेर आवा।” 8 9 तब ईसू ओसे पूछेस, “तोहार क नाउँ अहइ?” फिन उ ईसू स कहेस, “मोर नाउँ सेना अहइ, काहेकि हम बहोत स अही।” 10 उ मनई बार बार ओसे बिनती करेस कि उ पचेनक उ पहँटा स जिन निकारा! 11 हुवाँ पहाड़िया के पास सुअरन क झुंड चरत रहा। 12 दुस्ट आतिमन ईसू स कहत कहत बिनती करेन, “हमका सुअरिअन मँ पठइ द्या, जेहसे हम ओहमाँ घुसि जाई।” 13 तब उ ओनका हुकुम दिहेस। तबइ दुस्ट आतिमन मनई स बाहेर आइके सुअरिअन मँ गइँन। अउर उ झुंड जेहमाँ करीब दुइ हजार सुअर रहेन, ढलवाँ किनारे स नीचे कइँती लिढ़कत-पुदकत भागत परात झील मँ जाइ गिरा अउ बूड़ गएन। 14 जउन लोग सुअरिअन क रच्छा करत रहेन, पराय गएन उ पचे सहर अउर गाउँ मँ इ खबर फइलायन। अउर सब मनइयन देखइ आएन कि का भवा। 15 उ सब ईसू क नगिचे पहुँचेन। उ सब दुस्ट आतिमन क सवार भइ मनई प देखेन। उ कपरा पहिरे रहा अउर दिमागे स नीक होइ गवा। इ उहइ मनई रहा जेहमाँ बहुत स दुस्ट आतिमन क सवारी रही अउर उ सब डेराइ गएन। 16 जउन इ घटना क देखे रहेन उ मनइयन क नीके स समुझाइन कि जेहमाँ दुस्ट आतिमन क सवारी रही, अउर सुअरन क का भवा। 17 तब मनइयन ईसू स बिनती करइ लागेन कि उ ओनके पहँटा स चला जाइ। 18 जइसे उ नाउ मँ चढ़इ लाग, तबहिं जउने मनई मँ दुस्ट आतिमन आइ रहीं, ईसू स बिनती संग जाइ बरे किहेस। 19 ईसू आपन संग जाइ बरे हुकुम नाहीं दिहस, लेकिन कहेस, “आपन लोगन्क बीच घरे जा अउर ओनका इ सब बतावा जउन पर्भू तोहरे बरे किहेस ह। अउर ओनका इ ही बतावा कि दाया कइसे पर्भू करेस ह।” 20 तउ उ मनई चला गवा अउर दिकापुलिस क मनइयन क कहइ लाग कि केतना ढेरि क ईसू ओकरे बरे किहस ह। एसे सब मनई अचरजे मँ पड़ि गएन। 21 ईसू अब फिन झिलिया क उ पार गवा। ओकरे चारिहुँ कइँती बहोत भारी भीर जमा होइ गइ। उ झिलिया क तीरे रहा। 22 तबहिं आराधनालय क अधिकारी जेकर याईर नाउँ रहा, हुवाँ आइ अउर ईसू क देखेस फिन ओकरे गोड़वा पर गिरि गवा। 23 वॅइसे चिरउरी बिनती करत कहेस, “मोर छोट बिटिया मरइ क अहइ। मोर बिनती अहइ कि तू मोरे संग आवा अउर आपन हथवा ओकरे मँूड़े प धइ द्या। ऍसे उ नीक होइ जाइ अउर जी जाई।” 24 तउ ईसू ओकरे साथे गवा। बहोत भारी भीर ओका पछुआवत रही, जइसे उ दबा जात रहा। 25 हुवाँ एक ठु स्त्री रही, जेकर बारह बरिस स लहू जारी रहा। 26 उ बैद्ययन स दवाई करवावत करवावत बहोतइ तकलीफ उठाइस। उ सब कछू खरिच कइ डाइस जउन उ धरे रही। मुला उ तनिकउ जिआदा नीक नाहीं होत रही; ओकर हालत जिआदा बिगड़त जात रही। 27 जइसे उ ईसू क बारे मँ सुनेस, वॅइसे उ पाछे भिरिया मँ आइ अउर ओकर ओढ़ना छुइ लिहस। 28 आपन मानव मँ उ सोचत रहीं, “जदि मइँ ओकर ओढ़ना छुइ पाई तउ मइँ नीक होइ जाब।” 29 अउर तुरंतहि खुनवा बहइ क जगह सुखाइ गइ। आपन तन मँ अइसा जानेस को ओकर दिकदारी नीक होइ ग। 30 अउर ईसू फउरन महसूस करस कि ओसे सक्ति निकर गइ। उ भिरिया कइँती घुमेस अउर पूछेस, “कउन मोर ओढ़ना छुएस?” 31 ओकर चेलन ओका बतएन, “तू देखत अहा कि भिरिया तोहका घेरित अहइ। यह पइ तू पूछत अहा, “कउन मोका छुएस?” 32 उ चारिहुँ कइँती निहारत रहा कि कउन अइसा करेस ह। 33 तब्बइँ एक ठु स्त्री इ जानत भइ कि ओहका का भवा ह, डर स काँपत आइ अउर ओकरे समन्वा गोड़वा प गिर पड़ी अउ उ सबइ सच सच कबूलेस। 34 तबहिं ईसू ओसे कहेस, “बिटिया! तोहार बिसवास तोका बचाएस। चइन स रहा, अउर दिकदारी स बची रहा।” 35 जब उ बोलतइ रहा याईर, आराधनालय क अधिकारी क घरे स कछू लोग आएन अउर ओसे कहेन, “तोहार बिटिया मरि गइ। अब गुरु (ईसू) क बेफजूल काहे क तकलीफ देत अहा?” 36 ईसू अनकेस कि उ पचे का कहेन अउर आराधनालय क अधिकारी स कहेस, “डरा जिन, मुला बिसवास करा।” 37 फिन ईसू सबन्क छाँड़िके सिरिफ पतरस, याकूब अउर याकूब क भाई यूहन्ना क संग लइके आराधनालय क अधिकारी क घरे गवा। उ निकारेस कि हुवाँ खलवली मची बाटइ। उ मनइयन क जोर स चिचियाब पुपुआब अउर रोवत देखेस। 38 39 उ भीतर गवा अउर ओनसे बोला, “काहे का इ सब खलबली अउर रोउब पीटब? बचनी मरी नाहीं बा, उ सोवति अहइ।” 40 उ सब ओह पइ हँसेन। ईसू सबन्क बाहेर खदेरेस। बिटिया क बाप, महतारी अउर जउन ओकरे संग रहेन, सिरिफ ओनका आपन संग रखेस। 41 उ बिटिया क हथवा पकड़ेस फिन ओसे कहे, “तलीता कूमी” (अरथ अहइ “छोट बिटिया मइँ तोहसे उठइ क कहत हउँ।”) 42 छोटवार बिटिया फउरन उठि गइ अउर ऍहर ओहॅर टहरइ लाग। (उ बिटिया बारह बरिस क रही।) सगतइ आलिम अचरज मँ पूरी तरह आइ गवा। 43 ईसू ओनका करर्ा हुकुम दिहेस कि कउनो ऍकरे बारे मँ पता न चलइ। फिन उ बोलेस कि उ बिटिया क कछू खइया क द्या।

Mark 6:1 फिन ईसू उ जगहिया छोड़ि के आपन सहर मँ आइ गवा। पाछे ओकर चेलन भी गएन। 2 जइसे सबित क दिन आवा, उ आराधनालय मँ उपदेस देइ लाग। जइसे उ पचे ओका सुनेन। ढेर क मिला अचरज मँ पड़ि गएन। उ सब कहेन, “इ मनई क कहाँ ते इ सब बातन मिलि गइन। इ कइसी बुद्धि अहइ जउन ऍका दीन्ह गइ अहइ। इ सइसा अद्भुत कारजन आपन हथवा स कइसे करत ह 3 का इ उहई बढ़ई नाहीं, जउन मरियम क बेटवा अहइ अउर का इ याकूब, योसेस, यहूदा अउर समौन का भाई नाहीं? का जउन हमरे हमरे संग हिआ बाटइँ, उ ओकर बहिनियन नाहीं?” एहि बरे ओनका ईसू क मानइ मँ असमंजस होत रहा। 4 ईसू तब ओनसे कहेस, “आपन जनम भूमि, आपन नातेदार अउर आपन परिवारे क छोड़ि के एक नबी कतहुँ बेइज्जत होत नाहीं।” 5 हुवाँ ईसू कउनो अद्भुत कारजन करेस नाहीं: बजाय ऍके उ कछू बेरमियांँ प हथवा धइके ओनके चंगा कइ दिहेस। 6 ईसू क ओनके बिसवास न भए प ओका अचरज भवा। तउ ईसू गाउँ गाउँ मँ उपदेस देत घूमत रहा। 7 उ बारहु चेलन आपन निअरे बोलाएस, अउर दुइ दुइ ऍकउट के पठवइ लाग अउर ओनका दुस्ट आतिमन प कब्जियावइ क कहेस। 8 उ ओनका सुझाएस कि उ पचे जात्रा मँ लठिया छोड़िक कछू न लेइँ: रोटी नाहीं, बिछउना नाहीं अउर आपन बटुआ मँ पइसा हू नाहीं। 9 उ सबइ बधियउरी पहिन सकत हीं मुला एक ठु जियादा से बंडी भी नाहीं। 10 फिन उ ओनसे कहेस, “जउने घर मँ तू जा, हुवाँ तब तलक जगहिया न छोड़ा जब तलक तू नगर मँ रुका रहा। 11 अगर कउनो जगह तोहार सुआगत न होइ अउर हुवाँ क मनई तोहका न सुनइँ तउ हुवाँ स तु चल द्या। आपन गोड़वा क धूरि झाड़ द्या, जइसे ओनके खिलाफ सनद रहइ।” 12 फिन उ पचे हुवाँ स बाहेर गएन। उ सबइ उपदेस दिहन कि उ पचे, मनफिरावइँ। 13 उ सबइ ढेर दुस्ट आतिमन क भगाइ दिहन अउर ढेर बेरमियन क जैतून क तेले स मालिस करत नीक किहेन। 14 राजा हेरोदेसऍकरे बारे मँ सुनेस कि ईसू क नाउँ का जस हर कइँती बिआपि गवा। कछू लोग कहत रहेन, “बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना मउत स जी गवा, अउर इहि कारण अद्भुत कारजन सक्ति काज करति अहइँ।” 15 अउर लोग कहत रहेन, “उ ईसू एलिय्याहअहइ।” अउर मनई कहत रहेन, “इ नबी अहइ की ईसू पुराने जमाने क नबियन क नाईं एक ठु नबी अहइ।” 16 जब हेरोदेस इ सुनेस, उ कहेस, “यूहन्ना जेकर मइँ गटइया कटवाएउँ ह, उ मउत स उठि गवा।” 17 हेरोदेस अपुनहि यूहन्ना क जेलिया मँ बंद होइ क अउर ओका गिरफतार होइ क हुकुम दिहेसि। आपन भाई फिलिप्पुस क पत्नी हेरोदियास क कारण जेहसे उ बियाह करेस, उ अइॅसा कइ डाएस। 18 यूहन्ना हेरोदेस स कहत रहा कि इ तोहका सोहत नाहीं कि तू आपन भाई क पत्नी स बियाह किहा। 19 हेरोदियास यूहन्ना क खिलाफ मनवा मँ डाह राखत रही अउर ओका मारइ चाहत रही, मुला ओका मार पावत नाहीं रहा। 20 अइसे हेरोदेस यूहन्ना स डेरात रहा अउर ओका मालूम रहा कि यूहन्ना सही अउर पवित्तर क मनई अहइ। एह बरे उ रच्छा करत रहा। हेरोदेस जब यूहन्ना क बारे मँ सुनत रहा तउ उ जिआदा अकुलाइ जात रहा। तउने प ही ओका यूहन्ना क बारे मँ बातन सुनइ क सोहॉत रहा। 21 तबहिं संजोग स बढ़िया अउसर आवा। हेरोदेस आपन जन्मदिन पइ बड़वार अधिकारी, आपन सेना क नायक अउर गलील क बड़े लोगन क भोज दिहस। 22 अउर जब हेरोदियास क बिटिया भितरे आइके नाचेस। ओसे उ हेरोदेस अउर भोज मँ आए मेहमनवन क रिझाइ लिहेस।यह पइ राजा हेरोदेस लरकीवा स कहेस, “जउन तू चाहा तउन माँग ल्या। मइँ तोका जरूर देब।” 23 राजा ओका अकेल्ॅले सपथ खाइके कहेस, “जउन तू माँगा मइँ तोहका जरूर देब।” हियाँ तक आपन राज्य क आधा हींसा।” 24 इ सुनि के उ आपन महतारी क निअरे गइ अउर कहेस, “मोका का माँगइ चाही?”तउने प महतारी कहेस, “बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना क मूँड़ी माँगा।” 25 अउर उ लरिकी फउरन राजा क नगिचे भीतर गइ अउर पूछेस, “मोका चाही कि तू ताबड़तोर बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना क मूँड़ टाठी मँ धइ द्या।” 26 ऍसे राजा क बहोत दुःख भवा। मुला एह बरे ओकर सपथ अउर भोजे प मेहमनवन क कारण उ ओका मना करब नाहीं चाहेस। 27 तब राजा झटपट एक ठु जल्लाद ओकर मूँड़ काटि लिआवइ क पठएस। उ गवा अउर जेल मँ ओकर मूँड़ काटि लिहस। 28 फिन ओकर मुँड़ावा काट कइ टाठी मँ लइ आइ अउर बिटिया क दिहस। उ ऍका आपन महतारी क दिहस। 29 जब यूहन्ना क चेलन ऍकरे बारे मँ सुनेन तउ उ पचे आएन अउर ओकर ल्हास उठाएन अउ कब्र मँ धइ दिहन। 30 ईसू क चारिहुँ कइँती सुसमाचार क प्रचार करइवाले प्रेरितन ईसू क पास जमा भएन। जउन उ पचे किहन अउर सिखाएन -सब कछू बताएन। 31 तब ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे खुदइ मोरे संग एकांत जगहिया मँ आवा अउर तनिक आराम करा।” फिन हुवाँ बहोत मनई क आउब जाब लाग रहा। ऍसे उ सब खाइ क समइ नाहीं पाएन। 32 एह बरे उ सब मिलिके खुदइ नाउ स एकांत जगहिया मँ गएन। 33 मुला बहोत जने ओनका जात भवा देखेन अउर पहिचानेन कि उ सब कउन रहेन। इ कारण उ लोग सबहिं सहरन स हुवाँ धरतिया प धावत गएन अउर उ पचे ओनसे पहिले पहुँचेन। 34 जबहिं ईसू नाउ स उतरा, उ एक भारी भीर देखेस। तबहिं उ ओनके बरे दुःखी भवा, इ कारण कि उ सबइ बिना गड़रिया क भेड़ नाहीं रहेन। अइसे उ बहोत बातन सिखावइ लाग। 35 तब तलक साँझ होइ गइ। एह बरे ओकर चेलन ओकरे नगिचे आएन अउर बोलेन, “इ एकांत जगह अहइ अउर दिनवा ढरि ग अहइ। 36 मनइयन क पठवा, जइसे उ पचे नगिचे खेतन अउर गाउँन मँ जाइ सकइँ अउ आपन बरे कछू खाइके बेसहि लेइँ।” 37 मुला जबावे मँ ईसू ओनसे कहेस, “तू ओनका कछू खाइके द्या।”उ सब ओहसे कहेन, “का हम पचे जाई अउर दुई सौ दीनारक बराबर रोटी बेसही अउर ओनके खाइ क बाँटी?” 38 ईसू ओनसे कहेस, “केतॅनी रोटी तोहरे पास अहइ? जा अउर देखा।”जब उ पचे पता पाएन, उ पचे कहेन, “हमरे पाँच ठु रोटी अउर दुइ मछरी अहइँ।” 39 फिन ईसू चेलन क हुकुम देहेस, “हर एक क हरिअर घसिया प पंगत मँ बइठइ बरे कहा।” 40 तबहिं उ सब सउ सउ अउर पचास पचास क पंगत मँ बइठ गएन। 41 तइसेन ईसू पाँच रोटिन्यक अउर दुइ मछरिन्क उठाइ के सरग क ओर निहारत भवा धन्यबाद दिहेस अउर रोटिन्क तोड़ेस। उ आपन चेलन क ओनका बाँटइ बरे दिहस। 42 उ सबइ भरपेट खाएन अउर उ सबइ अघाइ गएन। 43 ओकरे बाद उ सब रोटी अउर मछरी क बचा भवा बाहर टुकरन क झउआ मँ उठाएन। 44 पुरुसन क गनती जउन खइया क खाएन पाँच हजार रही। 45 फिन तुरंत ईसू आपन चेलन नाउ मँ बइठाएस जेहसे उ सबइ जब भिरिया क बिदाई पहिले झील क ओह पार बैतसैदा चला जाइँ। 46 ईसू भीर क बिदाई क बाद पहाड़ी प पराथना बरे गवा। 47 जब सांझ भइ, नाउ झिलिया क मँझधर मँ रही अउर उ भुइयाँ प अकेल्ॅले रहा। 48 उ ओनका नाउ खेवत क मुसीबते मँ देखेस, काहेकि हवा ओनके खिलाफ बहत रही। लगभग तीन स छ बजे क समइ भिंसारेउ ओनके निअरे झिलिया प चलत आवा। जइसे हि ओनके निअरे स जाइ क भवा, 49 उ पचे ओका पानी प चलत भवा निहारेन। उ सब अंजाद लगाएन कि कउनो बड़वार दुस्ट आतिमा अहइ। ऍसे उ पचे डेरात भए चिचिआनेन। 50 मुला उ पचे ओका निहारेन अउर उ सब ससाइ गएन। तुरंतहि उ ओनसे बोला, “हिम्मत रखा। इ मइँ हउँ जिन डेराअ।” 51 फिन उ ओनके संग नाउ प चढ़ि गवा, तब आँधी पटाइ गइ। ऍसे उ सबइ अचरज मँ पड़ि गएन। 52 उ पचे रोटियन क अद्भुत कारज क बारे मँ समझ पाएन नाहीं। ओनके दिमागे कठोर होइ गवा। 53 जब उ सब झील पार कइ लिहन गन्नेसरत क घाटे प आएन अउर नाउ क बाँध लिहन। 54 जबहिं उ पचे नाउ क छाँड़ि क उतर आएन, मनइयन ईसू क पहिचान लिहन। 55 उ पचे समूचे पहंटा मँ भागत फिरेन अउर बेरमियन क बिछउना प जहाँ कहूँ उ पचे सुनेन कि ईसू हुवाँ बा, लादि क लइ जाइ लागेन। 56 जहाँ कहूँ उ गाउँ मँ कस्बन मँ या खेतन मँ जात रहा, उ पचे आपन बेरमियन क हाटन मँ बइठाइ देतेन अउर उ पचे ईसू स बिनती करतेन कि उ आपन ओढ़ना क एक हींसा छुअइ दे। अउर सबइ जउन ऍका छुएन नीक होइ गएन।

Mark 7:1 तबहिं कछू फरीसियन अउर कछू धरमसास्तिरियन जउन यरूसलेम स आएन ओनके चारिहुँ कइँती एकट्ठा भएन। 2 अउर उ सबइ ओनके कछू चेलन बिना साफ किए हथवा स खात देखेन। (“बिना साफ किया स मतलब इ अहइ कि उ पचन फरीसियन क बताए भए तरीके स हथवा नाहीं धोवत रहेन।) 3 फरीसियन अउर दूसर यहूदियत खाइके नाहीं खातेन जब तलक उ सबइ आपन हथवा क पूर्वजन क रीति स न धोइ लेइँ। 4 इहइ तरह उ सब बजारे स खाइ क बरे लावा भवा कउनो चीज तब तक नाहीं खातेन, जब तलक ओहका खास तरीके स न धोइ लेइँ। इहइ तरह अउ बहोत स रितियन अहइँ, जेका उ सबइ करत आवत हइँ जइसे खोरा, गगरी, ताँवा क बासन अउर गद्देदार कुर्सी क धोउब।) 5 एह बरे फरीसियन अउर धरम सास्तिरियन ओसे पूछेन, “काहे तोहार चेलन पूर्वजन क रीतिन्क करतेन नाहीं, मुला आपन मइले हाथन स खइया क खात हीं?” 6 ईसू ओनसे कहेस, “यसायाह तू जइसे कपटिन क बारे मँ पहिले भविस्सबाणी कइ दिहस, जइसा कि लिखा बाटइ:‘इ मनइयन ओंठवा स मोर इज्जत करत हीं मुला ओनके मनवा ओसे दूर अहइँ। 7 मोका एनकर उपासना अर्पित अहइ बिना काम क अउर इ सबइ बेकार उपासना करत हीं। काहेकि इ सबइ लोग मनई क बनए सिद्धान्त अउर नेम काहे कइके सिखावत हीं। यसायाह 29:13 8 तू पचे परमेस्सर क आदेस न उठाइ क एक कइँती धइ दिहा अउर मनई क रीतिन्क परिपाटी क सहारा लइके चलावत अहा।” 9 ईसू ओनसे कहेस, “तू आपन पचन क बहोत चलाक समझत अहा। तू परमेस्सर क आदेस न ऐहि बरे टारइ चाहत ह, जेहसे आपन रीतन्क चलाइ सका। 10 उदाहरण बरे जइसे मूसा कहेस, ‘आपन महतारी बाप क इज्जत द्या।’अउर ‘जउन मनई महतारी बाप क बुरा भला कहइ ओका मार डावा।’ 11 तू पचन सिखावत ह, ‘जदि कउनो मनई महतारी बाप स कहत ह कि मोरे जेहि चीज स तोहका फायदा मिल सकत ह, उ परमेस्सर क दइ दीन्ह।’ 12 तउ तू ओनकर महतारी बाप बरे कछू करइ क मना करत ह। 13 इ नाई तू आपन रीति रिवाज स परमेस्सर क बचन क बेकार बनइ देत ह, अउर अइसी बहोत स बातन तू करत ह।” 14 ईसू फिन भिरिया क बोलाएस अउर ओनसे कहेस, “हर मनई मोरउ बात सुना अउर समझा। 15 अइसी कउनो चीज नाहीं जउन मनई क बाहेर स आवइ अउर ओका भीतर जाइके असुद्ध करइ। मुला जउन चीज मनई क भीतर स आवत हीं, उ ही ओका असुद्ध करत हीं।” 16 जदि कउनो क सुनइ क कान होइँ तउ सुन लेइ। 17 फिन ईसू भीर क छोड़ि कइ घर गवा तउ ओकर चेलन ओसे इ दिस्टान्त क बारे मँ सवाल करेन। 18 तब ईसू ओनसे कहेस, “का तू पचे कछू नाहीं समुझ पाया? कउनो बात जउन बाहेर ते मनई क भीतर आवत हीं, का उ ओका असुद्ध कइ सकी? 19 एह बरे उ सोझाई मनई क हिरदइ मँ जात नाहीं। उ पेटवा मँ जात ह अउर इ गुह मँ होइ क निकर जात ही।” (अइसा कहत उ सबइ खइया क चीजन्क सुद्ध कहेस।) 20 अउर ईसू कहेस, “इ उही अहइ जउन मनई क हिरदइ स आवत ह अउर ओका असुद्ध करत ह। 21 मनई क हिरदइ स बुरा बिचार आवत हीं अउर अनैतिक करम, चोराउब, कतल करब, 22 व्यभिचार, लालच, दुस्टता, चाल चपेट, बेहूदगी, जलन, चुगुलखोरी, घमण्ड अउर बेवकूफी 23 ई सब बुरी चीज भीतर स आवत हीं अउ मनई क असुद्ध बहइ देत हीं।” 24 ईसू उ जगहिया छोड़ि दिहस अउ सूर (सहर क नाउँ अहइ) क आसपास क पहँटा मँ गवा। हुवाँ उ एक घरवा मँ गवा अउर नाहीं चाहेस कि कउनो ओकरे आवइ क बारे मँ जानइ। मुला उ आपन क नाहीं छुपाए पाएस। 25 असिल मँ एक ठु स्त्री जेके बिटिया क दुस्ट आतिमा घेरि लिहे रही, ईसू क बारे मँ सुनिके फउरन ओकरे पास आई, अउ गोड़वा प गिर पड़ी। 26 इ यूनानी क स्त्री रही अउर सीरियाक फिनीकी मँ पइदा भइ रही। उ आपन बिटिया स दुस्ट आतिमा भगावइ क ईसू स बिनती करेस। 27 ईसू ओसे कहेस, “पहिले बचवन क अघाइ जाइ द्या। इ नीक नाहीं कि बचवन क रोटी छीन लेइ अउर कुकुरन क फेंक देइ।” 28 तब उ ओका जबाव दिहस, “पर्भू! कुकुरन हु मेजिया क तरखाले गिरा खइया क चूर चरावा खात हीं।” 29 तब ईसू ओसे कहेस, “इ जबावे क कारण तू आपन घर चइन स जाइ सकत ह। दुस्ट आतिमा तोहरे बिटिया क छोड़ि दिहस।” 30 ऍह पइ उ घर गइ अउर आपन बिटिया क बिछउन प ओलरा पाइस तब तलक दुस्ट आतिमा ओसे निकर गइ। 31 तब ईसू सूर क चारिहुँ कइँती स लौटि आइ अउर दिकापुलिस माने दस नगर क डगर स सिदोन जात भवा गलील झील डाइ गवा। 32 हुवाँ कछू लोग ईसू क नगिचे एक मनई क लइ आएन जउन बहिरा रहा अउर मुस्किल स बोल पावत रहा। अउर उ पचे ईसू स ओह पइ हथवा धरइ क बिनती करेन। 33 ईसू भिरिया स दूर एक कइँती लइ गवा। ईसू आपन अँगुरिया मनई क कनवा मँ डाइस। फिन उ कनवा मँ थूक कइ, ओकर जिभिया छुइस। 34 उ सरग क निहारेस, गहरी संसिया भरेस अउर ओसे कहेस, “इप्फत्तह।” (अरथ अहइ “खुलि जा।”) 35 अउर ओकर कनवन खुलि गएन अउर जिभिया क गंठिया खुलि गइ। फिन उ साफ साफ बोलाइ लाग। 36 ईसू ओनका हुकुम दिहेस कि कउनहुँ क न बतावइँ। जेतना जिआदा उ ओनका हुकुम दिहेस उ पचे ओतनइ जिआदा बताइन। 37 उ सबइ लोग पूरपूर अचरज मँ पड़ि गएन अउर कहेन, “ईसू हर काम नीक करत ह। उ हियाँ तलक बहिरन क सुनइ क सक्ति देत ह अउर गूँगन क बोलावत ह।”

Mark 8:1 ओनही दिनन मँ दूसर अउसर प भारी भीर जमा होइ गइ अउर ओनके पास खाइ क कछू नाहीं रहा। उ आपन चेलन क निअरे बोलाएस अउर ओनसे कहेस, 2 “मोका इन मनइयन प तरिस आवत ह, अइसे कि उ पचे मोरे साथ पहिले क तीन दिनन स अहइँ। ओनेके लगे खाइ क कछू नाहीं। 3 उ जदि मइँ ओनका घरे भूखा पठवत हउँ, उ सबइ राहे मँ मर बिलाय जइहीं। ओहमाँ स कछू तू ढेर दूरी स आइ अहइँ।” 4 अउर ओकर चेलन जवाब दिहन, “इ जंगल मँ एनका खिआवइ क बरे कतहूँ का कउनो खूब खाइ क पाइ सकत ह, जेहसे एनका खियाइ दीन्ह जाइ?” 5 उ ओनसे पूछेस, “तोहरे पास केतनी रोटी अहइँ?”“सात ठु” उ पचे जवाब दिहेन। 6 तब ईसू हुकुम दिहेस-भीर मइदान मँ बैठि जाइ। उ सात रोटी लिहस, फिन परमेस्सर क धन्यवाद दिहस। उ ओनका तोड़ेस। ओकरे बाद आपन चेलन क बाँटइ बरे दिहस। अउर उ पचे भिड़िया क लोग क बाँटेन। 7 ओनके लगे नान्ह नान्ह थोड़ी स मछरी भी रही। अउर उ धन्यबाद दइके ओनका बाँटइ बरे कहेस। 8 मनइयन अघाइ गएन अउर बचा खुचा रोटी क टुकड़न स सात झउआ उ पचे एकट्ठा करेन। 9 हुवाँ करीब चार हजार पुरुसन रहेन। तब उ ओनका बिदा करेस। 10 अउर तुरंतहिं उ चेलन्क लइ क नाउ मँ बइठि के दलमनूता पहँटा मँ गवा। 11 फिन फरीसियन आएन अउर ओसे सवाल करइ लागेन। उ सब ओसे एक ठु अद्भुत कारज बरे कहेन। उ पचे ओका परखइ बरे अइसा किहन। 12 आपन मनवा मँ गहरी सांस भरत ईसू कहेस, “काहे ई पीढ़ी क मनई अद्भुत चीन्ह चाहत हीं? मइँ तोहका सच सच कहत हउँ। कउनो अद्भुत चीन्ह क पीढ़ी क न दीन्ह जाई।” 13 तबहिं उ ओनका छोड़ि दिहस। फिन नाउ मँ बइठ गवा, अउर झील क उ पार गवा। 14 ईसू क चेलन खइया क जिआदा लइ आउब बिसर गएन। ओनके लगे एक ठु रोटी क बजाय कछू नाहीं रहा। 15 ईसू ओनका चितावनी देत कहेस, “हुसियार! फरीसियन अउर हेरोदेस क खमीरस बचा रहा।” 16 “हमरे लगे एक ठु रोटी नाहीं इस प उ पचे आपुस मँ छानबीन करइ लागेन। 17 उ सबइ क कहत अहइँ इ जानत भवा ईसू ओनसे कहेस, “रोटी नाहीं होइ क कारण तू सबइ काहे सोचत बिचारत अहा? का तू अबहुँ समझत बुझत नाहीं बाट्या? का तोहार बुद्धि जड़ अहइ? 18 तोहरे आँखिन अहइँ, का तू देखि सकत्या नाहीं? तोहरे कान अहइँ, का तू सुन सकत्या नाहीं? ता तोहका याद नाहीं? 19 जबहिं मइँ पाँच रोटिन्क पाँच हजार मनइयन मँ तोड़िउँ। केतना झउआ रोटी क टुकड़न स भरा भवा तू बटोर्या?”उ पचे कहेन, “बारह।” 20 “अउर जबहिं मइँ सात रोटिन्क क चार हजार बरे तोड़यों। कइ झउआ रोटिन्क टुकड़न क तू बटोर्या?”उ सबई कहेन, “सात।” 21 तबहिं उ ओनसे पूछेस, “का तू पचे अबहुँ नाहीं बूझया?” 22 उ पचे बैतसैदा गएन। हुँवा कछू लोग ओकरे पास एक ठो आँधर पकड़ि ले आइन अउर उ सबइ ईसू स ओका छुअइ क बिनती करेन। 23 उ आँधर मनई क हथवा पकड़ेस अउर ओका गाउँ क बाहेर लइ गवा। ईसू आँधर क आँखिन प थूकेस, “का तू कउनो चीज निहारत ह” 24 आँधर मनई निहारेस अउर कहेस, “मइँ मनइयन क देखात हउँ, उ सबई बिरवा क नाईं आसि पासि चलत देखत अहइँ।” 25 तबहिं ईसू आपन हथवा मनई क आँखिन प पुनि धरेस। फिन उ आपनि आँखिन पूरी पूरी खोलि दिहेस। ओका आँखिन क जोती मिलि गइ। अउर उ सबहुँ क नीक-नीक निहारइ लाग। 26 तब ईसू ओका घरे पठइ दिहस, इ कहत कहत, “गाउँ मँ जिन जा।” 27 अउर ईसू अउर ओकर चेलन कैसरिया फिलिप्पी क पड़ोसी गाउँन मँ चलेन। ईसू राहे मँ चेलन स पूछेस, “लोग का कहत हीं कि मइँ कउन हउँ?” 28 अउर उ सबई जवाब दिहेन, “बपतिस्मा देइवाला यूहन्ना। मुला दूसर कछू लोग एलिय्याह अउर दूसर कछू तोहका नबियन मँ एक नबी कहत हीं।” 29 फिन उ ओनसे पूछेस, “तू का कहत ह मइँ कउन हउँ?”पतरस ओसे जवाब दिहेन, “तू मसीह अहा।” 30 तबहिं ईसू ओन चेलन क चितावनी दिहेस, कि ओकरे बारे मँ कउनो स जिन कहइँ। 31 अउर उ ओनका समझाउब सुरु करेस, “मनई क पूत क बहोत दुःख झेलइ पड़इ क होइ अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन, मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन स धकियाइ दीन्ह जाइ। अउर उ निहचइ ही मारि डावा जाइ अउर फिन उ तिसरे दिन जी उठी।” 32 ईसू ओनका इ बात सच सच बताइ दिहस। फिन पतरस ओका एक कइँती लइ गवा अउर फटकारइ लाग। 33 मुला ईसू पाछे घूमि के आपन चेलन निहारेस अउर पतरस क फटकारि के कहेस, “सइतान! मोसे पाछे जा। परमेस्सर क बातन स तोहका कउनो मतलब नाहीं, मुला मनई क बातन्क तोहका मतलब अहइ।” 34 तब उ भीर क चेलन संग निअरे बोलाएस अउर उ ओनसे कहेस, “जदि कउनो मोरे पाछे आवा चाहत ह तउ उ आपन सब कछू तजि दे। ओका आपन क्रूस उठाइ लेइ चाही अउर ओका मोरे पाछे होइ चाही। 35 मुला जउन आपन जिन्नगी क बचावा चाहत ह, उ एका खोइ देइ। अउर जउन आपन जिन्नगी मोका अउर सुसमाचार बरे खोई उ एका बचावा चाही। 36 अगर कउनो मनई आपन आतिमा खोइ के समूची दुनिया लइ लेत ह, तउ ओसे का फाइदा? 37 अइसे कउनो मनई कउनो ठो चीज क बदले आतिमा नाहीं पाइ सकत। 38 जदि कउनो व्यभिचार अउर पापी पीढ़ी मँ मोर नाउँ अउर उपदेस क कारण सर्मात ह तउ मनई क पूत जब पवित्तर सरगदूतन क संग आपन परमपिता क महिमा लइ के आई तउ उहउ सर्माइ जाई।”

Mark 9:1 अउर ईसू ओनसे कहेस, “मइँ सबन क सच सच बताउब, जउन हियाँ खड़ा अहइँ, ओहमाँ स कछू परमेस्सर क राज्य सक्ति क संग आवइ स पहिले देखिहीं अउर मरइ क अंजाद न करिहीं।” 2 छः दिना पाछे ईसू सिरिफ पतरस, याकूब अउर यूहन्ना सबक संग लइके एक ऊँच पर्वत प खुद गवा। हुवाँ उ ओनके समन्वा आपन भेस बदल लिहस। 3 ओकर ओढ़ना चमचमाइ लागेन एकदम्मइ उजिअर। धरती प कउनो धोबी ओतना उजिअर ओसे जिआदा नाहीं धोइ सकत रहा। 4 एलिय्याह अउर मूसा भी ओनके संग परगट भएन। अउर उ सबइ ईसू स बतियात रहेन। 5 तब पतरस बोल उठा अउर ईसू स कहेस, “गुरु, इ भल भवा कि हम हियाँ अही। हमका तीन तम्बू लगावइ द्या, एक तोहरे बरे, एक मूसा बरे अउर एक ठु एलिय्याह बरे।” 6 पतरस इ एह बरे कहेस जइसे उ जानत नाहीं रहा कि उ का बोली। इ तरह उ पचे डेराइ गएन। 7 एक बादर आवा अउर ओनका आपन छाया स ढाँकि लिहस। बदरा स एक आवाज कहत भइ होइ गइ, “इ मोर पियारा पूत अहइ। ओका सुना!” 8 अउर फउरन उ पचे चारिहुँ कइँती निहारेन। सिरिफ ईसू क छाँड़िके उ पचे कउनो क देखेन नाहीं। 9 जइसे उ सब पहाड़ स तरखाले उतरत रहेन, ईसू ओनका हुकुम दिहस कि कउनो क न बतावइँ जउन उ सब निहारेन ह, जब तलक मनई क पूत मरि गए लोगन्स जी न जाइ। 10 अउर उ सबइ इ बतिया क आपन जिअरा मँ छिपाइ रहेन मुला उ सबइ आपुस मँ सोचत बिचारत रहेन कि “मरिके जी उठब” क अरथ का बाटइ। 11 फिन उ पचे ईसू स पूछेन, “धरम सास्तिरियन काहे कहत हीं कि एलिय्याह सबस पहिले आई?” 12 ईसू ओनसे कहेस, “हाँ! सब बातन क ठीक करइ बरे एलिय्याह सबन्स पहिले आवत ह। मुला इ काहे मनई क पूत क बारे मँ पवित्तर सास्तर अहइ कि उ बहोत स दुःख भुगुती अउर उ घिना स दुत्कार जाई। 13 मुला मइँ तू सबन क बतावत अही, एलिय्याह आइ चुका अहइ। जउन जउन उ पचे चाहेन, ओकरे साथ उ पचे वइसे किहन; जइसा ओकरे बारे मँ पवित्तर सास्तरन मँ बाटइ।” 14 अउर जबहिं उ सबइ दूसर चेलन क लगे आएन तउ उ पचे एक भारी भीर क जमघट ओनके चारिहुँ कइँती देखेन कि धरम सास्तियिन ओनसे तहत्तुक करत रहेन। 15 जइसे ही सब मनइयन ओका निहारेन, उ पचे विस्मय मँ पड़ि गएन अउर ओका भेंटइ बरे ओकरे कइँती उ सबइ भागेन। 16 उ ओनसे पूछेस, “तू सबइ ओनसे काहे क बारे मँ विवाद करत ह” 17 एह पइ एक मनई भिरिया स जबाव दिहस, “गुरु, मइँ आपन बेटवा तोहरे लगे लिआइ अही। ओह पइ एक ठु दुस्ट आतिमा सवारि अहइ, जउन ओका बोलावइ देत नाहीं। 18 जब कबहुँ दुस्ट आतिमा ऍका पकरि लेत ह, उ ऍका फेंकि देत ह अउर ऍकरे मुॅहना स झागि निकारइ लगत ह। ओकरे बाद उ दँतवन क पीसत ह अउर उ अकड़ि जात ह। मइँ तोहरे चेलन स कह्यों कि ओका भगावा, मुला उ सबइ करि सकेन नाहीं।” 19 तबहिं ईसू जबावे मँ ओनसे कहेस, “अरे! बिसवास न करइवाले मनइयो! कब तलक मइँ तोहरे लगे रइहउँ? कब ताई तोहरे लगे सहब? लरिकवा क मोरे लगे लिआवा।” 20 फिन उ सबइ लरिकवा क ओकरे लगे लेवाइ लिआएन। जबहिं दुस्ट आतिमा ईसू क देखेस। फउरन उ लोरिकवा क अइँठ दिहस। लरिकवा भुइँया प गिरि गवा अउर मुँहे स झाग निकारत चारिहुँ ओर लोटइ पोटइ लाग। 21 तब्बइ ईसू लरिका क बाप स पूछेस, “इ अइसा कब स लरिकवा क होत अहइ?”तब बाप कहेस, “अइसा बचपन स होत आवत अहइ। 22 दुस्ट आतिमा ऍका कइउ दाई आगी मँ अउर कबहुँ पानी मँ मारइ खातिर नाइ देत ही। लेकिन का तू कछू कइ सकत ह हम पइ दया करा अउर हमार मदद करा।” 23 ईसू ओसे कहेस, “तू कह्या जदि तू कछू कइ सका? जउन बिसवास करी, ओका बरे सब कछू होइ जाई।” 24 तुरंतहीं लरिका क बाप चिचिआन अउर कहेस, “मइँ जरूर बिसवास करत हउँ। तू हमार अबिसवास हटावा।” 25 जब ईसू देखेस कि भारी भीर ओकरे लगे निचकात अहइ, उ दुस्ट आतिमा क ललकारेस अउर ऍका कहेस, “ओ दुस्ट आतिमा! तू इ बचवा क गूँगा बहिरा करइवाली मइँ तोका हुकुम देत अही। ओसे बाहेर आव, ओहमाँ फिन स घुस जिन।” 26 तब उ दुस्ट आतिमा चिचिआन अउर लरिकवा क झपटिके अँइठेसि अउर ओसे बाहेर गइ। अइसन लगा कि लरिकवा मर गवा अहइ। बहुत स लोग कहेन, “उ मर गवा!” 27 फिन ईसू ओकर हाथ पकरि क उठाएस अउर ओका गोड़वन प खड़ा करेस अउ लरिका खड़ा होइ ग। 28 ओकरे पाछे उ घर मँ गवा अउर ओकर चेलन अकेल्ॅले मँ पूछेन, “काहे क हम दुस्ट आतिमा क भगाइ नाहीं सकेन?” 29 ऍह पइ ईसू जबाव दिहेस, “इ तरह दुस्ट आतिमा बगैर पराथना क बाहेर नाहीं आवत।” 30 उ सबइ हुवाँ छोड़ि चलेन अउर गलील होइ क जात रहेन अउ ईसू नाहीं चाहत रहा कि कउनो एका जानइ कि उ सब कहाँ बाटन? 31 एह बरे उ आपन चेलन क सिच्छा देत रहा। उ ओनसे कहेस, “मनई क पूत मनइयन क हाथन स पकड़वाइ जाई अउर उ सबइ ओका मारि डइहीं। मारि डाए क तीन दिना क पाछे उ जिन्दा होइ जाइ।” 32 मुला चेलन इ न समझेन कि ईसू का मतलब अहइ अउर उ ओसे ऍकरे बारे मँ पूछइ क डेरात रहेन। 33 ईसू चेलन क साथ कफरनहूम आएन। उ सबइ एक घरे मँ गएन। उ ओनसे पूछेस, “राहे मँ तू सबइ का बतियात रह्या?” 34 मुला उ सबइ खमोस होइ गएन। एह बरे उ सबइ राहे मँ एक दुसरे स सोचेन बिचारेन कि कउन सबस बड़कवा अहइ। 35 तउ उ बैठि गवा। उ बारहु प्रेरितन आपन नगिचे बोलाएस अउर ओनसे कहेस, “जदि कउनो सब स बड़का होइ चाहत ह, तउ ओका सब स छोट होइ क परी अउर उ सबन क नउकर होइ।” 36 अउर एक बचवा क लइके सब क समन्वा खड़ा किहेस। ओका आपन कोरा मँ लेत भवा ईसू ओनसे कहेस, 37 “जउन एकउ इन बचवन मँ एकउ क मोरे नाउँ स आपनावत ह, उ हमार सुआगत करत अहइ, उ न सिरिफ मोका अपनावत ह, मुला उहउ क अपनावत ह, जउन मोका पठएस ह।” 38 यूहन्ना ईसू स कहेस, “गुरु हम तोहरे नाउँ स कउनो क दुस्ट आतिमन क बाहेर निकारत देखेन ह। हम ओका रोकब चाहा, मुला उ हम पचन मँ नाहीं रहा।” 39 फिन ईसू कहेस, “ओका रोका जिन। इ नाते जउनहुँ मोरे नाउँ स अद्भुत कारजन चाहत बाटइ, उ फउनर मोरे बरे भद्दी बात न कहि पाई। 40 जउन मोरे खिलाफ नाहीं, उ हमरे कइँती अहइ। 41 जउनहुँ तोहका एक लोटा पानी भरि के देइ कि तू मसीह क बाट्या, मइँ तोहका सच सच बतावत हउँ, उ जरूर सुफल होइ जाए बिना न रही। 42 “जउन इन नान्ह बचवन मँ स कउनो क जउन मोरे मँ बिसवास करत हीं, ओनसे पाप करावत हीं, तउ ओकरे बरे इ नीक होइ कि ओकरे गटइया मँ चकिया क पाट बाँधिके ओका समुद्दर मँ झोंकि देई। 43 जदि तोहार हाथ तोसे पाप करवावत ह, तू ऍका काट द्या। हथ कटा होइ क अनन्त जीवन मँ प्रवेस करना नीक अहइ। बजाऍ ऍहके कि दुइ हाथ धरइ अउर नरक मँ नाइ दीन्ह जाइ, जहाँ अगिया कबहुँ न बुझत। 44 45 जदि तोहार गोड़ तोसे पाप करावत ह, ओका काट द्या। लँगड़ा होइ क अनन्त जीवन मँ प्रवेस करना जिआदा नीक होइ, बजाय ऍकरे कि दुइनइँ गोड़वा धइ क नरके मँ नाइ दीन्ह जाइ। 46 47 जदि तोहार आँख तोसे पाप करावत ह, ओका निकारि डावा। काना होइके परमेस्सर क राज्य मँ घुसब जिआदा नीक अहइ, बजाय कि दुइ आँखिन वाला होइके नरक मँ नाइ दीन्ह जाइ। 48 जहाँ कि किरवा मरतेन नाहीं। हुवाँ आगी कबहुँ बुझत नाहीं। 49 हर मनई क आगी प नोनखार कीन्ह जाई। 50 “नोन नीक होत ह जदि नोन आपन सोवाद तजि देइ, तउ ऍका नोनखार फिन कइसे बनउब्या? आपन मँ नोन राखा। एक दूसर क संग सांति स रहा।”

Mark 10:1 फिन ईसू क जगह छोड़ि दिहस अउर यहूदिया क पहँटा अउर यरदन नदी क पार गवा। फिन भीर प भीर ओकरे नगिचे आवइ लाग। जउसे ओकर रीति रही, ईसू ओनका उपदेस देइ लाग। 2 अउर कछू फरीसियन ओकरे लगे आएन अउर उ सबइ ओसे पूछेन, “का इ कनून पुरुस क लिये नीक बाटइ कि उ आपन पत्नी क तलाक देइ दे?” उ सबइ ओसे ओका जाँचइ बरे पूछेन। 3 ईसू ओनका जबाव दिहेस, “मूसा तोहका का आदेस दिए बाटेन?” 4 उ सबइ कहेन, “मूसा पुरुस क एक ठु तलाक क त्याग पत्र लिखिवाइ आपन पत्नी क तलाक बरे हुकुम देहेस।” 5 ईसू ओनसे कहेस, “मूसा इ आदेस एह बरे लिखेस कि तू सबइ नासमुझ अहा। 6 सृस्टि क सुरुआत स, ‘परमेस्सर पुरुस अउर स्त्री बनाएस।’ 7 “एह बरे पुरुस आपन महतारी बाप क छोड़ि देइ अउर आपन पत्नी क संग रही।’ 8 दुइनउँ एक तन होइ जइहीं। तइसे उ दुइनउँ अलग नाहीं, मुला एक ठु अहइँ। 9 एह बरे जेकर परमेस्सर जोरि दिहे अहइँ, ओहका मनई क अलग नाहीं करइ चाही।” 10 जब उ सबइ गरवा मँ फिन स आएन, तउ चेलन ऍकरे बारे मँ ओसे पूछेन। 11 अउर ईसू ओनसे पूछेस, “जउन आपन पत्नी क तलाक दइ देत ह, अउर दूसर स्त्री स बियाह करत ह, उ ओकरे खिलाफ व्यभिचार करत ह। 12 अगर स्त्री आपन पति क तजि देत ह अउर दूसर पुरुस स बियाह करत ह, तो उ व्यभिचारी ह।” 13 फिन मनइयन गदेलन क ओकरे लगे लइ आवइ लागेन, इ नाते कि उ ओनका छुइ लेइ अउर आसीर्बाद देइ मुला चेलन ओनका फटकारि दिहन। 14 जब ईसू इ देखेस, उ कोहाय ग अउर उ ओनसे कहेस, “गदेलन क मोरे निअरे आवइ द्या। ओनका जिन रोका, इ नाते परमेस्सर क राज्य अइसन स नाता जोरत ह। 15 मइँ तोहका सच सच बतावत हउँ, जउन परमेस्सर क राज्य क गदेलन क नाईं सुआगत न करी, उ राज्य मँ कबहुँ न घुसी।” 16 ईसू आपन कोरा मँ गदेलन क उठाएस। उ आपन हथवा ओनके ऊपर धरेस अउर आसीर्बाद दिहेस। 17 जइसे उ जात्रा प जाइ क रहा, एक मनई ओकरे लगे आइ अउर घुटुनवा टेकिके बोला अउ ओसे पूछेस, “उत्तम गुरु! अनन्त जीवन पावइ क हक बरे ओका का करइ क चाही?” 18 ईसू ओसे कहेस, “तू मोका उत्तम काहे कहत ह सिरिफ परमेस्सर क छोड़िके कउनो उत्तम नाहीं। 19 तू आदेस क जानत ह। ‘जीउ जिन मारा, व्यभिचार जिन करा, चोरी जिन करा, झूठी गवाही जिन द्या, ठगी जिन करा, आपन महतारी बाप क इज्जत करा।” 20 उ मनई ओसे कहेस, “गुरु मइँ आपन लरिकइँ स इन सब बातन पर चलत आवत हउँ।” 21 ईसू ओका निहारेस। ओकरे बरे पिरेम भाउ रखेस अउर ओसे कहेस, “तोहमाँ ऍक बात क कमी अहइ जा अउर बेंचि आवा जउन तू धरे अहा। तब एक गरीबे क द्या। ओकरे बाद तू सरगे मँ खजाना रखब्या। तब्बई तू आवा अउर मोरे पाछे चला।” 22 अइसे बयान पर ओकर मुँह उतर गवा अउर निरास होइ के चला गवा। इ नाते कि उ धनवान रहा। 23 ईसू चारिहुँ कइँती देखेस अउर आपन चेलन स कहेस, “केतना मुस्किल बाटइ ओनके बरे जउन धनी होइके परमेस्सर क राज्य मँ घुसइ चाहत अहइँ।” 24 चेलन इ बचनन प अचरजि मँ परि गएन। तउ फिन ईसू ओनसे कहेस, “मोर गदेलन! परमेस्सर क राज्य मँ घुसब केतना मुस्किल अहइ। 25 ऊँट क सुई क नोंके स घुसरब असान अहइ, बजाय एक धनी मनई क परमेस्सर क राज्य मँ जाब!” 26 ओनका अउ जिआदा अचरज भवा, अउर आपुस मँ एक दुसरे स बतियाइ लागेन, “तब कउने क उद्धार होई?” 27 ओनका लखत, ईसू कहेस, “मनई अइसा कबहुँ नाहीं कइ सकत, मुला इ परमेस्सर बरे अइसा नाहीं।” 28 पतरस ओसे कहइ लाग, “देखा, हम सब कछू तजि दिहन अउर तोहरे पाछे होइ गएन!” 29 ईसू कहेस, ‘मइँ तोसे सच सच कहत हउँ, कउनो अइसा नाहीं जउन मोरे बरे अउर सुसमाचार बरे घर-दुआर, भाइयन, बहिनियन, महतारी, बाप, गदेलन, खेत अउर क तजि देइ, 30 जउन इ जुगे मँ घरन भाइयन, बहिनियन, महतारीयन, गदेलन अउर खेतन क संग सताव सउ गुना जिआदा न पाइ, अउर आवइवाला जुग मँ अनन्त जीवन। 31 मुला बहोत जने जउन आज सबते पाछे अहइँ, उ सबते पहिले होइहीं। जउन सबते पहिले अहइँ, उ सबइ पाछे होइहीं।” 32 फिन उ सबइ यरूसलेम जात जात रस्ता मँ रहेन, ओनमें ईसू सबते आगे चलत जात रहा। उ सबइ खुबइ अचिरजे मँ डेरानेन। जउन पाछे रहेन, उ पचे ससान रहेन। ईसू बारहु प्रेरितन क एक कइँती लइ गवा अउर ओनका बतावइ लाग कि ओकरे संग का घटइवाला अहइ। 33 “सुन, हम पचे यरूसलेम जात अही, अउर मनई क पूत क दुराव स मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन पकड़वाइ के दइ देइहीं। अउर उ सबइ ओका मउत क सजा देइके गैर यहूदी क दइ देइहीं। 34 जउन ओकर हँसी करिहीं अउर उ पचे ओह पइ थुकिहीं। उ सबइ ओका कोड़ा स पिटहीं अउर मारि डइहीं। तीन दिना क पाछे उ जी जाई।” 35 फिन जब्दी क बेटवन याकूब अउर यूहन्ना ओका लगे आएन अउर ओसे कहेन, “गुरु, हम चाहित ही कि हम जउन तोसे करइ क कही, ओका तू हमरे बरे कइ द्या।” 36 ईसू ओनसे कहेस, “तू मोसे आपन बरे का करवावइ क चाहत ह” 37 उ सबइ ओसे कहेन, “तू आपन महिमा मँ हम पचेन क बइठइ क अधिकार द्या। हम पचेन मँ एक ठु तोहरे दाएँ अउर एक ठु तोहरे बाएँ बइठइ।” 38 ईसू ओनसे कहेस, “तू जानत ह नाहीं कि तू सबइ का कहत ह। जउन लुटिया मइँ पिअइ जात हउँ, का तू पी सकत ह का जउन बपतिस्मा मइँ लेवइ क हउँ, का तू पचे उ बपतिस्मा क लइ सकत ह” 39 उ पचे ओसे कहेन, “हम वइसा करि सकित ह।” फिन ईसू ओनसे कहेस, “का तू सबइ लुटिया भरि के पीब्या जउन मइँ करि सकत हउँ। जउन बपतिस्मा मइँ लेइ का हउँ, का तू सबइ लइ सकत ह। 40 मुला मोरे दाँए अउर बाँए बइठइ का जगहिया देब मोर अधिकार नाहीं अहइ। इ जगहियन ओनही मनइयन क बरे अहइँ, जेनके बरे उ सबइ तइयार कीन्ह ग अहइँ?” 41 जब बाकि दसहु ऍकरे बारे मँ सुनेन तउ उ पचे याकूब अउर यूहन्ना प गुस्सा करेन। 42 फिन ईसू आपन लगे ओनका बोलाएस अउर ओनसे कहेस, “तू जानत ह कि जउन गैर यहूदियन प राज करत हीं, उ हुकुम ओन पइ चलावत हीं अउर ओनका अउर ओनके मुख्य नेतन क ओन प प्रभाव बाटइ। 43 मुला तोहरे संग अइसा नाहीं बाटइ। तू सबन मँ जउन बड़वार होइ चाहत ह, उ तोहार नउकर बनइ। 44 अउर तू पचन मँ जउन मुखिया बना चाहइ उ तोहार गुलाम बनइ। 45 मनइँ क पूत हु सेवा करावइ नाहीं आइ अहइ मुला उ सेवा करइ आइ अहइ अउर आपन जीउ क बहोतन क छुटकारा बरे आइ अहइ।” 46 फिन उ सबइ यरीहो आएन अउर जब ईसू एक भारी भीर क संग आपन चेलन क लइके यरीहो जात रहा तउ तिमाई क बेटवा बरतिमाई नाउँ क एक ठो आँधर भिखमंगा सरक क किनारे बइठा रहा। 47 जब उ सुनेस कि नासरत क ईसू अहइ, उ चिचिआइ क कहइ लाग, “ईसू, दाऊद क पूत! मो पर दाया कर!” 48 पर अउर बहोत मिला ओका डाटेन अउर ओका चुप रहइ क कहेन। तब ओकर अवाज ऊँच स ऊँच होत गइ, “दाऊद क पूत! मो प दाया कर!” 49 तउ ईसू रुका अउ कहेस, “ओका मोरे लगे बोलॉवा।”एह पइ उ सबइ आँधर क बोलाएन अउर ओसे कहेन, “मनवा क मजबूत कर। खरा ह्वा। ईसू तोहका बोलावत ह।” 50 उ आँधर आपन लबादा फेंकि दिहस अउर उछरि पड़ा अउर फिन ईसू क लगे गवा। 51 तब ईसू ओसे कहेस, “तू मोसे आपन बरे का करवावइ चाहत ह”आँधर ओसे कहेस, “हे गुरु, मइँ पुनि देखइ चाहत हउँ।” 52 तउ ईसू ओनसे कहेस, “जा। तोहरे बिसवास स तोहार उद्धार भवा।” अउर उ फउरन देखइ लायक होइ सका। फिन उ ईसू का पाछे सरक प होइ गवा।

Mark 11:1 फिन जइसे यरूसलेम क नगिचे जैतून क पहाड़ी प बैतफगे अउर बैतनिय्याह पहुँचेन, उ आपन चेलन मँ दुइ क पठएस। 2 अउर ओसे कहेस, “जा गाउँ मँ जइसे तू हुवाँ घुसब्या, तू एक ठु गदही क बच्चा बाँधा भवा पउब्या, जेह प पहिले कबहुँ नाहीं कउनो चढ़ा होई। ओका खोल द्या अउर हियाँ लिआवा। 3 जदि तोसे कउनो पूछइ कि तू अइसे काहे करत अहा, तउ तू कह्या, ‘प्रर्भू क ऍकर जरूरत अहइ, फिन उ ऍका फउरन पठइ देइ।”‘ 4 तउ उ पचे चलि पड़ेन। उ गदही क बच्चा क बँधा भवा दुआर क नगिचे खुली गली मँ पाएन। उ पचे ओका छोरि दिहन। 5 कछू मनई जउन हुवाँ खरा रहेन ओनसे पूछेन, “उ गदहिया क बच्चा क काहे तू पचे छोरिके का करत बाट्या?” 6 उ पचे ओनका बताएन जरुन ईसू कहेस। तउ उ सबइ ओनका जाइ दिहेन। 7 उ पचे गदहिया का बच्चा क ईसू क लगे लइ आएन। अउर उ पचे आपन ओढ़ना ओह प डारि दिहन। फिन ईसू ओह प बइठा। 8 बहोत मिला आपन लबादा क सरकिया प डारि दिहन अउर दूसर खेते स टहनियन क काटि लिहन अउर हुवाँ बिछाइ दिहन। 9 उ मनइयन जउन ईसू क अगवा अउर पाछे चलत रहेन, उ पचे पुकार रहेन:‘होसन्ना!धन्य अहइ उ जउन पर्भू क नाउँ प आवत ह।’ भजन संहिता 128:25-26 10 धन्य अहइ हमार पिता दाऊद क राज्य क अवाई, जउन आवत अहइ, होसन्ना सरग मँ।” 11 तब ईसू यरूसलेम घुसा अउर मन्दिर मँ घुसा। उ हर चीज क चारिहुँ कइँती निहारेस। एह बरे दिन ओनवत देर होइ गइ। उ बारहु प्रेरितन क संग बैतनिय्याह चला गवा। 12 दूसरे दिन जब उ सबइ बैतनिय्याह स निकसत रहेन, ओनका भूखि लाग। 13 तनिक दूरी प ओका एक ठु हरिअर अंजीर क पेड़ देखान। उ देखइ गवा कि ओका कछू खाइके ओह प मिल जाइ। जब उ पेड़े क लगे आवा, उ पातिन छोड़िके कछू नाहीं पाएस, काहेकि इ रितु अंजीर क नाहीं रही। 14 तबहिं उ बिरवा स कहेस, “अब तोसे कबहुँ कउनो तोहार फल फिन न चखी।” ओकर चेलन इ सुनेन। 15 तबहिं उ सबई यरूसलेम गएन अउर उ पचे मन्दिर मँ घुसेन तउ ईसू ओनका निकारइ लाग जउन मन्दिर मँ बेसहत अउर खरीदत रहेन। उ पइसे क लेब देब करइया महाजनन क चउकियन क पलट दिहस अउर कबूतरे क बेचवइयाँ क बिंचिया पलटेस। 16 उ मन्दिर मँ स कउनो क कउनो क कछू नाहीं लइ जाइ दिहस। 17 तबहिं उ ओनका उपदेस देइ लाग। फिन उ ओनसे कहेस, “का इ पवित्तर सास्तरन मँ लिखा नाहीं बाटइ कि, ‘मोर घर पराथना घर कहा जाई?’मुला तू पचे ऍका ‘चोरन क अड्डा बनइ दिहा।” 18 जबहि मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन इ बात सुनेन, उ सबइ ओका मारि डारइ क तरकीब सोचइ लागेन। अइसे उ पचे डेरानन, काहेकि ईसू क उपदेस स सब मनइयन अचरजि मँ पड़ि गएन। 19 फिन जब सांझ भइ तउ उ सबइ सहर स बाहेर गएन। 20 दुसरे दिन भिंसारे जबहिं ईसू आपन चेलन क संग जात रहा तबइ उ पचे उ अंजीर क बिरवा क जड़े स झुराइ गवा देखेन। 21 तइसे पतरस याद कइके ईसू स कहेस, “हे गुरु, जउने अंजीर क बिरवा क तू सराप्या ह, उ झुराइ गवा ह।” 22 ईसू ओनका जबाव दिहेस, “परमेस्सर मँ बिसवास राखा। 23 मइँ तोसे सच सच कहत हउँ: जदि कउनो इ पहाड़े स कही ‘तू उठि जा अउर समुद्दर मँ फाट पड़ा।’ अउर ओकरे मनवा मँ रचिकउ संदेह नाहीं रही मुला बिसवास होई कि जइसा उ कहेस ह, वइसा होइ जाइ तउ ओकरे बरे वइसा होई। 24 एह बरे मइँ तोहका बतावत अही कि तू पराथना मँ जउन मंगब्या बिसवास करा उ तोहका मिलि गवा ह अउर उ तोहरा होइ ग अहइ। 25 अउर जब कबहुँ तू पराथना करत खड़ा होइ जा तउ कउनो कि खिलाफ तोहका सिकाइत होई तउ ओका तू छमा कइ द्या जइसे सरगे मँ स्थित तोहार परमपिता तोहरे पापन्क छमा कइ देई।” 26 27 फिन उ पचे यरूसलेम लउट आएन। ईसू जब मन्दिर मँ टहरत रहा तउ मुख्ययाजकन, धरम सास्तिरियन, बुजुर्ग यहूदी नेतन ईसू क लगे आएन। 28 उ पचे ईसू स कहेन, “हमका बतावा! तू इ कामन क कउने अधिकार स करत बाट्या? कउन तोहका अधिकार दिहेस ह” 29 ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे एक सवाल पूछत हउँ। तू मोरे सवाल क जबाव द्या? तउ मइँ तोहका बताउब कि कउने अधिकारे स मइँ इ काम करत हउँ। 30 मोका बतावा: यूहन्ना जउन बपतिस्मा देत रहा, का ओहका सोझे सरगे स या मनई स मिला रहा?” 31 ईसू क सवाले प उ सब बिचारत बिचारत आपुस मँ कहइ लागेन कि, “जदि हम पचे इ कहित ह, ‘ओका इ सरगे स मिला रहा,’ तउ ईसू कही, ‘फिन तू पचे ओह प बिसवास काहे नाहीं करत्या?’ 32 अउर जदि हम पचे इ कही, ‘उ मनई स पाए रहा’ तउ सब मनई हम प रिसियाइ जइहीं।” (ई नेतन लोग मनइयन स डेरात रहेन। सब मनइयन क बिसवास रहा कि यूहन्ना नबी अहइ।) 33 एह बरे यहूदी नेतन ईसू स कहेन, “हम पचे जानित नाहीं।”ऍह पइ ईसू ओनसे कहेस, “तउ फिन मइँ तोहका नाहीं बतावत अही कि इ काज मइँ कउने अधिकारे स करत हउँ।”

Mark 12:1 ईसू दिस्टान्त कथा खोलि के समझावत ओनसे कहइ लाग: “एक मनई अंगूरे क बाग लगाएस अउर ओकरे चारिहुँ कइँती चहरदेवार बनाएस। फिन उ अंगूरे क रस धरइ बरे एक गड़हा खोदेस अउर ओकरे बाद एक ठु बुर्ज खड़ा करेस। फिन उ कछू किसानन क लगाने प दिहस अउ जात्रा प चला गवा। 2 फिन अंगूर पकइ क रितु मँ उ एक ठु नउकर पठएस जेसे उ किसानन स जउन अंगूर पक गवा अहइँ, ओहमाँ स ओकर हींसा लइ आवइ। 3 उ मुला उ सबइ नउकर क पकरिके पीटेन, ओका खालि हाथे भगाइ दिहन। 4 उ एक ठु अउ नउकर हुवाँ पठएस। उ किसानन ओकर मुड़वा फोड़त ओका बेज्जत करेन। 5 उ फिन एक ठु अउ नउकर पठएस, जेकर उ सब कतल कइ दिहन। उ इ तरह कई ठु नउकरन क पठएस, जेनका उ सब मारेन पीटेन अउर केतनन क मारि डारेन। 6 “अब ओकरे लगे पठवइ क आपन पियारा बेटवा ही बचा रहि गवा। आखिर उ ओनके लगे इ कहत पठएस, “उ पचे मोरे बेटवा क मान सम्मान जरूर कहि रहीं।’ 7 “उ किसानन एक दुसरे स कहेन, ‘इ तउ ओकर वारिस अहइ। आवा, ऍका मारि डाइ। अइसे हम पचे एकर वारिस होई जाब।’ 8 उ सबइ ओका पकरिके मारि डाएन अउर ओका अंगूर क बागे स बाहेर फेंके दिहन। 9 “एह पइ अंगूर क बगिया क मालिक का करी? उ आइके किसानन क मारि डाई अउर बगिया क दुसरे क दइ देई। 10 का तू पचे पवित्तर सास्तर का बचन नहीं बांच्या: ‘उ पाथर जेका राजगीर बेकाम क समझेन उहइ कोने क पाथर बनि गवा। 11 इ पर्भू करेस, जउन हमरे निगाहे मँ अजूबा बाटइ।”‘ भजन संहिता 118:22-23 12 उ सबइ जान गएन कि जउन दिस्टान्त उ दिहेस ह उ ओकरे खिलाफ रहा। तउ उ पचे ओका गिरफतार करइके कउनो कुचाल खोजइ लागेन, मुला उ पचे मनइयन स डेरात रहेन। एह बरे ओका तजि के गएन। 13 तब यहूदी नेतन ईसू क बातन मँ फँसावइ क बरे कछू फरीसियन अउर हेरोदियन क ओकरे नगिचे पठएन। 14 जउन ओकरे निअरे फरीसियन अउर हेरोदियन रहेन उ सबइ कहेन, “गुरु, हम पचे जानित ह कि तू बहोतइ ईमानदार मनई अहा अउर तू इ बात क रचिकउ फिकिर करत्या नाहीं कि दूसर मनई का सोचत हीं। तू मनई क हैसियत या ओकर रुतबा क ध्यान न देत परमेस्सर क राहे क सीख देत ह। तउ बतावा न कि कैसर क कर देब ठीक बाटइ की नाहीं। हम ओका कर अदा कइ देइ कि नाहीं?” 15 ईसू ओनकइ चाल चपेट जानि गवा। उ ओनसे कहेस, “तू मोका काहे परखत ह एक ठु दीनार लिआवा काहेकि ओका मइँ लखि सकउँ।” 16 तउ उ पचे एक ठु दीनार लइ आएन। फिन ईसू ओनसे पूछेस, “यह पइ केकर चेहरा अउर नाउँ लिखा बाटइ?” उ पचे कहेन, “कैसर क।” 17 तब ईसू ओनका समझाएस, “जउन कैसर क अहइ, ओका कैसर क द्या अउर जउन परमेस्सर क अहइ ओका परमेस्सर क द्या।” तउ उ पचे अचरजि मँ पड़ि गएन। 18 फिन कछू सदूकियन पुनरुत्थान क नाहीं मनतेन, ओकरे नगिचे आएन अउर उ पचे ओसे पूछेन, 19 “गुरु, मूसा हमरे बरे लिखेस कि जदि कउनो क भाई मरि जाए अउर ओकरे पत्नी क कउनो लरिका न होइ तउ ओकरे भाई क चाही कि उ ओसे बियाह करइ अउर फिन आपन भाई क बंस क चलावई। 20 एक दाई क बात अहइ कि सात ठु भाई रहेन। सबते बड़का भाई बियाह करेस अउर निपूत होइके मरि गवा। 21 फिन दूसर भाई उ स्त्री स बियाह करेस, पर उहउ निपूत होइके मरि गवा। तिसरका भाई भी वइसे करेस। 22 सातहु भाइयन मँ कउनो क कउनो संतान नाहीं भइ। आखिर उ स्त्री भी मरि गइ। 23 मउत क बाद जबहिं उ पचे जी उठिहीं, तउ बतावा उ स्त्री केकर पत्नी भई? काहेकि उ सातहु ओका आपन पत्नी क तरह राखे रहेन।” 24 ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे न तउ पवित्तर सास्तरन क जानत ह अउर न परमेस्सर क ताकत क। का इ कारण नाहीं जेसे तू पचे भटक गवा बाट्या? 25 काहेकि उ सबइ जबहिं मरे भए स जी उठिहीं, तउ ओनकइ बियाह न होई मुला सबइ सरग मँ दूतन क तरह रइहीं। 26 मरे भए स जी उठइ क बातन मँ का तू पचे नाहीं बाँच्या जउन मूसा क कितबिया मँ झाड़ी क बाबतलिखा बाटइ? हुवाँ परमेस्सर मूसा स कहेस, “मइँ इब्राहीम क परमेस्सर, इसहाक क परमेस्सर अउर याकूब क परमेस्सर हउँ।’ 27 उ मरे भए क परमेस्सर नाहीं मुला जउन जिअत अहइँ ओनकइ परमेस्सर अहइ। तू पचे बहोतइ भारी भूलि मँ पड़ि गवा ह।” 28 फिन एक ठु धरम सास्तरि आइ अउर ईसू ओनका चरिचा करत सुनेस। जबहिं उ सास्तरि देखेस कि ईसू ओनका कउने बढ़िया तरकीबे स जबाव दिहेस, उ ईसू स पूछेस, “कउन हुकुम सबते जिआदा बड़कई क अहइ?” 29 ईसू जबाव दिहेस, “सबते बड़कई क हुकुम इ अहइ: ‘ओ इस्राएली सुना, सिरिफ हमार पर्भू परमेस्सर एक ठु पर्भू अहइ। 30 तू आपन पूर मन स समुचइ जिन्नगी स, समुचइ बुद्धि स अउर आपन पूरी ताकत स तोहका आपन परमेस्सर पर्भू स पिरेम करइ चाही।’ 31 दूसर हुकुम इ अहइ ‘आपन पड़ोसी स वइसइ पिरेम करा जइसे तू आपन स करत ह।’इ सब हुकुमन ते बड़ा अउर कउनो हुकुम नाहीं।” 32 एह पइ धरम सास्तरी ओसे कहेस, “गुरु तू नीक कह्या। तोहार इ कहब नीक अहइ कि परमेस्सर एक अहइ, ओकरे बजाय अउर दूसर कउनो नाहीं। 33 आपन पूरा मन स, समुचइ समझि-बुझि स, पूरी ताकत स परमेस्सर स पिरेम करब अउर आपन भाई आपन पड़ोसी स पिरेम करब सबइ बलि समर्पित भेंट अउर भेंटेन जेकरे बारे मँ कहा अहइ, ओसे जिआदा बड़कइ अहइ।” 34 जबहिं ईसू लखेस कि उ मनई समझि के जबाव देत बाटइ तउ ईसू मनई स कहेस, “तू परमेस्सर क राज्य स दूर नाहीं बाट्या।” ओकरे बाद कउनो दूसर मनई ओसे कउनो अउर सवाल पूछइ क हिम्मत नाहीं किहेस। 35 फिन ईसू मन्दिर मँ उपदेस देत भवा कहेस, “कइसे धरम सास्तिरियन कहत बाटेन कि मसीह दाऊद क पूत अहइ? 36 दाऊद खुद पवित्तर आतिमा स प्रेरित होइके कहेस: ‘पर्भू (परमेस्सर) मोर पर्भू (मसीह) कहेस, मोरे दाहिन कइँती बइठा जब तलक मइँ तोहरे दुस्मनन क तोरे गोड़वा तरे न कइ देउँ।’ भजन संहिता 110:1 37 दाऊद खुदइ ओका ‘पर्भू’ कहत बाटइ। फिन मसीह दाऊद क पूत कइसे होइ सकत ह” भारी भीड़ ओका खुस होत होत सुनत रही। 38 उ आपन उपदेस मँ कहेस, “धरम सास्तरी लोगन्स होसियार रहा। उ पचे आपन लंबा लंबा लबादा पहिरि क ऍहर ओहॅर फिरब पंसद करत ही। ओनका हाटन मँ आपन्क पैलगी कराउब सोहात ह। 39 अउर आराधनालयन मँ बड़कवा क आसन पइ बइठब चाहत हीं, उ पचे भोजे मँ बड़कावा क आसन पावइ क इच्छा रखत हीं। 40 उ पचे विधवन क मिल्कियत हड़प लेत हीं। उ पचे देखावइ बरे लंबी लंबी पराथना बोलत हीं। इ पचन क करर्ी स करर्ी सजा मिली।” 41 ईसू दानपात्र क समन्वा बइठा देखत रहा कि मनई कउने तरह दानपात्र मँ पइसा नावत हीं। बहोतन धनी मनइयन बहोत धन नाइ दिहन। 42 फिन हुवाँ एक ठु गरीब विधवा आइ अउर उ ओहमाँ दुइ दमड़ी नाएस जउन उ एक पइसा क बराबर भी नाहीं रहा। 43 फिन उ आपन चेलन क नगिचे बोलाएस अउर कहेस, “मइँ तू पचन स सच सच कहत हउँ, धनी लोगन स इ दाने पात्रे मँ नावा एक ढेर क नावा दान स जिआदा बड़कवा दान इ गरीब अउर बेसुहागिन विधवा क अहइ। 44 काहेकि उ पचे जउन धन फालतू धरे रहेन उ सब ऍहमा नाइ दिहन, मुला इ आपन गरीबी मँ स जउन ऍकरे लगे रहा, उ सब नाइ दिहस। ऍकरे लगे ऍतना ही धन जुरा रहा जउन ऍकरे जिन्नगी क सहारा रहा।”

Mark 13:1 जब उ मन्दिर स जात रहा, ओकर एक ठु चेला ओसे कहेस, “गुरु, लखा इ सबइ पाथर अउर इमारतन केतॅना अजूबा अहइँ।” 2 तउ ईसू ओनसे कहेस, “तू इन भारी इमारत क देखत बाट्या? हिआँ एक पाथर प दूसर पाथर टिकाइ कइ रखा बाटइ। एक एक ठु पाथर ढकेल दीन्ह जाई।” 3 जबहिं उ मन्दिर क समन्वा जैतून क पर्वत प बइठा रहा तउ पतरस, याकूब, यूहन्ना अउर अन्द्रियास अकेल्ॅले मँ पूछेन, 4 “हमका बतावा, इ सब कछू कब घटी? जब इ सब कछू पूरा होइ जाई तउ कउन निसार देखॉइ देइहीं?” 5 ऍह पइ ईसू कहइ लाग, “होसियार! कउनो तोहका न छली। 6 मोरे नाउँ स बहोत लोग अइहीं अउर इ दावा करिहीं, “मइँ उहइ हउँ।” उ पचे बहोतन क छलिहीं। 7 जब तू जुद्ध अउर जुद्धन क अफवाह क बारे मँ सुन्या तउ घबराया जिन अइसा तो होइ मुला अबहिं अंत नाहीं बाटइ। 8 एक रास्ट्र दूसर रास्ट्र क खिलाफ अउर एक ठु राज्य दूसर राज्य क खिलाफ खड़ा होइहीं। बहोतन स ठउरन प भूइँडोल अइहीं अउर अकाल पड़ी। ई उ पीरा क सुरुआत होइ। 9 “आपन बारे मँ होसियार रहा। उ पचे तोहका अदालत मँ पेस करिहीं अउर फिन तोहका आराधनालयन मँ पीटा जाई अउर मोरे कारण तोहका सासक राजा लोगन क समन्वा खड़ा होइ क होई जइसे ओनका प्रमाण मिलि जाइ। 10 लेकिन इ जरूरी अहइ कि पहिले स हि सबन्क क सुसमाचार सुनाइ दीन्ह जाइ। 11 जब कबहुँ तोहका पकरि के तोहरे प मुकदमा चलइहीं तउ पहिले स इ फिकिर जिन कर्या कि तोहका का कहइ क अहइ। उ समइ प जउन कछू तोहका बतावा जाइ, उहइ बोल्या काहेकि इ सबइ तू पचे नाहीं जउन तू बोलत ह, मुला बोलइवाला पवित्तर आतिमा अहइ। 12 “भाई, भाई क धोखा दइके पकड़ावावत मरवाइ देइ। बाप, बेटवा क धोखा दइ के पकड़वाई अउर बाल-बच्चे आपन महतारी अउर बाप के खिलाफत मँ खड़ा होइके मरवइहीं। 13 मोरे कारण सब जने तोसे घिना करिहीं मुला जउन अंत समइ तलक धीरज धरी, ओकर उद्धार होई। 14 “जब तू पचे ‘घृनित खउफनाक अउर बिनास करइवाली चीजन्क,’ जहाँ उ सबन क न होइ चाही, हुवाँ खड़ा देख्या।” (पढ़वइया खुद समझि लेई कि ऍकर का अरथ अहइ।) “तब जउन लोग यहूदिया मँ होइहीं, ओनका पर्वत प पराय जाइ चाही। 15 अउर जउन लोग आपन घरवा क छतवा प होइहीं, उ पचे घरवा मँ घुसुरि क कछू भी लइ आवइ क तरखाले न उतरइ। 16 अउर जउन बाहेर मैदान मँ होई, उ पचे पाछे घूमि के आपन ओढ़ना तलक न लेई। 17 उ स्त्रियन बरे जेकर पैर भारी होइ अउर जेकर दूध पिअइया बचवन गोदी मँ होइहीं, उ दिनन बहोतई खउफनाक होइहीं। 18 पराथना करा कि इ सब कछू सर्दी क रितु मँ न होइ। 19 उ दिनन अइसी बिपत आई जइसी आजु तक नाहीं इ जबहिं ते परमेस्सर इ संसार क रचि दिहन ह, आजु तक नाहीं आइ अउ कबहुँ अगवा न आई। 20 अउर जदि परमेस्सर उ दिनन क कमती कइ न दिहेस होत तउ कउनो न बच पावत। मुला उ खात रूप स चुना गवा मनइयन क कारण जेनका उ चुनेस, उ उ समइ क कब कम दिहस ह। 21 उ दिनन मँ जदि कउनो तोसे कहइ कि, ‘देखा, इ रहा मसीह1’ या ‘उ अहइ मसीह।’ तू ओकर बिसवास न कर्या। 22 काहेकि झूठे मसीहन अउर झूठे नबियन देखॉइ देइहीं अउर उ सबइ अइसा अद्भुत चीन्हन देखइहीं अउर अचरज कारजन करिहीं कि जदि होइ जाए तउ उ पचे चुना गएन मनइयन क भी अड़पेंचे मँ डाइ देइहीं। 23 एह बरे तू सब होसियार रहा। मइँ समइ स पहिले ही तो पचन्क सब कछू बताइ दीन्ह। 24 “उ दिनन मँ हारून कस्ट क समइ क पाछे, ‘सूरज करिया पड़ि जाई चंदा स ओकर चाँदनी न निकसी 25 अकास स तारे टूटइ लगिहीं अउर अकासे मँ बड़वार सक्ती झकाझोरि दीन्ह जइहीं।’ यसायाह 13:10; 34:4 26 “तब्बइ मनइयन मनई क पूत क महासक्ती अउर महिमा क संग बदरवन मँ निहरिही। 27 फिन उ आपन दूतन क पठइके चारहु दिसा मँ धरती क छोरे स दूसर छोरे तक सब कइँती स आपन चुना भवा मनइयन क जमा करी। 28 “अंजीरे क बिरवा स उपदेस ल्या कि जबहिं ओकर टहनियन नरम अउर हरि अर होइ जात हीं तउ ओह पइ कोंपर फूटइ लागत हीं। तउ तू पचे जान लेत ह्या कि गर्मी क रितु आवइ क अहइ। 29 अइसे ही जबहिं तू पचे इ सब कछू होत लख्या तउ समझ लिहा कि उ समइ नगिचे आइ ग अहइ, मुला ठीक स दरवज्जे प। 30 मइँ तोसे सच-सच कहत हउँ कि इ सब घटना इत मनइयन क जिअते जी होइहीं. 31 धरती अउर अकास बरबाद होइ जइहीं लेकिन मोर बचन कबहुँ न टारे टरी। 32 “उ दिन या उ घड़ी क बारे मँ कउनो कछू गियान नाहीं, न सरग क दूतन अउर न अबहिं मनई क पूत क, सिरिफ परमपिता जानत बाटइ। 33 होसियार! जागत रहा काहेकि तू नाहीं जनत्या कि उ समइया कब आइ जाई। 34 ई अइसे अहई कि जइसे कउनो मनई कउनो जात्रा प जात जात आपन नउकरन प आपन घरवा छोड़ि जाए अउर हर मनई क ओकर आपन आपन काम बाँटि दे अउर चौकीदार क हुकुम दइ जाए कि तू जागत रहा। 35 एह बरे तू जागत रहा काहेकि घरे क मालिक न जानी कब आइ जाए। चाहे सांझ होई, की आधी रात की मुर्गन क बाँग क समइ की फिन दिन निकरि आवइ। 36 जदि उ अचानक आइ जा तउ अइसा करा कि जेसे उ तोहका सोवत न पावइ। 37 जउन मइँ तोसे कहत हउँ, उहइ सबते कहत हउँ, ‘जानत रहा!”‘

Mark 14:1 फसह क त्यौहारअउर वे खमीरे क रोटी क त्यौहारस दुइ दिन पहिले की बात अहइ कि मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन कउनो अइसा कुचाल चलत रहेन कि जउने चलाकी स ओका गिरफतार कइ लेइँ अउर जान स मारि डावइँ। 2 उ सबइ इ कहत रहेन, “मुला हम पचेन क त्यौहार क दिन अइसा नाहीं करइ चाही, नाहीं तउ मनइयन दंगा कइ लेइहीं।” 3 जब बैतनिय्याह मँ ईसू समौन कोढ़ी क घरे खाना खाइके बइठा, तबहिं एक ठु स्त्री उज्जर अउर चीकन स्फटिक मनि क बासन मँ सुद्ध बाल छड़े क इतर लइ आइ। उ स्त्री बासने को तोड़ेस अउर ओसे निकसत इतरे क ईसू क मुँड़वा प उड़ेरेस। 4 ऍइसे हुवाँ कछू चेलन बिगड़ के आपुस मँ कहइ लागेन, “इतरे क अइसी बर्बाद काहे कीन्ह गइ अहइ? 5 इ इतर तउ तीन सउ दीनारे स जिआदा मँ बेंच जाइ सकत ह अउर फिन उ धने क कंगालन मँ बाँटि जाइ सकत रहा।” उ पचे उ स्त्री क निन्दा करेन। 6 तब ईसू कहेस, “काहे क ओका तंग करत ह ओका छोड़ा। उ मोर बरे एक बढ़िया काज करेस ह। 7 काहेकि कंगालन तू हमेसा तोहरे लगे रइहीं अउर तउ तू जब चाहा ओनकइ मदद कइ सकत ह, मुला मइँ तोहरे साथे हमेसा न रहिउँ। 8 इ स्त्री उहइ किहस जउन उ कइ सकत रही। उ समइ स पहिले मोरे दफनावइ बरे, मोरे बदन पइ इतर छिरकि के ओका तइयार किहेस ह। 9 मइँ तोसे सच-सच कहत हउँ समूचे संसारे मँ जहाँ कहूँ भी इ सुसमाचार क परचार कीन्ह जाई, हुवँई ऍकरे यादे मँ जउन कछूइ स्त्री करेस ह, ओकर चर्चा होई।” 10 तब यहूदा इस्करियोती, जउन ऍकरे बारहु प्रेरितन मँ एक ठु रहा, मुख्ययाजकन क नगिचे ईसू क धोखा दइ के पकड़वावइ बरे गवा। 11 उ पचे ओकर बतियन सुनिके बहोत खुस भएन अउर उ पचे ओका धन देइ क वादा करेन। एह बरे फिन यहूदा ईसू कधोखा दइ क पकड़वाव क तलास मँ रहइ लाग। 12 बे खमीरे क रोटी क त्यौहार स एक दिन पहिले, जब फसह मेमना क बलिदान दीन्ह जात रही। ओकरे चेलन ओसे पूछेन, “तू का चाहत बाट्या कि हम पचे कहाँ जाइके तोहरे खइया बरे फसह क भोज तैयारी करी?” 13 तब उ आपन दुइ ठो चेलन क इ कहिके पठएस, “सहर मँ जा, जहाँ तोहका एक ठु मनई पानी क गगरी धरे भेंटइ, तउ ओकरे पाछे होइ जा। 14 फिन जहाँ कहूँ भी उ भीतर जाइ, उ घरे क मालिक स कह्या, ‘गुरु पूछेस ह, भोजन क उ बैठका कहाँ बाटइ, जहाँ मइँ आपन चेलन क संग फसह क भोज खाइ सकउँ।’ 15 फिन उ तोहका ऊपर एक बड़का सजा भवा बैठका देखाई, हुवँइ हमरे बरे तैयारी करा।” 16 तब ओकर चेलन हुवाँ स सहर क चेलन जहाँ उ पचे हर बात वइसी निहारेन जइसी ईसू ओनका बताएस। तबहिं उ पचे फसह क भोज तैयार करेन। 17 दिन ओनवत क आपन बारहु प्रेरितन क संग ईसू हुवाँ पहुँच गवा। 18 जब उ पचे बइठके खइया के खात रहेन, तबहिं ईसू कहेस, “मइँ सच कहत हउँ, तोहरे मँ स एक ठु जउन मोरे संग खइया क खात अहइ, उहइ मोका धोका दइके पकड़वाई।” 19 ऍसे उ पचे दुखी होइ के एक दुसरे स कहइ लागेन, “सचमुच उ मइँ नाहीं हउँ।” 20 तब ईसू ओनसे कहेस, “उ बारहु मँ स उहइ एक बाटइ, जउन मोरे संग एकहि थारी मँ खात अहइ। 21 मनई क पूत क तउ जाइ क अहइ, जइसा कि ओकरे बारे मँ लिखा बाटइ। मुला उ मनई क धिक्कार अहइ, जउन स मनई क पूत पकड़वावइ जाइ केतना नीक इ होत कि उ मनई पइदा न भवा होत।” 22 जब उ पचे खइया क खात रहेन, ईसू रोटी लिहस, धन्यबाद दिहस, रोटी क तोड़ेस अउर ओका उ पचन्क देत देत कहेस, “ल्या, इ मोर बदन अहइ।” 23 फिन उ कटोरा क उठाएस, धन्यबाद दिहस अउर ओनका दिहस अउर उ सबन ओहमाँ स पियेन। 24 तबहिं ईसू बोल पड़ा, “इ मोर लहू (मउत) बाटइ जउन एक नवा करार क सुरुआत अहइ यह बहुतन क बरे बहावा जात अहइ। 25 मइँ तू पचन स सच सच कहत हउँ कि मइँ उ दिना तक दाखरस पिअब जब तलक परमेस्सर क राज्य मँ नवा दाखरस न पिअउँ।” 26 तबहिं उ सब एक स्तुति गाना गाइके जैतून क पर्वत प गएन। 27 ईसू ओनसे कहेस, “तोहार पचे क बिसवास खोइ जाइ। काहेकि लिखा बाटई:‘मई गड़रियवा क मारब अउ भेड़न छिटकाइ जइहीं।’ जकर्याह 13:7 28 मुला फिन स जी उठे क पाछे मइँ तोसे पहिले ही गलील चला जाब।” 29 जब पतरस बोलि उठा, “चाहे सब मिला आपन बिसवास खोइ दें, मुला मइँ न खोउब।” 30 एह पइ ईसू ओसे कहेस, “मइँ तोसे सच कहत हउँ। आजु, इहइ राते मँ मुर्गा क दुइ बार बाँग देइ स पहिले तू तीन दाई मोका नकार चुका होब्या।” 31 एह पइ पतरस अउर जोर देत भवा कहेस, “जदि मोका तोर संग मरइ पड़इ तबहुँ मइँ तोहका कबहुँ न नकारब!” तबहिं अउ बाकी चेलन भी अइसा ही कहेन। 32 फिन उ पचे एक अइसे ठउरे प आएन जेका गतसमनी कहा जात हरा। हुवाँ ईसू आपन चेलन स कहेस, “जब तलक मइँ पराथना करत हउँ, तू पचे हियँइ बइठा।” 33 अउर पतरस, याकूब अउर यूहन्ना क उ आपन संग लइ गवा। उ बहोतइ दुःखी अउर बियाकुल होत रहा। 34 उ ओनसे कहेस, “मोर मन दुःखी बाटइ, जेसे मोर प्रान निकरि जइहीं। तू हियँई ठहरा अउर होसिआर रहा।” 35 फिन रचिके अगवा बढ़ि के उ धरती प निहुरि के पराथना करइ लाग कि जदि होइ सकइ तउ घड़ी मोसे टरि जाइ। 36 फिन उ कहेस, “हे अब्बा परमपिता! तोहरे बरे सब कछू संभव अहइ। इ कटोरा क मोसे दूर करा। फिन जउन कछू मइँ चाहत हउँ, उ नाहीं मुला जउन तू चाहत ह, उहइ करा।” 37 फिन उ लौटा तउ आपन चेलन क सोवत भवा निहारि के पतरस स कहेस, “समौन क तू सोवत अहा? का तू एक घड़ी भी जाग नाहीं सक्या? 38 जागत रहा अउर पराथना करा जेसे तू अउनो परिच्छा मँ न फँसा। आतिमा तउ चाहत ह मुला सरीर निर्बल अहइ।” 39 उ फिन चला गवा अउर वइसे ही बचन बोलत बोलत उ पराथना किहेस। 40 जब उ दुबारा लौटा तउ उ फिन ओका सोवत पाएस। ओकरी आँखिन मँ नींद चाँपे रही। ओका कछू सूझत नाहीं रहा कि उ का जवाब देइ। 41 उ तिसरी दाई फिन लौटा अउर ओसे बोला, “का तू अबहुँ अरामे स सोवत अहा? अच्छा, तउ सोवत रहा। उ घड़ी आइ गइ अहइ जब मनई क पूत धोखा स पकड़वाइ जाइ के पापी मनइयन क हथवा मँ दइ दीन्ह जात अहइ। 42 खड़ा होइ जा! आवा चली। देखा, इ आवत अहइ, मोका धोखा दइ के पकड़वइया मनई।” 43 ईसू बोलत रहा कि ओकरे बारहु प्रेरितन मँ स एक यहूदा हुवाँ दिखाइ दिहस। ओकरे लगे लठियन अउर तरवारन क लिहे भीड़ रही, जेका मुख्ययाजकन, धरम सास्तिरियन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन पठएन रहेन। 44 धोखा दइ के पकड़वइया ओनका ई इसारा बताइ के राखे रहा, “जेका मइँ चूम लेउँ, उहइ उ अहइ। ओका हिरासत मँ लइ ल्या अउर पकड़ि के सुरच्छित स लइ जा।” 45 तउ जइसे ही यहूदा हुआँ आवा, उ ईसू क नगिचे जाइ के कहेस, “गुरु!” अउर ओका चूमि लिहेस। 46 फिन तुरंतहि उ पचे ओकर हाथ पकड़िके हिरासते मँ लइ लिहन। 47 ओकर चेला जउन नगिचे खड़ा रहा, आपन तरवार खींचेस अउर महायाजक क एक ठु नउकरे प मारि दिहस, जेसे ओकर कान कट गवा। 48 फिन ईसू ओनसे कहेस, “का मइँ कउनो अपराधी हउँ जेका पकड़इ तू सबइ लाठी अउर तरवार लइके आइ अहा? 49 रोज मन्दिर मँ उपदेस देत मइँ तोहरे साथे रहा मुला तू पचे मोका नाहीं पकड़या। अब इ भवा जइसे सास्तरन क बचन पूरा होइ जाइ।” 50 फिन ओकर सब चेलन ओका अकेला तजि के पराइ गएन। 51 आपन उधार देहे प केवल चदरिया लपेटि के एक ठु नउजवान पाछे पाछे आवत रहा। उ पचे ओका पकड़इ चाहेन। 52 मुला उ आपन चदरिया छोड़ि क नंगा पराइ गवा। 53 उ सबइ ईसू क महायाजक क नगिचे लइ गएन। फिन सबइ मुख्ययाजकन, बुजुर्ग यहूदी नेतन अउर धरम सास्तिरियन जमा भएन। 54 पतरस ओसे दूरइ दूर रहत भवा ओकरे पाछे पाछे महायाजक क अंगना मँ भीतर तलक चला गवा अउर हुवाँ क पहरेदारन क साथ बइठके आगी तापइ लाग। 55 समूची यहूदी महासभा अउर मुख्ययाजकन ईसू क मउत की सजा देइ बरे ओकरे खिलाफत मँ प्रमान खोजइ क जतन करत रहेन मुला ढूँढ नाहीं पाएन। 56 बहोतन ओकरे खिलाफत मँ झूठी साच्छी दिहन, मुला उ सबइ साच्छी आपुस मँ एक दूसर क खिलाफ रहीं। 57 फिन कछू लोग खड़े भएन अउर ओकरे खिलाफ मँ झूठी साच्छी देत भए कहइ लागेन, 58 “हम पचे ऍका इ कहत सुनेन ह, ‘मनइयन क हथवा स बना भवा इ मन्दिर क मइँ ढहाइ देइहउँ अउर फिन तीन दिना क भीतर दूसर बनाइ देइहउँ, जउन हाथन स बना न होइ।”‘ 59 लेकिन इन सबन मँ ओ पचेन क साच्छियन एक नाई नाहीं रही। 60 तब ओनके समन्वा महायाजक ठाड़ होइके ईसू स पूछेस, “इ सब लोग, तोहरे खिलाफत मँ इ कउन साच्छियन देत बाटेन? का जबावे मँ तोहका कछू नाहीं कहइके?” 61 यह पइ ईसू चुप्पी साधेस। उ कउनो जबाव नाहीं दिहस। महायाजक फिन ओसे पूछेस, “का तू धन्य (परमेस्सर) का पूत मसीह अहा?” 62 ईसू बोला, “हाँ, मइँ परमेस्सर क पूत हउँ। अउर तू सब मनई क पूत क उ सर्वसक्तिमान क दाई ठाउँ बइठा अउर सरगे क बदरवन मँ आवत देखब्या।” 63 महायाजक आपन ओढ़ना क फाड़त भवा कहेस, “हमका अउ साच्छियन क अब का जरूरत अहइ! 64 तू इ सब बेज्जत बातन क कहत सुन्या, अब तोहार का विचार अहइ?”उ सबइ ओका अपराधी ठहराइके कहेन, “ऍका मउत क सजा मिलइ चाही।” 65 तब कछू मिला ओह पइ थूकत मुँहना क ढकत, घूँसा मारत अउर कछू ओकर हँसी दिल्लगी करत कहइ लागेन, “भविस्सबाणी करा!” अउ फिर पहरेदरवन ओका पीटेन। 66 पतरस अबहीं नीचे अँगने मँ बइठा रहा कि महायाजक क एक ठु नउकरानी आइ। 67 जबहिं उ पतरस क आगी तापत देखेस तउ बड़े धियान स बोली, “तुहउँ तउ ईसू नासरी क संग रह्या।” 68 मुला पतरस मुकरि गवा अउर कहइ लाग, “मइँ नाहीं जानित या मोरी समझ मँ नहीं आवत अहइ कि तू का कहति अहा।” इ कहत उ ड्योढ़ी तक चला गवा। तबहिं मुर्गा बाँग दिहस। 69 उ नउकरानी जब ओका दोबॉरा देखेस तउ हुवाँ खड़े मनइयन स फिन कहइ लाग, “इ मनई भी ओनमाँ स एक अहइ।” 70 पतरस फिन मुकर गवा, अउ फिन थोड़ी देर मँ उहाँ खडेन्ह लोगन्ह पतरस स कहेन, “निस्चय ही तू ओनमे स एक अहा, काहेकि तोहू गलील का अहा।” 71 तब पतरस आपन क धिक्कारइ अउर सपथ खाइ लाग। “जेकरे बारे मँ तू बात करत अहा, उ मनई क मइँ नाहीं जानित!” 72 फउरन मुर्गा दूसर बाँग दिहस। पतरस क उहइ समइया उ सब्दन याद होइ आएन जउन ओहमाँ स ईसू कहे रहा, “एसे पहिले कि मुर्गा दुइ दाई बाँग देइ, तू मोका तीन दाई नकरब्या।” तब पतरस जइसे टूटि गवा होइ। वह फूट फूट कइ रोवइ लाग।

Mark 15:1 जइसे ही भिंसार भवा, मुख्ययाजकन, धरम सास्तिरियन, बुजुर्ग यहूदी नेतन अउर समूची यहूदी महासभा एक ठु खाका बनाएन। उ पचे ईसू क बाँधिके लइ गएन अउर ओका पिलातुस क सौंप दिहेन। 2 पिलातुस ओसे पूछेस, “का तू यहूदियन क राजा अहा?”ईसू जबाव दिहेस, “अइसा ही अहइ। तू खुदइ कहत अहा।” 3 फिन मुख्ययाजकन ओह पइ बहोत स दोख मढ़ेस। 4 पिलातुस ओसे फिन पूछेस, “का तोहका जबाव नाहीं देइ क अहइ? देखा, उ पचे केतॅनी बातन क दोख तोह पइ लगावत अहइँ।” 5 मुला ईसू अबहुँ कउनो जबाव नाहीं दिहस। एह पइ पिलातुस क बहोतइ अचरज भवा। 6 फसह क त्यौहार क मउके प पिलातुस कउनो एक बंदी क जेका मनइयन चाहत रहेन, ओनके छोड़ देत रहा। 7 बरअब्बा नाउँ क एक बन्दी उ विद्रोह करवइयन क संग जेले मँ रहा जउन दंगा मँ कतल करेन। 8 मनइयन आएन अउर पिलातुस स कहइ लागेन कि उ जइसा हमेसा स करत आइ ह, वइसा ही करा। 9 पिलातुस ओनसे पूछेस, “का तू पचे चाहत बाट्या कि मइँ तोहरे बरे यहूदियन क राजा क अजाद कइ देउँ?” 10 पिलातुस इ एह बरे कहेस कि उ जानत ह कि मुख्ययाजकन जलन क कारण ओका पकड़वाएन ह। 11 मुला मुख्ययाजकन भीड़े क हुसकाएन कि उ ओकरे बजाय ओनके बरे बरअब्बा क छोड़ि देइ। 12 मुला पिलातुस ओनसे फिन पूछेस, “जेका तू यहूदियन क राजा कहत बाट्या ओकर मइँ का करउँ बतावा तू का चाहत बाट्या?” 13 जबावे मँ उ पचे चिल्लानन, “ओका क्रूस प चढ़ावा!” 14 जब पिलातुस ओसे पूछेस, “काहे, उ कउन अइसा अपराध किहेस ह”मुला उ पचे अउर जोर स चिचिआइके कहेन, “ओका क्रूस प चढ़ावा।” 15 पिलातुस भीड़ क खुस करइ चाहत रहा, एह बरे उ ओनका बरे बरअब्बा क छोड़ेस अउर ईसू क कोड़वा स पिटवाइ क क्रूस पर चढ़ावइ के सौप दिहस। 16 फिन सिपाही ओका रोम क राजपाल क निवास मँ लइ गएन। उ पचे सिपाही क पूरी पलटन बोलॉइ लिहन। 17 फिन उ सबइ ईसू क बैगनी रंगे क ओढ़ना पहिराएन अरु काँटन क ताज बनाइ के ओकरे मुँड़वा प धरेन। 18 फिन ओका सलामी देइ लागेन, “यहूदियन क राजा क सुआगत अहइ।” 19 उ सबइ ओकरे मुँड़वा प नरकटे स मारत जात रहेन। उ पचे ओह पइ थूकत जात रहेन अउर घुटनवन प निहुरिके ओकरे अगवा दण्डवत करत रहेन। 20 इ तरह जब उ सबइ ओकर मसखरी उड़ाइ चुकेन तउ उ सबइ बैगनी ओढ़ना उतारेन अउर ओका आपन ओढ़ना पहिराइ दिहन अउर फिन ओका क्रूस प चढ़ावइ बरे, बाहेर लइ आएन। 21 उ पचेन क कुरेनी क रहवइया समौन नाउँ क एक मनई, राहे मँ भेंटेस। उ गाउँ स आवत रहा। उ सिकन्दर अउर रूफुस क बाप रहा। सिपहियन ओह पइ दबाव डारेन कि ईसू क क्रूस उठाइ क चलइँ। 22 फिन उ पचे ईसू क गुलगुता नाउँ क ठाउँ प लइ गएन (जेकर अरथ अहइ “खोपड़ी ठाउँ।”) 23 फिन उ पचे ओका लोहबान नाइ के दाखरस पिअइ क दिहेन। मुला उ ओका नाहीं लिहेस। 24 फिन ओका क्रूसे पइ चढ़ाइ दीन्ह गवा। ओकर ओढ़ना उ पचे बाँटि लिहेन अउर इ देखइ क बरे कि कउनो का लेइ, उ पचे पासा फेंकेन। 25 दिना क नउ बजेन, जब उ पचे ओका क्रूस प चढ़ाएन। 26 ओकरे खिलाफ एक लिखा भवा मुकद्मा क पत्तर ओह पइ लगावा रहा, “यहूदियन क राजा।” 27 ओकरे संग दुइ ठु डाकू भी क्रूस प चढ़ाइ गएन। एक ठु ओकरे दाई अउर दूसर वाईं कइँती। 28 29 ओकरे लगे स निकरि के जात मनइयन ओका निन्दा करत रहेन। आपन मूँड़ी झमकाइ झमकाइ के उ पचे कहत रहेन, “अरे वाह। तू उहइ अहइ जउन मंदिर क ढहाइ के तीन दिना मँ फिन बनावइवाला रहा। 30 अब क्रूस स तरखाले आइके अउर खुदइ आपन क तउ बचाव।” 31 इ तरह मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन भी ईसू क मसखरी उड़ाएन। उ पचे आपुस मँ कहइ लागेन, “इ अउरन क बचावत अहइ, मुला खुद आपन क नाहीं बचाइ सकत। 32 अब इ मसीह अउर इस्राएल क राजा क क्रूस प स तरखाले उतरइ दे जेसे हम पचे इ देखि के ओहमाँ बिसवास करि सकी।” अउर उ दुइनउँ भी, जउन ओकरे साथ क्रसे प चढ़ाइ गवा रहेन, ओकर बेज्जती करेन। 33 फिन समूची धरती पइ दुपहरे तक अँधियार छावा रहा। इ अँधियारा दोपहर तीन बजे तक रहा। 34 दिना क तीन बजे ईसू ऊँची आवाज मँ चिल्लाइके कहेस, “ इलोई, इलोई, लमा सबकतनी!” अरथ अहइ “मोरे परमेस्सर, मोरे परमेस्सर, तू मोका काहे बिसारि दिहा?” 35 जउन नगिचे ठाड़ रहेन, ओनमाँ स कछू जब इ सुनेन तउ उ पचे बोलेन, “सुना इ एलिय्याह क पुकारत अहइ।” 36 तब एक मनई दौड़ि के सिरका मँ बोरि के एक ठु मोटा कपरा क भीजि के डंडा प धइ के ईसू क पिअइ बरे दिहस अउ कहेस, “ठहरि जा, हम पचे निहारत अही कि ऍका नीचे उतारइ क बरे एलिय्याह आवत ह कि नाहीं।” 37 फिन ईसू ऊँची आवाज मँ चिल्लाइके प्राण तजि दिहस। 38 तबहिं मंदिर क पट ऊपरि स तरखाले तक फाटिके दुइ टुकरन मँ बँटि गवा। 39 सेना क एक ठु अधिकारी जउन ईसू क समन्वा ठाड़ रहा, ओका प्रान तजत देखेस। उ कहेस, ‘इ मनई असल मँ परमेस्सर क पूत रहा।” 40 कछू स्त्रियन हुवाँ दूर ते ठाड़े भइ निहारत रहीं, जेहमाँ मरियम मगदलीनी, छोटका याकूब अउर योसेस क महतारी मरियम अउर सलोमि रही। 41 जब ईसू गलील मँ रहा तउ इ स्त्रियन ओकर चेलन रहीं अुर ओकर सेवा करत रही। हुवाँ अउर भी बहोत स स्त्रियन रहीं जउन ओकरे साथ यरूसलेम तक आइ रहीं। 42 सांझ होइ गइ अउर सबित क पहिले क, उ तैयारी क दिन रहा। 43 एह बरे अरिमतिया क यूसुफ आइ। उ यहूदी महासभा क सम्मानित सदस्य रहा अउर परमेस्सर क राज्य आवइ क बाट जोहत रहा। हिम्मत क साथ उ पिलातुस क नगिचे गवा अउर ओसे ईसू क सरीर माँगेस। 44 पिलातुस क भारी अचरज भवा कि उ ऍतनी हाली कइसे मरि गवा। उ सेना क अधिकारी क बोलाएस अउर ओसे पूछेस, का ओका मरे भए ढेर देर होइ ग अहइ? 45 फिन जब उ सेना क अधिकारी स बयान सुनि लिहस तउ यूसुफ क सरीर दइ दिहस। 46 फिन यूसुफ सने मलमल क थोड़ स कपरा बेसहेस, ईसू क क्रूस स तरखाले उतारेस, ओकरे सरीरे क कपरा मँ लपेटेस अउर ओका कब्र मँ रख दिहेस जेका चट्टाने क काटि क बनावा गवा रहा। अउर फिन कब्रे क मुँहे प एक बड़वार पाथर ढकेलिके टिकइ दिहेस। 47 मरियम मगदलीनी अउर योसेस क महतारी निहारत रहीं कि ईसू क कहाँ रखा ग अहइ।

Mark 16:1 सबित क दिन बीत गए प मरियम मगदलीनी, सलोमी अउर याकूब क महतारी मरियम क सरीरे पर लगावइ बरे सुगन्धि खरीदेस। 2 हफता क पहिले दिन भिंसारे सूरज निकरत ही उ पचे कब्र प गइन। 3 उ पचे आपुस मँ कहत रहीं, “हमरे बरेकब्र क दुआरे स कउन पथरवा क सरकाइ?” 4 फिन जब उ पचे आँखियाँ खोलि के निहारेन कि उ बहोतइ बड़वार पाथर हुवाँ स टरि गवा अहइ। तब उ देखिन कि पाथर हुआँ स दूर लुढ़क गवा। 5 फिन जब उ पचे कब्र क भीतर गइन तो निहारेन कि उज्जर कपरा पहिरे एक नउजवान दाहिन कइँती बइठा अहइ। वे पचे डेराइ गइन। 6 फिन नउजवान ओनसे कहेस, “जिन डेरा, तु सबइ जउन नासरी क ईसू खोजति अहा, जेका क्रूस प चढ़ाइ गवा अहइ, उ जी उठा बाटइ। उ हियाँ नाहीं बाटइ। इ ठउर क लखा जहाँ उ पचे ओका धरेन ह। 7 अब तू जा अउर ओनके चेलन क अउर पतरस स कहा, ‘उ तोसे पहिले गलील जात बाटइ। जइसा कि उ तोसे कहे रहा, उ तोहका हुवँइ मिली।”‘ 8 तब डर अउर अचरजि मँ आइके उ पचे कब्र स बाहेर निकरिके पराइ गइन। उ सबइ कउनो क कछू नाहीं बताएन काहेकि उ पचे बहोतइ घबराइ गइ रहिन। 9 हफ्ता क पहिले दिन भिंसारे जी उठइ क पाछे उ सबन त पहिले मरियम मगदलीनी क समन्वा परगट भवा जेका उ सात दुस्ट आतिमन स छोड़वाएस। 10 उ ईसू क संगिन जउन सोक मँ बूड़ा रहेन, खुबइ रोवत रहेन, जाइके बताएस। 11 जब उ पचे सुनेन कि ईसू जीवित अहइ अउर उ ओका देखेस ह तउ पचे बिसवास नाहीं किहेन। 12 ऍकरे पाछे ओनमाँ स दुइनउँ क समन्वा जब उ पचे खेतन मँ जात जात राहे मँ रहेन, एक ठु दूसर रूप धइके परगट भवा। 13 उ पचे लौटि के दूसर चेलन क भी ऍकर खबर दिहन मुला उ सबइ ओकर बिसवास नाहीं किहेन। 14 पाछे, जब ओकर गियारह प्रेरितन खाना खात रहेन, उ ओनके समन्वा परगट भवा अउर उ ओनके बिसवास न करइ के अउर मनवा क जर होइ जाइ के डाटेस फटकारेस काहेकि इ पचे ओकर बिसवास नाहीं किएन जउन ओका जी उठइ के बाद लखेन। 15 फिन उ ओनसे कहेस, “जा अउर समूची दुनिया क मनइयन क सुसमाचार क उपदेस द्या। 16 जउन कउनो बिसवास करत ह अउर बपतिस्मा लेत ह, ओकर बचावा होई अउर जउन बिसवास न करी, उ दोखी माना जाइ। 17 जउन मोरे मँ बिसवास करिहीं, ओनमाँ इ चीन्हा होइहीं; उ मोरे नाउँ प दुस्ट आतिमन क बाहेर खदेरिहीं उ सबइ नई नई भाखा बोलिहीं। 18 उ पचेन आपन हाथन स सांपन क पकरि लेइहीं अउर जदि उ पचे बिख पी जइहीं तउ ओनका नेसकान न होई, उ पचे रोगिन्प आपन हाथ धरिहीं अउर उ पचे चंगा होइ जइहीं।” 19 इ तरह जब पर्भू ईसू ओनसे बात कइ चुकेस तउ ओका सरगे मँ उठा लीन्ह गवा। उ परमेस्सर क दाहिन कइँती बइठ गवा। 20 ओकर चेलन बाहेर जाइके सब ठउरन मँ सुसमाचार दिहन कि ओनके संग पर्भू काम करत रहा। पर्भू बचन क अद्भुत कारजन करइ क सवित क संग लइके सच साबित किहेस।

Luke 1:1 बहोत स मनई हमरे बीच होइजाइ वाली घाटना क ब्यौरा लिखइ क कोसिस करेन ह। 2 उहइ बातन हमका उ सबइ मनइयन क जरिये जान पड़िन जउन उ पचे सुरुआत स घटत देखेन अउर जउन सुसमासार क प्रचार करत रहेन। 3 हे मान्यवर थियुफिलुस! काहेकि मइँ सुरुआत स सब कछू होसियारी स पढ़ेउँ ह। एह बरे मोका इ नीक जान पड़त ह कि तोहरे बरे एक ठु एक क बाद एक एक घटना क लिखेउँ। 4 जेसे तू सब इन बातन क बेफिकिर होइके जान ल्या जउन तोहका सिखाइ ग अहइँ। 5 उ समइया मँ जब यहूदिया प हेरोदेस क राज्य रहा। हुवाँ जकरयाह नाउँ क एक याजक रहत रहा। जउन याजकन क अबिय्याह दलक रहा अउर ओकर पत्नी इलीसिबा हारून बंस क रही। 6 उ दुइनउँ परमेस्सर क निगाह मँ धर्मी रहेन। उ पचे बिना कउनो दोख क पर्भू क सबइ हुकुमन अउर बिधानन क पालन करत रहेन। 7 मुला ओनके कउनो संतान नाहीं रही, काहेकि इलीसिबा बाँझ रही अउर उ दुइनउँ बहोत बुढ़वा होइ ग रहेन। 8 जब जकरयाह क आपन दले क मन्दिर मँ याजक क काम खातिर बारी आइ, अउर उ परमेस्सर क समन्वा आराधना बरे हाजिर भवा। 9 तउ याजकन मँ चली भइ रीति रिवाजे क तरह पर्ची डाइके ओका चुना गवा कि उ पर्भू क मन्दिर जाइके धूप जरावइ। 10 जब धूप जरावइ क समइ आइ तउ बाहेर ऍकट्ठा भवा मनई पराथना करत रहेन। 11 उहइ समइया जकरयाह क समन्वा एक ठु पर्भू का दूत परगट भवा। उ दूत धूप क वेदी क दाहिन कइँती खड़ा रहा। 12 जकरयाह जइसे उ दूत क निहारेस तउ उ घबराइ गवा अउर डर जइसे ओका जकड़ि लिहस। 13 फिन सरगदूत ओसे कहेस, “जकरयाह जिन डेराअ, तोहार पराथना सुनि लीन्ह गइ अहइ। एह बरे तोहार पत्नी इलीसिबा एक बेटवा क जनम देई, अउर तू ओकर नाउँ यूहन्ना धर्या। 14 उ तोहका आनंद अउर खुसी देइ, साथे ओकरे जनम स अउर भी बहोत स मनइयन क खुसी होई। 15 काहेकि उ पर्भू क निगाहे मँ महान होई। उ कबहुँ कउनो दाखरस या कउनो मदिरा क न पिई। आपन जन्म स पवित्तर आतिमा स भरपूर होई। 16 उ इस्राएल क बहोतन मनइयन क ओनकइ पर्भू परमेस्सर कइँती लौटइ बरे फेरी। 17 उ एलिय्याह क आतिमा अउर सामर्थ मँ होइके परभू क अगवा अगवा चली। उ बापन क हिरदय ओनके संताने कइँती मोड़ देइ अउर आज्ञा न मानइवालन क मने क बदल देइ जेहसे उ पचे धर्मी मनइयन क नाई सोचइ लागइ। इ सबइ, उ मनइयन क पर्भू बरे तइयार करइ क करी।” 18 तबहीं जकरयाह दूत स कहेस, “मइँ इ कइसे जान लेउँ कि इ सच अहइ? काहेकि मइँ एक बुढ़वा हउँ अउर मोर पत्नी बुढ़िया होइ ग अहइ।” 19 तबहिं सरगदूत जवाब देत ओसे कहेस, “मइँ जिब्राईल हउँ। मइँ उहइ हउँ जउन परमेस्सर क अगवा खड़ा रहत हउँ। मोका तोसे बात करइ अउर इ सुसमाचार क बतावइ बरे पठवा ग अहइ। 20 मुला देखा, काहेकि तू मोरे सब्दन प, जउन निस्चित समइ क आइ प सच सिद्ध होइहीं, बिसवास नाहीं किहा, यह बरे तू गूँगा होइ जाब्या अउर उ दिना तलक नाहीं बोल पउब्या जबहिं ताई इ घटित न होइ जाइ।” 21 ओहर बाहेर मनई जकरयाह क इंतजार करत रहेन। ओकना अचरज भवा कि उ ऍतनी देर मन्दिर मँ काहे ठहर गवा। 22 फिन जब उ बाहेर आवा अहइ तउ उ ओनसे बोल नाहीं पावत रहा। ओनका इ लाग कि जइसे मन्दिर क भीतर कउनो दर्सन होइ गवा अहइ। उ गूँगा होइ ग अउर सिरिफ इसारा करत रहा। 23 अउर फिन अइसा भवा कि जब ओकर आराधना क काम होइ गवा तउ जकरयाह वापस आपन घर लौटि गवा। 24 थोड़े दिना बाद ओकर पत्नी इलीसिवा गर्भवती भइ। पाँच महीना तलक उ सबन स अलगइ रही। उ कहेस, 25 “अब आखिर मँ जाइके इ तरह पर्भू मोर मदद करेस ह। मनइयन क बीच मोर लाज राखइ बरे उ मोर सुधि लिहस ह।” 26 इलीसिबा क छठा महीना चलत रहा, गलील क एक सहर नासरत मँ परमेस्सर क दूत जिब्राईल क एक कुँवारी कन्या क लगे पठएस जेकर यूसुफ नाउँ क एक मनई स गोदी भरि दीन्ह गइ। उ दाऊद क बंस मँ जनमा रहा अउर उ कुँवारी कन्या क नाउँ मरियम रहा। 27 28 जिब्राईल ओकरे लगे आइ अउर कहेस, “तोह पइ अनुग्रह भइ अहइ, तोहार जय होइ। पर्भू तोहरे संग बा।” 29 इ बचन सुनिके उ बहोत घबरान, उ सोच मँ पड़ि गइ, “एकर का अरथ होइ सकत ह” 30 तब सरगदूत ओसे कहेस, “मरियम तू जिन डेराअ, तोसे परमेस्सर खुस अहइ। 31 सुना! तू गोड़वा स भारी होब्या अउर एक पूत क जनम देबू अउर ओकर नाउँ ईसू रखबिउ। 32 उ महान होई अउर उ सबन त सर्वोच्च (परमेस्सर) क पूत कहवावा जाई। पर्भू परमेस्सर ओका ओकरे बाप दाऊद क सिंहासन दइ देई। 33 उ अनन्त समइया ताई याकूब क घराने प राज करी। ओकर राज्य क नास कबहुँ न होई।” 34 एह पइ मरियम सरगदूत स कहेस, “इ सच कइसे होइ सकत ह काहेकि मइँ तउ अबहँू कुँवारी हउँ।” 35 जवाबे मँ सरगदूत ओसे कहेस, “तोहरे लगे पवित्तर आतिमा आई अउर सर्वोच्च (परमेस्सर) क सक्ती तोहका आपन परिछाहीं मँ लइ लेई। इ तरह उ जनम लेइवाला पवित्तर पूत परमेस्सर क पूत कहवावा जाई। 36 अउर इ भी सुनि ल्या कि तोहरे कुनबा क इलीसिबा क कुनबे मँ बुढ़ौती क गरभ मँ एक बेटवा अहइ अउर ओकरे कोखी क इ छठा महीना चलत बा। लोग कहत रहेन कि उ बाँझ वा! 37 मुला परमेस्सर बरे कछू न होइ सकइ, अइसा नाहीं!” 38 मरियम कहेस, “मइँ पर्भू क दासी हउँ जइसा तू मोरे बरे कह्या ह, वइसा ही होइ!” अउर तब उ सरगदूत ओकरे लगे स चला गवा। 39 उहइ समइया मरियम तइयार होइके यहूदिया क पहाड़ी पहँटा मँ बसा एक ठु सहर क फउरन चली गइ। 40 फिन उ जकरयाह क घरे गइ अउर उ इलीसिबा क अभिवादन किहेस। 41 इ भवा कि जबइ इलीसिबा मरियम क अभिवादन सुनेस तउ जउन बचवा ओकरे पेटवा मँ रहा, उछरि गवा अउर इलीसिबा पवित्तर आतिमा स सराबोर होइ गइ। 42 ऊँची आवाजे मँ चिल्लात भइ उ कहेस, “तू स्त्रियन मँ सबते जिआदा बड़भागी अहा अउर जउने बचवा क तू जनम देबू उ धन्य बा। 43 मुला इ ऍतनी बड़ी बात मोरे संग काहे घटि गई कि मोरे पर्भू क महतारी मोरे नियरे आइ। 44 काहेकि तोहरे पैलगी क सब्द जइसेन मोरे कनवा मँ आइ, मोरे पेटवा मँ बचवा खुसी स उछरि गवा। 45 तू धन्य अहा जउन इ बिसवास किहेस कि पर्भू जउन कछू कहेस उ होइके रही।” 46 तबहीं मरियम कहेस, 47 मोर प्रान पर्भू (परमेस्सर) क स्तुति करत ह: मोर आतिमा मोरे उद्धारकर्ता परमेस्सर मँ खुस भइ। 48 उ आपन दीन दास की बिटिया क सुधि लिहेस अउर अब हाँ आजु क बाद सबहिं मोका धन्य कइहीं। 49 काहेकि उ सक्तीवाला मोरे बरे बड़कवा कारज किहेस ह। ओकर नाउँ पवित्तर अहइ। 50 जउन ओसे डेरात हीं उ ओन पइ पीढ़ी दर पीढ़ी दाया करत ह। 51 उ आपन बाँहन क सक्ती देखाइस। उ घमंडी मनइयन क ओनके डींग हाँकइवालन क बिचारन क छितराइ दिहेस। 52 उ राजन क सिंहासने स तरखाले उतार दिहस। दीनन क ऊँचा उठाएस। 53 उ भुखान मनइयन क नीक चीजे स भरपूर कइ देई अउर धनी लोगन क निकारि देई। 54 उ आपन सेवकन इस्राएलियन क दाया कइर आवा अउर हमरे पूर्वजन क बचन क मुताबिक। 55 ओका इब्राहीम अउर ओकर संताने प सदा दाया देखॉवइ क याद रही।” 56 मरियम कउनो तीन महीने ताई इलीसिबा क संग ठहरी रही अउर फिन आपन घरवा लौटि आइ। 57 फिन इलीसिबा क बचवा पइदा करइ क समइ आइ अउर ओकरे एक बेटवा पइदा भवा। 58 जब ओकर पड़ोसी अउर ओकर नातेदार सुनेन कि पर्भू ओह प दाया देखाइस ह तउ सबइ साथे मिलिके खुसी मनाएन। 59 अउर फिन अइसा भवा कि अठवें दिन बचवा क खतना खातिर मनइयन हुवाँ आएन। उ पचे ओकरे बाप क नाउँ क मुताविक ओकर नाउँ जकरयाह धरइ जात हरेन, 60 “तबहीं ओकरे महतारी बोल पड़ी, “नाहीं एकर नाउँ यूहन्ना रखा जाब अहइ।” 61 तब उ पचे ओहसे बोलेन, “तोहरे कउनो भी नातेदार का इ नाउँ नाहीं बा।” 62 अउर फिन उ पचे इसारन मँ ओकरे बाप स पूछेन, “उ ओका का नाउँ देइ चाहत ह” 63 एह प जकरयाह ओनसे एक ठु तख्ती माँगेस अउर लिखेस, “एकर नाउँ अहइ यूहन्ना।” एह पइ उ सबइ अचरजे मँ पड़ि गएन। 64 तबहीं फउरन ओकर मुँह खुलि गवा अउर ओकर बाका फूटि गवा। उ बोलइ लाग अउर परमेस्सर क स्तुति करइ लाग। 65 ऍहसे सबइ पड़ोसी डेराइ गएन अउर यहूदिया क समूचइ पहाड़ी पहँटा मँ मनइयन ऍकरे बारे मँ बतियाई लागेन। 66 जउन कउनो भी इ बात सुनेस, अचरजे मँ पड़िके कहइ लागेन, “इ गदेला का बनी?” काहेकि पर्भू क हाथ ओह प अहइ। 67 तब ओकर बाप जकरयाह पवित्तर आतिमा स सराबोर होइ गवा अउर उ भविस्सवाणी किहेस: 68 “इस्राएल क पर्भू परमेस्सर क आसीस होइ काहेकि उ आपन मनइयन क मदद बरे आवा अउर ओनका आजाद कराएस। 69 उ हमरे बरे आपन सेवक दाऊद क परिवार स एक उद्धारकर्ता दिहस। 70 जइसा कि उ बहोत पहिले आपन पवित्त नबी स वचन देवॉएस। 71 उ हमका हमार दुस्मनन स अउर ओन सब क हथवन स, जउन हम स घिना करत रहेन, हमका छोड़ावइ क वचन दिहस। 72 हमरे पूर्वजन प दाया देखावइ क अउर आपन पवित्तर बचन क याद रखइ क। 73 ओकर बचन रहा एक उ सपथ जउन हमरे पूर्वजन इब्राहीम क संग लीन्ह गइ रहिन, 74 कि हमार दुस्मनन क हथवन स हमार छुटकारा अउर बेडर क पर्भू क सेवा करइ क हुकुम दीन। 75 अउर आपन जिन्नगी भर हर रोज ओकरे समन्वा हम पचे पवित्तर अउर धर्मी रहि सकी। 76 “हे बालक! अब तू सर्वोच्च (परमेस्सर) क बड़ा नबी कहा जाइ काहेकि तू पर्भू क अगवा अगवा चलिके ओकरे बरे राह तइयार करी। 77 अउर ओकरे मनइयन स कही कि ओनके पापन क छमा स उ ओनके लोगन क उद्धार का गियान देबा। 78 हमरे परमेस्सर क नरम अनुग्रह स एक नवा दिन क भोर हम पइ ऊपर स उतरी। 79 ओन प चमकइ बरे जउन मउत क गहरी छाया मँ जिअत अहइँ काहेकि हमरे गोड़वन सांति क राहे प सीधा जाइँ।” 80 इ तरह उ लरिका बाढ़इ लाग अउर ओकर आतिमा मजबूत स मजबूत होइ लाग। उ मनइयन मँ परगट होइ स पहिले निर्जन जगहिया मँ रहत रहा।

Luke 2:1 उ दिना औगुस्तुस कैसर कइँती स एक हुकुम निकरा कि समूचइ रोम क राज्य मँ जनगणना दर्ज कीन्ह जाइ। 2 इ पहली जनगणना रही। इ ओन दिनन भइ जब सीरिया क राज्यपाल विवरिनियुस रहा। 3 एह बरे जनगणना खारित हर कउनो आपन सहर आवा। 4 यूसुफ भी, गलील क नासरत सहर स यहूदिया मँ दाऊद क सहर बैतलहम क आवा काहेकि उ दाऊद क परिवार अउर बंस क सदस्य रहा। 5 उ हुवाँ आपन होइवाली स्त्री मरियम क संग जउन गर्भवती रही, आपन नाउँ लिखावावइ ग रहा। 6 अबहिं जब उ पचे हुवाँ रहेन, मरियम क बचवा पइदा करइ क समइ आइ गवा। 7 अउर उ आपन पहिलौटी पूत (ईसू) क जनम दिहस। काहेकि हुवाँ सराय क भीतरे उ पचन क कउनो ठउर नाहीं मिल पावा। ऍह बरे उ ओका ओढ़ना मँ लपेटिके चरही मँ लोटाएस। 8 तबहीं हुवाँ उ पहँटा मँ बाहेर खेत मँ कछू गड़रियन रहेन जउन राति क समइ आपन आपन झूंड क रखवारी करत रहेन। 9 उहइ समइया पर्भू क एक दूत परगट भवा अउर ओनकइ चारिहुँ कइँती पर्भू क तेज फूटइ लाग। उ सबइ सहमि गएन। 10 तबहीं सरगदूत ओनसे कहेस, “डेराअ जिन, मइँ सुसमाचार लइ आवा हउँ, जेसे सबइ मनइयन क महान आनंद होई। 11 काहेकि आज दाऊद क सहर मँ तोहार उद्धारकर्ता मसीह पर्भू क जनम भ अहइ। 12 तोहका ओका पहिचानइ क चीन्ह होइ कि तू एक ठु बचवा क ओढ़ना मँ लपेटा भवा, चरही मँ ओलरा पउब्या।” 13 उहइ समइया एकाएक उ सरगदूते क संग ढेरि क अउर सरगदूतन हुवाँ हाजिर भएन। उ पचे इ कहत भए परमेस्सर क गुन गावत रहेन: 14 “सरगे मँ परमेस्सर क महिमा होइ अउर धरती प ओन मनइयन क सांति मिलइ जेहसे उ खुस होइ।” 15 अउर जब सरगदूतन ओनका तजिके सरग लौटि गएन तउ उ सबइ गड़रियन आपुस मँ कहइ लागेन, “आवा हम बैतलहम चली अउर जउन घटना भइ अहइ अउर जेकॉ पर्भू हमका बताएन ह, ओका देखी।” 16 तउ उ पचे जल्दी गएन अउर हुवाँ मरियम अउर यूसुफ क पाएन अउर निहारेन कि बचवा चरही मँ लोटा बा। 17 गड़रियन जब ओका निहारेन तउ इ बचवा क बारे मँ जउन संदेसा ओनका दीन्ह ग रहा, उ पचे ओनका सबइ क बताइ दिहन। 18 जउन कउनो भी ओनका सुनेन, उ पचे गड़रियन क कही बातन प अचरज करइ लागेन। 19 मुला मरियम इ सबइ बातन क आपन मनवा मँ राखि लिहेस अउर उ ओन प सोचइ बिचारइ लाग। 20 अउर ओहर उ सबइ गड़रियन जउन कछू सुनेन अउर देखे रहेन, ओके बरे परमेस्सर स्तुति अउर धन्यवाद देत अपने घरन क लौटि गएन। इ सब अइसेन घटा जइसेन कि ओनका बतावा गवा रहा। 21 अउर जब बचवा क खतने क खातिर अठवाँ दिन आइ तउ ओकर नाउँ ईसू रखेन। ओका इ नाउँ ओकरे गरभ मँ आवइ स पहिले सरगदूत दइ दिहन। 22 अउर जब मूसा क व्यवस्था क मुताबिक पइदा भए बचवा क सूतक क दिन पूरा होइ गवा अउर सुद्ध होइ क समइ आइ तउ उ पचे ईसू क पर्भू क अरपन करइ बरे यरूसलेम लइ गएन। 23 पर्भू क लिखे भइ व्यवस्था क मुताबिक, “हर पहिलौटी क बेटवा पर्भू क बरे बिसेस मान जाई।”‘ 24 अउर पर्भू क व्यवस्था कहत ह, “एक जोड़ी कबूतर या पड़ुँकी क दुइ नवा बचवा क बलिदान देइ चाही।”तउ उ पचे पर्भू क व्यवस्था क मुताबिक बलि चढ़ावइ लइ गएन। 25 यरूसलेम मँ समौन नाउँ क एक धर्मी अउर भगत रहा। उ इस्राएल क सुख चइन क बाट जोहत रहा। पवित्तर आतिमा ओकरे साथ रही। 26 पवित्तर आतिमा ओका परगट किए रही कि जब तलक उ पर्भू क मसीह क दर्सन नाहीं कइ लेइ, मरी नाहीं। 27 उ पवित्तर आतिमा क साथ मन्दिर मँ आवा अउर जब व्यवस्था क मुताविक कारज बरे बालक ईसू क ओकर महतारी बाप मन्दिर मँ लइ आएन। 28 तउ समौन ईसू क आपन गोदी मँ उठाइके परमेस्सर क स्तुति करत बोला: 29 “पर्भू अब तू आपन बचन क मुताबिक मोका आपन दास क सांति क साथ मुक्ती द्या 30 काहेकि मइँ आपन आँखिन स तोहरे उ उद्धार क दर्सन कइ लीन्ह ह। 31 जेका तू सबहिं मनइयन क उपस्थिति मँ तइयार किए अहा। 32 इ बचवा गैर यहूदियन बरे तोहरे राहे का देखावय बरे ज्योति क सोता अहइ अउर तोहरे इस्राएल क मनइयन बरे इ महिमा अहइ।” 33 ओकर महतारी बाप ईसू क बारे मँ कही गइ इ बातन स अचरजे मँ पड़ि गएन। 34 फिन समौन ओनका आसीर्बाद दिहस अउर ओकर महतारी मरियम स कहेस, “इ बचवा इस्राएल मँ बहोतन क गिरावइ या उठावइ क कारण बनइ अउर एक अइसा चीन्ह ठहरावा जाइ बरे तय कीन्ह ग अहइ जेकर खिलाफत कीन्ह जाइ। 35 अउर मनइयन जेका गूढ़ समझिहीं, उ लोगन क पता लगि जाई जेहसे तोहरे हिरदय क दुख होइ।” 36 हुवँइ हन्नाह नाउँ क एक ठु महिला नबिया रही। उ असेर कबीले क फनूएल क बिटिया रही। उ बहोत बुढ़िया रही। आपन बियाहे क सिरिफ सात बरिस पाछे तलक उ आपन भतारे क साथे रही। 37 अउर फिन चौरासी बरिस तलक उ विधवा रही। उ मन्दिर कबहुँ नाहीं तजेस। उपवास अउर पराथना करत भइ उ रात-दिन आराधना करत रही। 38 उहइ समइ उ उहाँ महतारी बाप क लगे आइ। उ परमेेस्सर क धन्यवाद दिहस अउर जउन मनइयन यरूसलेम क छुटकारा क बाट जोहत रहेन, उ ओन सबन्क छोड़ावइ क बारे मँ बताएस। 39 अउर जब उ पचे पर्भू क व्यवस्था क मुताविक सब कछू पूरा कइ लिहेन तउ उ सबइ गलील मँ आपन सहर नासरत लौटि आएन। 40 अउर उ बालक बाढ़इ लाग अउर हिट्ठ पुट्ठ होइ लाग। उ बहोत बुद्धिमान रहा अउर ओह प परमेस्सर क अनुग्रह रही। 41 फसह क त्यौहार प हर बरिस ओकर महतारी बाप यरूसलेम जात रहेन। 42 जब उ बारह बरिस क रहा तउ सदा क नाई उ पचे त्यौहार प गएन। 43 जब त्यौहार खतम भवा अउर उ सबइ घरवा लौटत रहेन तउ बालक ईसू यरूसलेम मँ रुकि गवा मुला महतारी बाप क ऍकर जानकारी नाहीं होइ पाइ। 44 इ बिचारत भए कि उ दले मँ कहूँ होई, उ सबइ दिन भर जात्रा करत रहेन। फिन उ सबइ ओका आपन नातेदारन अउर नजदीकी मीतन मँ हेरइ लागेन। 45 अउर जब उ ओनका नाहीं मिल पावा तउ उ सबइ हेरत हेरत उ पचे यरूसलेम लौटि आएन। 46 अउर फिन भवा ई कि तीन दिना बाद उ ओहका मन्दिर मँ पाएन। उ उपदेस देइ वालेन क साथ बइठ के ओनका सुनत रहा अउर ओनसे सवाल पूछत रहा। 47 उ सबहिं जउन ओसे सुने रहेन, ओकर समझ बूझ अउर ओकरे सवाले क जवाब स अचरजे मँ पड़ि गएन। 48 जब ओकर महतारी बाप ओका निहारेन तउ दंग रहि गएन। ओकर महतारी ओसे पूछेस, “बेटवा, तू हमरे साथ अइसा काहे किहा? तोहार बाप अउर मइँ तोहका हेरत हेरत बहोतइ फिकिर मँ रहेन।” 49 तब ईसू ओनसे कहेस, “तू मोका काहे हेरत हेरत रह्या? का तू नाहीं जनत्या कि मोका मोरे बाप क घरे मँ होइ चाही?” 50 मुला ईसू ओनका जउन जबाव दिहस, उ पचे ओकरे बचन क न समुझ सकेन। 51 फिन उ ओनके संग नासरत लौटि आवा अउर ओनकइ हुकुम क मानत रहा। ओकर महतारी इ सब बतियन क आपन मने मँ राखत जात रही। 52 ओह कइँती ईसू बुद्धि मँ, डील डौल मँ अउर परमेस्सर अउर मनइयन क पिरेम मँ बाढ़इ लाग।

Luke 3:1 तिबिरियुस कैसर क राज्य क पन्द्रहवाँ बरिस मँ जब यहूदिया क राज्यपाल पुन्तियुस पीलातुस रहा अउर उ पहँटा क चउथाई भाग क राजन मँ हेरोदेस गलील क, ओकर भइया फिलिप्पुस इतूरैया अउर त्रखोनीतिस क, अउर लिसनियास अबिलेने क मातहत राजा रहा। 2 अउर यूहन्ना अउर काइफा यहायाजक रहेन, तबहीं परमेस्सर क बचन जकरयाह क बेटवा यूहन्ना क लगे रेगिस्तान मँ पहुँचा। 3 तउ यरदन नदी क नगिचे क समूचे पहँटा मँ गवा, उ पापन क छमा बरे मनफिराय क खातिर बपतिस्मा क प्रचार करइ लाग। 4 नबी यसायाह क बचन क किताबे मँ जइसा लिखा बा:“कउनो क रेगिस्तान मँ चिल्लात भवा सब्द:‘पर्भू क बरे रास्ता तइयार करा अउर ओकरे बरे रास्ता सोझ बनवा। 5 हर घाटी भरि दीन्ह जाई अउर हर पहाड़ अउर पहाड़ी सपाट होइ जइहीं टेढ़ मेंढ़ स्थान सीधे अउर ऊबड़ खाबड़ रास्ता चौरस कइ दीन्ह जाई। 6 अउर सबइ मनई परमेस्सर क उद्धार क दर्सन करिहीं।” यसायाह 40:3-5 7 यूहन्ना बपतिस्मा लेइ आएन मनइयन क भीड़ स कहत रहा, “अरे सँपोला, तू पचन क कउन चेताएस ह कि तू आवइवाले किरोध स बच जा? 8 फल क जरिये तोहका प्रमाण देइ क होई कि असल मँ तोहका अपने पापन क पछतावा अहइ। अउर आपुस मँ इ कहब जिन सुरू करा, ‘इब्राहीम हमार बाप अहइ।’ मइँ तोहसे कहत हउँ कि परमेस्सर इब्राहीम बरे इन पाथरन स भी बचवन पइदा कइ सकत ह। 9 बृच्छन क जड़े प कुल्हाड़ा धरा गवा अहइ अउर हर उ बृच्छ जउन नीक फर नाहीं पइदा करत, काटिके गिराइ दीन्ह जाई अउर फिन ओका आगी मँ झोंकि दीन्ह जाई।” 10 तब भीड़ ओसे पूछेस, “तउ हमका का करइ चाही?” 11 जवाबे मँ उ ओनसे कहेस, “जउन कउनो क लगे दुइ कुरता होइ, उ ओनका जेकरे लगे न होइ, ओनके संग बाँटि लेइँ। अउर जेकरे लगे खइया क होइ, उ भी अइसा ही करइ।” 12 कछू चुंगी (टिक्ॅस) त उगहिया ओकरे लगे बपतिस्मा बरे आएन अउर फिन उ पचे ओसे पूछेन, “गुरु, हमका का करइ क चाही?” 13 ऍह पइ उ ओनसे कहेस, “जेतॅना चाही ओसे जिआदा जिन वसूला।” 14 कछू सिपाही ओसे पूछेन, “अउर हमका का करइ चाही?”तउ उ ओनका समझाएस, “जोर अउर दबाव स कउनो स धन जिन ल्या। कउनो प झूठ दोख जिन लगावा। आपन पगार स संतोख करा।” 15 लोग बड़की आसा स बाट जोहत रहेन अउर यूहन्ना क बारे मँ आपन मने मँ इ बिचारत रहेन कि कहूँ, “इ तउ मसीह नाहीं बा।” 16 तबहीं यूहन्ना इ कहत भवा उ सबन क उत्तर दिसह, “मइँ तउ तोहका जले स बपतिस्मा देत हउँ मुला उ जउन मोसे जिआदा बरियार बा, आवत अहइ। मइँ ओकरे पनही क फीता तलक खोलइ क जोग्ग नाहीं हउँ। उ तोहका पवित्तर आतिमा अउर आगी स बपतिस्मा देइ। 17 ओकरे हाथ मँ ओसावइ क पाँचा अहइ, जइसे उ दाना क भूसा अलगाइ क आपन खरिहाने मँ उठाइके धरत ह। मुला उ भूसा क अइसी आगी मँ झोंकी जउन कबहुँ नाहीं बुताइवाली अहइ।” 18 इ तरह अइसे ही अउर बहोत स सब्दन स उ ओनका समझावत भवा सुसमाचार सुनावत रहत रहा। 19 (पाछे यूहन्ना उ चौथाई पहँटा क मातहत राजा हेरोदेस क ओकर भाई क पत्नी हिरोदियास क संग ओकर गलत संबंध अउर ओकर दूसर कुकरम बरे डाटेस फटकारेस। 20 एह पइ हेरोदेस यूहन्ना क बंदी बनाइके, जउन कछू कुकरम उ किहे रहा, ओहमाँ एक अउर जोर दिहस।) 21 अइसा भवा कि जब सब लोग बपतिस्मा लेत रहेन तउ ईसू भी बपतिस्मा लिहेस। अउर जब ईसू पराथना करत रहा, तबहिं अकास खुलि गवा 22 अउर पवित्तर आतिमा एक ठु कबूतरे क देह धइके ओह प तरखाले ओतरा। अउर अकासबाणी भइ, “तू मोर पियारा पूत अहा, मइँ तोहसे बहोत खुस हउँ।” 23 ईसू जब आपन सेवा सुरू किहेस तउ उ खुद लगभग तीस बरिस क रहा। अइसा बिचारा गवा कि उ यूसुफ क बेटवा रहा, एली क बेटवा यूसुफ, 24 मत्तात क बेटवा एली, लेवी क बेटवा मत्तात, मलकी क बेटवा लेवी। यन्ना क बेटवा मलकी, यूसुफ क बेटवा यन्ना, 25 मत्तित्याह क बेटवा यूसुफ आमोस क बेटवा मत्तित्याह, नहूम क बेटवा आमोस, असल्याह क बेटवा नहूम, नोगह क बेटवा असल्याह, 26 मात क बेटवा नोगह, मत्तित्याह क बेटवा मात, सिमी क बेटवा मत्तित्याह, योसेख क बेटवा सिमी, योदाह क बेटवा योसेख, 27 योनान क बेटवा योदाह, रेसा क बेटवा योनाह, जरुब्बाबिल क बेटवा रेसा, रेसा सालतियेल क बेटवा जरुब्बाबिल, नेरी क बेटवा क रेसा 28 मलकी क बेटवा नेरी, अद्दी क बेटवा मलकी, कोसान क बेटवा अद्दी, इलमोदाम क बेटवा कोसाम, एर क बेटवा इलमोदाम, 29 यहोसुआ क बेटवा एर, एलीएजेर क बेटवा यहोसुआ, योरीम क बेटवा एलीएजेर, मत्तात क बेटवा योरीम, लेवी क बेटवा मत्तात, 30 समौन क बेटवा लेवी, यहूदा क बेटवा समौन, यूसुफ क बेटवा यहूदा, योनान क बेटवा यूसुफ, एलियाकीम क बेटवा योनान, 31 मेलिआ क बेटवा एलियाकीम, मिन्ना क बेटवा मेलिआ, मत्ताता क बेटवा मिन्ना, नातान क बेटवा मत्तात, दाऊद क बेटवा नातान, 32 यिसै क बेटवा दाऊद, ओबेद क बेटवा यिसै, बोअज क बेटवा ओबेद, सलमोन क बेटवा बोअज, नहसोन क बेटवा सलमोन, 33 अम्मीनादाब क बेटवा नहसोन, आदमीन क बेटवा अम्मीनादाब। अरनी क बेटवा आदमीन, हिस्रोन क बेटवा अरनी, फिरिस क बेटवा हिस्रोन, यहूदाह क बेटवा फिरिस, 34 याकूब क बेटवा यहूदाह, इसहाक क बेटवा याकूब, इब्राहीम क बेटवा इसहाक, तिरह क बेटवा इब्राहीम, नाहोर क बेटवा तिरह, 35 सरूग क बेटवा नाहोर, रऊ क बेटवा सरूग, फिलिग क बेटवा रऊ, एबिर क बेटवा फिलिग, सेलाह क बेटवा एबिर, 36 केनान क बेटवा सेलाह, अरफच्छद क बेटवा केनान, सेम के बेटवा अरफच्छद, नूह क बेटवा सेम, लिमिक क बेटवा नूह। 37 मथूसिलह क बेटवा लिमिक, हनोक क बेटवा मथूसिलह, यिरिद क बेटवा हनोक, महललेल क बेटवा यिरिद, केनान क बेटवा महललेल, 38 एनोस क बेटवा केनान, सेत क बेटवा एनोस, आदम क बेटवा सेत, अउर परमेस्सर क पूत आदम रहा।

Luke 4:1 पवित्तर आतिमा स भरा भवा ईसू यरदन नदी स लौटि आवा। आतिमा ओका ऊसरे मँ राह देखॉवत रही। 2 हुवाँ सइतान चालीस दिन ताईं ओकर परीच्छा लिहस। ओ दिनन मँ ईसू वे खइया क खाए रहा। फिन जब समइ पूर भवा तउ ईसू भुखान। 3 एह बरे सइतान ओसे कहेस, “जदि तू परमेस्सर क पूत अहा तउ इ पथरे स रोटी बनइ बरे कहा।” 4 ऍह पइ ईसू जवाब दिहस, “पवित्तर सास्तरन मँ लिखा बा:‘मनई सिरिफ रोटी प नाहीं जिअत।”‘ व्यवस्था विवरण 8:3 5 फिन सइतान ओका बहोत ऊँच लइ गवा अउर छिन भर मँ समूचे संसार क राज्य ओका देखॉवत बोला, 6 अउर सइतान ओहसे कहेस, “मइँ इन राज्यन क तोहका हुकूमत अउर धन दौलत दइ देइहउँ अउर मइँ जेका चाहउँ ओका दइ सकत हउँ। 7 एह बरे यदि तू मोर आराधना करब्या तउ इ सब तोहार होइ जाई।” 8 ईसू ओका जवाब देत भवा बोला, “पवित्तर सास्तरन मँ लिखा बा:‘तोहका सिरिफ आपन पर्भू परमेस्सर क ही आराधना करइ चाही। तोहका सिरिफ उहइ क सेवा करइ चाही!” व्यवस्था विवरण 6:13 9 तब उ ओका यरूसलेम लइ गवा अउर हुवाँ मन्दिर क सबते ऊँची चोटी प लइ जाइके खड़ा कइ दिहस। अउर उ ओसे बोला, “जदि तू परमेस्सर क पूत अहा तउ हिआँ स अपने आपक तरखाले गिरइ द्या। 10 पवित्तर सास्तर मँ लिखा अहइ:‘उ आपन सरगदूतन क तोहरे बारे मँ हुकुम देई कि उ पचे तोहार रच्छा करइँ।’ भजन संहिता 91:11 11 अउर लिखा अहइ:‘उ पचे तोहका आपन बाँहे मँ अइसे उठइहीं कि तोहार गोड़ कउनो पाथर स न टकराई।”‘ भजन संहिता 91:12 12 ईसू जवाब देत भवा कहेस, “पवित्तर सास्तरन मँ इ भी लिखा बा:‘तोहका आपन पर्भू परमेस्सर क परीच्छा मँ नाहीं नावइ चाही।”‘ व्यवस्था विवरण 6:16 13 तउ जब सइतान ओकर सबइ तरह क परीच्छा लइके हारि गवा तउ दूसरइ समइ तलक ओका तजिके चल दिहस। 14 फिन ईसू आतिमा क समर्थ स भरा भवा गलील लौटि आवा अउर उ समूचे पहँटा मँ ओकर चर्चा फैलि गइ। 15 उ ओनके आराधनालय मँ उपदेस दिहेस। सबइ ओकर प्रसंसा करत रहेन। 16 फिन उ नासरत आवा जहाँ उ पला अउर बड़ा भवा। आपन आदत क मुताबिक सबित क दिन उ आराधनालय मँ गवा। जबहिं उ पाठ बाँचइ खड़ा भवा। 17 तउ यसायाह नबी क किताब ओका दीन्ह गई। जब उ किताब खोलेस तउ ओका जगह मिला जहाँ लिखा रहा कि: 18 “पर्भू क आतिमा मोरे मँ समाइ गइ अहइ काहेकि किहेस ह उ मोर अभिसेक कि दीनउँ क सुसमाचार सुनाउब मइँ, उ मोका पठएस ह बंदीयन क इ बतावइ कि उ पचे अजाद अहइँ। आँधर क आँखिन मँ जोति सरसावइ, अउर दलितन क छुटकारा देवॉवइ; 19 पर्भू क अनुग्रह क समइ बतावइ क भेजा अहइ!” यसायाह 61:1-2 20 फिन उ किताब क बंद कइके परिचारक क हथवा मँ दइ दिहस अउर बैठ गवा। आराधनालय मँ सबइ क आँखिन ओका निहारत रहिन। 21 तब उ ओनसे कहब सुरु किहेस, “आज इ बचन तोहरे काने मँ पूर भवा!” 22 हर कउनो ओकरे बारे मँ अच्छी बातन कहत रहेन। ओकरे मुँहना स जउन सुन्दर बचन निकरत रहेन, ओन प सबन क अचरज भवा। उ पचे कहेन, “का इ यूसुफ क बेटवा नाहीं अहइ?” 23 फिन ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे जरूर मोका इ कहावत सुनउब्या, ‘अरे वैद्य खुद आपन इलाज करा।’ कफरनहूम मँ तोहरे जउन काजे क बारे मँ हम पचे सुना ह, उ काजे क हिआँ आपन खुद क सहर मँ भी कइ डावा!”‘ 24 ईसू तब ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि आपन सहर मँ कउनो नबी क स्वागत नाहीं होत। 25 मइँ तोहसे सच कहत हउँ इस्राएल मँ एलिय्याह क समइ मँ जब अकास जइसे मुँद गवा रहा अउर साढ़े तीन बरिस तलक पूरी धरती मँ खौफनाक अकाल पड़ि गवा, तउ हुवाँ बहुत विधवन रहेन। 26 मुला सैदा पहँटा के सारपत सहर क एक विधवा क तजिके एलिय्याह क कउनो अउर क लगे नाहीं पठवा गवा रहा। 27 अउर नबी एलीसा क समइया मँ इस्राएल मँ ढेर कोढ़ी रहेन मुला ओहमाँ स सीरिया क बसइया नामान क तजिके अउर कउनो क सुद्ध नाहीं कीन्ह गवा रहा।” 28 तउ जबहिं आराधनालय मँ मनइयन इ सुनेन तउ सबहिं बहोत क्रोध स भर गएन। 29 तउ उ पचे खड़ा भएन अउर ओका सहर स बाहेर ढकेल दिहेन। उ सबइ ओका पहाड़े क उ चोटी प लइ गएन जेह प ओकर सहर बसा रहा जेसे उ पचे हुवाँ तरखाले झोंकि देइँ। 30 मुला उ ओनके बीच स निकरिके कहूँ आपन राहे प चला गवा। 31 फिन उ गलील क एक सहर कफरनहूम गवा अउर सबित क दिन मनइयन क उपदेस देइ लाग। 32 मनई ओकरे उपदेस स अचरज मँ पड़ि गएन काहेकि ओकर संदेस मुड्ढ विद्वान क तरह रहा। 33 हुवँई एक ठु मनई आराधनालय मँ रहा जेहमाँ एक दुस्ट आतिमा क सवारी रही। उ जोर स चिल्लान, 34 “हे नासरत क ईसू! तु हमसे का चाहत बाट्या? का तू हमार नास करइ आइ अहा? मइँ जानत हउँ तू कउन अहा तू परमेस्सर क पवित्तर मनई अहा!” 35 ईसू झिड़कत भवा ओसे कहेस, “चुप रहा। एहमाँ स बाहेर निकरि आवा!” एह पइ दुस्ट आतिमा उ मनई क लोगन्क समन्वा दइ मारेस अउर ओका बे नसकान किए ओसे बाहेर निकरि गइ। 36 सबइ कोउ अचरजे मँ पड़ि गएन। उ सबइ एक दूसर स बतियात कहेन, “इ कइसा सन्देस बा? हक अउर सक्ती क संग इ दुस्ट आतिमन क हुकुम देत ह अउर उ सबइ बाहेर निकरि जात हीं।” 37 उ पहँटा मँ लगे हर ठउरे प ओकरे बारे मँ खबर सँचर गइ। 38 तब ईसू आराधनालय क तजिके समौन क घर चला गवा। समौन क सासे क बहोत बोखार चढ़ा रहा। उ पचे ईसू स मदद बरे बिनती किहेन। 39 ईसू ओकरे सिरहाने खड़ा भवा अउर बोखारे क डाटेस। बोखार ओहका छोड़ि दिहस। उ फउरन खड़ी होइ गइ अउर ओनकर सेवा करइ लाग। 40 जब सूरज ओनवबत रहा तउ जेकरे हिआँ किसिम किसिम क बेमारी स पीड़ित रहेन, उ सबइ ओनका ओकरे लगे लइ आएन। अउर उ आपन हथवा ओहमाँ स हर एक पर रखत भए ओनका चंगा किहे। 41 ओहमाँ बहोतन मँ दुस्ट आतिमन चिचियात भइ इ कहत बाहेर निकरि आइन, “तू परमेस्सर क पूत अहा।” मुला उ ओनका डाँटेस अउर बोलइ नाहीं दिहस, काहेकि उ सबइ जानत रहिन कि “उ मसीह अहइ।” 42 जब भिनसार भवा तउ हुवाँ स उ कउनो एकांत ठउर चला गवा। मुला भीड़ ओका हेरत हेरत हुवँइ जाइके पहोंच गइ जहाँ उ रहा। उ पचे ओका ओनका छोड़िके न जाइ स रोकेन। 43 मुला उ ओनसे कहेस, “परमेस्सर क राज्य क बारे मँ सुसमाचार मोका दूसर सहरन मँ भी पठवइ क बा काहेकि मोका यह बरे पठवा ग अहइ।” 44 अउर इ तरह उ यहूदिया क आराधनालय मँ लगातार उपदेस देत रहा।

Luke 5:1 अइसा भवा कि भीड़ मँ मनइयन ईसू क चारिहुँ कइँती स घेरिके जब परमेस्सर क बचन सुनत रहेन अउर उ गन्नेसरत नाउँ क झिलिया क किनारे खड़ा रहा। 2 तबहिं उ झीले क किनारे दुइ नाउ देखेस। मछुआरा ओहमाँ स निकरिके आपन जाल साफ करत रहेन। 3 ईसू ओहमाँ स एक नाउ प जउन समौन क रही, चढ़ि गवा अउर उ नाउ क किनारे स हटावइ बरे कहेस। फिन उ नाउ प बइठि गवा अउर हुवँई नाउ प स मनइयन क भीड़े क उपदेस देइ लाग। 4 जब उ उपदेस देब बंद किहेस तउ उ समौन स कहेस, “गहिर पानी कइँती बढ़ा अउर मछरी धरइ क आपन जालि डावा।” 5 समौन कहेस, “स्वामी हम सारी राति बहोत मेहनत कीन्ह ह, मुला हमका कछू नाहीं मिला। तउ भी तू कहत बाट्या, यह बरे मइँ जालि नाइ देत हउँ।” 6 जब उ पचे जलिया डारि दिहन तउ ढेर मछरी धरी गइन। ओनकइ जालि जइसे फाटत रहिन। 7 तउ उ पचे दूसर नाउन मँ बइठन आपन साथी संगी क इसारा कइके मदद बरे बोलाएन। उ सबइ आइ गएन अउर उ सबइ दुइनउँ नाउन प ऍतनी ढेरि क मछरी लादि दिहन कि माना उ पचे बूड़इ लागेन। 8 जब समौन पतरस इ निहारेस तउ उ ईसू क गोड़वा मँ गिरिके बोला, “मोसे दूर रहा, काहेकि हे पर्भू मइँ एक पापी मनई हउँ।” उ इ एह बरे कहेस कि ऍतनी मछरी बटोर पावइ क कारण ओका अउर ओकॅरे सबहीं साथी क बहोत अचरज होत रहा। 9 10 जब्दी क बेटवा याकूब अउर यूहन्ना क भी, जउन समौन क साथी रहेन, इ तरह बहोत अचरज भवा।तउ ईसू समौन स कहेस, “डेराअ जिन, काहेकि अबहिं स तू मनइयन क बटोरब्या।” 11 फिन उ पचे आपन नाउन क किनारे लइ आएन अउर सब कछू तजिके ईसू क पाछे होइ गएन। 12 तउ अइसा भवा कि जब ईसू एक नगर मँ रहा तबहीं हुवाँ कोढ़ स बिआपा एक ठु मनई रहा। उ जइसेन ईसू क निहारेस तउ दण्डवत प्रणाम कइके ओसे बिनती किहेस, “पर्भू, जदि तू चाहा तउ मोका चंगा कइ सकत ह।” 13 ऍह पइ ईसू आपन हाथ बढ़ाइके कोढ़ी क इ कहत भवा छुएस, “मइँ चाहत हउँ, चंगा होइ जा!” अउर फउरन ओकर कोढ़ जात रहा। 14 फिन ईसू ओका हुकुम दिहेस, “ऍकरे बारे मँ उ कउनो स कछू न कहइ। मुला याजक क लगे जा अउर अपने सुद्ध होइ बरे मूसा क हुकुम क मुताबिक भेंट चढ़ाइ द्या जइसे मनइयन क तोहरे चंगा होइ क प्रमाण मिलइ।” 15 मुला ईसू क बारे मँ खबर अउर जिआदा रफ्तार स संचरइ लाग। अउर मनइयन क झुंड क झुंड ऍकट्ठा होइके ओका सुनइ अउर आपन बेरामी स जरटुट होइ बरे ओकरे नगिचे आवत रहेन। 16 मुला ईसू अक्सर कहूँ एकान्त जंगल मँ चला जात रहा अउर उहाँ पराथना करत रहा। 17 अइसा भवा कि एक दिना जब उ उपदेस देत रहा तउ हुवाँ फरीसियन अउर धरम सास्तिरियन भी बइठा रहेन। उ सबइ गलील अउर यहूदिया क हर सहर अउर यरूसलेम स आए रहेन। मनइयन क चंगा करइ क पर्भू क सक्ती ओकरे साथे रही। 18 तबहीं कछू मनई खटिया प लकवा क एक बेरमिया क ओकरे लगे लइ आएन। उ पचे ओका भितरे लइ आइके ईसू क समन्वा धरइ क जतन करत रहेन। 19 मुला भीड़ क कारण भीतर जाइके रस्ता न मिल पावइ स उ सबइ छत प चढ़ि गएन अउर उ पचे ओका बिछउना क साथ छत क बीचोबीचे स खपरैल टारिके भोर के बीच मँ ईसू क समन्वा उतार दिहन। 20 ओनके बिसवास क लकत भवा ईसू कहेस, “अरे तोहार, पाप छमा होइ गएन।” 21 तब धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन आपन मँ सोचइ लागेन, “इ कउन बा जउन परमेस्सर बरे अइसे बेज्जती स बोलत ह परमेस्सर क तजिके दूसर कउन अहइ जउन पाप छमा कइ सकत ह” 22 मुला ईसू ओनकइ सोचब बिचारब क ताड़ लिहस। फिन जवाबे मँ उ ओनसे कहेस, “तू पचे आपन मने मँ अइसा काहे सोचत अहा? 23 जिआदा असान क बाटइ? इ कहब, ‘तोहार पाप छमा हुआ’ या इ कहब, ‘उठा अउर चला’? 24 मुला एह बरे कि तू जान ल्या कि मनई क पूत क धरती प छमा करइ क हक अहइ।” उ लकवा क बेरमिआ स कहेस, “मइँ तोहसे कहत हउँ खड़ा ह्वा! आपन बिछउना उठावा अउर घरे जा।” 25 तउ उ तुरंतहि खड़ा भवा अउर ओनके लखत लखत जउने बिछउना प उ ओलरा रहा, ओका उठाइके परमेस्सर क स्तुति करत भवा आपन घर चला गवा। 26 उ पचे जउन हुवाँ रहेन सब चकित होइके परमेस्सर क बड़कई करइ लागेन। उ पचे स्रद्धा अउर अचरज स भरि गएन अउर बोलेन, “आजु हम पचे कछू अजूवा निहारा ह!” 27 एकरे पाछे ईसू चला गवा। तबहीं उ चुंगी क चौकी पइ बइठा लेवी नाउँ क चुंगी उगहिया क लखेस। उ ओसे कहेस, “मोरे पाछे चला आवा!” 28 तउ उ खड़ा भवा अउर सब कछू तजिके ओकरे पाछे होइ गएन। 29 फिन लेवी आपन घरे प ईसू क मान बरे एक ठु स्वागत जेवनार दिहस। हुवाँ चुंगी क उगहिया अउर दूसर मनइयन क बड़का जमघट मिलिके ओकरे संग जेवंत रहा। 30 तब फरीसियन अउर धरम सास्तिरियन लोग ओकरे चेलन स इ कहत भए सिकाइत किहन, “तू चुंगी उगहिया अउर पापी मनइयन क संग काहे खात पिअत ह” 31 जवाबे मँ ईसू ओनसे कहेस, “हिट्ठ पुट्ठ क नाहीं, मुला बेरमियन क वैद्य (डाक्टर) क जरूरत होत ह। 32 मइ मनफिराव बरे धर्मी लोगन क नाहीं मुला पापी मनइयन क बोलावइ आवा हउँ।” 33 उ पचे ईसू स कहेन, “यूहन्ना क चेलन अक्सर उपास राखत हीं अउर पराथना करत हीं। अउर अइसा ही फरीसियन क मनवइयन भी करत हीं मुला तोहार मनवइयन तउ खात पिअत रहत हीं।” 34 ईसू ओनसे पूछेस, “का दुल्हा क संग मेहमान जब तलक दुल्हा क लगे रहत हीं, उपास करत हीं? 35 मुला उ सबइ दिनन अबहिं जबहिं दुल्हा ओनसे छीन लीन्ह जइहीं। फिन उ दिनन मँ उ पचे उपास करिहीं।” 36 उ ओनसे एक दिस्टान्त कथा अउर कहेस, “कउनो भी नवा पोसाके स टुकड़ा फाड़िके ओका पुरान पोसाके प नाहीं लगावत अउर जदि कउनो अइसा करत ह तउ ओकर नवा पोसाक तउ फाटि जाई, ओकरे संग उ नवा पइबंद भी पुरान क साथ मेल न खाई। 37 कउनो भी पुरान मसकन मँ नई दाखरस नाहीं भरत अउर जदि भरि देत ह तउ नई दाखरस पुरान मसकन क फोरि देई, उ फैलि जाई अउर मसकन क फोरि देई। 38 मनई हमेसा नई दाखरस नई मसकन मँ ही धरत ह। 39 पुरान दाखरस पीके कउनो भी नई का नाहीं चाहत काहेकि उ कहत ह, ‘पुरान उत्तिम अहइ।”‘

Luke 6:1 अब अइसा भवा कि सबित क एक दिन ईसू जब अनाजे क खेतन्स जात रहा तउ ओनकर चेलन अनाजे क बलिया तोड़तेन, हथेली प रगड़ितेन अउर ओनका चबात जात रहेन। 2 तबहीं कछू फरीसियन कहेन, “जेका सबित क दिन कीन्ह जाब नीक नाहीं बा, ओका तू पचे काहे करत अहा?” 3 जवाब देत भवा ईसू ओनसे पूछेस, “का तू पचे नाहीं पढ़्या जब दाऊद अउर ओकर साथी भुखान रहेन, तब दाऊद का किहेस? 4 का तू नाहीं बाँच्या कि उ परमेस्सर क घरे मँ घुसिके, परमेस्सर क चढ़ाई गइ रोटिन क उठाइके खाइ लिहस अउर ओनका भी दिहेस जउन ओकरे संग रहेन? जब कि याजकन क तजिके ओकर खाब कउनो बरे नीक नाहीं।” 5 उ अगवा फिन कहेस, “मनई क पूत सबित क दिन क भी पर्भू अहइ।” 6 दूसर सबित क दिना अइसा भवा कि उ आराधनालय मँ जाइके उपदेस देइ लाग। हुवँई एक अइसा मनई रहा जेकर दाहिन हाथ सुखंडी होइ गवा रहा। 7 हुवँई धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन इ ताक मँ रहेन कि उ सबित क दिन कउनो चंगा किहे होइ तो ओह प दोख लगावइ क कउनो कारण पाइ जाइँ। 8 उ ओनके बिचारन क जानत रहा। यह बरे उ सुखंडी हथवावाले मनई स कहेस, “उठा अउर सबन क समन्वा खड़ा होइ जा।” उ उठि गवा अउर हुवाँ खड़ा होइ गवा। 9 तब ईसू मनइयन स कहेस, “मइँ तोहसे पूछत हउँ-सबित क दिन कउनो क भला करब चंगा अहइ या कउनो क नोसकान करब, कउनो क जिन्नगी बचाउब नीक बा या कउनो क जिन्नगी क नास करब।” 10 ईसू चारिहुँ कइँती ओन सबन क निहारेस अउर फिन ओसे कहेस, “आपन हथवा सोझ फइलावा।” उ वइसा ही किहेस अउर ओकर हाथ फिन स चंगा होइ ग। 11 मुला ऍह पइ उ पचे आपुस मँ तहत्तुक करत कोहाइ गएन अउर बिचारइ लागेन, “ईसू क का कीन्ह जाइ?” 12 उ दिनन मँ अइसा भवा कि ईसू पराथना करइ बरे एक पहाड़े प गवा अउर सारी राति परमेस्सर क पराथना करइ मँ बिताएस। 13 फिन मोर भवा तउ उ आपन मनवइयन क लगे बोलॉएस। ओहमाँ स उ बारहु क चुनेस, जेनका उ “प्रेरितन” क नाउँ दिहस। 14 समौन जेका उ पतरस का नाउँ दिहेस, अउर ओकर भइया अन्द्रियास, याकूब अउर यूहन्ना, फिलिप्पुस, बरतुलमै, 15 मत्ती, थोमा, हलफई क बेटवा याकूब अउर समौन जिलौती, 16 याकूब क बेटवा यहूदा अउर यहूदा इस्करियोती जउन दगाबाज होइ गवा। 17 फिन ईसू ओनके संग पहाड़ी स तरखाले उतरिके समथर भुइयाँ प खड़ा भवा। हुवँई ओकरे चेलन क भारी जमघट रहा। एकरे साथ समूचइ यहूदिया, यरूसलेम, सूर अउर सैदा क समुद्दर किनारे स अनगिनत आलम हुवाँ आइके ऍकट्ठा भवा। 18 उ पचे ओका सुनइ अउर बेरामी स छुटकारा पावइ हुवाँ आए रहेन। जउन दुस्ट आतिमा स सतावा रहेन, उ पचे भी हुवाँ आइके चंगा भएन। 19 समूची भीड़ ओका छुइ भरि लेइ क जतन मँ रही काहेकि ओहमाँ स सक्ती निकरत रही अउर ओन सबन क बेरामी स दूर करत रही। 20 फिन उ आपन चेलन क निहारत भवा बोला, “धन्य अहा तू दीन जनन काहेकि परमेस्सर क राज्य तोहार अहइ। 21 धन्य अहा तू, जउन अबहीं भूखा अहा काहेकि तृप्ति तउ होइ तोहार, धन्य अहा तू, जउन आजु आँसू बहावत अहा, काहेकि तू आगे हँसब्या। 22 “धन्य अहा तू, जब मनई क पूत क कारण लोग तोहसे घिना करइँ, अउर तोहका निकारि देइँ; अउर करइँ तोहार बुराई, नाउँ तलक क दुस्ट कहिके, काटि देइँ उ पचे। 23 तब उहइ दिन तू मगन होइके खुसी मँ उछर्या काहकेइ सरग मँ तोहार प्रतिफल महान अहइ। काहेकि ओनके पूर्वजन भी नबियन क संग अइसा ही किहन ह। 24 “हाय! धिक्कार अहइ तोहका ओ धनी मनइयो, काहेकि तोहका मिल गवा सुख चनइ भरपूर। 25 अहइ तोहका धिक्कार, जउन भरपेट अहा अब काहेकि तू भूखा रहब्या। अहइ तोहका धिक्कार, जउन अबहिन हँसत अहा, काहेकि तू आँसू बहउब्या अउर सोक करब्या। 26 “बा धिक्कार तोहका, जब सबन दुआरा तोहार बड़कई होइ काहेकि ओनके पूर्वजन भी इही ब्यौहार झूठे नबियन क संग किहे रहेन। 27 “ओ सुनवइया लोगो, मइँ तोहसे कहत हउँ आपन बैरी स भी पिरेम करा। जउन तोहसे घिना करत हीं ओनके संग भलाई करा। 28 ओनका भी आसीर्बाद द्या जउन तोहका सरापत हीं। ओनके बरे पराथना करा जउन तोहरे संग नीक ब्यौहार नाहीं करतेन। 29 जदि कउनो तोहरे एक गाले प थप्पड़ियावइ तउ तू दूसर गाल भी ओकरे अगवा कइ द्या। जदि कउनो तोहार कोट तोहसे लइ लेइ तउ ओहका कुर्ता भी लइ लेइ द्या। 30 जदि कउनो तोसे माँगइ, ओका द्या। जदि कउनो तोहार कछू राखि लेइ तउ ओसे ओका वापस जिन माँगा। 31 तू आपन बरे जइसा ब्यौहार दूसरन स चाहत बाट्या, तोहका वइसा ही दूसर क संग ब्यौहार करइ चाही। 32 “जदि तू बस ओनही क पिआर करत ह, जउन तोहका पिआर करत हीं, तउ ऍहमा तोहार कउन बड़कई? काहेकि आपन स पिरेम करइवालन स पिरेम तउ पापी मनई तलक करत हीं। 33 जदि तू बस ओनहीं क भला करत ह, जउन तोहार भला करत हीं, तउ तोहार कउन बड़कई? अइसा तउ पापी तलक करत हीं। 34 जदि तू सिरिफ ओनही क उधार देत ह, जेनसे तोहका वापस मिल जाइ क आसा बा, तउ तोहार कउन बड़कई? अइसे तउ पापी भी पापी मनइयन क देत हीं कि ओनका ओनकी पूरी रकम वापस मिलि जाइ। 35 मुला आपन दुस्मन स भी पिआर करा, ओनके संग भलाई करा। कछू भी वापस मिलि जाइके आसा तजिके उधार द्या। इ तरह तोहार फल महान होइ जाई अउर तू सर्वोच्च (परमेस्सर) क संतान बनब्या काहेकि परमेस्सर एहसाने क मानइवालन अउर दुस्ट मनइयन प भी दाया करत ह। 36 जइसे तोहार परमपिता दयालु वा, वइसे ही तू दयालु बना। 37 “कओ क दोखी जिन कहा तउ तोहका भी दोखी नाहीं कहा जाइ। कओ क नोक्तचीनी जिन करा तउ तोहार भी नोक्ताचीनी नाहीं कीन्ह जाइ। छमा करा, तोहका छमा मिली। 38 द्या तोहका भी दीन्ह जाइ। उ पचे तोहरे झोरी मँ पूरा नाप दबाइ दबाइ के, हलाइके बाहेर निकसत भइ उड़ेरिहीं काहेकि जउने नापे स तू दूसरन क नापत ह, उहइ स तोहका नापा जाइ।” 39 उ ओनसे एक ठु दिस्टान्त कथा अउर कहेस: “का कउनो आँधर कउने दूसरे आँधर क राह देखाइ सकत ह का उ सबइ दुइनउँ ही कउनो गड़हा मँ नाहीं भहरइहीं? 40 कउनो भी पढ़वइया आपन पढ़ावइवालन स बड़वार नाहीं होइ सकत, मुला जबहिं कउनो मनई पूरी तरह हुसियार होइ जात ह तउ उ आपन गुरु क नाई होइ जात ह। 41 “तू आपन भाई क आँखी मँ कउनो ढेंढ़ा काहे लखत ह अउर आपन आँखी क लट्ठा भी तोहका नाहीं चोंधरात। 42 तउ आपन भाई स तू कइसे कहि सकत ह ‘भाई तू अपन आँखी क तिनका मोका निकारइ द्या।’ जब तू आपन आँखी क लट्ठा क नाहीं निहरत्या। अरे कपटी, पहिले आपन आँखी क लट्ठा दूर करा, तब तोबका आपन भाई क आँखी क ढेढ़ा बाहेर निकारइ बरे देखॉइ पड़ी। 43 “कउनो भी अइसा उत्तिम बृच्छ नाहीं अहइ जेह पइ बुरा फर लागत होइ। न ही कउनो अइसा बुरा बृच्छ बाटइ, जेइ पइ उत्तिम फर आवति होइ। 44 हर बृच्छ आपन फर स पहिचाना जात ह। मनइयन कँटेहरी झारी स अंजीर नाहीं बटोरतेन। न ही कउनो झरबेली स मनई अंगूर बटोरत हीं। 45 एक नीक मनई क मन मँ अच्छाइ क भंडार बाटइ। अउर एक खोटा मनई, जउ ओकरे मने मँ बुराई बाटइ, उहइ स बुराई पइदा करत ह। काहेकि एक मनई मुँहना स उहइ बोलत ह, जउन ओकरे हिरदइ मँ उफनाइ के बाहेर आवत ह। 46 “तू मोका, ‘पर्भू पर्भू’ काहे पुकारत ह अउर जउन मइँ कहत हउँ, ओह प नाहीं चलत्या। 47 हर कउनो जउन मोरे लगे आवत ह अउर मोर उपदेस सुनि लेत ह अउर ओह पर आचरण करत ह, उ कउने तरह क होत ह, मइँ तोहका बताउब। 48 उ उहइ मनई क नाई अहइ जउन मकान बनावत बाटइ। उ गहिर खुदाई किहेस अउर चट्टानें प नेंव डाएस। फिन जब बाढ़ आइ अउर नदी मकाने प टकरान तउ ओका हलाइ नाहीं पाएस, काहेकि उ बहोत अच्छी तरह स बना रहा। 49 मुला जउन मोर उपदेस सुनत ह अउर ओहॅ प चलत नाहीं उ ओ मनई क नाई अहइ जउन बे नेंव धरे धरती प मकान बनाएस। नदी ओसे टकरान अउर उ फउरन ढहाइ गवा अउर पूरी तरह बरबाद होइ गवा।”

Luke 7:1 ईसू मनइयन क जउन सुनावा चाहत रहा, ओका कहि चुकइ क पाछे उ कफरनहूम चला गवा। 2 हुवाँ एक फऊजी नायक रहा जेकर नउकर ऍतना बेरमिया रहा कि मरइ के नगीचे रहा। उ नउकर ओकर बहोत पियारा रहा। 3 फऊजी नायक जब ईसू क बारे मँ सुनेस तउ उ कछू बुजुर्ग यहूदी नेतन क इ बिनती करइ क ओकरे लगे पठएस कि उ आइके ओकरे नउकर क प्राण बचाइ लेइ। 4 जब उ पचे ईसू क नगीचे पहुँच गएन तउ उ सबइ सच्चे मने स बिनती करत भए कहेन, “उ इ जोग्ग अहइ कि तू ओकरे बरे अइसा करा। 5 काहेकि उ हमरे मनइयन स पिरेम करत ह। उ हमरे बरे आराधनालय क बनवाएस ह।” 6 ऍह पर ईसू ओनके संग चल दिहेस। अबहिं जब उ घरे स जिआदा दूर नहीं रहा, उ फऊजी नायक ओकरे लगे आपन मीतन क इ कहइ बरे पठएस, “पर्भू आपन क कस्ट जिन द्या काहेकि मइँ ऍतना नीक मनई नाहीं कि तू मोरे घरवा आवा। 7 एह बरे मइँ तोहरे लगे आवइ तलक नाहीं सोचेउँ। मुला तू बस कहि भर द्या, मोर नउकर नीक होइ जाई। 8 मइँ खुद कउनो अधिकारी क मातहत काम करत हउँ अउर मोरे मातहत भी कछू सिपाही अहइँ। मइँ जब कउनो स कहत हउँ, ‘जा’ तउ उ चला जात ह। अउर जब मइँ आपन नउकर स कहत हउँ, ‘आवा’ तउ उ आइ जात ह अउर जब मइँ आपन नउकर स कहत हउँ, ‘इ करा’ तउ उ ओका करत ह।” 9 ईसू जब इ सुनेस तउ ओका ओह प बहोत अचरज भवा। जउन भारी मनइयन क भीड़ ओकरे पाछे चली आवत रही, ओनके कइँती मुड़िके ईसू कहेस, “मइँ तोहका बतावत हउँ अइसा बिसवास मोका इस्राएल मँ भी कहूँ नाहीं मिला।” 10 फिन पठए भए उ पचे जब वापस घरे पहुँचेन तउ उ सबइ उ नउकरे क बेरामी स जरटुट पाएन। 11 फिन अइसा भवा कि ईसू नाइन नाउँ क एक सहर चला गवा। ओकर चेलन अउर भारी आलम ओकरे संग रहा। 12 उ जइसे ही सहर दुआरे क नगिचे आवा तउ हुवाँ स एक मुर्दा क लइ जात रहेन। उ आपन विधवा महतारी क इकलौता बेटवा रहा। तउ सहर क अनगिनत मनइयन क भीड़ ओकरे संग रही। 13 जइसे पर्भू ओका निहारेस तउ ओकार हिरदय दया स भर गवा। उ उससे बोला, “जिन रोवा।” 14 फिन उ अगवा बढ़ा अउर उ ताबूत क छुइ लिहस उ पचे जउन ताबूते क लइ जात रहेन, हुवँइ ठहर गएन। ईसू कहेस, “नउ जवान! मइँ तोहसे कहत हउँ खड़ा ह्वाा!” 15 तउ उ मुर्दा मनई बइठ गवा अउर बोलइ लाग। ईसू ओका ओकरी महतारी क वापस लौटाएस। 16 अउर फिन उ सबइ स्त्रद्धा अउर अचरज मँ पड़ि गएन। अउर इ कहत भएन परमेस्सर क महिमा बखनइ लागेन, हमरे बीच एक महान नबी परगट भवा अहइ!” अउर कहइ लागेन, “परमेस्सर आपन मनइयन क मदद करइ बरे आइ ग अहइ।” 17 ईसू क समाचार यहूदिया अउर आस-पास क देसन मँ सब कहूँ कइँती फैलि गइ। 18 इ सबइ बातन क बारे मँ यूहन्ना क मनवइयन ओका सब कछू बताइ दिहन। तउ यूहन्ना आपन दुइ चेलन क बोलाइ के 19 ओनका पर्भू स इ पूछइ बरे पठएस, “का तू उहइ अहा, जउन आवइवाला अहइ या हम पचे कउनो अउर क बाट जोही?” 20 फिन उ मनइयन ईसू क लगे पहुँचेन तउ उ पचे कहेन, “बपतिस्मा क देवइया यूहन्ना हमका तोहसे इ पूछइ पठएस ह, ‘का तू उहइ अहा जउन आवइवाला अहइ या हम सबइ कउनो अउर क बाट जोही।”‘ 21 उहइ समइ उ बहोत स बेरमिया क नीक किहेन अउर ओनका करुण दुख अउर दुस्ट आतिमन स छुटकारा दियाएस। अउर बहोत स आँधर न क आँखिन दिहेस। 22 फिन उ ओनका जवाब दिहस, “जा अउर यूहन्ना स जउन तू निहार्या ह अउर सुन्या ह, ओका बतावा कि आँधर फिन स लखत अहइँ, लँगड़ा लूला चलत फिरत अहइँ अउर कोढ़ी सुद्ध होइ ग अहइँ। बहिरन सुनि पावत हीं अउर मुरदा फिन जिआवा जात अहइँ। गरीब मनइयन क सुसमाचार सुनाई जात अहइ। 23 उ मनई धन्य अहइ जेका मोरे क स्वीकार करइ मँ कउनो हिचक नाहीं।” 24 जब यूहन्ना क संदेस लइ आवइवालन चला गएन तउ ईसू भीड़े मँ मनइयन क यूहन्ना क बारे मँ बताउब सुरु किहेस: “तू पचे बियाबान जंगल मँ का लखइ गवा रह्या? का हवा मँ झूलत कउनो सरपत लखे गवा रइया? नाहीं? 25 फिन तू का लखइ गवा रह्या? का कउनो पुरुस क मँहगा ओढ़ना पहिरे क लखइ गवा रह्या? नाहीं, उ पचे जउन उत्तिम ओढ़ना पहिरत हीं अउर जउन भोग बिलास क जिन्नगी मँ जिअत हीं, उ सबइ तउ रजवाड़ा मँ पाइ जात हीं। 26 मुला बतावा तू का देखइ गवा रह्या? का कउनो नबी? हाँ, मइँ तोहका बतावत हउँ कि तू जेका लख्या ह, उ कउनो नबी स कहीं जिआदा बा। 27 इ उहइ अहइ जेकरे बारे मँ लिखा अहइ:‘देखा! तोहसे पहिले मइँ आपन दूत पठवत अही, उ तोहसे पहिले ही राह तइयार करी।’ मलाकी 3:1 28 मइँ तोहका बतावत हउँ कि कउनो स्त्रियन स पइदा भएन मँ यूहन्ना स महान कउनो नाहीं अहइ। मुला फिन भी परमेस्सर क राज्य क छोटा स छोटा मनई भी ओस बड़का बा।” 29 (तबहिं हर कउनो, हियाँ तलक कि चुंगी (टिक्स) उगहिया भी यूहन्ना क सुनिके ओकर बपतिस्मा लइके इ मान लिहेन कि परमेस्सर क रस्ता सच्चा अहइ। 30 मुला फरीसियन अउर धरम सास्तिरियन ओकर बपतिस्मा न लइके ओनके बारे मँ परमेस्सर क इच्छा क टारि दिहन।) 31 “तउ फिन इ पीढ़ी क मनइयन क उपमा मइँ कउने स करउँ कि उ पचे कइसे बाटेन? 32 उ पचे बजारे मँ बइठेन ओन बचवन क नाईं अहइँ जउन एक दूसर क पुकारिके कहत हीं:‘हम तोहरे बरे बाँसुरी बजावा मुला तू नाच्या नाहीं। हम तोहरे बरे सोक गवनिया गावा मुला तू रोया नाहीं।’ 33 काहेकि बपतिस्मा क देवइया यूहन्ना आवा जउन न तउ रोटी खात रहा अउर न ही दाखरस पिअत रहा अउर तू कहत ह, ‘ओहमाँ दुस्ट आतिमा समाइ गइ अहइ।’ 34 फिन खात पिअत भवा मनई क पूत आवा, मुला तू कहत अहा, ‘देखा, इ पेटार अहइ। पियक्कड़ अहइ, चुंगी उगहियन अउर पापी मनइयन क मीत अहइ।’ 35 बुद्धि क उत्तिम होब ओकरे फल स सिद्ध होत ह।” 36 फरीसियन मँ एक ठु फरीसी आपन संग खइया प ओका न्योत दिहस। तउ उ फरीसी क घर गवा अउर ओकरे हियाँ भोजन करइ बइठा। 37 हुवँई सहर मँ एक पापी स्त्री रही, ओक जब इ पता चलि गवा कि उ एक फरीसी क घर भोजन करत अहइ तउ उ स्फटिक क एक पथरी मँ इतर लइके आइ। 38 उ ओकरे पाछे ओकरे गोड़वा क लगे खड़ी रही। उ रोवत रही। आपन आँसुअन स उ ओकर गोड़ भिजवइ लाग। फिन उ गोड़वा क आपन बाले स पोंछेस अउर गोड़वा क चूमिके ओन प इतर उड़ेरेस। 39 उ फरीसी जउन ईसू क आपन घर बोलाएस, इ लखिके मनवा मँ सोचेस, “जदि इ मनई नबी अहइ अउर कइसी अहइ? उ जान लेत कि इ तउ पापिन अहइ।” 40 जवाबे मँ ईसू ओसे कहेस, “समौन मोका तोहसे कछू कहइ क अहइ।”उ बोला, “हे गुरु, कहा।” 41 ईसू कहेस, “कउनो साहूकारे क दुइ करजदार रहेन। एक प ओकरे पाँचसौ चानी क सिक्का निकरत रहेन अउर दूसर प पचास। 42 काहेकि उ दुइनउँ करजा नाहीं पाट पाएन। यह बरे उ दाया कइके दुइनउँ क करजा माफ कइ दिहस। अब बतावा दुइनउँ मँ स ओका जिआदा पिरेम कउन स करी?” 43 समौन जवाब दिहस, “मोर बिचार बा, उहइ जेका उ जिआदा करजा छोड़ दिहस।”ईसू कहेस, “तू नीक सोच्या ह।” 44 फिन उ स्त्री कइँती मुड़िके उ समौन स कहेस, “तू इ स्त्री क लखत अहा? मइँ तोहरे घरवा आवा अही, तू मोड़े गोड़वा धोवइ क पानी नाहीं दिहा मुला इ मेरे गोड़वा क अँसुअन स धोइ दिहस अउर फिन आपन बरवा स पोंछेस। 45 तू स्वागत मँ मोका नाहीं चूम्या मुला इ जब तलक मइँ भितरे गवा हउँ, मोरे गोड़वा क लगातार चूमत बाटइ। 46 तू मोरे मूॅड़े प तेल नाहीं मल्या, मुला इ मोरे गोड़वा प इतर छिड़केस। 47 एह बरे मइँ तोहका बतावत हउँ कि ऍकर अगाध पिरेम दर्सित करत ह कि ऍकर पाप छमा कइ दीन्ह ग अहइँ। मुला उ जेका तनिक पापन क छमा मिली, उ थोड़ा पिरेम करत ह।” 48 तब ईसू उ स्त्री स कहेस, “तोहार पाप छमा कइ दीन्ह ग अहइँ।” 49 फिन जउन ओकरे संग जेंवत रहेन, उ सबइ मने मँ सोचइ लागेन, “इ कउन अहइ, जउन पापन क छमा कइ देत ह” 50 तब उ स्त्री स ईसू कहेस, “तोहार बिसवास तोहार रच्छा किहेस ह। सांति स जा।”

Luke 8:1 ऍकरे बाद अइसा भवा कि ईसू परमेस्सर क राज्य क सुसमाचार मनइयन क सुनावत भवा सहर-सहर अउर गाउँ गाउँ घूमइ लाग। ओकर बारहु प्रेरितन भी ओकरे संग होत रहेन। 2 ओकरे संग कछू स्त्रियन भी होत रहीं जेनका उ बेरामी अउर दुस्ट आतिमन स छुटकारा दियावत रहा। एनमाँ मरियम मगदलीनी नाउँ क एक स्त्री रही जेका सात दुस्ट आतिमन स छुटकारा मिला रहा। 3 हेरोदेस क संरकाम अफसर खोजा क पत्नी योअन्ना भी एनहीं मँ रहिन। साथ ही सूसन्नाह अउर ढेर क स्त्रियन भी रहिन। इ स्त्रियन आपन जतन स ईसू अउर ओकरे प्रेरितन क सेवा क संरजाम करत रहिन। 4 जब सहर-सहर स आइके मनइयन क बड़ी भीड़ ऍकट्ठा होत रही, तउ उ ओनसे एक दिस्टान्त कथा कहेस, 5 “एक किसान आपन बिआ बोवइ निकरा। जब उ बिआ बोएस कछू बिआ राह क किनारे जाइके गिरेन अउर गोड़े तरे रौंद गएन। अउर चिड़ियाँ ओनका चुग लिहेन। 6 कछू बिआ पथरही धरती प गिरेन, उ सबइ जब उगेन तउ ओद न होइ स मुरझाइ गएन। 7 कछू बिआ कँटेहरी झाड़िन मँ गिरेन। काँटन क बाढ़इ क संग संग उ भी बाढ़ेन अउर कँटवन ओनका दबोच लिहन। 8 अउर कछू बिआ धरती प गिरेन। उ उगेन अउर उ सबइ सउ गुना फसल दिहेन।”इ बातन क बतावत भवा उ पुकारिके कहेस, “जेकरे लगे कान अहइँ, उ सबइ सुनि लेइँ।” 9 ओकर चेलन ओसे पूछेन, “इ दिस्टान्त कथा क अरथ का अहइ?” 10 तउ उ बताएस, “परमेस्सर क राज्य क भेद जानइ क सुविधा तोहका दीन्ह गइ अहइ मुला दूसर क इ भेज दिस्टान्त कथा स दीन्ह ग अहइँ जेहसे:‘उ पचे देखत भी न देख पावइँ अउर सुनते हुए भी न समुझ पावइँ।’ यसायाह 6:9 11 “इ दिस्टान्त कथा क अरथ इ अहइ: बिआ परमेस्सर क उपदेस अहइ। 12 उ बिआ जउन राह क किनारे गिरा रहेन, उ मनइयन उपदेस जउन अब उपदेस सुनत हीं, सइतान आवत ह अउर उपदेस क ओनके मने स निकार लइ जात ह जेहसे उ सबइ पतिआय न पावइँ अउर ओनकइ उद्धार न होइ सकइ। 13 उ बिआ जउन पथरही भुइयाँ प गिरा रहेन ओनकइ अरथ अहइ ओन मनइयन स जउन उपदेस सुनत हीं तउ ओका खुसी स तउ अपनावत हीं। मुला बिआ ओनके भितरे जम नाहीं पावत उ सबइ कछू समइ बरे बिसवास करत हीं मुला परीच्छा क घड़ी मँ डुग जात हीं। 14 अउर जउन बिआ काँटन मँ गिरेन ओकर अरथ अहइ, ओन मनइयन स जउन उपदेस सुनत हीं, मुला जब उ पचे आपन राहे प चलइ लागत हीं। तउ फिकिर, धन दौलत अउर जिन्नगी क भोग बिलास ओका दहबोचि लेत हीं, जेहसे ओन प कबहुँ फसल पाकत नाहीं। 15 अउर बढ़िया भुइयाँ प गिरा भवा बिआ क अरथ अहइ ओन मनइयन स जउन अच्छा अउर सच्चा मन स जब उपदेस क सुनत हीं तउ ओका धारण भी करत हीं। फिन आपन धीरज क संग उ पचे उत्तिम फल देत हीं। 16 “कउनो दीया ढकना स ढाकइ बरे नाही जलावत। या ओका बिछउना तरे नाहीं धरत। मुला उ ओका डीबट प धरत ह काहेकि जउन भीतर आवइँ, रोसनी देखि सकइँ। 17 काहेकि कछू भी अइसा छुपा नाहीं अहइ जउन उजागर न होई अउर कछू भी अइसा छुपा नाहीं बा जउन जाना न जाई अउर परगट न होई। 18 एह बरे धियान स सुना काहेकि जेकरे लगे बा ओका भी दीन्ह जाई अउर जेकरे लगे नाहीं अहइ, ओसे भी ओकरे नगिचे देखात ह, उ भी लइ लीन्ह जाई।” 19 तबहीं ईसू क महतारी अउर ओकर भाइयन ओकरे लगे आएन मुला उ पचे भीड़ क कारण ओकरे नगिचे नाहीं जाइ सकेन। 20 यह बरे ईसू स इ कहा गवा, “तोहार महतारी अउर तोहार भाइयन बाहेर खड़ा अहइँ। उ पचे तोसे भेंटइ चाहत हीं।” 21 मुला ईसू ओनका जवाब दिहस, “मोर महतारी अउर मोर भाइयन तउ इ सबइ अहइँ जउन परमेस्सर क उपदेस सुनत हीं अउर ओह प चलत हीं।” 22 तब्बइ एक दिन अइसा भवा कि उ आपन चेलन क संग एक नाउ प चढ़ा अउर ओनसे “आवा, झिलिया क उ पार चली।” तउ उ पचे पाल खोलि दिहन। 23 उ पचे नाउँ खेवत रहेन, ईसू सोइ गवा। झिलिया प आन्धी अउर तूफान उतर आवा। ओनके नाउ मँ पानी भरइ लाग। उ पचे खतरा मँ रहेन। 24 ऍहसे उ सबइ ओकरे लगे आएन अउर ओका जगाइके कहइ लागेन, “स्वामी! स्वामी! हम बूड़त अही!”फिन उ खड़ा भवा अउर उ आन्धी, अउर लहरन क फटकारेस। उ सबइ थम गइन अउर हुवाँ सान्ति होइ गइ। 25 फिन उ ओनसे पूछेन, “तोहार बिसवास कहाँ गवा?”मुला उ पचे डेरान रहेन अउर अचरज मँ पड़ा रहेन। उ पचे आपुस मँ एक दूसरे स कहेन, “आखिर इ अहइ कउन जउन हवा अउर पानी दुइनउँ क हुकुम देत ह अउर उ सबइ ओका मानत हीं!” 26 फिन उ पचे गिरासेनियन लोगन क पहँटा मँ पहुँचेन जउन गलील झीले क समन्वा रहा। 27 जइसेन ही उ किनारे प उतरा, सहर क एक मनई ओका मिला। ओहमा दुस्ट आतिमन क सवारी रहिन। बहोत दिना स उ न तउ ओढ़ना पहिरत रहा, न ही उ घरे मँ रहत रहा, मुला उ मकबरे मँ रहत रहा। 28 उ जब ईसू क लखेस तउ चिचियात भवा ओकरे समन्वा गिरिके ऊँची अवाज मँ बोला, “हे सर्वोच्च परमेस्सर क पूत ईसू तू मोसे का चाहत ह मइँ बिनती करत हउँ मोका पीरा जिन द्या।” 29 उ उ दुस्ट आतिमा क उ मनई मँ स बाहेर निकरइ क हुकुम दिहेस, काहेकि उ दुस्ट आतिमा उ मनई क बहोत दाई पकड़े रही। अइसेन अवसरन प ओका हथकड़ी बेड़ी स बाँधि के पहरुअन क बीच राखि जात रहा। मुला उ हमेसा जंजीरे क तोरि डावत अउर दुस्ट आतिमा ओका वीरान जगहन मँ भगावत रहत!” 30 तउ ईसू ओसे पूछेस, “तोहार नाउँ का अहइ?”उ कहेस, “सेना।” (काहेकि बहोत स दुस्ट आतिमन ओहमा समाई रहिन।) 31 उ सबइ ईसू स बहस मोबहसा क संग बिनती करत रहेन कि ओनका गहिर गड़हा मँ जाइके हुकुम न देइँ। 32 अब देखा, तबहिं हुआँ पहाड़ी प सुअरन क झुण्ड चरत रहा। दुस्ट आतिमन ओसे बिनती किहेन कि उ ओनका सुअरिअन मँ जाइ देइँ। तउ उ ओनका जाइके हुकुम दिहेस। 33 ऍह प उ सबइ दुस्ट आतिमन उ मनई मँ स बाहेर निकरीं अउर ओन सुअरिअन मँ घुस गइन। अउर सुअरिअन क झुण्ड तरखाले उ ढालू तट स लुढ़कत पुढ़कत अउर दउड़त भवा झीले मँ जाइके गिरि गवा अउर बूड़ गवा। 34 सुअरिअन क झुण्ड क बहोरिया, जउन कछू भवा रहा, ओका निहारिके हुवाँ स परानेन। अउर ऍकर खबर उ पचे सहर अउर दिहात मँ सुनाएन। 35 फिन हुवाँ क मनइयन जउन कछू घटा रहा ओका लखइ बाहेर आएन। उ सबइ ईसू स भेंटेन। अउर उ पचे उ मनई क जेहमाँ स दुस्ट आतिमन निकरी रहिन, ईसू क गोड़वा प बइठा पाएन। उ मनई ओढ़ना पहिरे रहा अउर ओकर दिमाग एकदम सही रहा। ऍहसे उ सबहिं डेराइ गएन। 36 जउन निहारेन, उ पचे बताएन दुस्ट आतिमन क सवारीवाला मनई कइसे नीक भवा। 37 गिरासेन पहँटा के सबहीं वसइया ओसे बिनती किहेन कि उ हुवाँ स चला जाइ काहेकि सबहिं बहोत डेरान रहेन। तउ ईसू नाउ मँ आवा अउर लौटि गवा। 38 मुला जउने मनई स दुस्ट आतिमन निकरी रहिन, उ ईसू स आपन क संग लइ जाइके बिनती करत रहा। ऍह पइ ईसू ओका इ कहत भवा लौटाइ दिहस, 39 “घर जा अउर जउन कछू परमेस्सर तोहरे बरे किहे अहइ ओका बतावा।”तउ उ लौटिके ईसू ओकरे बरे जउन कछू किहस ह, ओका सारे नगर मँ कहत फिरा। 40 अब लखा जब ईसू लौटा तउ मनइयन क भीड़ ओकर अगवानी किहेस, काहेकि उ सबइ ओका जोहत रहेन। 41 तबहीं याईर नाउँ क एक मनई हुवाँ आइ। उ हुवाँ क आराधनालय क मुखिया रहा। उ ईसू क गोड़वा मँ गिरि गवा अउर ओसे आपन घरे जाइके बिनती करइ लाग। 42 काहेकि ओकर बारह बरिस क एक इकलौती बिटिया रही, उ मरइ क रही।तउ ईसू जब जात रहा तउ भीड़ ओका कुचरि देत रही। 43 हुवाँ एक स्त्री रही जेकर बारह बरिस स खून बहत रहा। जउन कछू ओकरे लगे रहा, उ बैद्य (डाक्टर) पर खरिच कइ दिहस, मुला उ कउनो स नीक नाहीं होइ पाइ। 44 उ ओकरे पाछे आइ अउर ओकरे चोंगा क मोहरी छुएस अउर तुरंतहि ओकर लहू बहब रुकि गवा। 45 तब ईसू पूछेस, “उ कउन अहइ जउन मोका छुएस ह”जब सबहिं मुकरइ लागेन कि उ पचे ईसू क नाहीं छुएन तउ पतरस कहेस, “स्वामी तोहका भिड़िया घेरे अहइ अउर तोहका दबावति अहइ।” 46 मुला ईसू कहेस, “कउनो मोका छुएस ह काहेकि मोका लागत अहइ कि मोसे सक्ती निकरी गइ होइ।” 47 जब उ स्त्री देखेस कि मइँ छुप नाहीं सकित तउ उ काँपत काँपत आइ अउर ईसू क समन्वा गिरि गइ। हुवाँ सबहीं मनइयन क समन्वा उ बताएस कि मइँ तोहका कउने कारण स छुए हउँ अउर कइसे फउरन नीक होइ गइ। 48 ऍह प ईसू ओसे कहेस, “बिटिया तोहरे पतियाये स तोहार उद्धार भवा ह। चइन स जा।” 49 उ अबहीं बोलत रहा कि आराधनालय क मुखिया क घरे स कउनो आवा अउर बोला, “तोहार बिटिया मरि गइ अहइ। तउ गुरु क अब अउर कस्ट जिन द्या।” 50 ईसू इ सुनि लिहस। तउ उ ओसे बोला, “डेराअ जिन! बिसवास राखा। उ बचि जाई।” 51 जब ईसू उ घरे मँ आवा उ आपन संगे पतरस, यूहन्ना, याकूब अउर बिटिया क महतारी बाप क तजिके कउनो अउर क आपन संग भितरे नाहीं लइ गवा। 52 सबहीं मनइयन उ लरकी बरे रोवत रहेन अउर बिलाप करत रहेन। ईसू कहेस, “रोउब बंद कइ द्या। इ मरी नाहीं बा, मुला सोवति अहइ।” 53 ऍह पइ मनइयन ओकर हँसी उड़ाएन। काहेकि उ जानत रहेन कि लरकी मरि चुकी बा। 54 मुला ईसू ओकर हथवा पकड़ेस अउर चिल्लाइके कहेस, “बच्ची, खड़ी होइ जा!” 55 ओकर आतिमा लौटि आइ, अउर उ फउरन उठि गइ। ईसू हुकुम दिहेस, “ऍका कछू खइया क दीन्ह जाइ।” 56 ऍह पइ लरकी क महतारी बाप क बहोत अचरज भवा मुला ईसू ओनका हुकुम दिहेस कि जउन भवा अहइ, ओका उ पचे कउनो क न बतावइँ।

Luke 9:1 फिन ईसू बारहु प्रेरितन क एक साथे बोलॉएस। अउर ओनका दुस्ट आतिमन स छुटकारा दियावइ क सामर्थ अउर हक दिहेस। उ ओनका बेरामी दूर करइके सामर्थ दिहेस। 2 फिन उ ओनका परमेस्सर क राज्य क सुसमाचार का घोसना किहेस अउर बेरमियन क नीक करइ बाहेर पठएस। 3 उ ओनसे कहेस, “आपन जात्रा बरे कछू संग न लेइँ, न लाठी, न झोरा, न रोटी, चाँदी अउर न कउनो अउर ओढ़ना। 4 तू जउन कउनो घरे क भितरे जा, हुवँइ ठहरा। अउर जब तलक बिदा न ह्वा, हुवइँ ठहरा रहा। 5 अउर जहाँ कहूँ मनई तोहार अगवानी न करइँ तउ जब तू उ सहर क तजि द्या अउर ओनके खिलाफ सनद क रूप मँ गोड़वा क धूरि झाड़ि द्या।” 6 तउ हुवाँ स चलिके उ सबइ हर कतहूँ सुसमाचार क उपदेस देतेन अउर मनइयन क चंगा करत सबहीं गाउँन स फिरत भए जात्रा करइ लागेन। 7 अब जबहिं एक चउथाई देस क राजा हेरोदेस जउन कछू भवा रहा, ओकरे बारे मँ सुनेस तउ उ भरम मँ पड़ि गवा काहेकि कछू मनइयन इ कहत रहेन, “यूहन्ना क मरे हुअन मँ स जिआइ दीन्ह ग अहइ।” 8 दूसर कहत रहेन, “एलिय्याह परगट भवा अहा।” कछू अउर कहत रहेन, “पुरान जुग क कउनो नबी जी उठा बा।” 9 मुला हेरोदेस कहेस, “मइँ तउ यूहन्ना क गटइ कटवाइ दिहे रहेउँ। फिन इ अहइ कउन जेकरे बारे मँ मइ अइसी बात सुनत रहत हउँ? तउ हेरोदेस ओका देखइ क जतन करइ लाग। 10 फिन जब प्रेरितन लौटिके आएन तउ उ पचे जउन कछू किहे रहेन, सब ईसू क बताएन। तउ उ ओनका हुवाँ स आपन संग लइके चुप्पे बैतसैदा नाउँ क सहर चला गवा। 11 मुला भीड़ क पता लग गवा तउ उ भी ओनके पाछे होइ गइ। ईसू ओनकइ सुआगत किहेस अउ परमेस्सर क राज्य क बारे मँ ओनका बताएस। अउर जेनका दवाई क जरूरत रही ओनका नीक किहेस। 12 जब दिन ओनवइ लाग तउ उ पचे बारहु ओकरे लगे आएन अउर बोलेन, “भीड़ क बिदाई दइ द्या जइसे उ सबइ नगिचे क गाउँन अउर खेतन मँ जाइके ठहरइ क ठिकाना अउर खइया क पाइ सकइँ काहेकि हम हिआँ बहोत दूर सुनसान जगह मँ अही।” 13 मुला उ ओनसे कहेस, “तू ही ऍनका खइया क द्या।”उ पचे बोलेन, “हमरे लगे बस पाँच रोटी अउर दुइ मछरी क छोड़िके अउर कछू भी नाहीं अहइ। या तू इ तउ नाहीं चाहत अहा कि हम पचे जाई अउर इ सबन बरे खइया के मोल क लइ आई।” 14 (हुवाँ करीब पाँच हजार पुरुसन रहेन।)मुला ईसू आपन चेलन स कहेस, “ओनका पचास पचास क दल मँ बइठाइ द्या।” 15 तउ उ पचे वइसा ही किहेन अउर हर कउनो क बइठाइ दिहन। 16 फिन ईसू पाँच रोटी अउर दुइ मछरी क लइके सरगे कइँती लखत भवा ओनके बरे धन्यबाद दिहेस अउर फिन ओनके टुकड़न मँ तोरत भवा ओनका आपन चेलन क दिहस कि उ पचे मनइयन क परोस देइँ। 17 मनइयन खुब जिअरा भरिके खाएन अउर बचा भवा टुकड़न स ओकर चेलन बारह झउआ भरेन। 18 इ भवा कि ईसू जब अकेल्ॅले मँ पराथना करत रहा तउ ओकर चेलन भी ओकरे संग रहेन। तउ ईसू ओनसे पूछेस, “मनइयन का कहत हीं कि मइँ कउन हउँ?” 19 उ पचे जवाब दिहन, “बपतिस्मा देवइया यूहन्ना कछू कहत हीं एलिय्याह मुला कछू दूसर कहत हीं पुरान जुग क कउनो नबी उठि खड़ा भवा बा।” 20 ईसू ओनसे कहेस, “अउर तू का कहत ह कि मइँ कउन हउँ?” पतरस जवाब दिहस, “परमेस्सर क मसीह।” 21 मुला इ बारे मँ कउनो क भी न बतावइ क चिताउनी देत भवा ईसू ओनसे कहेस, 22 “इ तइ अहइ कि मनई क पूत ढेरि क कस्ट उठाई अउर उ बुजुर्ग यहूदी नेतन, मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन क मना कइ दिहे स मारि डावा जाई फिन तिसरे दिन जी जाई।” 23 फिन उ ओन सबन स कहेस, “जदि कउनो मोरे साथ चलत चाहत ह तउ ओका खुद आपन क नकारइ क होई। अउर हर दिन ओका आपन क्रूस (यातना) उठावइ क होई। अउर मोर अनुसरन करइ क होइ। 24 काहेकि जउन कउनो आपन जिन्नगी बचाउब चाहत ह, उ ओका खोइ बइठी मुला जउन कउनो मोरे बरे आपन जिन्नगी क तजि देइ, उहइ ओका बचाई। 25 काहेकि ऍहम कउनो मनई का का लाभ अहइ कि उ समूचे संसार क लइ लेइ मुला खुद आपन क नास कइ देइ या खोइ देइ। 26 जउन कउनो भी मोरे या मोरे सब्दन बरे लजात ह, ओकरे बरे मनई क पूत भी जब आपन महिमा मँ, आपन परमपिता अउर पवित्तर सरगदूतन क महिमा मँ परगट होई तउ ओकरे बरे लजाइ जाई। 27 मुला मइँ तोसे सच कहत हउँ, हिआँ कछू खड़ा अहइँ, जउन जब तलक मउत क सेवाद नाहीं लेइहीं, जब ताई परमेस्सर क राज्य क ना लखि लेइँ।” 28 इ सब्दन के कहइ क लगभग आठ दिना बाद उ पतरस, यूहन्ना अउर याकूब क संग लइके पराथना बरे पहाड़े प गवा। 29 फिन अइसा भवा कि पराथना करत भए ओकरे मुँहना क रूप तनिक अलग होइ गवा अउर ओकर ओढ़ना चमचमात सफेद होइ गएन। 30 हुबँई ओसे बतियात दुइ मनई परगट भएन। उ सबइ मूसा अउर एलिय्याह रहेन। 31 जउन आपन महिमा क संग परगट भ रहेन अउर ईसू क मउत क बारे मँ बात करत रहेन जेका ओका यरूसलेम मँ पूरा करइ क रहा। 32 मुला पतरस अउर जउन ओनके संग रहेन ओनका नींद आइ गइ। तउ जब उ पचे जागेन उ पचे ईसू क महिमा क लखेन अउर उ सबइ उ दुइ मनइयन क लखेन जउन ओकरे संग खड़ा रहेन। 33 अउर फिन भवा अइसा कि जइसे ही उ पचे ईसू स बिदाई लेत रहेन, पतरस ईसू स कहेस, “स्वामी अच्छा बा कि हम हिआँ अही, हमका तीन माँड़ब बनवइ क अहइँ एक तोहरे बरे, एक मूसा बरे अउर एक एलिय्याह बरे।” (उ नाहीं जानत रहा, उ का कहत अहइ।) 34 उ इ कहत रहा कि एक बादर उमड़ा अउर उ ओनका आपन छाया मँ घेरि लिहस। जइसे ही ओन प बादर छावा, उ पचइ घबराइ गएन। 35 तबहीं बदरे स अकासबाणी भइ, “इ मोर पूत अहइ, ऍका मइँ चुन्यों ह, एकर सुना।” 36 जब अकासबाणी होइ गइ तउ उ पचे उहाँ ईसू क अकेल्लन पाएन। उ पचे ऍकरे बारे मँ चुप रहेन। उ सबइ जउन कछू लखेन, ओकरे बारे मँ उ समइ कउनो स कछू नाहीं कहेन। 37 अगवा दिन अइसा भवा कि जब उ पचे पहाड़ी स तरखाले उतरेन तउ ओनका एक बड़ी भीड़ मिलि गइ। 38 तबहीं भीड़ मँ स एक मनई चिचियान, “गुरु, मइँ पराथना करत हउँ कि मोरे बेटवा प दया दृस्टि करा। उ मोरे इकलौती संतान अहइ। 39 एकदम्मई एक दुस्ट आतिमा ओका जकरि लेत ह अउर चिचिआत ह। ओका दुस्ट आतिमा अइसे अइँठत ह कि ओकरे मुँहे स झाग निकरइ लागत ह। उ ओका बराबर सतावत रहत ह अउर कउनो तरह नाहीं छोड़त। 40 मइँ तोहरे चेलन स पराथना किहा ह कि ओका बाहेर खदेर देइँ मुला उ पचे अइसा नाहीं कइ सकेन।” 41 तब ईसू जवाब दिहेस, “अरे अबिसवासियो अउर भटक गवा मनइयो, मइँ अउर केतना दिन तोहरे संग रहब अउर कब ताईं तोहार सहत रहब?” आपन बेटवा क हिआँ लिआवा।” 42 अबहीं उ लरिका अउतइ रहा कि दुस्ट आतिमा ओका पटकनी दिहस अउर अइँठेसि। मुला ईसू दुस्ट आतिमा क फटकारेस अउर लरिका क रोग स जरटूट कइके बाप क सौंपि दिहस। 43 उ सबइ परमेस्सर क इ बड़कई स अचरजे मँ पड़ि गएन।ईसू जउन कछू करत रहा ओखा लखिके मनइयन जब अचरज करत रहेन तबहीं ईसू आपन चेलन स कहेस, 44 “अब मइँ जउन तोहसे कहत हउँ, ओन बातन प धियान द्या। मनई क पूत मनइयन क हाथे स धरावइ जाइवाला अहइ।” 45 मुला उ पचे इ बात क नाहीं समुझ सकेन। इ ओनसे छुपी रही। तउ उ सबइ ओका पहिचान नाहीं पाएन। अउर उ पचे उ बात क बारे मँ ओसे पूछइ स ससान रहेन। 46 एक दाईं ईसू क चेलन क बीच इ बाते प झगड़ा भवा कि ओनमाँ स सब स बड़कबा कउन बाटइ? 47 ईसू जानि गवा कि ओनके मने मँ का बिचार अहइँ। तउ उ गदेला क लिहस अउर ओका अपने लगे ठाड़ कइके 48 ओनसे बोला, “जउन कउनो इ गदेला क मोरे नाउँ मँ ग्रहण करत ह, उ माना मोर ग्रहण करत बाटइ। अउर जउन कउनो मोर ग्रहण करत ह, उ ओकर (परमेस्सर) ही ग्रहण करत बाटइ जउन मोका पठएस ह। यह बरे जउन तू सबन मँ सब स नान्ह बाटइ, उहइ सबइ त बड़कवा अहइ।” 49 यूहन्ना आपन प्रतिक्रिया परगट करत भवा कहेस, “स्वामी, हम पचे तोहरे नाउँ प एक ठु मनई क दुस्ट आतिमन क निकारत लखा ह। हम सबइ ओखा रोकइ थामइ क जतन कीन्ह ह काहेकि उ हम पचन मँ स कउनो नाहीं अहइ, जउन तोहरे पाछे पाछे चलत हीं।” 50 ऍह पइ ईसू यूहन्ना स कहेस, “ओका जिन रोका काहेकि जउन तोहरे बिरुद्ध मँ नाहीं अहइ, उ तोहरे पच्छ मँ ही बाटइ।” 51 अब अइसा भवा कि जब ओका ऊपर सरगे मँ लइ जाइके समइ आइ तउ उ यरूसलेम जाइके मन पक्का कइके चला गवा। 52 उ आपन दूतन क पहिले ही पठइ दिहस। उ पचे चलेन अउर ओकरे बरे तइयारी करइ क सामरी लोगन क गाउँ मँ पहुँचेन। 53 मुला सामरी मनइयन हुवाँ ओकर सुआगत मान नाहीं किहेन काहेकि उ यरूसलेम जात रहा। 54 जब ओकर चेलन याकूब अउर यूहन्ना इ देखेन तउ उ पचे बोलेन, “पर्भू का तू चाहत ह कि हम हुकुम देई कि अकासे स आगी बरिसइ अउर ओनका भसम कइ देइ?” 55 ऍह प उ ओनकी कइँती मुड़ा अउर ओनका डाटेस फटकारेस। 56 फिन उ सबइ दूसर गाउँ चला गएन। 57 जब उ सबइ सड़क पइ जात रहेन कउनो ओसे कहेस, “तू कतहूँ भी जा मइँ तोहरे पाछे चलब।” 58 ईसू ओसे कहेस, “लोखरिन क लगे बिल होत ही अउर अकासे क चिरइयन क घोंसला होत हीं मुला मनई क पूत क मूँड़ धरइ क कउनो ठउर नाहीं।” 59 उ दूसर स कहेस, “मोरे पाछे होइ जा।”मुला उ मनई बोला, “पर्भू पहिले मोका जाइ द्या काहेकि मइँ आपन बाप क दफनियाइ आवउँ।” 60 तब ईसू ओसे कहेस, “मरे भवा लोगन क आपन मुर्दा गाड़इ द्या, तू जा अउर परमेस्सर क राज्य क ऍलान करा।” 61 फिन कउनो अउर भी कहेस, “हे पर्भू, मइँ तोहरे पाछे चलब मुला पहिले मोका आपन घरे क मनइयन स बिदाइ कइ देइ द्या।” 62 ऍह प ईसू ओसे कहेस, “अइसा कउनो भी जउन हरे प हाथ धरे क बाद पाछे देखत ह, परमेस्सर क राज्य क जोग्ग नाहीं।”

Luke 10:1 इ सबइ घटि जाइके पाछे पर्भू बहत्तरअउर मनइयन क तैनात किहस अउर फिन जउन जउन सहरन अउर ठिकानन प ओका खुद जाइके रहा, दुइ दुइ कइके उ ओनका उ आपन स अगवा पठएस। 2 उ ओनसे बोला, “फसल खूब जिआदा बा, मुला काम क करइया मजूर कम अहइँ। एह बरे फसल क पर्भू स बिनती करा कि उ आपन फसल मँ मजूर पठवइ। 3 जा अउर सुमिरत रहा, मइँ तोहका बिगवन क बीच भेड़ क मेमनन क नाईं पठवत अहउँ। 4 कउनो बटुआ आपन संग जिन ल्या, न थैला अउर न ही पनही। राहे मँ कउनो स पैलगी तलक जिन करा। 5 जउनो घरवा मँ जा, सब ते पहिले कहा, ‘इ घरवा क सान्ति मिलइ।’ 6 जदि हुवाँ कउनो सान्ति क मनई होई तउ तोहार सान्ति ओका मिली। मुला जदि उ मनई सान्ति क न होई तउ तोहार सान्ति लौटि आई। 7 जउन कछू उ पचे तोहका देइँ। ओका खात पिअत उहइ घरवा मँ ठहरा। काहेकि मजूरी प मजूर क हक अहइ। घर घर जिन फिरा। 8 अउर जब कबहूँ तू कउनो सहर मँ जा अउर उ सहर क मनई तोहार सुआगत करइँ तउ जउन कछू तोहका परसई, बस उहइ खा। 9 उ सहर क बेरमियन क बीमार स जरटुट करा अउर ओनसे कहा, “परमेस्सर क राज्य तोहरे नगिचे आइ पहुँचा बा!’ 10 अउर जब कबहूँ तू कउनो अइसे सहर मँ जा जहाँ क मनई तोहार मानसम्मान न करइँ, तउ हुवाँ क गलियन मँ जाइके कहा, 11 ‘इ सहर क उ धूरि तलक जउन हमरे गोड़े मँ चिपकी रही, हम तोहरे खिलाफ हिआँ झार देत अही। फिन भी इ धियान रहइ कि परमेस्सर क राज्य नगिचे आइ गवा बा।’ 12 मइँ तोहसे कहत हउँ कि उ दिन उ सहर क लोगन स सदोम क लोगन क दसा कहूँ नीक होइ। 13 “अरे खुराजीन, अरे बैतसैदा, तोहका धिक्कार अहइ काहेकि जउन अद्भुत कारजन तोहमाँ कीन्ह गएन, जदि ओनका सूर अउर सैदा मँ कीन्ह जात तउ न जानी कबहूँ उ टाट क कपरा पहिरि के राखि प बइठिके मनफिराव कइ लेतेन। 14 कछू भी होइ निआव क दिन सूर अउर सैदा क हालत तोहसे कहूँ नीक होई। 15 अरे कफरनहूम का तू सर्ग क ऊँचाई क तरह ऊँचा उठब्या? तू तउ तरखाले नरक मँ जाब्या। 16 “चेलो! जउन कउनो तोहका सुनत ह, मोका सुनत ह, अउर जउन कउनो तोहका दुरियावत ह, उ मोका दुरियावत ह जउन मोका पठएस ह। अउर जउन मोका नकारत ह उ उसे नकारत ह जउन मोका पठएस ह।” 17 फिन उ सबइ बहत्तर आनन्दित होइके वापस लउटेन अउर बोलेन, “हे पर्भू, दुस्ट आतिमन तलक तोहरे नाउँ मँ हमार हुकुम मानत हीं!” 18 ऍह पइ ईसू ओनसे कहेस, “मइँ सइतान क अकास स बिजरी क नाईं गिरत लखेउँ ह। 19 सुना, कीरा अउर बीछी क गोड़े तरे रौंदब अउर सइतान क समूची सक्ती प हावी होइ क सामर्थ मइँ तोहका दिहे अही। तोहका कउनो नसकान नाहीं पहुँचाइ पाई। 20 मुला इ बात प खुस जिन ह्वा कि आतिमन तोहरे बसे मँ अहइँ बल्कि एह पइ खुस होइ जा कि तोहार नाउँ सरगे मँ लिखा बाटइ।” 21 उहइ छिन उ पवित्तर आतिमा मँ रहिके आनंद मँ रहा अउर बोला, “हे परमपिता हे सरग अउर धरती क पर्भू! मइँ तोहार स्तुति करत हउँ कि तू इ बातन क चतुर अउर बुद्धिमान मनइयन स छुपाइ के राखत भवा भी गदेलन बरे ओनका परगट कइ दिहा ह। हे परमपिता! सचमुच ही तू अइसा ही करब चाहत रह्या। 22 “मोका मोरे परमपिता क जरिये सब कछू दीन्ह ग अहइ अउर परमपिता क अलावा कउनो नाहीं जानत कि पूत कउन अहइ अउर पूत क अलावा कउनो नाहीं जानत कि परमपिता कउन अहइ या ओकरे अलावा जेका पूत ऍका परगट करइ चाहत ह।” 23 फिन चेलन कइँती मुड़िके ईसू चुप्पे स कहेस, “धन्य अहइँ उ आँखिन जउन तू देखत अहा, ओका देखत हीं। 24 काहेकि मइँ तोहका बतावत हउँ कि उन बातन क बहोत स नबी अउर राजा देखइ चाहत रहिन, जेनका तू देखत रह्या, मुला देखि नाहीं सक्या। जउन बातन क तू सुनत रहत ह, उ सबइ ओनका सुनइ चाहत रहेन, मुला उ पचे सुन नाहीं पाएन।” 25 तब एक धरम सास्तरी खड़ा भवा अउर ईसू क परीच्छा लेइ बरे ओसे पूछेस, “गुरु, अनन्त जीवन पावइ बरे मइँ का करउँ?” 26 ऍह पइ ईसू ओनसे कहेस, “व्यवस्था मँ का लिखा बाटइ? तू हुवाँ का पढ़त ह” 27 धरम सास्तरी उत्तर दिहस, “तू आपन समूचा मन, सारी आतिमा, सारी सक्ती अउर सारी बुद्धि क संग आपन पर्भू स पिरेम करा।अउर ‘आपन पड़ोसी स भी वइसे ही पिआर करा, जइसे तू आपन खुद स करत ह।”‘ 28 तब ईसू ओसे कहेस, “तू ठीक जवाब दिहा ह। तउ तू अइसा ही करा अउर ऍहसे तू जीवित रहब्या।” 29 मुला उ आपन ताई निआव स जुरा भवा ठहरावइ क इच्छा करत भवा ईसू स कहेस, “अउर मोर परोसी कउन अहइ?” 30 ईसू जवाबे मँ कहेस, “देखा, एक मनई यरूसलेम स यरीहो जात रहा कि उ डाकुअन स घिरि गवा। उ पचे सब कछू मुच्छ कइ ओका नंगा कइ दिहन अउर मार पीटिके ओका अधमरा छोड़ि के उ पचे चल दिहन। 31 अब संजोग स उहइ रस्ता स एक यहूदी याजक जात रहा। जब उ एका निहारेस तउ दूसर कइँती चला गवा। 32 उहइ रस्ता स गुजरत भवा, एक लेवीभी हुवाँ आवा। उ ओका देखेस अउर उ भी दूसरी कइँती चला गवा। 33 मुला एक सामरी भी जात भवा हुवँई आइ गवा जहाँ उ ओलार दीन्ह ग रहा। उ जब उ मनई क देखेस तउ ओकरे बरे ओकरे मन मँ करुना आइ। 34 तउ उ ओकरे नगिचे आवा ओकरे घाउन प तेल अउर दाखरस डाइके पट्टी बाँधेस। फिन उ ओका आपन पसु प लदिके एक ठु सराय मँ लइ गवा अउर ओका देखइ भालइ लाग। 35 दूसरे दिन उ दुइ दीनार निकारेस अउर ओनका भटियारा क देत भवा कहेस, ‘ऍकर धियान रख्या अउर ऍसे जिआदा जउन कछू खरच होइ, जब मइँ लौटिहउँ, तोहका चुकाइ देबूँ।’ 36 “बतावा तोहरे बिचार स डाकुअन क बीच घिरे भए मनई क पड़ोसी इ तीनउँ मँ स कउन भवा?” 37 धरम सास्तरी कहेस, “उहइ जउन ओहॅ प दाया किहेस।”ऍह पइ ईसू ओनसे कहेस, “जा अउर वइसा ही करा जइसा उ किहेस ह।”मरियम अउर मार्था 38 जब ईसू अउर ओकर चेलन आपन राहे प जात रहेन तउ ईसू एक गाउँ मँ पहुँचा। एक स्त्री, जेकर नाउँ मार्था रहा, दिल खोलिके ईसू क अगवानी अउर सम्मान किहेस। 39 मार्था क बहिन मरियम नाउँ क रही जउन ईसू क गोड़वा मँ बैठि गई अउर जउन कछू उ कहत रहा, ओका सुनत रही। 40 ओहॅर तरह तरह क तइयारी मँ लाग मार्था बियाकुल होइके आइ अउर बोली, “पर्भू, का तोहका चिंता नाहीं कि मोर बहिन सारा काम बस मोहे प डाइ दिहे अहइ? एह बरे ओसे मोर मदद करइ क कहा?” 41 पर्भू ओका जवाब दिहेस, “मार्था अरी मार्था! तू बहोत स बातन क बरे चिंता मँ बूड़ी अउर बियाकुल रहत ह। 42 मुला बस एक ही बात जरूरी अहइ। मरियम आपन बरे उहइ उत्तिम हींसा क चुने बाटइ, तउ उ ओसे छीना नाहीं जाई।”

Luke 11:1 अब अइसा भवा कि ईसू कहूँ पराथना करत रहा। जब उ पराथना खतम कइ चुका तउ ओकर एक चेला ओसे कहेस, “पर्भू हमका सिखावा कि हम पराथना कइसे करी। जइसा कि यूहन्ना आपन चेलन क सिखाए रहा।” 2 ऍह पइ उ ओसे कहेस, “तू पराथना करा, तउ कहा: ‘परमपता, तोहार नाउँ पवित्तर होइ, आवइ तोहार राज्य 3 हर दिन क बरे जरूरी रोटी हमका द्या: 4 हमार अपराध छमा करा, काहेकि हमहूँ छमा कीन्ह ह आपन अपराधी क, कठिन परीच्छा मँ हमें जिन डावा।”‘ 5 फिन ईसू कहेस, “मान ल्या तोहमाँ स कउनो क एक मीत अहइ तउ तू आधीरात ओकरे लगे आइके कहत ह, ‘मीत, मोका तीन रोटी द्या। काहेकि एक मीत अबहिं अबहिं जात्रा प मोरे लगे आवा ह अउर मोरे लगे ओकरे समन्वा परसइ क कछू भी नाहीं बा।’ 6 7 अउर मान ल्या उ मनई भितरे स जवाब दिहस, ‘मोका तंग जिन करा, दुआर बंद होइ चुका अहइ बिछउना प मोरे साथ गदेलन अहइँ, एह बरे तोहका कछू देइ मँ खड़ा नाहीं होइ सकित।’ 8 मइँ तोहका बतावत हउँ उ अगर न उठी अउर तोहका कछू न देई, मुला फिन भी काहेकि उ तोहार मीत बा, तउ तोहरे लगातार बे सरमाये क माँगत रहइ स उ खड़ा होई अउर तोहार जरूरत भर तोहका देई। 9 अउर एह बरे मइँ तोहसे कहत हउँ माँगा, तोहका दीन्ह जाई ढूँढ़ा तू पउब्या खटखटावा, तोहरे बरे दुआर खोलि दीन्ह जाई। 10 काहके हर कउनो जउन माँगत ह, पावत ह। जउन ढूँढ़त ह, ओका मिलत ह। अउर जउन खटखटावत ह, ओकरे खातिर दुआर खोलि दीन्ह जात ह। 11 तोहरे मँ अइसा बाप कउन होई जउन जदि ओकर बेटवा मछरी माँगइ, तउ मछरी क जगह प ओका कीरा थमाइ दीन्ह जाइ। 12 अउर जदि उ अण्डा माँगइ तउ ओका बीछी दइ देइ। 13 तउ बुरा होत भवा जब तू जानत ह कि आपन गदेलन क उत्तिम भेंट कइसे दीन्ह जात हीं, तउ स्वर्गीय पिता जउन ओसे माँगत हीं, ओनका पवित्तर आतिमा केतना ढेरि क देई।” 14 फिन ईसू जब एक गूँगा बनइ डावइवाली दुस्ट आतिमा क निकारत रहा तउ अइसा भवा कि जइसा ही दुस्ट आतिमा बाहेर निकरी, तउ उ गूँगा बोलइ लाग। भीड़ क मनई ऍसे बहोतइ अचरजे मँ पड़ि गएन। 15 मुला ओहमाँ स कछू कहेन, “इ सइतान क सासक बाल्ज़ाबुल क मदद स दुस्ट आतिमन क खदेरत ह।” 16 मुला अउर मनइयन ओका परखइ बरे कउनो सरग क चीन्ह क माँग किहेन। 17 लेकिन ईसू जानत रहा कि ओनके मनवा मँ का बाटइ? उ ओनसे कहेस, “उ राज्य जेहमाँ आपन भीतर ही फूट परि जाइ, ओकर नास होइ जात ह अउर अइसे ही कउनो घरे क फूट परे प नास होइ जात ह। 18 जदि सइतान आपन खिलाफ होइ जाइ तउ ओकर राज्य कइसे टिक सकित ह इ मइँ तोहसे यह बरे पूछत हउँ काहेकि तू कहत ह कि मइँ बाल्ज़ाबुल क मदद स दुस्ट आतिमन क निकारत हउँ। 19 मुला जदि मइँ बाल्ज़ाबुल क मदद स दुस्ट आतिमन क निकारत हउँ तउ तोहार मनवइयन ओनका केकरी मदद स निकारत ही? तउ तोहार आपन मनई ही तोहका गलत बतइहीं 20 मुला जदि मइँ परमेस्सर क सक्ती स बुरी आतिमा को निकारत हउँ तउ इ साफ बा कि परमेस्सर क राज्य तू ताई आइ गवा अहइ। 21 “जब एक सक्तीसाली मनई पूरी तरह हथियार टेइके आपन घरे क रच्छा करत ह तउ ओकरे धन दौलत क रच्छा होत ह। 22 मुला जब कबहूँ कउनो ओसे जिआदा बरिआर ओह प हमला कइके ओका हराइ देत ह तउ उ ओकरे सबहीं हथियारन क, जउने प ओका भरोसा रहा, ओसे छीन लेत ह अउर लूट क माल क उ पचे अपने दोस्तन मँ बाट लेत हीं। 23 “जउन मोर संग नाहीं अहइँ, मोर खिलाफत मँ बाटेन। उ जउन मोरे संग बटोरत नाहीं अहइ, छितरइहीं। 24 “जब कउनो दुस्ट आतिमा कउनो मनई स बाहेर निकरत ह तउ अराम क ढूँढ़त सूखे ठउरन मँ स होत जात ह अउर जब ओका अराम नाहीं मिलत तउ उ कहत ह, ‘मइँ आपन उहइ जगह लौटब जहाँ स गइ हउँ।’ 25 अउर वापस जाइके उ ओका साफ सूथर अउर तरकीबे मँ बसी पावत ह। 26 फिन उ जाइके आपन स भी जिआदा दुस्ट दूसर सात जिआदा दुस्ट आतिमन क हुवाँ लइ आवत ह। फिन उ सबइ ओहमाँ जाइके रहइ लागत हीं। इ तरह उ मनई क पाछे क दसा पहिले स जिआदा खराब होइ जात ह।” 27 फिन अइसा भवा कि जइसे ही ईसू इ बातन कहेस, भिरिया मँ स एक स्त्री उठी चिल्लाइके बोली, “उ गरभ धन्य अहइ, जउन तोहका धारण किहेस ह। अउर उ चूची धन्य अहइ, जेका तू चुस्या ह।” 28 ऍह प उ कहेस, “धन्य तउ मुला उ पचे बाटेन जउन परमेस्सर क बचन सुनत हीं अउन ओह प चलत हीं!” 29 जइसे जइसे भिरिया बढ़त रही, उ कहइ लाग, “इ एक दुस्ट पीढ़ी अहइ। इ कउनो अद्भुत चीन्हा लखइ चाहत ह। मुला ऍका योना क चीन्ह क अलावा अउर कउनो चीन्हा नाहीं दीन्ह जाइ। 30 काहेकि जइसे निनवे क मनइयन बरे योना चीन्हा बन गवा, वइसे ही इ पीढ़ी बरे मनई क पूत भी चीन्हा बनी। 31 दक्खिन क रानीनिआव क दिन परगट होइके इ पीढ़ी क मनइयन क दोखी ठहराई, काहेकि उ धरती दूसर कोने स सुलैमान क गियान सुनइ बरे आइ अउर अब लखा हिआँ तउ कउनो सुलैमान स भी बड़कवा अहइ। 32 नीनावे क मनइयन निआव क दिना इ पीढ़ी क मनइयन क खिलाफ खड़ा होइके ओन पइ दोख लगइहीं काहेकि उ पचे योना क उपदेस क सुनिके मनफिराव करि लिहन ह। अउर देखा अब तउ योना स भी महान कउनो हिआँ नाहीं बा! 33 “दिया बारिके कउनो भी ओका कउनो छुपा ठउर या कउनो भाँड़ी क भीतर नाहीं राखत, मुला ओका डीबट प धरत ह जेहसे जउन भितरे आवइँ, ज्योति लखि सकइँ। 34 तोहरे देह क दिया तोहार आँखिन अहइँ, तउ जदि आँखी नीक अहइँ तउ समूची देह ज्योति स भरि गइ बाटइ मुला, जदि इ सबइ खराब अहइँ तउ तोहार देह अँधियार होइ जात ह। 35 तउ धियान राखा! कि तोहरे भीतर ज्योति अहइ, अँधियारा नाहीं। 36 एह बरे जदि तोहार समूची देह ज्योति स भरपूर अहइ अउर ऍकर कउनो भी अंग अँधियारा नाहीं तउ उ पूरी तरह अइसे चमकी मान ल्या कउनो दिया तोह पइ आपन किरण स प्रकासित होत ह।” 37 ईसू जब आपन बात पूरी किहस तउ एक फरीसी ओसे अपने साथ खाइ बरे हठ किहेस। तउ उ भितरे जाइके खइया क खाइ बैठि गवा। 38 मुला उ फरीसी जब इ देखेस कि खइया स पहिले उ आपन हाथ नाहीं धोएस तउ ओका बड़ा अचरज भवा। 39 ऍह पइ पर्भू ओनसे कहेस, “अब लखा तू फरीसियन टाठी अउर खोरा क बस बाहेर स तउ माँजत ह मुला तोहरे भीरत लालच अउर दुस्टता भरी अहइ। 40 अरे मूढ़ मनइयो! का जउन बाहरी अंग क बनाएस ह, उ भीतरी अंग क नाहीं बनाएस। 41 ऍह बरे जउन कछू भितरे अहइ, ओका दीनन क दइ द्या। फिन तोहरे बरे सब कछू पवित्तर होइ जाइ। 42 अरे फरीसियन! तोहका धिक्कार अहइ काहेकि तू आपन पुदीना अउर सुदाब बूटी अउर हर कउनो जरी बूटि क दसवाँ हींसा तउ चढ़ाइ देत ह मुला परमेस्सर बरे पिरेम अउर निआव क टारि देत ह। मुला इ बातन क तोहका उ बातन क बगैर टारि देइ क करइ चाही। 43 अरे फरीसियन! तोहका धिक्कार अहइ। काहेकि तू सबइ आराधनालय मँ बहोत ही प्रमुख आसन चाहत बाट्या अउर बजारन मँ मान मर्जादा क संग पैलगी तोहका सोहात ह। 44 तोहका धिक्कार अहइ काहेकि तू पचे बिना कउनो चीन्हा क कब्र क नाई अहा जेह प मनई चलत हीं मुला उ सबइ नाहीं जानत हीं।” 45 तब एक धरम सास्तिरि ईसू स कहेस, “गुरु, जब तू अइसी बातन कहत ह तउ हम भी बेज्जत होइत ह।” 46 ऍह प ईसू कहेस, “अरे धरम सास्तिरियो! तोहका धिक्कार अहइ। काहेकि तू सबइ मनइयन प अइसा बोझा लादे बाट्या जेका उठाउब मुस्किल अहइ। अउर तू खुद ओन बोझन क एक ठु अँगुरी भर स छुअइ नाहीं चाहत ह। 47 तोहका धिक्कार अहइ काहेकि तू नबियन बरे मकबरा क बनवत ह, जेनकइ कतल कीन्ह गवा अउर ओनकर कतल करइया तोहार पूर्वजन रहेन। 48 ऍसे तू सबइ इ देखावत ह कि तू आपन पूर्वजन क उ कामे क अँगीकार करत ह। काहेकि उ पचे तउ ओनका मारेन ह अउर तू पचे ओनकइ मकबरा क बनाया ह। 49 एह बरे परमेस्सर क गियान भी कहेस, ‘मइँ नबियन अउर प्रेरितन क भी ओनके लगे पठउब। फिन कछू क तो उ पचे मारि डइहीं अउर कछू क सजा देइहीं।’ 50 एह बरे संसार क सुरुआत स जेतॅना भी नबियन क लहू बहाइ दीन्ह ग अहइ, ओनकइ हिसाब इ पीढ़ी क मनइयन स चुकाइ जाइ। 51 यानी हाबिल क कतल स लइके जकरयाह क कतल क हिसाब जउन परमेस्सर क मन्दिर अउर वेदी क बीच कीन्ह गवा रहा। हाँ, मइँ तोहसे कहत हउँ इ पीढ़ी क मनइयन क ऍकरे बरे लेखा जोखा देइ क होइ। 52 “ओ धरम सास्तिरियो! तोहका धिक्कार अहइ, काहेकि तू सबइ गियान क कुंजी तउ लइ लिहा ह। मुला ओहमाँ न तउ खुद घुसि पाया अउर न घुसइ क कउनो जतन करत रह्या। ओनका भी तू अड़ंगा डाया जे अइसा करइ चाहेन।” 53 अउर फिन जब ईसू हुवाँ स चला गवा तउ उ सबइ धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन ओसे घोर दुस्मनी राखइ लागेन। बहोत स बातन क बारे मँ ओसे सोझ सवाल करइ लागेन। 54 काहेकि उ सबइ ओका ओकर कही कउनो बात स घात करइ बरे टोहत रहेन।

Luke 12:1 अउर फिन जब हजारन मनइयन क भारी भीड़ जुटि गइ तउ एक दुसरे क रौंदे जात रही तब ईसू पहिले आपन चेलन स कहइ लाग, “फरीसियन क खमीरे स, जउन ओनकइ कपट बा, बचा रहा। 2 कछू छुपा नाहीं अहइ जउन परगट नाहीं कइ दीन्ह जाइ। अइसा कछू अनजाना नाहीं अहइ जेका बतावा नाहीं दीन्ह जाइ। 3 एह बरे हर उ बात जेका तू अँधियारे मँ कह्या ह, उजिआरे मँ सुनी जाइ। अउर एकांत खोली मँ जउन कछू भी तू चुप्पे स कउनो क काने मँ कह्या ह, घरे क छते स ऍलान कइ दीन्ह जाइ।” 4 “मुला मोर मीतो, मइँ तोहसे कहत हउँ ओनसे जिन डेराअ जउन तोहरे तन क मारि डाइ सकत हीं अउर ओकरे पाछे अइसा कछू नाहीं अहइ जउन ओनके बस मँ होइ। 5 मइँ तोहका देखाउब कि तोहका कउनो स डेराइ चाही। ओसे (परमेस्सर) डेराअ अउर तोहका मारिके नरक मँ नावइ क सक्ती राखत ह। हाँ, मइँ तोहका बतावत हउँ, बस उहइ स डेराअ। 6 “का दुइ पइसा मँ पाँच ठु चिरइयन नाहीं बिकतिन? फिन भी परमेस्सर ओहमाँ स एक क भी नाहीं बिसरत। 7 अउर लखा तोहरे मूँड़े प क एक एक बारि तलक गना भवा अहइँ। डेराअ जिन तू बहोत सी चिरइयन स कहूँ जिआदा कीमत क अहा।” 8 “मुला मइँ तोहसे कहत हउँ जउन कउनो मनई सबहीं क समन्वा मोका मानत ह, मनई क पूत भी उ मनई क परमेस्सर क दूतन क समन्वा मानी। 9 मुला ज जउन मोका दुसरे क समन्वा न मानी, ओका परमेस्सर क दूतन क समन्वा इन्कार कइ दीन्ह जाइ। 10 “अउर हर उ मनई क तो छमा कइ दीन्ह जाइ जउन मनई क पूत क खिलाफ कउनो सब्द बोलत ह, मुला जउन पवित्तर आतिमा क बुराई करत ह, ओका छमा नाहीं कीन्ह जाइ। 11 “तउ जब उ पचे तोहका आराधनालय मँ, राज्य क करइवालन अउर अधिकारियन क समन्वा लइ जाइँ तउ फिकिर जिन कर्या काहे तू आपन क कइसे बचउब्या या तोहका का कछू कहे होइ। 12 चिंता जिन करा काहेकि पवित्तर आतिमा तोहका सिखाइ कि उ समइया तोहका का बोलइ चाही।” 13 फिन भीड़ मँ स ओसे कउनो कहेस, “गुरु, मोरे भइया स मोरे बाप क धन दौलत क हींसा बाँटइ बरे कहि द्या।” 14 ऍह प ईसू ओसे कहेस, “अरे भले मनई, मोका तोहरे बरे निआववाला या पंच कउन बनएस ह” 15 तउ ईसू ओनसे कहेस, “होसियारी क संग आपन क लालच स दूर राखा। काहेकि जरूरत स जिआदा धन-दौलत होइ प जिन्नगी क आधार ओकर संग्रह नाहीं होत।” 16 फिन उ ओनका एक दिस्टान्त कथा सुनाएस: “कउनो धनी मनई क धरती प खूब पैदावार भइ। 17 उ आपन मनवा मँ सोचत भवा कहइ लाग, ‘मइँ का करुँ, मोरे लगे फसिल क रखइ बरे ठउर तउ अहइ नाहीं।’ 18 फिन उ बोला, ‘ठीक अहइ मइँ इ करब कि आपन अनाज क कोठिला गिराइके बड़का कोठा बनवाउब अउर आपन समूचा अनाज क अउर सामान हुवाँ रखब। 19 फिन आपन आतिमा स कहब, अरे मोर आतिमा अब बहोत स उत्तिम बस्तु, बहोत स बरिस बरे तोहरे लगे ऍकट्ठी अहइँ। घबरा जिन, खावा, पिआ अउर मउज उड़ावा!’ 20 मुला परमेस्सर ओसे बोला, ‘अरे मूर्ख! इहइ राति मँ तोहार आतिमा तोहसे लइ लीन्ह जाइ। जउन कछू तू तइयार किहे अहा, ओका कउन लेइ?’ 21 “लखा, उ मनई क संग भी कछू अइसा ही भवा ह, उ अपने बरे बटोरत ह मुला परमेस्सर क निगाह मँ उ धनी नाहीं।” 22 तब उ आपन चेलन स कहेस, “एह बरे मइँ तोहसे हउँ, आपन जिन्नगी क फिकिर जिन करा कि तू का पहिनब्या? 23 काहेकि जिन्नगी खइया स अउर तन ओढ़ना स जिआदा जरूरी अहइ। 24 कउअन क लखा, न उ पचइ बोवत हीं, न ही उ पचे काटत हीं। न ओनके लगे भण्डारा बा अउर न आजु अन्न क कोठिला, फिन भी परमेस्सर ओनका भोजन देत ह। तू तउ चिरइयन स केतॅना जिआदा कीमती अहा। 25 चिन्ता कइके, तू पचन मँ स कउन अइसा अहइ, जउन आपन उमिर मँ एक घड़ी भी अउर जोर सकत ह 26 काहेकि तू जदि छोटका काम क भी नाहीं कइ सकत्या तउ बाकी बरे काहे फिकिर करत ह 27 कोका बेली क लखा, उ कइसे उगत हीं? न उ सबइ मेहनत करत हीं, न कताई, फिन भी मइँ तोहसे कहत हउँ कि सुलैमान आपम समूचे धन दौलत क संग ओहमाँ स कउनो एक क नाई नाहीं सज पाएस। 28 एह बरे जब मैदान क घास क, जउन आज हिआँ बा अउर भियान ही ओका भार मँ झोंक दीन्ह जाइ, परमेस्सर अइसे ओढ़नन स सजावत ह तउ अरे ओ कम बिसवास करइया मनइयो! तोहका तउ उ केतॅना अउर जिआदा ओढ़ना पहिराइ। 29 अउर फिकिर जिन करा कि तू का खाब्या अउर का पीब्या। ऍनके बरे जिन सोचा। 30 काहेकि संसार क अउर सबहीं मनई चीजन्क क पाछे धावत अहइँ मुला तोहार परमपिता तउ जानत ही अहइ कि तोहका इ चीजन्क जरूरत अहइ। 31 मुला तू तउ परमेस्सर क राज्य क चिन्ता करा। इ चीजन तउ तोहका दइ दीन्ह जइहीं। 32 “हे भोली भेड़ी क झुण्ड! जिन डेराअ, काहेकि तोहार परमपिता तोहका राज्य देइ क तइयार अहइ। 33 तउ आपन धन दौलत बेंचिके धन गरीबन मँ बाँटि द्या। आपन लगे अइसी झोरी राखा जउन पुरान न होई अरथ बा कबहुँ न टूटइवाला सरगे मँ खजाना जहाँ ओह तलक कउनो चोर क पहुँच न होइ। अउर न ओका न किरवा नास कइ पावइँ। 34 काहेकि जहाँ तोहार खजाना अहइ, हुवँई तोहार मनवा भी रही। 35 “काम करइ क सदा तइयार रहा। अउर आपन दिया बारे रहा। 36 अउर ओ मनइयन जइसा बना जउन बियाह क भोज स लौटिके आवत आपन स्वामी क जोहत होइँ जेहसे उ जब आवइ अउर दुआर खटखटावइ तउ उ पचे फउरन खोलि सकइँ। 37 उ नउकर धन्य अहइँ जेका स्वामी वापस आइके जागत अउर तइयार पइहीं। मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि उ भी ओनकर सेवा बरे करिहाउँ बाँधि लेइ अउर ओनका जेवाइ क पीढ़ा प जेवइं बरे बइठाई। उ आई अउर ओनका जेंवाइ। 38 उ चाहे आधी राति स पहिले आवइ अउर चाहे आधी राति क पाछे जदि उ ओनका तइयार पावत ह तउ उ सबइ धन्य अहइँ। 39 इ बात बरे निस्चित रहा कि जदि घरे क स्वामी क इ पता होइ कि चोर कउनो घड़ी आवत अहइ, तउ उ ओका आपन घरे मँ सेंध नाहीं लगावइ देइ। 40 तउ तू भी तइयार रहा काहेकि मनई क पूत अइसी घड़ी मँ आई जेका तू सोच नाहीं सकत्या।” 41 तब पतरस पूछेस, “पर्भू इ दिस्टान्त कथा तू हमरे बरे कहत अहा या सब बरे?” 42 ऍह प पर्भू कहेस, “तउ फिन अइसा बिसवास क जोग्ग, बुद्धिमान संरजाम अधिकारी कउन होइ जेका पर्भू आपन नउकरन क ठीक समइ प खइया क चीज देइ बरे ठहराइ? 43 उ नउकर धन्य अहइ जेका ओकर स्वामी जब आवइ तउ ओका वइसा ही करत पावइ। 44 मइँ सच कहत हउँ कि उ ओका आपन सबहिं धन दौलत क अधिकारी ठहराइ। 45 मुला उ नउकर आपन मनवा मँ सोचइ कि मोर स्वामी तउ आवइ मँ देर करत अहइ अउर उ दूसर पुरुस अउर स्त्री नउकरन क मारब पीटब सुरु कइ देइ अउर खाइ पिअइ अउर नसा मँ चूर होइ। 46 तउ उ जउकर क स्वामी अइसे दिन आइ जाइ जेका उ सोचत नाहीं। एक ठु अइसी घरी जेकरे बारे मँ निसाखातिर अहइ। फिन भी ओकर टुकरा टुकरा कइ डाइ अउर ओका न बिसवास करइयन क बीच ठउर देइ। 47 “उ नउकर जउन आपन स्वामी क इच्छा जानत ह अउर ओकरे बरे तइयार नाहीं होत या जइसा ओकर स्वामी चाहत ह, वइसहु नाहीं करत, तउ नउकर प जमिके मार परी। 48 मुला उ जेका आपन स्वामी क इच्छा क ग्यान नाहीं अउर कउनो अइसा काम कइ डावइ जउन मार खाइ काबिल होइ तउ उ नउकर प हल्की मार परी। काहेकि उ हर मनई स जेका बहोत जिआदा दीन्ह ग अहइ, जिआदा माँगा जाइ। उ मनई जेका ढेर सौंपा ग अहइ ओसे जिआदा ही माँगा जाइ।” 49 “मइँ धरती प एक आगी बारइ आवा हउँ मोर केतॅनी इच्छा अहइ कि उ साइद अबहुँ ताई बरि जात। 50 मोरे लगे एक बपतिस्मा अहइ जउन मोका लेब बा जब ताईं उ पूरा नाहीं होइ जात, मइँ केतॅना बियाकुल हउँ। 51 तू का सोचत बाट्या कि मइँ इ धरती प सान्ति लइ आवइ क बरे आवा हउँ? नाहीं, मइँ तोहका बतावत हउँ, मइँ अलगावइ आवा हउँ। 52 काहेकि अब स आगे एक घरे क पाँच आदमी एक दूसर क खिलाफ बँटि जइहीं। तीन दुइ क बिरोध मँ अउर दुइ तीन क बिरोध मँ होइ जइहीं। 53 बाप बेटवा क बिरोध मँ, अउर बेटवा बाप क बिरोध मँ, महतारी बिटिया क बिरोध मँ, अउर बिटिया महतारी क बिरोध मँ, सास दुलहिन क बिरोध मँ अउर दुलहिन सास क बिरोध मँ होइ जइहीं।” 54 फिन उ भीड़ स बोला, “जब तू पच्छू कइँती कउनो बदरे क उठत भइ लखत ह तउ कहि देत ह, ‘बरखा आवति अहइ।’ अउर फिन अइसा ही होत ह। 55 अउर फिन जब दखिनी हवा चलत ह, तू कहत ह, ‘गरमी पड़ी’ अउर अइसा ही होत ह। 56 अरे कपटी मनइयो! तू धरती अउर अकासे क रूपे क समझाउब तउ जानत बाट्या, फिन अइसा काहेकि इ जुग क बारे मँ समझउत्या नाहीं?” 57 “जउन नीक अहइ, ओकर फैसला करइवाला तू खुद काहे नाहीं बनत्या? 58 जब तू आपन बैरी क संग न्यायाधीस क लगे जात रहब्या तउ रास्ता मँ ही ओकरे संग समझौता करइ क जतन करया। नाहीं तउ कहूँ अइसा न होइ कि उ तोहका न्यायाधीस क लगे खैंच लइ जाइँ अउर न्यायाधीस एक अधिकारी क सौंपि देइ। अउर अधिकारी तोहका जेलि मँ धाँध देइ। 59 मइँ तोहका बतावत हउँ, तू हुवाँ स तब ताईं छूटि नाहीं पउव्या जब तलक आखिरी दमड़ी तक न चुकाइ द्या।”

Luke 13:1 उ समइया हुवाँ हाजिर कछू मनइयन ईसू क ओन गलीलियन क बारे मँ बताएस जेनकइ लहू पिलातुस ओनके बलिदान क संग मिलाइ दिहे रहा। 2 तउ ईसू ओनसे कहेस, “तू का सोचत ह कि सबइ गलीलियन दूसर सबइ गलीलियन स जिआदा पापी रहेन काहेकि ओनका इ सबइ बातन भीजे पड़ी? 3 नाहीं! मइँ तोहका बतावत हउँ, जदि तू भी मनफिरावा नाहीं करब्या तउ तू भी वइसी ही मउत स मरब्या जइसी उ सबइ मरे रहेन! 4 या ओन अट्ठारह मनइयन क बारे मँ तू का सोचत ह जेनके ऊपर सीलोह क बुर्ज गिरिके ओनका मारि डाएस। का सोचत ह, उ सबइ यरूसलेम मँ वसइया दूसर सबइ ही मनइयन स जिआदा अपराधी रहेन? 5 नाहीं! मइँ तोहका बतावत हउँ कि जदि तू मनवा न फिरउव्या तउ तू भी वइसे ही मरब्या!” 6 फिन उ इ दिस्टान्त कथा कहेस: “कउनो मनई आपन अँगूरे क बारी मँ एक ठु अंजीरे क बृच्छ रोपे रहा। तउ उ ओह पइ फल ढूँढ़इ आवा पर ओका कछू नाहीं मिल पावा। 7 ऍह पइ उ माली स कहेस, ‘अब लखा मइँ तीन बरिस स अँजीरे क बृच्छ प फल टटोरत आवत हउँ मुला मोका एक ठु भी नाहीं मिलि पावा। एह बरे ऍका काटि डावा। इ धरती क अइसी ही वृथा काहे करत रहइ?’ 8 माली ओका जवाब दिहेस, ‘स्वामी ऍका इ बरिस तब ताईं तजि द्या, जब तलक मइँ ऍकरे चारिहुँ कइँती खनिके एहमाँ पाँस नउबउँ। 9 फिन जदि उ अगवा बरिस फल देइ तउ नीक बा अउर जदि नाहीं देत तउ तू ऍका काटि डाइ सकत ह।”‘ 10 कउनो आराधनालय मँ सबित क दिन ईसू जब उपदेस देत रहा। 11 तउ हुवँई एक अइसी स्त्री रही जेहमाँ दुस्ट आतिमा समाइ ग रही। जउन ओका अट्ठारह बरिस स पंगु बनाइ दिहे रही। उ निहुरिके कुबड़ी होइ गइ अउर तनिकउ सोझ नाहीं होइ सकत रही। 12 ईसू ओका जब निहारेस तउ आपन लगे बोलाएस अउर, “हे स्त्री, तोहका आपन बेरामी स छुटकारा मिलि गवा!” इ कहत भवा 13 ओह पइ आपन हाथ रखेस। अउर उ फउरन सीध होइ गइ। उ परमेस्सर क गुन गावइ लाग। 14 ईसू काहेकि सबित क दिन ओका बेरामी स जरटुट किहेस, एह बरे आराधनालय क नेता किरोध मँ आइके मनइयन स कहेस, “काम करइ क बरे छ: दिन होत हीं तउ ओनही दिनम मँ आवा अउर आपन बेरामी क दूर करावा पर सबित क दिन नीरोग होइ बरे जिन आवा।” 15 पर्भू जवाब देत भवा ओसे कहेस, “अरे कपटियो! का तोहमाँ स हर कउनो सबित क दिन आपन बर्धा अउर गदहा क बारा स निकारिके कहूँ पानी पिआवइ नाहीं लइ जात ह 16 अब इ स्त्री जउन इब्राहीम क बिटिया अहइ अउर जेका सइतान अट्ठारह बहिस स जकरिके राखे बा, का ऍका सबित क दिन ऍका बंधन स छुटकारा नाहीं देइ क चाही?” 17 जब उ इ कहेस तउ ओकर खिलाफत करइवालन सबइ सर्माइ गएन। ओह कइँती समूची भीड़ ओकरे अचरजे स भरे कामन स जेनका उ किहे रहा, खुस होइ गइ।” 18 तउ ईसू कहेस, “परमेस्सर क राज्य का अहइ अउर मइँ ऍकर तुलना कइसे करउँ? 19 उ सरसई क दाना क नाई अहइ, जेका कउनो लइके आपन बगिया मँ बोएस। उ बड़ा भवा अउर एक बृच्छ होइ गवा। फिन अकासे क चिरइयन ओकर डारी प घोंसला बनाइ लिहन।” 20 उ फिन ईसू कहेस, “परमेस्सर क राज्य क बरोबरी मइँ कइसे करउँ? 21 इ उ खमीरे क नाई अहइ जेका एक स्त्री तीन हींसा पिसान मँ सान दिहेस अउर उ समूचा पिसान खमीरे स भरि गवा।” 22 ईसू जब सहरन अउर गाँउन स होत भवा उपदेस देत भवा यरूसलेम जात रहा। 23 तबहीं ओसे कउनो पूछेस, “पर्भू क केवल कछू मनइयन क ही उद्धार होइ?”ईसू कहेस, 24 “साँकर दुआरे स घुसइ क होइ सकइवाला जतन करा, काहेकि मइँ तोहका बतावत हउँ कि भीतर जाइ क जतन बहोत स करिहीं प जाइ न पइहीं। 25 जब एक दाईं घरे क स्वामी उठिके दुआर बंद कइ देत ह, तउ तू बाहेर ही खड़ा दुआर खटखटावत कहब्या, ‘महासय, हमरे बरे खोलि द्या!’ मुला उ तोहका जवाब देइ, ‘मइँ नाहीं जानत तू कहाँ ले आवा बाट्या?’ 26 तब तू कहइ लगब्या, ‘हम तोहर संग खावा ह, तोहर संग पिआ ह, तू हमरी गलियन मँ हमका सीख दिहा ह।’ 27 पर उ तोसे कही, ‘मइँ नाहीं जानत तू कहाँ स आवा अहा? अरे कुकर्मी मनइयो! मोरे लगे स पराइ जा!’ 28 जब तू इब्राहीम, इसहाक, याकूब अउर दूसर सबहीं नबियन क परमेस्सरे क राज्य मँ निहरब्या मुला तोहका बाहेर ढकेल दीन्ह जाइ। तउ हुवाँ बस रोउब अउर दाँत पीसब होई। 29 फिन पूरब अउर पच्छूँ, उत्तर अउर दक्खिन स मनइयन परमेस्सर क राज्य मँ आइ आइके खइया क चउकी प आपन आसन ग्रहण करिहीं। 30 धियान रहइ कि हुवाँ जउन आखिरी अहइ पहिले होइ जइहीं अउर जउन पहिले अहइँ उ पचे आखिरी होइ जइहीं।” 31 उहइ समइ ईसू क लगे कछू फरीसियन आएन अउर ओसे बोलेन, “हेरोदेस तोहका मारि डावइ चाहत ह, एह बरे हुवाँ स कहूँ अउर चला जा।” 32 तब उ ओनसे कहेस, “जा अउर उ लोखरीस कहा, ‘मइँ मनइयन मँ स दुस्ट आतिमन क निकारब, मइँ आज ही चंगा करब अउर भियान भी। फिन तीसर दिन मइँ आपन काम पूरा करब।’ 33 फिन भी मोका आजु, भियान अउर परउँ चलत ही रहइ क अहइ। काहेकि कउनो नबियन बरे इ नीक नाहीं कि उ यरूसलेम स बाहेर प्रान तजि देइ। 34 “यरूसलेम अरे ओ यरूसलेम! तू नबियन क कतल करत ह अउर परमेस्सर जेका तोहरे लगे पठएस ह, ओन प पाथर बरिसावत ह। मइँ केतॅनी दाईं तोहरे मनइयन क वइसे ही आपुस मँ बटोरइ चाहा ह जइसे एक ठु मुर्गी आपन बचवन क आपन पखना तरे बटोरत ह। मुला तू नाहीं चाह्या। 35 लखा तोहरे बरे तोहार घर तोहरे लिए उजरा पड़ा अहइ। मइँ तोहका बतावत हउँ तू मोका उ समइया तलक फिन नाहीं देखब्या। जब ताईं उ समइ न आइ जाइ जब तू कहब्या, ‘धन्य अहइ उ, पर्भू क नाउँ प जउन आवत बा।’”

Luke 14:1 एक दाईं सबित क दिन मुख्य फरीसियन मँ स कउनो क घर ईसू खइया बरे गवा। ओहर उ पचे नगिचे स आँखि गड़ाइके लखत रहेन। 2 हुवाँ ओकरे समन्वा जलंधर स दुःखी एक ठु मनई रहा। 3 ईसू धरम सास्तिरियन अउर फरीसियन स पूछेस, “सबित क दिन कउनो क चंगा करब उचित अहइ या नाहीं?” 4 मुला उ पचे खमोस रहेन। तउ ईसू उ मनई क लइके चंगा कइ दिहस अउर फिन ओका कहूँ पठइ दिहस। 5 फिन उ ओनसे पूछेस, “जदि तोहमाँ स कउनो क लगे आपन बेटवा अहइ या बर्धा अहइ, उ कुआँ मँ गिरि पड़त ह तउ सबित क दिन भी तू ओका फउरन नाहीं निकरिब्या?” 6 उ पचे ऍह पइ ओकर बात नाहीं काटि सकेन। 7 काहेकि ईसू इ लखेस कि मेहमान आपन बरे बइठइ क कउनो खास ठउर ढँूढत रहेन, तउ उ ओनका एक दिस्टान्त कथा सुनाएस। उ बोला: 8 “जब तोहका कउनो बियाहे क भोज प बोलावइ तउ हुवाँ कउनो सम्मान क ठउर प जिन बइठा। काहेकि होइ सकत ह हुवाँ कउनो तोहसे जिआदा बड़कवा मनई क उ बोलॉए होइ। 9 फिन तू दुइनउँ क बोलॉवइवाला तोहरे लगे आइके तोसे कही, ‘आपन इ जगह इ मनई क दइ द्या।’ अउर फिन लजाइके तोहका सबन क तले क ठउरे प बइठइ क होइ। 10 तउ जब तोहका बोलॉवा जात ह तउ जाइके सबन त तले क जगह ग्रहण कइ ल्या जइसे जब तोहका न्यौता देइवाला आवइ तउ तोहसे कही, ‘मीत उठा, ऊपर बइठा।’ फिन उ सबन क समन्वा, जउन तोहरे लगे हुवाँ मेहमान होइहीं, तोहार मान बाढ़ी। 11 काहेकि हर कउनो जउन आपन क उठाई ओका निहुराइ दीन्ह जाई अउर जउन आपन क निहुराई, ओका ऊँचा कीन्ह जाई।” 12 फिन जउन ओका बोलाए रहा, ओसे उ बोला, “जब कबहुँ तू कउनो दिन या राति क भोज द्या तउ आपन धनी पड़ोसियन क जिन बोलावा काहेकि ऍकरे बदले मँ तोहका बोलइहीं अउर इ तरह तोहका ओकर फल मिलि जाई। 13 मुला जब तू कउनो भोज द्या तउ दीन दुखियन, अपाहिजन, लंगड़न अउर अँधरन क बोलावा। 14 फिन काहेकि ओनके लगे वापस लउटावइ कछू नाहीं अहइ, तउ इ तोहरे बरे आसीर्वाद बनि जाई। ऍकर बदले क फल तोहका धर्मी मनई क जी उठइ प दीन्ह जाई।” 15 फिन ओकरे संग खइया क खात रहेन मनइयन मँ स एक इ सुनिके ईसू स कहेस, “हर उ मनई धन्य अहइ, जउन परमेस्सर क राज्य मँ जेंवत ह!” 16 तब ईसू ओसे कहेस, “एक मनई कउनो बड़के भोज क तइयारी करत रहा, उ बहोत स मनइयन क न्यौत दिहस। 17 फिन दावत क समइ जेनका न्यौत दिहस, नउकरे क पठइके इ कहवाएस, ‘आवा! काहेकि भोजन तइयार अहइ।’ 18 उ सबइ एक तरह आनाकानी करइ लागेन। पहिला ओसे कहेस, ‘मइँ एक खेत बेसहे अहउँ, मोका जाइके ओका देखब अहइ, कृपा कइके मोका छमा करइँ।’ 19 फिन दूसर कहेस, ‘मइँ पाँच जोड़ी बर्धा मोल लिहे अहउँ, मइँ तउ सिरिफ ओनका परखइ जात हउँ, कृपा कइके मोका छमा करइँ।’ 20 एक अउर भी बोला, ‘मइँ अबहिं बियाह किए हउँ। इ कारण स नाहीं आइ सकत हउँ।’ 21 तउ जब उ नउकर लौटिके आवा तउ उ आपन स्वामी क इ बातन बताइ दिहस, ऍह पइ उ घरे क स्वामी बहोत कोहाइ गवा अउर आपन नउकरे स कहेस, ‘हाली ही! सहर क गली कूचा मँ जा अउर गरीब गुरबा, अपाहिज, आँधर अउर लँगड़न क हिआँ लइ आवा।’ 22 उ नउकर स कहेस, ‘स्वामी तोहार हुकुम पूरी कइ दीन्ह गइ अहइ मुला अबहिं भी ठउर बाकी अहइ।’ 23 फिन स्वामी नउकरे स कहेस, ‘सड़कन प अउर खेतन क मेड़े ताई जा अउर हुवाँ स मनइयन स चिरौरी कइके हिआँ बुलाइ लिआवा जेसे मोर घर भरि जाइ। 24 अउर मइँ तोहसे कहत हउँ जउन पहिले बोलाइ गवा रहेन ओहमाँ स एक भी भोज न चिखइ सकेन!”‘ 25 ईसू क संग भारी भीड़ जात रही। उ ओनके कइँती मुड़ि गवा अउर बोला, 26 “जदि मोरे लगे कउनो आवत ह अउर आपन बाप महतारी, पत्नी अउर बचवा, आपन भाइयन अउर बहिनियन अउर हिआँ ताईं कि आपन जिन्नगी तलक स मोसे जिआदा पिरेम राखत ह, उ मोर चेला नाहीं होइ सकत। 27 जउन आपन क्रूस (यातना) उठाइके मोरे पाछे नाहीं चलत ह, उ मोर चेला नाहीं होइ सकत। 28 जदि तोहमाँ स कउनो बुर्ज बनावइ चाहइ तउ का उ पहिले स बइठिके ओकरे दामे क, इ लखइ बरे कि ओका पूरा करइके ओकरे लगे काफी कछू बा कि नाहीं, हिसाब उसाब न लगाई? 29 नाहीं तउ उ नेंव तउ खनि देइ अउर ओका पूरा न कइ पावइ स, जउन ओका सुरु होत लखेन ह, सबहिं ओकर मसखरी उड़इहीं अउर कइहीं, 30 ‘अरे लखा इ मनई बनाउब तउ सुरु कहेस ह मुला इ ओका पूर नाहीं कइ सका!’ 31 “या कउनो राजा अइसा होइ जउन कउनो दूसर राजा क खिलाफ जुद्ध छेड़इ जाइ अउर पहिले बैठिके इ न बिचारइ कि आपन दस हजार सैनिकन क संग का उ बीस हजार सैनिकन आपन बैरी क मुकाबला कइ भी सकी कि नाहीं? 32 अउर जदि उ समर्थ नाहीं होत तउ ओकर बैरी अबहीं राहे मँ होइहीं तबहिं उ आपन प्रतिनिधि मंडल क पठइके सांति मिलाप क सुझाई। 33 तउ फिन इहइ तरह तोहमाँ स कउनो भी जउन आपन सबहिं धन दौलत क तजि नाहीं देत, मोर चेला नाहीं होइ सकत। 34 “नोन उत्तिम अहइ मुला जदि ओकर स्वाद बिगर जाइ तउ ओका फिन स नमकीन नाहीं बनावा जाइ सकता। 35 न तउ उ माटी क लायक नही अउर न पाँस क कूड़ा क। मनई सिरिफ ओका यूँ ही बहाइ देइहीं। जेकरे लगे सुनइ क कान अहइँ, ओका सुनइ द्या!”

Luke 15:1 अब चुंगी (टिक्ॅस) क उगहिया अउर पापी सबहिं ओका सुनइ बरे ओकरे लगे आवइ लाग रहेन। 2 तउ फरीसियन अउर धरम सास्तिरियन बड़बड़ करत भए कहइ लागेन, “इ मनई तउ पापी मनइयन क अगवानी करत ह अउर ओनके संग जेवंत ह।” 3 ऍह पइ ईसू ओनका इ दिस्टान्त कथा सुनाएस: 4 “मान ल्या तोहमाँ स कउनो क लगे 100 भेड़ अहइँ अउर ओहमाँ स कउनो एक हेराइ जाइ तउ उ का 99 क खुली जगह मँ तजिके हेरान भेड़ क पाछे न धाई जब ताई उ ओका पाइ न जाइ। 5 फिन जब ओका भेड़ मिलि जात ह तउ उ ओका खुसी क साथ आपन काँधे प उठावत ह। 6 अउर जब घर लौटत ह तउ आपन मीतन अउर पड़ोसियन क नगिचे बोलॉइके कहत ह, ‘मोर संग खुसी मनावा काहेकि मोका हेरान भेड़ मिलि गइ अहइ।’ 7 मइँ तोहसे कहत हउँ, इहइ तरह कउनो एक क मनफिरावइवाला पापी बरे, ओन निनावे धर्मी मनइयन स, जेनका मनफिराव करइ क जरूरत नाहीं, सरगे मँ कहूँ जिआदा खुसी मनाइ जइ। 8 “या सोचि ल्या कउनो स्त्री अहइ जेकरे लगे दस चाँदी क सिक्का बाटेन अउर ओकर एक ठु सिक्का हेराइ जात ह तउ का उ दिया बारिके घरे क तब ताई न बहारी अउर होसियारी स नाहीं ढूँढ़त रही जब तलक उ ओका न मिलि जाइ? 9 अउर जब उ जब ओका पाइ जात ह तउ आपन मीतन अउर पड़ोसियन क लगे बोलॉइके कहत ह, ‘मोरे संग खुसी मनावा काहेकि मोर सिक्का जउन हेराइ ग रहा, मिलि गवा।’ 10 मइँ तोहसे कहत हउँ इ तरह एक पापी बरे जउन मनफिराव ह, परमेस्सर क दूतन क हाजरी मँ हुआँ खुसी मनाइ जाइ।” 11 फिन ईसू कहेस, “एक मनई क दुइ बेटवा रहेन। 12 तउ छोटका बेटवा आपन बाप स कहेस, ‘पिताजी, जउन धन दौलत मोरे हींसा मँ आवइ, ओका मोका दइ द्या!’ तउ बाप उन दुइनउँ क आपन धन बाँट दिहेस। 13 अबहीं कउनो जिआदा समइ नाहीं बीता रहा, कि छोटका बेटवा आपन समूचा धन दौलत बटोरेस अउर कउनो दूर देस क चला गवा। अउर हुवाँ जंगली क तरह रहत भवा आपन सारा धन बर्बाद कइ डाएस। 14 जबहिं ओकर समूचा धन खतम होइ गवा तबहीं उ देस मँ सबहिं कइँती एक ठु भयानक अकाल पड़ि गवा अउर ओका जरूरत क चीजन क कमती पड़इ लाग। 15 एह बरे उ देस क कउनो मनई क हिआँ जाइके उ मजूरी करइ लाग। उ ओका आपन खेते मँ सुअर चरावइ पठइ दिहस। 16 हुवाँ उ सोचत साइद कैरब क फरी पेट भरइ बरे मिलि जाइँ जेका सुअरन खात रहेन मुला कउनो ओका एक फरी नाहीं दिहेस। 17 फिन जब ओकर होस ठिकाना मँ आइ गवा तउ उ बोला, ‘मोरे बाप क लगे केतॅना ही अइसे मजूर अहइँ जेनके लगे खाइ क पाछे भी भोजन बचा रहत ह। अउर मइँ हिआँ भूख स मरत हउँ। 18 तउ मइँ हिआँ स उठिके आपन बाप क लगे जाब अउर ओनसे कहब: पिताजी, मइँ परमेस्सर अउर तोहरे खिलाफ पाप किहे हउँ। 19 अब अगवा स तोहार बेटवा कहवावइ क जोग्ग नाहीं अहउँ। मोका आपन रोजिन्दा क मजूर क नाई बनइ ल्या।’ 20 तउ उ उठिके आपन बाप क लगे चला गवा।“अबहिं उ जिआदा दूरी प ही रहा कि ओकर बाप ओका निहारेस अउर ओकरे बाप क दाया आइ। तउ दौड़िके उ ओका आपन बाँहे मँ गहियाह लिहस अउर चूमेस। 21 बेटवा बाप स कहेस, ‘पिताजी, मइँ तोहरी निगाहे मँ अउर परमेस्सर क खिलाफ पाप किहे हउँ, मइँ अब अउर जिआदा तोहार बेटवा कहवावइ क जोग्ग नाहीं हउँ।’ 22 मुला बाप आपन नउकरन स कहेस, ‘हाली! उत्तिम ओढ़ना निकारि लइ आवा अउर ओनका ऍका पहिरावा। ऍकरे हाथे मँ अँगूठी अउर गोड़वा मँ जूतियाँ पहिरावा। 23 कउनो मोट बछवा लइ आइके मारि डावा अउर आवा ओका हम पचे खाइके खुसी मनाई। 24 काहेकि मोर इ बेटवा जउन मरि गवा रहा अब जइसे फिन स जिउ उठा बा। इ हेरॉइ गवा रहा, मुला अब इ मिलि गवा अहइ।’ तउ उ पचे खुसी मनावइ लागेन। 25 “अब ओकर बड़का बेटवा जउन खेते मँ रहा, जब आवा अउर घरे क लगे पहुँच गवा त उ गावइ नाचइ क सुर सुनेस। 26 उ आपन एक ठु नउकर क बोलाइके पूछेस, ‘इ सब का होत अहइ?’ 27 नउकर ओसे कहेस, ‘तोर भाई आइ गवा अहइ अउर तोर बाप ओका हिफाजत मँ अउर मोटमर्दा पाइके एक ठु मोट बछवा कटवाएस ह!’ 28 बड़का भाई कोहाइ गवा, उ भितरे जाइ तलक नाहीं चाहत रहा। तउ ओकर बाप बाहेर आइके ओका समझाएस बुझाएस। 29 मुला उ बाप क जवाब दिहस, ‘देखा बरिसन स तोहार सेवा मइँ करत रहेउँ। मइँ तोहरे कउनो हुकुम क खिलाफत नाहीं किहेउँ, मुला तू मोका तउ कबहूँ एक बोकरी तलक नाहीं दिहा कि मइँ आपन मीतन क संग कउनो खुसी मनाइ सकित। 30 मुला जब तोहार इ बेटवा आवा जउन वेस्यन मँ तोहार धन फूँकेस, ओकरे बरे तू मोट बछवा कटवाया।’ 31 बाप ओसे कहेस, ‘मोर बेटवा, तू हमेसा ही मोरे लगे अहा अउर जउन कछू मोरे लगे बा, सब तोहार अहइ। 32 मुला हमका खुस होइ चाही अउर जलसा मनावइ चाही काहेकि इ भाई, जउन मरि ग रहा, अब फिन जिन्ना होइ, ग अहइ। इ हेराइ ग रहा, अब मिलि गवा बा।”‘

Luke 16:1 फिन ईसू आपन चेलन स कहेस, “एक धनी मनई रहा। ओकर एक प्रबन्धक रहा। उ प्रबन्धक प लांछन लगाइ गवा कि उ ओकर धन दौलत क नासत रहा। 2 तउ उ ओका बोलाएस अउर कहेस, ‘तोहरे बारे मँ इ मइँ का सुनत रहत हउँ? आपन संरजाम क हिसाब किताब द्या काहेकि अब अगवा तू प्रबन्धक नाहीं रहि सकत्या।’ 3 ऍह पइ प्रबन्धक मन ही मन मँ कहेस, ‘मोर स्वामी मोसे मोर प्रबन्धक क नउकरी छीनत अहा, तउ अब मइँ का करउँ? मोहमाँ अब ऍतनी ताकत भी नाहीं बा कि मइँ खेते खोदाई अउर गोंड़ाई क काम तलक कइ सकउँ। अउर माँगइ मँ तउ मोका लाज आवति बाटइ। 4 ठीक, मोरी समझ मँ आइ गवा कि मोका का करइ चाही जेहॅसे जब मइँ प्रबन्धक क ओहदा स हटाइ दीन्ह जाउँ तउ मनई आपन घरे मँ मोर सुआगत करइँ।’ 5 तउ उ स्वामी क हर देनदार क बोलाएस। पहिले मनई स उ पूछेस, ‘तोहका मोरे स्वामी क केतॅना देब अहइ?’ 6 उ कहेस, ‘3,000 लीटर जौतून क तेल।’ ऍह पइ उ ओसे बोला, ‘इ ल्या आपन बही खाता अउर बैठिके हाली 1,500 लीटर कइ द्या।’ 7 फिन उ दूसर स कहेस, ‘अउर तोह प केतनी देनदारी अहइ?’ उ बताएस, 270 क्विंटल गोहूँ।’ उ ओसे बोला, ‘इ ल्या आपन वही अउर 225 क्विंटल कइ द्या।’ 8 “ऍह प ओकर स्वामी उ बेइमान प्रबन्धक क सराहेस काहेकि उ होसियारी स काम लिहे रहा। संसारे मँ रहइवाला मनई आपन जइसे मनइयन स ब्यौहार करइ मँ परमेस्सर क जोतिवाला स जिआदा चालाक अहइ। 9 “मइँ तोहसे कहत हउँ संसारे क धन दौलत स आपन बरे मीत बनावा। काहेकि जब उ धन दौलत खतम होइ जाइ, उ पचे अनंत निवासे मँ तोहार सुआगत करिहीं। 10 उ सबइ जेनॅ पइ तनिक बरे बिसवास कीन्ह जाइ सकत ह, ओन पइ जिआदा बरे भी बिसवास कीन्ह जाइ अउर इहइ तरह जउन तनिक बरे बेइमान होइ सकत हीं उ जिआदा बरे बेइमान होइहीं। 11 इ तरह जदि तू संसारे क धन दौलत बरे तू बिसवासनीय नाहीं रह्या तउ साँच धने क बारे मँ तोह पइ कउन भरोसा करी? 12 जदि जउन कउनो दूसर क अहइ, तू ओकरे बरे बिसवास क जोग्ग नाहीं, बाट्या, तउ जउन तोहार अहइ, ओका तोहरा कउन देइ? 13 “कउनो भी नउकर दुइ मालिक क सेवा नाहीं कइ सकत। उ या तो एक स घिना करी अउर दूसर स पिरेम या उ एक क बरे न्यौछावर करी अउर दूसर क दुरियाई। तू धने अउर परमेस्सर दुइनउँ क सेवा एक संग नाहीं कई सकत्या।” 14 अब फरीसियन जउन धन क लोभी रहेन, जब इ सब सुनेन तउ उ पचे ईसू क बहोत बुराई किहेन। 15 ऍह पइ उ ओनसे कहेस, “तू पचे उ सबइ अहा जउन मनइयन क इ जताइ देइ चाहत ह कि तू बहोत नीक अहा मुला परमेस्सर तोहरे मन क जानत ह। मनई जेका बहोत कीमती समझत हीं, परमेस्सर बरे उ तुच्छ अहइ। 16 “यूहन्ना तलक व्यवस्था अउर नबियन क समइ रहा। ओकरे पाछे परमेस्सर क राज्य क सुसमाचार क प्रचार होत रहा अउर हर कउनो बड़ी तेजी स ऍकर कइँती हींचा चला आवत रहा। 17 फिन सरग अउर धरती क डुग जाब तउ सहल बा मुला व्यवस्था क एक एक बिन्दु क अमान्य होब नाहीं। 18 “उ हर कउनो जउन आपन पत्नी क तजत ह अउर दूसर स्त्री क बियाहत ह, व्यभिचार करत ह। अइसे ही आपन पति स तलाकी गइ, कउनो मनई स बियाहत ह, उ भी व्यभिचार करत ह।” 19 “अब देखा एक मनई रहा जउन बहोत धनी रहा। उ बैंजनी रंग क ओढ़ना पहिरत रहा अउर हर रोज अमीरी ठाट बाट स रहत आनन्द लेत रहा। 20 हुँवई लाजर नाउँ क दीन दुखिया ओकरे दुआरे ओलरा रहत रहा। ओकर देह घाउन स भरि गइ रही। 21 उ धनी मनई क जूठे स ही उ आपन पेटवा भरइ क तरसत रहा। हिआँ तलक कि कूकुर भी अउतेन अउर ओकरे घाउ क चाट जातेन। 22 अउर फिन अइसा भवा कि उ दीन हीन मनई मरि गवा। तउ सरगदूतन लइ जाइके ओका इब्राहीम क गोदी मँ बइठाइ दिहन। फिन उ धनी मनई भी मरि गवा अउर ओका दफनियावा गवा। 23 नरके मँ तड़पत भवा उ जब आँखी खोलिके लखेस तउ इब्राहीम ओका बहोत दूर देखाइ गवा मुला लाजर उ ओकरी गोदी मँ लखेस। 24 उ तब्बइ पुकारके कहेस, ‘बाप इब्राहीम, मोहे प दाया करा अउर लाजर क पठवा कि उ पानी मँ अगुँरि क नोक बोरिके मोर जीभ ठंढी कइ देइ, काहेकि मइँ इ आगी मँ तड़पत हउँ!’ 25 मुला इब्राहीम बोला, ‘मोर बेटहना, याद राखा, तू आपन जिन्नगी मँ आपन नीक चीजन्क पाइ गया मुला लाजर क बुरी चीज मिलि पाइँ। तउ अब हिआँ उ आनन्द भोगत बा अउर तू दारूण दुःख। 26 अउर इ सब क अलावा हमरे अउर तोहरे बीच एक बड़की खाई डाइ दीन्ह ग अहइ काहेकि हिआँ स जदि कउनो तोहरे लगे जाइ चाहइ, उ जाइ नाहीं सकत अउर हुवाँ स कउनो हिआँ आइ न सकइँ।’ 27 उ धनी मनई कहेस, ‘अइ बाप! मइँ तोहसे पराथना करत हउँ कि तू लाजर क मोरे बाप क घर पठइ द्या 28 काहेकि मोरे पाँच भाइयन अहइँ। उ ओनका चिताउनी देइ ताकि ओनका इ दारुण दुःख क ठउर मँ न आवइ क होइ।’ 29 मुला इब्राहीम कहेस, ‘ओनके लगे मूसा क व्यवस्था अहइ अउर नबियन क लिखा अहइँ। ओ पचेन क ओनका सुनइ द्या।’ 30 धनी मनई कहेस, ‘नाहीं बाप इब्राहीम, जदि कउनो मरे हुअन मँ स ओनके लगे जाइ तउ उ पचे मनफिराव करिहीं।’ 31 इब्राहीम ओसे कहेस, ‘जदि उ सबइ मूसा अउर नबियन क नाहीं अनकतेन तउ, जदि कउनो मरे हुअन मँ स उठिके ओनके लगे आवइ तउ भी कोउ काम क न होई, काहेकि उ ओनका भी न सुनिहीं।”‘

Luke 17:1 ईसू आपन चेलन स कहेस, “जेनसे मनइयन भटकत हीं, अइसी बातन तउ होइहीं ही मुला धिक्कार उ मनई क अहइ जेकरे जरिये उ सबइ होइँ। 2 ओकरे बरे जिआदा नीक इ होत कि बजाय ऍकरे कि उ इन छोटकन मँ स कउनो क पाप करइ क हुस्कारि देइ, ओकरे गटइया मँ चकरी क पाट टाँगिके ओका समुद्दर मँ ढकेल दीन्ह जात। 3 होसियार रहा!“जदि तोहार भाई पाप करइ तउ ओका डाटा अउर जदि उ आपन किहे प पछताइ तउ ओका छमा कइ द्या। 4 अगर हर दिना उ सात दाईं पाप करइ अउर सातहु दाई लौटिके तोहसे कहइ कि मोका पछतावा अहइ तो तू ओका छमा कइ द्या।” 5 ऍह पइ प्रेरितन पर्भू स कहेन, “हमरे बिसवास क बढ़ोतरी करा!” 6 पर्भू कहेस, “जदि तोहमाँ सरसों क दाना क तरह बिसवास होत तो तू इ सहतूत क बृच्छ स कहि सकत ह ‘उखड़ि जा अउर समुद्दर मँ जाइके लगा।’ अउर उ तोहार बात मान लेत। 7 “मान ल्या तोहमाँ स कउनो क लगे एक दास अहइ जउन हर जोतत या भेड़न क चरावत ह। उ जब खेते स लौटिके आवइ तउ का ओकर स्वामी ओसे कही, ‘तुरन्त आवा अउर खइया क खाइ बैठि जा?’ 8 मुला बजाय ऍकरे का उ ओसे न कही, ‘मोर भोजन तइयार करा, आपन ओढ़ना पहिरा अउर मोर खात पिअत क खइया परसा, तबहिं ऍकरे पाछे तू भी खाइ पी सकत ह।’ 9 का उ आपन हुकुम पूरा करइ प का उ सेवक क बिसेस धन्यबाद देत ह नाहीं। 10 तोहरे संग भी अइसा ही अहइ। जउन कछू करइ क तोहसे कहा ग अहइ, ओका कइ डाए क पाछे तोहका कहइ चाही, ‘हम नालायक दास अही हमका कउन बड़कई न चाही। हम तउ आपन कर्तब कीन्ह ह।”‘ 11 फिन जब ईसू यरूसलेम जात रहा तउ उ सामरिया अउर गलील क बीच क चउहद्दी क लगे स निकरा। 12 उ जब एक गाउँ मँ जात रहा तबहिं दस कोढ़ी ओका मिलेन। उ सबइ कछू दूरी प खड़ा रहेन। 13 उ पचे ऊँच आवाज मँ बोलेन, “हे ईसू! हे स्वामी! हम प दाया करा!” 14 फिन जब उ ओनका लखेस तउ उ बोला, “जा अउर आपन खुद क याजकन क देखावा।”उ सबइ जात ही रहेन कि कोढ़ स छुटकारा पाएन। 15 मुला ओहमाँ स एक जब इ देखेस कि उ चंगा होइ ग अहइ, तउ उ वापस लौटा अउर ऊँच आवाज मँ परमेस्सर क गुन गावइ लाग। 16 उ मुँहना धइके ईसू क गोड़वा पर गिरि गवा अउर ओकर ऍहसान मानेस। (उ एक सामरी रहा।) 17 ईसू ओसे पूछेस, “का सबहिं दस क दसउ कोढ़ स छुटकारा नाहीं पाएन? फिन उ सबइ नौ कहाँ बाटेन? 18 का केवल सामरी क तजिके ओहमाँ स कउनो भी परमेस्सर क स्तुति करइ वापस नाहीं लौटा?” 19 फिन ईसू ओसे कहेस, “खड़ा ह्वा अउर चला जा, तोहार बिसवास तोहका चंगा किहेस ह।” 20 एक दाईं जब फरीसियन ईसू स पूछेन, “परमेस्सर क राज्य कब आई?” तउ उ ओनका जवाब दिहस, “परमेस्सर क राज्य अइसे परगट होइके नाहीं आवत। 21 मनइयन इ न कइहीं, “उ हिआँ अहइ!’ या ‘उ हुवाँ अहइ!’ काहेकि परमेस्सर क राज्य तउ तोहरे भीतर ही अहइ।” 22 मुला चेलन उ बोलाएस, “अइसा समइ आइ जब तू मनई क पूत क दिनन मँ स एक दिन क भी तरसख्या मुला, ओका नलख पउव्या। 23 अउर मनइयन तोहसे कइहीं, ‘देखा, हिआँ!’ या ‘देखा, हुवाँ!’ तू हुवाँ जिन जा या ओकर पाछे जिन जा। 24 “वइसे ही जइसे बिजुरी चमकिके एक छोर स दूसर छोर मँ चमकत ह, वइसे ही मनई क पूत भी आपन दिन मँ परगट होइ। 25 मुला ओका पहिले बहोत स दारुण दुःख झेलइ क होइ अउर इ पीढ़ी क जरिए उ जरूर ही न मान्न होइ। 26 वइसे ही जइसे नूह क दिनन मँ भवा रहा, मनई क पूत क दिनन मँ भी होइ। 27 उ दिना तलक जब नूह नाउ मँ बइठा, मनई खात पिअत रहेन, बियाह करत रहेन, अउर बियाह मँ दीन्ह जात रहेन। फिन जल परलइ आइ अउर उ सबन क नास कइ दिहस। 28 इहइ तरह होइ जइसे लूत क दिना मँ भी भवा रहा। मनइयन खात पिअत रहेन, बेसहत रहेन, बेचत रहेन अउर खेती अउर घर बनवत रहेन। 29 मुला उ दिन जब लूत सदोम स बाहेर निकरा तउ अकास स आगी अउर गंधक बरसइ लाग अउर उ सबइ बर्बाद होइ गएन। 30 उ दिना भी जब मनई क पूत परगट होइ, ठीक अइसे ही होइ। 31 “उ दिन जदि कउनो मनई छते प होइ अउर ओकर सामान घरे क भीतर होइ तउ ओका उठावइ बरे तरखाले न उतरइ। इहइ तरह जदि कउनो मनई खेते मँ होइ तउ उ पाछे न लौटइ। 32 लूत क पत्नी क याद करा, 33 जउन कउनो आपन जिन्नगी बचावइ क जतन करी, उ ओका खोइ देइ अउर जउन आपन जिन्नगी खोइ, उ ओका बचाइ लेइ। 34 मइँ तोहका बतावत हउँ, उ राति एक खटिया प जउन दुइ मनई होइहीं, ओहमाँ स एक उठाइ लीन्ह जाइ अउर दूसर छोर दीन्ह जाइ। 35 दुइ स्त्रियन एक संग चकरी चलावत होइहीं, ओहमाँ स एक उठाइ लीन्ह जाइ अउर दूसर स्त्री छोर दीन्ह आइ।” 36 37 फिन ईसू क चेलन ओसे पूछेन, “हे पर्भू, अइसा कहाँ होइ?”उ ओनसे कहेस, “जहाँ ल्हास पड़ी होइ, गिद्ध भी हुवँइ एकट्ठा होइहीं।”

Luke 18:1 फिन ईसू चेलन क इ बतावइ बरे एक दिस्टान्त कथा सुनाएस कि उ पचे लगातार पराथना करत रहइँ अउर निरास न होइँ। उ इ दिस्टान्त कथा कहेस: 2 “कउनो सहर मँ एक न्यायाधीस होत रहा। उ न तो परमेस्सर स डेरात रहा अउर न ही मनइयन क परवाह करत रहा। 3 उहइ सहर मँ, अब लखा एक ठु विधवा भी रहत रही। अउर उ ओनके लगे बार बार आवत अउर कहत, ‘देखा, मोरे बरे कीन्ह गवा अनिआउ क खिलाफ निआउ मिलइ चाही!’ 4 तउ एक लम्बा समइ तलक तउ उ न्यायाधीस नाहीं चाहत रहा मुल आखिर मँ उ आपन मने मँ सोचेस, ‘चाहे मइँ परमेस्सर स न डेरात हउँ अउर न मनइयन क परवाह करत हउँ। 5 तउ भी काहेकि इ विधवा स मोर कान पक ग अहइँ तउ मइँ देखिहउँ कि ओका निआउ मिलि जाइ जेहसे इ मोरे लगे कइउ दाइँ आइके कहूँ मोरे नाक मँ दम करि देइ!”‘ 6 फिन पर्भू कहेस, “देखा! उ दुस्ट न्यायाधीस का कहे रहा। 7 तउ का परमेस्सर आपन चुना भए मनइयन प धियान न देइ कि ओनका, जउन ओका राति दिन टेरत हीं, निआव मिलइ? का उ ओनकइ मदद करइ मँ देर लगाई? 8 मइँ तोहसे कहत हउँ कि उ ओनका जल्दी निआव देई। फिन भी जब मनई क पूत आइ तउ का उ धरती प बिसवास पाई?” 9 फिन ईसू ओन मनइयन बरे जउन आपन क नेक तउ मानत रहेन, अउर कउनो क कछू नाहीं समझतेन, इ दिस्टान्त कथा सुनाएस। 10 “मन्दिर मँ दुइ मनई पराथना करत रहेन, एक फरीसी रहा अउर दूसर चुंगी (टिक्ॅस) क उगहिया। 11 उ फरीसी अलग खड़ा होइके इ पराथना करइ लाग, ‘हे परमेस्सर मइँ तोहार धन्यबाद करत हउँ कि मइँ दूसर मनइयन जउन डाकू, ठग अउर व्यभिचार नाहीं हउँ अउर न ही इ चुंगी उगहिया जइसा हउँ। 12 मइँ हप्ता मँ दुइ दाई उपास राखत हउँ अउर आपन समूची आमदनी क दसवाँ हींसा दान मँ दइ देत हउँ।’ 13 “मुला उ चुंगी उगहिया जउन दूर खड़ा रहा अउर हिआँ तलक कि सरगे कइँती आपन आँखिन उठाइके नाहीं लखत रहा, आपन छतिया पीटत भवा बोला, ‘हे परमेस्सर, मोहे पापी प द्या कर!’ 14 मइँ तोहका बतावत हउँ, इहइ मनई धर्मी कहवाइके आपन घरे लौट गवा, न कि उ दूसर। काहेकि हर उ मनई जउन आपन खुद क बड़का समझी, ओका छोटका बनइ दीन्ह जाइ अउर जउन दीन मानी, ओका बड़का बनइ दीन्ह जाइ।” 15 मनई आपन गदेलन तलक ईसू क लगे लइ आवत रहेन कि उ ओनका छू भरि देइ। मुला जब ओकर चेलन इ लखेन तउ ओनका झड़पेन। 16 मुला ईसू गदेलन क लगे बोलाएस अउर चेलन स कहेस, “इ नान्ह गदेलन क मोरे लगे आवइ द्या, ऍनका जिन रोका, काहेकि परमेस्सर क राज्य अइसन क अहइ। 17 मइँ सच कहत हउँ कि जउन परमेस्सर क राज्य इ गदेलन क नाई ग्रहण नाहीं करत ह, ओहमाँ कबहुँ घुसि न पाई।” 18 फिन कउनो यहूदी नेता ईसू स पूछेस, “उत्तिम गुरु, अनन्त जीवन क हक पावइ बरे मोका का करइ चाही?” 19 ईसू ओसे कहेस, “तू मोका उत्तिम काहे कहत अहा? सिरिफ परमेस्सर क तजिके अउर कउनो भी उत्तिम नाहीं अहइ। 20 तू परमेस्सर क हुकुम क तो जानत अहा: ‘व्यभिचार जिन करा, कतल जिन करा, चोरी जिन करा, झूठी साच्छी जिन द्या, आपन बाप अउर महतारी क आदर करा।’” 21 उ यहूदी नेता बोला, “मइँ इन बातन क आपन लरिकाई स मानत आवा हउँ!” 22 ईसू जब इ सुनेस तउ उ ओसे बोला, “अबहीं एक बात अहइ जेकर तोहमाँ कमी अहइ। तोहरे लगे जउन कछू अहइ, सब कछू क बेंचि डावा अउर फिन जउन मिलइ, ओका गरीबन मँ बाँटा। ऍहसे तोहका सरगे मँ भण्डारा मिली। फिन आवा अउर मोरे पाछे होइ जा।” 23 तउ जब यहूदी नेता सुनेस तउ उ बहोत दुःखी भवा, काहेकि उ बहुत अमीर रहा। 24 ईसू जब ई देखेस कि उ बहोत दुःखी अहइ तउ उ कहेस, “ओन मनइयन बरे जेनके लगे धन वा, परमेस्सर क राज्य मँ घुसि पाउब केतना मुस्किल अहइ। 25 हाँ, कउनो ऊँट बरे सुई क नोंक स निकरि जाब तउ सहज बा मुला कउनो धनी मनई क परमेस्सर क राज्य मँ घुस पाउब सहल नाहीं अहइ!” 26 उ मनइयन जउन इ सुनेन, बोलेन, “फिन भला उद्धार केकर होइ?” 27 ईसू कहेस, “उ बातन जउन मनइयन बरे नाहीं होइ सकतीं, परमेस्सर बरे होइ सकत हीं1” 28 फिन पतरस कहेस, “देखा, तोहरे पाछे चलइ बरे हम उ सब कछू तजि दीन्ह ह जउन हमरे पास रहा!” 29 तब ईसू ओनसे बोला, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ, अइसा कउनो नाहीं जउन परमेस्सर क राज्य बरे घर-बार, पत्नी या भाइयन या महतारी बाप या संतान क तजि दिहे होइ, 30 अउर ओका इहइ जुग मँ कइउ कइउ गुना जिआदा न मिलइ अउर आवइवाला समइ मँ उ अनन्त जीवन क न पाइ जाइ।” 31 फिन ईसू ओन बारहु क एक कइँती लइ जाइके ओनसे बोला, “सुना, हम यरूसलेम जात अही। मनई क पूत क बारे मँ नबियन क जरिये जउन कछू लिखा गवा अहइ, उ पूर होइ। 32 हाँ, उ गैर यहूदियन क सौंप दीन्ह जाइ, ओकर मसखरी उड़ाइ जाइ, उ कोसा जाइ अउर ओह पइ थूक दीन्ह जाइ। 33 फिन उ सबइ ओका पिटिहीं अउर मारि डइहीं अउर तीसर दिन फिन जी जाई।” 34 एहमाँ स कउनो भी बात उ सबइ नाहीं समुझ सकेन। इ कहब ओनसे छुपा ही रही गवा कि उ कउने बारे मँ बतावत रहा। 35 ईसू जब यरीहो क लगे पहुँचा रहा तउ भीख माँगत भवा एक आँधर, हुवँई राह किनारे बइठा रहा। 36 आँधर जब मनइयन क जाइ क आवाज सुनेस तउ उ पूछेस, “का होत अहइ?” 37 तउ मनइयन ओसे कहेन, “नासरत क ईसू हिआँ स जात अहइ।” 38 तउ आँधर इ कहत भवा पुकार उठा, “दाऊद क पूत, ईसू। मोहे प द्या करा!” 39 उ जउन अगवा चलत रहेन उ पचे ओसे खमोस रहइ क कहेन, मुला उ अउर जिआदा पुकारइ लाग, “दाऊद क पूत मोरे प द्या करा!” 40 ईसू थम गवा अउर उ हुकुम दिहेस कि आँधर क ओकरे लगे लइ आवा जाइ! तउ जब उ नगिचे आवा तउ ईसू ओसे पूछेस, 41 “तू का चाहत ह मइँ तोहरे बरे का करउँ?” उ कहेस, “पर्भू, मइँ फिन स देखइ चाहत हउँ।” 42 ऍह पइ ईसू कहेस, “तोहका जोति मिलइ, तोहार बिसवास स तोहार रद्धार भवा ह.” 43 अउर फउरन ही ओका आँखिन मिल गइन। उ परमेस्सर क महिमा क बखान करत भवा ईसू क पाछे होइ गवा। जब सब मनइयन इ देखेन तउ उ पचे परमेस्सर क स्तुति करइ लागेन।

Luke 19:1 फिन ईसू यरीहो मँ घुसिके जब हुवाँ स जात रहा। 2 तो हुवाँ जक्कई नाउँ क एक मनई भी हाजिर रहा। उ चंुगी (टिक्ॅस) उगहियन मुखिया रहा। तउ उ बहोत धनी रहा। 3 उ इ देखइ क जतन करत रहा कि ईसू कउन अहइ, मुला भिड़िया क कारण उ देख नाहीं पावत रहा काहेकि ओकर कद छोटवार राह। 4 तउ उ सबन क अगवा धावत भवा एक ठु गुलरी क बृच्छ प जाइ चढ़ा जेहसे, उ ओका निहारि सकइ काहेकि ईसू क उहइ रास्ता स होइके निकरइ क रहा। 5 फिन जब ईसू उ ठउरे प आवा तउ उ ऊपर लखत भवा जक्कई स कहेस, “जक्कई, हाली स नीचे उतरि आवा काहेकि मोका आजु तोहरे ही घरे प रुकइ चाही।” 6 तउ उ तड़फड़ नीचे उतरिके खुसी क संग ओकर अगवानी किहेस। 7 जब सबहिं मनइयन इ लखेन तउ उ पचे बड़बड़ाइ लागेन अउर बोलेन, “अरे इ एक पापी क घर मेहमान बनइ जात अहइ।” 8 मुला जक्कई खड़ा भवा अउर पर्भू स बोला, “हे पर्भू देखा, मइँ आपन सारी धन दौलत क आधा हींसा गरीब गुरबन क दइ देब अउर जदि मइँ कउनो क छल कइके कछू भी छीना ह तउ ओका चौगुना कइके लौटाइ देब!” 9 ईसू ओसे कहेस, “इ घरे प आज उद्धार आइ गवा ह, काहेकि इ मनई भी इब्राहीम क ही संतान अहइ। 10 काहेकि मनई क पूत भी जउन कउनो हेराइ गवा अहइ, ओका ढूँढ़इ अउर ओकर उद्धार करइ आवा ह।” 11 जब उ मनइयन इ बातन क सुनत रहेन तउ ईसू ओनका एक दिस्टान्त कथा सुनाएस काहेकि ईसू यरूसलेम क नगिचे रहा अउर उ पचे सोचत रहेन कि परमेस्सर क राज्य तुरंत ही परगट होइ जात अहइ। 12 तउ ईसू कहेस, “एक ऊँच कुल क मनई राजा क पाद पावइ बरे कउनो परदेस मँ गवा। 13 तउ उ आपन दस नउकरन क बोलाएस अउर ओनमाँ स हर एक क एक एक थैली दिहस अउर ओनसे कहेस, ‘जब ताईं मइँ लौटउँ, ऍसे कउनो बियापार करा।’ 14 मुला सहर क दूसर मनई ओसे घिना करत रहेन, एह बरे उ पचे ओकर पाछे इ कहइ क एक प्रतिनिधि मण्डत पठएस, ‘हम नाहीं चाहित कि इ मनई हम पइ राज करइ।’ 15 “मुला उ राजा क पदवी पाइ गवा। फिन जब उ वापस लौटा तउ जउन नउकरन क उ धन दिहे रहा ओनका इ जानइ बरे कि उ सबइ कउन लाभ कमाइ लिहन ह, उ बोलॉवा पठएस। 16 पहिला आइ अउर बोला, ‘स्वामी, तोहार थैलियन स मइँ दस अउर थैली कमाउँ ह!” 17 ऍह पइ ओकर स्वामी ओसे कहेस, ‘उत्तिम नउकर तू नीक किहा ह। काहेकि तू इ छोटकी सी बात प बिसवास क जोग्ग रहा। तू दस सहरन क अधिकारी होब्या!’ 18 फिन दूसर नउकर आवा अउर बोला, ‘स्वामी तोर थैलियन स मइँ पाँच अउर थैली कमायउँ ह!’ 19 फिन उ ऍहसे कहेस, ‘तू पाँच सहरन क ऊपर राज करब्या!’ 20 फिन एक दूसर नउकर आवा अउर बोला, ‘स्वामी इ रही तोहार थैली जेका मइँ अँगौछा मँ बाँधिके कहूँ रख दिहे रहेउँ। 21 मइँ तोहसे डेरात रहत हउँ, काहेकि तू एक कठोर मनई अहा। तू जउन रख्या नाहीं ह तू ओका भी लइ लेत ह अउर जउन तू बोया नाहीं ओका काटत ह!’ 22 मालिक ओसे कहेस, ‘अरे दुस्ट नउकर! मइँ तोहरे आपन सब्दन क ऊपर तोहार निआव करब। तू तो जानत ही ह कि मइँ जउन राखत नाहीं हउँ, ओका भी लइ लेइवाला अउर जउन बोवत नाहीं ओका बी काटइवाला कठोर मनई हउँ? 23 तउ फिन तू मोर धन बियाज प काहे नाहीं लगाया ताकि मइँ अबहुँ वापस आवत होतउँ तउ बियाज क साथ ओका लइ लेतउँ।” 24 फिन लगे खड़ा मनइयन स उ कहेस, ‘ऍकर थैली ऍहसे लइ ल्या अउर जेकरे लगे दस थैली अहइँ ओका दइ द्या।’ 25 ऍह पइ उ सबइ ओसे बोलेन, ‘मालिक, ओकरे लगे तउ दस थैली अहइँ!’ 26 मालिक कहेस, ‘मइँ तोहसे कहत हउँ हर एक उ मनई क जेकरे लगे अहइ अउर जिआदा दीन्ह जाइ अउर जेकरे पास नाहीं अहइ, ओसे जउन ओकरे लगे अहइ, उ भी छीन लीन्ह जाइ। 27 मुला मोर उ बैरी जउन नाहीं चाहतेन कि मइँ ओन पइ हुकूमत करउँ जेनका हिआँ मोरे समन्वा लावा अउर मारि डावा।”‘ 28 इ बातन कहि चुके क पाछे ईसू अगवा चलत भवा यरूसलेम कइँती बढ़इ लाग। 29 अउर फिन जब उ बैतफगे अउर बैतनिय्याह मँ उ पहाड़ी क नगिचे पहुँचा जउन जैतून क पर्वतन कही जात रहीं तउ उ आपन दुइ चेलन क इ कहिके पठएस कि 30 “इ जउन गाउँ तोहरे समन्वा अहइ, हुवाँ जा। जइसे ही तू हुवाँ घुसब्या, तोहका गदही क बच्चा हुवाँ बाँधा भवा मिली। जेहॅ पइ कउनो कबहूँ सवारी नाहीं किहे होइ, ओका खोलिके हिआँ लिआवा। 31 अउर जदि कउनो तोहसे पूछइ तू ऍका काहे खोलत अहा, तो तोहका ओसे इ कहब अहइ, ‘पर्भू क चाही।”‘ 32 फिन जेनका पठवा ग रहा, उ पचे गएन अउर ईसू जइसा ओनका बताए रहा, ओनका बइसा ही मिला। 33 तउ जब उ सबइ बचवा क खोलत ही रहेन, ओकर मालिक लोगन ओनसे पूछेन, “तू इ बचवा क काहे खोलत बाट्या?” 34 उ पचे कहेन, “इ पर्भू क चाही।” 35 फिन उ पचे ओका ईसू क लगे लइ आएन। उ पचे आपन ओढ़ना उ बच्चा प ओढ़ाइ दिहेन अउर ईसू क ओह पइ बइठाइ दिहन। 36 ईसू जब जात रहा तउ मनइयन आपन ओढ़ना सड़क पइ बिछावत जात रहेन। 37 अउर फिन जब उ जैतून क पर्वतन स तलहटी क लगे आवा तउ चेलन क समूची भीड़ ओन सबहिं अजूबा कामे बरे, जउन उ पचे लखे रहेन, ऊँच आवाज मँ खुसी स परमेस्सर क स्तुति करइ लागेन। उ पचे पुकारेन; 38 “राजा उ धन्य अहइ, आवत ह जउन नाउँ मँ पर्भू (परमेस्सर) क! भजन संहिता 18:26सरगे मँ सान्ति होइ, अउर अकास मँ महिमा होइ परमेस्सर क!” 39 भिड़िया मँ खड़ा भएन कछू फरीसियन ओसे कहेन, “गुरु, चेलन क मना करा!” 40 तउ उ जवाब दिहस, “मइँ तोहसे कहत हउँ जदि इ सबइ खामोस होइ जाइँ तउ उ सबइ पाथर चिचियइहीं।” 41 जब उ नगिचे आइके सहर क लखेस तउ उ ओह प रोइ पड़ा। 42 अउर बोला, “जदि तू बस आजु इहइ जानत होत्या कि कउन तोहका सान्ति देइ मुला अब उ तोहरी आँखी स ओझर होइ गवा बा। 43 उ दिनन तोहे प अइहीं जब तोहरे बैरी चारिहुँ कइँती अड़चन खड़ी कइ देइहीं। उ सबइ तोहका घेरि लेइहीं अउर सब कइँती स तोह पइ दबाव डइहीं। 44 उ सबइ तोहका धूरी मँ मिलइहीं। तोहका अउर तोहरे दीवार क भीतर रहइवालन गदेलन क। तोहरी चहरदीवारे क भीतर उ सबइ तोहरे मकाने क एक पथरा भी ना छोड़िहइँ। काहेकि जब परमेस्सर तोहरे लगे आइ, तू उ घड़ी क नाहीं पहिचान्या।” 45 फिन ईसू मंदिर मँ घुसा अउर जउन हुवाँ दुकानदारी करत रहेन ओनका बाहेर निकारइ लाग। 46 उ ओनसे कहेस, “पवित्तर सास्तर मँ लिखा ग अहइ, ‘मोर घर पराथना घर होइ।’मुला तू पचे ऍका ‘डाकुअन क अड्डाबनए अहा।” 47 अब तो हर दिन मंदिर मँ उपदेस देइ लाग। मुख्ययाजकन, धरम सास्तिरियन अउर मुखिया मनइयन ओका मार डावइ क ताकि मँ हरइ लागेन। 48 मुला ओनका अइसा कइ डावइ क कउनो अउसर न मिल पावा काहेकि मनइयन ओकरे बचन क बहोत मान्नता देत रहेन।

Luke 20:1 एक दिन जब ईसू मंदिर मँ मनइयन क उपदेस देत भवा सुसमाचार सुनावत रहा तउ मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन, बुजुर्ग यहूदी नेतन क संग ओकरे लगे आएन। 2 उ पचे ओसे पूछेन, “हमका बतावा तू इ काम कउनो अधिकार स करत अहा? उ कउन अहइ जउन तोहका इ अधिकार दिहे अहइ?” 3 ईसू ओनका जवाब दिहस, “मइँ भी तोहसे एक सवाल पूछत हउँ, तू मोका बतावा 4 यूहन्ना क बपतिस्मा देइ क अधिकार सरग स मिला रहा या मनई स?” 5 ऍह पइ आपुस मँ बिचार क चर्चा करत भवा उ पचे बोलेन, “जदि हम कहित ह, ‘सरग स’ तउ इ कही, ‘तउ तू ओह प बिसवास काहे नाहीं किहा?’ 6 अउर अगर हम कही, ‘मनई स’ तउ सबहीं मनई हम पइ पाथर फेंकिहीं। काहेकि उ सबइ इ मानत हीं कि यूहन्ना एक नबी रहा।” 7 तउ उ सबइ जवाब दिहेन कि उ पचे नाहीं जानतेन कि उ अधिकार कहाँ स मिला। 8 फिन ईसू ओनसे कहेस, “तउ मइँ भी तोहका नाहीं बताउब कि इ चीज मइँ कउनो अधिकारे स करत हउँ!” 9 फिन ईसू मनइयन स आपन दिस्टांत कथा कहइ लाग: “कउनो मनई अंगूरे क बगिया लगाइके ओका कछू किसानन क लगाने प दिहस अउर उ बहोत दिना तक कहूँ चला गवा। 10 जब फसल काटइ क समइ आइ, तउ उ एक नउकर क किसानन क लगे पठाएस ताकि उ पचे ओका अंगूरे क बगिचा क कछू फल दइ देइँ। मुला किसानन ओका मार पीटिके खाली हाथ लौटाइ दिहन। 11 उ तब एक नउकर हुवाँ पठएस। मुला उ पचे ओकर ठोंकाइ कइ डाएन। उ सबइ ओकरे संग बहोत बुरा ब्यौहार किहेन। अउर ओका भी खाली हाथे लौटाइ दिहन। 12 ऍह पइ उ एक तिसरा नउकर पठएस मुला उ पचे एक भी घायल कइके बाहेल ढकेल दिहन। 13 तब तउ बगिया क मालिक कहइ लाग, ‘मोका का करइ चाही? मइँ आपन पियारे बेटवा क पठउब साइद उ पचे ओकर इज्जत करिहइँ!” 14 मुला किसानन जब ओकरे बेटवा का लखेन तउ आपुस मँ सोच बिचारि करत भए बोलेन, ‘इ तउ बारिस अहइ, आवा ऍका मारि डाइ जेहसे बारिस हमार होइ जाइ!’ 15 अउर उ पचे ओका बगिया स बाहेर खदेरके मारि डाएन।“तउ फिन बगिया क मालिक ओनके संग का करी? 16 उ आइ अउर ओन किसानन क मारि डाई अउर अंगूरे क बगिया अउरन क सौंपि देइ।” उ पचे जब इ सुनेन तउ उ सबइ बोलेन, “अइसा कबहूँ न होइ चाही!” 17 तब ईसू ओनकइ कइँती निहारत भवा कहेस, “तउ फिन इ जउन लिखा अहइ ओकर अरथ का अहइ:‘जउने पाथर क राजगीर बेकार समझ लिहे रहेन उहइ कोनवा क प्रमुख पाथर बन गवा?’ भजन संहिता 118:22 18 हर कउनो जउन उ पाथर प गिरी चूर चूर होइ जाइ अउर जेहॅ पइ उ गिरी चकनाचूर होइ जाइ!” 19 धरम सास्तिरियन अउर मुख्ययाजकन कउनो रास्ता ढँूढ़ीके ओका पकड़ि लेइ चाहत रहेन काहेकि उ ताड़ ग रहेन कि उ इ दिस्टान्त कथा ओनके खिलाफ कहेस ह। मुला उ पचे मनइयन स डेरात रहेन। 20 तउ उ पचे होसियारी स ओह प निगाह राखइ लागेन। उ पचे अइसे खुफिया पठएन जउन ईमानदार होइ क सुआंग रचत रहेन। (ताकि उ सबइ ओकर कही भइ कउनो बातन मँ फँसाइके राज्यपाल क सक्ती व अधिकारे क मातहत कर देइँ।) 21 तउ उ पचे ओसे पूछत भए कहेन, “गुरु, हम जानित ह कि जउन नीक अहइ अउर उहइ क तू कहत अउर उपदेस देत अहा अउर न ही कउनो क पच्छ लेत ह। मुला तू सचाई स परमेस्सर क रास्ता क उपदेस देत अहा। 22 तउ बतावा कैसर क हमका चुंगी (टिक्स) देब नीक बा या नाहीं चुकाउब?” 23 ईसू ओनकइ चाल क ताड़ गवा रहा। तउ उ ओनसे कहेस, 24 “मोका एक दीनार देखावा, ऍह पइ मूरति अउर लिखाइ केकर अहइ?”उ सबइ कहेन, “कैसर का।” 25 ऍह पइ उ ओनसे बोला, “तउ फिन जउन कैसर क अहइ, ओका कैसर क द्या। अउर जउन परमेस्सर क अहइ ओका परमेस्सर क।” 26 उ पचे ओकरे जवाबे प चकित होइके चुप रहि गएन अउर उ मनइयन क समन्वा जउन कछू कहे रहा, ओह पइ ओका पकड़ नाहीं पाएन। 27 अब देखा कछू सदूकियन ओकरे लगे आएन। (इ सबइ सदूकियन उ रहेन जउन फिन स जी उठब का नाहीं मनतेन।) उ पचे ओसे पूछत भए कहेन, 28 “गुरु, मूसा हमरे बरे लिखा बा कि जदि कउनो क भाई मरि जाइ अउर ओकरे कउनो बचवा न होइ अउर ओकर पत्नी होइ तउ ओकर भाई विधवा स बियाहिके आपन मरे भए भाई बरे, ओसे संतान पइदा करइ। 29 अब देखा, सात भाइयन रहेन। पहिला भाइ कउनो स्त्री स बियाह किहेस अउर उ बे संतान क ही मरि गवा। 30 फिन दूसर भाई ओसे बियाहेस, 31 अउर अइसे ही तीसर भाई ओसे बियाहेस। सबन क संग एक जइसा ही भवा। उ पचे वे संताने क मर गएन। 32 पाछे उ स्त्री भी मरि गइ। 33 अब बतावा, फिन स जी उठे प उ केकर पत्नी होइ काहेकि ओसे तउ सातहु ही बियाहे रहेन?” 34 तब ईसू ओसे कहेस, “इ जुग क मनई बियाह करत हीं अउर बियाह कइके बिदा होत हीं। 35 मुला उ मनइयन जउन मरे भएन मँ स जी जाइ बरे अउर आवइवाले जुग मँ भाग लेइ क जोग्य ठहराइ दीन्ह ग अहइँ, उ पचे न तउ बियाह करिहीं अउर न ही बियाह कइके बिदा कीन्ह जइहीं। 36 अउर उ फिन कबहुँ मरिहीं भी नाहीं, काहेकि उ पचे सरगदूतन क नाई अहइँ, उ पचे परमेस्सर क संतान अहइँ काहेकि उ पचे पुनरुत्थान क पूत अहइँ। 37 मुला तलक झाड़ी स जुड़ा भवा अनुच्छेद मँ देखाएस ह कि उ पचे मरे भएन मँ स जिआवा ग अहइँ, जबकि उ कहेस पर्भू, ‘इब्राहीम क परमेस्सर, इसहाक क परमेस्सर अउर याकूब क परमेस्सर’ अहइ। 38 उ मरे भएन क नाहीं मुला जिअत क परमेस्सर अहइ। उ सबइ मनइयन जउन ओकर अहइँ, जिअत अहइँ।” 39 कछू धरम सास्तिरियन कहेन, “गुरु, नीक कह्या।” 40 काहेकि फिन ओसे कउनो अउर सवाल पूछइ क हिम्मत नाहीं कइ सकेन। 41 ईसू ओसे कहेस, “उ पचे कहत हीं कि मसीह दाऊद क पूत अहइ। इ कइसे होइ सकत ह 42 काहेकि भजन संहिता क किताब मँ दाऊद खुद कहत ह:‘पर्भू (परमेस्सर) मोरे पर्भू (मसीह) स कहेस; मोरे दाहिन हाथ बइठा, 43 जब तलक कि मइँ तोहरे बैरियन क तोहरे गोड़ धरइ क चउकी न बनाइ देउँ। भजन संहिता 110:1 44 इ तरह जब दाऊद मसीह क ‘पर्भू’ कहत ह तउ मसीह दाऊद क पूत कइसे होइ सकत ह” 45 सबहीं मनइयन क सुनत उ आपन मनवइयन स कहेस, 46 “धरम सास्तिरियन स होसियार रहा। उ लम्बा चोगा पहिरिके इज्जत क संग बाजारन मँ सुआगत सम्मान पावइ चाहत हीं। अउर आराधनालय मँ ओनका सबस जिआदा प्रमुख आसन क ललक रहत ह। दाउतन मँ उ सबइ इज्जत स भरा आसन चाहत हीं। 47 उ पचे विधवन क अकसर धोखा देत हीं अउर ओनकर मकान लइ लेत हीं। देखॉवा बरे उ पचे बड़ी बड़ी पराथना करत हीं। इन मनइयन क कड़ी स कड़ी सजा भुगुतइ पड़ी।”

Luke 21:1 ईसू आपन अँखिया उठाइके देखेस कि धनी लोग दान पात्र मँ आपन आपन भेंट चढ़ावत अहइँ। 2 तबहीं उ एक गरीब विधवा क ओहमाँ, ताँबे क दुइ नान्ह सिक्का नावत भइ लखेस। 3 उ कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हूँ कि दूसर सबहीं मनइयन स इ विधवा जिआदा दान दिहेस ह। 4 इ मइँ ह बरे कहत हउँ काहेकि इ सबहीं मनइयन आपन उ धने मँ स जेकर ओनका जरूरत नाहीं रही, दान दिहे रहेन मुला इ विधवा गरीब होत भइ जिन्ना रहइ बरे जउन कछू ओकर लगे रहा, सब कछू दइ डाएस।” 5 कछू चेलन मंदिन क बारे मँ बतियात रहेन कि उ मंदिर सुन्नर पथरन अउर परमेस्सर की दीन्ह गइ मनौती क भेंट स कइसे सजाना ग बा! 6 तबहिं ईसू कहेस, “अइसा समइ आइ जब, इ जउन कछू तू देखत अहा, ओहमाँ एक पाथर दूसर पाथर टिक न रह पाइ। उ सबइ ढहाइ दीन्ह जइहीं!” 7 उ पचे ओसे पूछत भए बोलेन, “गुरु, इ बातन कब होइहीं? अउर इ बातन जउन होइवाली अहइँ, ओकर कउन चीन्हा होइहीं?” 8 ईसू कहेस, “होसियार रहा, कहूँ कउनो तोहका छल न लेइ। काहेकि मोरे नाउँ स बहोत मनइयन अइहीं अउर कइहीं, ‘मइँ मसीह अहउँ’ अउर ‘समइ आइ पहुँचा अहइ।’ ओनके पाछे जिन जा। 9 परन्तु जब तू जुद्ध अउर दंगा क बात सुना तउ जिन डेराअ काहेकि इ बातन तउ पहिले घटि जइहीं। अउर ओनकइ अंत फउरन न होइ।” 10 उ ओनसे फिन कहेस, “एक जाति दूसर जाति क खिलाफ खड़ी होइ अउर एक राज्य दूसर राज्य क खिलाफ। 11 बड़ा बड़ा भुइँडोल अइहीं अुर अनेक जगहन प अकाल पड़िहीं अउर महामारी आइ। अकासे मँ खौफनाक घटना घटिहीं अउर भारी चीन्हा परगट होइहीं। 12 “मुला इ सबन घटना स पहिले तोहका बंदी बनइ डइहीं अउर तोहका दारुण दुःख देइहीं। उ सबइ तोह प जुर्म लगावइ बरे तोहका आराधनालय क सौंपिहीं अउर फिन तोहका जेल पठइ दीन्ह जाइ। अउर फिन मोरे नाउँ क कारण उ पचे तोहका राजा लोग अउर राज्यपाल क समन्वा लइ जइहीं। 13 ऍसे तोहका मोरे बारे मँ साच्छी देइ क अउसर मिली। 14 यह बरे पहिले स ही ऍकर फिकिर न करइ क निहचइ कइ ल्या कि आपन बचाव कइसे करब्या। 15 काहेकि अइसी बुद्धि अउर सब्द तोहका मइँ देब कि तोहार कउनो भी बैरी तोहार सामना अउर तोहार खण्डन नाहीं कइ सकी। 16 मुला तोहार महतारी बाप, भाई, बन्धु, नातेदार अउर मीत भी तोहका धोखा स पकड़वइहीं अउर तोहमाँ स कछू क तउ मरवाइ ही डइहीं। 17 मोरे कारण सब तोसे बैर रखिहीं। 18 मुला तोहरे मूँड़े क एक बार बाँका नाहीं होइ। 19 तोहार सहइ क सक्ती, तोहरे प्रान क रच्छा करी। 20 “अब लखा जब यरूसलेम क तू फऊज स घिरा देखब्या तउ समुझ लिहा कि ओकर तहस नहस होइ जाब नगिचे अहइ। 21 तब तउ जउन यहूदिया मँ होइँ, ओनका चाही कि उ पचे पहाड़न प पराइ जाइँ अउर उ सबइ जउन सहर क भीतर होइँ, बाहेर निकर आवइँ अउर उ पचे जउन गाउँ मँ होइँ ओनका सहर मँ नाहीं जाइ चाही। 22 काहेकि उ दिनन सजा क होइहीं। ऍहसे जउन लिखा ग बाटइ, उ सबहीं पूर होइ। 23 उ स्त्रियन बरे, जउन पेटवा स भारी होइहीं अउर ओनके बरे जउन दूध पिआवत होइहीं, उ दिनन केतॅना खौफनाक होइहीं। काहेकि उ दिनन धरती प बहोत बड़की बिपत आइ इ मनइयन प परमेस्सर कोहाइ जाइ। 24 उ सबइ तरवारे क धार स गिरा दीन्ह जइहीं अउर कैदी बनइके सब देसन मँ पहुँचाइ दीन्ह जइहीं। अउर यरूसलेम बे यहूदियन क गोड़वा तरे तब तलक रौंद जाइ जब तलक गैर यहूदियन क समइ पूर नाहीं होइ जात। 25 “सूरज चाँद अउर तारन मँ चीन्हा परगट होइहीं अउर धरती प क सबहिं रास्ट्रन प बिपत आई अउर उ सबइ समुद्दर क आवाज अउर उधर-पुथर स घबराइ उठिहीं। 26 मनइयन डर अउर संसार प आवइ वाली बिपत क भय से बेहोस होइ जइहीं काहेकि आकास क सक्ती हलोर दीन्ह जाइ। 27 अउर तबहिं उ पचे मनई क पूत क आपन सक्ती अउर महान महिमा क एक बादर आवत भवा देखिहीं। 28 अब देखा, इ बातन जब घटइ लागइँ तउ खड़ा होइके तू आपन मूँड़ ऊपर उठाइ ल्या। काहेकि तोहार छुटकारा नगिचे आइ रही होइ!” 29 फिन एक ठु दिस्टान्त कथा कहेस: “अउर सबहिं बृच्छन अउर अंजीरे क बिरवा लखा। 30 ओहमाँ स जइसे ही कोंपर फूटत हीं, तू आपन आप जान जात ह कि गर्मी क रितु बस आइ ग अहइ। 31 वइसे ही तू जब इ बातन क घटतइ देख्या तउ जान लिहा कि परमेस्सर क राज्य नगिचे अहइ। 32 “मइँ तोहसे सच कहत हउँ कि जब तलक इ सब बातन घटि नाहीं जातिन, इ पीढ़ी क अंत नाहीं होइ! 33 धरती अउर अकास बरिबाद होइ जइहीं, पर मोर बचन हमेसा अटल रही! 34 “आपन धियान राखा जेहसे तोहार मन कहूँ पिअइ पिआवइ अउर संसारे क फिकिर स पाथर न होइ जाइ। अउर उ दिन एक फंदा क तरह तोह प एकाएक न आइ पड़इ। 35 सचमुच ही उ इ सारी धरती क बसइयन पइ अइसे ही आइ गिरी। 36 हर छिन होसियार रहा, अउर पराथना करा कि तोहका इ सब बातन स, जउन घटइवाली अहइँ, बचइ क ताकत मिलइ अउर तू मनई क पूत क समन्वा खड़ा होइ सका।” 37 हर रोज मंदिर मँ उपदेस देत रहा मुला, राति बीति जाइ प हर साँझ जैतून पर्वत प चला जात रहा। 38 सबहीं मनई भिन्सारे क तड़के उठत रहेन अउर मंदिर मँ ओकरे लगे जाइके, ओका सुनत रहेन।

Luke 22:1 अब फसइ नाउँ क बे खमीरे क रोटी क त्यौहार आवइ क रहा। 2 ओहॅर मुख्य याजकन अउर धरम सास्तिरियन काहेकि मनइयन स डेरात रहेन एह बरे कउनो अइसे चाल क ताक मँ रहेन जेहसे उ ईसू क मारि डावइँ। 3 फिन इस्करियोति कहावइवाला उ यहूदा मँ, जउन उन बारहु मँ एक रहा, सइतान समाइ गवा। 4 उ मुख्ययाजकन अउर सैनिकन क लगे गवा अउर ओनसे ईसू क कइसे पकड़वाइ सकत ह, इ बारे मँ बातचीत किहेस। 5 उ सबइ बहोत खुस भएन अउर ओका ऍकरे बरे धन देइ क राजी होइ गएन। 6 उ भी राजी होइ गवा अउर उ अइसे अउसरे क ताड़ मँ रहइ लाग जब भीड़-बड़ी न होइ अउर उ ईसू का ओकरे हथवा मँ धराइ देइ। 7 फिन बे खमीर क रोटी क उ दिन आवा जब फसह क मेमने क बलि दीन्ह जात ह। 8 तउ उ इ कहत भवा पतरस अउर यूहन्ना क पठएस, “जा अउर हमरे बरे फसह क भोज तइयार करा जेसे हम पचे ओका खाइ सकी।” 9 उ सबइ ओसे पूछेन, “तू हम पचन स ओकर तइयारी कहाँ करावइ चाहत ह” उ ओनसे कहेस, 10 “तू जइसे ही सहर मँ घुसब्या तोहका पानी क गगरी लइ जात भवा एक मनई मिली, ओकरे पाछे होइ जाया अउ प जउन घरे मँ उ जाइ तू भी पाछे चला जाया। 11 अउर घरे क स्वामी स कह्या ‘गुरु, तोहसे पूछेस ह कि उ मेहमान क कमरा कहाँ बा जहाँ मइँ आपन चेलन क संग फसह क भोज क खइया क खाइ सकउँ।’ 12 फिन उ मनई सिढ़ियन क ऊपर तोहका सजा सजावा एक बड़ा कमरा देखॉई, हुवँई तइयारी कर्या।” 13 उ पचे चल पड़ेन अउर वइसा ही पाएन जइसा उ ओनका बताए रहे। फिन उ पचे फसह क भोज क तइयार किहेन। 14 फिन उ घड़ी आइ तब ईसू खाइ बरे बइठा अउर प्रेरितन ओनके साथ बइठेन। 15 उ ओनसे कहेस, “यातना झेलइ स पहिले इ फसह क भोज संग करइ क मोर प्रबल इच्छा रही। 16 काहेकि मइँ तोहसे कहत हउँ कि जब तलक परमेस्सर क राज्य मँ फसह क भोज का पूरा मतलब न समझ लिया तब तलक मइँ ऍका दूसरी दाई न खाब।” 17 फिन उ खोरा उठाइके धन्यबाद दिहेस अउर कहेस, “ल्या ऍका आपुस मँ बाँटि ल्या। 18 काहेकि मइँ तोहसे कहत हउँ आजु क पाछे जब ताई परमेस्सर क राज्य नाहीं आइ जात मइँ कइसी भी दाखरस कबहुँ न पिअब।” 19 फिन उ तनिक रोटी लिहस अउर धन्यबाद दिहस। उ रोटी का तोड़ेस अउर ओनका देत भवा कहेस, “इ मोर देह अहइ जउन तोहरे बरे दीन्ह ग अहइ। मोरे याद मँ अइसा ही कर्या।” 20 अइसे ही जब उ पचे भोजन कइ चुकेन तउ उ खोरा उठाएस अउर कहेस, “इ दाखरस मोरे उ लहू क रूप मँ एक नवा करार क प्रतीक अहइ जउन तोहरे बरे उड़ेला गवा अहइ।” 21 “मुला देखा, मोका जउन धोखा स पकड़वाइ, ओकर हाथ हिअँइ मेजे प मोर संग अहइ। 22 काहेकि मनई क पूत तउ मारा ही जाइ जइसा कि तइ अहइ मुला धिक्कार उ मनई क अहइ जेकरे जरिए उ पकड़वाइ जाइ।” 23 ऍह पइ उ आपुस मँ एक दुसरे स सवाल करइ लागेन, “ओहमाँ स उ कउन होइ सकत ह जउन अइसा करइ जात अहइ?” 24 फिन ओहमाँ इ बात भी उठी कि ओहमाँ स सब स बड़कवा केका समुझा जावइ 25 मुला ईसू ओनसे कहेस, “गैर यहूदियन क राजा ओन प रुतवा राखत हीं अउर उ सबइ जउन ओन प हुकुम चलावत हीं, खुद मनइयन क ‘उपकारी’ कहवावत हीं। 26 मुला तू वइसे नाहीं अहा तउ भी तोहमाँ स सब स बड़कावा सब ते छोटकवा जइसा होइ चाही अउर जउन राज करत ह ओका चाकर क नाईं होइ चाही। 27 काहेकि बड़कवा कउन अहइ: उ जउन खाइ क मेज प बइठा अहइ या उ जउन परसत ह का उहइ नाहीं जउन मेज प अहइँ मुला तोहरे बीच मइँ वइसा हउँ जउन परोसत ह! 28 मुला तू उ सबइ अहा जउन मोरी परीच्छा मँ मोर साथ दिहा ह। 29 अउर मइँ तोहका वइसे ही एक राज्य देत अही जइसे मोर परमपिता ऍका मोका दिहे रहेन। 30 काहेकि मोरे राज्य मँ तू मोरे मेज प खा अउर पिआ अउर इस्राएल क बारहू जनजातिन क निआव करत भवा सिंहासने प बइठा। 31 ‘समौन, ओ समौन! सुना, तू सबन क गोहूँ क तरह फटकइ बरे सइतान चुन लिहे बा। 32 मुला मइँ तोहरे बरे पराथना कीन्ह ह कि जेहसे की परमेस्सर पर तोहार बिसवास खतम न होइ अउर जब तू वापस आवा तउ तोहरे भाइयन क ताकत बढ़इ।” 33 मुला समौन ओसे कहेस, “पर्भू, मइँ तोहरे संग जेल जाइ अउर मरइ तलक तइयार अहउँ!” 34 फिन ईसू कहेस, “पतरस मइँ तोहसे बतावत हउँ कि आजु तब तलक मुर्गा बाँग न देइ जब ताईं तू तीन दाईं मना नाहीं कइ लेब्या कि तू मोका जानत ह!” 35 फिन ईसू आपन चेलन स कहेस, “मइँ तोहका जब वे बटुआ बे थैली या बे चप्पल क पठए रहेउँ तउ का तोहका कउनो चीजे क कमी रही?”उ पचे कहेन, “कउनो चीजे क नाहीं।” 36 उ ओनसे कहेस, “मुला अब जउन कउनो क लगे भी कउनो बटुआ अहइ, उ ओका लइ लेइ अउर थैला भी लइ लेइ अउर उ थैला क भी लइके चलइ। जेकरे लगे तरवार न होइ, उ आपन चोगा तलक बेंचिके ओका बेसहि लेइ। 37 काहेकि मइँ तोहका बतावत हउँ कि पवित्तर सास्तर क इ लिखा मोह प सचमुच ही पूरा होइ जाइ:‘उ एक अपराधी माना गवा।’ यसायाह 53:12हाँ मोरे बारे मँ लिखी गइ इ बात पूरा होइ जाइ प आवति अहइ।” 38 उ सबइ कहेन, “पर्भू, देखा हिआँ दुइ तरवार अहइँ!”ऍह प ओनसे कहेस, “बस बहोत अहइ।” 39 फिन उ हुवाँ स उठिके रोज क तरह जैतून पर्वत प चला गवा। अउर ओकर चेलन भी ओकरे पाछे पाछे होइ गएन। उ जब उ ठउरे प पहुँचा तउ उ ओनसे कहेस, “पराथना करा कि तोहका परीच्छा मँ न पड़इ क होइ।” 40 41 फिन उ ओनसे पाथर फेंकई क तरह पूरी दूरी तक चला गवा। फिन उ घुटना क सहारे निहुरा अउर पराथना करइ लाग, 42 “हे परमपिता, अगर तोहार इच्छा होइ इ यातना क कटोरा मोहसे दूर हटावा मुला फिन भी नाहीं बल्कि तोहार इच्छा पूरा होई।” 43 तबहीं एक सरगदूत हुवाँ परगट भवा अउर ओका सक्ती देइ लाग। 44 ओहर ईसू ब्याकुल होइके बड़े आग्रह पूर्वक पराथना करइ लाग। ओकर पसीना लोहू क बूँदे क नाईं धरती पइ गिरत रहा। 45 अउर जब उ पराथना स उठिके आपन चेलन क लगे आवा तउ उ ओनका दुःखे मँ थकिके सोवत पावा। 46 तउ उ ओनसे कहेस, “तू पचे सोवत काहे अहा? उठा अउर पराथना करा कि तू कउनो परीच्छा मँ न पड़ा।” 47 उ अबहीं बोलत ही रहा कि एक भीड़ जमा होइ गइ। यहूदा नाउँ क एक मनई जउन बारहु मँ स एक रहा, ओनकइ अगुवई करत रहा। उ ईसू क चुम्मा लेइ ओकरे लंगे आवा। 48 मुला ईसू ओनसे कहेस, “अरे यहूदा का तू एक चुम्मा स मनई क पूत क धोखा दइके पकड़वावइ जात अहा?” 49 जउन घटइ जात रहा, ओका लखिके ओकरे नगिचे क मनइयन कहेन, “पर्भू का हम पचे तरवारि क वार करी?” 50 अउर ओहमाँ स एक तउ महायाजक क नउकर प वारि कइके ओकर दाहिन कान काट डाएस। 51 मुला ईसू फउरन कहेस, “ओनका इ भी करइ द्या।” फिन ईसू ओकर कनवा छुइके चंगा किहेस। 52 फिन ईसू ओह प चढ़ाई करइ आएन मुख्ययाजकन, मन्दिर क सैनिकन अउर बुजुर्ग यहूदी नेतन स कहेस, “का तू तरवारि अउर लाठिन लइके कउनो डाकू क मुकाबला करइ निकरा अहा? 53 मन्दिर मँ मइँ हर दिन तोहरे ही संग रहेउँ, मुला तु मोह पइ हाथ नाहीं राख्या। मुला इ समइ तोहार अहइ-अँधियारे (पाप) क हुकुम क काल।” 54 उ पचे ओका कैदी बनाइ लिहन अउर हुवाँ स लइ गएन। फिन उ सबइ ओका महायाजक क घर लइ गएन। पतरस कछू दूरी प ओकरे पाछे पाछे आवत रहा। 55 अँगने क बीच उ पचे आगी सुलगएन अउर एक साथे खाले बैठि गएन। पतरस भी हुवँई ओनही मँ बइठा रहा। 56 आगी क रोसनी मँ एक नउकरानी ओका हुवाँ बइठे लखेस। उ ओह पइ आँखी गड़ावत भइ कहेस, “इ मनई तउ ओकरे साथे भी रहा।” 57 मुला पतरस इन्कार करत भवा कहेस, “हे स्त्री, मइँ ओका नाहीं जानत हउँ।” 58 तनिक दरे पाछे एक ठु दूसर मनई ओका लखेस अउर कहेस, “तू भी ओनही मँ स एक अहइ।” मुला पतरस बोला, “भल मनई, मइँ उ नाहीं हउँ।” 59 कउनो लगभग एक घड़ी बीत भइ होइ कि कउनो अउर भी जोर स कहइ लाग, “सचमुच ही इ मनई ओकरे संग भी रहा। काहेकि लखा उ गलील वासी भी अहइ।” 60 मुला पतरस बोला, “भल मनई, मइँ नाहीं जानता हउँ तू केकरे बारे मँ बतियात अहा!” उहइ घड़ी, उ अबहीं बातन करत ही रहा कि एक ठु मुर्गा बाँग दिहस। 61 अउर पर्भू मुड़िके पतरस पइ आँखी गड़ाएस। तबहिं पतरस क पर्भू क उ वचन याद आवा जउन उ ओसे कहे रहा: “आजु मुर्गा क बाँग देइ स पहिले मोका तीन दाई मुकरि जाब्या।” 62 तब उ बाहेर चला गवा अउर फूटि फूटि को रोवइ लाग। 63 जउन मनइयन ईसू क धइ राखे रहेन उ पचे ओकर मसखरी अउर ओका ठोंकइ लागेन। ओकरे आँखी प पट्टी बाँधि दिहन अउर ओसे इ कहत भए पूछइ लागेन, “भविस्सबाणी करा! उ कउन अहइ जउन तोहका मारेस!” 64 65 उ सबइ ओका बेज्जत करइ बरे ओसे अउर भी बातन कहेन। 66 जबहिं दिन भवा कि मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन संग मनइयन क बुजुर्ग नेतन क एक सभा भइ। फिन उ पचे ओका आपन महासभा मँ लइ गएन। 67 उ सबइ पूछेन, “हमका बतावा का तू मसीह अहा?”ईसू ओनसे कहेस, “जदि मइँ तोहसे कहउँ तउ तू मोर बिसवास नाहीं करब्या। 68 अउर जदि मइँ पूछउँ तउ तू जवाब नाहीं देब्या। 69 मुला अब स मनई क पूत सबन स सक्तीवाला परमेस्सर क दाहिन कइँती बइठाइ जाइ।” 70 उ पचे बोलेन, “तब तउ का तू परमेस्सर क पूत अहा?” उ कहेस, “हाँ, मइँ हउँ।” 71 फिन उ पचे कहेन, “अब हमका कउनो अउर प्रमाण क जरूरत नाहीं अहइ? हम पचे खुद एकरे आपन मुँहना स इ सुन तउ लिहा ह।”

Luke 23:1 फिन सारा जमघट खड़ा होइ गवा अउर ओका पिलातुस क समन्वा लइ गवा 2 अउर उ पचे ओह पइ इ दोख लगावइ लागेन। उ सबइ कहेन, “हम पचे इ मनई का हमरे मनइयन क बहकावत भए धरा ह। इ कैसर क चुंगी (टिक्ॅस) चुकावइ बरे खिलाफत करत ह अउर कहत ह इ खुद मसीह अहइ, एक राजा।” 3 ऍह पइ पिलातुस ओहसे पूछेस, “का तू यहूदियन क राजा अहा?”ईसू ओका जवाब दिहास, “तू ठीक कहत रह्या कि मइँ उहइ हउँ।” 4 ऍह पइ पिलातुस मुख्ययाजकन अउर भीड़ से कहेस, “मोका इ मनई प कउनो दोख लगावइ क कउनो प्रमाण नाहीं देखॉइ देत।” 5 मुला उ पचे इ कहत भए दबाव डावत रहने, “इ समूचइ यहूदिया मँ मनइयन क आपन उपदेस स भड़काएस ह। इ ऍका गलील मँ सुरू किहे रहा अउर समूचइ रस्ता पार कइके हिआँ तलक आइ पहुँचा अहइ!” 6 पिलातुस इ सुनिके पूछेस, “का इ मनई गलील क अहइ?” 7 फिन जब ओका इ पता लाग कि उ हेरोदेस क अधिकार पहँटा क मातहत अहइ तउ उ ओका हेरोदेस क लगे पठएस जउन उ समइ यरूसलेम मँ ही रहा। 8 तउ हेरोदेस जब ईसू क निहारेस तउ उ बहोत खुस भवा काहेकि बरिसन स ओका लखइ चाहत रहा। काहेकि उ ओकरे बारे सुनि चुका रहा अउर ओका कउनो अद्भुत कारज करत भवा लखइ क आसा करत रहा। 9 उ ईसू स ढेर सवाल किहेस मुला ईसू ओका कउनो जवाब नाहीं दिहेस। 10 मुख्ययाजकन अउर धरम सास्तिरियन हुवँइ खड़ा रहेन अउर उ सबइ ओह प बुरी तरह स जुर्म लगावत रहेन। 11 हेरोदेस भी आपन सैनिकन क संग ओकर बेज्जत ब्यौहार किहेस अउर ओकर मसखरि उड़ाएस। फिन उ सबइ ओका एक उत्तिम चोगा पहिराइ के पिलातुस क लगे वापस पठइ दिहेस। 12 उ दिन हेरोदेस अउर पिलातुस एक दूसर क मीत होइ गएन। ऍसे पहिले तउ एक दूसर क बैरी रहेन। 13 फिन पिलातुस मुख्ययाजकन, यहूदी नेतन अउर मनइयन क एक संग बोलाएस। 14 उ ओनसे कहेस, “तू इ मनइयन क बहकावइ वाला मनई क रूप मँ हिआँ मोरे लगे लइ आए अहा। अउर मइँ हिआँ अब तोहरे समन्वा ही ऍकर जाँच पड़ताल कइ लीन्ह ह अउर तू ऍह पइ जउन दोख लगाया ह ओकर न तउ कउनो ठोस सबूत मिलि पावा ह। 15 नाहीं हेरोदेस क काहेकि उ ऍका वापस हमरे लगे पठइ दिहेस ह। जइसा कि तू लखत अहा कि इ अइसा कछू नाहीं किहे अहइ कि इ मउत क काबिल अहइ। 16 यह बरे मइँ ऍका कोड़ा स पिटवाइ ?क छोड़ देबूँ।” 17 18 मुला उ सबइ एक संग चिल्लाएन, “इ मनई क लइ जा। हमरे बरे बरअब्बा क तजि द्या।” 19 (बरअब्बा क सहर मँ मार धाड़ अउर कतल बरे जेल मँ धाँधा गवा रहा।) 20 पिलातुस ईसू क तजि देइ चाहत रहा, तउ उ ओनका समझाएस। 21 मुला उ पचे नारा लगावत रहेन, “ऍका क्रूस प चढ़ाइ द्या, ऍका क्रूस प चढ़ाइ द्या!” 22 पिलातुस ओनसे तिसरी दाईं पूछेस, “मुला इ मनई जुर्म का किहे अहइ? मोका ऍकरे खिलाफ कछू नाहीं मिला बाटइ जउन ऍका मउत क सजा दीन्ह जाइ. एह बरे मइँ कोड़वा लगावाइ के ऍका छोड़ि देइहउँ।” 23 मुला उ सबइ ऊँच आवाज मँ नारा लगाइके माँग करत रहेन कि ओका क्रूसे प चढ़ाइ दीन्ह जाइ। अउर ओकइ नारा क कुलाहल ऍतना बाढ़ि गवा क 24 पिलातुस फैसला किहेस कि ओनकइ माँग मान लीन्ह जाइ। 25 पिलातुस उ मनई क छोड़ दिहस जेकॅा मार धाड़ अउर कतल बरे जेलि मँ धाँधा ग रहा (इ उहइ रहा जेकरे तजि देइ क उ पचे माँग करत रहेन।) अउर ईसू क ओकरे हाथन मँ सौंपि दिहन कि उ सबइ जइसा चाहइँ, करइँ। 26 जब उ सबइ ईसू क लइ जात रहेन तउ उ पचे कुरेनी क बसइया समौन नाउँ क एक मनई क, जउन आपन खेते स आवत रहा, धइ लिहन, अउर ओह पइ क्रूस लादिके ओका ईसू क पाछे पाछे चलइ क मजबूर कइ दिहन। 27 मनइयन एक भारी भीड़ ओकरे पाछे चलत रही। एहमां कछू स्त्रियन भी रहिन जउन ओकरे बरे रोवत रहिन अउर बिलापत रहिन। 28 ईसू ओनके कइँती मुड़ि गवा अउर बोला, “यरूसलेम क स्त्रियो, मोरे बरे जिन बिलापा बल्कि तू पचे आपन बरे अउर आपन बचवन बरे बिलाप करा। 29 काहेकि अइसे दिनन आवत अहइँ जब मनइयन कइहीं, “उ सबइ स्त्रियन धन्य अहइँ, जउन बाँझ बाटिन अउर धन्य अहइँ, उ सबइ कोख जउन कउनो क कबहूँ जनम ही नाहीं दिहन। उ सबइ चूची धन्य अहइँ कबहूँ दूध नाहीं पियाएन।’ 30 फिन उ पचे पहाड़न स कइहीं, ‘हम पइ फाटि पड़ा!’ अउर पहाड़ियन स कइहीं, ‘हमका ढाँकि ल्या!’ 31 काहेकि मनइयन जब बृच्छ हरियर बाटइ, ओकरे संग तब अइसा करत हीं तउ जब पेड़ झुराइ जाइ तब का होइ?” 32 दुइ अउर मनई, जउन दुइनउँ ही अपराधी रहेन, ओकर संग मउत क सजा दिये बरे लइ जावा जात रहेन। 33 फिन जब उ पचे उ ठउरे प आएन जउन खोपड़ी कहवावत ह तउ उ पचे ओन दुइ उँ अपराधियन क संग ओका क्रूस प चढ़ाइ दिहन। एक अपराधी क ओकरे दाहिन कइँती अउर, दूसर क बाईं कइँती। 34 ऍह पइ ईसू बोला, “हे परमपिता, ऍनका छमा कर्या काहेकि इ पचे नाहीं जानतेन कि इ सबइ का करत अहइँ।”फिन उ सबइ पॉसा फेंकिके ओकरे ओढ़ना क बाँटि लिहन। 35 हुवाँ खड़ा भएन मनइयन लखत रहेन। यहूदी नेतन ओकर मसखरी करत भएन बोलेन, “इ दूसरन क उद्धार किहे अहइ। अगर उ परमेस्सर क चुना भवा मसीह अहइ तउ ऍका आपन खुद क रच्छा करइ द्या।” 36 सैनिकन भी आइके ओकर मसखरी उड़ाएन। उ पचे ओका दाखरस पिअइ क दिहेन 37 अउर कहेन, “जदि तू यहूदियन क राजा अहा तउ आपन खुद क बचाइ ल्या।” 38 (ओकरे ऊपर इ खबर छापी गइ “इ अहइ यहूदियन क राजा।”) 39 हुवाँ लटकावा भवा अपराधियन मँ स एक ओका बेज्जत करत भवा कहेस, “का तू मसीह नाहीं अहइ? हमका अउर आपन खुद क बचाइ ल्या!” 40 मुला दूसर उ पहिले अपराधी क फटकारत भवा कहेस, “का तू परमेस्सर स नाहीं डेरात्या? तोहका भी उहइ सजा मिलति अहइ 41 मुला हमार सजा तउ उचित निआव स भरी अहइ काहेकि हम जउन कछू कीन्ह, ओकरे बरे जउन हमका मिलइ चाही रहा, उहइ मिलत बा मुला इ मनई तउ कछू भी बुरा नाहीं किहेस।” 42 फिन उ बोला, “ईसू, जब तू आपन राज्य मँ आवा तउ मोका याद राख्या।” 43 ईसू ओसे कहेस, “मइँ तोहसे सच कहत हउँ, आज ही तू सरगलोक मँ मोरे संग होब्या।” 44 उ समइ दिना क बारह बजा होइ तबहीं तीन बजे तलक समूची धरती प गहिर अँधियारा छाइ गवा। 45 सूरज भी नाहीं चमकत रहा। ओहर मंदिर मँ परदे क फटे क दुइ टुका होइ गएन। 46 ईसू ऊँच आवाज मँ पुकारेस, “हे परमपिता, मइँ आपन आतिमा तोहरे हाथे मँ सौंपत हउँ।” इ कहिके उ आखिरी साँस लिहेस। 47 जब रोम क फऊजी नायक, जउन कछू घटि गवा रहा, उ लखेस तउ परमेस्सर क गुन गावत भवा उ कहेस, “इ सचमुच ही एक नीक मनई रहा!” 48 जब हुवाँ देखइ आएन एकट्ठा मनइयन, जउन कछू भवा रहा, ओका देखेन तउ आपन छाती पीटत लौटि गएन। 49 मुला उ सबइ जउन ओका जानत रहेन, ओन स्त्रियन संग, जउन गलील स पाछे पाछे आवत रहिन, इ वातन क लखइ कछू दूरी प खड़ा रहेन। 50 अब हुवँई यूसुफ नाउँ क मनई रहा जउन यहूदी महासभा क निअम्बर रहा। उ एक नीक धर्मी पुरुस रहा। उ ओनका फैसला अउर ओका काम मँ लावइ बरे राजी नाहीं रहा। उ यहूदियन क एक सहर अरमत्तिया क बसइया रहा। उ परमेस्सर क राज्य क बाट जोहत रहा। 51 52 उ मनई पिलातुस क लगे गवा अउर ईसु क ल्हास माँगेस। 53 उ ल्हास क क्रूस पइ स नीचे उतरा अउर सने क उत्तिम रेसा क बना कपड़ा मँ ओका लपेट दिहस। फिन उ ओका चट्टान मँ काटी गइ एक कब्र मँ धइ दिहस, जेहमाँ पहिले कबहुँ कउनो क भी नाहीं राखा गवा रहा। 54 उ सुकरवार क दिन रहा, अउर सबित सुरू होइ क रहा। 55 उ सबइ स्त्रियन जउन गलील स ईसू क साथे आइ रहिन, यूसुफ इ पाछे होइ चलिन। उ पचे उ कब्र देखिन अउर लखेन कि ओकर ल्हास कब्र मँ कइसे धरी गइ। 56 फिन उ पचे घर लौटिके खुसबूदार सामग्री अउर लेप तइयार किहेन। सबित क दिन व्यवस्था क मुताबिक उ पचे आराम किहेन।

Luke 24:1 हफ्ता के पहिले दिन बहोत भिन्सारे उ सबइ स्त्रियन कब्र पइ खुसबूदार सामग्री क, जेका उ पचे तइयार किहेन, लइके आइन। 2 ओनका कब्र पइ स लुढ़कि गवा पाथर मिला। 3 तउ उ पचे भीतर चली गइन मुला हुवाँ पर्भू ईसू क ल्हास नाहीं मिली। 4 उ सबइ ऍह पइ अबहीं असमंजस मँ ही पड़ी रहिन कि, ओनके लगे चमचमात ओढ़ना पहिरे दुइ मनई (सरगदूतन) खड़ा भएन। 5 डर स उ पचे धरती कइँती मुँहना लटकाए रहिन। उ दुइ मनइयन ओनसे कहेन, “जउन जिअत अहइ, ओका तू मुर्दवन क बीच काहे हेरति अहा? 6 उ हिआँ नाहीं अहइ। उ जी उठा बा। याद कर जब उ अबहीं गलील मँ रहा, उ तोहसे करा कहे रहा। 7 उ कहे रहा कि मनई क पूत क पापी मनइयन क हाथ सौंप दीन्ह जाब तय अहइ। फिन उ क्रूस पइ चढ़ाइ दीन्ह जाइ अउर तिसरे दिन ओका फिन स जीवित कइ देव तय अहइ।” 8 तब ओन स्त्रियन क ओकर सब्द याद होइ गएन। 9 उ पचे कब्र स लौटि आइन अउर उ सबइ सब वातन ओन ग्यारहु चेलन अउर दूसर सबन क बताएन। 10 इ पचे स्त्रियन रहिन, मरियम मगदलीनी, योअन्ना अउर याकूब क महतारी मरियम। उ सबइ अउर ओनके साथे क दूसर स्त्रियन इ बातन क प्रेरितन स कहत रहिन। 11 मुला ओनके सब्द प्रेरितन क बृथा जानि पड़ेन। तउ उ सबइ ओनका बिसवास नाहीं किहेन। 12 मुला पतरस खड़ा भवा अउर कब्र कइँती पराइ गवा। उ खाले निहुरिके लखेस मुला ओका सन क उत्तिम रेसम स बना कफन क अलावा कछू नाहीं देखाँइ दिहे रहा। फिन आपन मन ही जउन कछू भ रहा, ओहँ प अचरज करत भवा उ चला गवा। 13 उहइ दिना ओकर चेलन मँ स दुइ, यरूसलेम स कउनो सात मील दूर बसा भवा इम्माऊस नाउँ क गाउँ क जात रहेन। 14 जउन घटना घटी रहिन, ओन सब प उ सबइ आपुस मँ बतियात रहेन। 15 जबहिं उ सबइ ओन बातन प बातचीत अउर सोच विचार करत रहेन तबहीं खुद ईसू हुवाँ हाजिर भवा अउर साथे साथे चलइ लाग। 16 (मुला ओनका ओका पहिचानइ स टोका गवा।) 17 ईसू ओनसे कहेस, “चलत चलत एक दुसरे स तू कउनो बातन प बतियत रह्या?”उ पचे चलत चलत थम गएन। उ पचे दुःखी देखॉइ देत रहेन। 18 ओहमाँ स विलयोपास नाउँ क एक मनई ओसे कहेस, “यरूसलेम मँ रहइवाला अकेल्ला तू ही अइसा मनई होब्या जउन पिछले दिनन जउन बातन घटी अहइँ, ओका नाही जानत्या।” 19 ईसू ओनसे पूछेस, “कउन सी बातन? उ पचे ओसे कहेन, “सब नासरत क ईसू क बारे मँ अहइँ। इ एक अइसा मनई रहा जे जउन किहेस अउर कहेस ओहसे परमेस्सर अउर सबहीं मनइयन क समन्वा इ देखॉइ दिहस कि उ एक महान नबी रहा। 20 अउर हम इ बारे मँ बातन करत रहेन कि हमरे मुख्ययाजकन अउर नेतन ओका कइसे मउत क सजा देइ बरे सौंपि दिहेन। अउर प पचे ओका क्रूस प चढ़ाइ दिहन। 21 हमार आसा रही कि इहइ रहा उ जउन इस्राएल क अजाद करावत। अउर इ सब कछू क अलावा इ घटना क भए आजु तीसर दिन अहइ 22 अउर हमरी टोली क कछू स्त्रियन हमका अचरजे मँ डाइ दिहन ह। आजु भोर मँ भिन्सारे उ पचे कब्र प गइन। 23 मुला ओनका ल्हास नाही मिली। उ सबइ लौटि आइन अउर हमका बताएन कि उ पचे सरगदूतन क दर्सन पाइ गइन ह जउन कहे रहेन कि उ जीवित अहइ। 24 फिन हम पचन मँ स कछू कब्र प गएन अउर जइसा स्त्रियन बताए रहिन, उ पचे हुवाँ वइसा ही पाएन उ सबइ ओका नाहीं देखेन।” 25 तब ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे केतना मूरख अहा अउर नबियन जउन कछू कहेन, ओह प बिसवास करइ मँ केतॅना धीमे अहा। 26 का मसीह बरे इ जरूरी नाही रहा कि उ इ दारूण दुःखन क झेलइ अउर इ तरह आपन महिमा मँ घुसि जाइ?” 27 अउर इ तरह मूसा सुरू कइके सबहिं नबियन तलक अउर पवित्तर सास्तरन मँ ओकरे बारे मँ जउन कहा गवा रहा, उ ओका खोलिके ओनका समझाएस। 28 उ पचे जब उ गाउँ क लगे आएन, जहाँ जात रहेन, ईसू अइसा बर्ताव किहेस, जइसे ओका अगवा जाइके होइ। 29 मुला उ पचे ओसे जबरदस्ती हठ करत भए कहेन, “हमरे साथ ठहर जा काहेकि करीब करीब साँझ होइ गइ अहइ अउर अब दिन ओनवइ क रहा।” तउ उ ओकरे संग ठहरइ भीतर आइ गवा। 30 जब ओनके संग उ खइया क मेजे प रहा तबहीं उ रोटी उठाएस अउर धन्यवाद दिहस। फिन ओका तोड़िके जब उ ओनका देत रहा 31 तबहीं ओनकइ आँखी खोलि दीन्ह गइ अउर उ पचे ओका पहिचान लिहन। मुला उ ओनके समन्वा स अन्तर्धान होइ गवा। 32 फिन उ आपुस मँ बोलेन, “रास्ता मँ जब उ हमसे बात करत रहा अउर हमका पवित्तर सास्तरन क समझावत रहा तउ का हमरे हिरदइ क भीरत आगी भी नाहीं भड़क गइ?” 33 फिन उ तुरंत खड़ा भएन अउर वापस यरूसलेम क चल दिहेन। हुवाँ ओनका ग्यारहवाँ प्रेरित अउर दूसर ओनके संग ऍकट्ठा मिलेन, 34 जउन कहत रहेन, “पर्भू, असल मँ जी उठा अहइ। उ समौन (पतरस) क दर्सन दिहेस ह।” 35 फिन उ दुइनउँ राह मँ जउन भवा रहा, ओकर ब्यौरा दिहन अउर बताएन कि जब उ रोटी क कउर लिहेस, तब उ सबइ ईसू क पहिचान लिहन। 36 अबहीं उ पचे ओनका इ बातन बताइ ही रहत रहेन कि उ खुद ओनके बीच आइ खड़ा भवा अउर ओनसे बोला, “तोहका सान्ति मिलइ।” 37 मुला उ पचे चौंकिके सहम गएन। उ पचे सोचेन जइसे उ सबइ कउनो भूत लखत होइँ। 38 मुला उ ओनसे बोला, “तू अइसे घबरान काहे अहा? तोहरे मनवा मँ सन्देह काहे उठति अहइ? 39 मोरे हाथन अउर मोरे गोड़े क लखा। तू देख सकत ह कि इ सच मँ मइँ अहउँ। मोका छुआ, अउर लखा कि कउनो भूत क माँस अउर हाड़ नाही होतिन अउर जइसा कि तू लखत अहा कि, मोर उ सबइ अहइँ।” 40 इ कहत भवा उ हाथ अउर गोड़ ओनका देखाएस। 41 मुला आपन आनन्द क कारण उ पचे अब भी ओह पइ बिसवास नाही कइ सकेन। उ पचे भउचक्का रहेन। तउ ईसू ओनसे कहेस, “हिआँ तोहरे पास कछू खाइ क अहइ।” 42 उ पचे पकाइ गइ मछरी क एक टुकड़ा ओका दिहन। 43 अउर उ ओका लइके समन्वा खाएस। 44 फिन उ ओनसे कहेस, “ई बातन उ सबइ अहइँ जउन मइँ तोहसे तब कहे रहेउँ, जब मइँ अबहीं तोहरे संग हउँ। हर उ बात जउन मोरे बारे मँ मूसा क व्यवस्था मँ, नबियन क किताबन अउर भजन संहिता मँ लिखी अहइ, पूरी होव ही अहइ।” 45 फिन पवित्तर सास्तरन क समझइ बरे उ ओनकइ बुद्धि क दुआर खोल दिहस। 46 अउर उ ओनसे कहेस, “इ उहइ अहइ, जउन लिखा अहइ कि मसीह दारूण दुख भोगी अउर तिसरे दिन मरे हुअन मँ स जी उठी। 47 अउर पापे क छमा बरे मनफिराव क इ संदेस यरूसलेम स सुरु होइके सब देसन मँ प्रचार कीन्ह जाइ। 48 तू इ बातन क साच्छी अहा। 49 अउर अब मोरे परमपिता मोसे जउन सपथ किहेस ह, ओका मइँ तोहरे बरे पठउब। मुला तोहका इ सहर मँ उ समइ तलक ठहरे रहइ क होइ जब तक तू सरगे क सक्ती स जुरा न ह्वा।” 50 ईसू फिन ओनका बैतनिय्याह तलक बाहेर लइ गवा अउर उ हथवा उठाइके आसीर्वाद दिहेस। 51 ओनका आसीर्बाद देत देत उ ओनका तजि दिहेस अउर फिन ओका सरगे मँ उठाइ लीन्ह गवा। 52 तब उ पचे ओकर आराधना किहेन अउर असीम आनन्द लइके यरूसलेम लौटि आएन। 53 अउर मंदिर मँ परमेस्सर क स्तुति करत भएन उ पचे आपन दिन काटइ लागेन।

John 1:1 जब दुनिया क सुरूआत भइ, तब ओह समइ बचनपहिलेन स रहा। उहइ बचन परमेस्सर क साथ रहा। उहइ बचन परमेस्सर रहा। 2 उहइ बचन एकदम सुरूआत मँ परमेस्सर क साथ रहा। 3 समूची दुनिया क सब चीज उहइ स पइदा भइ। ओकरे बिना कउनो चीज बनाईं नाहीं गइ। 4 उहइ बचन मँ जिन्नगी रही अउर उहइ जिन्नगी पूरी दुनिया क सब मनई क बरे ज्योति (गियान, भलाई) क नाई रहा। 5 ज्योति आँधियारे मँ चमकत ह अउर आँधियारा ओका जीत न पावा। 6 परमेस्सर क पठवा एक मनई आवा जेकर नाउँ यूहन्ना रहा। 7 उ एक साच्छी क नाईं आवा जइसे कि उ सब मनई क ज्योति क बारे मँ अपने बचन मँ बताइ सकइ। अउर जउन उ बतावइ ओहमाँ सब मनई बिसवास कर सकइँ। 8 उ खुदइ ज्योति नाहीं रहा मुला उ सब मनई क ज्योति क साच्छी देइ आइ रहा। 9 उ इ बतावइ आइ रहा कि इ ज्योति बिल्कुल सच्ची अहइ, अउर उ इ हर एक मनई क प्रकासित करी। उ इ बतावइ आइ रहा कि सच्चा ज्योति इ दुनिया मँ आवइवाला अहइ। 10 उ तउ इहइ दुनिया मँ रहा अउर इ दुनिया क उहइ पइदा किहेस मुला दुनिया ओका पहिचान नाहीं पाएस। 11 उ अपने संसार मँ आवा रहा, मुला ओकर आपन मनई ओका नाहीं अपनाएन। 12 मुला जउन मनई ओका अपनाइ लिहेन्ह, ओनका सबका उ परमेस्सर संतान होइ क अधिकार दिहेस। 13 परमेस्सर क औलाद क नाई उ कुदरती तौर प न तउ लहू स पइदा भवा, न तउ कउनो तने क इच्छा स, अउर न तउ महतारी-बाप क योजना स। मुला उ परमेस्सर स पइदा भवा। 14 उहइ बचन देह अपनाइ क हमरे सबके बीच मँ रहइ लाग। हम सब परमपिता क एकइ पूत क नाई ओकरी महिमा क दर्सन कीन्ह। उ बचन अनुग्रह अउर सच्चाई स भरा रहा। 15 यूहन्ना ओकर साच्छी दिहेस अउर सबका सुनाइ क जोर स कहेस, “इ उहइ अहइ जेकरे बारे मँ मइँ बताए रहेउँ, ‘उ जउन मोरे बाद आवइवाला अहइ, उ मोसे महान अहइ, मेसे आगे अहइ, एह बरे कि उ मोहूँ स पहले मौजूद रहा।’“ 16 ओकरी करूणा अउर सच्चाई क पूर्णता स हमका सबेन्क तमाम अनुग्रह पर अनुग्रह मिला। 17 हमका सबेन्क जउन व्यवस्था मिली अहइ, उ तउ मूसा क दीन्ह अहइ, मुला जउन अनुग्रह अउर सच्चाई इ दुनिया मँ अहइ, उ ईसू मसीह क दीन्ह अहइ। 18 परमेस्सर क कबहूँ कउनो आज तलक नाहीं देखे अहइ, मुला परमेस्सर क जउन एकइ पूत अहइ, अउर जउन हमेसा परमपिता क संग रहत ह, ओका हमरे सबके सामने परगट किहेस। 19 जब यरूसलेम क यहूदियन याजकन अउर लेवियन क यूहन्ना क पास इ पूछइ क बरे भेजेन्ह, “तू कउन अहूया?” 20 तउ उ इ साच्छी दिहेस अउर बिना कउनो हिचकिचाहट क इ मानेस, “मइँ मसीहन अहउँ।” 21 तउ उ पचे यूहन्ना स पूछेन्ह, “तउ तू फिन कउन अहूया, का तू एलिय्याह अहूया?”यूहन्ना इ जवाब दिहेस, “नाहीं, मइँ उहइ न अहउँ।”यहूदियन पूछेस, “तउ तू का कउनो नबी अहूया?” उ फिन इन्कार कइ दिहेस, “नाहीं।” 22 फिन उ पचे ओसे पूछेन्ह, “तउ तू का अहूया? हमका बतावा जइसे कि हम ओनका जवाब दइ देई, जे हमका पचेन्क हियाँ भेजेस ह! तू अपने बारे मँ का कहत अहा?” 23 यूहन्ना कहेस:‘मइँ आवाज अहउँ जउन रेगिस्तान मँ पुकारत अहइ: ‘पर्भू क बरे सोझ सोझ रास्ता बनावा।” यसायाह 40:3 24 इन सबन क फरीसियन भेजे रहेन्ह। 25 उ लोग ओसे पूछेन, “जदि तू न तउ मसीह अह्या, न एलिय्याह अह्या, अउर न तउ नबी अह्या, फिन काहे बरे तू सब लोगन क बपतिस्मा देत अहा?” 26 यूहन्ना ओन पचेन्क जवाब दिहेस, “मइँ ओन सबेन्ह का पानी स बपतिस्मा देत अहउँ। तोहरे सबन क बीच मँ एक ठु मनई अहइ, ओका तू पचे नाहीं जानत अहा। 27 उ मोरे बाद आवइवाला उहइ अहइ। मइँ तउ ओकरे पनहीं क फीता खोलइ लायक नाहीं अहउँ।” 28 इ सब घटना यरदन क पार बैतनिय्याह मँ घटिन ह जहाँ प यूहन्ना बपतिस्मा देत रहा। 29 ओकरे दूसरे दिन यूहन्ना ईसू क अपने लगे आवत देखेस तउ कहेस, “परमेस्सर क मेमना क देखा जउन दुनिया क सब पाप हर लेत ह। 30 इ उहइ अहइ जेकरे बावत मइँ बताए रहेउँ, ‘एक मनई मोरे बाद आवइवाला अहइ, जउन मोसे भी महान अहइ, उ मोसे भी आगे अहइ, उ मोसे पहले स मौजूद रहा।’ 31 पहले मइँ खुद ओका नाहीं जानत रहेउँ, मुला मइँ इही बरे बपतिस्मा देत चला आवत अहउँ, जइसे कि इस्राएल क सब मनई ओका जान लेइँ।” 32 फिन यूहन्ना आपन इ साच्छी दिहेस, “मइँ देखेउँ कि कबुतरे की नाई सरग स नीचे उतरत आतिमा उहइ प आइके टिक गइ। मइँ खुदइ नाहीं जान पाएउँ, कि उ कौन रहा मुला जउन मोका पानी स बपतिस्मा देइ क बरे पठए रहा, उ मोसे कहेस, ‘तू आतिमा क उतरत अउर कउनो क ऊपर ठहरत देखब्या, इ उहइ मनई अहइ जउन पवित्तर आतिमा स बपतिस्मा देत ह।’ 33 34 मइँ ओका देखे अहउँ अउर मइँ साच्छी देत अहउँ कि उहइ परमेस्सर क पूत अहइ।” 35 दूसरे दिन यूहन्ना अपने दुइ चेलन क साथ फिन उहइ जगह प मौजूद रहा। 36 जब ईसू क उ अपने पास देखेस तउ कहेस, “देखा! इ इहइ परमेस्सर क मेमना!” 37 जब उ दुइनउँ चेलन ओनका इ कहत सुनेन तउ उ दुइनउँ ईसू क पाछे चल पड़ेन्ह। 38 ईसू ओन पचे क जबहिं अपने पाछे आवत देखेस तउ ओसे पूछेस, “तोहका का चाही?”उ पचे जवाब दिहेन, “रब्बी, तू कउन जगह प रहत ह” (“रब्बी” अर्थात “गुरू”) 39 ईसू ओनका जवाब दिहेस, “आवा अउर देखा।” ओकरे बाद उ दुइनउँ चेलन ओनके पाछे चल दिहेन। उ पचे फिन ओकर रहइ क जगह देखेन। ओह दिन उ दुइनउँ चेलन ओनके साथ ठहरेन्ह, काहेकि साँझ क करीब चार बज चुका रहा। 40 जउन दुइनउँ चेलन यूहन्ना क बात सुने रहेन्ह अउर ईसू क पाछे चला गएन, ओनमाँ स एक समौन पतरस क भाई अन्द्रियास रहा। 41 उ पहले अपने भाई समौन क देखके ओसे कहेस, “हमका मसीह मिल गवा अहइ।” 42 फिन अन्द्रियास समौन पतरस क ईसू क लगे लियाइ गवा। ओनक देखके ईसू कहेस, “तू यूहन्ना क बेटवा समौन अह्या। तोहका लोग कैफा (अर्थात् पतरस) कहिहइँ।” 43 दूसरे दिन ईसू गलील जाइके बरे ठान लिहेस। फिन फिलिप्पुस क देखके ईसू ओसे कहेस, “मोरे पाछे चला आवा।” 44 फिलिप्पुस अन्द्रियास अउर पतरस क नगर बैतसैदा क रहइवाला रहा। 45 फिलिप्पुस क नतनएल मिला अउर उ ओसे कहेस, “हम पचन्क उ मिल गवा अहइ जेकरे बारे मँ व्यवस्था मँ मूसा अउर तमाम नबियन लिखे अहइँ। उहइ यूसुफ क बेटवा, नासरत क ईसू अहइ।” 46 फिन नतनएल ओसे पूछेस, “का नासरतउ स कउनो अच्छी चीज पैदा होइ सकत ह”फिलिप्पुस जवाब दिहेस, “जाइके खुदइ देखि ल्या।” 47 ईसू नतनएल क अपनी कइँती आवत देखेस अउर ओकरे बारे मँ कहेस, “इ एक सच्चा इस्त्राएली अहइ जेहमाँ कउनो खोट नाहीं बा।” 48 नतनएल पूछेस, “तू मोका कइसे जानत अहा?”ईसू जवाब दिहेस, “फिलिप्पुस क बोलावइ क पहिले मइँ तोहका अंजीर क पेड़ क नीचे खड़ा देखे रहेउँ।” 49 नतनएल जवाब दिहेस, “रब्बी (गरू) तू परमेस्सर क पूत अह्या, तू इस्त्राएल क राजा अह्या।” 50 एकरे जवाब मँ ईसू कहेस, “तू इ बरे बिसवास करत अहा, काहेकि मइँ कहत अहउँ कि तोहका अंजीर क पेड़ क खाले देखे रहेउँ। तू अगवा (बाद मँ) अउर बड़ी बड़ी बातन देखब्या।” 51 उ ओसे (नतनएल स) फिन कहेस, “मइँ तोहका सही सही बतावत अहउँ कि तू सरग क खुलत अउर परमेस्सर क दूतन क मनई क पूत प उतरत चढ़तदेखब्या।” 52

John 2:1 गलील क काना मँ तीसरे दिन कउनो क घरे मँ बियाह रहा। ईसू क महतारी हुवाँ मौजूद रही। 2 बियाहे मँ ईसू क अउर ओनके चेलन क बोलउवा आइ रहा। 3 हुवाँ जब दाखरस खतम होइ गवा तउ ईसू क महतारी कहेस, “ओनके पास अब दाखरस नाहीं अहइ, सब खतम होइ ग।” 4 ईसू ओसे कहेस, “इ तू मोसे काहे बतावत अहा? अबहीं मोर समइ नाहीं आवा अहइ।” 5 फिन ओकर महतारी ऩउकरन स कहेस, “तू पचे उहइ करा जउन इ तोहसे करइ बरे कहइ।” 6 हुवाँ पानी भरइ बरे पाथर क छ: मटका धरा रहेन। इ मटकन क यहूदियन पवित्तर स्नान क बरे इस्तेमाल करत रहेन। हर मटका मँ लगभग बीस स तीस गैलन पानी आवत रहा। 7 ईसू नउकरन स कहेस, “मटकन क पानी स भर द्या।” नउकरन मटकन क लबालब भरि दिहेन। 8 फिन उ ओनसे कहेस, “अब थोड़ा पानी बाहेर निकाला, अउर दावत क इन्तजाम करइवाला मुखिया क पास लइ जा।”अउर उ पचे थोर क पानी मुखिया क पास लइ गएन। 9 फिन दावत क इन्तजाम करइवाला मुखिया उ पानी क थोरा स चखेस तउ उ पाएस कि इ पानी तउ दाखरस बनि गवा रहा। उ जानि नाहीं पाएस कि दाखरस कहाँ स आइ गवा। मुला ओन नउकरन क तउ पता रहा, जउन पानी निकारे रहेन। 10 फिन दावत क मुखिया दुल्हा क बोलाएस अउर ओसे कहेस, “सब मनई पहिले अच्छी दाखरस परोसत हीं अउर जब मेहमानन क मन भरि जात ह तउ घटिया दाखरस देइ लागत हीं। मुला तउ सबसे बढ़िया वाली दाखरस अबहीं तक बचाए रखे अहा।” 11 ईसू गलील क काना मँ आपन पहिला अदुभुत कारज कइके आपन महिमा परगट किहेस। जेहसे ओकर चेलन ओहमाँ बिसवास करेन्ह। 12 ओकरे पाछे फिन ईसू आपन महतारी, भाइयन अउर चेलन क साथे कफरनहूम चला गवा, जहाँ प उ पचे कछू दिन ठहरेन्ह। 13 यहूदियन क फसह क त्यौहार निचके रहा। इ करण ईसू यरूसलेम चला गवा। 14 हुवाँ मंदिर मँ ईसू देखेस कि तमाम मनई मवेसियन, भेड़न अउर कबूतरन क बेचत रहेन अउर सिक्का बदलइवाले बयपारी अपनी गदूदी प बइठा रहेन। 15 इ बरे उ रस्सी क ठु कोड़ा बनाएस अउर ओन सबका मवेसियन अउर भेड़न समेत बाहर खदेर दिहेस। सिक्का बदलइवाले बयपारियन क सिक्का बिखराइ दिहेस अउर ओनके चौकियन क बिखराइ दिहेस। 16 कबूतरन क बेचइवालेन स कहेस, “एनका सबका हियाँ स बाहेर लइ जा! मोरे परमपिता क घर बजार जिन बनावा!” 17 इ सब देखिके ओकरे चेलन क याद आइ गवा कि पवित्तर सास्तर मँ लिखा अहइ:“तोहरे घर बरे मोर लगन मोका खाइ जाई।” भजन संहिता 69:9 18 एकरे जवाब मँ यहूदियन ईसू स कहेन, “तू हमका सबेन्ह क कउन अद्भुत चीन्ह क तौर पइ देखाइ सकत ह्या, जइसे इ साबित होइ जाइ कि जउन तू करत अहा, ओकर तू अधिकारी अहा?” 19 ईसु ओनका जवाब दिहेस, “इ मंदिर क तू पचे गिराइ द्या अउर मइँ एका तीन दिन क अन्दर फिन बनाइ देब।” 20 इ सुनिके यहूदियन बोलेन, “इ मंदिर क बनावइ मँ छियालिस बरिस लगा रहेन, अउर तू कहत अहा कि ऍका मइँ तीन दिन मँ बनाइ देब?” 21 (मुला ईसू जउने मंदिर क बात करत रहा, उ ओकर आपन देह रही। 22 बाद मँ जब मउत क बाद ईसू फिन जी उठा तउ ओकरे चेलन क याद आवा कि ईसू ऍका कहे रहा, अब तउ उ पचे पवित्तर सास्तर प अउर ईसू क बात पर बिसवास करइ लागेन।) 23 फसह क त्यौहार क दिनन जब ईसू यरूसलेम मँ रहा, तउ तमाम मनई ओकर अद्भुत कारजन अउर चीन्हन देखिके ओहमाँ बिसवास करइ लागेन। 24 मुला ईसू अपने आपका ओनके सहारे नाहीं छोड़ेस, काहे स कि उ सबका बख्बी जानत रहा। 25 ओका इ बात क कउनो जरुरत नाहीं रही कि केहू आइके ओका लोगन क बारे मँ बतावइ, ऍह बरे कि उ अच्छी तरह जानत रहा कि लोगन क मन मँ का अहइ।

John 3:1 हुआँ फरीसियन क एक ठु मनई रहा, जेकर नाउँ रहा नीकुदेमुस। उ यहूदियन क नेता रहा। 2 उ ईसू क लगे रात मँ आवा अउर ओसे बोला, “गुरू, हम जानत अही कि तु गुरू अह्या अउर परमेस्सर तोहका भेजेस, इहइ कारण अहइ कि तू अइसे अइसे अद्भुत कारजन करत अहा। इ सब कारज परमेस्सर क सहायता क बिना कउनो नाहीं करि सकत।” 3 एकरे जवाब मँ ईसू ओहसे कहेस, “मइँ तोहका एकदम सच सच बतावत अहउँ कि अगर कउनो मनई एकदम स नवा जनम न लेइ तउ उ परमेस्सर क राज्य नाहीं देख सकत।” 4 नीकुदेमुस ओसे कहेस, “कउनो मनई बुढ़वा होइ क बाद फिन जनम कइसे लइ सकत ह कउनो अपनी महतारी क कोख मँ घुसि क जनम कहसे लइ सकत ह!” 5 ईसू जवाब दिहेस, “मइँ तोहका सच बतावत अहउँ। अगर कउनो मनई पानी अउर आतिमा स जनम नाहीं लेत तउ उ परमेस्सर क राज्य मँ घुसइ नाहीं पावत। 6 जउन सरीर स पइदा होइ सकत ह, उहइ सरीर अहइ जउन आतिमा स पइदा होत ह, उहइ आतिमा अहइ। 7 मइँ तोहसे जउन बताए अहउँ, ओहमाँ कउनो अचरज करइ क जरुरत नाहीं अहइ, ‘तोहका फिन स जनम लेइ क होई।’ 8 हवा जउने तरफ चाहत ह, उहइ तरफ बहत ह। तू ओकर आवाज तउ सुनि सकत ह, मुला तू इ नाहीं जानि सकत ह कि उ कहाँ स आवत अहइ अउर कहाँ जात अहइ। आतिमा स पइदा भवा हर एक मनई इहइ तरह अहइ।” 9 एकरे जवाब मँ नीकुदेमुस ओसे कहेस, “इ कइसे होइ सकत ह” 10 ईसू ओका जवाब दिहेस, “तू तउ इस्राएलियन क गुरू अह्या मुला तू इ बात नाहीं जानत रह्या? 11 सच्ची बात मइँ बतावत अहउँ, हम पचे जउन जानत अही, उहइ बतावत अही, जउन हम देखत अही मुला तू पचे हमरी बात मँ कम बिसवास करत अहा। 12 मइँ तोहका धरती क बात बतावत अहउँ, अउर तू ओका नाहीं मानत अहा, अबहीं जब मइँ तोहका पचे क सरग क बात बतावउँ तउ तू ओका कइसे मान लेब्या? 13 सरग मँ कबहुँ कउनो नाहीं गवा, केवल ओका छोड़ कर, जउन सरग स उतरके आवा ह - उहइ मनई क पूत। 14 “जइसे मूसा रेगिस्तान मँ साँप क उठाइ लिहे रहा वइसे मनई क पूत क ऊपर उठाइ लीन्ह जाई। 15 जइसे कि ओहमाँ बिसवास करइवाले सब मनई अनन्त जीवन पाइ सकइँ।” 16 परमेस्सर इ दुनिया स इतना पिरेम करत रहा कि अपने एकलौता पूत क दइ दिहेस, जइसे कि ओहमाँ बिसवास करइवाला कउनो मनई क नास न होइ, ओका अनन्त जीवन मिल जाइ। 17 परमेस्सर आपन पूत इ बरे नाहीं पठएस कि उ दुनिया क अपराधी साबित करइ, उ तउ इ बरे भेजेस अइसे कि समूची दुनिया क उद्धार होइ जाइ। 18 जउन मनई परमेस्सर क पूत मँ बिसवास करत हीं, ओनका दोसी न ठहरावा जाइ, मुला जे ओनके मँ बिसवास नाहीं करतेन, ओका तउ दोसी ठहरावा जाइ चुका अहइ, काहेकि उ परमेस्सर क एकलौता पूत मँ बिसवास नाहीं करत ह। 19 इ निरनय क आधार इ बाटइ कि ज्योति इ दुनिया मँ आइ गइ अहइ, मुला कछू मनई अइसे अहइँ कि ज्योति क न देखिके आँधियारे क जियादा महत्व देत अहइँ काहेकि ओनके सब करम बुरा अहइँ। 20 पाप करइवाला मनई हमेसा ज्योति स घिणा करत ह अउर ओकरे पास कबहूँ नाहीं आवत, एह बरे कि ओकरे पाप क उजागिर होइ क डर बना रहत ह। 21 मुला जउन मनई सच्चाई क रस्ता प चलत ह उ परमेस्सर क द्वारा ज्योति क किरन क लगे अइहीं जइसे इ उजागिर होइ जाइ कि ओके सब कारज परमेस्सर करावत अहइ। 22 ओकरे बाद ईसू अपने चेलन क साथ यहूदिया क इलाका मँ चला गवा। हुवाँ ओनके साथ ठहरिके उ सब लोगन्ह क बपतिस्मा देइ लाग। 23 हुवाँ प सालेम क नजदीक ऐनोन मँ यूहन्ना भी बपतिस्मा देत रहा, एह बरे कि हुवाँ इफरात मँ पानी रहा। तमाम मनई हुवाँ आवत रहेन अउर बपतिस्मा लेत रहेन। 24 (अब तक यूहन्ना क बंदी नाहीं बनावा ग रहा।) 25 अब यूहन्ना क कछू चेलन अउर एक ठु यहूदी क बीच स्वच्छताकरण क लइके बहस होइ लाग। 26 एह बरे उ सब यूहन्ना क लगे आएन अउर कहेन, “गुरु, जउन मनई यरदन क ओहॅ पार तोहरे साथ रहा अउर जेकरे बारे मँ तू बताए रह्या, उ लोगन्ह क बपतिस्मा देत अहइ, अउर सब मनई ओकरे पास जात अहइँ।” 27 एकरे जवाब मँ यूहन्ना कहेस, “कउनो मनई क तब तक कछू नाहीं मिल सकत जब तक कि ओका परमेस्सर स न दीन्ह ग होइ। 28 तू पचे इ बात क साच्छी अहा कि मइँ कहे रहेउँ, ‘मइँ मसीह न अहउँ मोका तउ ओकरे बरे रस्ता बनाइ बरे पठवा गवा अहइ।’ 29 दूल्हा तउ उहइ बा, जेका दुलहिन मिलइ। मुला दूल्हा क दोस्त जउन ओकरे अगुवाई मँ खड़ा रहत ह जब दूल्हा क आवाज सुनत ह, तउ बहुत खुस होत ह। इहइ मोर खुसी अहइ जउन अब पूरी भइ। 30 अब इ जरुरी अहइ कि ओकर महिमा बढ़इ अउर मोर कम होइ। 31 “जउन ऊपर स आवत ह, उ सबसे महान अहइ। उ जउन घरती स बाटइ, धरती स जुड़ा अहइ। एह बरे उ धरती क चीजन क बारे माँ बात करत ह। जउन सरग स उतरा ह, सबके ऊपर अहइँ, 32 उ जउन कछू देखे अहइ, अउर सुने अहइ, उ ओकर साच्छी देत ह अउर ओकर साच्छी क कउनो मनई नाहीं चाहत। 33 जउन ओकरी साच्छी क मानत ह, उ प्रमाणित करत ह कि परमेस्सर सच्चा अहइ। 34 काहे बरे कि जेका परमेस्सर पठए अहइ, परमेस्सर क बातन करत ह। काहोकि परमेस्सर ओका आतिमा क अनन्त दान दिहे अहइ। 35 परमपिता अपने पूत क स पिरेम करत ह अउर ओकरे हाथे मँ उ सब कछू क अधिकार सौंपि दिहेस। 36 एह बरे जउन ओकरे पूत मँ बिसवास करत ह, अनन्त जीवन पइहइँ मुला जे परमेस्सर क पूत क बात नाहीं मानत ओका इ जीवन नाहीं मिली। एकरे बजाय उ परमेस्सर क कोप का भाजन बनी।”

John 4:1 अउर जब ईसू क पता चला कि फरीसियन इ सुने अहइँ कि ईसू यूहन्ना स जियादा लोगन क बपतिस्मा देत अहइ अउर ओनका आपन चेलन बनावत अहइ। 2 (वइसे ईसू खुदइ बपतिस्मा नाहीं देत रहा। बल्कि ओकर चेलन इ कारज करत रहेन्ह।) 3 उ यहूदिया छोड़िके एक बार फिन गलील लौट ग रहा। 4 इ दाईं ओका सामरिया होइके जाइका पड़ा। 5 एह बरे उ सामरिया क एक नगर सूखार मँ आवा। इ नगर उहइ भुइँया क पास रहा। जउने क याकूब अपने बेटवा यूसुफ क दिहे रहा 6 हुवाँ याकूब क कुआँ रहा। ईसू इ यात्रा मँ एकदम थक ग रहा, एह बरे उ कुआँ क पास बइठ गवा। उ समइ करीब करीब दुपहरिया रही। 7 एक ठु सामरीस्त्री पानी भरइ क बास्ते आइ! ईसू ओसे कहेस, “मोका पिअइ क पानी दइ द्या।)” 8 (उ समइ सब चेलन खाना बेसहइ क बरे सहर चला गवा रहेन।) 9 सामरी स्त्री ओसे कहेस, “तू यह्दी होइके मोसे पानी काहे मांगत अहा, मइँ तउ सामरी स्त्री अहउँ?” (यहुदी तउ सामरियन स कउनो मतलब नाहीं रखत रहेन।) 10 ओकरे जवाब मँ ईसू ओसे कहेस, “जदी तू ऍतना जनतेउ कि परमेस्सर का दिहेस अउर उ कउन अहइ जउन तोहसे कहत अहइ कि ‘मोका पानी द्या’ तउ तू ओसे खुदइ मँगतिउ, अउर उ तोहका जीवन जल दइ देत।” 11 उ स्त्री ओसे कहेस, “महासय, तोहरे लगे तउ कउनो बासन तक नाहीं बाटइ अउर कुआँ बहुत गहिर अहइ फिन तोहरे पास जीवन जल कइसे होइ सकत ह 12 जरूर तू हमरे पूर्वज याकूब स बड़ा अहा जेक हमका कुआँ दिहेन अउर अपने लड़िकन्ह अउर जानवरन्ह क साथ खुदइ एकर पानी पिए रहेन्ह।” 13 ईसू एकरे जवाब मँ कहेस, “जउन मनई इ कुआँ क पानी पिअत ह, ओका फिन पियास लगी। 14 मुला जउन मनई उ पानी क पी लेई जउन पानी मइँ देब, ओका फिन कबहूँ पियासन लगी। मोर दीन्ह पानी ओकरे दिल मँ एक पानी क झरना क नाई बन जाई जउन घुमड़ घुमड़ क ओका अनन्त जीवन देई।” 15 तब उ स्त्री ओसे कहेस, “हे महासय, मोका उहइ पानी दइ द्या जेहसे कि मइँ कबहूँ पियासी न रही अउर मोका फिन पानी खँइचे क बरे न आवइ क पड़इ।” 16 इ सुनके ईसू ओसे कहेस, “ जा अपने पति क बोलावा अउर हियाँ आवा।” 17 एकरे जवाब मँ स्त्री कहेस, “मोर कउनो पति नाहीं बाटइ।”ईसू ओसे कहेस, “जब तू कहति अहा कि तोहार कउनो पति नाहीं बाटइ, तउ तू ठीक कहति अहा 18 तोहरे पाँच पति रहेन अउर जउने पुरूस क साथ तू रहित अहा, उ तोहार पति न अहइ, एह बरे जउन तू कहति अहा उ ठीक अहइ।” 19 इ सुनिके उ स्त्री ओसे कहेस, “महासय, मोका तउ लागत अहइ कि तू कउनो नबी अहा। 20 हमरे पूर्वजन इ पर्वत प आराधना किए रहेन्ह मुला तू कहत अहा कि यरूरलेम आराधना क स्थान अहइ।” 21 ईसू ओसे कहेस, “हे स्त्री मोरी बात माँ बिसवास करा। उ समइ आवइवाला अहइ जब तू परमपिता क आराधना न तउ एहि पर्वत प करइ पउबू अउर न तउ यरूसलेम मँ। 22 तू सामरी लोगन्ह ओका नाहीं जानत अहइँ जेकर आराधना करति अह?ा। मुला हम यहूदी ओका जानित ह जेकर आराधना करति अहा। सबन क उद्धार यहूदियन स मिली। 23 मुला उहइ समइ आवत अहइ, ‘अउर आइ ग’ बाटइ जब सच्चे आराधना परमपिता क आराधना, आतिमा अउर सच्चाई मँ करिहीं। परमपिता अइसे आराधक चाहत ह। 24 परमपिता आतिमा अहइ अउर एह बरे जउन ओकर आराधना करी ओका आतिमा अउर सच्चाइन मँ आराधना करइ क पड़ी।” 25 फिन स्त्री ओसे कहे?स, “मइँ जानत अहउँ कि मसीह (यानी ख्रीष्ट) आवइवाला अहइ। जब उ आई तउ हम पचन क सब कछू बताई।” 26 ईसू ओसे कहेस, “मइँ जउन तोहसे बतियात अहउँ मइँ उहइ अहउँ।” 27 उहइ समइ ओकर चेलन लौट आएन। अउर ओनका इ देखिके बहु?त अचरज भवा कि उ एक ठु स्त्री स बात करत अहइ। मुला कउनो ओह इ नाहीं कहेस, “तोहका इ स्त्री स का मतलब अहइ, अउर या “ई स्त्री स तू काहे? बरे बतियात अहा।” 28 उ स्त्री आपन पानी भरइवाली गगरी छोड़िके सहर चली गइ अउर मनइयन स कहेस, 29 “आवा जा अउर देखा, एक ठु अइसा मनई अहइ, जउन मोर कीन्ह सच मोका बताइ दिहेस। का तू इ नाहीं सोचत अहा कि उ मसीह अहइ?” 30 इ सुनिके सब लोगन्ह सहर छोड़िके ईसू क लगे जाइ पहुँ?चेन। 31 उहइ समइ ईसू क चेलन ओसे बिनती करत रहेन्ह, “गुरू कछू खाइ ल्या!” 32 मुला ईसू ओनसे कहेस, “मोरे पास खाइ बरे, अइसा खाना अहइ जेकरे बारे मँ तू पचे कछू नाहीं जानत अहा।” 33 इ सुनिके सब चेलन आपस मँ एक दूसरे स पूछइ लागेन, “का ओकरे बरे कउनो खाइ बरे कछू लिआवा होई?” 34 ईसू ओनसे कहेस, “मोर खाना ओकर (परमेस्सर) इच्छा क पूरी करब अहइ जउन मोका पठएस ह। जउन कारज मोका सौंपा गवा बाटइ, ओका मोका पूरा करइ क अहइ, 35 तू पचे अक्सर कहत ह, ‘चार महीना बाकी बा तब जाइके फसल आई’ मुला मइँ तोहका पचेन्क बतावत अही कि आपन आपन आँखी खोला अउर खेतन क तरफ देखा उ सब काटइ क बरे तइयार होइ गवा अहइँ। उ जउन कटाई करत अहइ आपन मजूरी पावत अहइ। 36 अउर अनन्त जीवन क बरे फसल इकट्ठा करत बा, एह बरे कि फसल बोवइवाला अउर ओका एकदम स सच्ची निकरी, 37 ‘एक मनई बोवत ह अउर दूसर मनई ओका काटत ह।’ 38 मइँ तोहका इ फसल काटइ क बरे भेजे अही जेहि? पइ तोहार मेहनत नाहीं लागी बाटइ। जेहि? पइ दूसरे क मेहनत लगी अहइ अउर ओकरी मेहनत क फल तोहका मिला अहइ।” 39 उ सहर क तमाम मनइयन ईसू मँ बिसवास किहेन, एह बरे कि उ स्त्री क बात क सच्ची मान लिहेन जउन कहे?स, “मइँ जउन कछू करे रहे?उँ, उ ओका ओकरे बारे मँ सब बताइ दिहेस।” 40 जब सामरी ओकरे पास आएन तउ ओन सबे ओसे ठहरइ क बरे चिरौरी करेन्ह ऍकरे बाद उ दुइ दिन हु?वाँ ठहर गवा। 41 ओकरी बात स प्रभावित होइके तमाम जने ओहमाँ बिसवास करइ लागेन। 42 ओन सब उ स्त्री स कहेन, “अब हम सिरिफ तोहरी साच्छी क नाईं बिसवास ही नाहीं करत अही, मुला अब तउ हम सब खुदइ सुनि अउर देख लीन्ह। अब हम पचे जान लीन्ह कि सचमुच उ मनई संसार क उद्धार करइवाला बाटइ।” 43 दुइ दिन क बाद उ हुवाँ स गलील क चल दिहेस। 44 (एक बरे कि ईसू खुद कहे रहा कि कउनो नबी अपने देस मँ कबहुँ? आदर नाहीं पावत।) 45 इ तरह जब उ गलील आवा तउ गलील क रहइवाले ओकर स्वागत करेन्ह काहे बरे उ पचे उ सबइ कछू लखे रहेन्ह जउन कछु फसह क त्यौहार यरूसलेम मँ उ किहे रहा: काहे?कि उ पचे सबहिं? त्यौहार मँ सामिल रहेन। 46 ईसू एक बार फिन गलील मँ काना गवा जहाँ उ पानी क दाखरस बनाइ दिहे रहा। अब की दाई कफरनहूम मँ एक ठु राजकर्मचारी रहा जेकर बेटवा बीमार रहा। 47 जब राजकर्मचारी सुनेस कि यहूदिया स ईसू गलील आवा अहइ तउ उ ओकरे पास आवा अउर इ विनती किहेस कि उ कफरनहू?म जाइके ओकरे बेटवा क चंगा कइ दे ओकर बेटवा एकदम मरइ क किनारे आइ गवा रहा। 48 ईसू ओसे कहेस, “अद्भुत कारजन अउर अचरजे कारजन क देखे बिना तू पचे बिसवास न करब्या। 49 राजकर्मचारी ओसे कहे?स, “महासय, एकरे पहले कि मोर बेटवा मरि जाइ, तू मोरे साथे घरे चला।” 50 ईसू जवाब दिहेस, “जा तोहार बेटवा जिअत रही।” ईसू जउन कहे रहा, उ पचे ओह पइ बिसवास किहेस अउर घर चला गवा। 51 उ घर लौटत ही रास्ते मँ रहा कि ओकर नउकर मिल गएन अउर इ समाचार सुनाएन, “तोहार बेटवा चंगा होइ गवा।” 52 उ पूछेस, “ओकर हालत कब स ठीक होइ लाग ह?” उ जवाब दिहसे, “कल दुपहरिया मँ एक बजे ओकर बुखार उतर गवा।” 53 उ लरिका क बाप क इ याद आइ गवा कि इहइ ठीक समइ रहा जब ईसू ओसे कहेस, “तोहार बेटवा जिअत रही।” इ तरीका स ओकर पूरा परिवार ईसू मँ बिसवास करइ लाग। 54 इ दूसर अद्भुत कारज रहा जउन ईसू यहू?दियन क गलील आए क बाद देखाएस।

John 5:1 एकरे बाद ईसू यहू?दियन क एक उत्सव मँ यरूसलेम गवा। 2 यरूसलेम मँ भेड़ दरवाजा क पास एक ठु पोखरा अहइ, जेहिका इब्रानी भाखा मँ ‘बैतहसदा’ कहा जात ह। एकरे किनारे पाँच ठु बरामदा बना अहइँ। 3 जउने मँ अँधा, लूला, अउर लकवा का मरीज क भीड़ पड़ी रहत ह। अउ उ पचे पानी ह हलइ बरे जोहेन। 4 कबहूँ पर्भू क दूत पोखरे प आबत रहा अउ पानी क हलावत रहा। सरगदूत क इ करइ क पाछे जउन पहिला मनई पोखरे मँ घुसत रहा उ बेरामी स नीक होइ जात रहा।” 5 ऍनही मरीजन मँ एक अइसा मरीज रहा जउन अड़तीस बरिस स बीमार रहा। 6 जब ईसू ओका हुवाँ लेटा लखेस अउर इ जानेस की ऍतने लम्बे समइ बीमार अहइ तउ ईसू ओसे कहेस, “का तू चंगा होइ चाहत अहा?” 7 रोगी जवाब देहेस, “महासय मोरे पास केउ नाहीं अहइ जउन पानी क हिलइ प मोका पोखरा मँ उतार देइ। जउ मइँ पोखरा मँ जावा चाहित ह, तउ हमेसा कउनो दूसर मनई मोसे पहिले ओहमाँ उतर जात ह।” 8 ईसू ओसे कहेस, “खड़ा होइ जा, आपन बिस्तरा उठावा अउर उ चलइ लागा।” 9 उ मनई तुरतंहि? चंगा होइ गवा। उ आपन बिस्तरा उठाएस अउर चल दिहेस।उ दिन सबित क दिन रहा। 10 इ देखिके यहूदियन उ मनई जउन चंगा होइ गवा रहा स कहब सुरू किहेन, “आज सबित क दिन अहइ अउर इ हमरे नियम क खिलाफ अहइ कि तू आपन बिस्तरा उठावा।” 11 इ सुनिके उ जवाब दिहेस, “जउन मोका चंगा किहे बाटइ उ मोसे कहेस, ‘आपन बिस्तरा उठावा अउर चल द्या।” 12 उ पचे ओसे पूछेन्ह, उ कउन मनई अहइ जउन तोहसे कहेस कि आपन बिस्तरा उठावा अउर चला?” 13 मुला उ मनई जउन चंगा होइ गवा रहा नाहीं जानत रहा कि उ कउन अहइ, काहे?कि हुवाँ बहुत भीड़ रही अउर ईसू चुपचाप हु?वाँ स चला गवा। 14 ऍकरे बाद ईसू उ मनई क मन्दिर मँ देखेस अउर ओसे कहेस, “देखा, अब तू नीक होइ गवा अहा, एह बरे अब तू पाप करब बन्द कइ द्या नाहीं तउ कउनो अउर बड़ा कस्ट तोहरे ऊपर आइ सकत ह!” 15 फिन उ मनई चला गवा। हुवाँ स चलिके उ यहूदियन स आइ क कहेस की ओका चंगा करइवाला ईसू रहा। 16 यहूदियन ईसू क सताउब सुरू कइ दिहेन्ह, एह बरे कि उ अइसे काम सबित क दिन किहे रहा। 17 ईसू ओनका जवाब देत कहेस, “मोर परमपिता कबहुँ? काम करब नाहीं छोड़त, एह बरे मइँ काम करित हउँ।” 18 यहूदियन ओका मार डावइ क इन्तजाम करइ लागेन्ह। केवल इहइ बरे नाहीं कि उ सबित क तोड़त रहा, मुला इहइ बरे कि उ परमेस्सर क आपन परमपिता कहत रहा। इहइ तरीके स उ अपने क परमेस्सर क बराबर देखॅावत रहा। 19 जवाब देत ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तू सब पचन क सच्ची बात बतावत अहउँ कि पूत अपने आप कछू नाहीं कइ सकत। उ तउ केवल उहइ करत ह जउन करत अपने परमपिता क देखत ह। परमपिता जउन कछू करत ह, पूत उहइ करत ह। 20 परमपिता अपने पूत स पिरेम करत ह। अउर उ सब कछू देखाइ देत ह जउन उ करत ह। ओन सब कामन स बड़ी-बड़ी बातन क उ ओका देखाई। तउ तू पचे अचरज करब्या। 21 जइसे परमपिता मरा पूत क उठाइके ओनका नवा जीवन देत ह। वइसे ही भी उन लोगन क जीवन देत ह, जेनका चाहत ह। 22 परमपिता केहू क निआव नाहीं करत मुला उ निआव करइके अधिकार अपने पूत क दइ दिहे? अहइ। 23 जेहसे कि सबहीं मनई क पूत क मान सम्मान करइँ जेहसे कि परमपिता क सबहीं आदर करत हीं। जउन पूत क आदर नाहीं करत परमपिता उ क आदर नाहीं करत जउन ओका पठए अहइ। 24 “मइँ तोहका सच-सच बतावत हउँ जउन मोर बात सुनत ह अउर ओह पइ बिसवास करत ह जउन ओका भेजे अहइ, तउ उ अनन्त जीवन पावत ह। निआव क दंड ओकरे ऊपर नाहीं पड़त। उ मनई मृत्यु स जीवन मँ प्रवेस पाइ जात ह। 25 मइँ तू पचन क बतावत अहउँ कि उ समइ आवइवाला अहइ, हि?याँ तक कि आइ चुका अहइ जबहीं कि जउन मरि चुका अहइँ, परमेस्सर क पूत क बचन सुनिहइँ अउर जे ओका सुनि लेहीं उ पचे जी उठिहीं। 26 काहेकि जेहसे परमपिता जीवन क स्त्रोत अहइ, वइसे अपने पूतन क जीवन क स्त्रोत बनाए बाटइ। 27 अउर उ ओका निआव क अधिकार दिहे? अहइ। एह बरे कि उ मनई क पूत अहइ। 28 इ बात प अचरज करइ क जरूरत नाहीं अहइ कि उ समइ आवइवाला अहइ कि जब जउन अपनी अपनी कब्र मँ अहइ, ओकर बचन सुनिहइँ। 29 अउर बाहर आइ जइहइँ। जउन मनई नीक कारज किहे? अहइँ उ सबइ पुनरूत्थान पाइ जइहइँ। मुला जउन खराब कारज किहे अहइँ ओनका पुनरूत्थान क बाद दंड दीन्ह जाई।” 30 “मइँ खुदइ अपने आप स कछू नाहीं कइ सकित। मइँ परमेस्सर स जउन सुनित ह उहइ क आधार प निआव करित ह अउर मोर निआव ठीक अहइ काहे?कि मइँ अपने मन स कउनो नाहीं करित मुला मइँ ओकरी इच्छा स कारज करित ह जउन मोका पठएस। 31 “जदि मइँ अपनी तरफ स साच्छी देउँ तउ मोर साच्छी सच नाहीं अहइ। 32 मोर ताईं साच्छी देइवाला एक ठु अउर अहइ। अउर मइँ जानित ह कि मोरी ताईं जउन साच्छी देत अहइ उ सच्ची अहइ। 33 “तू पचे लोगन क यूहन्ना क पास पठए रह्या अउर उ सच्चाई क साच्छी दिहेस। 34 मइँ मनई क साच्छी प भरोसा नाहीं करित मुला मइँ इ बरे कहत हउँ जइसे कि तू पचनक उद्धार होइ जाइ। 35 यूहन्ना उ दीपक क नाईं रहा जउन जलत भइ रोसनी देत हे। अउर कछू मसइ तक तू पचे उ रोसनी स फायदा लेइ चाहत रह्या। 36 “मुला मोर साच्छी यूहन्ना क साच्छी स बड़ी बाटइ, यह बदे कि परमपिता जउन कारज पूरा करइ क बरे मोका जिम्मेवारी सौंपी अहइ, मइँ उहइ कारज करत अहउँ अउर मोर कीन्ह कारज अपने आपइ इ बात क साच्छी अहइ कि परमपिता मोका पठए अहइ। 37 परमपिता जउन मोका पठए अहइ, उ खुदइ मोर साच्छी दिहे अहइ। तू पचे ओकर कउनो बचन नाहीं सुन्या अउर न तउ ओकर रूप लखे अहा। 38 अउर न तउ अपने अन्दर ओकर संदेस धारन करे अहा, काहेकि तू पचे जेका परमपिता भेजे अहइ, ओकरे मँ बिसवास नाहीं करता अहा। 39 तू पचे पवित्तर सास्तरन क धियान स पढ़त ह काहेकि तोहार इ विचार अहइ कि तोहका उहइ स अनन्त जीवन मिल जाई। मुला इ सब पवित्तर सास्तर मोर साच्छी देत हीं। 40 एतना होत भए भी तू पचे मोरे पास नाहीं आवा चाहत अहा। 41 “मइँ मनइयन क कीन्ह प्रसंसा प भरोसा नाहीं करित। 42 मुला मइँ जानित ह कि तोहार भीतर परमेस्सर क पिरेम नाहीं अहइ। 43 मइँ अपने परमपिता क नाउँ स आइ अहउँ तबहूँ तू पचे स्वीकार नाहीं करत अहा, अउर अगर कउनो दूसरे नाउँ स कहे आइ जाइ तउ तू ओका स्वीकार करब्या। 44 तू मोहे मँ बिसवास कइसे करि सकत ह, काहे बरे कि तू पचे एक दूसरे क प्रसंसा करत ह। तू पचे उ प्रसंसा कइँती देखबउ नाहीं करत अहा जउन केवल परमेस्सर क तरफ स आवत अहइ। 45 तू पचे इ तनिकउ न सोचा कि मइँ तोहका परमपिता क सामने दोखी ठहराऊब। जउन तोहका पचे क दोखी ठहराई, उ मूसा होई जेकरे ऊपर तू पचे आपन आसरा लगाए अहा। 46 जदि तू सबइ मूसा मँ बिसवास करत्या तउ तू मोहे मँ बिसवास करत्या काहेकि उ मोरे बारे मँ लिखे अहइ। 47 जबहीं तू ओकरे लिखे मँ बिसवास नाहीं करत अहा, तउ तू मोरे बात मँ बिसवास कइसे करब्या?”

John 6:1 ओकरे बाद ईसू गलील क झील यानी कि तिबिरियास क दूसरे पार चला गवा। 2 अउर ओकरे पाछे पाछे बहुत बड़ी बड़ी भीड़ चल दिहेस, काहेकि उ सब तमाम मरीजन क नीक होत समइ तमाम अचरज भरा चीन्हन देखे रहेन्ह। 3 ईसू पहाड़ प चला गवा अउर हुँवा अपने चेलन क साथ बइठ गवा। 4 यहूदियन क फसह क त्यौहार निचके रहा। 5 जबहीं ईसू आँख उठाइके देखेस कि एक बहुत बड़ी भीड़ ओकरी तरफ चली आवत अहइ तउ उ फिलिप्पुस स पूछेस, “इ सब लोगन्हे क खइया खियावइ क बरे रोटी कहाँ स खरीदी जाइ सकत ह” 6 (ईसू इ बात ओकर परीच्छा लेइ क बरे पूछेस, उ तउ जानत रहा कि उ क करइ जात अहइ।) 7 फिलिप्पुस जवाब दिहेस, “दुई सौ चाँदी क सिक्कन स ऍतनी रोटी न मिली कि सब मनई क एक टुकड़े स तनिकउ जियादा मिल सकइ।” 8 ईसू क एक दूसर चेला समौन पतरस क भाई अन्द्रियास कहेस, 9 “हियाँ एक नान्ह क लरिका क लगे पाँच ठु जौ क रोटी अउर दुइ ठु मछरी अहइँ, मुला खाइवाले तउ बहुत जियादा मनई अहइँ ओनके बरे इ बहुत कम अहइ।” 10 ईसू जवाब दिहेस, “सब लोगन्ह क बैठावा” (उ जगह प अच्छी खासी घास रही) सब मनई हुवाँ बइठ गएन उ सब कुल मिलाइके करीब पांच हजार मनई रहेन्ह)। 11 फिन ईसू रोटी लिहेस, अउर हुवाँ बइठे भए मनइयन क आवस्यकतानुसार सुक्रिया दइके रोटी परोस दिहेस। इहइ तरह जेतना उ सब जेतना चाहत रहेन, ओतनी मछलियन ओनका दइ दिहेस। 12 जब ओनके सबके पेट भरि गएन तउ ईसू अपने चेलन स कहेस, “जउऩ टुकड़ा बचा अहइँ, ओनका बटोर ल्या जइसे उ बेकार स बरबाद न होइँ।” 13 फिन चेलन लोगन क परोसी गइ जो क पांच रोटियन क बचे भएन टुकड़न स बारह टोकरी भरि दिहसे 14 ईसू क ऍतना अद्भुत कराज क देखिके सब मनइयन कहइ लागेन, “जरूर इ मनई उहइ नबी अहइ जेका इ दुनियाँ मँ आवइ क रहा।” 15 ईसु जब इ जानेस कि लोग आवइवाला अहइँ अउर ओनका लइ जाइके राजा बऩावा चाहत अहइँ, तउ उ अकेलेही पहाड़ प चला गवा। 16 जब साँझ क बेला भइ अउर ओनके सब चेलन झील प चला गएन 17 अउर एक ठु नाव प बइठके वापस झील क पार कफरनहूम क तरफ चला गएन। मजे क अंधेसा होइ ग रहा, मुला ईसू अबहीं तलक लौटिके ओनके सबन क पास नाहीं आवा रहा। 18 तूफानी हवा बहत रही जेकरे कारण झील मँ लहर खूब तेज होत रहिन्ह। 19 जब उ पचे करीब पांच-छ: किलोमीटर आगे चला गएन तउ देखेन कि ईसू झील प चलत अहइ अउर नाव क पास आवत रहा। इ देखिके उ पचे डेराइ गएन। 20 मुला ईसू ओन सबसे कहेस, “इ मइँ अहउ, डेरा जिन।” 21 फिन उ पचे ओका जल्दी स नाव प चढ़ाइ लिएन्ह अउर नाव जल्दी स हुवाँ पहुँच गइ जहाँ ओका जाइ क रहा। 22 दूसरे दिन सब मनइयन क भीड़ जउन झील क पार बच गइ रही, इ देखेस कि हुवाँ एक ठु नाव अकेले रही अउर अपने चेलन क साथ ईसू उ नाव प नाहीं सवार भवा बल्कि ओकर चेलन अकेल्ले ही रवाना भएन। 23 तिबिरियास क कई ठु नाव उ जगह प आइके रूकिन जउने जगह प उ पचे पर्भू क धन्यबाद दिहे क बाद रोटी खाए रहेन। 24 इ तरह जब उ भीड़ देखेस कि न तउ हुवाँ ईसू अहइ अउर न तउ ओनकइ चेलन अहइँ, तउ उ पचे नाव प चढ़िके अउर ईसू क दूँढ़त कफ़रनहूम क तरफ चल पड़ेन। 25 जब उ पचे ईसू क झील क दूसरे पार पाएन तउ ओसे कहेन, “हे गुरू, तू हियाँ कब आया?” 26 ऍकरे जावब मँ ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहका सच्ची बात बतावत अहउँ, तू पचे मोका इ बरे नाहीं खोजत अहा कि तू सब अदभुत कारजन देखे अहा, मुला तू पचे इ बरे मोका दूँढ़त अहा, काहेकि तू सब पेट भरिके रोटी खाए अहा। 27 उ खाना क बरे मेहनत न करइ चाही जउन खराब होइ जाइ मुला ओकरे बरे जतन करइ चाही जउन हमेसा उत्तिम बना रहत ह अउर अनन्त जीवन देत ह, जउन तोहका सबक मनई क पूत देई। काहेकि परमपिता ओका मानके आपन मोहर ओह पइ लगाइ दिहे अहइ।” 28 मनइयन ईसू स पूछेन, “परमेस्सर क कारज क बरे हम सब का करी?” 29 ईसू ओनका इ जवाब दिहेस, “जउन परमेस्सर चाहत ह कारज इ अहइ कि तू पचे ओह पइ बिसवास करा जेहिका उ भेजे अहइ।” 30 तउ उ पचे ओसे कहेन, “फिन तू कउन स अद्भुत कारज देखॉवत अहा जेहिका देखिके हम तोह पर बिसवास करी? तू कउन स कारज देखॉवत अहा?” 31 हमाक पूर्वजन रेगिस्तान मँ मन्नाखाएन, जइसे कि पवित्तर सास्तरन मँ लिखा बा, ‘परमेस्सर ओनका खाइ क बरे सरग स रोटी दिहेस।’“ 32 एह पइ ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहका सच बतावत अहउँ कि मूसा नाहीं, मुला मोर परमपिता तोहका सरग स सच्ची रोटी देत ह। 33 उ रोटी जउन परमेस्सर देत ह, उ सरग स उतरी अहइ, अउर इ संसार क जीवन देत ह।” 34 तउ उ पचे ओसे कहेन, “हे पर्भू, अब हम पचे क उ रोटी द्या अउर हमेसा देत रहा।” 35 ईसू ओनसे कहेस, “मइँ उ रोटी अहउँ जीवन देत ह। जउन मनई मोरे पास आवत ह, उ कबहूँ भूखा नाहीं रहत अउर जउन मोरे मँ बिसवास करत ह, उ कबहूँ पियासा नाहीं रहत। 36 मइँ तोह सबन क पहले स बताइ चुका अहउँ कि तू मोका देख लिए अहा, तबहूँ मोहमाँ बिसवास नाहीं कर त्या। 37 एक एक मनई जेहिका परमपिता मोका सौंपे अहइ, मोरे पास आई जउन मोरे पास आवत ह, मइँ ओका कबहूँ न लौटाउब। 38 मइँ सरग स अपनी मर्जी स काम करइ नाहीं आइ अहउँ, मइँ तउ ओकर मरजी क पूरा करइ आइ बाटेउँ, जउन मोका हिआँ भेजे अहइ। 39 अउर उ भेजइवाले क इच्छा इ बाटइ कि जेका जेका उ मोका सौपे अहइ, ओहमाँ म एकउ क न खोइ देउँ अउर आखिरी दिन ओनका सबका जिन्दा कइ देउँ। 40 इहइ मोरे परमपिता क इच्छा अहइ कि हर एक मनई जउन पूत क देखत ह अउर ओहमाँ बिसवास करत ह, अनन्त जीवन पाई अउर आखिरी दिन मइँ ओका जियाइ देइ।” 41 इ सुनिके यहूदियन ईसू प बड़बड़ाय लागेन, काहेकि उ कहत रहा, “मइँ उ रोटी अहउँ जउन सरग स उतरी अहउँ।” 42 अउर उ पचे कहेन, “का इ यूसुफ क पूत ईसू न अहइ का हम एनके महतारी बाप क नाहीं जानित? फिन इ कइसे कहत बा कि ‘मइँ सरग स उतरा हउँ?” 43 एकरे जवाब मँ ईसू ओनसे कहेस, “एक दूसरे प बड़बड़ाब छोड़ द्या, 44 मोरे लगे तब तलक कउनो नाहीं आइ सकत जब तक मोका भेजइवाला परमपिता ओका मोरे तरफ न खींचइ। मइँ आखिरी दिन ओका फिन जियाइ देब। 45 नबियन लिखे अहइँ, ‘अउर उ सब परमेस्सर दवारा सिखावा भए होइहीं।’ 46 जउन मनई परमपिता क सुनत ह, अउर ओसे सीखत ह, मोरे पास आवत ह। मुला सच-सच जेहिका परमपिता भेजे अहइ, ओका छाँड़िके कउनो नाहीं लखे अहइ। परमपिता क बस उहइ लखे अहइ। 47 मइँ तोहसे सच-सच कहत बाटेउँ कि जउन मनई बिसवास करत ह उ अनन्त जीवन पावत ह। 48 मइँ उ रोटी अहउँ जउऩ जीवन देत ह। 49 तोहार पचेन्क पूर्वजन रेगिस्तान मँ मन्ना खाए रहेन्ह तबहूँ उ पचे मरि गएन। 50 इ उ रोटी अहइ जउन सरग स उतरत ह जउने कि मनई ओहमाँ स खात ह उ न मरी। 51 जीवन क रोटी जउन सरग स उतरी अहइ, उ मइँ अहउँ। जउऩ मनई इ रोटी खाई, उ हमेसा जीवित रही, अउर जउऩ रोटी मइँ दुनिया क जिन्नगी क बरे देब, उ मोर माँस अहइ। इहइ संसार जिअत रही।” 52 इ सुनिके यहूदियन आपस मँ झगड़ा करइ लागेन कि “कइसे इ मनई हम पचेन्क आपन माँस खाइ क बरे देत ह” 53 ईसू ओनसे कहेस, “मइँ तोहसे सच-सच कहत अहउँ, जब तक तू पचे मनई क पूत क माँस न खाब्या अउर ओकर लहू न पीब्या, तब तक तोहरे मँ असली जीवन नाहीं आई। 54 जउन मोर माँस खात ह अउर हमार लहू पियत ह, अनन्त जीवन उहइ पावत ह अउर आखिरी दिन ओका मइँ फिन जीवित करि देब। 55 काहेकि मोर माँस सब खाइवाली चीज अहइ अउर मोर लहू सच-सच पियइवाली चीज अहइ। 56 जउन मोर माँस खात ह अउर मोर लहू पियत ह, उ मोरे मँ रहत ह अउर मइँ ओहमाँ समाइ जाइत हउँ। 57 इ बात बिल्कुल उहइ तरह अहइ कि जइसे जिअत-पिता मोका भेजे अहइ, अउर उहइ परमपिता क कारण मइँ जीवित अहउँ ठीक उहइ तरह जउन मनई खात रही, उ मोरे कारण जीवित रही। 58 इ उहइ रोटी अहइ जउन सरग स उतरी अहइ। इ रोटी वइसे नाहीं अहइ जइसे मोरे पचे क पूर्वजन खाए रहेन। अउर बाद मँ उ सब मरि गएन। जउन मनई इ रोटी क खात रही, उ हमेसा जिन्दा रही।” 59 ईसू इ सब बात कफरनहूम आराधनालय मँ सिच्छा देत कहे रहा। 60 जब ईसू क चेलन क इ बात पता चली तउ उ कहेन्ह, “इ सिच्छा बहुतइ कठिन अहइ, एका कउन सुनि सकत ह” 61 ईसू क खुदइ पता चलि गवा रहा कि ओनके चेलन क उपदेस क बारे मँ सिकायत रही। एह बरे उ ओनसे कहेस, “का इ उपदेस तोहका ठेस पहुँचावत ह 62 अइसी बात अहइ कि तउ तोहका अगर मनई क पूत क जहाँ उ पहिले रहा, हुवाँ फिन लौटत देखइ क पड़इ तउ का होई? 63 आतिमा उहइ अहइ जउन जीवन देत ह। सरीर क कउनो उपयोग नाहिं बाटइ। जउन बात मइँ तोहसे कहे बाटेउँ, उहइ आतिमा अहइ अउर उहइ जीवन देत ह। 64 मुला तोहरे पचे क बीच मँ कछू मनई अइसे अहइँ, जउन ओहमाँ बिसवास नाहीं करतेन।” (ईसू तउ सुरू मँ इ जानत रहा कि उ पचे कउन मनई अहइँ, जउन बिसवास नाहीं करत अहइँ अउर उ मनई कउन बा जउन ओका धोखा देइ।) 65 ईसू फिन कहेस, “इहइ बरे मइँ तोहसे कहे अहउँ, ‘मोरे पास तब तलक कउनो नाहीं आइ सकत जब तलक कि परमपिता ओका मोरे पास आवइ क इजाजत न देइ।” 66 इहइ कारण रहा कि ईसू क ढेर चेलन लौट गएऩ। अउर फिन कबहूँ ओकरे पाछे नाहीं चलेन। 67 फिन ईसू अपने बारहु प्रेरितन स कहेस, “का तू पचे भी जाइ चाहत अहा?” 68 समौन परतस जवाब दिहेस, “पर्भू हम पचे केहिके लगे जाइ? उ सब्दन तउ तोहरे लगे अहइँ जउन अनन्त जीवन देत ही। 69 अब हम पचे तोह पर बिसवास करित ह अउर हम जानित ह कि तू सबसे पवित्तर अहा जेहिका परमेस्सर भेजे अहइ।” 70 ईसू ओनका इ जवाब दिहेस, “का तोहका बारहु प्रेरितन का मइँ नाहीं चुने अहउँ। मुला तोहरे बीचे मँ एक ठु सइतान अहइ।” 71 उ समौन इस्करियोती क बेटवा यहूदा क बारे मँ कहत रहा, जउन ईसू क धोखा देइवाला रहा। बारह प्रेरितन मँ उहइ एक रहा।

John 7:1 ओकरे बाद ईसू गलील चला गवा। उसने यहूदिया मँ यात्रा न करइ का निस्चय किहेस। काहेकि यहूदी ओका मारि डावा चाहत रहेन। 2 यहूदियन क कुटीर क त्यौहारआवइवाला रहा। 3 इ बरे ईसू क भाइयन ओसे कहेन, “तोहका इ जगहा छोड़िके यहूदिया चला जाइ चाही। जइसे कि तोहार चेलन तोहार अद्भुत कारजन देख पावइँ। 4 कउनो मनई जउन सब मनइयन क बीच मँ मसहूर होइ चाहत ह, आपन कारज छिपाइ क नाहीं करत। तू तउ अद्भूत कारजन करत ह, इ बरे समूचे संसार मँ अपुना क परगट करा।” 5 (ईसू क भाइयन ओहमाँ बिसवास नाहीं करत रहेन।) 6 ईसू ओनसे कहेस, “मोरे बरे अबहीं तब नीक समइ नाहीं आवा बाटइ। मुला तोहरे बरे सबइ समइ नीक अहइ। 7 इ दुनिया तोहसे घिना नाहीं कइ सकत मोसे तउ घिना करत ह। मोसे घिना करइ क कारण इ बाटइ कि मइँ सब क कहत फिरत हउँ, कि तोहार इ कारज बुरा अहइ, 8 इ त्यौहार मँ तू पचे जा मइँ एहि बार न जाब, मोर नीक समइ अबहीं नाहीं आइ बाटइ।” 9 इ कहिके ईसू गलील मँ रूक गवा। 10 तब ओकर सब भाई त्यौहार मँ चला गएन तब उहउ चला गवा। उ खुलेआम नाहीं गवा मुला छुप छुपके उहइ हुवाँ पहुँच गवा। 11 यहूदी ओका त्यौहार मँ इ कहत खोजत फिरत रहेन, “उ मनई कहाँ अहइ?” 12 ईसू क बारे मँ उ भीड़ मँ छिप छिप क तरह तरह क बातन होत रहिन। कछू मनई कहत रहेन, “उ नीक मनई बाटइ” मुला दूसर कछू मनई कहत रहेन, “नाहीं, उ तउ सबका भटकावत अहइ।” 13 ओकरे बारे मँ कउनो भी खुलिके नाहीं बतियात रहा, काहेकि उ पचे यहूदी क नेता स डेरात रहेन। 14 जब उ त्यौहार करीब करीब आधा बीत गवा तब ईसू मन्दिर मँ गवा अउर उपदेस देब सुरू कइ दिहेस। 15 यहूदी क नेता क बहुत अचरज भवा अउर उ पचे कहेन, “इ मनई आज तक कउनो पाठसाला मँ पढ़इ क बरे नाहीं गवा, इ कइसे ऍतनी गियान क बात करत बाटइ?” 16 ऍकरे जवाब मँ ईसू ओनसे कहेस, जउन सिच्छा देत अहउँ, उ मोर आपन नाहीं अहइ, इ हुवा स आवत अहइ, जउन मोका भेजेस ह। 17 अगर मनई उ करइ चाहत ह, जउन परमेस्सर क इच्छा अहइ, तउ उ जान जाई कि जउन सिच्छा मइँ देत अहउँ, उ ओकर अहइ या मइँ अपनी ओर स देत अहउँ 18 जउन अपनी ओर स बोलत ह, उ अपने बरे प्रसिद्धि चाहत ह, मुला सच्चा उ मनई अहइ जउन खुदइ प्रसिद्धि पावा न लइके ओका देइ क कोसिस करत ह, जउन ओका भेजे अहइ। ओहमाँ फिन कउनो तरह क खोट नाहीं रहत। 19 का तू पचन क मूसा व्यवस्था क दिहे अहइ? मुला तोहरे मँ स कउनो ओकर पालन नाहीं करत। तू मोका मार डावइ क कोसिस काहे बरे करत अहा?” 20 उ लोग इ जवाब दिहेन, “तोहरे ऊपर दुस्ट आतिमा चढ़ी अहइ जउन तोहका मार डावइ क कोसिस करत बाटइ।” 21 एकरे जवाब मँ ईसू कहेस, “मइँ एक चमत्कार करम करेउँ अउर तू पचे चकराइ गया। 22 इहइ कारण रहा कि मूसा तू पचन क, खतना क नियम दिहे रहा (इ नियम मूसा का नाहीं बरन, इ तउ तोहरे पूर्वजन स चला आवत रहा।) अउर तू सब क दिन लरिकन क खतना करत ह। 23 अगर सबित क दिन कउनो क खतना इ बरे करइ जात ह कि मूसा क विधान बचा रहइ, उ टूटइ न पावइ तउ तू पचे मोरे ऊपर काहे गुस्सा करत अहा कि मइँ सबित क दिन एक मनई क एकदम ठीक कइ दीन्ह 24 जउऩ बात जइसे देखात अहइ, उहइ तरह ओहपइ निआव न करइ चाही, जउन एकदम ठीक बात होइ उहइ क आधार प निआव होय चाही।” 25 फिन यरुसलेम मँ रहइवाले लोगन मँ स कछू कहेन, “का इहइ तउ उ मनई नाहीं अहइ जेहिका उ लोग मार डावा चाहत अहइँ? 26 मुला देखा; उ तउ सब मनइयन क बीच मँ बोलत अहइ अउर कउनो ओसे कछू नाहीं कहत अहइँ। का इ बात नाहीं होइ सकत कि यहूदी नेता क पता होइ ग होइ कि इहइ मसीह अहइ। 27 खैर हम सबका तउ पता होइ ग अहइ कि इ कहाँ स आइ बाटइ। जब असली मसीह आइ जाइ तउ कउनो न जान पाइ कि उ कहाँ स आवा।” 28 ईसू जब मन्दिर मँ उपदेस देत रहा तउ बड़े जोर स कहेस, “तू पचे मोका जानत अहा अउर इहउ जानत अहा कि मइँ कहाँ स आएउँ। मइँ अपनी कइँती नाहीं आइ अहउँ। मइँ ओकरे पास स आएउँ ह जउन मोका भेजे अहइ, उहइ सच्चा अहइ, तू पचे ओका नाहीं जानत अहा। 29 मुला मइँ ओका जानत अहउँ, काहेकि मोका उहइ पठएस।” 30 फिन उ पचे ओका बन्दी बनाइ क जतन करइ लागेन मुला कउनो ओह पइ हाथ नाहीं डाइ पाएस, एह बरे कि ओकर समइ अबहीं पूरा नाहीं भवा रहा। 31 तमाम मनई ओकरे मँ बिसवास करइ लागेन अउर कहइ लागेन, “जब मसीह आई तउ उ जेतना अद्भुत कारजन इ करत बा ओसे जियादा उ थोड़ा कइ पाई। का उ अइसा करी?” 32 फरीसियन इ सुनेन कि भीड़ मँ तमाम मनई चुप्पे चुप्पे ईसू क बारे मँ कहत रहेन्ह अउर मुख्ययाजक अउर फरीसियन मन्दिर क सिपाहियन क ईसू क गिरफ्तार करइ बरे भेजेन। 33 फिन ईसू बोला, मइँ तू पचेन्क साथ कछू समी तलक अउ रहब, फिन ओकरे पास वापिस लौट जाब, जउन मोका हियाँ भेजे अहइ। 34 तू पचे मोका ढूँढ़िब्या मुला ढूँढ़ि न पउब्या। काहेकि तू पचे हुवाँ तलक न जाइ पाउब्या जहाँ मइँ रहब।” 35 ऍकरे बाद यहूदी आपस मँ बतियाइ लागेन, “इ कहाँ जाइवाला अहइ, जहाँ हम पचे एँका न ढूँढ़ि पाऊब। साइत ह हुवाँ तउ नाहीं जात अहइ जहाँ हमार मनइयन यूनानी नगरन मँ तितर बितर होइके रहत हीं। का इ यूनानियन मँ उपदेस देई? 36 जउन इ कहत अहइ, ‘ओकर क मतलब अहइ?’ जउन इ कहत अहइ, ‘तू मोका ढूँढ़ि न पउब्या अउर जहाँ मइँ रहब, हुवाँ तू पहुँच नाहीं सकत ह।’“ 37 त्यौहार क आखिरी अउर जरूरी दिन ईसू ठाढ़ भवा अउर ऊँची आवाज मँ कहेस, “अगर कउनो पियासा अहइ तउ मोरे पास आवइ अउर पियइ। 38 जउन मनई मोरे मँ बिसवास करत ह, जइसा कि पवित्तर सास्तर मँ लिखा अहइ, ओकरे पवित्तर आतिमा स जीवन जल क नदियन फूट पड़िहइँ।” 39 ईसू इ पवित्तर आतिमा क बारे मँ बताए रहा। जेहिका उ पचे पइहीं जउन ओहमा बिसवास करत हीं, उ पवित्तर आतिमा अबहीं तलक नाहीं दीन्ह गइ अहइ, काहेकि ईसू अबहीं तलक महिमावान नाहीं भवा अहइ। 40 भीड़ क कछू मनई जउन इ सुनेन तउ कहइ लागेन, “इ मनई सच मँ नबी अहइ।” 41 कछू अउर मनई कहत रहेन, “इहइ मनई मसीह अहइ।” कछू अउर मनई कहत रहेन, “मसीह गलील स न आई।” का इ होइ सकत ह 42 का पवित्तर सास्तर मँ नाहीं लिखा अहइ कि मसीह दाऊद क लरिका होई अउर बैतलहम स आई जउने सहर मँ दाऊद रहत रहा।” 43 ऍह तरह स ईसू क मनइयन मँ सब मनइयन क बीच मँ फूट पड़ि गइ। 44 कछू लोग ओका बन्दी बनावा चाहत रहेन मुला कउनो ओकरे प हाथ नाहीं डाएन। 45 इ बरे मन्दिर क सिपाही मुख्ययाजक अउर फरीसियन क पास लौट आएन। एहि पइ ओनसे पूछा गवा, “तू ओका पकरिके काहे नाहीं लाया?” 46 सिपाहियन क जवाब रहा, “कउनो मनई आज तक अइसे नाहीं बोला, जइसे उ बोलत ह!” 47 ऍहि पइ फरीसियन ओनसे कहेन, “का तू पचे भरमाइ ग अहा? 48 कउनो यहूदी नेता या फरिसियन ओकरे मँ कबहुँ बिसवास नाहीं करे अहइँ। 49 मुला जउन मनइयन क व्यवस्था क जानकारी नाहीं अहइ, परमेस्सर ओनका सराप देत ह।” 50 नीकुदेमुस ओनसे कहेस इ उहइ रहा जउन पहिले ईसू क पास गवा रहा, इ ओन फरीसियन मँ स एक ठु अहइ, 51 “हमार व्यवस्था क तब तलक कउनो क दोखी नाहीं ठहरावत जब तलक ओका सुनि नाहीं लेत अउर इ पता नाहीं लगाइ लेत कि उ कउन करम करे अहइ।” 52 ऍकरे जवाब मँ उ पचे ओसे कहेन, “का तू भी गलील क अह्या? सास्तर क पढ़े स पता चलत ह कि गलील स कउनो नबी कबहूँ नाहीं आई।” 53 फिन उ पचे हुवाँ स अपने घर चला गएन।

John 8:1 अउर ईसू जैतून पर्वत प चला गवा। 2 एकदम सबेरे उ फिन मन्दिर मँ गवा। सब मनई ओकरे पास आएन। ईसू बइठके ओनका सबेन्हका उपदेस देइ लाग। 3 तबहीं धरम सास्तरी अउर फरीसी लोग व्यभिचार क अपराध मँ एक ठु स्त्री क पकरि लइ आएन। अउर ओका सबके सामने ठाढ़ करि दिहेन्ह। 4 अउर ईसू स कहेन्न, “हे गुरू, इ स्त्री व्यभिचार करत रंग हाथ पकड़ी गइ अहइ। 5 मूसा क व्यवस्था हमका पचेन्ह क आदेस देत ह क अइसी स्त्री क पाथर मारइ चाही। अब बतावा तोहार क कहब अहइ?” 6 ईसू क अजमावइ क बरे उ सबेन्ह पूछत रहेन्ह जइसे कि ओनका सबन्क ओकरे खिलाफ कउनो अभियोग लगावा जाइ सकइ। मुला ईसू नीचे झुका अउर अपनी अंगुरी स जमीन प लिखिइ लाग। 7 यहूदी नेता पूछत जात रहेन्ह, इ बरे ईसू सोझ सोझ तनि क ठाढ़ि होइ गवा अउर ओनसे कहेस, “तोहरे सब मँ स जउन मनई पापी न होइ, सबसे पहिले उहइ इ स्त्री क पाथर मारइ।” 8 अउर फिन उ झुक कर जमीन प लिखइ लाग। 9 जब सब मनई इ सुनेन्ह तउ सबसे पहिले बुढ़वा मनइयन अउर फिन एक एक कइके हुवाँ स खिसकइ लागेन अउर हुवाँ अकेले ईसू बचा रहा। ईसू क सामने उ स्त्री अबहीं तलक ठाढ़ि रही। 10 ईसू खड़ा भवा अउर उ स्त्री स कहेस, “ऐ स्त्री, उ पचे कहाँ चला गएन। का तोहका कउनो दोखी नाहीं ठहराएस?” 11 उ स्त्री बोली, नाहीं महासय! कउनो नाहीं।”ईसू कहेस, “मइँ भी तोहका दण्ड न देब। जा अउर अब फिन कबहूँ पाप न करिउ।” 12 फिन हुवाँ मौजूद मनइयन स ईसू कहेस, “मइँ दुनिया क ज्योति अहउँ, जउन मोरे पाछे चलत ह, उ कबहुँ अंधेरे मँ नाहीं रहत। ओका तउ उ ज्योति मिली जउन जीवन देत ह।” 13 इ सुनिके फरीसियन ओनसे कहेन, “तू आपन साच्छी खुदइ देत अहा, इ बरे तोहार साच्छी न मानी जाई।” 14 एकरे जवाब मँ ईसू ओनसे कहेस, “जदि मइँ आपन साच्छी अपनी कइँती स आप देत अहउँ, तबहूँ मोर साच्छी सही अहइ, काहेकि मइँ इ जाना चाहित ह, कि मइँ कहाँ स आवा अहउँ अउर कहाँ जात अहउँ। 15 तू पचे मनइयन क बनाए नेमॅन प निआव कहत ह, मइँ कउनो क निआव नाहीं करत अहउँ। 16 जदि मइँ निआव करी तउ मोर निआव उचित होइ। काहेकि मइँ अकेलि नाहीं अहउँ, बल्कि परमपिता जउन मोका हियाँ भेजे अहइ, दुइनउँ मिलके निआव करित ह। 17 तोहरे व्यवस्था मँ लिखा अहइ कि दुइ मनइयन क साच्छी सच्ची होत ह। 18 मइँ आपन साच्छी खुदइ देत अहउँ अउ परमपिताा, जउन मोका भेजे अहइ, मोरी ओर स साच्छी देत ह।” 19 इ सुनिके उ सब मनइयन ओसे कहेन, “तोहार परमपिता कहाँ अहइ?” ईसू जवाब दिहेस, “न तउ तू पचे मोका जानत अहा अउर न तउ मोरे परमपिता क। जदि तू मोका जानत होत्या, तउ मोरे परमपिता क जानि लेत्या।” 20 मंदिर मँ उपदेस देत भए जउन मनई भेंट पात्रन क पास रहेन, ओनसे इ बात ईसू कहेस। मुला कउनो ओकाा बन्दी नाहीं बनाएस, काहेकि ओकर समइ अबहीं नहीं रहा। 21 ईसू ओनसे एक बार फिन कहेस, “मइँ चला जाब अउर तू पचे मोका खोजब्या। मुला तू पचे अपने पापन क कारण मरि जाब्या। जहाँ मइँ जात अही तू पचे हुँवा नाहीं आइ सकत ह।” 22 फिन यहूदी कहइ लागेन, “का तू इ सोचत अहा। कि उ खुदकुसी करइवाला अहइ? काहेकि उ कहेस ह, ‘तू पचे हुवाँ नाहीं आइ सकत ह जहाँ मइँ जात अहउँ। 23 एह पइ ईसू ओनसे कहेस, “तू पचे नीचे क अहा अउर मइँ ऊपर स आवा हउँ, तू पचे संसारिक अहा अउर मइँ इ दुनिया मँ नाहीं हउँ। 24 इ बरे मइँ तू सबन स कहत हउँ तू पचे अपने पाप मँ मरि जाब्या। जब तू बिसवास नाहीं करत अहा कि उ मइँ अहउँ। तउ तू अपने पाप मँ मरि जाब्या।” 25 उ पचे ईसू स फिन पूछेन, “तू कउन अह्या?”ईसू ओनका जवाब दिहेस, “मइँ उहइ अहउँ, जइसे कि सुरूआत मँ मइँ तोहका बताए रहेउँ। 26 तू पचेन्क बतावइ क बरे अउर तू पचन क निआव करइ क मोरे पास बहुत कछू अहइ। मुला सच्ची बात इ अहइ कि सत्य उहइ अहइ जउन मोका भेजेस। मइँ उहइ बतावत अही जउन मइँ ओसे सुने अहउँ।” 27 उ पचे इ नाहीं जान पाएन्ह कि ईसू ओनका परमपिता क बाबत बतावत अहइ। 28 फिन ईसू ओनसे कहेस, “जब तू मनई क पूत क ऊँचा उठाय लेब्या तू जान लेब्या कि उ मइँ अहउँ। मइँ अपनी ओस स कछू नाहीं करत अहउँ। मइँ जउन करत अहउँ, इ उहइ अहइ जउन मोका परमपिता सिखाए अहइ 29 अउर उ जउऩ मोका इहाँ भेजेस, उ मोरे साथ अहइ। उ कबहूँ मोका अकेले नाहीं छोड़ेस, इ बरे कि मइँ उहइ कारज करित ह जइसा उ चाहत ह।” 30 ईसू जब इ बात बातवत रहा, तउ बहुत मनई ओकर बिसवासी होइ गएन। 31 ईसू ओन यहूदियन क बतावइ लाग, जउन ओहमाँ बिसवास करत रहेन, “जब तू पचे मोरे उपदेस प चलब्या तउ तू मोर सच्चा चेलन बन जाब्या। 32 अउर सच्चाई क जान लेब्या। अउर सच्चाई तोहका मुक्ति दइ देइ।” 33 इ सुनिके उ सबेन्ह ईसू स पूछेन, “हम सब इब्राहीम क खानदान क अही अउर हम सबे आज तक केहू क गुलामी नाहीं कीन्ह। फिन तू कइसे कहत अहा कि तू पचे छुटकारा पाइ जाब्या?” 34 ईसू ओनका इ जवाब दिहेस, “मइँ तोहसे सच्चाई का बखान करत अहउँ। जउन मनई पाप करत रहत ह, पाप क दास अहइ। 35 अउर कउनो दास परिवार के साथे नाहीं रहि सकत। केवल पूत हमेसा परिवार क साथे रहत ह। 36 इ बरे अगर पूत तोह सबन क छुटकारा देइ सकत ह, तउ तू पचे जरूर छुटकारा पाय जाब्या। मइँ जानत अहउँ तू इब्राहीम क खानदान क अह्या। 37 मुला तू पचे मोरा मारि डावइ क कोसिस करत अहा। काहेकि तू पचे मोरा मारि उपदेस नाहीं मनत्या। 38 मइँ उहइ बतावत अहउँ, जउन मोर परमपिता मोका देखॉएस अउर तू उहइ करत अहा। जउन तोहार पिता तोहका करइ क बताएस ह।” 39 इ सुनिके उ पचे ईसू क जवाब दिहेन, “हमरे पिता इब्राहीम अहीं।”ईसू कहेस, “जब तू इब्राहीम क सन्तान होत्या, तउ तू उहइ कारज करत्या जउन कारज इब्राहीम करत रहा। 40 मुला तू पचे तउ मोर जइसे मनई का जउन परमेस्सर स सुनि सच्चाई का बतावत अहइ, मारि डावा चाहत अहा। इब्राहीम तउ अइसा कबहूँ नाहीं किहेस। 41 तू पचे अपने पिता क काम करत अहा।”फिन उ सबेन्ह ईसू स कहेन, “हम सबन उ सबइ गदेलन क तरह नाहीं जउन व्यभिचार क सरूप पइदा भएन ह। हमार केवल एक पिता अहइ, उ अहइ परमेस्सर।” 42 ईसू ओनका जवाब दिहेस, “जदि परमेस्सर तोहार पिता होतइ तउ तू पचे मोका पियार करत्या, काहेकि मइँ ही परमेस्सर क पास स आइ अहउँ। अउर अबहीं मइँ हियाँ अहउँ। मइँ अपने आप हियाँ नाहीं आइ बाटी, बल्कि मोका परमेस्सर भेजेस। 43 जउन कछू मइँ बतावत अहउँ ओका तू सबेन्ह काहे नाहीं समझत अहा? एकर कारण इ अहइ कि तू मोर उपदेस नाहीं स्वीकार करत अहा। 44 तू सबेन्ह अपने पिता सइतान क सन्तान अह्या अउर तू सबेन्ह अपने पिता क इच्छा प चलइ चाहत अहा। उ सुरूआतइ स एक हत्यारा रहा अउर सच्चाई क तरफदारी कबहूँ नाहीं करेस। काहेकि ओहमाँ सच्चाई क कउनो हिस्सा नाहीं रहा। जब उ झूठ बोलत ह तउ सहल भाव स बोलत ह, काहेकि उ झूठा अहइ अउर तमाम झूठ क पइदा करत ह। 45 मुला मइँ सच्ची बात कहत अहउँ, तू सबेन्ह इ बरे मोहमाँ बिसवास नाहीं करत अहा। 46 तोहरे मँ स कउन अइसा मनई अहइ जउन मोरे ऊपर लगावा पाप सिद्ध कइ सकत ह। जदि मइँ सत्य कहत अहउँ तउ तू मोर बिसवास काहे बरे नाहीं करत अहा? 47 जउऩ मनई परमेस्सर क अहइ, परमेस्सर क वचन क सुनत ह। तू सबेन्ह मोर बात नाहीं सुनत अहा, इ बरे कि तू सबेन्ह परमेस्सर क नाहीं अह्या।” 48 ईसू क बात क जवाब मँ यहूदियन ईसू स कहेन, “का हमार सबेन्ह क इ बात सच्ची न अहइ कि तू सामरी अह्या अउर तोहरे ऊपर कउनो दुस्ट आतिमा सवार अहइ?” 49 ईसू जवाब दिहेस, “मोरे ऊपर कउनो दुस्ट आतिमा सवार नाहीं अहइ। मइँ तउ अपने परमपिता क आदर करित ह, मुला तू पचे मोर अपमान करत अहा। 50 मइँ आपन महिमा नाहीं चाहत अहउँ मुला एक ठु अइसा अहइ जउन मोर महिमा चाहत ह अउर निआव करत ह। 51 मइँ तोहका सच्ची बात कहत अहउँ कि जउन मनई मोरे उपदेस क अनुसरण करी उ मउत क कबहूँ न देखी।” 52 इ सुनिके यहूदियन ओसे कहेन, “अब हम पचे जानि गए कि तोहरे अन्दर कउनो दुस्ट आतिमा समाइ गइ अहइ। हियाँ तक कि इब्राहीम अउर नबी दुइनउँ मरि गएन मुला तू कहत अहा कि जउन मनई तोहार उपदेस प चली ओकर कबहूँ मउत न होई। 53 एहमाँ कउनो सक नाहीं अहइ कि तू मोरे पिता इब्राहीम स बड़ा नाहीं अहा जउऩ कि मर गवा। अउ नबियन क मउत होइ गइ। मुला तू पता नाहीं का सोचत अहा? तू अह्या के?” 54 ईसू जवाब दिहेस, “जदि मइँ अपनी महिमा क बखान करी, तउ ऊ मोर महिमा कछू न अहइ। जउन मोका महिमा देत ह, उ मोर परमपिता अहइ। जेकरे बारे मँ तू दावा करत अहा कि उ तोहार परमेस्सर अहइ। 55 तू पचे ओका कबहुँ नाहीं जनत्या। मुला मइँ ओका जानत अहउँ जब मइँ कहउँ कि मइँ भी ओका नाहीं जानत अहउँ तउ तोहरे सबेन्ह क तरह मइँ भी झूठा होइ जाब। मइँ ओका अच्छी तरह स जानित ही अउर जउन उ कहत ह ओका पालन करित ही। 56 तोहार पिता इब्राहीम इ जानिके कि उ अइसा दिन देखी जब मइँ आउब, तउ उ आनन्द स भरि भवा रहा: उ एका देखेस अउर बहुत खुस भवा।” 57 फिन यहूदियन ओसे कहेन, “तू अबहीं पचास बरिस क भी नाहीं अहा अउर तू इब्राहीम क लखि लिहा।” 58 ईसू एकरे जवाब मँ कहेस, “मइँ तोहका सत्य बतावत अहउँ कि इब्राहीम स पहले भी मइँ रह्यो, मइँ अहउँ।” 59 इ सुनिके उ सबेन्ह ईसू क मारइ क बरे बड़ा बड़ा पाथर उठाइ लिहन मुला ईसू लुकत छिपत मन्दिर स चला गवा।

John 9:1 जब उ सबेनह जात रहेन तउ उ एक ठु पैदाइसी आँधर मनई क देखेस। 2 इ देखि क ईसू क चेलन ओसे पूछेन, गुरू, इ मनई आँधर पैदा भवा ह मूला केकरे पाप क कारण उ आँधर भवा ह अपने पाप या अपने महतारी बाप क?” 3 ईसू जवाब दिहेस, “न तउ इ कउनो पाप करे अहइ अउर न एकर महतारी बाप कउनो पाप करे अहइँ। इ एह बरे आँधर पैदा भवा अहइ जइसे कि ऍका नीक कइके परमेस्सर क ताकत देखाई जा सकइ। 4 ओकर काम जउन मोका भेजे अहइ, दिन रहतइ कइ लेइ चाही, काहेकि जब रात होइ जाइ तउ कउनो काम नाहीं होइ पावत। 5 जब तलक मइँ इ दुनियाँ मँ अहइ तब तलक मइँ दुनिया क ज्योति अहउँ।” 6 ऍतना कहिके ईसू जमीन प थूकेस अउर ओसे थोरि क माटी सानेस ओका आँधर मनई क आँखी प मल दिहेस। 7 अउर ओसे कहेस, “जा अउर सीलोह क पोखरा मँ धोइ आवा।” (सीलोह क मतलब अहइ “भेजा भवा।”) अउर फिन उ आँधर जाइके आपन आँखी धोइ आवा। जब उ लौटा तउ ओका देखॅाइ देइ लाग।” 8 फिन ओकर पड़ोसी अउर उ लोग जउऩ ओका भीख माँगत देखत रहेन, कहेन, “का इ उहइ मनई अहइ जउऩ बइठे-बइठे भीख माँगत रहा?” 9 कछू लोग कहेन, “इ उहइ अहइ।” दूसर लोग कहेन, “नाहीं, इ उ मनई न अहइ, उहइ क तरह देखॅात अहइ।” इ सुनिके आँधर मनई कहेस, “मइँ उहइ अहउँ।” 10 इ देखिके उ सबेन्ह ओसे पूछेस, “तोहका आँखी क प्रकास कइसन मिली?” 11 उ जवाब दिहेस, “ईसू नाउँ क एक मनई माटी सानके मोरी आँखी प मलेस अउ मोसे कहेस, जा अउर सीलोह मँ धोइ आवा अउर मइँ जाइके धोइ आएउँ। मोका उहइ वजह स आँखन क प्रकास मिल गवा।” 12 फिन उ सबेन्ह ओसे पूछेन, “उ कहाँ अहइ?” उ जवाब दिहेस, “मोका पता नाहीं अहइ।” 13 उ मनई जउन पहिले आँधर रहा, उ सबेन्ह ओका फरीसियन क पास लइ गएन। 14 जउने दिन ईसू, माटी सानके अँधरे क आँखी क प्रकास दिहे रहा। उ सबित क दिन रहा। 15 ऍह तरह फरीसियन ओसे एक बार फिन पूछइ लागेन, “उ अपने आँखिन क प्रकास कइसे पाएस?”उ बताएस, “उ मोरी आँखी प गीली माटी लेपेस अउर मोसे कहेस, जा धोइ ल्या,’ मइँ धोइ लीन्ह अउर अब देख सकित हउँ।” 16 कछू फरीसी कहइ लागेन, “इ मनई परमेस्सर क तरफ स न अहइ, एह बरे कि इ सबित क पालन नाहीं करत।” एक क सुनिके दूसर मनई बोलेन, “कउनो पापी मनई भला ऍतना अदूभुत कारजन कइसे कइ सकत ह” इ तरह स ओनके बीच मँ आपस मँ मतभेत होइ लाग। 17 फिन यहूदी नेतन उ आँधर मनई स बोलेन, “ओकरे बाबत तू का कहत अहा? एह बरे कि तू जानत अहा कि उ तोका आँखी दिहे अहइ।” 18 यहूदी नेतन ओह समइ तक ओकरे ऊपर बिसवास नाहीं करत रहेन, कि उ मनई आँधर रहा अउर ओकरे आँखिन का प्रकास मिल गवा। जब तक ओकरे महतारी बाप क बोलाइके 19 उ पचे इ नाहीं पूछ लिहेन कि, “का इ तोहार बेटवा अहइ जेकरे बारे मँ तू कहत अहा कि वह आँधर रहा। फिन इ कइसे होइ सकत ह कि अब उ देख सकत ह” 20 इ सुनिके ओकर महतारी बाप जवाब देत कहेन, “हम जानित ह कि हमार बेटवा अहइ अउर हमार बेटवा पैदाइसी आँधर रहा। 21 मुला हम इ नाहीं जानित कि अब उ कइसे देख सकत ह अउर न तउ हम इ जानित थी कि एका आँखिन मँ प्रकास के दिहेस। अब इहइ स पूछा, इ काफी बड़ा होइ गवा अहइ। अपने बावत इ खुदइ बताय सकत ह।” 22 ओकर महतारी बाप इ बात इ बरे कहे रहेन कि उ यहूदी नेतन स डेरात रहेन। काहेकि उ पहिले स निस्चय कइ चुका रहेन कि जउन मनई ईसू क मसीह मानी तउ ओका आराधनालय स निकार दीन्ह जाई। 23 इ बरे ओकर महतारी बाप कहेन, “उ काफी बड़ा होइ गवा अहइ स पूछा।” 24 यहूदी नेतन उ मनई क जउऩ आँधऱ रहा दूसरी बार बोलाएन, अउर कहेन, “सही सही बोल, अउर जउन तू नीक होइ ग अहा ओकर महिमा परमेस्सर क द्या। हमका पता अहइ कि इ मनई पापी अहइ।” 25 इ सुनिके उ जवाब दिहेस, “मइँ इ नाहीं जानित कि उ पापी अहइ कि नाहीं, मइँ तउ इहइ जानित ह कि मइँ आँधर रहेउँ अउर अब मइँ देख सकित ह।” 26 इ सुनिके उ सबइ ओसे पूछेन, “उ तोहका का किहेस? उ तोहका कइसे आँखी दिहेस?” 27 उ मनई ओऩ सबेन्ह क जवाब दिहेस, “मइँ तउ तोहका बताय चुका अहउँ मुला तू मोर बात सुनतइ नाहीं अहा। तू फिन स काहे उहइ बात सुना चाहत अहा? का तू ओकर चेलन बना चाहत अहा?” 28 इहइ बात प उ पचे ओकर बेइज्जती करेन अउर कहेन, “तू ओकर चेला अहा अउर हम सबेन्ह मूसा क चेलन अही। 29 हम सब जानित ही कि परमेस्सर मूसा स बतियात रहा, मुला हम सबेन्ह इ नाहीं जानित कि इ मनई कहाँ स आइ बाटइ?” 30 एकर जवाब देत उ मनई ओनसे कहेस, “बड़ी अचरज की बात अहइ कि तू सबेन्ह इ नाहीं जानत अहा कि उ कहाँ स आइ बाटइ? मुला मोका आँखिन क प्रकास उहइ दिहेस। 31 हम पचे जानित ह कि परमेस्सर पापियन क नाहीं सुनत, उ तउ ओनकइ सुनत ह जउऩ समर्पित अहइँ अउर उहइ परमेस्सर क जउन इच्छा रहत ह, उहइ करत ह। 32 आज तलक इ कबहूँ सुना नाहीं ग रहा कि कउनो आँधरे मनई क कहूँ आँखी क प्रकास दिहे रहा। होइ। 33 जब मनई परमेस्सर क तरफ स नाहीं आइ अहइ तउ उ इ सब कछू नाहीं कइ सकत।” 34 ऍकरे जवाब मँ उ सबइ कहेन, “तू हमेसा स पापी रह्या, जब स तोहार जनम भवा। अउर आज तू हम सबका सिखावइ चला अहा?” इ कहिके यहूदी नेतन ओका धकियाइके बाहेर निकार दिहेन। 35 ईसू इ सुनेस कि यहूदी नेतन ओका धकियाइके बाहर निकार दिहेन तउ ओसे मिलके उ कहेस, “का तू मनई क पूत मँ बिसवास करत ह” 36 एकरे जवाब मँ उ मनई बोला, “हे प्रर्भू, इ बतावा कि मनई क पूत कउन अहइ? इ बरे कि मइँ ओकरे मँ बिसवास करइ लागाऊँ!” 37 ईसू ओहसे कहेस, “तू ओका लखि चुका अह अउर उ उहइ मनई अहइ जेहसे तू इ समइ बात करत अहा।” 38 फिन उ कहेस, “पर्भू, मइँ बिसवास करित हउँ!” अउर उ फिन ओकरे सामने ओनके गोड़वा पइ गिर गवा। 39 ईसू कहेस, “मइँ इ दुनिया मँ निआव करइ क बरे आइ अहउँ, जइसे कि जउन देखि नाहीं सकत अहइँ, उ देखइ लागइँ अउर जउन देखत अहइँ, उ सबइ आँधर होइ जाइँ।” 40 कछू फरीसी जउन ईसू क साथे रहेन, इ सुनिके ईसू स कहेन, “हम सब जरूर आँधर नाहीं अही। का हम पचे आँधर अही?” 41 ईसू ओनसे कहेस, “जदि तू आँधर होत्या तउ तू पापी न होत्या मुला जइसे तू सबेन्ह कहत अहा कि देख सकत अहा, इ बरे तू सबेन्ह जरूर पापी अहा।”

John 10:1 ईसू कहेस, मइँ तोहसे सच्ची बात बतावत अहउँ कि जउऩ मनई भेड़िन क बाड़े मँ दरवाजा स न घुसिके कउनो अउर रस्ते स घुसत ह तउ, उ चोर अहइ, लुटेरा अहइ। 2 मुला जउन मनई दरवाजे स घुसत ह, उ भेड़िन क चरवाहा अहइ। 3 दरवाजे क रखवाला ओकरे बरे दरवाजा खोल देत ह, अउर भेड़न क ओकर आवाज सुनत हीं। अपनी भेड़िन क नाउँ लेइ लेइ पुकारत ह अउर ओऩका बाड़े स बाहर निकारत ह। 4 जब उ आपन सब भेड़ निकार लेत ह तउ ओऩके आगे-आगे चलत ह अउर भेड़िन सब ओका पिछुआय लेति हीं, काहेकि उ ओकर आवाज पहिचानात हीं। 5 भेड़ कबहूँ कउनो अजनबी मनई क नाहीं पिछुआय लेतिन। ओसे उ दूर भागत हीं, काहेकि उ अजनबी क आवाज नाहीं पहिचनतिन।” 6 ईसू नजीर देइके ओऩका सबका समझावा चाहत चाहत रहा, मुला ओन सबकी समझ मँ इ बात नाहीं आइ कि ईसू ओऩका बतावत अहइ। 7 तब ईसू ओनसे फिन कहेस, “मइँ तोहका सच्ची सच्ची बात बतावत अहउँ, कि भेड़िन क बरे दरवाजा मइँ अहउँ। 8 उ सबेन्ह जउन मोसे पहिले आइ रहेन, चोर अउर लुटेरा अहइँ। मुला भेड़िन ओनके बात नाहीं सुनिन। 9 मइँ दरवाजा अहउँ। जदि कउनो मोसे होइके भीतर घुसइ चाहत ह, तउ ओकर बचाव होइ, उ अन्दर जाइ सकत ह अउर बाहर जाइ सकत ह अउर ओका चारागाह मिल जाई। 10 चोर केवल चोरी करइ क बरे, कतल करइ क बरे अउर सत्यानास करइ क बरे आवत ह। मुला मइँ इ बरे आइ अहउँ कि सब मनई भरपूर जिन्नगी पाइ सकइँ। 11 मइँ अच्छा चरवाहा अहउँ। नीक चरवाहा भेड़िन क बरे आपन जान तक देइ देत ह। 12 मुला जउन केराए क मजदूर होत ह, उ चरवाहा न होइ क कारण, भेड़िया क आवत देखिके भेड़िन क छाँड़िके भाग जात ह, काहेकि उ भेड़ ओकर तउ रहत नाहीं। भेड़िया ओनके ऊपर हमला कइके ओनका छितराय देत ह। 13 इ बरे भाग जात ह, काहेकि उ रोजमरर्ा की मजूरी पर काम करत ह अउर ओका भेड़िन क गिन क कउनो परवाह नाहीं रहत। 14 “मइँ नीक चरवाहा अहउँ। आपन भेड़िन क मइँ जानित ह अउर मोर भेड़िन मोका वइसे जानत हीं, जइसे परमपिता मोका जानत ह अउ मइँ परमपिता क जानित ह। अपनी भेड़िन क बरे मइँ आपन जान दइ देइत हउँ। 15 16 मोर अउर भेड़िन अहइँ जउन इ बाड़ा क न अहीं। मोका ओनहूँ क लियावइ क अहइ। ओनहूँ मोर आवाज सुनिहइँ अउर इहइ बाड़ा मँ आइके एकट्ठी होइ जइहीं। फिन एक भेड़िन क समूह क एक चरवाहा रही। 17 परमपिता मोसे इहइ बरे पिरेम करत ह काहेकि मइँ आपन जान देइ देइत ह। मइँ आपन जिन्नगी इ बरे दइ देइत ह जइसे मइँ एका फिन पाइ जाई। कउनो हमसे ऍका लइ नाहीं लेत 18 मइँ खुदइ अपनी इच्छा स ऍका दइ देइत ह। मोका ऍका फिन वापस लेइ क अधिकार भी अहइ। इ आदेस मोका परमपिता स मिला अहइ।” 19 एन सब्दन सुनिके यहूदियन मँ फिन स फूट पैदा होइ गइ। 20 बहुत इ कहइ लागेन, “इ तउ पगलाइ गवा अहइ। एकरे ऊपर कउनो बुरी दुस्ट आतिमा सवार अहइ। तू सबेन्ह काहे बरे एका सुनत अहा।” 21 दूसर कछू मनई कहइ लागेन, “इ सब्दन अइसे मनई क नाहीं होइ सकत जेकरे ऊपर दुस्ट आतिमा सवार होइ। कउनो दुस्ट आतिमा कबहूँ कउनो आँधर क आँखी नाहीं दइ सकत।” 22 फिन यरुसलेम मँ समर्पण क त्यौहारआइ गवा। जाड़ा का दिन रहा। 23 ईसू मन्दिर मँ सुलैमान क दलान मँ ठहरत रहा। 24 उहइ समइ यहूदियन ओकाा घेर लिहेन अउर कहेन, “तू हमका सबेन्ह का कब तलक परेसान करत रहब्या? जदि तू मसीह अह्या तउ साफ साफ बतावा।” 25 ईसू जवाब दिहेस, “मइँ तोहका बताइ चुका अहउँ अउर तू बिसवास नाहीं करत अहा। उ सबइ काम जउन मइँ पिता क नाउँ प करत अहउँ, खुदइ मोर साच्छी अहइँ। 26 मुला तू सबेन्ह बिसवास नाहीं करत अहा, काहेकि तू पचे मोरी भेड़िन मँ स न अह्या। 27 मोर भेड़ मोर आवाज पहिचानत ही अउर मइँ ओनका जानित अहउँ। उ सबइ मोरे पीछे पीछे चलत हीं अउर मइँ ओनका पहिचानित ह। 28 उ सबइ मोरे पीछे पीछे चलत थीं अउर मइँ ओनका अनन्त जीवन देइत ह। ओनकइ कबहूँ नास नाहीं होतइ, अउर न तउ केहू ओनका मोसे छीन पाई। 29 मोर परमपिता ओन सबन क दिहे अहइ, जउन सबसे महान अहइ। ओनका मोरे परमपिता स कउनो भी नाहीं छीन सकत। 30 मोर परमपिता अउर मइँ दुइनउँ एक अही।” 31 फिन यहूदियन ईसू क मारइ क बरे पाथर उठाइ लिहन। 32 ईसू ओनसे कहेस, “अपने परमपिता क तरफ स मइँ तू पचे क बहुत नीक नीक कारज देखाएउँ। ओहमाँ स कउने काम क एवज मँ तू सबेन्ह मोका पत्थर मारइ चाहत अहा?” 33 यहूदियन जवाब दिहेन, “हम पचे तोहरे ओन सभी नीक काम बरे पाथर नाहीं मारत अही, मुला इ बरे अइसा करत अही कि तू परमेस्सर क अपमान करे अहा अउर मनई होत भए खुदइ क परमेस्सर कहत अहा।” 34 ईसू जवाब दिहेस, “का इ तोहरे व्यवस्था मँ नाहीं लिखा अहइ, ‘मइँ कहेउँ कि तू सब जने परमेस्सर अह्या?’ 35 का हियाँ परमेस्सर ओनका नाहीं कहा ग अहइ जेनका परमेस्सर क सन्देस मिल चुका बाटइ? (अउर पवित्तर सास्तर क बात काटी नाहीं जाइ सकत) 36 का तू परमेस्सर क अपमान करत अहा ओकरे बरे कहत अहा, जेका परमपिता इ दुनिया मँ अर्पण कइके भेजे अहइ, केवल इ बरे कि मइँ इ कहेउँ, ‘मइँ परमेस्सर क पूत अहउँ?” 37 जदि मइँ अपने परमपिता क कारज नाहीं करत अहउँ तउ मोर बिसवास जिन करा, 38 मुला जदि मइँ अपने परमपिता क कारज करत अहउँ, अउर तू मोर बिसवास नाहीं करत अहा, तउ मोरे कारण बिसवास करा जइसे कि तू इ जानि सका कि पिता मोरे अन्दर अहइ अउर मइँ अपने पिता मँ अहउँ।” 39 इ सुनि क यहूदी एक बार फिन ओका बन्दी बनावइ क कोसिस किहेन मुला ईसू ओनके हाथ स निकरि गवा। 40 ईसू फिन हुआँ स हट कर यरदन क दूसरे पार उ जगह चला गवा जहाँ प यूहन्ना बपतिस्मा देत रहा। ईसू हुवाँ ठहरा, 41 तमाम मनई ओकरे पास आएन अउर कहइ लगेन, “यूहन्ना कउनो अद्भुत कारज नाहीं करेस मुला इ मनई क बारे मँ जउऩ कछू कहे रहा, उ बिल्कुल सही निकरा।” 42 फिन हुवाँ तमाम मनई ईसू मँ बिसवास करइ लागेन।

John 11:1 बैतनिय्याह क लाजर नाउँ क एक ठु मनई बीमार रहा। इ उहइ सहर रहा जहाँ प मरियम अउर ओकर बहिन मार्था रहत रहिन। 2 (मरियम उ स्त्री रही जउऩ पर्भू क ऊपर, इतर डाए रही अउर अपने मूँडे क बारे स ओकर गोड़ पोंछे रही। लाजर नाउँ क रोगी ओकर भाई रहा।) 3 इ बहिनियन ईसू क लगे समाचार भेजे रहिन, “पर्भू, जेहिका तू मया करत अहा उ बीमार अहइ।” 4 ईसू जब इ सुनेस तउ बोला, “इ बीमारी जान लेवा नाहीं अहइ। इ तउ परमेस्सर क महिमा परगट करइ क बरे अहइ। इहइ स परमेस्सर क पूत क महिमा मिली।” 5 (ईसू मार्था ओकर बहिन अउर लाजर क पियार करत रहा) 6 इ बरे जब उ सुनेस कि लाजर बीमार होइ गवा अहइ, तब जहाँ उ ठहरा रहा, हुवाँ दुइ दिन अउर रूक गवा। 7 फिन ईसू अपने चेलन स कहेस, “आवत जा हम सब यहूदिया लौटि चली।” 8 इ सुनिके ओकर चेलन कहेन, “गुरू कछू दिन पहेल यहूदी नेता तोहरे ऊपर पथराव करइ क कोसिस करे रहेन अउर तू फिन हुवाँ जात अहा?” 9 ईसू जवाब दिहेस, “का एक दिन मँ बारह घंटा नाहीं होतेन। जब कउनो मनई दिन क रोसनी मँ चलत ह तउ उ ठोकर नाहीं खात, काहेकि उ इ दुनिया क रोसनी क देखत ह। 10 मुला जदि कउनो रात मँ चलत ह तउ ठोकर खाइ क गिर जात ह, काहेकि रोसनी नाहीं रहत।” 11 उ फिन इ कहेस अउर ओनसे बोला, हमार मीत लाजर अबहीं सोवत अहइ मुला मइँ ओका जगावइ जात अहउँ।” 12 फिन ओकर चेलन ओसे कहेन, “पर्भू, जदि ओका नींद आइ ग अहइ तउ उ नीक होइ जाई।” 13 ईसू लाजर क मउत क बाबत बतावत रहा मुला ओकर चेलन सोचेन कि उ प्राकृतिक नींद क बारे मँ कहत बाटइ। 14 इ बरे ईसू ओनसे साफ साफ कहेस, “लाजर मरि गवा अहइ। 15 मइँ तोहरे बरे खुस अहउँ कि मइँ हुवाँ नाहीं रहेउँ। इ बरे कि अब तू पचे मोरे मँ बिसवास करि सकत ह। आवा अब हम ओकरे पास चली।” 16 फिन थोमा, जेका लोग दिदुमुस कहत रहेन, दूसरे चेलन स कहेस, “आवा हमहूँ सबइ पर्भू क पास चली जइसे कि हमहूँ सबे उहइ क साथे मर सकी।” 17 इ तरह स ईसू चला गवा अउर हुवाँ जाइके उ पाएस कि लाजर क कब्र मँ रखे चार दिन होइ चुका रहेन। 18 (बैतनिय्याह यरूसलेम स करीब तीन किलोमीटर दूर रहा।) 19 भाई क मउत पर मार्था अउर मरियम क तसल्ली दियावइ क बरे अउर तमाम यहूदी नेता आवा रहेन। 20 जब मार्था सुनेस कि ईसू आवा अहइ तउ उ ओसे मिलइ क बास्ते गइ। जबकि मरियम घरे मँ रूकी रही 21 हुआँ जाइके तब मार्था ईसू स कहेस, “पर्भू, जदि तू हियाँ होत्या तउ मोर भाई न मरत। 22 मुला मइँ जानत अहउँ कि तू अबहूँ अगर परमेस्सर स जउऩ कछू मँगब्या, उ तोहका देई।” 23 ईसू ओसे कहेस, तोहार भाई जी उठी।” 24 मार्था ओसे कहेस, “मइँ जानित ह कि पुनरूत्थान क आखिरी दिन लोग जिवावा जइहीं।” 25 ईसू ओसे कहेस, “मइँ पुनरूत्थान क अहउँ मइँ जीवन अहउँ जउऩ मनई मोहमाँ बिसवास करत ह, जी उठी। 26 अउर उ मनई जउन जियत ह अउर मोहमाँ बिसवास करत ह, कबहूँ न मरी। का तू ऍहमा बिसवास करति अहा?” 27 उ ईसू स बोली, “हाँ पर्भू, मइँ बिसवास करित ह कि तू मसीह अह्या, उहइ परमेस्सर क पूत, जउन इ दुनिया मँ आवइवाला रहा।” 28 फिन ऍतना कहिके उ हुवाँ स चली गइ अउर अपने बहन क अकेले मँ बोलाइके बोली, “गुरू हियाँ अहइ, अउर तोहका बोलावत अहइ।” 29 जब मरियम इ सुनेस तउ उ तुरन्त उठिके ओसे मिलइ क चलि दिहेस। 30 ईसू अबहुँ तलक गाँव मँ नाहीं आवा रहा। अबहीं उ उहइ जगह रहा जहाँ मार्था ओसे मिली रही। 31 फिन जउन यहूदी घरे प ओका तसल्ली देत रहेन, जब मरियम क झटपट उठिके जात देखेन तउ इ सोचेन कि उ कब्र प रोवइ क बरे जात अहइ, इ बरे उ पचे ओकरे पीछे चल दिहेन। 32 मरियम जब हुवाँ पहुँची, जहाँ ईसू रहा तउ ईसू क देखिके ओकरे गोड़े प गिर पड़ी अउर बोली, “पर्भू जदि तू हियाँ होत्या तउ मोर भाई न मरत।” 33 ईसू जब ओका अउर ओकरे साथ आए रहेन यहूदियन क रोअत चिल्लात देखेस तउ ओकर आतिमा तड़पइ अउर उ बहुत ब्याकुल होइ लाग। उ बहुत घबराइ गवा। 34 अउर बोला, “तू ओका कहाँ रखे अहा? उ पचे ओसे बोलेन्ह, “पर्भू आवा अउर देखा।” 35 ईसू क फूटि फूटिके रोवइ लाग। 36 इ देखिके यहूदी कहइ लागेन, “देख! इ लाजर क बहोत पियार करत ह!” 37 मुला ओहमाँ स कछू लोग कहेन, “इ मनई जउऩ आँधरे क आँखी दिहेस, का लाजर क मरइ स बचाइ नाहीं सकत?” 38 तउ ईसू अपने मन मँ एक दाई फिन विचलित होइ गवा अउर कब्र कइँती गवा। उ एक गुफा रही अउर ओकर दरवाजा एक ठु चटूटान स ढका रहा। 39 ईसू कहेस, “इ चटूटान क हटावा।”जउऩ मनई मरा रहा, ओकर बहिन मार्था कहेस, “पर्भू अब तलक तउ हुवाँ स गन्ध आवइ लाग, काहेकि ओका दफनाए चार दिन होइ गएन।” 40 ईसू ओसे कहेस, “का मइँ तोह कहे नाहीं कि जदि तू बिसवास करबू तउ परमेस्सर क महिमा का दर्सन पउबू।” 41 तउ उ पचे उ चट्टान क हटाय दिहेन। अउर ईसू आपन आँखी ऊपर उठाइके कहेस, “परमपिता, मइँ तोहार धन्यबाद करत अहउँ, इ बरे कि तू मोर सुनि लिहा। 42 मइँ जानित ह कि तू हमेसा मोर बात सुनि लेत ह मुला मइँ हियाँ चारिउँ तरफ इकट्ठा भीड़ स कहे अही जइसे लोग बिसवास कइ लेइ कि मोका तू भेजे अहा।” 43 इ कहिके उ बड़े जोर की आवाज दइके बोलाएस, “लाजर बाहर आइ जा!” 44 उ मनइ जउन मरि ग रहा, बाहर आइ गवा। ओकर हाथ गोड़ अबहुँ तक कफन स बंधा रहेन। ओकर मुँह कपरा स लिपटा रहा।ईसू ओऩ लोगन स कहेस, “एका खोल द्या अउर जाइ द्या।” 45 एकरे बाद मरियम क साथ आए यहूदियन मँ स तमाम ईसू क इ काम देखिके ओह प बिसवास करइ लागेन। 46 मुला ओहमाँ स कछू फरीसियन क लगे गएन अउर जउऩ कछू ईसू करे रहा, ओऩका बताएऩ। 47 फिन मुख्याजकन अउर फरीसियन यहूदी महासभा क बैठक बोलाएन अउर कहेन, “हमका सबेन्ह क अब का करइ चाही? इ मनई बहुत अद्भुत कारजन देखॅावत अहइ। 48 अगर हम पचे एका अइसे करइ देब तउ ओकरे ऊपर सब बिसवास करइ लगिहइँ अउर इ तरह स रोमी लोग हियाँ आइ जइहीं अउर हमरे मन्दिर क अउर हमरे देस क बरबाद कइ देई।” 49 मुला उ साल क मुख्ययाजक काइफा ओऩसे कहेस, “तू पचे कछू नाहीं जानत अह। 50 अउर तोहका सबेन्ह क इहउ समझ नाहीं अहइ कि इहइ करइ मँ तोहार फायदा अहइ, अपनी सारी जात क बचावइ क बरे सबके फायदे क बरे एक मनई क मारइ क होई।” 51 इ बात उ अपनी तरफ स नाहीं कहे रहा, मुला उ साल क मुख्ययाजक होइ क नाते इ भविस्सबाणी किहे रहा, कि ईसू यहूदी रास्ट्र क बरे मरइ जात अहइ, 52 केवल यहूदी रास्ट्र क बरे नाहीं बल्कि परमेस्सर क सन्तान क बरे जउन तितर-बितर अहइ ओनका इदट्ठा करइ क बदे। 53 इ तरह स उही दिन स उ पचे ईसू क मारइ क साजिस करइ लागेन। 54 ईसू फिन यहूदियन क बीच मँ खुलके नाहीं आवा अउर यरूसलेम छोड़के उ निरजन रेगिस्तान क लगे इफ्राईम सहर जाइके अपने चेलन क साथे रहइ लाग। 55 यहूदियन क फसह क त्यौहार आवइवाला रहा। तमाम मनई अपने अपने गाँव स यरूसलेम चला गएन, जइसे कि फ़सह क त्यौहार क पहले खुद क पवित्तर कइ लेइँ। 56 उ पचे ईसू क खोजत रहेन। इ बरे जदि उ सबेन्ह मन्दिर मँ खड़ा रहेन तउ आपस मँ एक दूसरे स पूछब, सुरू करेन्ह, “तू सबेन्ह का सोचत अहा, का उ इ त्यौहार मँ न आई?” 57 फिन मुख्ययाजकन अउर फरिसियन इ आदेस दिहेन कि कउनो क एकर पता लगावा जाइ कि क कउनो जानत ह कि ईसू कहाँ अहइ, तो उ बताइ देइ, जेहसे कि उ ओका बन्दी बनाइ सकइँ।

John 12:1 फसह क त्यौहार क छ: दिन पहले ईसू बैतनिय्याह कइँती चल दिहेस। हुवाँ लाजर रहत रहा जेहिका ईसू मरे स जिआइ दिहे रहा। 2 हुवाँ ईसू क बरे उ पचे खाना बनवाएऩ। मार्था ओका खाना परोसेस। ईसू क साथे खाना खाइवालेन मँ लाजर सामिल रहा। 3 मरियम जटामॉसी स बनावा आधा आधा लीटर मँहगा इतर ईसू क पैर मँ लगाए स अउर अपने बालन स ओकर पैर पोंछेस। समूचा घर महकइ लाग। 4 ओकरे चेलन मँ एक यहूदा इस्करियोती रहा, जउन ओका धोखा देइवाला रहा, उ कहेस, 5 “इ तरह क 300 चाँदी क सिक्कन मँ बेच के गरीबन क पइसा काहे नाहीं दीन्ह गवा?” 6 ओका गरीबन क कउनो चिन्ता नाहीं रही, इ बरे उ अइसी बात नाहीं कहेस मुला उ खुदइ चोर रहा अउर रूपियन क थैली हमेसा ओकरे पास रहत रही। ओहमाँ जउन रुपिया डावा जात रहा, उ उहइ मँ स चोराइ लेत रहा। 7 तउ ईसू कहेस, “रहइ द्या। ओका छाँड़ि द्या। उ आज इ सब मोका गाड़े जाइ क तैइयारी क वास्ते करेस। 8 गरीब लोग तउ हमेसा तोहरे साथे रहिहीं मुला मइँ तोहरे साथे हमेसा न रहब।” 9 फसह क त्यौहार प आए यहूदियन क तमाम भीड़ क जब पता चला कि ईसू बैतनिय्याह मँ अहइ तउ ओसे मिलइ चल दिहेस। उ भीड़ केवल ईसू स मिलइ क बरे नाहीं आइ रही, मुला लाजर क देखइ क बरे आइ रही। लाजर क मरइ क बाद ईसू फिन जीवित कइ दिहेस रहा। 10 इही बरे मुख्ययाजकन लाजर क भी मारइ क तरकीब सोचइ लागेन। 11 काहेकि ओहि क कारण तमाम यहूदी जनता अपने अपने नेता क छोड़िके ईसू मँ बिसवास करइ लाग। 12 दूसरे दिन फ़सह क त्यौहार प आई भीड़ जब इ सुनेस कि ईसू यरूसलेम आवत अहइ तउ 13 लोग खजूर क टहनी लइके ओसे मिलइ चल पड़ेन। उ पचे गोहरावत रहेन,“होसन्ना! धन्य अहइ उ जउऩ पर्भू क नाउँ स आवत ह, उ जउन इस्त्राएल क राजा अहइ।” भजन संहिता 118:25-26 14 तब ईसू क एक गदहा मिला अउर उ ओकरे ऊपर चढ़ि लिहेस। जइसा कि पवित्तर सास्तर मँ लिखा अहइ: 15 “सिय्योन क पुत्री डेराअ जिन! देखा! तोहार राजा गदहे क बच्चा प बइठके आवत अहइ।” जकर्याह 9:9 16 पहिला तउ ओकर चेलन ओकरे व्यवहार क नाहीं समझ पाएन्ह लेकिन जब ईसू क महिमा परगट भइ तउ समुझ पाएन कि सास्तर मँ ओकरे बारे मँ सब बात लिखी रहिन अउर तमाम मनई क ओकरे बार मँ अइसा बरताब रहा। 17 ओकरे साथ जउन भीड़ रही, उ इ साच्छी दिहेस कि उ लाजर क कब्र स बोलाइके मरे स फिन जिआइ दिहेस। 18 तमाम लोग ओसे मिलइ क बरे इहइ बरे आइ रहेन काहेकि उ पचे सुने रहेन कि इ अद्भुत कारज करइवाला उहइ अहइ। 19 तउ फरीसी आपुस मँ कहइ लागेन, “सोचा तू सबेन्ह कछू नाहीं कइ पावत अहा अउर देखा पूरी दुनिया ओकरे पीछे पड़ गइ अहइ।” 20 फसह क त्यौहार प यरूसलेम मँ आराधना करइवालेन मँ कछू यूनानी रहेन। 21 उ सबेन्ह गलील मँ बैतसैदा क रहइवाले फिलिप्पुस क लगे गएन अउर ओसे विनती करत भए कहइ लागेन, “महासय, हम पचे ईसू क दर्सन करइ चाहत अही।” तउ फिलिप्पुस आइके अन्द्रियास स बाताएस। 22 फिन अन्द्रियास अउर फिलिप्पुस ईसू क पास आइके कहेन। 23 ईसू ओनका जवाब दिहेस, “मनई क पूत क महिमावान होइ क समइ आइ ग बाटइ। 24 मइँ तोहसे सही सही बतावत अहउँ कि जब तलक गोहूँ क एक दाना जमीन प गिरके मर नाहीं जात, तब तक उ एकइ रहत ह, मुला जब उ मरि जात ह तउ अनगिनत दानन क पइदा करि देत ह। 25 जेका आपन जिन्नगी पियारी अहइ उ ओका खोइ देइ, मुला जेका इ दुनिया मँ अपनी जिन्नगी स पिरेम नाहीं अहइ, उ ऍका अनन्त जीवन क वास्ते रखे रही। 26 जदि कउनो मोरी सेवा करत ह तउ जरूर मोर पाछा करत ह अउर जहाँ मइँ अही, हुवाँ मोर सेवक भी रही। जब कउनो मोर सेवा करत ह तउ परमपिता ओकर सम्मान करी। 27 “अब मोर जिअरा घबरात अहइ। मइँ का कहउँ, हे परमपिता, मोका दुःख क इ घड़ी स बचावा? मुला इहइ समइ क बरे तउ मइँ आइ अहउँ। 28 हे परमपिता, अपने नाम क महिमा दूया!”तउ आकासवाणी भइ, “मइँ एकर महिमा किए अहउँ अउर मइँ फिन ऍकर महिमा करब।” 29 तउ हुवाँ मौजूद भीड़ जउन सुने रहेन, कहइ लाग कि कउनो बादर गरजा बाटइ। दूसर इ कहइ लागेन, “कउनो सरगदूत ओसे बतिआन ह।” 30 ऍकरे जवाब मँ ईसू कहेस, “इ आकासबाणी मोरे बरे नाहीं भइ, इ तोहरे बरे भइ रही। 31 अब इ दुनिया क निआव क समइ आइ ग बाटइ। अब इ दुनिया क सासक (हियाँ प मतलब अहइ सइतान) क निकार दीन्ह जाई। 32 अउर जब मइँ धरती क ऊपर उठाइ लीन्ह जाबइ तउ फिन सब लोगन क अपनी ओर खींचब।” 33 उ इ बतावइ क बरे अइसा कहत रहा कि उ कइसी मउत मरइ जात अहइ। 34 इ सुनिके भीड़ ओका जवाब दिहेस, “हम पचे व्यवस्था क इ बात सुने अही कि मसीह हमेसा रही। इ बरे तू कइसे कहत अहा, ‘मनई क पूत क जरूर स ऊपर उठाइ लीन्ह जाई?’ इ ‘मनई क पूत कउन अहइ?” 35 तउ ईसू ओनसे कहेस, “तोहरे बीच मँ ज्योति अबे कछू समइ अउर रही। जब तक ज्योति अहइ, चलत रहा, जइसे कि अँधियारा (पाप) तोहका घेर न लेइ, काहेकि जउन मनई अँधेरे मँ चलत ह, उ इ नाहीं जानत कि कहाँ जात अहइ। 36 जब तक ज्योति तोहरे लगे अहइ, ओहमाँ बिसवास बनाए रखा जइसे कि तू पचे ज्योति क सन्तान होइ सका।” ईसू इ कहिके कहूँ चला गवा अउर ओऩसे छिप गवा। 37 ईसू ओनके सबके सामने तमाम अद्भुत कारजन परगट किहेस मुला उ पचे ओकरे मँ बिसवास नाहीं किएन्ह 38 जइसे कि नबी यसायाह क कहब सही होइ सकइ,“पर्भू, मोरे संदेस प कउन बिसवास किहे अहइ?” काहेकि ऊपर पर्भू क ताकत केह पइ परगट भइ अहइ?” यसायाह 53:1 39 इहइ बरे उ सब बिसवास नाहीं कइ सकेन। काहेकि यसायाह फिन केह रहा, 40 “उ ओनकइ आँखी आँधर अउर ओनकइ हिरदइ कठोर बनाएस जइसे, उ पचे अपनी आँखी स देख न सकइँ अउर बुद्धि स समझ न पावइँ अउर मोरी कइँती न मुड़इँ, जइसे कि मइँ ओऩका चंगा न कइ पाई।” यसायाह 6:10 41 यसायाह अइसा इ बरे कहे रहा, काहेकि उ ओकर महिमा देखे रहा अउर ओकरे बारे मँ बतियान भी रहा। 42 तबहूँ तमाम लोग अइसे रहेन, जेहिमाँ तमाम यहूदी नेतन रहेन जे ओहमाँ बिसवास किएन्ह। मुला फरीसियन क डर क मारे अपने बिस्वास क खुलासा नाहीं किएन्ह, नाहीं तउ ओनका सबेन्ह क पराथना क जगह स निकारि देइ क डर रहा। 43 ओनका सबेन्ह क मनई क दीन्ह सम्मान परमेस्सर क दीन्ह सम्मान स जियादा अच्छा लागत रहा। 44 ईसू बोलॉइके जोर स कहेस, “उ जउऩ मोरे मँ बिसवास करत ह, उ मोरे मँ नाहीं, बल्कि ओकरे मँ बिसवास करत ह जउन मोका भेजेस। 45 अउर जउऩ मनई मोका देखत ह, उ ओका देखत ह जउऩ मोका भेजेस। 46 मइँ दुनिया क रोसनी क तरीके स आवा जइसे कि जउऩ मनई मोरे मँ बिसवास करत ह, उ अँधिरे मँ न रहइ। 47 “जदि कउऩे मनई मोरे बात सही सुनिके ओका नाहीं मानत तबहुँ मइँ ओका अपराधी ठहरावइ क बरे नाहीं आइ अही, मइँ तउ दुनिया क उद्धार क वास्ते आइ अही। 48 जउन मनई मोका नाहीं मानत अउर हमरी बातन क नाहीं मानत, ओकरे बरे एक अहइ जउन ओकर निआव करी। उ उहइ अहइ, अपनी बातन स जेहिका मइँ उपदेस दीन्ह। आखिरी दिन उहइ ओकर निआव करी। 49 काहेकि मइँ अपनी तरफ क कछू नाहीं कहे अही, मइँ परमपिता (परमेस्सर) क आदेस क पालन करत अही, जउन मोका भेजेस, उ मोका बताए अहइ कि मइँ का उपदेस देइ। 50 अउर मइँ जानित ह कि ओकरे आदेस क मतलब अहइ अनन्त जीवन। इ बरे जउन मइँ बोलित हउँ, उहइ क ठीक उहइ अहइ जउन परमपिता मोसे कहे अहइ।”

John 13:1 फसह क त्यौहार क पहिले ईसू देखेस कि इ दुनिया क छोड़इ अउर परमपिता क पास जाइ क ओकर समइ आइ गवा अहइ तउ इ दुनिया मँ जउन आपन रहेन अउर जेका उ पिरेम करत रहा, ओनके ऊपर उ बहुत जियादा पिरेम देखॉएस। 2 संझा क खाना खावा जात रहा। सइतान अब तलक समौन क बेटवा यहूदा इस्करियोती क मन मँ इ डाइ चुका रहा कि उ ईसू क धोखे स पकड़वाइ देइ। 3 ईसू इ जानत रहा कि परमपिता सब चीज ओकरे हाथन मँ सौंप दिहे अहइ अउर परमेस्सर स आवा बाटइ, अउर परमेस्सर क पास वापस जात अहइ। 4 इ बरे उ खाना छोड़के ठाढ़ होइ गवा। उ आपन ऊपर क सब कपरा उतार दिहेस अउर एक ठु अँगौछा अपने चारों तरफ लपेट लिहेस। 5 फिन एक ठु घड़ा मँ पानी भरेस अउर अपने चेलन क पाँव धोअइ लाग अउर जउन अँगौछा लपेटे रहा, उहइ स सबकइ पाँव पोंछइ लाग। 6 फिन जब उ समौन पतरस क लगे पहुँचा तउ पतरस ओसे कहेस, “पर्भू, का तू मोरे पाँव धोअइ आवत अहा?” 7 ऍकरे जवाब मँ ईसू कहेस, “अबहीं तू नाहीं जानत अहा कि मइँ का करत अही, बाद मँ तू जान जाब्या।” 8 परतस ओसे कहेस, “तू मोर पाँव कबहूँ नाहीं धोउब्या।” ईसू जवाब दिहेस, “जब तोहार पाँव मइँ न धोउब तउ तू मोरे लगे जगह नाहीं पाइ सकत्या।” 9 समौन पतरस ओसे कहेस, “पर्भू, तू मोर पाँव नाहीं मोर हाथ अउर मुँड़वा क भी धोइ द्या।” 10 ईसू ओसे कहेस, “जे नहाइ चुका अहइ, ओका पैर धोअइ क अलावा अउर कउनो चीज धोअइ क जरूरत नाहीं अहइ। उ तउ पूरी तरह साफ सुथरा होत ह। तू पचे साफ अहा, मुला सब जने नाहीं।” 11 उ ओका जानत रहा जउन ओका धोखा स पकड़वावइ चाहत रहा। इ बरे उ कहे रहा, “तोहरे मँ स सब पवित्तर नाहीं अहइँ।” 12 जब उ सबक पाँव (गोड़) धोइ लिहेस तउ फिन स आपन बाहरी कपड़ा पहिर लिहेस अउ, अपनी जगह प आइके बइठ गवा। अउर ओनसे बोला, “का तोहका मालूम अहइ कि मइँ तोहरे बरे का किहेउँ? 13 तू पचे मोका ‘गुरू’ अउर ‘पर्भू’ कहत ह, अउर ठीक कहत ह, काहेकि मइँ उहइ अही। 14 इ बरे जब मइँ पर्भू अउर गुरू होइके तोहार पचे का पाँव धोवा तउ तोहका सबेन्ह क एक दूसरे क पाँव धोवइ चाही। मइँ तोहरे सामने एक उदाहरण पेस करत अहउँ। 15 तू पचे दूसरे क साथ वइसे करा जइसे मइँ तोहरे साथ करत अही। 16 मइँ तोहका सच्ची बात बतावत अही कि दास मालिक स बड़ा नाहीं होत अउर संदेस देइवाला ओसे बड़ा नाहीं होत जउन ओका भेजेस। 17 जब तू पचे इ बात जानत अहा। अउ ओकर पालन करब्या तउ तू पचे सुखी रहब्या। 18 “मइँ तोहरे सबेन्ह क बारे मँ नाहीं कहत अहउँ। मइँ ओनका जानित ही जेनका मइँ चुने अहउँ। अउर इहउ कि यहूदा बिसवासघाति अहइ मुला मइँ इ बरे चुने अही जइसे कि पवित्तर सास्तर क बचन सही उतरइ, ‘उहइ जउन मोरे साथ रोटी खाएस, मोरे विरोध मँ होइ गवा।’ 19 इ सब घट जाइ क पहले मइँ इ बरे बतावत अहउँ जइसे कि जब इ घटित होइ जाइ तउ तू पचे बिसवास करा कि उ मइँ अहउँ। 20 मइँ तोहका सही सही बतावत अहउँ कि उ जउन मोरे भेजा गवा क लइ लेत ह, उ मोका स्वीकार कर लेत ह, अउर जउन मोका स्वीकार कर लेत ह, ओका स्वीकार कर लेत ह, जे मोका भेजेस।” 21 इ कहे क बाद ईसू बहुत घबड़ाइ गवा अउर इ साच्छी दिहेस, “मइँ तोहसे सच्ची बात कहत अहउँ तोहरे मँ स एक ठु मनई धोखा दइके मोका पकड़वाई।” 22 तब ओकर चेलन एक दूसरे क देखइ लागेन। उ पचे इ तय नहीं कइ पावत रहेन कि उ केहिके बारे मँ बतावत अहइ। 23 ओकर एक चेला ईसू क लगे बइठा रहा। ईसू ओका बहुत चाहत रहा। 24 तउ समौन परतस ओका इसारा कइके पूछइ बरे कहेस कि ईसू केकरे बारे मँ बतावत अहइ। 25 ईसू क चहेता चेला ओकरी छाती प झुकके ओसे पूछेस, “पर्भू उ कउन अहइ?” 26 ईसू जवाब दिहेस, “रोटी क टुकड़ा कटोरा मँ बोर के जेका मइँ देब, उहइ उ अहइ।” फिन ईसू रोटी क टुकड़ा कटोरा मँ बोर के ओका उठाइके समौन क बेटवा यहूदा इरूकरियोती क दिहेस। 27 जइसे यहूदा रोटी क टुकड़ा लिहेस ओहमा सइतान समाइ गवा। फिन ईसू ओसे कहेस, “जउन तू करइ जात अहा, ओका जल्दी स कइ ल्या!” 28 मुला हुवाँ बइठे लोगन मँ स केहू नाहीं समझ पाएस कि ईसू ओसे अइसी बात काहे करत अहइ। 29 कछू सोचेन कि रूपियन क थैली यहूदा क लगे रहत ह, इ बरे ईसू ओसे कहत अहइ कि ‘त्यौहार’ क बरे जरूरी सामान खरीद ल्या या इ कहत अहइ कि गरीबन क कछू दइ द्या। 30 इ बरे यहूदा रोटी क टुकड़ा लइ लिहेस अउर तुरन्त चला गवा। इ रात क समइ रहा। 31 ओकरे चला जाइ क बाद ईसू कहेस, “मनई क पूत अब महिमावान भवा अहइ। अउर ओसे परमेस्सर क महिमा भइ अहइ। 32 जदि ओसे परमेस्सर क महिमा भइ अहइ तउ परमेस्सर खुदइ स ओका महिमावान बनाई। अउर उ ओका जल्दी महिमा देइ। 33 “ऐ मोर चहेता बच्चो! मइँ तनिक देर अउर तोहरे साथ अहउँ। तू पचे मोका ढूँढ़िब्या अउर जइसे कि मइँ यहूदियन स कहे अहउँ, तू सबेन्ह हुवाँ नाहीं जाइ सकत्या, जहाँ मइँ जात अहउँ, वइसे मइँ तोहसे अब कहत अहउँ। 34 “मइँ तोहका सबेन्ह क एक नवा आदेस देत अहउँ कि तू सबेन्ह एक दूसरे स पिरेम करा। जइसे मइँ तोहसे सबेन्ह स पिरेम करेउँ ह, वइसे तू पचे एक दूसरे स पिरेम करा। 35 जब तू पचे एक दूसरे स पिरेम करब्या, तबहीं सब जानि पइहीं कि तू सबेन्ह मोर चेलन अह्या।” 36 समौन पतरस ओसे पूछेस, “पर्भू, तू कहाँ जात अहा?” ईसू जवाब दिहेस, “जहाँ मइँ जात हउँ, अब तू मोरे पाछे नाहीं आइ सकत्या, मुला तू बाद मँ मोरे पाछे अउब्या।” 37 पतरस ओसे पूछेस, “पर्भू, मइँ तोहरे पाछे काहे बरे नाहीं आइ सकत? मइँ तउ तोहरे बरे आपन जान तक दइ देब!” 38 ईसू जवाब दिहेस, “तू मोरे लिए आपन जान देब्या? मइँ तोहसे सच्ची बात अहउँ कि जब तलक तू तीन दाई इन्कार न कइ देब्या तब तक एक मुर्गा बाँग न देई।”

John 14:1 ईसू कहेस, “तू सबन्क परेसान न होइ चाही। परमेस्सर मँ बिसवास करा अउर मोरे मँ बिसवास बनाए रखा। 2 मोरे पिता क घरे मँ तमाम कमरा अहइँ। जदि अइसा न होत तउ मइँ तोहसे कहि देइत) मइँ तोहरे सबेन्ह क बरे जगह बनावइ जात अहउँ। 3 अउर जदि मइँ हुवाँ जाई अउर तोहरे बरे जगह बनाईं तउ मइ फिन हिआँ आउब अउर अपने साथ तोहका सबेन्ह क हुवाँ लइ चलब जइसे कि तू पचे हुवाँ रहा, जहाँ मइँ रहब। 4 अउर जहाँ मइँ जात अहउँ हुवाँ क रास्ता तोहका पता अहइ।” 5 थोमा ओसे कहेस, “पर्भू, हम नाहीं जानत अही कि तू कहाँ जात अहा। फिन हुवाँ क रास्ता कइसे जान सकित ह” 6 ईसू ओसे कहेस, “मइँ रस्ता अहउँ, सच्चाई अहउँ अउर जीवन अहउँ।मोरे बगैर कउनो परमपिता क लगे नाहीं आइ सकत। 7 जदि तू मोका जान लेत्या तउ तू परमपिता क जान लेत्या। अउर तू ओका जानत अहा अउर ओका देखि चुका अहा।” 8 फिलिप्पुस ओसे कहेस, “पर्भू हमका परमपिता क दर्सन कराइ द्या। हमका संतोस होइ जाई।” 9 ईसू ओसे केहस, “फिलिप्पुस मइँ ऍतने जियादा समइ स तोहरे साथ अहउँ अउर तू तबहूँ मोका नाहीं जानत अहा? जे मोका देख लिहेस, उ परमपिता क देख लिहेस। फिन तू कइसे कहत अहा, ‘हमका परमपिता क दर्सन कराइ द्या’ 10 का तोहका इ बिसवास नाहीं अहइ कि मइँ परमपिता मँ अहउँ अउर परमपिता मोरे मँ अहइ? जउऩ बात मइँ तोहसे कहत अहउँ, अपनी तरफ स नाहीं कहत अहउँ। परमपिता जउऩ मोरे मँ रहत ह, आपन काम करत ह। 11 जदि मइँ कहत अहउँ कि मइँ परमपिता मँ अहउँ अउर परमपिता मोरे मँ अहइ, तउ मोर बिसवास करा अउर जदि नाहीं तउ उ अद्भुत कारजन क कारण बिसवास करा जउऩ मइँ किहेउँ ह। 12 मइँ तोहसे सच्ची बात कहत अही, जउन मोरे मँ बिसवास करत ह, उहइ वइसे काम करत ह जइसे मइँ करित ह। उ तउ इ सब कामन स बड़ा काम करी। काहेकि मइँ परमपिता क पास जात अहउँ। 13 अउर मइँ उ सब कारज करबइ जउऩ तू पचे मोरे नाउँ स मँगब्या, जइसे कि पूत परमपिता क महिमा करइ। 14 जब तू हमसे मोरे नाउँ स कछू मँगब्या, ओका मइँ करबइ। 15 “जउ तू मोसे पिरेम करत होब्या, तउ हमरी आग्या क पालन करब्या। 16 मइँ परमपिता क पराथना करबइ अउर उ तोहका सबेन्ह का एक दूसर सहायक देइ जउन तोहरे साथे हमेसा रही। 17 एकर मतलब अहइ ‘सच्चाई क आतिमा’जेहका दुनिया लेइ नाहीं पावत, काहेकि उ न तउ देखत ह अउर न तउ जानत ह। तू सबेन्ह ओका जानत ह, काहेकि उ आज तोहरे साथ रहत ह। अउर आगे तोहरेन मँ साथे रही। 18 “मइँ तोहका सबेन्ह क अनाथ न छोड़ब। मइँ तोहरे पास आवत अहउँ। 19 कछू देर क बाद दुनिया मोका अउर न देखी मुला तू पचे मोका देखब्या काहेकि मइँ जिअत अही अउर तू सबेन्ह जिअत रहब्या। 20 उहइ दिन तू सबेन्ह जानि पउब्या कि मइँ परमपिता मँ अहउँ, तू मोरे अन्दर अहा अउर मइँ तोहरे अन्दर। 21 जउन मनई मोर आदेसन क जानत हइ अउर ओनकइ पालन करत ह, मोसे पिरेम करत ह। जे मोका पिरेम करत ह ओका परमपिता पिरेम करी। मइँ भी उहइ क पिरेम करब अउर खुदइ क ओकरे ऊपर परगट करबइ।” 22 यहूदा (यहूदा इस्करियोती नाहीं) ओसे कहेस, “पर्भू, काहे बरे तू खुदइ क हमरे ऊपर परगट करा चाहत ह अउर दुनिया प नाहीं?” 23 ऍकरे जवाब मँ ईसू ओसे कहेस, “जउन मनई मोरे मँ पिरेम करत ह, उ मोरी बातन क मानत ह, अउर ओसे परमपिता पिरेम करी। मइँ अउर मोर परमपिता ओकरे पास आउब अउर उहइ क साथ रहबइ। 24 जउन मनई मोसे पिरेम नाहीं करत, उ मोर उपदेस क नाहीं मानत। मइँ जउन उपदेस तोहका देत अही, उ मोर न अहइ उ पिता क उपदेस अहइ, जउन मोका भेजेस। 25 “इ सब बात मइँ तोहसे सबेन्ह स तबहीं. बताए रहेउँ जब मइँ तोहरे साथ रहेउँ। 26 मुला उ सहायक (अर्थात पवित्तर आतिमा) जेहिका परमपिता मोरे नाउँ स भेजी, तोहका पचन्क सब कछू बताई। अउर जउन कछू मइँ तोहका पचन्क बताए अहउँ, ओका तोह पचे का याद कराई। 27 “मइँ तोहरे बरे आपन सांति छोड़त अहउँ। मइँ तोहका पचन्क खुदइ आपन सांति देत अही। मुला मइँ ऍका वइसे नाहीं देत अहउँ, जइसे दुनिया देत ह। तोहरे मन क घबराइ क जरूरत नाहीं अहइ अउर न तउ ओका डेराइ चाही। 28 तू मोका कहत सुने अहा, ‘मइँ जात अहउँ अउर तोहरे लगे फिन आउब।’ जदि तू मोसे पिरेम करे होत्या तउ तू खुस होई जात्या, काहेकि मइँ परमपिता क लगे जात अहउँ। काहेकि परमपिता मोसे बड़ा अहइ। 29 “अउर अबहीं इ सब घटित होइ क पहिले मइँ तोहका बताइ दिहे अही, जइसे कि जउ इ घटित होइ जाइ तउ तू पचे बिसवास कइ सका। 30 अउर जियादा समइ अब मइँ तोहरे साथ बात न करिब इ बरे कि जगत क सासक आवत अहइ। मोरे ऊपर ओकर बस नाहीं चलत। 31 मुला इ सब बात इ बरे होत अहइँ जइसे कि दुनिया जान जाइ कि मइँ परमपिता स पिरेम करित ह। अउर परमपिता जइसी आग्या हमका दिहे अहइ, मइँ बइसे करत अही।“अबहीं उठा हम सबेन्ह हिआँ स चल देइ।”

John 15:1 ईसू कहेस, “मइँ दाखलता अहउँ अउर मोर परमपिता देख रेख करइवाला माली अहइ। 2 मोरी उ साखा क पिता काट देत ह जउने मँ फर नाहीं लागत। जउने साखा मँ फर लागत ह, ओका उ छाँट लेत ह, जइसे कि ओहपे अउर जियादा फर लागइँ। 3 तू पचे मोरे उपदेस क सुने अहा, इ बरे पहिले स सुद्ध अहा। 4 तू मोरे मँ रहा अउर मइँ तोहरे मँ रहब। वइसेन जइसेन कि कउनो साखा जब तलक दाखलता मँ बनी नाहीं रहत, तब तलक अपने आप फरि नाहीं सकत, वइसेन, तू पचे तब तलक सफल नाहीं होइ सकत्या जब तलक मोरे मँ न रहब्या। 5 “उ दाखलता मइँ अहउँ अउर तू ओकर साखा अह्या। जे मोरे मँ रहत ह, अउर जेहमा मइँ रहित ह, उ बहुत फरत ह, काहेकि बिना मोरे तू कछू नाहीं कर सकत्या। 6 जदि कउनो मोरे मँ नाहीं रहत तउ उ टूटी साखा क तरह फेंक दीन्ह जात ह अउर सूख जात ह। फिन उ सूखी लकड़ियन क बटोररिके आगी मँ झोंक दीन्ह जात ह अउर ओनका जलाय दीन्ह जात ह। 7 “जदि तू मोरे मँ रहब्या, अउर मोर उपदेस तोहरे मँ रही, तउ जउन कछू तू चाहत ह, ओका माँगा अउर उ तोहका मिल जाई। 8 इ मोरे परमपिता क महिमा होत ह कि तू बहुत सफल होइ जा अउर मोर चेलन बन जा। 9 जइसे परमपिता मोसे पिरेम करे बाटइ, मइँ भी तोहसे बइसे पिरेम करे अही। मोरे पिरेम मँ बना रहा। 10 जदि तू मोरे आदेस क पालन करब्या तउ तू मोरे पिरेम मँ बना रहब्या। वइसे ही जइसे कि मइँ अपने पिता क आदेसन क पालन करत भए ओकरे पिरेम मँ बना रहित ह। 11 “मइँ इ सब बात तू पचे स इ बरे बतावत अहइ जइसे कि मोर आनन्द तोहरे मँ बना रहइ अउर तोहार आनन्द पूरा होइ जाइ। इ मोर आदेस अहइ। 12 कि तू आपस मँ पिरेम करा, जइसे मइँ तू पचे स पिरेम करे अही। 13 “बड़वार स बड़का पिरेम जउऩ कउनो मनई कइ सकत ह, उ अहइ अपने मीतन क बरे आपन प्रान निछावर कइ देब। 14 जउन आदेस तोहका मइँ देत अही, जदि तू ओन पइ चलत रहब्या तउ तू मोर मीत अह्या। 15 अबहिं स मइँ तू पचे क ‘दास’ न कहब, काहेकि कउनो दास इ नाहीं जानत कि ओकर मालिक क करत अहइ, मइँ तउ तोहका ‘मीत’ कहत अही। मइँ तू पचे क उ सब बात बताइ दीन्ह जउऩ मइँ अपने परमपिता स सुने रहेउँ। 16 तू मोका नाहीं चुने रह्या, मइँ खुदइ तोहका चुने रहेउँ अउर इ निस्चय करे अही कि तू जा अउर सफल होइ जा। मइँ चाहित ह कि तोहका सफलता मिलइ, अउर मोरे नाउँ स जउन कछू तू चाहा परमपिता तोहका दई देइ। 17 मइँ तोहका इ आदेस देत अही कि तू एक दूसरे स पिरेम करा। 18 “जदि दुनिया तोहसे दूस्मनी करत ह तउ इ बात तू याद कइ ल्या कि तोहसे पहले हमसे दुस्मनी करत ह। 19 जदि तू दुनिया क होत्या तउ इ दुनिया तोहसे अपने क नाईं पिरेम करत मुला तू पचे दुनिया क न अह्या अउर इ बरे दुनिया तोहसे दुस्मनी करत ह। 20 मोर बचन याद रखा कि एक दास अपने मालिक स बड़ा नाहीं होत। इ बरे जदि उ सबेन्ह मोका कस्ट पहुँचाए अहइँ अउर सतावत अहइँ तउ उ पचे तोहका भी सतइहीं। अउर जदि उ मोर बातन मनिहइँ तउ तोहार बातन भी मनिहइँ। 21 मुला उ सबेन्ह मोरे कारण तोहरे सबेन्ह क साथ उ सब कछू करिहइँ, काहेकि उ ओका नाहीं जानत अहइ जे मोका भेजेस। 22 जदी मइँ न आइत अउर ओसे बात न करित, तउ उ सबेन्ह कउनो पाप क दोखी न होतेन। मुला अब ओनके पास अपने पाप स बचइ क कउनो बहाना नाहीं अहइ। 23 जउन मनई हमसे दुस्मनी ठान लेत ह, उ परमपिता स दुस्मनी करत ह। 24 जदि मइँ ओनके बीच मँ काम न करित, जउऩ कि कबहूँ कउनो मनई नाहीं करे रहा, तउ उ सबेन्ह पाप क दोखी न रहतेन, मुला अब जब उ पचे देख चुका अहइँ, तबहूँ मोसे अउर परमपिता स दुस्मनी रखे अहइँ। 25 मुला इ एह बरे भवा कि ओनके व्यवस्था मँ जउन लिखा अहइ, उ खरा उतरइ। ‘उ पचे बेकार मँ हमसे बैर करेन्ह।’ 26 “जब उ सहायक जउन सत्य क आतिमा बाटइ अउर पिता क तरफ स आइ बा, तोहरे पास आई, जेका मइँ परमपिता क तरफ स भेजब, उ हमरी तरफ स साच्छी देई। 27 अउर तूहूँ साच्छी देब्या, काहेकि तू सुरूआतइ स मोरे साथ अहा।

John 16:1 “इ सब बात मइँ तोहसे इ बरे बतावत अही कि तोहार बिसवास डगमगाय न जाइ। 2 उ पचे तोहका सबन्क आराधनालय स निकार देइहीं सही-सही तउ उ समइ आवइवाला अहइ जब तोहरे मँ स कउनो क मारके हर एक इहइ सोची कि उ परमेस्सर क सेवा करत अहइ। 3 उ सबेन्ह अइसा इ बरे करिहइँ, काहेकि उ न तउ परमपिता क जानत हीं अउर न तउ मोका। 4 मुला मइँ तोहसे इ सब इ बरे कहत अही जइसे कि जब ओनकइ समइ आइ जाइ तउ तोहका इ याद रहइ क मइँ ओनके बाबत तोहका बताए रहे जब मइँ तोहरे साथ रहेउँ।“सुरआत मँ इ सब बात मइँ तोहका नाहीं बताए रहेउँ, काहेकि मइँ तोहरे साथ रहेउँ। 5 मुला अब मइँ ओकरे पास जात अही, जे मोका भेजेस अउर तोहरे बीच स कउनो मोसे इ न पूछी, ‘तू कहाँ जात अहा?’ 6 काहेकि मइँ इ बात बताइ दिहे अही, तोहार दिल दुःखी होइ गवा अहइ। 7 मुला मइँ तोहसे सच्ची सच्ची कहत अही कि एहमाँ तोहरा भलाई अहइ कि मइँ जात अही। काहेकि जदि मइँ न जाउँ तउ सहायक तोहरे पास न आई। जदि मइँ हियाँ स चला जाब तउ मइँ ओका तोहरे पास भेजब। 8 अउर जब उ आइ तउ पाप, धार्मिकता अउर निआव क बावत दुनिया क सक दूर करी। 9 पाप क बावत इ बरे कि उ पचे मोर मँ बिसवास नाहीं करतेन। 10 धार्मिकता बावत इ बरे कि अब मइँ परमपिता क पास जात अही। अउर तू सबेन्ह अब अउर जियादा समइ तक मोका न देखब्या। 11 निआव क बावत, इ बरे कि इ जगत क सासक क अपराधी ठहरावा ग अहइ। 12 “मोका तोहसे अबहिं तमाम बात बतावइ क अहइ, मुला तू सबेन्ह ओका सह न पउब्या। 13 मुला जब सच्चाई क आतिमा आई तउ उ तोहका पूरी सच्चाई क राह देखाई काहेकि उ अपनी तरफ स कछू न कही। उ जउन कछू सुनी उहइ बताई। अउर जउन कछू होइवाला अहइ, ओका उजागर करी। 14 उ मोर महिमा करी, काहेकि जउन मोर अहइ, ओका लइके उ तोहका बताई। 15 हर चीज जउन परमपिता क अहइ, उ मोर अहइ। इहइ बरे मइँ बताए अहउँ, जउन कछू मोर अहइ, ओका उ लइ लेई अउर तोहका बताई। 16 “थोड़े समइ क बाद तू पचे मोका अउर नाहीं देख पउब्या। अउर कछू समइ क बाद तू सबेन्ह मोका फिन देखब्या।” 17 तउ ओके चेलन आपस मँ कहेन, “इ कावा जउन उ मोका बतावत अहइ, ‘तनिक देर क बाद मोका न देख पउब्या अउर तनिक देर क बाद तू पचे फिन मोका देखब्या?’ अउर ‘मइँ परमपिता क पास जात अहउँ?’ 18 फिन उ पचे कहइ लागेन, “इ ‘तनिक देर क बाद’ का मतलब अहइ, जेकरे बावत उ बतावत अहइ? उ का कहत अहइ, हम समझ नाहीं पावत अही।” 19 ईसू इ समझ गवा कि उ पचे कछू पूछा चाहत अहइँ। इ बरे ईसू ओसे कहेस, “का तू पचे जउन मइँ कहेउँ उहइ पर सोच विचार करत अहा, ‘थोड़ा समइ क पाछे तू मोका अउर जियादा न देख पउब्या अउर फिन थोड़े समइ क बाद तू मोका देखब्या?’ 20 मइँ तोहका सही बतावत अहउँ, तू सबइ रोउब्या अउर सोक पउब्या मुला इ दुनिया खुस होई। तोहका दुःख होई मुला तोहार दुःख आनन्द मँ बदल जाई। 21 जब कउनो स्त्री बच्चा पइदा करत ह तउ ओका बड़ी तकलीफ होत ह, काहकि उ दरद क समइ रहत ह। मुला जब उ बच्चा पइदा कइ चुकत ह तउ उ इनता आनन्द होत ह कि एक ठु इन्सान इ दुनिया मँ पइदा भवा अहइ अउर आपन सब दुःख भूल जात ह। 22 इ बरे तू पचे इ समइ वइसे दुःख अहा, मुला जब मइँ तोहसे फिन मिलबइ तउ तोहार दिल मँ आनन्द होई। अउर तोहार आनन्द तोहरे कउनो भी छीन न पाई। 23 उ दिन तू पचे हमसे कउनो चीज न पूछ्या। मइँ तोहसे सच्ची बात बतावत अही, मोरे नाम स परमपिता स जउन कछू तू पचे मँगब्या, उ ओका तोहका दइ देई। 24 अब तक मोरे नाउँ स तू पचे कछू नाहीं मांगे अहा। मांगा, तोहका जरूर मिली। ताकि तोहका भरपूर आनन्द मिलइ। 25 “इ सब बातिन क मइँ उदाहरण दइके बताए अहेउँ अब उ समइ आवत अहइ जब मइँ तोहसे उदाहरण दइके बात न कर पाउब मुला परमपिता क बावत खुलके तोहसे बतियाब। 26 उ दिन तू मोरे नाउँ स मँगब्या अउर मइँ तोहसे इ नाहीं कहत अहउँ कि मइँ तोहरे तरफ स परमपिता स पराथना करब। 27 परमपिता खुदइ तोहरे पिरेम करत ह, काहेकि तू मोसे पिरेम करत ह। अउर यह मान लिहा कि मइँ परमेस्सर स आवा अहउँ। 28 मइँ परमपिता स परगट भएउँ अउर इ दुनिया मँ आएउँ। अउर अब मइँ इ दुनिया क छोड़के परमपिता क पास जात अही।” 29 ओकर चेलन कहेन, “देखा अब तू हम पचन क बिना कउनो दिस्टान्त क खोलके बतावत अहा। जउन कठिन सब्द अहइँ ओनका तू नाहीं बइपरत अहा। 30 अब हम पचे समझ ग अही की तू सब कछू जानत अहा। अब तू नाहीं चाहत अहा कि केहू कउनो प्रस्न पूछइ एसे हमका सबन्ह क बिसवास होइ ग अहइ कि तू परमेस्सर स परगट भवा अहा।” 31 ईसू ओनसे कहेस, “का तोहका अब इ बिसवास भवा अहइ? 32 सुना, अब समइ आवत अहइ, हिआँ तक कि आइ ग अहइ, जबहिं तू पचे सब तितर बितर होइ जाब्या अउर तोहरे मँ स सब कउनो अपने अपने घरे चला जाब्या अउर मोका अकेले छोड़ देब्या, मुला मइँ अकेले नाहीं अही, काहेके परमपिता मोरे साथ अहइ। 33 “इ सब बातन मइँ तोहसे इ बरे बतावत कहेउँ जइसे कि मइँ तोहका सान्ति दइ सकउँ। इ दूनिया तोहका कस्ट देत ह, सतावत ह, मुला हिम्मत रखा, मइँ दुनिया जीत लिहे अही!”

John 18 1 इ कहिकि ईसू अपने चेलन क साथ छोटी नदी किद्रोन क पास जहाँ एक बगीचा रहा, चला गवा। 2 धोखे स ओका पकड़वावइवाला यहूदा उ जगह क जानत रहा, काहेकि ईसू जियादातर उहइ जगह प अपने चेलन स मिलत रहा। 3 इ बरे यहूदा रोमी सिपाहिअन क एक टुकड़ी अउर मुख्य याजकन अउर परीसियन क पठएस। मनइयन अउर मन्दिर क पहरेदारन क साथ लइके मसाल, दिया अउर हथिआर लइके, हुवाँ पहुँच गवा। 4 फिन ईसू जउन सब कछू जानत रहा कि ओकरे साथ का होइ जात अहइ, आगे आवा अउर ओनसे कहेस, “तू पचे केका खोजत अहा?” 5 उ पचे ओका जवाब दिहेन, “ईसू नासरी क।”ईसू ओनसे कहेस, “उ तउ मइँ अही।” (उ धोखे स पकड़वावइला यहूदी हुवइँ ओनके साथ खड़ा रहा।) 6 जब उ कहेस, “उ मइँ अहउँ।” तउ उ सबेन्ह पाछे हटेन अउर भुइँया पइ गिर पड़ेन। 7 इ देखके ईसू फिन एक बार पूछेस, “तू सबेन्ह केका खोजन अहा?”उ बोलन, “ईसू नासरी क।” 8 ईसू जवाब दिहेस, “मइँ तोहसे कहउँ, उ मइँ अहउँ। जदि तू मोका ढूँढ़त अहा तउ एनका सबेन्ह क जाइ द्या।” 9 अइसा ईसू इ बरे कहेस, जइसे कि ओकर कही बात सच होइ सकइ, “मइँ ओहमाँ स कउनो क नाहीं खोवा, जेका तू मोका सौंपे रह्या।” 10 फिन समौन पतरस जेकरे हाथे मँ तरवार रही, आपन तरवार निकारेस अउर मुख्ययाजक क दास क दाहिना कान काटिके ओका घायल कइ दिहेस (उ दास क नाउँ मलखुस रहा) 11 फिन ईसू पतरस कहेस, “आपन तरवार मिआन मँ धइ ल्या। का मइँ यातना क कटोरा न पी लेई जउन परमपिता मोका दिहे अहइ?” 12 फिन रोमी टुकड़ी क सिपाहियन अउर ओनके सूबेदारन, अउर यहूदियन क मन्दिर क पहरेदार सब मिलके ईसू क बन्दी बनाइ लिहेन्ह। 13 अउर ओका बांधके पहिले हन्ना क पास लइ गएन, जउन कि उ बरिस क मुख्य याजक काइफा क ससुर रहा। 14 इ काइफा उहइ मनई अहइ जउन यहूदी क सलाह दिहे रहा। कि लोगन क भलाई क बरे एक क मर जाब ठीक अहइ। 15 समौन पतरस अउर एक ठु चेलन ईसू क पीछे चल दिहेन्ह। मुख्य याजक इ चेलन क अच्छी तरह जानत रहा, इ बरे उ ईसू क साथ मुख्य याजक क अंगने मँ घुस गवा। 16 मुला पतरस बाहेर क दरवाजा क लगे रूक गवा। फिन मुख्य याजक क जान पहचानवाला दूसर चेला बाहेर गवा अउर द्धारपालिन स कहिके पतरस क अन्दर लइ आवा। 17 उ द्धारपालिन दासी पतरस स कहेस, “होइ सकत ह कि तूहूँ ईसू क चेला होआ?”पतरस जवाब दिहेस, “नाहीं, नाहीं मइँ न अही!” 18 काहेकि सर्दी बहुत जिआदा रही अउर मन्दिर क पहरेदार आग जलाइ के हुआँ खड़ा तापत रहेन। पतरस उ हुवाँ खड़ा तापत रहा। 19 फिन महायाजक ईसू स ओकरे चेलन अउर ओकरे उपदेस क बाबत पूछेस। 20 ईसू ओका जवाब दिहेस, “मइँ हमेसा सब मनइयन क खुलके बातचीत कीन्ह। मइँ हमेसा आराधनालय मँ अउर मन्दिर मँ जहाँ सब यहूदियन इकट्ठा होतहीं, उपदेस दीन्ह। मइँ कबहुँ लुकाइ क छिपाइ क कउनो बात नाहीं कहेउँ। 21 फिन तू मोसे काहे पूछत अहा? मइँ का कहेउँ, ओनसे पूछा जे मोर बात सुने अहइँ। मइँ जउऩ कछू कहेउँ, उ सब जानत हीं।” 22 जब उ इ कहेस तउ मन्दिर क एक पहरेदार जउन हुवाँ खड़ा रहा, ईसू क झापड़ मारेस अउर बोलेस, “महायाजक क सामने जवाब देइ क इ तरीका नाहीं अहइ?” 23 ईसू ओका जवाब दिहेस, “जब मइँ कउनो झूठ कहे होउँ तउ तू ओका साबित करा अउर इ बतावा कि ओहमाँ कउनो बुराई रही अउर जब मइँ ठीक कहे अहउँ तउ तू काहे मारत अहा?” 24 फिन हन्ना ओका बंधे भए महायाजक काइफा क लगे भेज दिहेस। 25 जब समौन पतरस खड़ा होइके आगी तापत रहा तउ ओसे पूछा गवा, “का इ होइ सकत ह कि तू भी एकर चेला अहा?”उ तुरन्तइ मना कइ दिहेस अउर कहेस, “नाहीं मइँ नाहीं अही।” 26 महायाजक क एक ठु नउकर जउन ओकर रिस्तेदार रहा जेकर पतरस कान काटे रहा, कहेस, “बतावा, का मइँ तोहका ओकरे साथे बगिया मँ नाहीं देखे रहे?” 27 इ सुनिके पतरस एक दाईं फिन इन्कार किहेस। अउर उहइ समइ मुर्गा बाँग दिहेस। 28 फिन उ पचे ईसू क काइफा क घरे स रोम क राज्यपाल क महल मँ लइ गएन। ओह समइ सबेर होइ ग रहा। यहूदियन राज्यपाल क भवन मँ खुदइ नाहीं जावा चाहत रहेन, कहूँ उ पचे असुद्धन होइ जाइँ। अउर फिन फसह क भोज न खाइ पावइँ। 29 तउ पिलातुस ओनके पास बाहेर आवा अउर बोला, “एकरे ऊपर तू सबेन्ह कउन दोख लगावत अहा?” 30 जवाब मँ उ पचे ओसे कहेस, “जदि इ अपराधी न होत तउ हम ऍका तोहका न सौंपित।” 31 एकरे जवाब मँ पिलातुस ओनसे कहेस, “ऍका तू लइ जा अउर अपने व्यवस्था क हिसाब स एकर निआव करा।”यहूदियन ओसे कहेन, “हमका सबेन्ह क मउत क सजा देइ क कउनो अधिकार नाहीं अहइ।” 32 अइसा इ बरे भवा, जइसे कि ईसू क उ बात सच्ची होइ जाइ जउन उ कहे रहा, कइसी मउत मिली। 33 तब पिलातुस राज्यपाल क महल मँ वापस चला गवा। अउर ईसू क बोलाइ क ओसे पूछेस, “का तू यहूदियन क राजा अह्या?” 34 ईसू जवाब दिहेस, इ बात तू खुदइ कहत अहा या मोरे बावत दूसर लोग तोहसे कहेन?” 35 पिलातुस जवाब दिहेस, “का तू सोचत अहा कि मइँ यहूदी अहउँ? तोहार लोग अउर मुख्य याजक तोहका मोरे हवाले करे अहइँ। तू का किहे अहा?” 36 ईसू जवाब दिहेस, “मोर राज्य इ दुनिया क नाहीं बाटइ। जदि मोर राज्य इ दुनिया क होत तउ मोर प्रजा मोका यहूदियन क सौंपा जाइ स बचावइ क बरे लड़ाई करत। मुला मोर राज्य हिआँ क नाहीं बाटइ।” 37 अइसा सुनिके पिलातुस ओसे कहेस, “तू तउ राजा अह्या?”ईसू जवाब दिहेस, “तू कहत अहा कि मइँ राजा अही। मइँ इ बरे दुनिया मँ पइदा भवा हउँ अउर आएउँ अउर इहइ प्रयोजन स आएउँ जइसे कि सच्चाई क साच्छी दइ सकउँ। जउऩ मनई सच्चाई क तरफदारी करत ह उ मोरी बात सुनत ह।” 38 पिलातुस ओसे पूछेस, “सच्चाई का अहइ?” अइसा कहिके फिन उ यहूदी क पास बाहेस गवा अउर ओनसे बोला, “मइँ ओकरे मँ कउनो दोख नाहीं पाएउँ। 39 अउ तोहार सबन्क रिवाज अहइ कि फसह क त्यौहार प तोहरे सबके बरे एक मनई क छोड़ देइ। तउ का तू पचे चाहत अहा कि इ ‘यहूदी क राजा’ क तोहरे बरे छोड़ देई?” 40 एक दाईं फिन उ पचे चिल्लाएन, “ऍका नाहीं, मुला बरअब्बा (एक ठु बागी रहा।) क छोड़ द्या!”

John 19:1 तब पिलातुस ईसू क पकड़वाइके कोड़ा लगवाएस। 2 फिन सिपाहियन काँटेदार टहनी क मोड़के मुकुट बनाएन अउर ओकरे मूँड़े प रख दिहेन। अउर ओका बैजनी रंग क कपड़ा पहिराएन। 3 अउर ओकरे पास आइ आइ क कहइ लागेन, “यहूदियन क राजा जिअत रह!” अउर ओका झापड़ मारइ लागेन। 4 पिलातुस एक बार फिन बाहेर आवा अउर ओनसे कहेस, “देख! मइँ तोहरे पास ओका फिन बाहर लियावत अही जइसे कि तू जान सका कि मइँ ओहमाँ कउनो खोट नाहीं पावा।” 5 फिन ईसू बाहेर आवा। उ काँटेन क मुकुट अउर बैजनी रंग क चोगा पहिरे रहा। तब पिलातुस कहेस, “इहइ अहइ उ मनई!” 6 जब उ पचे ओका देखेन तउ मुख्य याजकन अउर मन्दिर क पहरेदारन चिल्लाई क कहेन, “ऍका क्रूस पर चढ़ाइ द्या! एका क्रूस प चढ़ाइ द्या!”पिलातुस ओनसे कहेस, “तू ऍका लइ जा अउर क्रूस प चढ़ाइ द्या, मइँ एहमाँ कउनो खोट नाहीं पाएउँ?” 7 यहूदियन जवाब दिहेन, हमार व्यवस्था कहत ह कि एका मरइ क पड़ी काहेकि अपने क परमेस्सर क पूत होइ क दावा किहे अहइ।” 8 अब जब पिलातुस ओका इ कहत सुनेस तउ बहुत डेराइ गवा। 9 अउर फिन राज्यपाल क महल क अन्दर जाइके ईसू स कहेस, “तू कहाँ स आइ अहा?” मुला ईसू कउनो जवाब नाहीं दिहेस। 10 फिन पिलातुस ओसे कहेस, “का तू हमसे बात नाहीं करइ चाहत अहा? का तोहका पता नाहीं अहइ किइ मोरे अधिकार मँ अहइ कि तोहका मइँ छोड़ देउँ अउर तोहका क्रूस प चढ़ावइ क अधिकार मोका मिला अहइ।” 11 ईसू ओका जवाब दिहेस, तोहार मोरे ऊपर अधिकार तब तक नाहीं होइ सकत जब तलक परमेस्सर तोहका उ अधिकार नाहीं देत। इ बरे जउन मनइ तोहका मोरे हवाले किहे अहइ, उ तोहसे भी बड़ा पापी अहइ।” 12 इ सनिके पिलातुस ओका छोड़इ क कउनो उपाय सोचइ लाग। मुला यहूदियन चिल्लाय लागेन, “जदि तू एका छोड़ देब्या तउ तू कैसर क दोस्त न अह्या कउनो मनई जउन खुदइ क राजा कहइ उ कैसर क विरोधी अहइ।” 13 जब पिलातुस इ सब्दन क सुनेस तउ उ ईसू क बाहेर उ जगह लइ गवा जउने क “पाथर क चउतरा।” कहा जात रहा। (इब्रानी भाखा मँ ऍका “गब्बाता” कहा गवा ह।) अउर हुवाँ निआव क आसन प बइठ गवा। 14 इ दिन फसह क त्यौहार क तैयारी क दिनरहा। दुपहरिया होइवाली रही। पिलातुस यहूदियन स कहेस, “इ रहा तोहार राजा।” 15 उ सबेन्ह चिल्लाएऩ, “ऍका लइ जा! ऍका लइ जा! ऍका क्रूस प चढ़ाय द्या!”पिलातुस ओनसे कहेस, “का तू पचे चाहत अहा कि तोहरे राजा क मइँ क्रूस प चढ़ाउँ?”इ सुनिके मुख्ययाजकन जवाब दिहेन, “कैसार क छोड़के हमार कउनो दूसर राजा नाहीं अहइ।” 16 फिन पिलातुस ओका क्रूस प चढ़ाइ क बरे ओनका सौंपि दिहेस।इ तरीके स ईसू क हिरासत मँ लइ लीन्ह गवा। 17 आपन क्रूस उठाइके उ अइसी जगह प गवा जेका “खोपड़ी क जगह कहा जात ह। (इब्रानी भाखा मँ ऍका “गुलगुता” कहा जात ह।) 18 हुवाँ स उ सबेन्ह ओका दुइ जने क साथे क्रूस प चढ़ाइ दिहेन। एक इ तरफ, दूसर दूसरी तरफ अउर बीज मँ ईसू रहा। 19 पिलातुस दोखपत्र क्रूस प लगाइ दिहस। जेहमॉ लिखा रहा, “ईसू नासरी, यहूदी क राजा।” 20 तमाम यहूदियन उ दोखपत्र क पढ़ेन्ह, काहेकि जहाँ ईसू क क्रूस प चढ़ावा ग रहा, उ जगह सहर क लगे रही। अउर उ ऐलान इब्रानी, यूनानी अउर लातीनी भाखा मँ लिखा रहा। 21 तब मुख्य यहूदी याजकन पिलातुस स कहेन, “‘यहूदी क राजा’ न लिखा, मुला इ लिखा, ‘इ मनई कहे रहा यहूदी क राजा मइँ अहउँ।”‘ 22 पिलातुस जवाब दिहेस, “मइँ जउन कछू लिख दीन्ह, तउ लिख दीन्ह।” 23 जब सिपाही ईसू क क्रूस प चढ़ाइ चुकेन तउ उ सबेन्ह ओकर कपरा लिहेन, अउर ओका चार टुकड़ा मँ बाँट दिहेन। ओकर एक-एक टुकड़ा एक-एक सिपाही लइ लिहेस। उ पचे कुरतउ उतरवाइ लिहेन। इ बरे कि उ कुरता ऊपर स नीचे तक बुना रहा, ओकर सिलाई नाहीं भइ रही। 24 इ बरे उ पचे आपस मँ कहेन, “ऍका न फाड़ा जाइ, ऍका कउन पावइ, एकरे बरे परची डाली जाइ।” जइसे कि पवित्तर सास्तर क इ बात पूरी होइ जाइ,“उ पचे मोर कपरा आपस मँ बाट लिहेन अउर मोरे अंगिया क बरे परची डाएन।” भजन संहिता 22:18इ बरे सिपाहियन वइसेन करेन। 25 ईसू क क्रूस क लगे ओकर महतारी, मउसी क्लोपास क पत्नी मरियम, अउर मरियम मगदलीनी ठाढ़ रहिन। 26 ईसू जब अपनी महतारी अउर अपने पियारा चेला क पास खड़ा लखेस तउ अपनी महतारी स कहेस, “पिआरी अम्माँ, इ रहा तोहार बेटवा।” 27 फिन उ अपने चेला स कहेस, “इ अहइ तोहार महतारी।” अउर फिन उहइ समइ उ चेला ओका अपने घरे लइ गवा। 28 ऍकरे बाद ईसू जान लिहेस कि सब कछू पूरा होइ चुका अहइ। फिन इ बरे कि पवित्तर सास्तर क बात सही उतरइ, उ कहेस, “मइँ पियासा अहउँ।” 29 हुवाँ सिरका स भरा एक ठु वासन धरा रहा। इ बरे उ सबेन्ह एक स्पंज क सिरका मँ पूरी तरह डुबोइके हिसप (कंटिजर क पेड़) क टहनी प रखेन अउर ऊपर उठाइ क ओकरे मुँह स लगाएन। 30 फिन जब ईसू सिरका लइ लिहेस तउ उ बोलेस, “पूरा होइ गवा।” तउ उ आपन सिर झुकाइ दिहेस अउर परान छोड़ दिहेस। 31 अगला दिन फसह क तैयारी क दिन रहा। सबित क दिन ओनकइ लास क्रूस प न लटका रहइ कोहेकि सबित क दिन बहुत महत्व क दिन होत ह ऍकरे बरे यहूदियन पिलातुस स कहेन कि उ आज्ञा देइ कि ओकर टांग तोड़ दीन्ह जाइँ अउर ओकर लास हुवाँ स हटाइ दीन्ह जाइ। 32 तउ सिपाही आएन अउर सबसे पहले एक मनई क अउर फिन दूसरे क जउने क साथे साथे क्रूस प चढ़ावा ग रहा, टाँग तोड़ डाएन। 33 मुला जब उ ईसू क लगे आएन, तउ लखेन कि उ तउ पहिलेन मर चुका अहइ। इ बरे ओकर टाँग नाहीं तोड़ेन। 34 मुला ओहमाँ स एक सिपाही ईसू क पंचरे मँ आपन भाला भोंक दिहेस, जउने मँ स तुरन्त लहू अउर पानी निकरइ लाग। 35 (जउन एका देखे रहा उ साच्छी दिहेस अउर ओकर साच्छी सच्ची अहइ, उ जानत ह कि उ सच्ची बात कहत अहइ ताकि तू सबेन्ह बिसवास करा।) 36 इ एह बरे भवा कि पवित्तर सास्तर क बात पूरी होइ सकइ, “ओकर कउनो हड्डी तोड़ी न जाई” 37 अउर पवित्तर सास्तर मँ लिखा अहइ कि, “जे ओकरे भाला भोंकेस उ पचे ओकरी तरफ तकिहीं।” 38 ऍकरे बाद अरमतियाह क यूसुफ (जउन ईसू क चेला रहा, मुला यहूदियन क डर क मारे खूद क छिपाए रहत रहा।) पिलातुस स पराथना करेस कि ओका ईसू क ल्हास लइ जाइ क इजाजत दइ देइ। इ बरे उ ओकर ल्हास लइ गवा। 39 निकुदेमुस, जउन ईसू क लगे रात क पहले आइ रहा, हुवाँ लगभग तीस किलो मिला जुला गंधरस अउर एलवा (जइसे कि ल्हास मँ सड़न न आवइ पावइ) लइके आवा। फिन उ पचे ईसू क ल्हासे क लइ गएन। 40 अउर यहूदियन क ल्हास गाड़इ क व्यवस्था क अनुसार ओका महकइवाली तमाम चीज क साथ कफन मँ लपेट दिहेन। 41 जहाँ प ईसू क क्रूस प चढ़ावा ग रहा, हुवाँ एक ठु बगीचा रहा। अउर उ बगीचा मँ एक ठु नई कब्र रही जउने मँ अब तक केउँ क नाहीं रखा ग रहा। 42 उ दिन सबित क तैयारी क दिन सुक्रवार रहा, अउर उ कब्र बहोतई लगे रही, इ बरे उ सबेन्ह ईसू क उहइ मँ रख दिहेन।

John 20:1 सप्ताह क पहिले दिन धुर सबेरे जब थोरि क अँधेरा बचा रहा तउ मरियन मगदलीनी कब्र प आइ। अउर उ देखेस कि कब्र क पाथर हटा अहइ। 2 फिन उ दौड़के समौन पतरस अउर ईसू क पियारा चेलन क लगे पहुँची। अउर ओनसे बोली, “उ पचे पर्भू क कब्र स निकालके लइ गएन। अउर हमका पचे इ पता नाहीं अहइ कि उ सबेन्ह ओका कहाँ रखेस अहइँ।” 3 फिन पतरस अउर उ दूसर चेला हुवाँ स कब्र क तरफ चल पड़ेन्ह। 4 उ दुइनउँ साथे साथे दउड़त रहेन मुला दूसर चेला पतरस स आगे चला गवा अउर कब्र प पहिले पहुँच गवा। 5 उ नीचे निहुरिके देखेस कि हुवाँ कब्र क कपरा परा अहइ, मुला उ भीतर नाहीं गवा। 6 उहइ समइ समौन पतरस जउन ओकरे पाछे आवत रहा, उहउ आइ पहुँचा अउर कब्र क अन्दर चला गवा। उ देखेस कि हुवाँ कफन क कपरन परा अहइँ। 7 अउर उ कपरा जउन गाड़त क समइ ओकरे मुड़े कइँती रहा, उ कफन क साथ नाहीं अहइ, उ अलग स दूसरी जगह प रखा रहा। 8 फिन दूसर चेला जउऩ कब्र प पहिले पहुँचा रहा, उहउ भीतर घुसा। उ देखेस अउर बिसवास करेस। 9 (उ पचे अबहुँ तलक पवित्तर सास्तर क इ बचन नाहीं समझे रहेन कि ओका मरा मनइयन स जी उठब एकदम पक्का अहइ।) 10 फिन उ दुइनउँ चेलन अपने अपने घरे चला गएन। 11 मरियम रोवत चिल्लात कब्र क बाहेर खड़ी रहि गइ। रोवत चिल्लात उ कब्र मँ अन्दर झाँकि क बरे नीचे झुकी। 12 जउने जगह ईसू क ल्हास रखी रही, हुवाँ उ सफेद कपरा पह